Monday, July 27, 2026
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TCS देश की पहली 100 अरब डॉलर की कंपनी होगी

नई दिल्ली। टाटा कंस्लटंसी सर्विसेज (टीसीएस) जल्द ही 100 अरब डॉलर के मार्केट कैपिटलाइजेशन वाली पहली कंपनी बनने जा रही है। यह अभी देश की सर्वाधिक मूल्यवान कंपनी है जिसका मार्केट कैपिटलाइजेशन अपने प्रतिस्पर्धी इन्फोसिस से 2.5 गुना ज्यादा है।

वैश्विक स्तर पर सॉफ्टवेयर सर्विसेज मुहैया करानेवाली सबसे बड़ी देसी कंपनी 100 अरब डॉलर के जादूई आंकड़े को छूने से महज 1 अरब डॉलर दूर है। इस दूरी को पाटने के लिए टीसीएस के शेयर की मौजूदा कीमत में महज 50 रुपये के इजाफे की दरकार है। अभी टीसीएस की शेयर प्राइस सर्वोच्च सीमा पर है।

यह कंपनी अगस्त 2004 में 10 अरब डॉलर की मार्केट वैल्यू के साथ लिस्टेड हुई थी। तब जिन लोगों ने टीसीएस के आईपीओ में 1 लाख रुपये लगाए होंगे, उनकी संपत्ति बढ़कर अब 13.7 लाख रुपये हो गई होगी। ब

हरहाल, अभी टीसीएस के नीचे रिलायंस इंडस्ट्रीज (89.4 अरब डॉलर), एचडीएफसी बैंक (77.4 अरब डॉलर), आईटीसी (51.2 अरब डॉलर), एचयूएल (48.2 अरब डॉलर), एचडीएफसी (46.7 अरब डॉलर), मारुति (41.5 अरब डॉलर), ओएनजीसी (35.6 अरब डॉलर) और कोटक महिंद्रा बैंक (33.4 अरब डॉलर) है।

गौरतलब है कि 877 अरब डॉलर के मार्केट कैपिटलाइजेशन के साथ ऐपल दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी है। अभी टीसीएस दुनियाभर की मूल्यवान कंपनियों की लिस्ट में 104वें स्थान पर है। लेकिन, प्रतिस्पर्धी देसी कंपनी इन्फोसिस के मुकाबले उसका बाजार पूंजीकरण 2.5 गुना से ज्यादा है।

टाटा नेक्सॉन के ऑटोमैटिक वेरियंट की क्या है खासियत, जानिए

टाटा की इस कॉम्पैक्ट एसयूवी का मुख्य मुकाबला मारुति की विटारा ब्रेजा से होगा। इसका मुकाबला फोर्ड की इकोस्पोर्ट से भी होगा, लेकिन इसका ऑटोमैटिक वेरियंट केवल पेट्रोल में उपलब्ध है। ऐसा माना जा रहा है कि पेट्रोल और डीजल दोनों में एएमटी मॉडल देकर टाटा कॉम्पैक्ट एसयूवी सेगमेंट में कुछ बढ़त बना सकता है।

टाटा ने ऑटो एक्सपो 2018 में अपनी स्मॉल एसयूवी नेक्सॉन का एएमटी वर्जन शोकेस किया था। अब माना जा रहा है कि यह कार मई 2018 में लॉन्च हो सकती है। यह पहली ऐसी कॉम्पैक्ट एसयूवी है जिसके पेट्रोल और डीजल दोनों वेरियंट में ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन दिया जाएगा। जानें नेक्सॉन एएमटी की खासियतें…

टाटा नेक्सॉन के ऑटोमैटिक वेरियंट में मैगनेटी मरेली की 6-स्पीड AMT यूनिट दी गई है। ऑटोमैटिक वेरियंट का गियर रेशियो मैन्युअल ट्रांसमिशन के बराबर ही दिया गया है। एएमटी की खासियत यह है कि इसे ऑटोमैटिक के साथ-साथ मैन्युअल ट्रांसमिशन में भी ड्राइव किया जा सकता है।

टाटा नेक्सॉन पेट्रोल एएमटी में 1.2 लीटर का रेवोट्रॉन इंजन दिया है जो 110 पीएस की पावर और 170 न्यूटन मीटर का टॉर्क जेनरेट करता है। वहीं, इसके डीजल वेरियंट में 1.5 लीटर का रेवोटॉर्क इंजन दिया गया है जो 110 पीएस की पावर और 260 न्यूटन मीटर का टॉर्क देता है।

टाटा ने नेक्सॉन एएमटी के साथ एक नया कलर भी पेश किया है जिसे ‘एटना ऑरेंज’ का नाम दिया गया है। इस कलर स्कीम में बॉडी को ऑरेंज और रूफ को सिल्वर कलर दिया गया है। नेक्सॉन एएमटी के बाद टाटा यह कलर स्कीम नेक्सॉन के मैन्युएल वेरियंट में भी पेश किया जा सकता है।

माना जा रहा है कि यह कार मई 2018 में कभी भी पेश की जा सकती है। हालांकि टाटा ने इसकी लॉन्च डेट की अभी घोषणा नहीं की है। टाटा मार्केट में मुकाबले में रहने के लिए इसकी कीमत भी काफी कम रख सकते हैं। ऐसा माना जा रहा है कि नेक्सन के एएमटी मॉडल्स की कीमत 7 से 10 लाख रुपये के बीच रखी जा सकती है। हालांकि कि एएमटी की सुविधा केवल नेक्सॉन के टॉप मॉडल्स में ही दी जाएगी।

टाटा की इस कॉम्पैक्ट एसयूवी का मुख्य मुकाबला मारुति की विटारा ब्रेजा से होगा। इसका मुकाबला फोर्ड की इकोस्पोर्ट से भी होगा लेकिन इसका ऑटोमैटिक वेरियंट केवल पेट्रोल में उपलब्ध है। ऐसा माना जा रहा है कि पेट्रोल और डीजल दोनों में एएमटी मॉडल देकर टाटा कॉम्पैक्ट एसयूवी सेगमेंट में कुछ बढ़त बना सकता है।

बैंकों में जमा हुए रिकॉर्ड जाली नोट, संदिग्ध लेनदेन भी 480% बढ़े: रिपोर्ट

नई दिल्ली। नोटबंदी के बाद देश के बैंकों को सबसे अधिक मात्रा में जाली नोट मिले हैं। वहीं इस दौरान संदिग्ध लेनदेन में भी 480% से भी अधिक बढ़ोतरी हुई है। देश में 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी के बाद बैंकों में जमा हुई संदिग्ध राशि पर आई पहली रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है।

यह रिपोर्ट वित्त मंत्रालय के तहत काम करने वाली एजेंसी फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट (एफआईयू) ने जारी की है। यह एजेंसी देश में होने वाले संदिग्ध बैंकिंग लेनदेनों पर नजर रखती है। इसकी रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकारी, निजी क्षेत्र के अलावा सहकारी बैंकों तथा अन्य वित्तीय संस्थानों में सामूहिक रूप से 400% से अधिक संदिग्ध लेनदेन रिपोर्ट किए गए हैं।

वर्ष 2016-17 में कुल मिलाकर 4.73 लाख से भी अधिक संदिग्ध लेनदेन के बारे में बैंकों द्वारा एफआईयू को सूचित किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2016-17 में एफआईयू को बैंकों और अन्य वित्तीय इकाइयों से 4.73 लाख संदिग्ध लेनदेन रिपोर्ट (एसटीआर) मिलीं। यह 2015-16 के मुकाबले चार गुना अधिक है।

एसटीआर के मामले सबसे अधिक बैंकों की श्रेणी में सामने आए। 2015-16 के मुकाबले इसमें 489% की बढ़ोतरी हुई। वहीं, वित्तीय इकाइयों के मामले में यह बढ़ोतरी 270% की रही। वर्ष 2015-16 में कुल 1.05 लाख एसटीआर बनाई गई थीं। इसमें से 61,361 एसटीआर बैंकों द्वारा एफआईयू को भेजी गई थीं।

नोटबंदी के बाद इनकी संख्या बढ़कर 3,61,215 तक पहुंच गई। वहीं, अन्य वित्तीय इकाइयों के संबंध में एसटीआर का आंकड़ा 40,033 था। नोटबंदी के बाद यह बढ़कर 94,837 पर पहुंच गया।

एसटीआर बनाना सभी बैंकों के लिए जरूरी
सभी बैंकों और अन्य वित्तीय इकाइयों के लिए संदिग्ध लेनदेन रिपोर्ट (एसटीआर) बनाना जरूरी है। इसे प्रिवेंशन ऑफ मनी-लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत एफआईयू को भेजा जाता है।

लेनदेन किसी असामान्य परिस्थिति में होता है और इसके पीछे कोई आर्थिक तर्क या मंशा नहीं होती, तब एसटीआर बनाई जाती है। रिपोर्ट के मुताबिक नोटबंदी के बाद मिलीं कुछ एसटीआर का संभावित संबंध टेरर फंडिंग से है।

नोटबंदी के बाद जाली मुद्रा के लेनदेन में 3.22 लाख का हुआ इजाफा
जाली मुद्रा के लेनदेन के मामलों की बात करें तो 2016-17 के दौरान इनकी संख्या में पिछले साल के मुकाबले 79% का इजाफा हुआ। 2015-16 में जाली मुद्रा रिपोर्ट (सीसीआर) की संख्या 4.10 लाख थी। 2016-17 में यह 3.22 लाख की बढ़ोतरी के साथ 7.33 लाख पर पहुंच गई। सीसीआर 2008-09 से निकाली जानी शुरू की गई थी। उसके बाद से यह इसका सबसे बड़ा आंकड़ा है।

पेट्रोलियम उत्पादों को GST के तहत लाने के लिए मंथन : प्रधान

पटना। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को पेट्रोलियम उत्पादों को वस्तु एवं सेवा कर (GST) के तहत लाने की वकालत करते हुए कहा कि इससे आम लोगों को वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने की स्थिति में ईंधन कीमतों में वृद्धि से राहत मिलेगी।

उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों ने इस बारे में अपना विचार बनाना शुरू कर दिया है। जीएसटी को पिछले साल जुलाई में लागू किया गया है। फिलहाल पेट्रोलियम उत्पादों को इसके दायरे से बाहर रखा गया है। प्रधान ने पटना में संवाददाताओं से कहा, ‘सीरिया में तनाव और अमेरिका द्वारा ईरान पर नए प्रतिबंध लगाने की धमकी से अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम उत्पाद पिछले 4 साल के सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंच गए हैं।’

मंत्री ने कहा, ‘भारत सरकार इसको लेकर चिंतित है …. पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के तहत लाया जाना चाहिए, लेकिन चूंकि यह जीएसटी क्रियान्वयन का पहला साल है, राज्य इसको लेकर चिंतित हैं और अपनी आय को लेकर असमंजस में हैं।’ इस मौके पर बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, राज्य के श्रम संसाधन मंत्री विजय कुमार सिन्हा और बिहार BJP के उपाध्यक्ष देवेश कुमार भी मौजूद थे।

विदेशी मुद्रा भंडार रेकॉर्ड स्तर पर, बढ़कर 426.08 अरब डॉलर

मुंबई।  देश का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर अबतक के सर्वकालिक स्तर 426.08 अरब डॉलर पर पहुंच गया। 13 अप्रैल को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 1.21 अरब डॉलर बढ़कर 426.082 अरब डॉलर हो गया। विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां बढ़ने से इसमें वृद्धि हुई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आंकड़ों से यह जानकारी मिली।

पिछले सप्ताह विदेशी मुद्रा भंडार 50.36 करोड़ डॉलर बढ़कर 424.86 अरब डॉलर पर था। उल्लेखनीय है कि 8 सितंबर 2017 को पहली बार यह 400 अरब डॉलर के पार पहुंच गया था, लेकिन इसके बाद से इसमें लगातार उतार-चढ़ाव जारी है। आलोच्य सप्ताह में, कुल विदेशी मुद्रा भंडार में विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति का अहम योगदान रहा, जो कि 1.202 अरब डॉलर बढ़कर 400.978 अरब डॉलर हो गया।

केंद्रीय बैंक ने कहा कि सोने का भंडार पूर्वस्तर पर 21.484 अरब डॉलर पर ही रहा। आईएमएफ में निहित विशेष निकासी अधिकार 66 लाख डॉलर बढ़कर 1.54 अरब डॉलर पर पहुंच गया। आईएमएफ में देश की आरक्षित स्थिति भी 89 लाख डॉलर बढ़कर 2.079 अरब डॉलर हो गई।

GST रिटर्न भरना अब और आसान, आएगा सिंगल पेज का फार्म

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नागपुर।  केंद्र सरकार जल्द ही GST से जुड़े कारोबारियों को एक बड़ी सौगात देने जा रही है। सरकार जीएसटी के तहत रिटर्न फाइल करने के लिए एक सिंगल पेज का फार्म उपलब्‍ध कराएगी। यह जानकारी केंद्रीय वित्त सचिव हसमुख अढिया ने शुक्रवार को यहां दी।

उन्‍होंने कहा कि यह अगले 3 से छह महीने के भीतर नई व्‍यवस्‍था लागू हो जाएगी। इससे कारोबारियों को काफी राहत मिलेगी। बीते 17 अप्रैल को जीएसटी मिनिस्‍टर्स के पैनल ने इस संबंध में फैसला लिया है।

GST-1 और GST-3b में लीकेज के सवाल का जवाब देते हुए अढिया ने बताया, हम GST-1 और GST-3b की चेकिंग कर रहे हैं। लीकेज है और हम इसे रोकेंगे। अगले 3 से 6 महीनों के भीतर एक नया सिस्‍टम होगा, जिसके बाद सभी प्रक्रिया स्‍मूथ हो जाएगी।

इनपुट टैक्स क्रेडिट पर नहीं बनी है सहमति
हालांकि इस सिंगल पेज रिटर्न फॉर्म को जारी करने में फिलहाल एक पेंच फंसा हुआ है। जीएसटी काउंसिल से जुड़े अधिकारियों और इंफोसिस के सीईओ नंदन निलेकणी के बीच इनपुट टैक्स क्रेडिट पर सहमति नहीं बनी है। हालांकि इस पेंच पर बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी की अध्यक्षता में बने मंत्रियों का समूह इस मुद्दे पर बातचीत कर रहा है। इंफोसिस ने ही जीएसटी रिटर्न भरने का सॉफ्टवेयर तैयार किया है।

सरल किया 3बी फॉर्म : इससे पहले केंद्र सरकार ने जीएसटी रिर्टन के फॉर्म 3बी अब काफी सरल कर दिया था। जीएसटी नेटवर्क ने फॉर्म 3बी में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, जिसके बाद कारोबारियों को रिटर्न भरने में बहुत आसानी हो जाएगी।

टैक्स का पेमेंट होगा आसान
पहले कारोबारियों को अपनी टैक्स की देनदारी का पता करने के लिए रिटर्न को सबमिट करना पड़ता था, जिसके बाद किसी तरह का बदलाव नहीं किया जा सकता था। लेकि अब टैक्स देनदारी का पता रिटर्न सबमिट करने से पहले ही पता चल जाएगा।

कमजोर वैश्विक संकेतों से सोना 240 रुपये सस्ता, चांदी भी नरम

नई दिल्ली। सोने में पिछले तीन सत्र से जारी तेजी शुक्रवार को थम गई। स्थानीय आभूषण निर्माताओं की मांग घटने के बीच कमजोर वैश्विक संकेतों से दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 240 रुपये की गिरावट के साथ 32,390 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। औद्योगिक इकाइयों एवं सिक्का निर्माताओं का उठाव कम होने से चांदी भी 180 रुपये टूटकर 41,300 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई।

राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में 99.9 प्रतिशत और 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 240 रुपये की गिरावट के साथ क्रमश: 32,390 रुपये और 32,240 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। विगत तीन सत्र के कारोबार में सोना 630 रुपये मजबूत हुआ था। आठ ग्राम वाली गिन्नी हालांकि, 24,900 रुपये प्रति इकाई पर स्थिर रही।

चांदी तैयार 180 रुपये की गिरावट के साथ 41,300 रुपये प्रति किलोग्राम और चांदी साप्ताहिक डिलिवरी 130 रुपये टूटकर 40,320 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई। हालांकि, चांदी सिक्का की कीमत लिवाल 76 हजार रुपये और बिकवाल 77 हजार रुपये प्रति सैकड़ा पर अपरिवर्तित रही।

बाजार विशेषज्ञों ने कहा कि विदेशों में कमजोरी के रुख के अलावा घरेलू हाजिर बाजार में मौजूदा उच्च स्तर पर स्थानीय आभूषण निर्माताओं और फुटकर कारोबारियों की मांग में गिरावट से मुख्यत: बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में गिरावट रही। वैश्विक बाजार में सिंगापुर में सोना 0.28 प्रतिशत टूटकर 1,341.50 डॉलर प्रति औंस पर तथा चांदी 0.75 प्रतिशत टूटकर 17.09 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ।

कोटा सर्राफा
चांदी 41000 रुपये प्रति किलोग्राम।
सोना केटबरी 32350 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 37730 रुपये प्रति तोला। 
सोना शुद्ध 32500 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 37910 रुपये प्रति तोला। 

लिवाली निकलने से उड़द में उछाल, रामगंज मंडी में धनिया 100 रुपये तेज

कोटा। भामाशाह अनाज मंडी में शुक्रवार को माल की कुल आवक 60 हजार बोरी की रही। लहसुन की आवक 8000 कट्टे की रही। लिवाली के अभाव में गेहूं 25 रुपये और चना 50 रुपये मंदा रहा। मिलों की लिवाली से उड़द 100 रुपये क्विंटल तेज रहा।  

रामगंज मंडी में आवक की कमी से धनिया 100 रुपये क्विंटल ऊँचा बोला गया, जबकि कोटा मंडी में भाव स्थिर रहे। रामगंजमंडी में 9000 और कोटा मंडी में 2500 बोरी धनिया की आवक रही। एनसीडेक्स पर अप्रैल वायदा 5080, मई 5090 और जून 5150 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। 

गेहूं मिल  1480 से 1625 लोकवान  नया 1600 से 1750 पीडी नया 1600 से 1800  गेहूं टुकडी 1550 से 1950 रुपये प्रति क्विंटल। धान सुगंधा 2600 से 2750 पूसा 1 2500 से 2700 पूसा 4  (1121) 2500 से   3250 धान (1509) 2000 से 3050 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 2400  से  3681 सरसो 3300 से 3550 तिल्ली  6000 से 7200 रुपये प्रति क्विंटल। मैथी पुरानी 2000 से 2500 मैथी नई 2500 से 3100 धनिया  बादामी नया 3400 से 4200 ईगल  3800 से  4500 रंगदार 5000 से 7000  धनिया पुराना 3000 से 4000 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंग  3300 से 3800 उडद  2000 से 3150 चना 3000 से 3340 चना काबुली 5000 से 5500 चना पेपसी 3300 से 3400 चना  मौसमी  3000 से 3350 मसूर 3000 से 3350 रुपये प्रति क्विंटल।

ग्वार  3000 से 3600 मक्का 1000 से 1300 जौ 1100 से 1200 ज्वार 1300 से 2400 रुपये प्रति क्विंटल।  लहसुन नया 250 से 2500 रुपये प्रति क्विंटल रहा।  

किसान हितों की नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू करे नीति आयोग

कोटा। हाड़ौती किसान यूनियन के महामंत्री दशरथ कुमार ने नीति आयोग की बैठक में कहा कि किसानों की आत्महत्या देश पर कलंक है। नीति आयोग की जिम्मेदारी है कि किसान हितों की नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू कराए।

दशरथ कुमार ने गत दिनों दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की बैठक में किसान हितों से संबंधित अनेक महत्वपूर्ण सुझाव दिए। दशरथ कुमार ने बताया कि नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार, जेपी मिश्रा एवं अन्य अधिकारियों के समक्ष फसलों के समर्थन मूल्य को लेकर सुझाव दिए गए।

इसी के साथ किसानों को फसल बीमा तथा अन्य समस्याओं के समाधान को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। दशरथ कुमार ने बताया कि सरकार समर्थन मूल्य से कम में फसल नहीं खरीदे। 

स्मोक फ्री योजना : प्रेम नगर में बांटे मुफ्त एलपीजी कनेक्शन

कोटा । प्रधानमंत्री ग्राम उज्जवला योजना के तहत कोटा जिले की 27 पंचायतों के 2700 चयनित लाभार्थी उपभोक्ताओं को LPG घरेलू गैस मुफ्त उपलब्ध कराने के लक्ष्य के तहत शुक्रवार को प्रेम नगर तृतीय में शिविर लगा कर 10 से अधिक मुफ्त गैस वितरित किय गए। स्मोक फ्री योजना में इस मौके पर 350 से अधिक महिलाओं ने अपने आवेदन पत्र दस्तावेजों के साथ प्रस्तुत किए।

हाड़ौती एलपीजी डीलर्स एसोसिएशन तथा पेट्रोलियम कंपनीज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित शिविर में मुख्य अतिथि  विधायक भवानी सिंह राजावत ने कहा कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने धुंए के बीच घरों में खाना पकाती महिलाओं की पीड़ा को समझा। देश में 8 करोड़ लोगों को गैस कनेक्शन फ्री में उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है।

अभी तक 3 करोड़ कनेक्शन दिए जाए चुके हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश में 70 साल राज किया, लेकिन एक सिगड़ी तक महिलाओं का नहीं दी। मोदी ने लोगों के बैंक खाते खुलवा कर उन्हें लाभांवित किया है। कार्यक्रम में उप महापौर सुनीता व्यास ने भी विचार व्यक्त किए और गैस कनेक्शन बांटे।

इस अवसर पर हाड़ौती एलपीजी डिस्ट्रीब्यूर्स एसोसिएशन के सचिव अरविंद गुप्ता ने बताया कि सरकार ने हर घर को धुंआ मुक्त करने करने का लक्ष्य निर्धारित किया है । सभी पात्रों के आवेदन लिए गए है। उनके दास्तावेजों की जांच कर काई कमी है तो उसे पूरा कराया जाएगा।

शिविर में किसी कारण से वंचित रहे लोगों को गैस चाहिए वे उनके कार्यालय शांपिंग सेंटर में आ सकते है। कार्यक्रम में बदलाव करते हुए केंद्रीय वित राज्य मंत्री शिव प्रसद शुक्ला एवं सांसद ओम बिरला के आने की सूचना दी गई लेकिन शाम को मंत्री अपरिहार्य कारणों से नहीं पहुंच सके।

संचालन पार्षद कृष्ण मुरारी समारिया ने किया। पार्षद मधु कंवर हाड़ा,पूर्व पार्षद संतोष अग्रवाल, भाजपा पदाधिकरी राकेश मिश्रा,जगदीश जिंदल, अशोक मीणा आदि भाजपा कार्यकर्ताओं ने शिविर में उपभोक्ताओं की मदद की।

पैट्रोलियम गैस कंपनीज के प्रतिनधि ने बताया कि 14 से 20 अप्रेल तक तक चल रहे विशेष पखवाड़े में 27 एलपीजी पंचायतों के गांवों में ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत हर पंचायत के 100 उपभोक्ताओं को प्रमाणित दस्तावेजों के आधार पर फ्री कनेक्शन दिया जा रहा है। इन उपभोक्तओं में प्रथम चरण में बीपीएल, अनुसूचित जाति, जन जाति, राशन कार्ड धारक, अंत्योदय परिवारों को शिविर में प्राथमिकता दी जाएगी।