Monday, July 27, 2026
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आवक की कमी से धनिया 100 रुपये प्रति क्विंटल उछला

कोटा। भामाशाह अनाज मंडी में गुरुवार को लहसुन की आवक 10000 कट्टे की रही। माल की कुल आवक 60 हजार बोरी की रही। घरेलू मांग निकलने से गेहूं 50 रुपये क्विंटल तेज रहा। 

मंडी में धनिया की आवक 2000 बोरी की रही। आवक की कमी से धनिया 100 रुपये प्रति क्विंटल ऊँचा बोला गया। कमजोर लिवाली से  धान 150 रुपये, सोयाबीन 25 रुपये, उड़द 150 रुपये और सरसो 50 रुपये मंदा रही । 

गेहूं मिल 1480 से 1625 लोकवान नया 1600 से 1750 पीडी नया 1600 से 1800 गेहूं टुकडी 1550 से 1950 रुपये प्रति क्विंटल। धान सुगंधा 2600 से 2800 पूसा 1 2500 से 2700 पूसा 4 (1121) 2500 से 3220 धान (1509) 2000 से 3050 रुपये प्रति क्विंटल। सोयाबीन 2400 से 3681 सरसो 3300 से 3550 तिल्ली 6000 से 7200 रुपये प्रति क्विंटल।

मैथी पुरानी 2000 से 2600 मैथी नई 2500 से 3200 धनिया बादामी नया 3400 से 4200 ईगल 3800 से 4500 रंगदार 5000 से 7500 धनिया पुराना 3000 से 4000 मूंग 3300 से 3800 उडद 2000 से 3050 चना 3200 से 3350 चना काबुली 5000 से 5500 चना पेपसी 3300 से 3500 रुपये प्रति क्विंटल।

चना मौसमी 3000 से 3350 मसूर 3000 से 3350 रुपये प्रति क्विंटल। ग्वार 3000 से 3600 मक्का 1000 से 1300 जौ 1100 से 1200 ज्वार 1300 से 2400 रुपये प्रति क्विंटल। लहसुन नया 250 से 2350 रुपये प्रति क्विंटल रहा। 

कैसी होगी मारुति की नई अर्टिगा, जानिए लॉन्च से पहले

मारुति सुजुकी की लोकप्रिय एमपीवी अर्टिगा का न्यू जेनरेशन मॉडल 2018 में लॉन्च होने वाला है और लोग काफी बेसब्री से इसका इंतजार कर रहे हैं। मारुति ने नई अर्टिगा में कई नए फीचर्स देने के साथ ही इसकी डिजाइन में भी काफी परिवर्तन किया है। आगे की स्लाइड्स में जानें कि कैसी होगी 2018 में लॉन्च होने वाली नई अर्टिंगा —

सुजुकी के इंजिनियर्स ने नई अर्टिगा की डिजाइन पर काफी मेहनत की है। नई अर्टिगा में आपको पुरानी अर्टिगा का कोई भी बॉडी पैनल देखने को नहीं मिलेगा। इसे सुजुकी के नए Heartect प्लैटफॉर्म पर तैयार किया गया है। इसी प्लैटफॉर्म पर अभी भारत में बिकने वाली इग्निस, स्विफ्ट, बलेनो और डिजायर तैयार की जाती हैं।

नई अर्टिगा, पुरानी से लगभग 90mm लंबी, 40mm चौड़ी और 5mm ऊंची है। हालांकि इसका वील बेस अभी भी 2740mm रखा गया है। खास बात यह है कि नई अर्टिगा, पुरानी से भीतर से कहीं ज्यादा स्पेशस है। अब इसमें थर्ड रो में आपको ज्यादा स्पेस मिलेगा।

नई अर्टिगा ज्यादा स्मार्ट दिखाई दिती है। इसके फ्रंट में प्रोजेक्टर हैडलैंप्स के साथ नई क्रोम ग्रिल, नया बंपर और मस्क्युलर हुड दिया गया है। साइड से यह आपको पुरानी अर्टिगा जैसी दिख सकती है लेकिन पीछे इसमें खासा कुछ नया आपको देखने को मिलेगा। कंपनी ने इसमें नए टेललैंप्स दिए हैं जो कुछ-कुछ होंडा डब्ल्यूआर-वी जैसे लगते हैं। इसमें नया टेलगेट और बंपर दिया गया है। कुल मिलाकर देखें तो नई अर्टिगा बाहर से दिखने में काफी आकर्षक है।

नई अर्टिगा में भीतर एकदम नया डैशबोर्ड दिया गया है। इसमें 6.8 इंच का टचस्कीन इन्फोटेन्मेंट सिस्टम दिया गया है। इसमें नई स्विफ्ट वाला फ्लैट बॉटम स्टीयरिंग वील दिया गया है। इसमें फुल कीलेस एंट्री के साथ स्टार्ट-स्टॉप बटन दिया गया है। हालांकि यह निराश करता है कि नई अर्टिगा में पुराने नॉब्स और बटन दिए गए हैं, साथ ही इसमें ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल नहीं दिया गया है।

नई अर्टिगा में ड्यूल फ्रंट एयरबैग्स के साथ, एबीएस विद ईबीडी, वीइकल स्टैबिलिटी कंट्रोल दिया गया है। इंडोनेशिया में लॉन्च होने जा रही अर्टिगा में 1.5 लीटर का K15B पेट्रोल इंजन दिया गया है जो 104पीएस की पावर और 138एनएम का टॉर्क जेनरेट करता है। हालांकि यह देखना होगा कि डीजल वेरियंट में पुराना फायट का 1.3 लीटर इंजन दिया जाता है या मारुति इन-हाउस डिवेलप्ड 1.5 लीटर की यूनिट देती है।

इंडोनेशिया में लॉन्च होने जा रही अर्टिगा में टचस्क्रीन इन्फोटेन्मेंट सिस्टम के साथ रूफ माउंटेड रियर एसी वेंट्स, रियर कार पार्किंग सेंसर, हाइट अजस्टेबल ड्राइवर सीट, इलेक्ट्रिक ORVM, टिल्ट स्टीयरिंग दी गई है। ऐसा माना जा रहा है कि यह नई अर्टिगा भारत में 2018 के मिड में लॉन्च की जा सकती है।

एआईबीईए के स्थापना दिवस पर आज ध्वजारोहण होगा

कोटा। देश के सबसे बड़े बैंक कर्मी संगठन एआईबीईए के 73वें स्थापना दिवस पर शुक्रवार को झंडारोहण किया जाएगा। यूनियन का ध्वजारोहण सुबह 9.15 बजे बैंक ऑफ इंडिया एरोड्राम चौराहा शाखा के समक्ष किया जाएगा।

राजस्थान प्रदेश बैंक एम्प्लाइज यूनियन जिला सचिव पदम पाटोदी ने बताया कि 20 अप्रैल 1946 को स्थापना से ही एआईबीईए बैंक कर्मियों के बेहतर वेतन, सेवा शर्तों एवं रोजगार सुरक्षा के लिए संघर्षरत है। बैंक राष्ट्रीयकरण, बैंक कर्मियों को पेंशन योजना में शामिल करवाने में एआईबीईए की महती भूमिका रही है।

ज्वेलरों की लिवाली से सोना 250 रुपये महंगा, चांदी 41,000 के पार

नई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर दोनों कीमती धातुओं में रही तेजी के बीच स्थानीय स्तर पर जेवराती मांग बढ़ने से गुरुवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने की कीमत 250 रुपये और बढ़कर 32,630 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गई। औद्योगिक मांग आने से चांदी भी 1,030 रुपये की तेज छलांग लगाकर 41,480 रुपये किलोग्राम पर पहुंच गई।

स्थानीय बाजार में वैवाहिक मांग रहने से सोना 99.9 फीसदी और 99.5 फीसदी की कीमत 250 रुपये बढ़कर क्रमश: 32,630 रुपये और 32,480 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई। हालांकि, आठ ग्राम वाली गिन्नी 24,900 रुपये पर अपरिवर्तित रही।

चांदी में लगातार तीसरे दिन तेजी रही। चांदी तैयार 1,050 रुपये चमककर 41,480 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। चांदी साप्ताहिक डिलीवरी भी 960 रुपये की मजबूती के साथ 40,450 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई। चांदी की चमक सिक्कों में भी दिखी। सिक्का लिवाली और बिकवाली 1,000 रुपये की तेजी के साथ क्रमश: 76 हजार और 77 हजार रुपये प्रति सैकड़ा के भाव बिके।

अमेरिका-चीन विवाद से भी दाम पर असर
दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं के बास्केट में डॉलर के मजबूत होने से पीली धातु पर दबाव बना रहा। हालांकि, अमेरिका-चीन विवाद के कारण लंदन का सोना हाजिर 0.95 डॉलर की तेजी के साथ 1,351.75 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। जून का अमेरिकी सोना वायदा भी 0.6 डॉलर की बढ़त के साथ 1,354.1 डॉलर प्रति औंस बोला गया। चांदी भी 0.04 डॉलर की बढ़त के साथ 17.23 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

कोटा सर्राफा  
चांदी 40700 रुपये प्रति किलोग्राम
सोना केटबरी 32350 रुपये प्रति दस ग्राम,  सोना 37730 रुपये प्रति तोला।
सोना शुद्ध 32500 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 37910 रुपये प्रति तोला।

आईएमएफ की रिपोर्ट में भारत की तारीफ, चीन को झटका

नई दिल्ली। इंटरनैशनल मॉनेटरी फंड (आईएमएफ) का कहना है कि जीडीपी के अनुपात में भारत पर बहुत ज्यादा कर्ज है, लेकिन वह सही नीतियों के जरिए इसे तेजी से कम करने का प्रयास कर रहा है। आईएमएफ के वित्तीय मामलों के विभाग के डेप्युटी डायरेक्टर अब्देल सेन्हादजी का कहना है कि वित्त वर्ष 2017 में भारत सरकार का कर्ज सकल घरेलू उत्पाद का 70 प्रतिशत रहा है।

उन्होंने कहा, ‘कर्ज का स्तर काफी ज्यादा है, लेकिन अधिकारी सही नीतियों के माध्यम से इसे मध्यम स्तर पर लाने का प्रयास कर रहे हैं।’ वहीं आईएमएफ ने चीन के कर्ज को चुनौती बताते हुए कहा कि चीन के लिए कर्ज का स्तर एक बड़ी चुनौती है और इसे कम करने के लिए पेइचिंग को रेवेन्यू के स्रोतों पर फिर से विचार करना चाहिए।

आईएमएफ के शीर्ष अधिकारी का कहना है कि भारत संघीय स्तर पर अपने राजकोषीय घाटे को तीन प्रतिशत और कर्ज के अनुपात को 40 प्रतिशत के मध्यम स्तर पर लाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘हमें लगता है कि यह लक्ष्य सही है।’

इसके अलावा उन्होंने कहा, ‘चीन के मामले में मुख्य चिंता कुल कर्ज के संचय के स्तर और गति को साथ करना है। ऐसे में कर्ज के स्तर पर नियंत्रण और खास तौर पर कर्ज के संचय की गति चीनी अर्थव्यवस्था के कड़ी चुनौती है।’

इस सब से अलग, न्यूज एजेंसी रॉयटर्स द्वारा किए गए सर्वे में अर्थशास्त्रियों ने सुझाव दिया कि भारत इस साल दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं के बीच टॉप पर होने का दावा कर सकता है।

यह सर्वे 11 अप्रैल से 18 अप्रैल के बीच हुआ। इसमें दावा किया गया कि इस वित्त वर्ष में भारत की अर्थव्यवस्था 7.4 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कर सकती है। आईएमएफ के प्रजेंटेशन में इस बात का भी जिक्र किया गया है।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि साल 2025 तक भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की पांच सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक होगी। हालांकि कुछ अर्थशास्त्रियों ने यह भी कहा कि अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वॉर की टेंशन भारत की तरक्की में भी रूकावट बन सकती है।

सेंसेक्स 96 अंक बढ़ा, निफ्टी 10,565 अंक पर बंद

नई दिल्ली। एक दिन की गिरावट के बाद घरेलू शेयर एक बार फिर बढ़त के साथ बंद होने में कामयाब हुए। मेटल, आईटी, रियल्टी औऱ फार्मा में शेयरों में खरीददारी से सेंसेक्स 96 अंक की बढ़त के साथ 34,427 अंक पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 39 अंक चढ़कर 10,565 के स्तर पर क्लोज हुआ।

एनएसई पर फाइनेंशियल सर्विसेज को छोड़ सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए। निफ्टी50 पर 30 स्टॉक्स में तेजी रही। इसके पहले, ग्लोबल मार्केट से मिले संकतों से गुरूवार को भारतीय शेयर बाजार की तेज शुरुआत हुई। सेंसेक्स 72 अंक की उछाल के साथ 34,404 के स्तर पर खुला। निफ्टी 37 अंक चढ़कर 10,564 पर खुला।

मिडकैप, स्मॉलकैप शेयरों का प्रदर्शन बेहतर
उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में मिडकैप औऱ स्मॉलकैप शेयरों का प्रदर्शन बेहतर रहा। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.63 फीसदी की उछाल के साथ 16873.55 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.67 फीसदी की तेजी रही। बीएसई का स्मॉलकैप इंडेक्स 0.60 फीसदी बढ़ा।

मिडकैप शेयरों में नेशनल एल्युमीनियम, वक्रांगी, अपोलो हॉस्पिटल, सेल, जिंदल स्टील, एफएफएसएल, इमामी लिमिटेड, वॉकहार्ट फार्मा, टोरेंट फार्मा, बायोकॉन, इंडियन बैंक 2.05-8.98 फीसदी तक बढ़े। हालांकि इंडियन होटल, बीईएल, एमआरपीएल, कैस्ट्रॉल इंडिया, एनएलसी इंडिया, फ्चूयर रिटेल, एयूबैंक, आरकॉम, नौटको फार्मा, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस 2.13-1.08 फीसदी तक गिरे।

निफ्टी मेटल इंडेक्स 4.52% बढ़ा, फाइनेंशियल सर्विसेज में रही गिरावट
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो एनएसई पर सिर्फ फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स में गिरावट देखने को मिली। इंडेक्स 0.24 फीसदी गिरकर बंद हुआ। बैंक निफ्टी इंडेक्स 0.10 फीसदी हल्की बढ़त के साथ 25,126.15 के स्तर पर बंद हुआ।

हिंदुस्तान कॉपर (12.04%), हिंडाल्को (8.81%), नेशनल एल्युमीनियम (8.67%), वेदांता (6.65%) में तेजी से निफ्टी मेटल इंडेक्स सबसे ज्यादा 4.52 फीसदी चढ़कर बंद हुआ। इसके अलावा ऑटो इंडेक्स में 0.17%, आईटी इंडेक्स में 1.14%, फार्मा इंडेक्स में 0.45%, पीएसयू बैंक इंडेक्स में 0.11% और रियल्टी इंडेक्स में 0.64% की बढ़त रही।

हिंडाल्को टॉप गेनर, बीपीसीएल 7.11 फीसदी गिरा
आज के कारोबार में निफ्टी50 पर सबसे ज्यादा तेजी हिंडाल्को में 8.81 फीसदी दर्ज की गई। वहीं वेदांता, टाटा स्टील, यस बैंक, भारतीय एयरटेल, अल्ट्राटेक सीमेंट, एचसीएल टेक, गेल, एलएंडटी 1.59-6.65 फीसदी तक बढ़े।
गिरनेवाले शेयरों में बीपीसीएल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम, आईओसी, टाइटन, एचडीएफसी, बजाज फाइनेंस, हीरो मोटोकॉर्प, एक्सिस बैंक, कोल इंडिया शामिला है।

DII रहे खरीददार, FII ने की बिकवाली
बुधवार के कारोबार में डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (डीआईआई) ने भारतीय शेयर बाजार में 869.7 करोड़ रुपए की खरीददारी की। वहीं फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एफआईआई) ने 915.71 करोड़ की बिकवाली की।

अमेरिकी बाजारों में मिला-जुला कारोबार
बुधवार को अमेरिकी बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। डाओ जोंस 39 अंक की गिरावट के साथ 24,748 के स्तर पर बंद हुआ। हालांकि नैस्डैक इंडेक्स 0.19 फीसदी की मजबूती के साथ 7,295 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं एसएंडपी 500 इंडेक्स 0.08 फीसदी की मामूली बढ़त के साथ 2,709 के स्तर पर बंद हुआ।

Update
02:28 PM
अल्ट्राटेक सीमेंट ने एमपी में नया प्लांट लगाया
सीमेंट सेक्टर की बड़ी कंपनी अल्ट्राटेक सीमेंट्स के स्टॉक में 3.86 फीसदी बढ़त देखने को मिली। एक्सचेंज को दी जानकारी में कंपनी ने कहा कि अल्ट्राटेक सीमेंट ने मध्य प्रदेश के मनावर में सालाना 2.5 मिलियन टन कैपेसिटी का ग्रीफील्ड क्लिनकर स्थापित किया है। इस खबर से स्टॉक में तेजी देखने को मिली।
02:23 PM
रिलायंस इंफ्रा को मिला 774 करोड़ का ऑर्डर, स्टॉक 1.12% बढ़ा
इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी रिलायंस इंफ्रोस्ट्रक्चर लिमिटेड को रेल विकास निगम लिमिटेड की तरफ से 774 करोड़ रुपए रेलवे प्रोजेक्ट मिला है। इसके तहत कंपनी को जिमिदिपेटा और गोटलाम के बीच तीसरी रेल लाइन बनानी है। ऑर्डर मिलने की खबर से बीएसई पर स्टॉक में 1.12 फीसदी की तेजी आई औऱ इंट्रा-डे में स्टॉक 464.60 रुपए के हाई पर पहुंच गया।

BMW X3 भारत में लॉन्च, जानिए कीमत और फीचर्स

नई दिल्ली। जर्मन कार कंपनी BMW ने गुरुवार 19 अप्रैल को अपनी नई थर्ड जेनरेशन BMW X3 लॉन्च कर दी है। भारत में इस गाड़ी की शुरुआती कीमत 49.99 लाख रुपये रखी गई है। कंपनी ने पहले ही इस गाड़ी की मैन्युफैक्चरिंग और असेंबलिंग अपने चेन्नै प्लांट में शुरू कर दी है। यह भारत में कंपनी की सबसे पॉप्युलर एसयूवी में से एक है।

BMW X3 के xDrive 20d एक्पिडिशन मॉडल की कीमत 49.99 लाख रुपये और xDrive 20d लग्जरी लाइन की कीमत 56.70 लाख रुपये रखी गई है। कंपनी ने न्यू जेनरेशन X3 की डिजाइन और लुक्स पर काफी काम किया है। इसमें नई ग्रिल और नया एलईडी हैडलैंप क्लस्टर दिया गया है।

फ्रंट बंपर को भी नई डिजाइन दी गई है। इस एसयूवी में 18 इंच के अलॉय वील्ज दिए गए हैं साथ ही टॉप मॉडल में 21 इंच के अलॉय वील्ज का भी ऑप्शन मिलेगा। पीछे की ओर आएं तो यहां भी कंपनी ने नए 3डी रैप अराउंड एलईडी टेल लैंप दिए हैं।

BMW ने इसे नए CLAR प्लैटफॉर्म पर तैयार किया है जिससे यह एसयूवी पहले से 55 किलोग्राम हल्की हो गई है। इसका सीधा असर गाड़ी की परफॉर्मेंस पर पड़ेगा। हालांकि कंपनी ने इस एसयूवी के इंटीरियर में कोई खास बदलाव नहीं किया है।

कंपनी ने 6वीं जेनरेशन X3 में iDrive इन्फोटेन्मेंट सिस्टम दिया है जिसे टचस्क्रीन और वॉइस कंट्रोल से लेस किया गया है। इसमें ऐपल कारप्ले और ऐंड्रॉयड ऑटो भी दिया गया है। X3 में हरमन का 600 वॉट का ऑडियो सिस्टम दिया गया है।

सिक्यॉरिटी फीचर्स की बात करें तो कंपनी ने नई X3 में ऑटोमैटिक डिफरेंशल ब्रेक, डायनैमिक ट्रैक्शन कंट्रोल, अडैप्टिव सस्पेंशन, हिल स्टार्ट असिस्ट और हिल डिसेंट कंट्रोल दिया गया है। नई BMW X3 में 2.0 लीटर का डीजल इंजन दिया गया है जो 190 बीएचपी की पावर और 400 न्यूटन-मीटर का टॉर्क जेनरेट करता है।

इस एसयूवी को 8 स्पीड ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन से लेस किया गया है। कंपनी ने बताया है कि X3 का पेट्रोल वर्जन इसी साल के अंत तक लॉन्च किया जा सकता है। भारत में इस एसयूवी का मुख्य मुकाबला ऑडी क्यू5, मर्सेडीज बेंज जीएलसी, लैंड रोवर डिस्कवरी से होगा।

NEET, 2018 के लिए ड्रेस कोड जारी, जूते पहनकर न जाएं परीक्षा देने

नई दिल्ली। सेंट्रल बोर्ड फॉर सेकंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने NEET, 2018 के लिए ड्रेस कोड निर्धारित किया है। ऐडमिट कार्ड जारी करने के साथ ही बोर्ड ने परीक्षार्थियों को सलाह दी है कि वे हल्के रंग के कपड़े पहन कर आएं। परीक्षार्थियों को जूते न पहनकर आने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही उन्हें हाफ स्लीव्ड कपड़े पहनने होंगे।

बता दें कि पिछले साल भी नीट के लिए ड्रेस कोड निर्धारित किया गया था। इसके साथ ही बोर्ड ने कहा है कि जो परीक्षार्थी अपने पारंपरिक कपड़ों में ही आना चाहते हैं, उन्हें एग्जाम सेंटर पर एक घंटे पहले पहुंचना होगा। पिछले साल एग्जान हॉल में प्रवेश से पहले छात्र-छात्राओं के सिर पर बंधे कपड़े, हिजाब आदि को हटवाया गया था जिसके लिए बोर्ड की काफी आलोचना हुई थी।

इस बार ड्रेस कोड के अनुसार स्टूडेंट्स को हल्के रंग के कपड़े पहनने हैं। उसके स्लीव्स हाफ होने चाहिए और उसमें किसी तरह के बड़े बटन, बैज या फूल नहीं लगे होने चाहिए। इसके साथ वे सलवार या ट्राउजर पहन सकते हैं। स्टूडेंट्स जूते पहनने की बजाय चप्पल या सैंडल पहनकर आएं।

गौरतलब है कि नीट, 2018 की परीक्षा 6 मई को होनी है। परीक्षा सुबह 10 बजे से 1 बजे तक होगी। इसके लिए ऐडमिट कार्ड जारी कर दिए गए हैं। बोर्ड ने कहा है कि परीक्षा के दिन कोई सार्वजनिक अवकाश होने की स्थिति में भी शेड्यूल में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। बोर्ड ने कहा है कि केन्द्रों पर छात्रों का सामान रखने की कोई व्यवस्था नहीं है। पेंसिल बॉक्स, हैंडबैग, बेल्ट, कैप, घड़ी और जूलरी लाना भी मना है।

नकदी संकट: कैश जमाखोरों पर छापेमारी

नई दिल्ली। देश के कई राज्यों में जारी कैश संकट को दूर करने के लिए कई मोर्चे पर एक साथ ताकत झोंकी जा रही है। एक तरफ टैक्स अथॉरिटीज नकदी जमाखोरों पर छापेमारी कर रही हैं तो दूसरी तरफ आरबीआई ने कैश की सप्लाइ बढ़ा दी है। बुधवार को कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में 30-35 जगहों पर छापेमारी हुई।

बिहार में एटीएम नेटवर्क के जरिए 800-900 करोड़ रुपये डंप किया गया है। हालांकि, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में समस्या ज्यादा गहरी है, जहां बड़े कॉन्ट्रैक्टर्स की भूमिका इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के जांच के दायरे में हैं।

अभी तक छापेमारी में बरामद कैश की मात्रा बहुत अधिक नहीं है, लेकिन आने वाले दिनों में ऑपरेशन को तेज किया जाएगा, क्योंकि देश के कई हिस्सों में कैश किल्लत के पीछे 2 हजार रुपये के नोटों की जमा खोरी को मुख्य वजह के तौर पर देखा जा रहा है।

दो दक्षिणी राज्यों से शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि बड़े कॉन्ट्रैक्टर्स छोटे कॉन्ट्रैक्टर्स को चेक जारी कर रहे हैं और वे प्रॉजेक्ट पर खर्च के नाम पर निकासी कर रहे हैं। कुछ केसों में टैक्स अधिकारियों को पता चला कि असल में कोई काम नहीं हुआ है।

एक सूत्र ने गोपनीयता की शर्त पर बताया, ‘कुछ केसों में निकासी को उचित नहीं ठहराया जा सका। वे इनकम और खर्च का मिलान नहीं कर सके। हमारा मानना है कि बिना खर्च योजना के कैश को जमा किया जा रहा है।’

अथॉरिटीज यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि क्या नकदी की जमाखोरी का कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में आगामी विधानसभा चुनावों से भी लिंक है?

सरकार को शक है कि ब्लैक मनी कारोबारी 2,000 रुपये के नोटों की जमाखोरी कर रहे हैं और इसकी वजह से मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, गुजरात, कर्नाटक आदि राज्यों में एटीएम खाली हो गए हैं।

अधिकारी भले ही यह दावा भी कर रहे हैं कि एटीएम अब सामान्य ढंग से काम करने लगे हैं, लेकिन कई राज्यों में स्थिति अब भी खराब है और कैश फ्लो को बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। एटीएम ऑपरेशन कंपनीज के एग्जिक्युटिव्स का कहना है कि वे 200 और 500 के नोटों को भरने पर फोकस कर रहे हैं।

अब दूसरे बैंक का ATM यूज करने पर देना पड़ सकता है ज्यादा चार्ज

मुंबई।  एटीएम ऑपरेटर्स ने एटीएम ट्रांजैक्शन के लिए हायर इंटरचेंज रेट की मांग उठाई है, जिससे वह हाल ही में आरबीआई के सख्त दिशा-निर्देशों का पालन करने में सक्षम बन सके।

फिलहाल सभी बैंक दूसरे बैंकों के कस्टमर से अपने बैंक का एटीएम प्रयोग करने पर हर बार कैश निकालने पर 15 रुपये और दूसरे नॉन कैश ट्रांजैक्शन पर 5 रुपये लेते हैं, जो 5 ट्रांजेक्शन के बाद हर बैंक ग्राहक को देना पड़ता है। अगर यह मांग मान ली गई तो बैंक के कस्टमर्स को दूसरे बैंक के एटीएम का प्रयोग करने पर ज्यादा चार्ज देना पड़ सकता है।

कन्फेडरेशन ऑफ एटीएम इंडस्ट्री (सीएटीएमआई) ने मांग की है कि एटीएम से ट्रांजैक्शन करने पर चार्ज कम से कम 3 रुपये से 5 रुपये बढ़ना चाहिए, जिससे एटीएम ऑपरेटर्स बढ़ती महंगाई में अपनी लागत निकाल सकें। सीएटीएमआई के निदेशक के श्रीनिवास ने कहा कि हाल ही में आरबीआई ने काफी सख्त गाइडलाइंस जारी की है, जिससे एटीएम सर्विस प्रोवाइडर्स की कुल लागत में बढ़ोतरी होगी।

आरबीआई ने कहा है कि बैंकों को जुलाई से कैश मैनेजमेंट संबंधी गतिविधियों के लिए सर्विस प्रोवाइडर्स के साथ इस व्यवस्था में न्यूनतम मानक लागू करने चाहिए। इसमें एटीएम सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए 300 कैश वैन का बेड़ा, एक ड्राइवर, 2 रक्षक और कम से सम 2 गनमैन रखे जाने का निर्देश आरबीआई ने दिया है। कैश वाहन जीपीएस ले लैस होने चाहिए।

जियो फेसिंग मैपिंग के साथ इसकी निगरानी रखी जा सके और किसी इमर्जेंसी की हालत में यह नजदीकी पुलिस स्टेशन का संकेत दे सके। सीएटीएमआई आरबीआई और एनपीसीआई से बातचीत कर रही है। उसे उम्मीद है कि इंटरचेंज रेट को बढ़ाने का मुद्दे पर प्राथमिकता के आधार पर विचार-विमर्श करना चाहिए।