Monday, July 27, 2026
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कोटा, सांगोद, सुल्तानपुर व अंता में 3257 रु. क्विंटल पर होगी लहसुन की खरीद

सीएम ने दी खरीद केंद्रों को मंजूरी, बाजार हस्तक्षेप योजना में खरीदा जाएगा

कोटा। हाड़ौती में लहसुन की खरीद चार केंद्रों पर होगी। मंगलवार को सीएम वसुंधरा राजे ने कोटा फल सब्जीमंडी, सांगोद, सुल्तानपुर व अंता के केंद्रों को लहसुन खरीद के लिए मंजूरी दे दी है।

इन केंद्रों के अलावा सीएम ने प्रदेश में निम्बाहेड़ा व जोधपुर में भी लहसुन खरीद के केंद्र को स्वीकृति दी। सभी केंद्रों पर राजफेड के माध्यम से सरकार किसानों का बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत 3257 रुपए प्रति क्विंटल के भाव से लहसुन खरीदेगी। प्रदेशभर में केंद्र सरकार के आदेशों के अनुसार 1 लाख 54 हजार टन लहसुन खरीदा जाएगा। जिसकी क्वालिटी 25 एमएम निर्धारित है।

केंद्र ने राज्य सरकार को 12 अप्रैल को आदेश दिए थे कि 13 अप्रैल से प्रदेश में बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत किसानों का लहसुन खरीदा जाए। राजफेड के क्षेत्रीय प्रबंधक नरेश शुक्ला ने कहा विभाग को मंगलवार रात तक लहसुन खरीद व केंद्रों के संबंध में कोई आदेश नहीं मिले।

समर्थन मूल्य की सूची में 46 फसलों को शामिल करने की तैयारी
नीति आयोग लहसुन समेत 46 फसलों को समर्थन मूल्य की सूची में शामिल करने पर विचार कर रहा है। यह जानकारी हाड़ौती किसान यूनियन के महामंत्री दशरथ कुमार ने दी।

वह मंगलवार को दिल्ली में नीति आयोग के साथ राष्ट्रीय किसान समन्वय समिति की हुई बैठक में मौजूद थे। बैठक में नीति आयोग के वाइस चेयरमैन डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि सरकार की ओर से नई फसलों को समर्थन मूल्य की सूची में जोड़ने का प्रस्ताव आया है।

टोकन नहीं मिलने से नाराज किसानों ने मंडी का गेट बंद कर किया हंगामा

कोटा। भामाशाह मंडी में समर्थन मूल्य के ऑफलाइन टोकन में हो रही अव्यवस्था से परेशान किसानों ने मंगलवार को हंगामा कर दिया। नाराज किसानों ने मंडी गेट बंद कर दिया। जब वे दूसरा गेट बंद करने लगे तो उनकी पुलिस से धक्कामुक्की भी हुई। किसानों ने आरोप लगाया कि व्यापारी लाइन लगाए ही टोकन लेकर जा रहे हैं। जबकि किसान 3 दिन से परेशान हो रहे हैं।

व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस ने किसानों को समझाने का भी प्रयास किया। इसी दौरान मंडी सचिव आरपी कुमावत आकर किसानों को आश्वासन दिया कि व्यवस्था एफसीआई से ठीक कराएंगे। कृषि उपज मंडी के पूर्व उपाध्यक्ष देवा भड़क ने किसानों को समझाया और टोकन केंद्र पर लेकर आए।

देवा भड़क का कहना था कि यहां कर्मचारी कम लगे हुए हैं। केवल एक दिन में 80 से 100 टोकन काट रहे हैं, जबकि यहां 200 किसान आ रहे हैं। मंडी सचिव के बात करने के बाद 3 से 4 पटवारी और भेजे गए। उसके बाद जाकर काम शुरू हुआ।

गौरतलब है कि एफसीआई ने लापरवाही से एक दिन 500 टोकन जारी कर दिए थे। इससे व्यवस्था बिगड़ी तो एफसीआई और प्रशासन ने यह निर्णय किया कि अब ऑनलाइन वालों को ऑफ लाइन टोकन देकर कम संख्या में बुलाया जाएगा।

यह व्यवस्था 15 अप्रैल से लागू की, लेकिन अभी तक 400 से ज्यादा टोकन कटे थे। एफसीआई के क्षेत्रीय प्रबंधक पवन बोथरा ने बताया कि टोकन का काम प्रशासन का है। मंगलवार को 50 हजार कट्टों की खरीद की है और जिंस भी अधिकतर उठ गया।

टोकन भी दे दिया, लेकिन असली पेपर नहीं दे रहे :तीनदिन पहले कागज दिए थे। बड़ी मुश्किल से आज नंबर आया। टोकन तो दे दिया, लेकिन अब असली दस्तावेज गिरदावरी व अन्य नहीं दे रहे हैं। यहां कोई व्यवस्था नहीं है। खिड़की तक पहुंचना भी मुश्किल हो रहा है।

पुलिस ने की धक्का-मुक्की
सीमल्या के सईद ने बताया कि व्यापारियों की वजह से व्यवस्था बिगड़ रही है। हम विरोध करने लगे पुलिस ने धक्का मुक्की। जबरन पकड़कर ले जा रहे थे। किसानों ने छुड़ाया है।

शनिवार से आ रहे हैं, कोई नहीं सुन रहा
भोजपुरा गांव के छीतरलाल ने बताया कि वह तीन दिन से आ रहे हैं। उनका नंबर ही नहीं आ पा रहा है। कागज भी दे दिए हैं। व्यापारी अंदर के अंदर ही टोकन लेकर जा रहे हैं।

छह और राज्यों में लागू होगा इंट्रा स्टेट ई-वे बिल, GST काउंसिल का फैसला

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ये 6 राज्‍य बिहार, झारखंड, हरियाणा, मध्‍य प्रदेश, त्रिपुरा और उत्‍तराखंड हैं

नई दिल्ली। E-way Bill  से माल की ढुलाई में 30 फीसदी तक समय बचा है। सोमवार को देश में 10.31 लाख ई-वे बिल जेनरेट हुए। इस व्यवस्था के पटरी पर आने के बाद जीएसटी काउंसिल में देश के छह अन्य राज्यों में इंट्रा स्टेट ई-वे बिल 20 अप्रैल से लागू करने का फैसला किया गया। ये 6 राज्‍य बिहार, झारखंड, हरियाणा, मध्‍य प्रदेश, त्रिपुरा और उत्‍तराखंड हैं। जीएसटी काउंसिल के अध्यक्ष सुशील मोदी ने यह जानकारी दी।

इससे पहले 15 अप्रैल से देश के पांच राज्‍यों आंध्र प्रदेश, गुजरात, केरल, तेलंगाना और उत्‍तर प्रदेश में इंट्रा-स्‍टेट ई-वे बिल सिस्‍टम लागू हो चुका है। ई-वे बिल बिना किसी परेशानी के लागू होने के बाद सरकार इसे फेज वाइज अन्य राज्यों में लागू कर रही है।

रिटर्न फाइलिंग आसान बनाने पर हुई बात
बिहार के उप मुख्यमंत्री मोदी ने कहा कि मीटिंग में जीएसटी रिटर्न को आसान बनाने पर चर्चा हुई। इस मीटिंग में 15 इनडायरेक्ट टैक्स एक्सपर्ट शामिल रहे। इसके साथ ही 40 इंडस्ट्री ऑर्गनाइजेशंस के साथ भी चर्चा हुई। रिटर्न पर राय के लिए 7 दिन का समय दिया गया है। उन्होंने कहा कि रिटर्न फाइलिंग को आसान बनाने का काम जारी है। आम सहमति से रिटर्न का नया प्रारूप तय किया जाएगा।

अब छह और राज्यों में लागू होगा ई-वे बिल
अब इन राज्यों में 50 हजार रुपए से अधिक कीमत के गुड्स की सप्लाई राज्य के अंदर भी करने पर ई-वे बिल बनाना होगा। सरकार ने बिल जेनरेशन आसान हो उसके लिए इंटर स्टेट और इंट्रा स्टेट बिल बनाने के फार्मेट में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया है। कारोबारी को केवल इंट्रा स्टेट बिल बनाते समय केवल दूरी को बदलना होगा। इसके पहले इंटर स्टेट ई-वे बिल एक अप्रैल 2018 से सरकार लागू कर चुकी है।

मीटिंग की अन्य अहम बातें
-मोदी ने कहा कि रिवर्स चार्ज मैकेनिज्‍म पर मई में होगा फैसला। जीएसटी 3बी फॉर्म जारी रहेगा।
-उन्होंने कहा कि ई-वे बिल अगर एसएमएस या प्रिंट आउट में है तो भी मान्‍य है।
-ई-वे बिल से माल ढुलाई से 30 फीसदी समय की बचत हुई, ई-वे बिल वेरिफिकेशन के लिए अधिकारी तय होंगे।

क्या है इंटर स्टेट और इंट्रा स्टेट ई-वे बिल
राज्य के अंदर ही स्टॉक ट्रांसपोर्ट करने के लिए इंट्रा स्टेट ई-वे बिल बनेगा, जबकि एक राज्य से दूसरे राज्य में स्टॉक भेजने या मंगाने के लिए इंटर स्टेट ई-वे बिल बनेगा।

इंट्रा स्टेट ई-वे बिल किसे है बनाना?
इंट्रा स्टेट ई-वे बिल 50 हजार रुपए से ज्‍यादा का सामान ले जाने वाले अनरजिस्टर्ड कारोबारी, रजिस्टर्ड कारोबारी, डीलर्स और ट्रांसपोर्टर्स को जेनरेट करना होगा।

इंट्रा स्टेट ई-वे बिल के लिए कराना होगा रजिस्ट्रेशन
आंध्र प्रदेश, गुजरात, केरल, तेलंगाना और उत्‍तर प्रदेश राज्‍यों के कारोबारी, डीलर, इंडस्‍ट्री और ट्रान्‍सपोर्टर्स के लिए इंट्रा स्टेट ई-वे बिल के तहत रजिस्‍ट्रेशन अभी भी चल रहा है। कारोबारी ई-वे बिल पोर्टल https://www.ewaybillgst.gov.in पर जाकर रजिस्‍ट्रेशन या इनरॉलमेंट करा सकते हैं।

अनरजिस्टर्ड डीलर को भी कराना होगा एनरॉलमेंट
जिन कारोबारियों का टर्नओवर 20 लाख रुपए से कम है और जिन्होंने जीएसटी में रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है। अगर वह 50 हजार रुपए से अधिक के गुड्स को राज्य के अंदर सप्लाई करते हैं तो उन्हें भी ई-वे बिल बनाना होगा। इंट्रा स्टेट ई-वे बिल में अनरजिस्टर्ड डीलर को एनरॉलमेंट फॉर्म भरना होगा जिसके बाद उनका रजिस्ट्रेशन होगा। ये फॉर्म ई-वे बिल की वेबसाइट पर है और उन्हें रजिस्ट्रेशन के दौरान ये फॉर्म भरना होगा।

पोर्टल पर बनेगा इंट्रा स्टेट ई-वे बिल
ई-वे बिल की वेबसाइट https://www.ewaybillgst.gov.in पर ही इंट्रा स्टेट ई-वे बिल जेनरेट होगा। इंट्रा स्टेट ई-वे बिल के लिए वही फॉर्म भरना होगा जो इंटर स्टेट ई-वे बिल के लिए भरते हैं। बस डेस्टिनेशन की दूरी और पहुंचाने का टाइम पीरियड कम हो जाएगा। ई-वे बिल जेनरेट करने का तरीका इंटर स्टेट ई-वे बिल की ही तरह होगा। इंटर स्टेट ई-वे बिल की तरह इंट्रा स्टेट ई-वे बिल में इन्वॉइस जेनरेट करने के बाद ट्रांसपोर्ट बिल और फिर ई-वे बिल बनाना होगा।

ATM आउट ऑफ कैश: पांच गुना बढ़ी नोटों की प्रिंटिंग

नई दिल्‍ली। दिल्‍ली, यूपी, गुजरात, एमपी समेत कई राज्‍यों में अचानक कैश की किल्‍लत हो गई है। एटीएम में पैसे नहीं है। वहां ‘आउट ऑफ कैश’ को बोर्ड लगा है। कैश की किल्‍लत का मामला सामने आने के बाद सरकार की तरफ से भी बयान आया है। वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सर्कुलेशन में पर्याप्‍त करंसी है। बैंकों के पास भी उपलब्‍ध है। कुछ क्षेत्रों में कैश की ‘अचानक और असामान्‍य’ मांग बढ़ने से अस्‍थायी दिक्‍कत पैदा हुई है। इसे जल्‍द दूर कर लिया जाएगा।

वित्‍त राज्‍य मंत्री एसपी शुक्‍ला ने कहा कि हमारे पास पर्याप्‍त नकदी है। एक समस्‍या यह है कि कुछ राज्‍यों में कम करंसी है और कुछ राज्‍यों में ज्‍यादा है। अगले 2-3 दिन में हालात सामान्‍य हो जाएंगे। बैंकिंग सेक्रेटरी ने कहा है कि 500 रुपए के नोटों की दिक्‍कत 5-7 दिन है। केवल 10-12 फीसदी एटीएम में ही कैश नहीं है। उधर, छत्‍तीसगढ़ के मुख्‍यमंत्री रमण सिंह ने कहा कि अन्‍य दूसरे राज्‍यों की तरह छत्‍तीसगढ़ में भी कैश की किल्‍लत है। जल्‍द से जल्‍द इस स्थिति को दूर कर लिया जाएगा।

कैश का नहीं है कोई संकटः आरबीआई
कैश की किल्‍लत से देश भर में मचे हाहाकार के बीच रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने करंसी की कमी से इंकार किया है। आरबीआई ने कहा है कि पर्याप्‍त मात्रा में कैश है और इसका कोई संकट नहीं होने वाला है। आरबीआई ने कहा कि लॉजिस्‍टिकल इश्‍यू की वजह से कुछ इलाकों के ATMs में करंसी नहीं है। हम इन स्थितियों पर नजर बनाए हुए हैं।

अगले 2 दिन 2500 करोड़ रुपए रोजाना सप्‍लाई करेंगे
वित्तीय मामलों के सचिव एससी गर्ग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि हम 500 रुपए की वैल्‍यू में 500 करोड़ रुपए रोज प्रिंट करते हैं। हमने इस प्रोडक्‍शन को बढ़ाकर पांच गुना करने का फैसला किया है। अगले दो दिन में 500 रुपए नोट की वैल्यू के करीब 2500 करोड़ रुपए रोजाना सप्‍लाई करेंगे। एक महीने यह सप्‍लाई करीब 70 हजार से 75 हजार करोड़ हो जाएगी। देश में 18 लाख करोड़ रुपए की करंसी सर्कुलेशन में थी और जहां जिस तरह की डिमांड है, वहां वैसी सप्लाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि हमने नोटों की प्रिंटिंग को बढ़ा दिया है।

सरकार और RBI ने बनाई कमिटी
वित्‍त राज्‍य मंत्री ने बताया कि सरकार ने राज्‍य-वार कमिटी बनाई है। वहीं, आरबीआई ने भी एक राज्‍य से दूसरे राज्‍य में करंसी ट्रांसफर करने के लिए कमिटी बना दी है। तीन दिन में हालात सामान्‍य हो जाएंगे।

कहां क्‍या हैं हालात?
दिल्‍ली: न्‍यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, दिल्‍ली में लोगों का कहना है कि हम लोग कैश की किल्‍लत का सामना कर रहे हैं। अधिकांश एटीएम में कैश नहीं है। जिस एटीएम में है पैसे हैं वह केवल 500 के नोट निकाल रहे हैं। मुश्किल हालात हैं।
यूपी (वाराणसी): यहां लोगों का कहना है कि हमें नहीं पता कि कहां- क्‍या दिक्‍कत है लेकिन आम आदमी को परेशानी हो रही है। एटीएम से पैसे नहीं निकल रहे हैं। 5-6 एटीएम में जाने के बाद भी पैसे नहीं मिल रहे। घर की छोटी-छोटी जरूरतों के लिए कैश की आवश्‍यकता है।
तेलंगाना: हैदराबाद में लोगों ने एटीएम में पैसा न होने की शिकायत की है। कुछ लोगों ने बताया कि हमने शहर के कई इलाकों के एटीएम में गए, लेकिन किसी भी पैसा नहीं मिला।
गुजरात (वडोदरा): यहां लोगों ने एटीएम में पैसे नहीं होने के चलते असुविधा की शिकायत की। उनका कहना था कि अधिकांश एटीएम आउट ऑफ सर्विस हैं। वहीं, एक चल रहे एटीएम से केवल 10 हजार ही निकाल सकते हैं। वहां भी लोगों की भीड़ लगी है।
मध्‍य प्रदेश (भोपाल): यहां लोगों का कहना है कि हम नकदी की कमी का सामना कर रहे हैं। एटीएम में पैसे नहीं है। पिछले 15 दिन से हालात ऐसे ही हैं। कई एटीएम पर जाने पर भी पैसे नहीं मिल रहे हैं।
बिहार (पटना): यहां लोगों का कहना है कि एटीएम आउट ऑफ सर्विस हैं। पिछले तीन दिन से कई बार एटीएम के चक्‍कर लगाने के बाद भी कैश नहीं मिला। इस गर्मी में कैश के लिए काफी दिक्‍कत हो रही है।

नया ITR-1 फॉर्म ई-फाइलिंग के लिए तैयार, I-T के पोर्टल पर हुआ एक्टीवेट

नई दिल्ली । नया आईटीआर-1 फॉर्म इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के ऑफीशियल ई-फाइलिंग पोर्टल पर एक्टीवेट हो गया है। इस फॉर्म को व्यापक तौर पर सैलरीड क्लास द्वारा इस्तेमाल किया जाता है।

सीबीडीटी ने 5 अप्रैल को नोटिफाई किए गए सिंगल इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) फॉर्म को सोमवार को अपनी वेबसाइट https://www.incometaxindiaefiling.gov.in पर डाल दिया। दूसरे आईटीआर फॉर्म भी जल्द ही उपलब्ध हो जाएंगे।

सैलरी ब्रेक-अप देना हुआ जरूरी
एसेसमेंट ईयर 2018-19 के लिए नए आईटीआर फॉर्म्स में सैलरीड क्लास एसेसीस के लिए अपना सैलरी ब्रेकअप और कारोबारियों के लिए अपनी जीएसटी नंबर व टर्नओवर देना जरूरी है। टैक्स डिपार्टमेंट के लिए नीतियां तैयार करने वाले सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (सीबीडीटी) ने कहा था कि बीते साल की तुलना में नए फॉर्म्स में कुछ फील्ड्स को व्यावहारिक बना दिया गया है, हालांकि आईटीआर की फाइलिंग में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

ई-फाइलिंग हुई जरूरी
कुछ कैटेगरीज को छोड़कर सभी सातों आईटीआर फॉर्म्स को इलेक्ट्रॉनिकली ही भरा जाना है। सैलरीड क्लास द्वारा भरे जाने वाले सबसे बेसिक आईटीआर-1 या सहज फॉर्म को बीते वित्त वर्ष में 3 करोड़ टैक्सपेयर्स द्वारा इस्तेमाल किया गया। इस बार फॉर्म में एसेसीस की सैलरी की डिटेल्स अलग-अलग फील्ड्स और अलाउंसेस, अतिरिक्त सुविधाएं, सैलरी से इतर प्रॉफिट और सेक्शन 16 के अंतर्गत क्लेम किए गए डिक्डक्शंस एक ब्रेक-अप फॉर्मेट में मांगी गई हैं।

इनको भरना होगा आईटीआर-1
ये डिटेल्स सैलरीड इम्प्लॉई के फॉर्म 16 में मिलती हैं। एक वरिष्ठ टैक्स अधिकारी ने कहा कि अब डिडक्शंस में स्पष्टता लाने के लिए आईटीआर में इसका उल्लेख किया गया है। सीबीडीटी ने कहा था कि आईटीआर-1 ऐसे किसी भी व्यक्ति द्वारा फाइल किया जा सकता है, जो भारत का नागरिक हो और उसकी 50 लाख रुपए तक इनकम हो।

ये डिटेल देना हुआ जरूरी
सीबीडीटी ने कहा, ‘सैलरी और हाउस प्रॉपर्टी से जुड़े भागों को दुरुस्त किया गया है। सैलरी (जैसी फॉर्म 16 में उपलब्ध हो) और हाउस प्रॉपर्टी से होने वाली इनकम की बेसिक डिटेल्स देना अनिवार्य कर दिया गया है।’ आईटीआर फाइलिंग की लास्ट डेट 31 जुलाई है।

अक्षय तृतीया की खरीदारी से महंगा हुआ सोना, चांदी भी उछली

नई दिल्ली। मजबूत वैश्विक सकेतों के और अक्षय तृतीया को देखते हुए सोना और चमका है। इसकी कीमत आज 350 रुपये की तेजी के साथ 32,350 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गई। औद्योगिक इकाइयों और सिक्का निर्माताओं का उठाव बढ़ने से चांदी भी 400 रुपये की तेजी के साथ 40,300 रुपये प्रति किलोग्राम हो गयी।

सर्राफा कारोबारियों ने सोने की कीमतों में तेजी का श्रेय घरेलू हाजिर बाजार में ‘अक्षय तृतीया त्यौहार से पहले फुटकर मांग को देखते हुये स्थानीय आभूषण विक्रेताओं की लिवाली बढ़ने तथा वैश्विक बाजार में सर्राफा मांग बढ़ने के कारण मजबूती के रुख को दिया।

वैश्विक स्तर पर न्यूयॉर्क में कल सोना 0.01 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,345.50 डॉलर प्रति औंस रहा जबकि चांदी 0.06 प्रतिशत की तेजी के साथ 16.64 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। उन्होंने कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट से भी बहुमूल्य धातुओं में तेजी को समर्थन मिला।

राष्ट्रीय राजधानी, दिल्ली में, 99.9 प्रतिशत और 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 350 – 350 रुपये की तेजी के साथ क्रमश : 32,350 रुपये और 32,200 रुपये प्रति दस ग्राम हो गया। कल सोने में 100 रुपये की गिरावट आई थी। आठ ग्राम वाली गिन्नी की कीमत भी 100 रुपये की तेजी के साथ 24,900 रुपये प्रति इकाई हो गयी।

सोने की तरह चांदी तैयार की कीमत 400 रुपये बढ़कर 40,300 रुपये प्रति किलोग्राम और चांदी साप्ताहिक डिलीवरी की कीमत 290 रुपये बढ़कर 39,240 रुपये प्रति किलोग्राम हो गयी। चांदी सिक्का भी 1,000 रुपये की तेजी के साथ लिवाल 75,000 रुपये और बिकवाल 76,000 रुपये प्रति सैकड़ा हो गया।

खरीदारी से पहले जानें
खन्ना जेम्स प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक और प्रबंध निदेशक पंकज खन्ना ने मीडिया को बताया कि सोने की खरीदारी करते समय हॉलमार्क देखना न भूलें, क्योंकि इसी से सोने की शुद्धता की पहचान होती है।

खन्ना ने कहा, ‘देश में सोने की सबसे ज्यादा खरीदारी धनतेरस और अक्षय तृतीया पर होती है। सोने की जितनी खरीदारी एक महीने में होती है, उससे ज्यादा इन दोनों त्योहारों पर होती है। अक्षय तृतीया के दिन सोना खरीदना काफी शुभ माना जाता है। लेकिन, कभी-कभी खरीदारी करते समय लोग सोने परखते नहीं हैं और धोखा खा जाते हैं।’

उन्होंने कहा, ‘शुद्ध सोना 24 कैरट का होता है। मगर, 24 कैरट के सोने से गहने नहीं बन पाते हैं। गहने बनाने के लिए 22 या 18 कैरट के सोने का इस्तेमाल होता है और 22 कैरट की कीमत 24 कैरट से कम होती। ज्वेलर से सोने की शुद्धता और कीमत जानकर उससे बिल पर जरूर लिखवाएं।”

कोटा सर्राफा
चांदी 39700 रुपये प्रति किलोग्राम। 
सोना केटबरी 32250 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 37620  रुपये प्रति तोला।
सोना शुद्ध 32400रुपये प्रति दस ग्राम,  सोना 37800  रुपये प्रति तोला।

घरेलू मांग निकलने से गेहूं 50 रुपये तेज, चना और धनिया में नरमी

कोटा। भामाशाह अनाज मंडी में मंगलवार को  माल की कुल आवक 70 हजार बोरी की रही । लहसुन की आवक 15000 कट्टे की रही।  घरेलू मांग निकलने से गेहूं 50 रुपये तेज रहा । कमजोर उठाव से धान 50 रुपये सोयाबीन 100 रुपये, उड़द 150 रुपये, चना 50 रुपये,  धनिया 100 रुपये और  सरसो 50 रुपये ढीली रही ।

गेहूं मिल 1480 से 1601 लोकवान नया 1600 से 1750 पीडी नया 1600 से 1800 गेहूं टुकडी 1550 से 1950 रुपये प्रति क्विंटल।  धान सुगंधा 2600 से 3000 पूसा 1 2500 से 2700 पूसा 4 (1121) 2500 से 3400 धान (1509) 2000 से 3250 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 2400 से 3701 सरसो 3300 से 3550 तिल्ली 6000 से 7200 रुपये प्रति क्विंटल। मैथी पुरानी 2000 से 2600 मैथी नई 2500 से 3400 धनिया बादामी नया 3400 से 4200 ईगल 3800 से 4500 रंगदार 5000 से 7500 धनिया पुराना 3000 से 4000 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंग 3300 से 3800 उडद 2000 से 3250 चना 3200 से 3330 चना काबुली 5000 से 5500 चना पेपसी 3300 से 3500 चना मौसमी 3000 से 3350 मसूर 3000 से 3350 रुपये प्रति क्विंटल।  ग्वार 3000 से 3600 मक्का 1000 से 1300 जौ 1100 से 1200 ज्वार 1300 से 2400 रुपये प्रति क्विंटल।  लहसुन नया 250 से 2350 रुपये प्रति क्विंटल रहा। ।

सरकारी स्कूलों के 500 विद्यार्थियों को निःशुल्क कोचिंग देगा “एलन”

एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के 30वें स्थापना दिवस पर घोषणा

कोटा। एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट स्थापना के 30 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में पूरे वर्ष को सेलीब्रेशन ईयर के रूप में मनाएगा।  इस वर्ष सरकारी स्कूलों के निर्धन व प्रतिभावान 500 विद्यार्थियों को दो वर्ष तक कक्षा 11 व 12 में आईआईटी-जेईई एवं नीट की निःशुल्क शिक्षा दी जाएगी। 

इस अवसर पर आयोजित प्रेसवार्ता को सम्बोधित करते हुए राजेश माहेश्वरी ने बताया कि गत वर्ष इस दिशा में एक कदम आगे बढ़ाते हुए राजस्थान सरकार के साथ एमओयू कर राजस्थान के सरकारी स्कूलों के 50 विद्यार्थियों को निःशुल्क कोचिंग देने की शुरूआत की। यह लक्ष्य बढ़ाकर इस बार 500 विद्यार्थियों तक कर दिया गया है। 

निदेशक राजेश माहेश्वरी ने कहा कि एलन परिवार लगातार बढ़ रहा है। विद्यार्थियों और अभिभावकों के साथ-साथ बड़ी संख्या में कार्मिक जुड़ रहे हैं। स्थापना से अब तक एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट 7.75 लाख क्लासरूम विद्यार्थियों को कोचिंग दे चुका है। इसके अलावा वर्तमान में 6500 से अधिक कार्मिक यहां कार्यरत हैं। इसमें फेकल्टीज व स्टाफ शामिल है।

गत वर्ष एलन में कुल 1.50 लाख विद्यार्थी पंजीकृत थे, इसमें से कोटा में 90 हजार से अधिक विद्यार्थी पंजीकृत थे। वहीं 94 हजार 343 विद्यार्थी दूरस्थ शिक्षा से एलन से जुड़े। एलन का लक्ष्य 2020 तक 2 लाख विद्यार्थियों तथा 2025 तक पांच लाख विद्यार्थियों को एक अकादमिक सत्र में मार्गदर्शन देने का हैं।

माहेश्वरी ने कहा कि एलन श्रेष्ठ परिणाम भी दे रहा है। 2014 में चित्रांग मूर्दिया ने जेईई-एडवांस्ड में तथा तेजस्विन झा ने मेडिकल में आल इंडिया लेवल पर टॉप किया। ये दोनों विद्यार्थी क्लासरूम कोर्स से थे। इसी वर्ष लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड द्वारा एक शहर में एक संस्थान में सर्वाधिक 66504 विद्यार्थी होने पर एलन का नाम राष्ट्रीय रिकॉर्ड में सम्मिलित किया।

2016 में जेईई-एडवांस्ड व नीट-यूजी दोनों में क्लासरूम से 1,2,3 टॉप रैंक देकर कीर्तिमान स्थापित कर दिया। एम्स 2017 में सभी टॉप 10 स्टूडेंट्स एलन से रहे। लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड ने इसे भी राष्ट्रीय कीर्तिमान में शामिल किया। एलन का इसी तरह के श्रेष्ठ परिणामों का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। हमारा लक्ष्य है कि एम्स की तरह जेईई-एडवांस्ड में भी टॉप 10 में सभी विद्यार्थी एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट से हों।

एलन परिवार के निदेशक चारों भाई गोविन्द माहेश्वरी, राजेश माहेश्वरी, नवीन माहेश्वरी व बृजेश माहेश्वरी ने 30 वर्षों की इस गौरवमयी सफल यात्रा के लिए विद्यार्थियों व अभिभावकों तथा कोटा शहरवासियों का आभार जताया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट द्वारा सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में कई पहल की जाएंगी।18 अप्रेल 1988 को एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट की स्थापना की गई। यह पूरा साल सामाजिक सरोकारों के नाम रहेगा।

माहेश्वरी ने बताया कि यह वर्ष एलन स्टूडेंट्स या एलन परिवार के सदस्यों के लिए ही नहीं वरन पूरे शहर के लिए उत्साह भरा होगा। इसके तहत खेल, बॉलीवुड और संगीत के क्षेत्र की बड़ी हस्तियों को कोटा बुलाया जा रहा है। हम चाहते हैं कि पूरे शहर में एलन के तीस वर्ष पूर्ण होने को उत्सव की तरह मनाया जाए।

14 शहरों में एक साथ सुंदर काण्ड का पाठ
सेलीब्रेशन ईयर के कार्यों की शुरूआत भक्तिपाठ के साथ होगी। 18 अप्रेल को एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के देशभर के 14 शहरों में स्थित 101 कैम्पस में एक साथ सुंदर काण्ड का पाठ किया जाएगा।

शहीदों के बच्चों के लिए 90 प्रतिशत तक स्कॉलरशिप
उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करते शहीद हुए सैनिकों के शौर्य को नमन करते हुए शहीदों के बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके तहत शहीदों के विद्यार्थियों को एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट द्वारा शुल्क में 90 प्रतिशत तक रियायत दी जाएगी। इसके अलावा सामान्य सैनिकों के बच्चों को भी शुल्क में रियायत होगी।

750 कर्मचारी करेंगे हवाई यात्रा : 750 कर्मचारियों को हवाई सेवा का तोहफा दिया जा रहा है। इन नॉन अकेडमिक कर्मचारियों की सूची तैयार कर ली गई है। विमान सेवा की उपलब्धता के आधार पर यह सुविधा दी जाएगी। ये वो कर्मचारी हैं जिन्होंने जीवन में कभी हवाई सफर नहीं किया है।

 एलन का अब तक का सबसे बड़ा  कैम्पस : बारां रोड स्थित हनुवंत खेड़ा में बन रहे एलन के नए कैम्पस में क्लासेज लगने का कार्य इसी वर्ष शुरू किया जाएगा। कैम्पस में अगस्त माह में क्लासेज शुरू होना प्रस्तावित है। कोटा में एलन का अब तक का सबसे बड़ा कैम्पस होगा। यहां करीब पौने दो लाख वर्गफीट क्षेत्र में कैम्पस तैयार होगा। पूरी तरह से सोलर पैनल आधारित यह पहला भवन होगा। वेस्ट वाटर मैनेजमेंट भी बहुत बेहतर होगा। स्मोक फ्री क्षेत्र होगा। रेन वाटर हार्वेस्टिंग के लिए सिस्टम तैयार किया जाएगा।

उज्जवला योजना : सौ फीसदी एलपीजी गैस कनेक्शन का लक्ष्य

कोटा । प्रधानमंत्री ग्राम उज्जवला योजना के तहत कोटा जिले की 27 पंचायतों के 2700 चयनित लाभार्थी उपभोक्ताओं को लिक्विड पेट्रोलियम गैस घरेलू गैस मुफ्त उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

मंगलवार को पैट्रोलियम गैस कंपनीज के समन्वयक कुलजीत कुमार ने पत्रकारों को बताया कि 14 से 20 अप्रेल तक तक चल रहे विशेष पखवाड़े में 20 अप्रेल को 27 एलपीजी पंचायतों के गांवों में ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत हर पंचायत के 100 उपभोक्ताओं को प्रमाणित दस्तावेजों के आधार पर फ्री कनेक्शन दिया जाएगा।

इन उपभोक्तओं में प्रथम चरण में बीपीएल, अनुसूचित जाति, जन जाति, राशन कार्ड धारक, अंत्योदय परिवारों को शिविर में प्राथमिकता दी जाएगी।  कोटा शहर में प्रेमनगर चौराहे पर 20 अप्रेल को प्रातः 11 से 2 बजे तक शिविर लगाया जाएगा। 5 मई को जिले के रामगंजमण्डी क्षैत्र के तीन गांवों लक्ष्मीपुरा तथा सहरावदा और ढींगसी को धुंआ मुक्त कर दिया जाएगा।

ग्रामीण क्षैत्र में वन विभाग की योजना में आने वाले ग्रामीणों को भी इसमें प्राथमिकता से लाभ मिलेगा। इसके लिए सर्वे का काम चल रहा है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षैत्रों में जहां यदि किसी उपभोक्ता के पास मोबाईल फोन नहीं है तो, आधार कार्ड आदि पर कोई रास्ता निकाला जाएगा।

कुलजीत कुमार ने बताया कि केंद्र सरकार ने अंत्योदय आदि के 5 करोड़ उपभोक्ताओं को गैस कनेक्शन देने के लक्ष्य का बढ़ाते हुए अब उसे 8 करोड़ कर दिया है। देश की एक लाख पंचायतों को 2019 तक एलपीजी युक्त पंचायत बनाने का लक्ष्य है। सरकार का लक्ष्य है कि एक भी घर बिना एलपीजी कनेक्शन के न रहे।

उन्होंने बताया कि हाड़ौती में एलपीजी के 16 लाख उपभोक्ता है। कोटा शहर में ही ढाई लाख है। इन शिविरों में उपभोक्ताओं को सुरक्षित तरीके से गैस के उपयोग का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। प्रेस वार्ता में हाड़ौती एलपीजी डिस्ट्रिब्यूटर्स एसोसिएशन के सचिव अरविंद गुप्ता एवं अन्य पदाधिकारियों ने भी विचार व्यक्त किए।

अक्षय तृतीया पर इन कारों की खरीद में मिलेंगे जबर्दस्त डिस्काउंट आॅफर्स!

नई कार खरीदना हमेशा ही लोगों के लिए स्पेशल होता है और जब मौका अक्षया तृतीया का हो तो फिर तो और भी स्पेशल हो जाता है। भारत में मनाए जाने वाले इस पर्व पर कई लोग कारें खरीदते हैं। 18 अप्रैल 2018 को अक्षय तृतीया है और कार खरीदने से पहले वे यह जानना चाहते हैं कि कारों पर क्या आॅफर्स या छूट चल रही है। इसमें हम आपकी मदद करेंगे। आपके लिए हम ऐसी कुछ कारें लाए हैं जिन्हें अक्षय तृतीया वाले दिन खरीदने पर अच्छा खासा डिस्काउंट मिल सकता है…

महिंद्रा एक्सयूवी500 प्री फेसलिफ्ट
महिंद्रा ऐंड महिंद्रा एक्सयूवी500 के प्री-फेसलिफ्ट मॉडल पर 80,000 रुपए तक का कैश डिस्काउंट दे रही है। कंपनी 18 अप्रैल को एक्सयूवी500 के इस 2018 मॉडल को लॉन्च करने को तैयार है। इसमें 2.2 लीटर mHawk पेट्रोल और डीजल इंजन के आॅप्शंस मिल रहे हैं।

होंडा जैज : अक्षय तृतीया के मौके पर होंडा कार्स इंडिया होंडा जैज के डीजल वेरिएंट पर आपको 30,000 रुपए तक का कैश डिस्काउंट आॅफर कर रही है। इसके अलावा Jazz Privilege पर 15,000 रुपए तक की अतिरिक्त छूट मिल रही है। जापानी कार कंपनी इस मॉडल पर पहले साल का इंश्योरेंस भी फ्री दे रही है।

 Honda Jazz प्रीमियम हैचबैक है जो कि पेट्रोल और डीजल, दोनों आॅप्शंस में आती है। पेट्रोल वर्जन में 1.2 लीटर आई—वीटेक और डीजल वर्जन में 1.5 लीटर i-DTEC यूनिट दी गई है।

फोर्ड एस्पायर : अमेरिकी कारमेकर की इस गाड़ी के अलग-अलग वेरिएंट्स पर आपको 42,000 से 47,500 रुपए तक के डिस्काउंट आॅफर्स मिल रहे हैं। Ford Aspire में पेट्रोल और डीजल इंजन के आॅप्शंस हैं। इनमें 1.2L Ti-VCT, 1.5L-Ti-VCT और 1.5L TDCI शामिल हैं।

फोर्ड फिगो: फोर्ड की इस पॉप्युलर हैचबैक के आॅटोमैटिक वेरिएंट की खरीद पर 35,000 रुपए का कैश डिस्काउंट मिल रहा है। यह पेट्रोल और डीजल, दोनों इंजन आॅप्शंस में आती है

महिंद्रा केयूवी100  : महिंद्रा ऐंड महिंद्रा की इस गाड़ी के K6 और K8 वेरिएंट्स पर 40,000 रुपए का डिस्काउंट मिल रहा है। Mahindra KUV100 में mFalcon G80 पेट्रोल और mFalcon D75 डीजल इंजन दिए गए हैं।
भारत की दूसरी सबसे बड़ी कारमेकर, ह्यूंदै इंडिया भी अक्षय तृतीया पर छूट दे रही है।

ह्यूंदै इआॅन और ग्रैंड आई10 :  ह्यूंदै इआॅन की खरीद पर 20,000 रुपए का कैश डिस्काउंट और पहले साल का इंश्योरेंस फ्री मिल रहा है। वहीं, ग्रैंड आई10 पर भी पहले साल का फ्री इंश्योरेंस मिल रहा है। इसकी खरीद पर 15,000 रुपए का कैश डिस्काउंट भी मिल सकता है।

मारुति इग्निस डीजल और सियाज डीजल : मारुति सुजुकी इन सिडैन कारों के डीजल मॉडल्स पर आॅफर दे रही है। इन दोनों पर ही आपको 30,000 रुपए का कैश डिस्काउंट मिल जाएगा। मारुति इग्निस पेट्रोल और डीजल, दोनों इंजन आॅप्शंस में आती है।

भारत की सबसे ज्यदा बिकने वाली कारों में से एक, वैगनआर के सीएनजी और एएमटी वेरिएंट की खरीद पर अपको 30,000 रुपए का डिस्काउंट मिल जाएगा। यह टॉल बॉय हैचबैक 998सीसी पेट्रोल इंजन से लैस है जो कि 67बीएचपी का अधिकतम पावर और 90 न्यूटन मीटर का टॉर्क जेनरेट करता है।