Tuesday, July 14, 2026
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सेंसेक्स और निफ्टी में उछाल के साथ बाजार बंद

नई दिल्ली। गुरुवार को शेयर बाजार में अच्छा कारोबारी माहौल देखा गया। सेंसेक्स 176 अंकों की बढ़त के साथ 33,969 पर और निफ्टी 61 अंकों की बढ़त के साथ 10,504 पर बंद हुआ। विश्व के बाजारों से मिल रहे अच्छो संकेतों के बावजूद घरेलू स्तर पर कोई प्रोत्साहन न मिलने की वजह से बाजार में अपेक्षित तेजी नहीं दिखाई दे रही है।

दिन के कारोबार में ओएनजीसी, एशियन पेंट्स, टाटा स्टील, विप्रो, एनटीपी मारुति ने बढ़त के साथ शुरुआत की वहीं टेलिकॉम कंपनियों में रिलायंस, भारती एयरटेल ने शुरुआती तेजी देखी। बैंकों में एचडीएफसी बैंक ने बढ़त के साथ शुरुआत की वहीं यस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक के शेयर्स नीचे गिरे।

कारोबार खत्म होने तक टॉप गेनर्स में टाटा स्टील, एशियन पेंट्स, सन फार्मा, ओएनजीसी, कोल इंडिया आदि रहे, वहीं हीरो मोटोकॉर्प, हिंदुस्तान यूनिलीवर, मारुति, पावर ग्रिड आदि के शेयर्स में गिरावट देखी गई। इससे पहले बुधवार को बाजार बढ़त बरकरार रखने में नाकामयाब रहा था। 

2018 के अंत में 11,500 अंक पर पहुंचेगा निफ्टी

नयी दिल्ली। शेयर बाजारों में इस साल जबरदस्त उछाल आने की उम्मीद के बीच ड्यूश बैंक ने दिसंबर 2018 में निफ्टी के 11,500 अंक और सेंसेक्स के 37,000 अंक के आंकड़े को छू लेने की संभावना जतायी है।

बैंक की एक शोध रपट में कहा गया है, हम दिसंबर 2018 में साल के अंत के लिए हमारा निफ्टी लक्ष्य 11,500 अंक तय कर रहे हैं। इसमें सेंसेक्स के 37,000 अंक का लक्ष्य तय है।

रपट के अनुसार 2018 में बाजार के सकारात्मक रहने से दोहरे अंक में वृद्धि होने की उम्मीद है। बैंक की भारत शेयर रणनीति पर शोध रपट के अनुसार वर्ष 2017 में कई वैश्विक शेयर बाजारों के साथ-साथ भारतीय शेयर बाजारों में भी मजबूती देखी गई है।

जबकि अस्थिरता रिकॉर्ड निचले स्तर पर रही। हालांकि 2018 में इस रिकॉर्ड निचले स्तर की अस्थिरता को दोहराना मुश्किल हो सकता है। रपट में यह भी कहा गया है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमत ने मौजूद समय में भी स्तर को चार साल उठा दिया है जो भारत के लिए एक बड़ा जोखिम कारण हो सकता है।

बैंक के अर्थशास्त्रियों के मुताबिक चालू वित्त वर्ष में देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर सुधरकर 6.6ञ रहने की उम्मीद है। जबकि वित्त वर्ष 2018-19 में इसके 7.5% और 2019-20 में 7.8% पर रहने की उम्मीद है। बैंक को वित्त वर्ष 2018-19 में निफ्टी कंपनियों के लाभ में औसतन 22% और 2019-20 में 17% वृद्धि होने की उम्मीद है।

500 रुपए देकर 10 मिनट में हासिल कर लिए 100 करोड़ आधार नंबर

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नई दिल्ली। आधार की सुरक्षा चूक से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। एक अंग्रेजी अखबार ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि आपका आधार नंबर सेफ नहीं है। इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वॉट्सऐप के जरिए सर्विस देने वाले एक ट्रेडर से 100 करोड़ आधार की जानकारी खरीदी।

इसमें दावा किया गया है कि महज 500 रुपए 10 मिनट में एक एजेंट ने अखबार के रिपोर्टर को लॉग इन आईडी और पासवर्ड देकर पोर्टल के जरिए किसी की भी पर्सनल जानकारी देखने की सुविधा दे दी।

पर्सनल जानकारी में नाम, पता, पोस्टल कोड, फोटो, नंबर, ई-मेल आदि देखा जा सकता है। हालांकि, दूसरी तरफ UIDAI का दावा है कि आधार नंबर्स और बायोमीट्रिक डेटा सेफ और सिक्योर है।

इस रिपोर्ट के मुताबिक, 500 रुपए के अलावा 300 रुपए और देने के बाद एजेंट ने रिपोर्टर को एक सॉफ्टवेयर भी दिया। इसके माध्यम से आधार नंबर देकर आधार कार्ड प्रिंट किया जा सकता है।

UIDAI के एक अधिकारी ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा में बड़ी चूक मानते हुए मामला बेंगलुरु में कंसल्टेंट के सामने भी उठाया। हालांकि, बाद में UIDAI ने रिपोर्ट का खंडन भी कर दिया। बताते चलें कि पहले भी आधार कार्ड धारकों का डेटा लीक होने से संबंधित रिपोर्ट्स आई थीं।

घर बैठे मोबाइल आधार से होगा लिंक, सरकार ने जारी किया नंबर 14546

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नई दिल्‍ली।  अगर आपने मोबाइल फोन के सिम को अधार से लिंक नहीं कराया है तो आपके लिए खुशखबरी है। आप IVR (Interactive Voice Response) के जरिए घर बैठे सिम को अधार से लिंक कर सकते हैं। UIDAI ने इसके लिए नंबर जारी कर दिया है। यह नंबर 14546 है।

आपको अपना आधार नंबर अपने पास रखना है और नंबर डायल करने के बाद जैसे जैसे निर्देश मिले उसे फॉलो करते हुए सिम को आधार से लिंक कर सकते हैं। यह प्रोसेस हिंदी अग्रेजी के साथ अन्‍य रीजनल भाषाओं में भी काम करेगा।

अहम बात यह है कि आप के पास भले ही किसी कंपनी की सिम हो, आपका काम इसी नंबर से हो जएगा। मतलब किसी भी कंपनी की सिम को आधार से लिंक करने के लिए सेम नंबर ही काम आएगा।  आइए जानते हैं पूरे प्रॉसेसे के बारे में… 
 
स्‍टेप-1 
अपने फोन नंबर से 14546 डॉयल करें। वाइस रिस्‍पॉन्‍स मिलने के बाद आप से आपकी राष्‍ट्रीयता पूछी जाएगी। इसमें दो ऑप्‍शन होंगे। Indian national और NRI। आप अपने हिसाब से विकल्‍प चुन सकते हैं। 
 
स्‍टेप-2 
अपने मोबाइल से एक डॉयल करके सिम को अधार से लिंक करने की अनुमति दें। इसके बाद आपसे आपका 12 अंकों वाला आधार नंबर पूछा जाएगा। जिसे आपको अपने फोन से डायल करना होगा।
 
स्‍टेप-3 
आप आपसे OTP का ऑप्‍शन पूछा जाएगा। यहां आपको 1 दबाना है। इसके बाद आपके नंबर पर एक ओटीपी जाएगा। इसके बाद आप अपना नंबर प्रोवाइड करें। 
 
स्‍टेप-4 
IVR पर ही आपके आधार से जुड़ी फोटो, नाम और डेट ऑफ बर्थ फेच करने की अनुमति मांगी जाएगी। आप इसके लिए हामी भरें।  
 
स्‍टेप-5 
इसके बाद आपसे आपके नंबर की आखिरी 4 अंक बताया जाएगा। अगर यह सही है तो आप यहां ओटीपी फिल कर दें। 
 
स्‍टेप-6 
अब आप re-verification को पूरा करने के लिए 1 दबाएं। बस आपकी सिम आधार से लिंक। अगर आप किसी और नंबर को भी आधार से लिंक करना चाहते हैं तो दे दबाएं। 

स्वयं की शादी में पौधा लेकर किया शगुन

कोटा। झालावाड़ निवासी पर्यावरण प्रेमी दुर्गेश गौत्तम अपने परिचितों का जन्मदिन या वैवाहिक वर्षगांठ पर्यावरण का सामाजिक संदेश लेकर साईकिल से जाते है व पौधा भेंटकर प्रकृति को संतुलित करने के फायदे बताते हैं। साथ ही संकल्प दिलाते हें कि पर्यावरण की रक्षा करूंगा।

इसी क्रम में आज कोटा निवासी मित्र गिर्राज गौत्तम के जन्मदिन की पूर्व संध्या पर झालावाड़ से साइकिल चल कोटा पहुंचकर अपने मित्र को प्रकृति का संदेश देने के लिए पौधा भेंट किया तथा जन्मदिन पर पौधारोपण करने का संकल्प दिलाया।

भाजपा जिला मंत्री मुकेश विजय ने बताया कि कोटा पंहुचने पर एरोड्राम सर्किल चौराहे पर हाडौती नवनिर्माण परिषद एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दुर्गेश गौत्तम का माला पहनाकर स्वागत किया।दुर्गेश गौतम ने बताया कि उन्हें यह प्रेरणा अपनी शादी से पूर्व मिली और उन्होंने अपनी शादी भी प्राकृतिक रूप से ही कि अपनी शादी में सात पौधों के साथ समक्ष लिए साथ ही दहेज में एक पौधा लिया।

सभी से उपहार में पौधे लिए सभी को उपहार में पौधे दिए और अपनी बारात भी उन्होंने साइकिल पर निकाली साथ ही संपूर्ण जीवन पृथ्वी को बचाने जल बचाने पौधों को बचाने के लिए संकल्पित हुए। दुर्गेश गौतम ने बताया कि वह विगत वर्षों से जन्मदिवस व शादी की सालगिरह पर इसी तरीके से अन्यत्र जगह पर साइकिल से जा कर प्रकृति बचाने का संदेश दे रहे हैं।

इसी प्रेरणा से प्रभावित होकर राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे  ने उन्हें झालावाड़ में एक पार्क गोद दिया है, जिसकी जिम्मेदारी दुर्गेश गौतम के पास है। उसकी देख रहे वही करते हैं और पार्क में मुख्यमंत्री वसुधंरा राजे सिंधिया, सांसद दुष्यंत सिंह तथा जन अभाव निराकरण आयोग के अध्यक्ष श्रीकृष्ण पाटीदार ने वहां पौधे लगाये हैं।

कोटा पर्यावरण का संदेश लेकर पहुंचने पर नवनिर्माण परिषद के कार्यकर्ताओं ने अपने मित्र के जन्मदिन पर 11 जगहों पर पौधा लगाने का संकल्प लिया साथ ही जन्म दिवस के अवसर पर शाम को सामाजिक सरोकार ओर से परिपूर्ण रक्तदान के संकल्प पत्र एवं नेत्रदान के संकल्प पत्र भरने का निर्णय लिया।

गुरुवार को 11 जगहों पर पौधे लगाकर प्रकृति बचाने का संदेश दिया जाएगा साथ ही रक्तदान के संकल्प पत्र नेत्रदान के संकल्प पत्र पढ़कर सामाजिक जीवन सरकार लोगों की जिंदगी बचाने का प्रयास किया जाएगा।

इस अवसर पर भाजपा कोटा शहर जिला मंत्री  मुकेश विजय, भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष गिर्राज गौत्तम,भाजपा आईटी विभाग के संयोजक सुनील पोकरा,सहसंयोजक रोहित गर्ग, लाडपुरा विधानसभा आईटी सेल प्रभारी दीपक सुमन,सुमित गुप्ता, विवेक यादव, शुभम साहनी सहित कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया व पर्यावरण बचाने का संकल्प लिया।

नाकाम रही कंपोजिशन स्कीम, 1 प्रतिशत GST भी पसंद नहीं

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नई दिल्ली। माइक्रो स्केल मैन्युफैक्चरिंग यूनिटों को जीएसटी के दायरे में लाने की सरकारी कोशिशें नाकाम दिख रही हैं। सरकार ने 1 जनवरी से 20 लाख से 1.5 करोड़ टर्नओवर वाले मैन्युफैक्चरर्स के लिए कंपोजिशन स्कीम के तहत टैक्स रेट 2% से घटाकर 1% कर दिया है, लेकिन यूनिटें स्कीम की कई खामियों का हवाला देकर इससे दूरी बना रही हैं।

इनमें कच्चे माल पर चुकाए गए टैक्स का इनपुट क्रेडिट नहीं मिलने और राज्य के बाहर माल नहीं बेचने की बंदिश शामिल हैं। देश भर में करीब 16 लाख और दिल्ली में 35000 कारोबारी कंपोजिशन स्कीम में रजिस्टर्ड हैं, लेकिन इनमें मैन्युफैक्चरर्स की तादाद 5 पर्सेंट से भी कम है।,

जबकि राज्यों के औद्योगिक विभागों के तहत एमएसएमई के तौर पर बड़ी संख्या में यूनिटें रजिस्टर्ड हैं, जिनका टर्नओवर 1.5 करोड़ से नीचे है। इंडियन एसोसिएशन ऑफ माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज के प्रेजिडेंट राजीव चावला ने बताया, ‘मैन्युफैक्चरर्स के लिए टैक्सेबल रेट से ज्यादा इनपुट टैक्स मायने रखता है।

क्योंकि वह कच्चे माल पर पूरा टैक्स चुकाता है, लेकिन स्कीम के तहत उसे आउटपुट में अजस्ट नहीं कर सकता। इसके अलावा राज्य के बाहर माल सप्लाइ नहीं कर पाने की बंदिश भी उन्हें हतोत्साहित कर रही है।’ उन्होंने बताया कि स्कीम की टर्नओवर लिमिट बहुत छोटी है।

यह अभी तक 1 करोड़ थी, जिसे 1.5 करोड़ किया गया है। अब जब सभी को तिमाही रिटर्न की छूट मिलने की संभावना जताई जा रही है, कम से कम मैन्युफैक्चरर्स के लिए स्कीम में कोई विशेष दिलचस्पी नहीं रह गई है।

दिल्ली फैक्ट्री ओनर्स फेडरेशन के सेक्रेटरी जनरल समीर नायर ने बताया कि सरकार ने कंपोजिशन ट्रेडर्स को सिर्फ टैक्सेबल सप्लाइ पर टैक्स चुकाने की छूट दी है, जबकि मैन्युफैक्चरर्स को इससे वंचित रखा है। बहुत से मैन्युफैक्चरर मल्टीपल प्रॉडक्ट बनाते और सप्लाइ करते हैं।

ट्रेडर्स के लिए स्कीम का आकर्षण बढ़ सकता है, क्योंकि वे टैक्स फ्री आइटमों की सप्लाइ को अब अपने टर्नओवर से घटा सकते हैं। दूसरी ओर छोटे उद्यमी इस बात को लेकर भी आशंकित हैं कि 31 मार्च तक स्थगित रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म की वापसी होते ही कंपोजिशन डीलर्स की सेल-परचेज भी मैच होनी शुरू होगी।

 मिसमैचिंग पर उन्हें दोगुना टैक्स देने की नौबत आ सकती है। उधर, सरकार छानबीन के मोर्चे पर कंपोजिशन डीलर्स पर भी शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है, क्योंकि उसे आशंका है कि इस सेग्मेंट से लोग वाजिब कर नहीं चुका रहे। सितंबर तिमाही में कंपोजिशन कारोबारियों से सिर्फ 250 करोड़ टैक्स मिला है। 

बढ़त के साथ खुला बाजार, सेंसेक्स 100 पॉइंट चढ़ा, निफ्टी 10450 के पार

मुंबई। गुरुवार को सेंसेक्स 100 पॉइंट के उछाल के साथ खुला वहीं निफ्टी भी 10,450 से ऊपर रहा। मिली जानकारी के मुताबिक, SJVN 12 प्रतिशत और देना बैंक ने चार प्रतिशत की बढ़त के साथ दिन की शुरुआत की।

नौ बजकर 22 मिनट पर सेंसेक्स 33,819 अंकों पर था, वहीं निफ्टी 10,499.45 अंकों के साथ 6.25 पॉइंटसे ऊपर था। एंजल ब्रोकिंग ने निवेशकों को सलाह दी कि वे सीमेंट, मिडकैप आईटी पर फोकस कर सकते हैं। वहीं बैंकिंग सेक्टर से फिलहाल दूर रहने को कहा गया है।

ओएनजीसी, एशियन पेंट, टाटा स्टील, विप्रो, एनटीपी मारुति ने बढ़त के साथ शुरुआत की वहीं टेलिकाम कंपनियों में रिलायंस, भारती एयरटेल ने शुरुआती तेजी देखी। बैंकों में एचडीएफसी बैंक ने बढ़त के साथ शुरुआत की वहीं यस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक के शेयर्स नीचे गिरे।

विदेशी निवेशकों के लगातार पूंजी निवेश और एशियाई बाजारों के सकारात्मक संकेत से घरेलू बाजार की धारणा पर भी असर हुआ है। बुधवार को बाजार बढ़त बरकरार रखने में नाकामयाब रहा था। शाम को सेंसेक्स 18 अंकों की मामूली गिरावट के बाद 33,793 पर बंद हुआ था वहीं निफ्टी एक अंक की मामूली बढ़त के साथ 10,443 पर बंद हुआ।

जीएसटी : बिल मिलान पर व्यापारी न हों परेशान

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नई दिल्ली। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह में गिरावट की चिंता को देखते हुए जीएसटी परिषद बिक्री और खरीद के बिलों की मिलान प्रणाली में बदलाव कर सकती है। इसके तहत बैक-एंड को लेनदेन में चूक का पता लगाने और इनपुट टैक्स क्रेडिट के अत्यधिक दावे को नियंत्रित कर राजस्व में चपत पर रोक लगाने में मदद मिल सकती है।

नवंबर में हुई बैठक में परिषद ने करदाताओं पर अनुपालन के बोझ को कम करने को ध्यान में रखते हुए बिलों के मिलान की व्यवस्था को मार्च तक के लिए टाल दिया था। लेकिन कर संग्रह में कमी को देखते हुए इसे दोबारा वापस लाने पर विचार किया जा रहा है।

जीएसटी प्रणाली के तहत जीएसटीआर-1 (बिक्री ) और जीएसटीआर-2 (खरीद) के फॉर्म के साथ दाखिल रिटर्न को जीएसटीआर-3 के साथ मैच होना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि करदाता ने सही दावा किया है। सरकार के एक अधिकारी ने कहा, ‘बिलों के मिलान की वैकल्पिक व्यवस्था अगले वित्त वर्ष में आ सकती है।

इसमें करदाताओं को खुद मिलान करने के लिए कहने के बजाए, हम अपने स्तर पर इसका मिलान करेंगे। हम जोखिम-आधारित दृष्टिकोण का पालन कर सकते हैं। अगर सकल स्तर पर लेनेदन बेमेल होगा तब हत बिलों का मिलान कर सकते हैं।’ फिलहाल करदाता खुद बिक्री और खरीद के लेनदेन का मिलान करते हैं और चूक होने पर इसकी सूचना देते हैं।

उन्होंने कहा, ‘हम इस व्यवस्था में बदलाव कर सकते हैं और तीन से चार महीने में बैक-एंड के माध्यम से हम बिलों का मिलान करेंगे। इसमें जिन करदाताओं के बिल मैच नहीं करेंगे, उन्हें उसे दुरुस्त करने को कहा जाएगा। हालांकि इस पर अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है।’

जीएसटीएन चेयरमैन अजय भूषण पांडे के नेतृत्व में एक समिति जीएसटीआर-2 और जीएसटीआर-3 की फाइलिंग के मिलान को देख रही है। जुलाई 2017 से मार्च 2018 के लिए जीएसटी-2 और 3 दाखिल करने की अवधि पर भी काम किया जा रहा है।

समिति ने जीएसटीआर 1, 2 और 3 को मिलाने का सुझाव दिया था, ताकि करदाताओं को अलग-अलग फॉर्म न भरना पड़े। अनुमान के मुताबिक जीएसटी संग्रह में करीब 15 से 20 फीसदी की कमी आई है। जीएसटीआर-1 में डीलर द्वारा की गई बिक्री का ब्योरा होता है।

इसे जमा कराने के बाद डीलर द्वारा की गई खरीद का विवरण स्वचालित तरीके से जीएसटीआर-फॉर्म में जेनरेट होता है। इसके बाद डीलर को इन विवरणों की पुष्टि कर फॉर्म को जमा कराना होता है और अंत में जीएसटीआर-3 में करदाता की कर देनदारी तथा उपलब्ध इनपुट टैक्स क्रेडिट दिखाया जाता है।

नवंबर में जीएसटी संग्रह 80,808 करोड़ रुपये रहा। सरकार के आंतरिक अनुमान के मुताबिक अगर यह रुझान जारी रहा तो अप्रत्यक्ष कर संग्रह बजट लक्ष्य से करीब 25,000 से 30,000 करोड़ रुपये कम रह सकता है। सरकार का मानना है कि रिटर्न मिलान, ई-वे बिल और रिवर्स चार्ज व्यवस्था को टाले जाने से राजस्व में कमी आई है।

राजस्व में कमी की वजह से जीएसटी परिषद को 16 दिसंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये तत्काल बैठक बुलानी पड़ी और ई-वे बिल को देश भर में समय से पहले लागू करने का निर्णय करना पड़ा।

करंसी नोटों की तरह छपेंगे इलेक्‍टोरल बॉन्‍ड

नई दिल्‍ली। राजनीतिक दलों को चंदा देने के लिए लाए जा रहे इलेक्टोरल बॉन्ड की प्रिटिंग में नोटों की छपाई जैसी ही गोपनीयता बरती जाएगी। सरकार ने बुधवार को संसद में यह जानकारी दी। राजनीतिक चंदे में ट्रांसपेरेंसी लाने के मकसद से ये बॉन्ड जारी करने का मंगलवार को एलान किया गया था। 

 KYC डिटेल देनी होगी
वित्‍त मंत्री जेटली ने लोकसभा में कहा था कि राजनीतिक दलों को चंदा देने के लिए एसबीआई की चुनिंदा ब्रांचेस से इंटरेस्‍ट फ्री बॉन्‍ड्स खरीदे जा सकेंगे। इसके लिए चंदा देने वालों को एसबीआई में केवाईसी डिटेल्‍स देनी होंगी। हालांकि, चंदा देने वालों की डिटेल गोपनीय रखी जाएगी। बॉन्ड पर उनका नाम नहीं होगा। 
 
नई पार्टियों को नहीं मिल सकते बॉन्‍ड
– वित्‍त मंत्रालय के एक सोर्स के मुताबिक, इलेक्‍टोरल बॉन्‍ड किसी नई पॉलिटिकल पार्टी को गिफ्ट में नहीं दिए जा सकते हैं। इससे यह तय होगा कि चंदा जुटाने के लिए रातों रात नए दलों की बाढ़ नहीं आएगी। 

– उन्होंने कहा कि इलेक्‍टोरल बॉन्‍ड का टेन्‍योर सिर्फ 15 दिन का होगा। यानी, इन बॉन्‍ड्स को राजनीतिक दल को दिए जाने के 15 दिन के अंदर सिर्फ एक डेजिग्‍नेटेड बैंक अकाउंट के जरिए ही भुनाया जा सकेगा। 

– उन्‍होंने बताया कि इसके अलावा, यह बॉन्‍ड देश के सबसे बड़े बैंक स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की ओर से उसकी कुछ चुनिंदा ब्रांचेज, खासकर राज्‍यों की राजधानी और बड़े शहरों, में ही मिलेंगे। 

– सरकार ने सिर्फ एसबीआई को इसे बेचने का अधिकार दिया है। यह जनवरी, अप्रैल, जुलाई और अक्‍टूबर  में प्रत्‍येक 10 दिन बेचे जाएंगे। 
 
आम चुनाव वाले साल में 30 दिन होंगे उपलब्‍ध  
– आम चुनाव वाले साल के दौरान बैंक में बॉन्‍ड्स 30 दिन के लिए मुहैया होंगे। 
– इलेक्‍टोरल बॉन्‍ड 1000, 10000, 1 लाख, 10 लाख और 1 करोड़ रुपए के गुणांक में होंगे। 
– हालांकि, सरकार की ओर से यह भी कहा गया था कि चेक या ड्रॉफ्ट के जरिए राजनीतिक दलों को दिए जाने वाले चंदे पर कोई रोक नहीं लगाई जाएगी।
 
2017 के बजट में किया था एलान
– बता दें कि वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने पिछले साल के बजट में राजनीतिक दलों के लिए होने वाली फंडिंग के नियमों में बदलाव करने का एलान किया था। 

– सरकार का कहना था कि वह इसके लिए RBI एक्‍ट में बदलाव करेगी। इसके तहत पॉलिटिकल पार्टीज किसी एक शख्स से सिर्फ 2000 रुपए कैश डोनेशन ले सकेंगी। 

– यह भी कहा गया था कि इससे ज्‍यादा पेमेंट के लिए इलेक्टोरल बॉन्ड लाए जाएंगे, जिन्‍हें डोनर्स ऑथराइज्ड बैंकों से खरीद सकेंगे।
– इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए रजिस्टर्ड पॉलिटिकल पार्टीज के ऑथराइज्ड अकाउंट में डोनेशन दी जा सकेगी।

पूजा पर प्रतिबंध को लेकर बूंदी शहर तीसरे दिन भी बंद रहा

बूंदी। मानधाता छतरी पर पूजा पर प्रतिबंध को लेकर बूंदी शहर तीसरे दिन भी बंद रहा। हालांकि बुधवार को उपद्रव थम गए, गुस्से का पारा भी नहीं दिखा। मंथन मंत्रणा के दौर दिनभर जारी रहे। पर देर रात तक कोई भी प्रयास नतीजे तक नहीं पहुंचा। ऐसे में गुरुवार को भी बूंदी बंद रहने के आसार हैं।

प्रशासन किसी भी सूरत में 5 जनवरी को तिल चौथ के मेले से पहले सुलह चाहता है। मेले में 1 से डेढ़ लाख श्रद्धालु पहुंचते हैं, ऐसे हालत में प्रशासन कोई रिस्क नहीं लेना चाहता। यही वजह रही कि बुधवार को प्रशासनिक पुलिस अधिकारियों के तेवर नरम पड़ गए। लोगों को दुकानें खोलने के लिए समझाया जाता रहा, वार्ताओं के दौर चलते रहे पर कोई नतीजा सामने नहीं आया।

प्रशासन को सूझ नहीं रहा कि सर्वसम्मति हल के लिए किससे बात किया जाए। जिसकी बात सब मान जाए और बाजार खुल जाए। दिन में बार बार एसपी, कलेक्टर बाजारों में घूम- घूम कर व्यापारियों को दुकानें खोलने और सुरक्षा का भरोसा दिलाते रहे।

व्यापार संगठनों के प्रतिनिधियों को भी साथ लिया पर दुकानदारों ने हर बार यही जवाब दिया कि सुलह का एक ही रास्ता है छतरी पर दीपक जलवा दो। दिया नहीं जलेगा तब तक बाजार भी नहीं खुलेंगे। दुकानदारों का यह भी कहना था कि एक और पुलिस लोगों पर डंडे बरसा रही है, उन्हें हिरासत में ले रही है।

वहीं दुकानें खोलने पर सुरक्षा की बात कह रही हैं, पर वह खुद हालात पर काबू नहीं पा रही, ऐसे में दुकानें खोलने पर हमारी सुरक्षा की गारंटी क्या है? बाजार की ग्राहकी ग्रामीण अंचलों के लोगों पर टिकी है, धारा 144 लगाकर ग्रामीणों को शहर में नहीं आने दिया जा रहा हैं।

नाराज लोगों ने की विधायक के खिलाफ नारेबाजी
विधायक अशोक डोगरा भी बाजार खोलने की अपील करने पहुंचे लेकिन उन्हें लोगों का जमकर विरोध झेलना पड़ा। उनके विरोध में लोगों को जमकर नारेबाजी की। नारेबाजी बढ़ते देख विधायक वापस कार में बैठकर उल्टे पांव लौट गए। 

आज खुलेगी मंडी
तीनदिन बंद रही कुंवारती मंडी गुरुवार को खुली रहेगी। तीन दिन से परेशान हो रहे किसानों के माल की तुलाई होगी। हालांकि नया माल नहीं लिया जाएगा। शुक्रवार को चौथ माता का मेला देखते हुए मंडी में अवकाश रहेगा।

पूजा करने से कोई नहीं रोक सकता : ओम बिरला
बूंदी में चल रहे तनावपूर्ण हालात के बीच सांसद ओम बिरला ने बुधवार को एक बयान देकर प्रशासन को चेतावनी दी है। सांसद ने कहा कि जनता की भावनाओं का आदर करना चाहिए। पूजा करना जनता का अधिकार है, इससे किसी को नहीं रोका जा सकता।