Thursday, July 16, 2026
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कोटा में निःशुल्क ‘शिक्षा महोत्सव’ 27 व 28 जनवरी को

नई राहें : 5 राज्यों के प्रमुख इंस्टीट्यूट 400 से अधिक कोर्सेस की निशुल्क जानकारी देंगे। ‘ओर भी हैं राहें…’ थीम से कॅरिअर में नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे

कोटा। देश के इंजीनियरिंग एवं मेडिकल कोचिंग विद्यार्थियों तथा 11वीं एवं 12वीं के स्कूल विद्यार्थियों को कॅरिअर के नए विकल्प समझाने के लिए नेशनल मोटिवेटर एवं वेव ऑफ एजुकेशन के फाउंडर रविंद्र साहू द्वारा निशुल्क राष्ट्रीय शिक्षा महोत्सव-2018 27 एवं 28 जनवरी को कोटा में आयोजित किया जाएगा।

झालावाड़ रोड पर सिटी माल के सामने स्थित होटल कंट्री इन में दो दिन तक प्रातः 9 से रात 9 बजे तक देश के 5 राज्यों से 40 से अधिक यूनिवर्सिटी, इंजीनियरिग, मैनेजमेंट, डेंटल, एयरो स्पेस इंस्टीट्यूट एवं अन्य प्रमुख कॉलेजों के सीईओ, एक्सपर्ट एवं कॅरिअर काउंसलर भाग लेंगे।

बेस्ट सेलर बुक ‘हैप्पीनेस / सक्सेस’ के लेखक रविंद्र साहू ने बताया कि शिक्षा नगरी में प्रतिवर्ष हजारों कोचिंग विद्यार्थी आईआईटी, एनआईटी, एम्स या मेडिकल कॉलेज में सलेक्ट नहीं होने पर डिप्रेशन के शिकार हो जाते हैं, जबकि उनके लिए ‘जीने की राहें और भी हैं..’ थीम से विशेषज्ञों द्वारा निशुल्क गाइडेंस देने का प्रयास करेंगे।

इस महोत्सव में हर संकाय के स्टूडेंट्स के लिए 400 से अधिक जॉब ओरिएंटेड कोर्सेस की जानकारी दी जाएगी। यूनाइटेड ग्रुप, ग्रेटर नोएडा की चेयरमैन मोना गुलाटी पुरी सहित कई प्रमुख इंस्टीट्यूट के शिक्षाविद इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, डेंटल, फार्मा, एयरोस्पेस आदि कोर्सेस के बारे में ‘बेस्ट कॉलेज कैसे चुनें ’ जैसी उपयोगी जानकारी देंगे।

इंस्टीट्यूट ऑफ एयरोस्पेस के सीईओ ईशान द्विवेदी नवीनतम एयरोस्पेस इंजीनियरिंग कोर्सेस एवं एयरक्राफ्ट आदि के बारे में बताएंगे।  250 से अधिक सेमिनार कर चुके युवा मोटिवेटर रविंद्र साहू ने बताया कि साइंस के एवरेज स्टूडेंट भी देश के बेस्ट इंजीनियरिंग कॉलेज से मनपंसद ब्रांच से बीटेक, बीआर्क कर अच्छा कॅरिअर बना सकते हैं। एक स्टडी के अनुसार, इन कॉलेजों से ग्रेजुएट डिग्री लेने वाले विद्यार्थियों को 3 लाख से 35 लाख रूपए तक जॉब ऑफर मिले हैं।

2.20 लाख की स्कॉलरशिप मिलेगी
महोत्सव के लिए विद्यार्थी वेबसाइट ूूण्ेपोंउीवजेंअण्बवउ पर ऑनलाइन निशुल्क रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। इसी वेबसाइट से ऑनलाइन फ्री एंट्री पास लिए जा सकते हैं। रविन्द्र ने बताया कि पंजीयन के बाद इस आयोजन में एक लकी ड्रा से 20 चयनित स्टूडेंट, जिनमें 10 ब्वायज एवं 10 गर्ल्स होंगी, प्रत्येक को 11,000 रूपए की स्कॉलरशिप दी जाएगी।

5 राज्यों से 40 यूनिवर्सिटी व इंस्टीट्यूट होंगे
दो दिवसीय ‘शिक्षा महोत्सव-2018’ में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी,जीएनआईओटी, यूनाइटेड ग्रुप एवं आईआईएलएम, ग्रेटर नोएडा, इंद्रप्रस्थ कॉलेज ग्रुप व एबीएसआईटी गाजियाबाद, कोर ग्रुप, रूडकी, देवभूमि इस्टीट्यूट, देहरादून, जीआईटीएम, गुरूग्राम, इंस्टीट्यूट ऑफ एयरोनॉटिक्स (शॉ-शिब ग्रुप), भोपाल सहित डेंटल व फार्मा कॉलेज, एयर हॉस्टेस इंस्टीट्यूट, मरीन इंजीनियरिंग, एयरक्राफ्ट मेंटीनेंस, निम्स यूनिवर्सिटी जयपुर , तुलस ग्रुप देहरादून सहित देश के प्रमुख कॉलेजों के प्रतिनिधि विद्यार्थियों को सभी संकायों में कोर्सेस की निशुल्क जानकारी एवं गाइडेंस देंगे।

महोत्सव में अभिभावक बच्चों की रूचि के अनुसार, कॅरिअर ऑप्शन चुन सकेंगे। कॉमर्स एवं आर्ट्स के स्टूडेंट्स होटल मैनेजमेंट, टूरिज्म मैनेजमेंट, फैशन डिजाइनिंग सहित अन्य कई डिग्री कोर्सेस के बारे में अपडेट होंगे।

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ.आरएस बाबा ने बताया कि यूनिवर्सिटी में 57 हजार स्टूडेंट अध्ययनरत हैं। इस वर्ष कैंपस भर्ती में 490 कंपनियों ने ग्रेजुएट स्टूडेंट्स को जॉब ऑफर दिए हैं। एक ग्रेजुएट स्टूडेंट को 31.77 लाख का पैकेज मिला। शिक्षा महोत्सव के जरिए ग्रामीण एवं शहरी विद्यार्थियों को एक मंच पर अच्छे कोर्सेस की निशुल्क जानकारी मिल सकेगी।

पेट्रोल-डीजल की कीमतें पिछले तीन साल में रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ीं

नई दिल्ली। पेट्रोल, डीजल के दाम में आज उछाल दर्ज किया गया। भाजपा सरकार के 2014 में सत्ता में आने के बाद दोनों पेट्रोलियम उत्पादों का यह उच्चतम स्तर है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने दाम में तेजी को देखते हुए उत्पाद शुल्क कटौती की मांग की है।

सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों की ईंधन कीमत सूची के अनुसार दिल्ली में पेट्रोल का भाव बढ़कर 72.38 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया। मार्च 2014 के बाद यह इसका सबसे ऊंचा स्तर है। दिसंबर मध्य से कीमत में 3.31 रुपये लीटर की वृद्धि हुई है।

प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमत और बढ़ोत्तरी  
दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 
1 जनवरी: 69.97 रुपये प्रति लीटर
23 जनवरी: 72.38 रुपये प्रति लीटर

दिल्ली में डीजल की कीमत 
1 जनवरी: 59.70 रुपये प्रति लीटर
23 जनवरी: 63.20 रुपये प्रति लीटर

मुंबई में पेट्रोल की कीमत 
1 जनवरी: 77.87 रुपये प्रति लीटर
23 जनवरी: 80.25 रुपये प्रति लीटर

मुंबई में डीजल की कीमत 
1 जनवरी: 63.35 रुपये प्रति लीटर
23 जनवरी: 67.30 रुपये प्रति लीटर

कोलकाता में पेट्रोल की कीमत 
1 जनवरी: 72.72 रुपये प्रति लीटर
23 जनवरी: 75.09 रुपये प्रति लीटर

कोलकाता में डीजल की कीमत
1 जनवरी: 62.36 रुपये प्रति लीटर
23 जनवरी: 65.86 रुपये प्रति लीटर

चेन्नई में पेट्रोल की कीमत 
1 जनवरी: 72.53 रुपये प्रति लीटर
23 जनवरी: 75.06 रुपये प्रति लीटर

चेन्नई में डीजल की कीमत 
1 जनवरी: 62.690 रुपये प्रति लीटर
23 जनवरी: 66.64 रुपये प्रति लीटर

मुंबई में पेट्रोल की कीमत 80 रुपये के आंकड़े को पार कर गई है। जबकि मुंबई में डीजल का भाव 67.30 रुपये लीटर पर पहुंच गया है।

इसका कारण स्थानीय बिक्री कर (वैट) का अधिक होना है। तेल कंपनियों के अनुसार दिसंबर- मध्य से डीजल में 4.86 रुपये लीटर की वृद्धि हुई है।

अंतरराष्ट्रीय तेल बाजारों में दाम में तेजी को देखते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय से 2018-19 के केंद्रीय बजट में उत्पाद शुल्क में कटौती की मांग की है।

संसद में बजट अगले सप्ताह पेश किया जाएगा। पेट्रोलियम सचिव के डी त्रिपाठी ने कल कहा था कि मंत्रालय ने उद्योग से मिले सुझाव के आधार पर सिफारिशें विचार के लिये भेजीं हैं।

केंद्र सरकार पेट्रोल पर 19.48 रुपये प्रति लीटर तथा डीजल पर 15.33 रुपये प्रति लीटर उत्पाद शुल्क लेती है।

जबकि दिल्ली में पेट्रोल पर वैट (मूल्य वर्द्वित कर)  15.39 रुपये और डीजल पर 9.32 रुपये है।

दो प्रमुख मानक ब्रेंट और अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड आज बढ़कर क्रमश: 69.41 डालर प्रति बैरल तथा 63.99 डालर प्रति बैरल पर पहुंच गये।

पिछले साल जून से पेट्रोल और डीजल की कीमत दैनिक आधार पर संशोधित की जा रही है। आज जहां पेट्रोल का दाम 15 पैसे प्रति लीटर बढ़ा वहीं डीजल 19 पैसे महंगा हुआ।

 

स्वास्थ्य, समृद्धि, शांति के लिए भारत आएं, मोदी ने दुनिया से कहा

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दावोस। वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम के उद्घाटन भाषण में पीएम नरेंद्र मोदी ने दुनिया की चुनौतियों को गिनाया तो इनसे निपटने के लिए कई उपाय भी सुझाए। क्लाइमेंट चेंज, आतंकवाद और संरक्षणवाद को दुनिया के सामने तीन सबसे बड़ी चुनौतियां बताते हुए पीएम ने नाम लिए बिना दुनिया की बड़ी ताकतों को आईना दिखाया।

उन्होंने अच्छे और बुरे आतंकवाद को लेकर अमेरिका और पश्चिमी देशों को घेरा तो संरक्षणवाद को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने यह कहकर चीन को भी लपेटा कि भारत किसी दूसरे देश की भूमि पर नजर नहीं रखता है। पीएम ने दुनिया की दरारों और दूरियों को पाटने के लिए शास्त्रों, उपनिषद, गौतम बुद्ध, राष्ट्रपिता गांधी के विचारों का उदाहरण दिया।

उन्होंने दुनिया को भारत में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा, ‘अच्छे स्वास्थ्य, समृद्धि और शांति के लिए भारत आएं। अनिश्चितता और तीव्र परिवर्तनों के इस दौर में एक भरोसेमंद, टिकाऊ, पारदर्शी और प्रगतिशील भारत एक अच्छी खबर है।’

‘2 दशक में बदली दुनिया’
पीएम ने 1997 में पूर्व पीएम एचडी. देवेगौड़ा की दावोस यात्रा को याद करते हुए कहा, ‘उस साल भारत की जीडीपी 400 बिलियन डॉलर से कुछ अधिक थी अब दो दशक बाद यह छह गुना हो चुका है। उस वर्ष इस फोरम का विषय था ‘बिल्डिंग द नेटवर्क सोसायटी’।

आज 21 साल बाद 1997 वाला विषय सदियों पुराना लगता है। आज हम सिर्फ नेटवर्क सोसायटी नहीं, बिग डेटा आर्टिफिशल इंटेलिजेंस वाली सोसासटी में हैं। तब यूरो मुद्रा नहीं थी, ना ही ब्रेग्जिट के आसार थे। तब बहुत कम लोगों ने ओसामा बिन लादेन का नाम सुना था और हैरी पॉर्टर को लोग नहीं जानते थे।

तब यदि आप साइबर दुनिया में ऐमजॉन शब्द सर्च करते तो आपको नदियों और जंगलों के बारे में जानकारी मिलती। तब ट्वीट चिड़ियों का काम था मनुष्य का नहीं। वह पिछली शताब्दी थी। उस जमाने में भी दावोस अपने समय में आगे था और वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम का परिचायक था आज भी दावोस समय से आगे है।’

पीएम ने कहा, ‘इस वर्ष फोरम का विषय है- creating a share future in a fractured world यानी दरारों से भरे विश्व में साझा भविष्य का निर्माण। नए-नए बदलावों से नई-नई शक्तियों से आर्थिक क्षमता और राजनीतिक शक्ति का संतुलन बदल रहा है। इससे विश्व के स्वरूप में दूरगामी परिवर्तनों की छवि दिखाई दे रहरी है। विश्व के सामने शांति-स्थिरता और सुरक्षा को लेकर नई और गंभीर चुनौतियां हैं।’

‘डेटा ही सबसे बड़ी संपदा’
मोदी ने कहा, ‘तकनीक आधारित बदलाव से हमारे रहने, काम करने व्यवहार बातचीत और यहां तक कि अंतरराष्ट्रीय समूहों और राजनीति और अर्थव्यवस्था तक को गहराई से प्रभावित कर रहे हैं। तकनीक के जोड़ने, मोड़ने और तोड़ने तीनों आयामों का एक बड़ा उदाहरण सोशल मीडिया के प्रयोग में देखने को मिलता है। आज डेटा सबसे बड़ी संपदा है। डेटा के ग्लोबल फ्लो से सबसे बड़े अवसर बन रहे हैं और सबसे बड़ी चुनौतियां भी।’

‘दर्द भरी चोट पहुंचा सकती हैं दरारें’
पीएम ने कहा,’विज्ञान, तकनीक और आर्थिक प्रगति के नए आयामों में एक ओर तो मानव की समृद्धि के नए रास्ते दिखाने की क्षमता है। वहीं दूसरी ओर इन परिवर्तनों से ऐसी दरारें भी पैदा हुई हैं जो दर्द भरी चोट पहुंचा सकती हैं। बहुत से बदलाव ऐसी दीवारें खड़ी कर रहे हैं जिन्होंने पूरी मानवता के लिए शांति और समृद्धि के रास्ते को दुर्गम ही नहीं दु:साध्य बना दिया है। ये दरारें, बंटवारा और बाधक विकास के अभाव की हैं, गरीबी की हैं, बेरोजगारी की हैं।’

‘भारत ने हजारों साल पहले कहा-पूरी दुनिया परिवार’
मोदी ने कहा, ‘भारत, भारतीयता और भारतीय विरासत का प्रतिनिधि होने के नाते मेरे लिए इस फोरम का विषय जितना समकालीन है उतना ही समयातीत भी है। समयातीत इसलिए क्योंकि भारत में अनादिकाल से हम मानव मात्र को जोड़ने में विश्वास करते आए हैं, उसे तोड़ने में नहीं उसे बांटने में नहीं।

हजारों साल पहले संस्कृत भाषा में लिखे गए ग्रंथों में भारतीय चिंतकों ने कहा, ‘वसुधैवकुटुम्बकम्’। यानी पूरी दुनिया एक परिवार है। यह धारणा निश्चित तौर पर आज दरारों और दूरियों को मिटाने के लिए ज्यादा सार्थक है।’

‘क्लाइमेंट चेंज सबसे बड़ी चुनौती
पीएम ने क्लाइमेंट चेंज को दुनिया की सबसे बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा, ‘मैं दुनिया की सिर्फ तीन प्रमुख चुनौतियों का जिक्र करूंगा जो मानव सभ्यता के लिए सबसे बड़े खतरे पैदा कर रही हैं। पहला खतरा है क्लाइमेंट चेंज का। ग्लेशियर पीछे हटते जा रहे हैं। आर्कटिक की बर्फ पिघलती जा रही है। बहुत से द्वीप डूब रहे हैं या डूबने वाले हैं। ब

हुत गर्मी और बहुत ठंड, बेहद बारिश और बाढ़ या बहुत सूखा। अतिवादी मौसम का प्रभाव दिन-ब-दिन बढ़ रहा है। हर कोई कहता है कि कार्बन उत्सर्जन को कम करना चाहिए। लेकिन ऐसे कितने देश या लोग हैं जो विकासशील देशों और समाजों को उपयुक्त तकनीक उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक संसाधन मुहैया कराने में मदद करना चाहते हैं।’

‘भारतीय शास्त्रों की सीख’
पीएम ने कहा, ‘हजारों साल पहले भारत में लिखे गए प्रमुख उपनिषद ‘इशोपनिषद की शुरुआत में तत्वद्रष्ट्रागुरु ने अपने शिष्यों से परिवर्तनशील जगत के बारे में कहा- तेनत्यक्तेनभुन्जीथा यानी संसार में रहते हुए उसका त्यागपूर्वक भोग करो। ढाई हजार साल पहले भगवान बुद्ध ने अपरिग्रह यानी आवश्यकता के अनुसार इस्तेमाल को अपने सिद्धांतों में प्रमुख स्थान दिया।

भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का टस्ट्रीशिप का सिद्धांत भी आवश्यकता यानी नीड के अनुसार उपयोग और उपभोग करने के पक्ष में था। लालच पर आधारित शोषण का उन्होंने सीधा विरोध किया। भारतीय परंपरा में प्रकृति के साथ गहरे तालमेल के बारे में। हजारों साल पहले शास्त्रों में मनुष्यमात्र को बताया गया कि हम सब मानव पृथ्वी की संतान हैं।’

‘आत्मकेंद्रित हो रहे हैं कुछ देश’
पीएम नरेंद्र मोदी ने संरक्षणवाद पर निशान साधते हुए कहा, ‘तीसरी चुनौती मैं यह देखता हूं कि बहुत से समाज और देश ज्यादा से ज्यादा आत्मकेंद्रित होते जा रहे हैं। ऐसा लगता है कि ग्लोबलाइजेशन अपने नाम के विपरीत सिकुड़ रहा है। इस प्रकार की मनोवृत्तियों और गलत प्राथमिकताओं के दुष्परिणाम को क्लाइमेट चेंज या आतंकवाद के खतरे से कम नहीं आंका जा सकता।

हालांकि हर कोई इंटरकनेक्टेड विश्व की बात करता है, लेकिन ग्लोबलाइजेशन की चमक कम हो रही है। ग्लोबलाइजेशन के विपरीत संरक्षणवाद की ताकतें सिर उठा रही हैं। इसका परिणाम है कि नए-नए प्रकार के टैरिफ और नॉन टैरिफ बैरियर देखने को मिलते हैं। द्विपक्षीय और बहुपक्षीय व्यापार समझौते रुक गए हैं।’

‘आतंकवाद से भी ज्यादा खतरनाक-अच्छे-बुरे आतंकवाद का फर्क
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद को दूसरा सबसे बड़ा खतरा बताते हुए कहा कि आतंकवाद जितना खतरनाक है उससे भी ज्यादा खतरनाक है अच्छे और बुरे आतंकवाद का फर्क पैदा करना। उन्होंने कहा कि यह भी काफी दुखद है कि पढ़े-लिखे और संपन्न युवा भी चरमपंथ की ओर जा रहे हैं। 

‘सबका साथ सबका विकास’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय लोकतंत्र की विशेषताओं और अनेकता में एकता जिक्र करते हुए कहा, ’30 साल बाद भारत में किसी पार्टी को पूर्ण बहुमत मिला। हमने किसी एक वर्ग या कुछ लोगों के सीमित विकास का नहीं बल्कि सबके विकास का संकल्प लिया। मेरी सरकार का मोटो है- सबका साथ-सबका विकास।’

पीएम नरेंद्र मोदी ने देश में किए जा रहे आर्थिक सुधारों को भी दुनिया के सामने रखा और कहा, ‘आज हम भारत की अर्थव्यवस्था को जिस तरह से निवेश के लिए सुगम बना रहे हैं उसका कोई सानी नहीं है। इसी का नतीजा है कि भारत में निवेश, काम करना, मैन्युफैक्चरिंग पहले से बहुत आसान हो गया है।’ उन्होंने जीएसटी का और तकनीक के इस्तेमाल की चर्चा की।

‘दुनिया की बड़ी ताकतों में हो सहयोग’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि विश्व की बड़ी ताकतों के बीच सहयोग और संबंध की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘साझा चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए हमें अपने मतभेदों को दरकिनार करके एक व्यापक दृष्टि बनानी होगी। दूसरी आवश्यकता है कि नियमों पर आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था का पालन करना पहले से भी ज्यादा जरूरी हो गया है।’

‘शांति के लिए भारत का योगदान सबसे बड़ा’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया की शांति में भारत के योगदान पर रोशनी डाली और कहा, ‘पिछली शताब्दी में जब विश्व दो विश्वयुद्धों के संकटों से गुजरा तब अपना कोई निजी स्वार्थ न होते हुए भी भारत शांति और मानवती के उच्च आदर्शों की सुरक्षा के लिए खड़ा हुआ।

डेढ़ लाख से भी अधिक भारतीय सैनिकों ने अपनी जान दी। ये वही आदर्श हैं जिनके लिए संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना के बाद से भारत ने यूएन पीस कीपिंग ऑपरेशंस में सैनिकों का सबसे बड़ी संख्या में योगदान किया है।’

दुनिया को न्योता
पीएम ने कहा कि भारत हमेशा दुनिया में शांति के लिए काम करता रहेगा। उन्होंने कहा, ‘हम मिलकर एक ऐसी दुनिया बनाएं जहां सामंजस्य एवं सहयोग के लिए काम हो। वेल्थ के साथ वेलनेस चाहते हैं तो भारत आएं। हेल्थ के साथ समग्रता चाहते हैं तो भारत आएं। समृद्धि के साथ शांति चाहते हैं तो भारत आएं।’

सेंसेक्स पहली बार 36000 के पार, निफ्टी 11,084 अंक पर बंद

नई दिल्ली । ग्लोबल मार्केट से मिल रहे पॉजिटिव रिस्पॉन्स की वजह से मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुए। सेंसेक्स 342 अंक की उछाल के साथ 36,140 अंक पर और निफ्टी 117 अंक बढ़कर 11,084 अंक पर बंद हुआ।

आईएमएफ ने सोमवार को कहा था कि 2018 में भारतीय इकोनॉमी दुनिया की सबसे तेज रफ्तार से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था होगी। इस खबर से मंगलवार के कारोबार में चौतरफा खरीददारी दिखी। जिससे मार्केट नई ऊंचाई पर पहुंचने में कामयाब हुआ।

कारोबार के दौरान निफ्टी पहली बार 11000 के लेवल को पार करते हुए 11,092.90 के स्तर पर पहुंचा। वहीं सेंसेक्स भी 36170.83 के हाई पहुंच गया है। सेंसेक्स सिर्फ चार कारोबारी दिनों में ही 1000 प्वाइंट्स चढ़ा है। इससे पहले 17 जनवरी को इसने 35000 की ऊंचाई को छू लिया था। 

 क्यों आई बाजार में तेजी?
– तीसरे क्वार्टर में घरेलू कंपनियों की बेहतर अर्निंग से मार्केट सेंटीमेंट्स में सुधार आया। इससे फॉरेन के साथ डोमेस्टिक इन्वेस्टर्स का इनफ्लो भारतीय शेयर में बढ़ा। इससे मार्केट में लिक्विडिटी बढ़ी है।
– हाल ही में सरकार ने चुनिंदा सेक्टर्स के प्रोडक्ट एंड सर्विसेज के जीएसटी रेट में कटौती की है। इससे इन्वेस्टर्स का भरोसा बढ़ा है।
– अमेरिकी सांसदों में शटडाउन को खत्म करने पर समझौता होने से सोमवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में अच्छी तेजी देखने को मिली। इससे भी पॉजिटिव संकेत मिला है।
– एशियाई बाजारों में भी तेजी देखने को मिल रही है। सिंगापुर का एसजीएक्स निफ्टी इंडेक्स ने भी पहली बार 11000 के लेवल को पार किया है। एशियाई बाजारों में मजबूती से घरेलू बाजार में तेजी आई है।
– इंटरनेशनल मॉनिटेरी फंड (आईएमएफ) की वर्ल्ड इकनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट के मुताबिक, 2018 में भारत की ग्रोथ रेट 7.4% जबकि 2019 के लिए 7.8% रहने का अनुमान है।
 
4 ट्रेडिंग सेशन में सेंसेक्स 36 हजार तक पहुंचा
– बाजार में तेजी के बीच सेंसेक्स को 36 हजार के लेवल तक पहुंचने में सिर्फ 4 दिन लगे।
– 17 जनवरी को सेंसेक्स ने पहली बार 35 हजार के लेवल पर पहुंचा था। 23 जनवरी को सेंसेक्स 36 हजार के लेवल को पार कर गया।
– 4 दिनों में सेंसेक्स में 1000 प्वाइंट्स की बढ़ोतरी हुई।
 
मिडकैप-स्मॉलकैप शेयरों में उछाल
– लार्जकैप शेयरों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी खरीददारी दिख रही है। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.70 फीसदी और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.50 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है।
 
FII रहे खरीददार
– सोमवार के कारोबार में फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एफआईआई) ने घरेलू शेयर बाजार में 1567.51 करोड़ रुपए निवेश किए। वहीं डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (डीआईआई) ने 461.87 करोड़ रुपए की बिकवाली की।
 
अमेरिकी बाजारों में बढ़त
– सोमवार के कारोबार में अमेरिकी बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। डाओ जोंस 143 प्वाइंट्स की उछाल के साथ 26,215 प्वाइंट्स पर बंद हुआ। एसएंडपी 500 इंडेक्स 23 प्वाइंट्स की मजबूती के साथ 2,833 प्वाइंट्स पर बंद हुआ। वहीं नैस्डैक 72 प्वाइंट्स बढ़कर 7,408 प्वाइंट्स पर बंद हुआ।
– अमेरिकी सांसदों में शटडाउन को खत्म करने पर समझौता होने शेयर बाजारों में अच्छी तेजी देखने को मिली।
 
पिछले रिकॉर्ड हाई लेवल
22 जनवरी:  सेंसेक्स 35827.70 की नई ऊंचाई पर पहुंचा। वहीं निफ्टी ने 10,975.10 के नए लेवल को छुआ।
19 जनवरी: निफ्टी ने 10900 के आंकड़े को पार करते हुए 10906.85 के लेवल पर पहुंचा। वहीं सेसेक्स भी 35542.17 प्वाइंट्स की नई ऊंचाई पर पहुंचा।
17 जनवरी: सेंसेक्स 35118.61 की नई ऊंचाई पर पहुंचा। निफ्टी ने भी पहली बार 10803 के लेवल को छुआ। 
15 जनवरी: निफ्टी 10782.65 के नए रिकॉर्ड पर पहुंचा, जबकि सेंसेक्स ने 34963.69 के लेवल को छुआ।
12 जनवरी: सेंसेक्स ने 34638.42 की नई ऊंचाई पर पहुंचा। वहीं, निफ्टी 10690.25 प्वाइंट्स तक पहुंचा।
11 जनवरी: निफ्टी ने 10664.60 का ऑलटाइम हाई बनाया था।
09 जनवरी: को सेंसेक्स ने ऊंचाई का नए लेवल 34565.63 प्वाइंट्स को छुआ।
08 जनवरी: को सेंसेक्स ने 34487.52 प्वाइंट्स का लेवल छुआ, वहीं निफ्टी 10631.20 की ऊंचाई तक गया था।
5 जनवरी: 2018 को सेंसेक्स 34175 और निफ्टी 10566.10 प्वाइंट्स तक गया था।

पद्मावत के खिलाफ राजस्थान, मध्य प्रदेश सरकार की याचिका खारिज

नयी दिल्ली। फिल्म पद्मावत की टीम के लिए मंगलवार का दिन एक और राहत लेकर आया। सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान और मध्य प्रदेश सरकार की फिल्म पर रोक लगाने के लिए दायर पुनर्विचार याचिका खारिज करते हुए अपने आदेश में कोई बदलाव नहीं किया। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि सभी राज्यों को सर्वोच्च अदालत के फैसले का सम्मान करना चाहिए और इसका पालन कराना राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है।

राजस्थान सरकार का पक्ष रख रहे अडिशनल सलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि हम कोर्ट से फिल्म
पद्मावत पर रोक लगाने के लिए नहीं सिर्फ आदेश में कुछ बदलाव की अनुमति देने की मांग कर रहे हैं। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुआई वाली तीन जजों की बेंच ने कहा, ‘लोगों को यह समझना होगा कि यहां एक संवैधानिक संस्था है और वैसे भी हमने इस संबंध में आदेश पारित कर दिया है।’

सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए तीखी टिप्पणी की। तीन जजों की बेंच ने कहा कि राज्यों ने यह बिना मतलब की समस्या खुद पैदा की है और इसके लिए वही जिम्मेदार हैं। राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है कि अपने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बहाल करें। बता दें कि दोनों राज्य सरकारों ने फिल्म पद्मावत के प्रदर्शन की अनुमति देने के उसके 18 जनवरी के आदेश को वापस लेने की मांग की गई थी।

दोनों राज्य सरकारों ने इस आधार पर शीर्ष अदालत से अपना पिछला आदेश वापस लेने की मांग की थी कि इससे इन राज्यों में कानून व्यवस्था की समस्या पैदा होगी। शीर्ष अदालत ने फिल्म के प्रदर्शन पर गुजरात, हरियाणा उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों द्वारा लगाए गए प्रतिबंध को 18 जनवरी को हटाकर 25 जनवरी को देश भर में इसे प्रदर्शित किए जाने का रास्ता साफ कर दिया था।

फिल्म निर्माता वायकॉम 18 की तरफ से वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने याचिकाओं पर अविलंब सुनवाई का विरोध किया था। उन्होंने कहा था कि शीर्ष अदालत के आदेश के बावजूद जिस तरह से चीजें हो रही हैं वह दुर्भाग्यपूर्ण है। दो संगठन  राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना और अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा भी फिल्म का लगातार विरोध कर रहे हैं। कोर्ट के आदेश के बाद भी करणी सेना का कहना है कि अगर सिनेमाघरों में फिल्म प्रदर्शित हुई तो सबको भुगतना होगा।

विदेशी निवेशकों के लिए भारत दुनिया का 5वां सबसे आकर्षक देश

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दावोस। जापान को पीछे छोड़कर भारत दुनिया का 5वां सबसे पसंदीद निवेश स्थान बन गया है। इस बात का खुलासा ग्लोबल सीईओ के एक सर्वे में हुआ है। इससे पहले इंटरनैशनल मॉनिट्री फंड ने भी भारत की तेज ग्रोथ का अनुमान जताया है।

आईएमएफ की रिपोर्ट के मुताबिक, 2018 में 7.4 फीसदी की ग्रोथ रेट से भारत सबसे तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था होगी। प्राइसवॉटरहाउसकूपर्स के सर्वे में यह बात सामने आई है कि निवेशकों के लिए भारत दुनिया की पांचवीं सबसे आकर्षक जगह है। सर्वे में टॉप पर यूएस है जिसके बाद चीन का नंबर है।  लिस्ट में भारत जर्मनी और यूके से पीछे है।

पीडब्ल्यूसी इंडिया के चेयरमैन श्यामल मुखर्जी ने बताया, ‘निश्चित संरचनात्मक सुधारों की मदद से भारत की कहानी पिछले एक साल के मुकाबले बेहतर नजर आती है। हमारे ज्यादातर क्लायंट्स अपनी ग्रोथ को लेकर आशावादी हैं। हालांकि नए खतरे जैसे साइबर सिक्यॉरिटी और क्लाइमेट चेंज को लेकर हमारे क्लायंट्स के मन में कुछ शंका है लेकिन सरकार ने बुनियादी ढांचा, मैन्युफैक्चरिंग और कौशल निर्माण के क्षेत्रों से जुड़ी चिंताओं को समाधान किया है।’

पिछले कुछ सालों से कई सेक्टरों में एफडीआई को मंजूरी मिलने के बाद देश में विदेशी निवेश बढ़ा है। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छह माही में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में 17 फीसदी बढ़ोतरी हुई है। इस बढ़ोतरी के साथ प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 25 बिलियन डॉलर यानी करीब 1600 अरब रुपये रहा। 2016-17 में पहली बार एफडीआई 60 बिलियन डॉलर यानी करीब 4000 अरब रुपये से ज्यादा रहा।

‘पद्मावत’ देखने के बयान से पलटे कालवी, कहा-नहीं देखेंगे फिल्म, विरोध जारी

नई दिल्ली। राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष लोकेंद्र सिंह कालवी ‘पद्मावत’ फिल्म देखने के अपने बयान से अब पलटते नजर आ रहे हैं। सोमवार को यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद कालवी ने कहा था कि उन्हें संजय लीला भंसाली की फिल्म देखने के लिए पत्र मिला है।

उन्होंने कहा था कि वह पद्मावत देखने के लिए तैयार हैं, पर भंसाली ने अभी फिल्म देखने की तारीख नहीं बताई है, लेकिन मंगलवार को कालवी अपने बयान से पलट गए और फिल्म देखने से साफ इनकार कर दिया। उधर, विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया के फिल्म पद्मावत को लेकर विरोध के बाद हार्दिक पटेल भी फिल्म की रिलीज पर रोक के समर्थन में उतर गए हैं।

खबर है कि पाटीदार अनामत आंदोलन समिति के मुखिया हार्दिक पटेल ने गुजरात के सीएम विजय रुपाणी को पत्र लिखकर रिलीज पर रोक लगाने की बात कही है।कालवी ने एक निजी चैनल से बातचीत में कहा, ‘भंसाली ग्रुप का पत्र आया था, लेकिन वह धोखा था, साजिश थी। वह चाहता था कि हम फिल्म देखने से इनकार कर दें।

भंसाली फिल्म दिखाना नहीं चाह रहे हैं। मैं आज पोरबंदर जा रहा हूं। सेंसर बोर्ड ने भी 3 लोगों को फिल्म दिखाई थी, 6 लोगों को नहीं।’ कालवी ने भंसाली को धमकी भी दी और कहा कि अगर वह फिल्म रिलीज करेंगे तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतना होगा।पद्मावत दिखाने के लिए भंसाली के पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए कालवी ने कल कहा था, ‘हां, उनकी तरफ से पत्र आया है। पर, वह एक धोखा है। तमाशा बनाने के लिए है।

फिल्म देखने के लिए बुलाया है लेकिन तारीख नहीं बताई है। मैं तो फिल्म देखने के लिए भी तैयार हूं। मैं चाहता हूं कि मीडिया भी साथ चले। लेकिन भंसाली से अपील है कि वह मजाक न बनाएं। इससे पहले वह मीडिया को बुलाकर फिल्म नहीं दिखाए। इस बार ऐसा नहीं होना चाहिए। वह तारीख बताएं, मैं फिल्म देखूंगा।’

लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चेतावनी भरे अंदाज में कालवी ने कहा था, ‘हम कहते कम हैं करते ज्यादा हैं, हमारा यह संकल्प है कि देशभर में फिल्म लगने नहीं देंगे।’ साथ ही करणी सेना के अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने फिल्म देखने वाली कमिटी से पद्मावत पर बैन लगाने को कहा था। लिहाजा सेंसर बोर्ड को जनभावनाओं का सम्मान करना चाहिए।

कालवी ने आज कहा कि राज्य सरकारें इस फिल्म की रिलीज को लेकर ज्यादा चिंतित है। उनका कहना है कि फिल्म की रिलीज से राज्यों में कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा हो सकती है। गुजरात में मल्टिप्लैक्स वालों ने फिल्म दिखाने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा, ‘मैं चाहता हूं की जनता इसपर फैसला करे।

सिनेमाघर वाले इस फिल्म को दिखाने से इनकार कर दे।’ बता दें कि करणी सेना के समर्थक कई राज्यों में पद्मावत के विरोध में प्रदर्शन, तोड़फोड़ और सड़क जाम कर रहे हैं। बता दें कि संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत पूरे देश में शुक्रवार को रिलीज हो रही है।

 फिल्म को लेकर चार प्रदेशों के बैन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का आदेश भी आ चुका है। बावजूद इसके इस फिल्म के खिलाफ विरोध के स्वर नहीं थम रहे हैं। कई जगहों पर करणी सेना का हिंसक प्रदर्शन जारी है। गौरतलब है कि पद्मावत की रिलीज रोकने के लिए राजस्थान और मध्य प्रदेश की ओर से दी गई पुनर्विचार याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई भी होनी है।

सेंसेक्स पहली बार 36000 पार, निफ्टी 11 हजार की ऊंचाई पर

नई दिल्ली। पॉजिटिव ग्लोबल संकेतों से मंगलवार को शेयर बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई पर खुले। सेंसेक्स 70 प्वाइंट की तेजी के साथ 35,868 अंक पर खुला। वहीं निफ्टी भी 31 अंक बढ़कर 10,997 अंक पर खुला। शुरुआती कारोबार में तेजी से निफ्टी पहली बार 11,000 के स्तर को पार करने में कामयाब रहा। सेंसेक्स भी 36,000 के पार पहुंच गया है।

 क्यों आई बाजार में तेजी?
– तीसरे क्वार्टर में घरेलू कंपनियों की बेहतर अर्निंग से मार्केट सेंटीमेंट्स में सुधार आया। इससे फॉरेन के साथ डोमेस्टिक इन्वेस्टर्स का इनफ्लो भारतीय शेयर में बढ़ा। इससे मार्केट में लिक्विडिटी बढ़ी है।
– हाल ही में सरकार ने चुनिंदा सेक्टर्स के प्रोडक्ट एंड सर्विसेज के जीएसटी रेट में कटौती की है। इससे इन्वेस्टर्स का भरोसा बढ़ा है।
– अमेरिकी सांसदों में शटडाउन को खत्म करने पर समझौता होने से सोमवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में अच्छी तेजी देखने को मिली। इससे भी पॉजिटिव संकेत मिला है।
– एशियाई बाजारों में भी तेजी देखने को मिल रही है। सिंगापुर का एसजीएक्स निफ्टी इंडेक्स ने भी पहली बार 11,000 के लेवल को पार किया है। एशियाई बाजारों में मजबूती से घरेलू बाजार में तेजी आई है।
– इंटरनेशनल मॉनिटेरी फंड (आईएमएफ) की वर्ल्ड इकनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट के मुताबिक, 2018 में भारत की ग्रोथ रेट 7.4% जबकि 2019 के लिए 7.8% रहने का अनुमान है।
 
6 ट्रेडिंग सेशन में सेंसेक्स 36 हजार तक पहुंचा
– बाजार में तेजी के बीच सेंसेक्स को 36 हजार के स्तर तक पहुंचने में सिर्फ 6 दिन लगे।
– 17 जनवरी को सेंसेक्स ने पहली बार 35 हजार के स्तर पर पहुंचा था। 23 जनवरी को सेंसेक्स 36 हजार के स्तर को पार कर गया।
– 6 दिनों में सेंसेक्स में 1000 प्वाइंट्स की बढ़ोतरी हुई।
 
मिडकैप-स्मॉलकैप शेयरों में उछाल
– लार्जकैप शेयरों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी खरीददारी दिख रही है। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.70 फीसदी और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.50 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है।
– हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को रुपए की कमजोर शुरुआत हुई। डॉलर के मुकाबले रुपया 3 पैसे टूटकर 63.90 के स्तर पर खुला। 
– सोमवार को रुपए में हल्की सी गिरावट देखने को मिली। डॉलर के मुकाबले रुपया  2 पैसे की कमजोरी के साथ 63.87 के स्तर पर बंद हुआ था। रुपए की शुरुआत भी हल्की कमजोरी के साथ हुई थी। डॉलर के मुकाबले रुपया 3 पैसे गिरकर 63.88 के स्तर पर खुला था।
– सोमवार के कारोबार में फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एफआईआई) ने घरेलू शेयर बाजार में 1567.51 करोड़ रुपए निवेश किए। वहीं डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (डीआईआई) ने 461.87 करोड़ रुपए की बिकवाली की।

एशियाई बाजारों में मजबूती
– अमेरिकी बाजारों से मिले संकेतों से मंगलवार को एशियाई बाजारों में मजबूती के साथ कारोबार देखने को मिल रहा है। सिंगापुर का एसजीएक्स निफ्टी इंडेक्स ने पहली बार 11,000 के स्तर को पार किया है। इंडेक्स 0.38 फीसदी की बढ़त के साथ 11,009 अंक पर कारोबार कर रहा है।
– जापान का बाजार निक्केई 221 अंक की मजबूती के साथ 24,037 अंक पर कारोबार कर रहा है। हैंग सेंग 390 अंक की तेजी के साथ 32,785 अंक पर कारोबार कर रहा है। हालांकि कोरियाई बाजार का इंडेक्स कोस्पी में 0.72 फीसदी की कमजोरी दिख रही है, जबकि ताइवान इंडेक्स सपाट है। शंघाई कम्पोजिट 0.86 फीसदी की बढ़त के साथ 3531 अंक पर कारोबार कर रहा है। वहीं स्ट्रेट्स टाइम्स 0.28 फीसदी की बढ़त के साथ 3579 अंक पर कारोबार कर रहा है।
 
अमेरिकी बाजारों में बढ़त
सोमवार के कारोबार में अमेरिकी बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। डाओ जोंस 143 अंक की उछाल के साथ 26,215 अंक पर बंद हुआ। एसएंडपी 500 इंडेक्स 23 अंक की मजबूती के साथ 2,833 अंक पर बंद हुआ। वहीं नैस्डैक 72 अंक बढ़कर 7,408 अंक पर बंद हुआ।अमेरिकी सांसदों में शटडाउन को खत्म करने पर समझौता होने शेयर बाजारों में अच्छी तेजी देखने को मिली।
 
पिछले रिकॉर्ड हाई लेवल
22 जनवरी:  सेंसेक्स 35827.70 की नई ऊंचाई पर पहुंचा। वहीं निफ्टी ने 10,975.10 के नए लेवल को छुआ।
19 जनवरी: निफ्टी ने 10900 के आंकड़े को पार करते हुए 10906.85 के लेवल पर पहुंचा। वहीं सेसेक्स भी 35542.17 प्वाइंट्स की नई ऊंचाई पर पहुंचा।
17 जनवरी: सेंसेक्स 35118.61 की नई ऊंचाई पर पहुंचा। निफ्टी ने भी पहली बार 10803 के लेवल को छुआ। 
15 जनवरी: निफ्टी 10782.65 के नए रिकॉर्ड पर पहुंचा, जबकि सेंसेक्स ने 34963.69 के लेवल को छुआ।
12 जनवरी: सेंसेक्स ने 34638.42 की नई ऊंचाई पर पहुंचा। वहीं, निफ्टी 10690.25 प्वाइंट्स तक पहुंचा।
11 जनवरी: निफ्टी ने 10664.60 का ऑलटाइम हाई बनाया था।
09 जनवरी: को सेंसेक्स ने ऊंचाई का नए लेवल 34565.63 प्वाइंट्स को छुआ।
08 जनवरी: को सेंसेक्स ने 34487.52 प्वाइंट्स का लेवल छुआ, वहीं निफ्टी 10631.20 की ऊंचाई तक गया था।
5 जनवरी: 2018 को सेंसेक्स 34175 और निफ्टी 10566.10 प्वाइंट्स तक गया था।

पद्मावत विवाद: करणी सेना प्रमुख हम फिल्म देखने के लिए तैयार

नई दिल्ली। फिल्म पद्मावत की रिलीज पर रोक हटाने के खिलाफ दायर की गईं मध्य प्रदेश और राजस्थान सरकार की पिटीशंस पर सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को सुनवाई करेगा। उधर, करणी सेना इस फिल्म को देखने को तैयार हो गई है।

गुरुवार को कोर्ट ने गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा में फिल्म की रिलीज न किए जाने के नोटिफिकेशन पर रोक लगा दी थी। सुप्रीम कोर्ट और सेंसर बोर्ड से हरी झंडी मिलने के बाद पद्मावत 25 तारीख को रिलीज होगी।

योगी से मिले करणी सेना प्रमुख
– राजपूत करणी सेना के प्रमुख लोकेंद्र सिंह कालवी और उनके साथियों ने सोमवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इसके बाद कालवी ने कहा कि बाकी राज्यों की तरह योगी सरकार भी चिंतित है। योगी ने गंभीरता से हमारी बात सुनी। उन्हें इस मुद्दे की संवेदनशीलता की जानकारी है।

‘हम फिल्म देखने को तैयार’
– कालवी ने कहा कि हमें फिल्म के 40 प्वाइंट्स पर आपत्ति है।
– उन्होंने कहा कि अगर भंसाली फिल्म दिखाना चाहते हैं तो इसके लिए तैयार हैं।

‘चंदा करके दे देंगे’
फिल्म रिलीज न होने पर होने वाले नुकसान के सवाल पर कालवी ने कहा, “200 करोड़ की फ़िल्म है तो हम चंदा करके उन्हें दे देंगे। इस बात पर कि फिल्म में पैसा लगा है। हम इसे थियेटर्स में नहीं लगने दे सकते। 25 जनवरी को जनता ने कर्फ्यू लगाया है, हम गणतंत्र दिवस के आसपास भारत बंद नहीं करना चाहते हैं।” बता दें कि करणी सेना ने 25 जनवरी को बंद का एलान किया है।

‘गणतंत्र दिवस से पहले नहीं चाहते भारत बंद किया जाए’
– कालवी ने कहा कि 25 जनवरी को जनता ने कर्फ्यू लगाने का एलान किया है। हम गणतंत्र दिवस के आसपास भारत बंद नहीं करना चाहते हैं।

‘मोदी से उम्मीद फिल्म बैन कराएंगे’
कालवी ने कहा कि ”राजस्थान और मध्य प्रदेश की सरकारों ने सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन लगाई है। हम इसमें पार्टी बनने के लिए तैयार नहीं हैं। गुजरात के थियेटर मालिक इसे नहीं दिखाना चाहते हैं। तमिलनाडु और कर्नाटक की सरकार मंगलवार को SC में पिटीशन फाइल करेंगी। पीएम मोदी से आशा करते हैं, कि वो फिल्म बैन कराएंगे।

नीट-यूजी प्रवेश परीक्षा 6 मई को, कोटा में रहेगा परीक्षा केंद्र

कोटा। सीबीएसई द्वारा मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी,2018 आगामी 6 मई (रविवार) को आयोजित की जाएगी। सीबीएसई के संयुक्त सचिव एवं नीट के ओएसडी डॉ.सन्मय भारद्धाज के अनुसार, नेशनल एलीबिलिटी कम एंट्रेस टेस्ट (नीट-यूजी) की अधिसूचना एवं आवेदन फॉर्म जनवरी के अंतिम सप्ताह में जारी कर दिए जाएंगे। गत वर्ष देश के 103 शहरों में 1976 सेंटर्स पर 11.38 लाख परीक्षार्थियों ने नीट-यूजी का पेपर दिया था।

एम्स तथा जिपमेर, पांडिचेरी को छोड़कर देश के अन्य सभी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस तथा बीडीएस की सीटों पर एडमिशन नीट की मेरिट सूची के आधार पर दिए जाएंगे। एम्स की प्रवेश परीक्षा 27 मई तथा जिपमेर की प्रवेश परीक्षा 3 जून को होगी। 

सीबीएसई ने स्पष्ट किया कि इस वर्ष नीट के सिलेबस में कोई बदलाव नहीं किया गया है। गत वर्ष के सिलेबस के अनुसार ही प्रश्नपत्र दिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, इस वर्ष जीएसटी के कारण परीक्षा आवेदन शुल्क में मामूली वृद्धि हो सकती है। गत वर्ष सामान्य एवं ओबीसी वर्ग के लिए आवेदन फीस 1400 रूपए तथा एससी, एसटी एवं दिव्यांग वर्ग के लिए 750 रूपए थी।

11 भाषाओं में होगा पेपर, इस वर्ष उर्दू को जोड़ा
नीट-यूजी की परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक ऑफलाइन मोड में होगी, जिसमें 720 अंकों के तीन घंटे के पेपर में फिजिक्स, केमिस्ट्री, जूलॉजी व बॉटनी के कुल 180 प्रश्न पूछे जाएंगे। पेपर विभिन्न राज्यों में 11 भाषाओं हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती, उर्दू, मराठी, उड़िया, बंगाली, असमी, तेलुगु, तमिल, कन्नड़ भाषा में होगा।

हिंदी व इंग्लिश के पेपर देश के सभी परीक्षा केंद्रों पर उपलब्ध होंगे। जबकि अन्य भाषाओं के पेपर संबंधित राज्यों में दिए जाएंगे। नीट-यूजी का रिजल्ट 1 जून,2018 को घोषित होगा।

राज्य के 5 शहरों में होंगे परीक्षा केंद्र
राज्य के 5 शहरों कोटा, जयपुर, उदयपुर, अजमेर व जोधपुर में नीट-यूजी के परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे। गत वर्ष इन पांच शहरों के 57 परीक्षा केंद्रों पर 88,000 परीक्षार्थियों ने पेपर दिया था। कोटा में नीट का परीक्षा केंद्र होने से 10 हजार से अधिक कोचिंग विद्यार्थियों को राहत मिलेगी।

वहीं जेईई-एडवांस्ड का ऑनलाइन परीक्षा केंद्र कोटा में घोषित नहीं होने से कोंचंग विद्यार्थियों को भीषण गर्मी में बाहरी केंद्रों पर जाना पडे़गा। अभिभावकों ने मांग की कि छात्र हित में सभी प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं के सेंटर्स शिक्षा नगरी में खोले जाने चाहिए।