Monday, July 27, 2026
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एआईबीईए के स्थापना दिवस पर झंडारोहण किया

कोटा। बैंक कर्मी संगठन एआईबीईए के 73वें स्थापना दिवस पर शुक्रवार को सुबह 9.15 बजे वरिष्ठ बैंक कर्मी नेता शरण लाल गुप्ता ने बैंक ऑफ इंडिया एरोड्राम चौराहा शाखा के समक्ष यूनियन का झंडारोहण किया।

बैंक कर्मियों को संबोधित करते हुए राजस्थान प्रदेश बैंक एम्प्लाइज यूनियन के जिलाध्यक्ष अशोक ढल,सचिव पदम पाटोदी, क्षेत्रीय सचिव डी एस साहू तथा बैंक कर्मी नेता पी सी गोयल, अनिल ऐरन, डी के गुप्ता,  हेमराज सिंह गौड़, रविकांत शर्मा आदि ने एआईबीईए तथा पुराने बैंक कर्मी नेताओं के योगदान की सराहना की ।

राजस्थान प्रदेश बैंक यूनियन जिला सचिव पदम पाटोदी ने बताया कि स्थापना दिवस कार्यक्रमो के अंतर्गत 21अप्रैल को शाम 5.15 बजे बैंक कर्मियों की एक सभा होटल सरस्वती हॉल नयापुरा कोटा में होगी।

सभा को राजस्थान प्रदेश बैंक एम्प्लाइज यूनियन के प्रांतीय महासचिव महेश मिश्रा, आल इंडिया बैंक ऑफ बड़ौदा एम्प्लाइज कॉर्डिनेशन कमेटी के महासचिव अमृतलाल के अलावा देना बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, सहकारी बैंक यूनियन के प्रांतीय महासचिव लोकेश मिश्रा, आर जी शर्मा व सूरजभान सिंह आमेरा संबोधित करेंगे।

भारत के आर्थिक सुधारों के परिणाम आने लगे : मुद्रा कोष

वॉशिंगटन। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) का कहना है कि भारत द्वारा लागू किए गए आर्थिक सुधारों का परिणाम सामने आने लगे हैं और इससे लोगों को फायदा भी हुआ है। इससे इस तरह के और कदम उठाने का आधार मजबूत हुआ है। आईएमएफ के उप प्रबंध निदेशक (प्रथम) डेविड लिप्टन ने कहा कि कई अड़चनों के बावजूद वस्तु एवं सेवाकर (GST) को लागू किए जाने से लोक फाइनैंस का आधार मजबूत तथा सुरक्षित करने में मदद मिलेगी।

लिप्टन ने कहा कि बैंकों की समस्याओं से निपटने के लिए हाल में उठाए गए कदम भी महत्वपूर्ण हैं। डिजिटल पहचान तकनीक और अन्य ढांचागत सुधार आदि उल्लेखनीय कदम हैं जो समावेशी वृद्धि और भारत को एक आर्थिक केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।

आईएमएफ और विश्व बैंक की ग्रीष्मकालीन बैठक के अवसर पर उन्होंने कहा, ‘निश्चित रूप से अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है, लेकिन भारत ने अब तक जो कदम उठाए हैं उनका फायदा दिख रहा है।’

उन्होंने कहा, ‘भारत के सुधारों का परिणाम अब सामने आ रहा है और इसे हम वृद्धि के रूप में देख सकते हैं। भारत की वृद्धि दर पिछले साल 6.7% थी और अब हमारा अनुमान इस वित्त वर्ष में 7.4% रहने और उसके अगले साल 7.8% रहने का है। यह एक स्वस्थ वृद्धि है और इतने बड़े देश के लिए बहुत मायने रखती है।’

बिकवाली से सेंसेक्स 12 अंक गिरा, निफ्टी 10564 अंक पर बंद

नई दिल्ली। शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। आरबीआई मॉनिटरी पॉलिसी बैठक के ब्यौरे से ब्याज दरें बढ़ने के संकेत मिले हैं। इसे फाइनेंशियल शेयरों में कमजोरी से बाजार में उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिला औऱ कारोबार के अंत में सेंसेक्स 12 अंक गिरकर 34,415 औऱ निफ्टी 1 अंक की गिरावट के साथ 10,564 के स्तर पर बंद हुआ।

सेक्टोरल इंडेक्स में आईटी इंडेक्स में सबसे ज्यादा तेजी रही, जबकि ऑटो इंडेक्स सपाट बंद हुआ। इसके पहले, सेंसेक्स 7 अंक की बढ़त के साथ 34,434 के स्तर पर खुला। वहीं निफ्टी की शुरुआत 5 अंकों की गिरावट के साथ 10,560 के स्तर पर हुई।

मिडकैप शेयरों में दिखी बिकवाली, स्मॉलकैप सपाट
लार्जकैप शेयरों के साथ-साथ मिडकैप औऱ स्मॉलकैप शेयरों में भी बिकवाली देखने को मिली। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.44 फीसदी टूटकर 16798.94 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.34 फीसदी गिरा। बीएसई का स्मॉलकैप इंडेक्स 0.02 फीसदी बढ़ा।

मिडकैप शेयरों में कैनरा बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक, आर पावर, आईडीबीआई, फ्यूचर रिटेल, रिलायंस इंफ्रा, जिंदल स्टील, एलएंडटी फाइनेंस होल्डिंग, रिलायंस कैपिटल, सन टीवी, इमामी लिमिटेड, एमएंडएम फाइनेंस, बीईएल, 7.08-2.70 फीसदी तक गिरे। हालांकि एमएफएसएल, श्रीराम सिटी यूनियन, वॉकहार्ट फार्मा, , वक्रांगी, एबीबी, अशोक लेलैंड, गोदरेज एग्रोवेट, एमफैसिस, कमिंस इंडिया 2.28-6.89 फीसदी तक बढ़े।

आईटी इंडेक्स 4.80 फीसदी बढ़ा, पीएसयू बैंक 2.49% टूटा
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो एनएसई पर निफ्टी आईटी इंडेक्स में सबसे ज्यादा 4.80 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। रुपए में कमजोरी व टीसीएस और इंफोसिस के बेहतर नतीजे से आईटी शेयरों में तेजी देखने को मिली। बैंक निफ्टी इंडेक्स 0.73 फीसदी टूटकर 24,943.85 के स्तर पर बंद हुआ।

वहीं आरबीआई द्वारा जून में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ने से सरकारी बैंकों के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली। निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में 2.49 फीसदी गिरकर बंद हुआ। एफएमसीजी इंडेक्स 0.22%, मेटल इंडेक्स 0.73%, फार्मा इंडेक्स 0.11% और रियल्टी इंडेक्स 0.96% गिरकर बंद हुआ।

अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद
टेक्नोलॉजी शेयरों में गिरावट से गुरूवार को अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। डाओ जोंस 83 अंक टूटकर 24,665 के स्तर पर बंद हुआ। नैस्डैक इंडेक्स 57 अंक की गिरावट के साथ 7,238 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं एसएंडपी 500 इंडेक्स 0.57 फीसदी लुढ़ककर 2,693 के स्तर पर बंद हुआ।

DII ने की खरीददारी, FII रहे सेलर
गुरूवार के कारोबार में डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (डीआईआई) ने घरेलू शेयर बाजार में 448.61 करोड़ रुप की खरीददारी की। वहीं फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एफआईआई) ने 624.99 करोड़ रुपए के शेयर बेचे।

बेहतर Q4 नतीजे से TCS 52 हफ्ते के हाई पर
देश की लीडिंग आईटी कंपनी टीसीएस का फाइनेंशियल ईयर 2018 की चौथी तिमाही में मुनाफा 5.71 फीसदी बढ़ा। इस दौरान कंपनी को 6904 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ। अच्छे तिमाही नजीते से शुक्रवार के कारोबार में टीसीएस का स्टॉक 52 हफ्ते के हाई पर पहुंच गया। बीएसई पर स्टॉक में 4 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई।

GST के 3 रिटर्न फाइल करने की है आज अंतिम तिथि

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नई दिल्ली। कारोबारियों के पास जीएसटीआर-3बी और एनआरआई के पास जीएसटीआर-5 और जीएसटीआर-5ए भरने के लिए आज का ही दिन बचा है। अगर आपने अभी तक अप्रैल की जीएसटीआर-3बी फाइल नहीं की है तो अलर्ट हो जाइए।

जीएसटी काउंसिल ने अभी हाल में ही अपनी मीटिंग में जीएसटीआर-3बी को तब तक के लिए जारी रखा है जब तक सिंगर फॉर्म रिटर्न फाइनल नहीं हो पाती। इसके अलावा 1.50 करोड़ रुपए तक के टर्नओवर वाले कारोबारियों को जीएसटीआर-1 रिटर्न 30 अप्रैल तक फाइल करनी है।

जीएसटीआर-3बी
कारोबरियों और ट्रेडर्स को मार्च की जीएसटीआर-3बी रिटर्न 20 अप्रैल तक फाइल करनी है। इसमें उन्हें सभी तरह की सेल परचेज की जानकारी देनी होती है। इसके अलावा 20 लाख से कम टर्नओवर वाले कारोबारियों के साथ किया गया लेन-देन जिसमें आपको रिवर्स चार्ज की जानकारी देनी होती है। इसके अलावा इस रिटर्न में इन्पुट टैक्स क्रेडिट की डिटेल, अंतर्राज्यीय कारोबर और अनरजिस्टर्ड डीलर के साथ किया गया बिजनेस, कंपोजिशन स्कीम के तहत आने वाले कारोबारियों के साथ बिजनेस, टैक्स फ्री वाले प्रोडक्ट की खरीद की जानकारी देनी होती है।

जीएसटीआर-5
जीएसटीआर-5 नॉन-रेजिडेंट (एनआरआई) रजिस्टर्ड डीलर को भरनी है। ऐसे एनआरआई जो इंडिया में कुछ दिनों के लिए आते हैं और इंडिया में कारोबार या ट्रेड कर पैसे कमाते हैं और चले जाते हैं। उन्हें अपने इंडिया में किए कारोबार की डिटेल जीएसटीआर-5 के जरिए देनी है। इर रिटर्न में एनआरआई कारोबारी को अपनी सेल-परचेज की जानकारी देनी है। एनआरआई सर्विस प्रोवाइडर को जीएसटीआर-5ए 20 अप्रैल तक भरनी है।

30अप्रैल तक जाएगी जीएसटीआर-1
जिन कारोबारियों का टर्नओवर 1.50 करोड़ रुपए तक है उन्हें जनवरी से मार्च तक की जीएसटीआर-1 रिटर्न फाइल करनी है। ये रिटर्न कारोबारियों को 30 अप्रैल तक फाइल करनी है। ये 1.50 करोड़ रुपए तक के टर्नओवर वाले कारोबारियों की क्वार्टर्ली रिटर्न है जिसमें वह अपनी सेल परचेज की जानकारी देते हैं।

डीजल कारें होंगी महंगी, सरकार बढ़ाएगी 2% टैक्‍स

नई दि‍ल्‍ली। भारत में एक बार फि‍र डीजल व्‍हीकल्‍स को महंगा करने की तैयारी हो रही है। मि‍नि‍स्‍ट्री ऑफ रोड एंड ट्रांसपोर्ट की ओर से जारी सर्कुलर के मुताबि‍क, डीजल व्‍हीकल्‍स पर लगने वाले टैक्‍स को 2 फीसदी तक बढ़ाने का प्रस्‍ताव दिया गया है। वहीं, मि‍नि‍स्‍ट्री ने सभी इलेक्‍ट्रि‍क व्‍हीकल्‍स के लि‍ए टैक्‍स को और कम करने की बात कही है।

गुड्स एंड सर्वि‍स टैक्‍स (जीएसटी) लागू होने के बाद एक ही कैटेगरी के तहत आने वाली डीजल और पेट्रोल कारों के लि‍ए टैक्‍स समान हो गया है और टैक्‍स का फैसला इंजन के साइज और कार के साइज पर तय कि‍या जाता है। जीएसटी लगने के बाद और डीजल पर प्रस्‍तावि‍त ज्‍यादा टैक्‍स के साथ ही एक बार फि‍र सभी प्रकार की कारों पर लगने वाले जीएसटी रेट में बदलाव हो सकता है।

इन कारों पर पड़ेगा असर
मौजूदा समय में 4 मीटर से कम लंबाई और 1.5 लीटर से कम इंजन वाली डीजल कारों पर नए जीएसटी स्‍ट्रक्‍चर के तहत 31 फीसदी टैक्‍स है। प्रस्‍तावि‍त 2 फीसदी टैक्‍स बढ़ाने के साथ यह रेट 33 फीसदी तक पहुंच जाएगा जोकि‍ जीएसटी स्‍ट्रक्‍चर से पहले के बराबर है।

टैक्‍स में इजाफा होने से पॉपुलर कारों जैसे मारुति‍ सुजुकी स्‍वि‍फ्ट और स्‍वि‍फ्ट डीजयर, ह्युंडई आई20 आदि‍ के साथ-साथ सब कॉपैक्‍ट एसयूवी जैसे फोर्ड ईकोस्‍पोर्ट, टाटा नेक्‍सॉन, मारुति‍ सुजुकी वि‍टारा ब्रीजा ही नहीं सब-कॉम्‍पैक्‍ट सेडान पर भी असर पड़ेगा।

एसयूवी हो जाएंगी और महंगी
ऑटो सेक्‍टर में स्‍पोर्ट्स यूटि‍लि‍टी व्‍हील्‍स (एसयूवी) पर टैक्‍स पहले से ही सबसे ज्‍यादा है और यह अब बढ़ जाएगा, जि‍ससे कार खरीदने वालों की जेब पर असर पड़ेगा, वो भी तब जब भारतीय फेस्‍टि‍व सीजन शुरू होने जा रहे हैं। एसयूवी पर टैक्‍स मैक्‍सि‍मम 52 फीसदी हो सकता है जबकि‍ मि‍ड साइज और लग्‍जरी कारों पर टैक्‍स बढ़कर क्रमश: 47 फीसदी और 50 फीसदी हो जाएगा।

इलेक्‍ट्रि‍क कारों पर टैक्‍स कम करने का प्रस्‍ताव
इलेक्‍ट्रि‍क कारों पर टैक्‍स को कम करने का प्रस्‍ताव दि‍या गया है। जीएसटी के तहत इलेक्‍ट्रि‍क कारों पर 12 फीसदी का टैक्‍स लगता है। इसके बाद भी यह इंटरनल कम्‍बशन इंजन की तुलना में ज्‍यादा महंगी पड़ती है। टैक्‍स कम होने से इन कारों की कीमतों में भी कमी आएगी ताकि‍ आने वाले समय में लोग इलेक्‍ट्रि‍क कारों का ऑप्‍शन चुन सकें।

पेट्रोल पिछले 55 महीनों में सबसे महंगा, डीजल रिकॉर्ड हाई पर

नई दिल्ली। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार दर्ज हो रही वृद्धि ने नया रेकॉर्ड बना दिया है। शुक्रवार को पेट्रोल में हुई एक पैसे की वृद्धि और डीजल की कीमतों में 4 पैसे के इजाफे की वजह से ऐसा हुआ है। इस वक्त पेट्रोल की कीमत पिछले 55 महीनों के मुकाबले सबसे ज्यादा है वहीं डीजल अपनी अबतक की सबसे ज्यादा कीमत पर पहुंच गया है।

इंडियन ऑइल वेबसाइट के मुताबिक, दिल्ली में पेट्रोल 74.08 रुपये लीटर है जो सितंबर 2013 से अबतक की सबसे ज्यादा कीमत है। वहीं कोलकाता में पेट्रोल की कीमत 76, मुंबई में 81.93 और चेन्नै में 76.78 रुपये है। डीजल की बात करें तो आज कीमत 4 पैसे बढ़ी जिससे यह दिल्ली में 65.31 रुपये की रेकॉर्ड कीमत पर पहुंच गया। कोलकाता में 68.01, मुंबई में 69.54 और चेन्नै में 68.9 रुपये लीटर में डीजल मिल रहा है।

क्या है वजह
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमत लगातार बढ़ रही है। इस वक्त कीमत 2014 के मुकाबले सबसे ज्यादा है। यह सब कच्चे तेल की कम सप्लाइ की वजह से हो रहा है। आनेवाले वक्त में अगर अमेरिका ने ईरान पर कुछ बैन लगाए तो उससे सप्लाइ और घट जाएगी जिससे कीमत और बढ़ने की आशंका भी है।

इस महीने में अबतक पेट्रोल 50 पैसे महंगा हो चुका है वहीं डीजल 90 पैसे। वहीं साल 2018 में अबतक पेट्रोल 4 रुपये और डीजल 5-6 रुपये महंगा हुआ है। ये आंकड़ा प्रमुख शहरों के हिसाब से लिए गए हैं।

सेंसेक्स 50 अंक गिरा, निफ्टी 10,550 के नीचे, TCS 52 हफ्ते के हाई पर

नई दिल्ली। ग्लोबल मार्केट से मिले संकेतों से सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन घरेलू शयेर बाजार की सपाट शुरुआत हुई। कमजोर शुरुआत के बाद आईटी इंडेक्स को छोड़ बाकी सभी इंडेक्स में कमजोरी से सेंसेक्स 50 अंकों से ज्यादा टूट गया है। वहीं निफ्टी 10,550 के नीचे फिसल गया है।

हैवीवेट टीसीएस, इंफोसिस, विप्रो औऱ टाटा मोटर्स में बढ़त दिख रही है, जबकि एसबीआई, एचडीएफसी, रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईटीसी, एचयूएल में गिरावट से बाजार पर दबाव बना है। फिलहाल सेंसेक्स 0.19 फीसदी और निफ्टी 0.20 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है।

इसके पहले, सेंसेक्स 7 अंक की बढ़त के साथ 34,434 के स्तर पर खुला। वहीं निफ्टी की शुरुआत 5 अंकों की गिरावट के साथ 10,560 के स्तर पर हुई।

मिडकैप, स्मॉलकैप शेयरों में कमजोरी
कारोबार में लार्जकैप औऱ स्मॉलकैप शेयरों में कमजोरी देखने को मिल रही है। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.24 फीसदी गिरा है, जबकि निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.25 फीसदी टूटा है। वहीं बीएसई के स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.02 फीसदी की गिरावट आई है।

मिडकैप शेयरों में वक्रांगी, एमफैसिस, कॉनकोर, एलटीआई, एमआरपीएल, कमिंस इंडिया, हैवेल्स, नैटको फार्मा, एयूबैंक 0.90-2.85 फीसदी तक बढ़े। हालांकि नेशनल एल्युमीनियम, बर्जर पेंट्स, आरपावर, जीएसके कंज्यूमर, बैंक ऑफ इंडिया, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, बीईएल, एमएंडएम फाइनेंस, जिंदल स्टील, इंडियन बैंक, सेल, इमामी लिमिटेड, आरकॉम, आईडीएफसी बैंक, 3.32-1.11 फीसदी तक गिरे।

आईटी को छोड़ सभी इंडेक्स लुढ़के, पीएसयू बैंक-मेटल 1 फीसदी से ज्यादा टूटे
एनएसई पर सेक्टोरल इंडेक्स में सिर्फ आईटी इंडेक्स में तेजी देखने को मिल रही है। टीसीएस (4.66%), इंफोसिस (3.30%), एचसीएल टेकर (3.19%), टेक महिंद्रा (2.62%), माइंड ट्री (2.61%), केपीआईटी (2.36%), टाटा इलेक्सी (1.86%) और ओएफएसएस (1.62%) में तेजी से इंडेक्स 3.30 फीसदी मजबूत हुआ है।

वहीं बैंक निफ्टी इंडेक्स 0.73 फीसदी टूटकर 24,942.15 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। सबसे ज्यादा गिरावट निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में 2.15 फीसदी दर्ज की गई है। इसके अलावा मेटल इंडेक्स 1.78%, रियल्टी इंडेक्स 1.04%, एफएमसीजी इंडेक्स 0.67% और ऑटो इंडेक्स 0.19% टूटा है।

अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद
टेक्नोलॉजी शेयरों में गिरावट से गुरूवार को अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। डाओ जोंस 83 अंक टूटकर 24,665 के स्तर पर बंद हुआ। नैस्डैक इंडेक्स 57 अंक की गिरावट के साथ 7,238 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं एसएंडपी 500 इंडेक्स 0.57 फीसदी लुढ़ककर 2,693 के स्तर पर बंद हुआ।

DII ने की खरीददारी, FII रहे सेलर
गुरूवार के कारोबार में डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (डीआईआई) ने घरेलू शेयर बाजार में 448.61 करोड़ रुप की खरीददारी की। वहीं फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एफआईआई) ने 624.99 करोड़ रुपए के शेयर बेचे।

बेहतर Q4 नतीजे से TCS 52 हफ्ते के हाई पर
देश की लीडिंग आईटी कंपनी टीसीएस का फाइनेंशियल ईयर 2018 की चौथी तिमाही में मुनाफा 5.71 फीसदी बढ़ा। इस दौरान कंपनी को 6904 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ। अच्छे तिमाही नजीते से शुक्रवार के कारोबार में टीसीएस का स्टॉक 52 हफ्ते के हाई पर पहुंच गया। बीएसई पर स्टॉक में 4 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई।
एशियाई बाजारों में कमजोरी
अमेरिकी बाजारों से मिले संकेतों से शुक्रवार को एशियाई बाजारों में कमजोरी के साथ कारोबार देखने को मिल रहा है। दरअसल, टेक्नोलॉजी शेयरों में गिरावट से अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। इसका असर एशियाई बाजारों पर हुआ।

सिंगापुर का एसजीएक्स निफ्टी इंडेक्स 0.42 फीसदी कीर गिरावट के साथ 10,544 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। हालांकि जापान का बाजार निक्केई 31 अंक की हल्की बढ़त के साथ 22,222 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। लेकिन हैंग सेंग 0.23 फीसदी टूटकर 30,363 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

कोरियाई बाजार का कोस्पी इंडेक्स 0.31 फीसदी लुढ़ककर 2,478 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि ताइवान इंडेक्स 148 अंक गिरकर 10,823 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। शंघाई कम्पोजिट 0.69 फीसदी फिसलकर 3.095 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं स्ट्रेट्स टाइम्स 0.43 फीसदी की कमजोरी के साथ 3,583 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

रुपया 1 साल से ज्यादा के निचले स्तर पर लुढ़का
सप्ताह के पांचवें कारोबारी दिन शुक्रवार को रुपए की शुरुआत बड़ी गिरावट के साथ हुई। डॉलर के मुकाबले रुपया 27 पैसे टूटकर 66.06 के स्तर पर खुला। इस गिरावट के साथ रुपया 1 साल के निचले स्तर पर पहुंच गया है। वहीं गुरूवार को 3 पैसे टूटकर 65.79 के स्तर पर बंद हुआ था।

BMW की G310 और G310 GS की बुकिंग शुरू

नई दिल्ली। भारत में BMW की दमदार बाइक्स G310 और G310 GS की बुकिंग डीलरों ने अनऑफिशली लेना शुरू कर दिया है। इन बाइक्स की बुकिंग 50 हजार रुपये की शुरुआती कीमत पर की जा सकती है। हालांकि कंपनी ने इन दोनों ही बाइक्स की इंडिया में अवेलिबिलिटी के बारे में कोई कन्फर्मेशन नहीं दी है।

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत में BMW G310 की कीमत 3 लाख रुपये और BMW G310 GS की कीमत 3.5 लाख रुपये हो सकती है। बता दें कि इस जर्मन बाइक मेकर कंपनी ने 2018 के ऑटो एक्सपो में इन दोनों ही बाइक्स को शोकेस किया था। ऐसा माना जा रहा है कि कंपनी इस बाइक को भारत में ही असेंबल करेगी।

BMW की इन बाइक्स में 313 सीसी का लिक्विड कूल्ड सिंगल सिलिंडर इंजन दिया जाएगा। यह इंजन 34 एचपी की पावर और 28 न्यूटन मीटर का टॉर्क जेनरेट करता है। दोनों ही बाइक्स में 6-स्पीड गियरबॉक्स दिया जाएगा। साथ ही इनमें ऐंटी ब्रेक लॉकिंग सिस्टम (एबीएस) का फीचर भी दिया जाएगा। ऐसा माना जा रहा है कि अगले 2-3 महीनों में ऑफिशली इस बाइक को लॉन्च कर दिया जाएगाी।

 1000 में तो महीने का राशन भी नहीं आता, कैसे गुजारा करें पेंशनर

नई दिल्‍ली। शहर हो या देश के दूरदराज का इलाका। 1,000 रुपए में तो परिवार के गुजारे के लायक महीने भर का राशन भी नहीं आता है। परिवार की बाकी जरूरतों की बात करना बेमानी है। लेकिन देश के 60 लाख पेंशनर्स 1,000 रुपए महीना न्‍यूनतम पेंशन पर अपना खर्च चला रहे हैं। यह संगठित क्षेत्र में काम करके रिटायर हुए पेंशनर्स को सामाजिक सुरक्षा कवर मुहैया कराने वाली सरकारी स्‍कीम का सच है। 

2014 में तय हुई थी 1,000 रुपए न्‍यूनतम पेंशन
इस स्‍कीम का एक पहलू यह भी है कि 2014 से पहले तक इस स्‍कीम के तहत कोई मिनिमम पेंशन तय नहीं थी। इस स्‍कीम के तहत हजारों पेंशनर्स को 50 रुपए से लेकर 100 रुपए और 500 पेंशन भी मिल रही थी। पेंशनर्स की सालों की मांग पर ईपीएफओ से लेकर वित्‍त मंत्रालय तक फाइल घूमने के बाद तय हुआ कि महंगाई बहुत बढ़ गई है और अब ईपीएस स्‍कीम के तहत न्‍यूनतम पेंशन 1,000 रुपए तय की जाए।

इसके बाद लगभग 60 लाख पेंशनर्स के लिए न्‍यूनतम 1,000 रुपए पेंशन सुनिश्चित हो सकी। सवाल यह है कि पेंशनर्स को सामाजिक सुरक्षा मुहैया कराने के लिए शुरू की गई यह स्‍कीम पेंशनर्स पर बोझ कैसे बन गई। खासकर तब जब सरकार इस स्‍कीम में सब्सिडी भी देती है यानी पेंशन फंड में सरकार भी योगदान करती है।

कम सैलरी वाले कर्मचारियों के लिए बनी थी स्‍कीम
कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन (ईपीएफओ) के एक वरिष्‍ठ अधिकारी ने बताया कि इम्‍पलाइज पेंशन स्‍कीम, 95 को कम सैलरी वाले कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा मुहैया कराने के मकसद से तैयार किया गया था। उस समय प्राइवेट सेक्‍टर इतना बड़ा नहीं था।

लेकिन प्राइवेट सेक्‍टर के विस्‍तार के साथ इस स्‍कीम का कवरेज बढ़ा लेकिन बदलते समय की जरूरतों को पूरा करने के लिए इस स्‍कीम में जरूरी बदलाव नहीं किए गए। इसी का नतीजा है कि पेंशनर्स को मिल रही न्‍यूनतम 1,000 पेंशन भी आज के समय में नाकाफी है।

ट्रेड यूनियन भारतीय मजदूर संघ के महासचिव और ईपीएफओ के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्‍टी के मेंबर विरजेश उपाध्‍याय ने कहा कि हम सरकार से ईपीएस स्‍कीम के तहत बेहतर पेंशन सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं। हायर पेंशन का मामला भी अदालत में चल रहा है।

ईपीएस स्‍कीम को बोझ मानती है सरकार
न्‍यू पेंशन स्‍कीम लॉन्च होने के बाद और इस स्‍कीम को सबके लिए उपलब्‍ध कराने के बाद केंद्र सरकार ने भी ईपीएस स्‍कीम को लेकर अपना रवैया बदल लिया है। न्‍यू पेंशन स्‍कीम में सरकार का कोई योगदान नहीं करना होता है। इस स्‍कीम में सब्‍सक्राइबर जो पैसा जमा करता है उसी पैसे से उसका रिटायरमेंट फंड और पेंशन की राशि तय होती है।

लेकिन ईपीएस स्‍कीम में केंद्र सरकार हर मेंबर के पेंशन फंड में उसकी सैलरी का 1.16 फीसदी योगदान करती है। केंद्र सरकार इस योगदान को अब लायबिलिटी मानती है और सरकार का प्रयास है कि ईपीएस स्‍कीम के बजाए न्‍यू पेंशन स्‍कीम को प्रमोट किया जाए।

2012 में यूपीए सरकार के कार्यकाल में वित्‍त मंत्रालय ने ईपीएफओ को सुझाव दिया था कि नए ईपीएस मेंबर्स को न्‍यू पेंशन स्‍कीम का ऑप्‍शन दिया जाए। हालांकि ईपीएफओ ने वित्‍त मंत्रालय के इस सुझाव को यह कहते हुए ठुकरा दिया था कि ईपीएस डिफाइंड बेनेफिट स्‍कीम है। इस स्‍कीम में पेंशनर्स को तय बेनेफिट मिलते हैं। न्‍यू पेंशन स्‍कीम से इसकी तुलना नहीं हो सकती है।

न्‍यूनतम पेंशन बढ़ाकर 7,500 रुपए करने की मांग
पेंशनर्स के संगठन ईपीएस 95 राष्‍ट्रीय संघर्ष समित ने कुछ माह पहले राष्‍ट्रीय रजधानी में संसद के सामने मार्च निकाला था। समिति की मांग की ईपीएस के तहत पेंशनर्स के लिए न्‍यूनतम पेंशन को बढ़ा कर 7,500 रुपए किया जाए। संसद में यह मुद्दा उठने के बाद लेबर मिनिस्‍टर ने इस मसले पर एक एक्‍सपर्ट कमेटी का गठन किया है। लेकिन अब तक इस मसले पर जल्‍द फैसला होने का संकेत नहीं मिल रहा है।

ईपीएस के नए मेंबर्स का क्‍या होगा
ईपीएफओ के सेंट्रल पीएफ कमिश्‍नर रह चुके रिटायर्ड आईएएस केके जालान का कहना है कि ईपीएफओ ने सितंबर 2014 में ईपीएस स्‍कीम में संशोधन किया है। इसके तहत सितंबर 2014 के बाद से ईपीएस के मेंबर बनने वालों का पेंशन फंड में कंट्रीब्‍यूशन 1250 रुपए से अधिक नहीं हो सकता है। यह कंट्रीब्‍यूशन 15,000 रुपए वेज सीलिंग पर तय किया गया है। इस वेज सीलिंग के हिसाब से नए मेंबर्स को 7500 रुपए से अधिक पेंशन नहीं मिल सकती है। अगर सरकार वेज सीलिंग बढ़ाती है तो बात अलग है।  

चौथी तिमाही में टीसीएस का मुनाफा 4.4% बढ़कर 6,904 करोड़ हुआ

मुंबई। देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस (टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस) ने गुरुवार को वित्त वर्ष 2017-18 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी किए। इनमें कंपनी का मुनाफा तीसरी तिमाही के 6,531 करोड़ रुपए से बढ़कर 6,904 करोड़ रुपए हो गया। वहीं, तीसरी तिमाही की तुलना में कंपनी की आय 30,904 करोड़ रुपए से बढ़कर 32,075 करोड़ रुपए हो गई है। एक साल पहले यानी 2016-17 की चौथी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 6,604 करोड़ रुपए रहा था।

टीसीएस के चौथी तिमाही के नतीजे
– मुनाफा 4.4% बढ़कर 6,904 करोड़ रुपए।
– आय 8.2% बढ़कर 32,075 करोड़ रुपए।
– कंपनी का एबिट मार्जिन 25.4% रहा है।
2017-2018 में मुनाफा घटा, रेवेन्यू बढ़ा
-हालांकि, पूरे वित्त वर्ष में कंपनी का मुनाफा 1.7% घटकर 25,826 करोड़ रुपए रह गया है, जबकि रेवेन्यू 4.3% बढ़कर 1.23 लाख करोड़ रुपए हो गया है।
शेयरधारकों को बोनस शेयर और डिविडेंड
– कंपनी बोर्ड ने एक पर एक बोनस शेयर देने का एलान किया है। शेयरधारकों को 29 रुपए प्रति शेयर डिविडेंड दिया जाएगा।
– तिमाही के नतीजों को लेकर कंपनी के सीईओ और एमडी राजेश गोपीनाथन का कहा, “सभी इंडस्ट्रीज में डिजिटल डिमांड बढ़ने और कई बड़ी डील मिलने से पिछले कुछ सालों की तुलना में ये चौथी तिमाही के सबसे बेहतर नतीजे हैं।”
कैसे रहे थे तीसरी तिमाही के नतीजे
– मुनाफा: 1.3% बढ़कर 6,531 करोड़ रुपए
– रेवेन्यू:1.1% बढ़कर 30,904 करोड़ रुपए
– डॉलर आय: 1% बढ़कर 4,787 करोड़ डॉलर
डिविडेंड
– कंपनी ने तीसरी तिमाही में 7 रुपए प्रति शेयर डिविडेंड देने का ऐलान किया था।
शेयर पर दिख सकता है चौथी तिमाही के नतीजों का असर
– गुरुवार को टीसीएस का शेयर 1% बढ़त के साथ पर बंद हुआ। चौथी तिमाही के नतीजों का असर शुक्रवार को कंपनी के शेयर भाव पर दिख सकता है।