Monday, July 27, 2026
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मोदी के राज में पेट्रोल सबसे महंगा, कीमत 74.40 रुपए पर पहुंची

नई दिल्ली। पेट्रोल और डीजल के दाम अपने रिकॉर्ड स्‍तर पर हैं। रविवार को पेट्रोल की कीमत 74.40 रुपए लीटर हो गई जो बीजेपी की सरकार आने के बाद से अबतक सबसे ज्यादा कीमत है। वहीं डीजल 65.65 रुपए लीटर पहुंच गया है। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्‍व वाली बीजेपी की सरकार मई 2014 में बनी थी।

रविवार को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में दिल्ली में 19 पैसे का इजाफा किया गया है। इसकी वजह पूछने पर तेल कंपनियों के अधिकारियों ने अंतरराष्ट्रीय मार्केट में रेट बढ़ने की बात कही। इससे पहले शनिवार को पेट्रोल के रेट 13 पैसे और डीजल 15 पैसे बढ़े थे। बता दें कि पेट्रोल कंपनियां अब रोजाना पेट्रोल-डीजल की कीमतों का निर्धारण करती हैं।

सितंबर 2013 के बाद का हाई लेवल : पेट्रोल फिलहाल 74.40 रुपए लीटर पहुंच गया है जो 14 सितंबर 2013 के बाद से अबतक की सबसे ज्यादा कीमत है। तब रेट 76.06 रुपए लीटर हो गया था। वहीं अब डीजल का रेट 65.65 रुपए लीटर है जो अबतक सबसे ज्यादा है। बजट आने से पहले पेट्रोलियम मंत्रालय ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम करने की मांग की थी, लेकिन फरवरी में बजट पेश करने के दौरान वित्त मंत्री जेटली ने ऐसा कोई ऐलान नहीं किया।

9 बार एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई जा चुकी
2014-2016 के बीच वित्त मंत्री द्वार पूरे 9 बार एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई जा चुकी है, वहीं टैक्स में कटौती सिर्फ एक बार अक्टूबर में की गई थी और वह भी सिर्फ दो रुपये की। बता दें कि साउथ एशियन देशों में भारत में पेट्रोल डीजल का रीटेल प्राइस सबसे ज्यादा है।

जीएसटीऔर नोटबंदी से प्रभावित हुआ निर्यात: पीएचडी चैंबर

नई दिल्ली। उद्योग संगठन पीएचडी चैंबर का मानना है कि भारत का निर्यात सरकार द्वारा उठाए गए दो महत्वपूर्ण कदमों (जीएसटी-नोटबंदी) की वजह से प्रभावित हुआ है। उनका कहना है कि देश का निर्यात पिछले वित्त वर्ष में 10 प्रतिशत की दर से बढ़कर 302.8 अरब डॉलर रहा, जबकि अनुमान था कि यह 325 अरब डॉलर (करीब 2,151 अरब रुपये) तक पहुंचेगा। इसी दौरान आयात 20 प्रतिशत की वृद्धि से 459.6 अरब डॉलर के बराबर रहा।

पीएचडी चैंबर मानता है कि माल एवं सेवा कर ( जीएसटी) बकायों की वापसी में देरी और नोटबंदी के प्रभाव जैसी रुकावटों की वजह अमेरिका और यूरोपीय संघ जैसे मुख्य बाजारों समेत वैश्विक मांग में सुधार के बाद भी 2017-18 में देश का निर्यात प्रभावित होकर उम्मीद से कम रहा। पीएचडी चैंबर ने यह जानकारी अपनी रिपोर्ट में दी है।

संगठन ने अपनी रिपोर्ट ‘कारोबार, उद्योग एवं निर्यातकों पर जीएसटी का असर’ में कहा कि निर्यात में मध्यम स्तर की 10 प्रतिशत की वृद्धि रही। पिछले वित्त वर्ष में व्यापार घाटा एक साल पहले के 108 अरब डॉलर से 45 प्रतिशत बढ़कर 157 अरब डॉलर पर पहुंच गया।

संगठन के अध्यक्ष अनिल खेतान ने रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि नोटबंदी के असर तथा जीएसटी की रुकावटों जैसे विभिन्न संरचनात्मक एवं घरेलू कारकों से निर्यात वृद्धि पर असर पड़ा है। खेतान ने कहा कि कई निर्यातक अभी भी एकीकृत जीएसटी के अपने बकाया रिफंड के लिए लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। इससे उनको दैनिक खर्च की पूंजी का अभाव है और वे काम नहीं कर पा रहे हैं।

खेतान ने कहा, ‘हम एकीकृत जीसटी के बकाया वापसी की रुकावटों के कारण वैश्विक बाजार में उभरते अवसरों का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। ’ उन्होंने कहा कि 2017-18 को भारत के लिए निर्यात में अप्रत्याशित वृद्धि से चूकने के लिए याद किया जाएगा जबकि अमेरिका, यूरोपीय संघ और जापान जैसे मुख्य बाजारों के आयात में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है।

इस दौरान दक्षिण कोरिया का निर्यात 16 प्रतिशत, इंडोनेशिया का 17 प्रतिशत और मलेशिया का 15 प्रतिशत बढ़ा है।उन्होंने कहा, ‘यदि एकीकृत जीएसटी के बकाया के मुद्दे को सही तरीके से सुलझा लिया जाता है तो बढ़ती वैश्विक मांग एवं घरेलू बाजार में आपूर्ति में सुधार से 2018-19 के दौरान निर्यात 20 प्रतिशत बढ़कर 360 अरब डॉलर पर पहुंच जाएगा।’

नॉर्टन कमांडो कैफे रेसर भारत में लॉन्च, कीमत 23 लाख रुपए

काइनेटिक ग्रुप के वेंचर और नॉर्टन के आॅफिशल रिटेलर, मोटररोयाल ने एमवी अगुस्ता मोटरसाइकल्स के साथ मिलकर भारत में आइकॉनिक ब्रिटिश मोटरसाइकल ब्रैंड नॉर्टन की कमांडो 961 कैफे रेसर बाइक को लॉन्च कर दिया। आइए, जानते हैं इसकी कीमत और खूबियों के बारे में…

कीमत -पुणे में इस बाइक की एक्स शोरूम कीमत 23 लाख रुपए है। कंपनी ने अभी एक बाइक इंपोर्ट की है। डिमांड होने पर और भी बाइक्स मंगवाई जाएंगी।

बुकिंग –इस कैफे रेसर को 11.5 लाख रुपए देकर बुक कराया जा सकता है। इसकी डिलिवरी दो से तीन महीने में शुरू हो जाएगी।

डिजायन –इसका डिजाइन क्लासिक ब्रिटिश कैफे रेसर्स से इंस्पायर्ड है। हालांकि, इसमें मॉडर्न टच भी देखने को मिलता है। बाइक में छोटी फ्लाईस्क्रीन से लैस राउंड हेडलैम्प्स हैं। क्लिप आॅन हैंडलबार्स और स्पॉर्टी कैफे रेसर राइडिंग पोश्चर से यह लैस है।

पावर –इसमें 961सीसी पैरेलल ट्विन इंजन दिया गया है। भारतीय वर्जन अधिकतम 72पीएस का पावर और 67 न्यूटन मीटर का पीक टॉर्क जेनरेट करता है।

शॉकर्स -इसमें हाई क्लास इनवर्टेड फ्रंट फॉर्क्स और रियर ट्विन शॉकर्स दिए गए हैं। इसमें दोनों पहियों में डिस्क ब्रेक हैं और हाई परफॉर्मेंस टायर्स भी इसमें दिए गए हैं। भारत में इस बाइक का मुकाबला Triumph Thruxton R से होना है।

पेपर लीक, मैथ्स का पेपर दोबारा नहीं होगा : CBSE

नई दिल्ली। लीक हुए 10वीं क्लास के मैथ्स के पेपर नहीं कराने के अपने फैसले का सीबीएसई ने बचाव किया है। शुक्रवार को सीबीएसई की ओर से हाई कोर्ट को बताया गया कि साइंस, मैथ्स और इंग्लिश के पेपर का ट्रेंड अनैलिसिस करने के बाद यह फैसला लिया गया है। सीबीएसई की ओर से बताया गया कि लीक का असर सीमित रहा है, इसलिए पेपर दोबारा करवाने की जरूरत नहीं है।

सीबीएसई के रुख का संज्ञान लेते हुए जस्टिस गीता मित्तल और सी.हरि शंकर की बेंच ने याचिकाकर्ता छात्र से पूछा कि वह अपनी मांग पर क्यों अड़े हैं। बेंच ने छात्र के वकील से कहा, ‘आपका क्लायंट पेपर दोबारा नहीं कराने के फैसले से कैसे प्रभावित हुआ है। आपको इसके समग्र परिणाम के बारे में सोचना चाहिए। उन्होंने (सीबीएसई ने) न सिर्फ मैथ्स बल्कि साइंस और इंग्लिश के पेपर का भी ट्रेंड अनैलिसिस किया है और पाया है कि लीकेज का कोई खास असर नहीं पड़ा है।’

गौरतलब है कि इस साल सीबीएसई 12वीं क्लास का इकनॉमिक्स और 10वीं क्लास का मैथ्स का पेपर लीक हो गया था। इकनॉमिक्स का पेपर तो सीबीएसई ने दोबारा करवाया लेकिन मैथ्स के लीकेज का सीमित असर देखते हुए इसे दोबारा नहीं करवाने का फैसला लिया। इस पर एक छात्र ने हाई कोर्ट में याचिका दी थी।

सीरिया संकट से और महंगे होंगे सोना, जीरा और पेट्रोल-डीजल

15 दिनों में सोना 3 फीसदी, जीरा 8 फीसदी, क्रूड 9.7 फीसदी महंगे हुए

मुंबई।  सीरिया में लगातार चल रही अनिश्चितता और पिछले सप्ताह अमेरिका की अगुआई में हुए मिसाइल हमलों के कारण क्रूड ऑयल, सोना और जीरा के दाम बढ़ गए हैं। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार सीरिया में अस्थिरता और बढ़ी तो इन तीनों चीजों के भाव और तेजी से बढ़ेंगे।

खास बात यह है कि जीरा और क्रूड की कीमतें अभी तो सिर्फ आशंका या अनुमान के कारण ही बढ़ रही हैं। अगले महीनों में सोने के भावों में और तेजी देखने को मिलेगी। बीते 15 दिनों में ही सोने के भाव बाजार में 2.85 फीसदी बढ़ चुके हैं। वहीं दूसरी ओर जीरे का मंडियों में भाव 16 हजार रुपए को पार कर गया है और इसमें 2.85 फीसदी की तेजी दर्ज की गई है। जबकि क्रूड ऑयल के अंतरराष्ट्रीय भाव 9.71 फीसदी बढ़ गए हैं। क्रूड का भाव 73 डॉलर के स्तर को पार कर गया है।

भारत में डॉलर के मुकाबले रुपए के कमजोर होने के कारण दोहरी मार पड़ रही है। चूंकि भारत कच्चे तेल का दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा आयातक है, खरीदी डॉलर में की जाती है। डॉलर के मंहगे होने के कारण डीजल-पेट्रोल की कीमतें बढ़ रही हैं। यही कारण है कि पेट्रोल और डीजल के भाव बीते साढ़े चार वर्षों में सर्वाधिक हो गए हैं।

गौरतलब है कि सीरिया ऑर्गेनिक जीरा उत्पादन करने वाला विश्व का सबसे प्रमुख देश है इसके कारण सीरिया के जीरे की मांग कई देशों में रहती है। केडिया कमोडिटी के प्रमुख अजय केडिया के मुताबिक सीरिया संकट के कारण जीरा, सोना और क्रूड के भावों में तेजी है। जीरे का उत्पादन इस वर्ष पिछले वर्ष से बेहतर है फिर भी कीमतें बढ़ रही हैं। मई तक एक्सपोर्ट डिमांड के कारण भाव 17 सौ रुपए तक पहुंच सकते हैं। शेष | पेज 14 पर

मिल वालों की ग्राहकी से चना 25 रुपये तेज बिका

कोटा। भामाशाह अनाज मंडी में शनिवार को माल की कुल आवक 60 हजार बोरी की रही । लहसुन की आवक 8000 कट्टे की रही कमजोर उठाव से गेहूं 10 रुपये प्रति क्विंटल मंदा रहा, जबकि मिल वालों की ग्राहकी से चना 25 रुपये प्रति क्विंटल तेज बिका। गेहूं मिल 1580 से 1611 लोकवान नया 1600 से 1750 पीडी नया 1600 से 1800 गेहूं टुकडी 1550 से 1950 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगंधा 2600 से 2750 पूसा 1 2500 से 2700 पूसा 4 (1121) 2500 से 3290 धान (1509) 2000 से 3100 रुपये प्रति क्विंटल। सोयाबीन 2400 से 3721 सरसो 3300 से 3575 तिल्ली 5000 से 6500 रुपये प्रति क्विंटल। मैथी पुरानी 2000 से 2500 मैथी नई 2500 से 3100 धनिया बादामी नया 3400 से 4200 ईगल 3800 से 4500 रंगदार 5000 से 7000 धनिया पुराना 3000 से 4000 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंग 3300 से 3800 उडद 2000 से 3150 चना 3000 से 3340 चना काबुली 5000 से 5500 चना पेपसी 3300 से 3400 चना मौसमी 3000 से 3350 मसूर 3000 से 3350 रुपये प्रति क्विंटल। ग्वार 3000 से 3600 मक्का 1000 से 1300 जौ 1100 से 1200 ज्वार 1300 से 2400 रुपये प्रति क्विंटल। लहसुन 250 से 2500 रुपये प्रति क्विंटल रहा। 

वैश्विक मंदी का खतरा, 164 लाख करोड़ डॉलर के रेकॉर्ड स्तर पर पहुंचा कर्ज

नई दिल्ली। दुनियाभर में सार्वजनिक और निजी कर्ज जिस तरह से बढ़ते हुए रेकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है, उससे वैश्विक मंदी का खतरा मंडराने लगा है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के मुताबिक वैश्विक कर्ज बढ़कर 164 ट्रिलियन डॉलर यानी 164 लाख करोड़ डॉलर के रेकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच चुका है।

अगर इस कर्ज को भारतीय मुद्रा में बदले तो यह करीब 10,66,000000 करोड़ रुपये (करीब 10,660 लाख करोड़ रुपये) है। IMF ने चेतावनी दी है कि अगर बढ़ते वैश्विक कर्ज का यह ट्रेंड इतना खतरनाक है कि वित्तीय स्थिति बिगड़ने पर तमाम देशों के लिए अपने कर्ज को चुकाना मुश्किल हो जाएगा और दुनिया भीषण वैश्विक मंदी के चपेट में आ सकती है। ब्लूमबर्ग में छपी रिपोर्ट के मुताबिक बढ़ता हुआ कर्ज वैश्विक मंदी का सबब बन सकता है।

IMF हर 6 महीने में फिस्कल मॉनिटर रिपोर्ट जारी करता है और इस बार उसने बुधवार को यह रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के मुताबिक साल 2016 में ग्लोबल पब्लिक और प्राइवेट कर्ज बढ़ते हुए अपने सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच चुका है और यह दुनिया की जीडीपी का 225 प्रतिशत हो चुका है। इससे पहले वैश्विक कर्ज 2009 में अपने उच्च पर था।

IMF के फिस्कल अफेयर्स डिपार्टमेंट के प्रमुख विटोर गैस्पर ने एक इंटरव्यू में कहा, ‘164 ट्रिलियन का आंकड़ा एक बहुत ही विशाल संख्या होती है। जब हम आसन्न जोखिमों की बात करते हैं उनमें से एक बड़ा जोखिम पब्लिक और प्राइवेट कर्ज का उच्च स्तर है।’

दुनिया में निजी कर्ज बहुत ही तेजी से बढ़ रहा है खासकर चीन में। दुनियाभर के कुल निजी खर्च का करीब 3 चौथाई हिस्सा तो सिर्फ चीन का है। IMF की रिपोर्ट में कहा गया है कि बहुत ज्यादा कर्ज से देशों के खर्च बढ़ाने की क्षमता पर भी बुरा असर पड़ेगा। इससे उनकी विकास दर प्रभावित होगी और वे मंदी के चपेट में भी आ सकते हैं।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से देशों से अपने फिस्कल डेफिसिट को लेकर निर्णायक कदम उठाने का सुझाव दिया है। कोष ने अमेरिका से गुजारिश की है कि वह अपनी फिस्कल पॉलिसी को फिर से तय करे। अमेरिका का फिस्कल डेफिसिट जिस गति से बढ़ रहा है, उस हिसाब से वह 2020 में 1 ट्रिलियन डॉलर यानी 1 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंच जाएगा।

IMF के मुताबिक कई प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में कुल कर्ज और जीडीपी का अनुपात खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से करीब एक तिहाई के कर्ज उनकी जीडीपी के 85 प्रतिशत से ज्यादा है। यह आंकड़ा साल 2000 के आंकड़े से तीन गुना ज्यादा है।

प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में कर्ज और जीडीपी के अनुपात के मामले में सबसे ऊपर जापान है। पिछले साल उसका कर्ज जीडीपी का 236 प्रतिशत था। दूसरे नंबर पर इटली है जहां कर्ज जीडीपी का 132 प्रतिशत है। तीसरे नंबर पर अमेरिका है जिसका कर्ज उसके जीडीपी का 108 प्रतिशत है। आईएमएफ के मुताबिक पिछले साल भारत का कर्ज उसके जीडीपी का 70.2 प्रतिशत था जबकि चीन का 47.8 प्रतिशत था।

वैवाहिक मांग बढ़ने से सोना तेज, चांदी की चमक बढ़ी

नई दिल्ली। वैवाहिक मौसम में जेवराती मांग बढ़ने से दिल्ली सर्राफा बाजार में शनिवार सोना 60 रुपये महंगा होकर 32,450 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया। चांदी भी 200 रुपये की छलांग लगाकर 41,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।

कारोबारियों का कहना है कि ऊंची कीमत के बावजूद घरेलू बाजार में खुदरा खरीदारी बढ़ी है, जिससे पीली धातु को बल मिला है। हालांकि, दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं की तुलना में डॉलर के मजबूत होने से सोने के भाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गिरे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दोनों कीमती धातुओं में इस सप्ताहांत गिरावट देखी गई है।

शुक्रवार को लंदन का सोना हाजिर गिरावट के साथ 1,335.95 डॉलर प्रति औंस पर रहा। जून का अमेरिकी सोना वायदा भी लुढ़ककर 1,337.60 डॉलर प्रति औंस बोला गया। सोने की तरह चांदी हाजिर भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरावट में 17.09 डॉलर प्रति औंस पर रही।

स्थानीय बाजार में ग्राहकी आने से सोना स्टैंडर्ड 60 रुपये की बढ़त में 32,450 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया। सोना बिटुर भी इतनी ही तेजी के साथ 32,300 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया। आठ ग्राम वाली गिन्नी हालांकि 24,900 रुपये पर अपरिवर्तित रही।

औद्योगिक मांग आने से चांदी हाजिर भी गिरावट से उबरती हुई 200 रुपये उछलकर 41,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। चांदी वायदा भी 20 रुपये की बढ़त में 40,370 रुपये प्रति किलोग्राम बोली गई। सिक्का लिवाली और बिकवाली क्रमश: 76 हजार और 77 हजार रुपये प्रति सैकड़ा पर टिके रहे।

कोटा सर्राफा
चांदी 40800 रुपये प्रति किलोग्राम।
सोना केटबरी 32350 रुपये प्रति दस ग्राम, 37730 रुपये प्रति तोला।
सोना शुद्ध 32500 रुपये प्रति दस ग्राम, 37910 रुपये प्रति तोला।

आयकर छापे में 30 करोड़ की अघोषित आय उजागर

कोचिंग संचालक, ज्वैलर और मंडी व्यापारी के यहाँ तीन दिन चली आयकर विभाग की कार्रवाई

कोटा।  कोचिंग संचालक, ज्वैलर व भामाशाह मंडी व्यापारी के यहां पिछले तीन दिनों से चल रही आयकर विभाग की छापामार कार्रवाई शुक्रवार देर रात को खत्म हुई। सूत्रों के अनुसार तीनों के पास से 30 करोड़ रुपए की अघोषित आय मिली है। कोचिंग संचालक के यहां 10 करोड़ रुपए की अघोषित आय सामने आई जिसे संचालक ने स्वीकार नहीं किया।

ज्वैलर के यहां 13 करोड़ रुपए की अघोषित आय मिली। हालांकि ज्वैलर ने 6 करोड़ रुपए की आय स्वीकार की। आयकर विभाग ने 3 करोड़ रुपए की ज्वैलरी और 80 लाख रुपए नकद जब्त कर लिया है। मंडी व्यापारी के यहां 5 करोड़ रुपए की अघोषित आय पकड़ी। यहां से 8 लाख रुपए जब्त किए। आयकर विभाग की इस कार्रवाई में कोटा, जयपुर व उदयपुर की टीमें शामिल रहीं।

जबरन आय सरेंडर कराने का विरोध
गुरुवार रात आयकर विभाग की टीम चौथमाता बाजार में सर्राफा व्यापारी के यहां छापामार कार्रवाई में जुटी हुई थी। सूचना लगते ही सर्राफा व्यापारी चौथमाता बाजार में इकट्ठा हो गए। यह देखकर आयकर विभाग ने पुलिस बुलाई। सर्राफा व्यापारियों की भीड़ बढ़ने पर आयकर विभाग की टीम व्यापारी को उसके घर ले गई।