Tuesday, July 28, 2026
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गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई को मिलेगा 2.5 हजार करोड़ का अवॉर्ड

नई दिल्ली। गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई के लिए यह हफ्ता पैसों की बारिश से कम नहीं होगा। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार को पिचाई 2014 में प्रमोशन से पहले मिला 3,53,939 रिस्ट्रिक्टेड शेयर्स का अवॉर्ड वेस्ट कर सकेंगे। इसका मतलब यह है कि गूगल की पैरंट कंपनी ऐल्फाबेट इंक में प्रमोशन के पहले मिले शेयर्स को अब पिचाई बेच सकेंगे। रिस्ट्रिक्टेड शेयर्स को एक समय के बाद ही बेचा जा सकता है।

 इन शेयर्स की कीमत 380 मिलियन डॉलर (2.5 हजार करोड़ रुपये) के करीब थी। ब्लूमबर्ग द्वारा जुटाए गए डेटा पर नजर डालें तो यह रकम किसी पब्लिक कंपनी के एग्जिक्युटिव को दिया गया सबसे बड़ा पेआउट होगा। ऐल्फाबेट इंक के गूगल की कमान 45 साल के पिचाई 2015 से संभाल रहे हैं।

ऐल्फाबेट में प्रॉडक्ट्स के सीनियर वाइस प्रेजिडेंट के पद पर प्रमोट होने से एक साल पहले उन्हें ये शेयर्स मिले थे। को-फाउंडर लैरी पेज की अधिकतर जिम्मेदारियां पिचाई ने प्रमोशन के बाद से संभालनी शुरू कर दीं थीं। शेयर्स का यह अवॉर्ड मिलने के समय से अभी तक ऐल्फाबेट के स्टॉक 90 प्रतिशत बढ़ चुके हैं।

इससे पहले भी टेक एग्जिक्युटिव्स को बड़े पेआउट्स मिले हैं। फेसबुक के मार्क जकरबर्ग को 2.28 बिलियन डॉलर कंपनी के आईपी ऑफरिंग के समय मिले थे। 2016 में टेस्ला के ऐलन मस्क 1.34 बिलियन डॉलर मिले थे। गूगल ने अभी 2017 के लिए पिचाई को मिलने वाला कॉम्पेंसेशन पब्लिक नहीं किया है।

रतनगढ़ कस्बे में फैक्ट्री से 50 लाख का नकली देसी घी जब्त

रतनगढ़ (चूरू)। चूरू जिले के रतनगढ़ कस्बे में रीको औद्योगिक क्षेत्र की रोड छह पर संचालित फैक्ट्री पर पुलिस ने रविवार रात छापा मारकर विभिन्न ब्रांड का 13 टन नकली देसी घी जब्त किया है। जब्त किए गए नकली घी का बाजार मूल्य 50 लाख रुपए से अधिक बताया गया है।

पुलिस ने फैक्ट्री से घी बनाने की मशीने, एसेंस, खाली डिब्बे, रैपर, एक ट्रक व एक टैंकर भी जब्त किया। पुलिस को देखकर आरोपी फरार हो गए। पुलिस ने उनका पीछा भी किया, लेकिन वह गिरफ्त में नहीं आए। रविवार की शाम शुरू हुई कार्रवाई देर रात तक चली।

पुलिस ने फैक्ट्री को सील कर दिया। रात एक बजे सीआई राणीदान की रिपोर्ट पर भवानी, रामलाल ब्राह्मण, ओमप्रकाश पाणेचा निवासी नोखा, बीकानेर सहित छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है।

मुखबिर की सूचना पर एसएचओ राणीदान उज्जवल के नेतृत्व में आठ सदस्यीय टीम निजी साधनों से रिको औद्योगिक क्षेत्र पहुंची और रोड छह पर स्थित प्लाट संख्या एच-169 पर संचालित फैक्ट्री में छापा मारा। पुलिस को देखकर नकली घी बनाने के कारोबार में शामिल छह जने दीवार फांदकर फरार हो गए।

ऐसे बनता था नकली घी
पुलिस ने बड़ी मात्रा में नकली घी, विभिन्न उपकरण, कच्चा माल जब्त किया। इसके अलावा िको औद्योगिक संघ द्वारा एच-169 के प्रो. ओमप्रकाश विश्नोई के नाम से सदस्यता जारी करने का प्रमाण पत्र भी मिला। पुलिस ने कहा कि यह प्लाट किसके नाम आबंटित है, इस संबंध में रीको से जानकारी मांगी गई है।

पुलिस द्वारा नकली घी बनाने की फैक्ट्री में की गई कार्रवाई के दौरान विभिन्न फर्मों के 23 बिल भी मिले हैं, जिनमें उक्त घी का मूल्य देसी घी के बराबर अंकित है।

आरोपियों के खिलाफ पूर्व में भी हो चुकी है कार्रवाई : आरोपियों के खिलाफ पूर्व में भी नोखा में करीब दो-ढाई साल पहले पुलिस कार्रवाई कर चुकी है। वहां से ये लोग सारा कारोबार समेटकर पिछले तीन-चार महीनों से उक्त स्थान पर कारोबार करने में जुटे हुए हैं।

रीको में एक फैक्ट्री में पाम ऑयल से नकली घी तैयार होता था। दो बड़ी टंकियों में पाम ऑयल में शुद्ध घी का असेंस मिलाया जाता था तथा कैमिकल डालकर साफ करते थे। टंकियों पर फिल्टर लगा हुआ था, जिससे पाइप के जरिए यह घी पैकिंग मशीनों तक पहुंचता था। टीन व रैपर पैकिंग के लिए अलग-अलग मशीनों का प्रयोग होता था। बाद में पैकिंग तारीख, विभिन्न ब्रांडों के रैपर व मुहर लगाते थे।

सर्राफा व्यापारी की फाइल भी चुराई थी कोटा के इनकम टैक्स ऑफिस से

कोटा। इनकम टैक्स ऑफिस के डिप्टी डायरेक्टर के चैंबर से शनिवार रात 2.24 करोड़ के जेवर चोरी करने वाले बदमाश ऑफिस से एक गोपनीय फाइल भी चुराकर ले गए थे। यह वो ही फाइल है, जो विभाग के अधिकारियों ने तीन व्यापारिक ग्रुप के यहां सर्वे की कार्रवाई के दौरान जब्त की थी।

सोमवार को पुलिस ने इस फाइल को जब्त करके मामले की जांच इस दिशा में शुरू कर दी है। वहीं, सोमवार को तीनों बदमाशों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां पुलिस को दो दिन का रिमांड मिला हैं। जवाहर नगर सीआई नीरज गुप्ता ने बताया कि पुलिस ने वो फाइल बरामद कर ली हैं।

साथ ही दरवाजा तोड़ने वाले हथियार और वारदात में प्रयुक्त एक स्कूटी भी पुलिस ने जब्त की हैं। गौरतलब है कि संविदा कर्मी कंप्यूटर ऑपरेटर रविंद्र सिंह ने उसके दो साथियों विकास और आशीष ने कमरे की कुंडी तोड़कर डिप्टी डायरेक्टर अर्जुनलाल मीणा के कमरे में घुसे थे।

पुलिस ने मामले में चोरी की धाराएं जोड़ने के साथ ही सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धाराएं भी जोड़ दी हैं। सीआई गुप्ता ने बताया कि 18 अप्रैल से 21 अप्रैल तक विभाग ने कोटा के तीन व्यापारिक ग्रुप के यहां सर्वे की कार्यवाही शुरू की थी।

सर्च की कार्रवाई के दौरान मैसर्स मनोज कुमार कैलाश चंद सर्राफ से संबंधित तीन भाईयों के आवास से 2 करोड़ 93 लाख 75 हजार 806 रुपए के मूल्य की ज्वैलरी जब्त की गई थी। चोरों ने पुलिस का ध्यान भटकाने के लिए फाइल चुराई और फाड़ी थी।

वित्त मंत्रालय और चेयरमैन ले रहे थे पल-पल की जानकारी
इनकम टैक्स विभाग में हुई चाेरी की वारदात प्रदेश में नहीं बल्कि दिल्ली तक पहुंच गई थी। इनकम टैक्स विभाग के चेयरमैन अौर वित्त मंत्रालय पल-पल की जानकारी ले रहे थे। चेयरमैन और वित्त सचिव बार-बार अधिकारियों से फोन पर अपडेट लेते रहे। इसके लिए जयपुर और उदयपुर से अधिकारी वारदात का पता चलते ही कोटा पहुंच गए थे।

अन्वेषण टीम के आयुक्त एम रघुवीर ने कोटा आकर पूरे मामले की जानकारी ली, सोमवार को आईजी विशाल बंसल से भी मिले। इनकम टैक्स विभाग के अन्वेषण विंग के डिप्टी डायरेक्टर एएल मीणा के चैंबर से चोरी का सुबह करीब पौने 5 बजे पता चला। इसके बाद 6 बजे तक सभी अधिकारियों को सूचना दे दी।

उदयपुर से संयुक्त निदेशक एम रघुवीर और जयपुर से प्रिंसिपल डायरेक्टर गजानंद कोटा के लिए रवाना हो गए। चोरी की सूचना जब वित्त मंत्रालय को लगी तो उन्होंने चेयरमैन सुशीलचंद्र व प्रदेश के अधिकारियों से जानकारी लेना शुरू कर दिया। उच्चाधिकारियों का कहना है कि मंत्रालय से चोरी को गंभीरता से लिया था।

वे जेवर रखने व कार्रवाई के बारे में पड़ताल करते रहे। एम रघुवीर ने बताया कि वित्त मंत्रालय से जानकारी मांगी गई थी। विभाग के सूत्रों ने बताया कि आरोपी रविंद्र ने अपने साथियों आशीष व विकास के साथ मिलकर शुक्रवार को वारदात करने के लिए पूरी तैयारी कर ली थी। रविंद्र ने दोनों को बताया था कि इसमें गहने और लाखों रुपए कैश पड़ा है।

लेकिन, शुक्रवार रात ऑफिस में रेड का काम चलता रहा तो वे वारदात नहीं कर पाए। दूसरे दिन रविंद्र ने बताया कि कैश तो जमा करा दिया है, लेकिन जेवर हैं। तब वे पीछे के रास्ते दीवार कूद कर अाए और पीछे बंद पड़े रास्ते से चढ़कर ऊपर पहुंचे और वारदात की।

कैमरे तोड़ने से पहले रविंद्र सामने तक नहीं आया था। चोरी गई ज्वैलरी को लेने के लिए विभाग की ओर से कोर्ट में अर्जी लगाई गई है। अब जब्त ज्वैलरी को वैल्युअर व मालिक के सामने मिलाया जाएगा। चोरी के बाद आरोपियों ने जेवर बांट लिए थे।

TCS बनी 100 अरब डॉलर मार्केट कैप वाली देश की पहली कंपनी

नई दिल्‍ली। देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस ने नया इतिहास रच दिया है। सोमवार के कारोबार के दौरान मार्केट कैप के लिहाज से 100 अरब डॉलर का अंकड़ा पार करने वाली देश की पहली कंपनी बन गई। हाल में आए जनवरी-मार्च क्‍वार्टर के नतीजे में कंपनी को अच्छा मुनाफा हुआ है।

इसके चलते शेयरों में तेजी बनी है। शुक्रवार को ही कंपनी का मार्केट कैप 99.1 अरब डॉलर पहुंच गया था। यह तेजी सोमवार को भी जारी रही और 09:49 पर जैसे ही कंपनी की वैल्‍यू रुपए के लिहाज से 6,62,726.36 के लेवल पर पहुंची, उसने इतिहास रच दिया और इसी के साथ ही वह डॉलर के लिहाज से 100 अरब डॉलर की मार्केट कैप वाली देश की पहली कंपनी बन गई।

शेयर में तेजी से मिला फायदा
टीसीएस के नतीजों के बाद से ही कंपनी के शेयर में तेजी बनी हुई है। सोमवार को कंपनी का शेयर 3429 रुपए के भाव पर खुला। वहीं, कारोबार के दौरान शेयर 3557 रुपए के भाव पर पहुंच गया।

यह स्तर छूते ही टीसीएस का मार्केट कैप बढ़कर 6,81,832 रुपए हो गया। हालांकि बाद में शेयर में गिरावट देखी गई और बीएसएसी पर ये 3502 के भाव पर है। गुरूवार को कंपनी का मार्केट कैप 653276 रुपए पर बंद हुआ था। शुक्रवार को शेयर 3406 रुपए के भाव पर बंद हुआ था।

हमें इसका इंतजार था
100 करोड़ डॉलर की कंपनी बनने के बाद टाटा समूह के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने खुशी जताई है। चंद्रशेखरन के मुताबिक, यह ऐतिहासिक पल है, हमें इस लमहे का लंबे समय से इंतजार था । हमारा मानना है कि टेक्‍नोलॉजी के स्‍पेस में टीसीएस के लिए हमेशा से बड़े मौके हैं। TCS आने वाले समय में भी बेहतरीन कंपनी बनी रहेगी।

6904 करोड़ का हुआ मुनाफा
फाइनेंशियल ईयर 2018 की चौथी तिमाही में मुनाफा 5.71 फीसदी बढ़ा। इस दौरान कंपनी को 6904 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ। बकि पिछली तिमाही में कंपनी को 6531 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था। वहीं, सालाना आधार पर कंपनी का मुनाफा 4.5 फीसदी बढ़ा है। फाइनेंशियल ईयर 2017 की चौथी तिमाही में टीसीएस का मुनाफा 6604 करोड़ रुपए रहा था।

आय 3.78% बढ़कर 32075 करोड़ रु
फाइनेंशियल ईयर 2018 की चौथी तिमाही में टीसीएस की आय 3.78 फीसदी बढ़कर 32075 करोड़ रुपए रही है। तीसरी तिमाही में कंपनी की आय 30,904 करोड़ रुपए रही थी। वहीं, सालाना आधार पर कंपनी की आय 8.2 फीसदी बढ़ गई है।

फाइनेंशियल ईयर 2017 की चौथी तिमाही में टीसीएस की आय 29642 करोड़ रुपए रही थी। कंपनी का पूरे साल का रेवेन्यू 4.35 फीसदी ग्रोथ के साथ 123104 करोड़ रुपए रहा है। वहीं, पूरे साल में नेट प्रॉफिट 1.8 फीसदी ग्रोथ के साथ 25826 करोड़ रुपए रहा है।

1:1 के रेश्‍यो में बोनस शेयर
– टीसीएस ने 29 रुपए प्रति शेयर फाइनल डिविडेंड देने का एलान किया है।
– टीसीएस ने शेयर धारकों को 1:1 के रेश्‍यो में बोनस शेयर देने का एलान किया है।
– चौथी तिमाही में टीसीएस का एबिटडा मार्जिन 25.4 फीसदी रहा है।
– कंपनी का डॉलर रेवेन्यू 3.86 फीसदी कम होकर 497.2 करोड़ रुपए रहा।

बेहतर रही है ग्रोथ
कंपनी का कहना है कि 3 वर्टिकल में ग्रोथ डबल डिजिट में रही है। एनर्जी व यूटिलिटीज में 33.7 फीसदी का अपसाइड रहा है, वहीं ट्रैवल में 25.4 फीसदी और लाइफ साइंस एंड हेल्थकेयर में 12.6 फीसदी की ग्रोथ रही। वहीं, 6 वर्टिकल में कंपनी के औसत से ज्यादा ग्रोथ रही है।

एमपी, अरुणाचल सहित 5 राज्यों में कल से लागू होगा ई-वे बिल

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नई दिल्ली। देश भर में 1 अप्रैल से 20 अप्रैल के बीच 12 राज्यों में ई-वे बिल लागू हो चुका है। अब 25 अप्रैल से अरुणाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, मेघालय, सिक्किम और पुद्दुचेरी में इंट्रा स्टेट ई-वे बिल लागू होने जा रहा है। अभी तक इंट्रा स्टेट ई-वे बिल आंध्र प्रदेश, बिहार, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, केरल, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में ई-वे बिल लागू हो चुका है। ई-वे बिल बिना किसी परेशानी के लागू होने के बाद सरकार इसे फेज वाइज अन्य राज्यों में लागू कर रही है।

 इन राज्यों में लागू होगा इंट्रा स्टेट ई-वे बिल
अब 25 अप्रैल को अरुणाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, मेघालय, सिक्किम और पुद्दुचेरी में इंट्रा स्टेट ई-वे बिल लागू हो रहा है। 22 अप्रैल तक करीब 1.84 करोड़ ई-वे बिल सफलता पूर्वक जेनरेट हुए हैं। इसमें से करीब 22 लाख इंट्रा स्टेट ई-वे बिल बनाए गए हैं। अब इन राज्यों के अंदर भी 50 हजार रुपए से अधिक का माल ट्रांसपोर्ट करने पर ई-वे बिल बनवाना अनिवार्य होगा।

इंटर स्टेट की तरह ही बनेगा इंट्रा स्टेट ई-वे बिल
अब इन राज्यों में 50 हजार रुपए से अधिक कीमत के गुड्स की सप्लाई राज्य के अंदर भी करने पर ई-वे बिल बनाना होगा। सरकार ने बिल जेनरेशन आसान हो उसके लिए इंटर स्टेट और इंट्रा स्टेट बिल बनाने के फार्मेट में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया है। कारोबारी को केवल इंट्रा स्टेट बिल बनाते समय केवल दूरी को बदलना होगा। इसके पहले इंटर स्टेट ई-वे बिल एक अप्रैल 2018 से सरकार लागू कर चुकी है।

क्या है इंटर स्टेट और इंट्रा स्टेट ई-वे बिल
राज्य के अंदर ही स्टॉक ट्रांसपोर्ट करने के लिए इंट्रा स्टेट ई-वे बिल बनेगा, जबकि एक राज्य से दूसरे राज्य में स्टॉक भेजने या मंगाने के लिए इंटर स्टेट ई-वे बिल बनेगा।

बेहतर इंसान बनने के लिए अच्छा साहित्य और पुस्तकों से जुडाव जरूरी

कोटा। बेहतर इंसान बनने के लिए अच्छा साहित्य और पुस्तकों से जुडाव जरूरी है। यह विचार सोमवार को विश्व पुस्तक दिवस पर आयोजित टॉक शो में डॉ. सुरभि गोयल ने व्यक्त किए। 

मुख्य वक्ता डा . लखन शर्मा ने शब्द की ब्रह्म से तुलना करते हुए कहा कि एक श्रेष्ठ साहित्य हमे ईश्वर के करीब ले जाता है । इस अवसर पर डा. ओ.पी गर्ग ने कहा कि पुस्तकों की अंधा धुंध कीमतों को बढने से रोकने के लिए पुस्तक प्रकाशन नीति राष्ट्रीय स्तर पर एवं राज्य स्तर पर बननी चाहियें ।

पुस्तक दिवस कार्यक्रम का आयोजन भारतीय  पुस्तकालय एवं सुचना विज्ञान के जनक पदमश्री डा शियाली रामामृत रंगनाथन का माल्यार्पण एवं भारतीय पुस्तकालय़ों की प्राचीन परम्परा ग्रंथ पूजा (बिबलियोलेट्री सेरेमनी) से किया गया तथा ट्रांसजेण्डर्स के लियें पुस्तकालय सेवा प्ररम्भ की गयी ।

भारत सरकार के कार्यक्रम एक भारत श्रेष्ठ भारत के अंतर्गत विश्व पुस्तक दिवस पर आयोजित टॉक शो में मुख्य अतिथि डॉ. सुरभि गोयल मनोवेज्ञानिक , मोटीवेटर एवं लेखक, अध्यक्षता डा. लोकेश शर्मा, विशिष्ठ अतिथी ओम प्रकाश गर्ग, सेवानिवृत कालेज लाईब्रेरियन थे। होस्ट सीमा घोष रही ।

 टॉक शो की शुरुआत में पुस्तकालय प्रभारी डा. दीपक कुमार श्रीवास्तव ने पुस्तकों को आमजन के करीब लाने मे सबसे बडी बाधा एकेडमिक पब्लिसर्श के अटेक हें, जो शिक्षण के बढ्ते बजट के अनुरुप पुस्तकों की कीमत तय करते हें। जिससे आम जन तथा सार्वजनिक पुस्तकालय बजट के अभाव में श्रेष्ठ पुस्तकों के लियें दूसरों पर निर्भर रहते हें ।

इस अवसर आसामी – हिंदी साहित्य की प्रदर्शनी लगाई एवं आसामी संस्कृति से रुबरु कराने के लिए 3 फिल्में दिखायी तथा आसामी – राजस्थानी कपल अंजना एवं अंकुर गुप्ता को मेडल प्रदान सम्मानित किया गया । इस अवसर पर शकुर अनवर, नीरज यादव , सलीम अफरीद तथा चंद्रशेखर सिंह सिसोदिया ने अपने सारगर्भित विचार व्यक्त किये । कार्य़क्रम का आयोजन एवं प्रबन्धन अजय सक्सेना, नवनीत शर्मा एवं सागर आजाद ने किया तथा आगंतुक का आभार शशि जैन ने किया ।

भारत विकास परिषद का कोटा में बनेगा कैंसर हॉस्पिटल

कोटा। शहर में 400 करोड़ रुपए की लागत से भारत विकास परिषद आयुर्विज्ञान व कैंसर चिकित्सालय का निर्माण कराएगा, जो तीन चरणों में प्रस्तावित है। जिसमें 140 करोड़ की लागत से चिकित्सा उपकरण लगाए जाएंगे। इस संस्थान का निर्माण सात लाख वर्ग फुट क्षेत्र में होगा। 

यह जानकारी सोमवार को पत्रकार वार्ता में भारत विकास आयुर्विज्ञान संस्थान के अध्यक्ष श्याम शर्मा व सचिव गोविन्द माहेश्वरी ने दी। उन्होंने बताया कि हाड़ौती एवं प्रदेश के लोगों को बेहतरीन चिकित्सा सेवाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से भारत विकास परिषद सेवा संस्थान की ओर से कोटा में भारत विकास आयुर्विज्ञान संस्थान एवं कैंसर चिकित्सालय का भूमिपूजन समारोह 27 अप्रैल को सुबह 10.30 बजे होगा।

उन्होंने बताया कि कोटा यूनिवर्सिटी के पीछे बारां-चित्तौड़ फोरलेन के नजदीक स्थित भूमि पर संस्थान का निर्माण कार्य प्रारंभ होगा। समारोह में झालरिया पीठ डीडवाना के पीठाधीश्वर स्वामी घनश्यामाचार्य महाराज का सान्निध्य प्राप्त होगा। समारोह के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह सुरेश (भैया ) जोशी होंगे। अध्यक्षता प्रदेश की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे करेंगी।

उन्होंने बताया कि गरीब तबके के मरीज निजी चिकित्सालयों का भारी खर्च वहन नहीं कर पाते। इसे ध्यान में रखते हुए इस संस्थान की स्थापना की जा रही है ताकि मरीजों को रियायती दरों पर उच्च गुणवत्ता की चिकित्सा सेवाएं मुहैया कराई जा सके। कैंसर एक जानलेवा रोग है और राजस्थान व मध्यप्रदेश के लगभग नौ जिलों में एक लाख से ज्यादा कैंसर रोगी हैं।

उन्होंने बताया कि करीब 20 हजार से अधिक गंभीर स्टेज पर हैं। इनमें से केवल 150-200 लोग महानगरों में बड़े चिकित्सालयों में उपचार करवाने जा रहे हैं। हम चाहते हैं कि ऐसे रोगियों को कोटा में ही इलाज सुलभ हो सके। मध्यप्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों व हाड़ौती के आस-पास के जिलों से 4-5 हजार रोगी कैंसर के इलाज के लिए आ भी रहे हैं, लेकिन इलाज नहीं मिलने की स्थिति में उन्हें या तो बहुत महंगा इलाज करवाने के लिए बड़े शहर जाना पड़ता है या फिर मौत को गले लगाना पड़ता है।

तीन चरणों में पूरा होगा 400 करोड़ का प्रोजेक्ट
संस्था के सचिव गोविन्द माहेश्वरी ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के तहत 500 बैड के मल्टी स्पेशियलिटी चिकित्सालय का निर्माण भी प्रस्तावित है। प्रथम चरण में 2 लाख वर्ग फीट क्षेत्र में निर्माण कार्य होगा। इसकी निर्माण की लागत 40 करोड़ आएगी, इसमें 40 करोड़ के उपकरण लगाए जाएंगे तथा अन्य कार्यों पर करीब 20 करोड़ खर्च होंगे। इस चरण की कुल लागत 100 करोड़ होगी।

वहीं द्वितीय चरण में 3 लाख वर्ग फीट क्षेत्र पर निर्माण कार्य होगा। इसमें 150 करोड़ की कुल लागत आएगी। इसकी समयावधि 3 से 6 वर्ष की होगी। इस चरण में निर्माण कार्य पर 60 करोड़ तथा उपकरणों पर 30 करोड़ रूपए खर्च किए जाएंगे। तृतीय चरण में 150 करोड़ के कार्य होंगे। इसमें 2 लाख वर्ग फीट क्षेत्र पर निर्माण होगा, निर्माण की लागत 75 करोड़ आएगी तथा 40 करोड़ के उपकरण लगाए जाएंगे। अन्य कार्यों पर 30 करोड़ खर्च होंगे।

कैंसर चिकित्सालय बनेगा वरदान
हाड़ौती व आसपास के अन्य जिलों में कैंसर जैसे गंभीर रोग के उपचार की कोई कारगर चिकित्सा व्यवस्था नहीं है। कैंसर के रोगियों की संख्या साल-दर-साल बढती ही जा रही है। ऐसे में काफी समय से आवश्यक्ता महसूस की जा रही थी कि इस क्षेत्र में सर्व सुविधा युक्त कैंसर चिकित्सालय होना चाहिए।

ऐसे में भारत विकास आयुर्विज्ञान संस्थान ने कैंसर चिकित्सालय की स्थापना का निर्णय लिया है। ताकि क्षेत्र के मरीजों में कैंसर की पहचान शुरुआती स्टेज में कर उन्हें मौत के मुंह में जाने से बचाया जा सके।

आभूषण विनिर्माताओं की मांग घटने से सोना 140 रुपये सस्ता

नई दिल्ली। स्थानीय आभूषण विनिर्माताओं की मांग घटने और कमजोर वैश्विक रुख से सोमवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 140 रुपये टूटकर 32,310 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। औद्योगिक इकाइयों तथा सिक्का विनिर्माताओं का उठाव घटने से चांदी भी 150 रुपये के नुकसान से 41,350 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई।

राष्ट्रीय राजधानी में सोना 99.9 प्रतिशत और 99.5 प्रतिशत शुद्धता 140 रुपये टूटकर क्रमश : 32,310 रुपये और 32,160 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। गिन्नी के भाव हालांकि, 24,900 रुपये प्रति आठ ग्राम पर कायम रहे। चांदी तैयार 150 रुपये के नुकसान से 41,350 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई।

जबकि चांदी साप्ताहिक डिलिवरी का भाव 180 रुपये के नुकसान से 40,300 रुपये प्रति किलोग्राम रह गया। हालांकि,चांदी सिक्का लिवाल 76,000 रुपये और बिकवाल 77,000 रुपये प्रति सैकड़ा पर कायम रहा। बाजार विशेषज्ञों ने कहा कि स्थानीय आभूषण विनिर्माताओं तथा घरेलू हाजिर बाजार में फुटकर विक्रेताओं की मांग घटने से पीली धातु में गिरावट आई।

इसके अलावा वैश्विक बाजारों के कमजोर रुख से भी धारणा प्रभावित हुई,जहां डॉलर के मजबूत होने से सोना टूटकर करीब दो सप्ताह के निचले स्तर पर आ गया। वैश्विक स्तर पर सिंगापुर में सोना 0.34 प्रतिशत के नुकसान से 1,330.70 डॉलर प्रति औंस रह गया। चांदी 0.32 प्रतिशत के नुकसान से 17.03 डॉलर प्रति औंस रह गई।

कोटा सर्राफा
चांदी 40500 रुपये प्रति किलोग्राम।
सोना केटबरी 32250 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 37620 रुपये प्रति तोला।
सोना शुद्ध 32400 रुपये प्रति दस ग्राम,  सोना 37800 रुपये प्रति तोला।

वायदा मंदा रहने से हाजिर में धनिया 100 रुपये ढीला रहा

कोटा। भामाशाह अनाज मंडी में सोमवार को माल की कुल आवक 65 हजार बोरी की रही। एनसीडेक्स पर धनिया वायदा मंदा रहने से हाजिर में भी इसके भाव 100 रुपये ढीला रहा। कोटा में धनिया की 2500 और रामगंज मंडी में 15 हजार बोरी की आवक रही। लहसुन की आवक 12 हजार कट्टे की रही। लिवाली के अभाव में चना 50 रुपये, सोयाबीन 25 रुपये और धान 50 रुपये क्विंटल मंदा रहा।

गेहूं मिल  1580 से 1611 लोकवान  नया 1600 से 1750 पीडी नया 1600 से 1800  गेहूं टुकडी 1550 से 1950 रुपये प्रति क्विंटल। धान सुगंधा  2600 से 2750 पूसा 1 2500 से 2700 पूसा 4  (1121) 2500 से   3250 धान (1509) 2000 से 3100 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 2400  से  3701 सरसो 3300 से 3561 तिल्ली  5000 से 6500 रुपये प्रति क्विंटल। मैथी पुरानी 2000 से 2500 मैथी नई 2500 से 3100 धनिया  बादामी नया 3400 से 4200 ईगल  3800 से  4500 रंगदार 5000 से 7000  धनिया पुराना 3000 से 4000 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंग  3300 से 3800 उडद  2000 से 3250 चना 3000 से 3300 चना काबुली 4000 से 5100 रुपये प्रति क्विंटल। चना पेपसी 3300 से 3300 चना  मौसमी  3000 से 3350 मसूर 3000 से 3350 रुपये प्रति क्विंटल।

ग्वार  3000 से 3600 मक्का  1000 से 1300 जौ 1100 से  1200 ज्वार  1300 से 2400 रुपये प्रति क्विंटल।  लहसुन नया 250 से 2500 रुपये प्रति क्विंटल रहा।     

सेंसेक्स 122 अंक मजबूत और निफ्टी 10580 के पार

नई दिल्ली। सोमवार के कारोबार में घरेलू शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 35 अंक मजबूत होकर 34450 और निफ्टी 20 अंक मजबूत होकर 10584 के स्तर पर बंद हुआ। दुनियाभर के बाजारों में मिले-जुले रुख और बॉन्ड यील्ड में तेजी की वजह से निवेशक सतर्क रहे, जिससे मार्केट दायरे में कारोबार करता दिखा।

कारोबार के दौरान टीसीएस 100 आर डॉलर मार्केट कैप पार करने वाली पहली कंपनी बन गई है। कारोबार में बैंक, रियल्टी और आईटी शेयरों में तेजी रही, वहीं, एफएमसीजी और मेटल में गिरावट रही।

TCS का मार्केट कैप 100 अरब डॉलर के पार
सोमवार के कारोबार के दौरान टीसीएस 100 अरब डॉलर का अंकड़ा पार करने वाली देश की पहली कंपनी बन गई। हाल में आए जनवरी-मार्च क्‍वार्टर के नतीजों में कंपनी को अच्छा मुनाफा हुआ है। इसके चलते शुक्रवार को ही उसने 99.1 अरब डॉलर की मार्केट वैल्‍यू का आंकड़ा छू लिया था।

यह तेजी सोमवार को भी जारी रही और सुबह 09:49 पर जैसे ही कंपनी की वैल्‍यू रुपए के लिहाज से 6,62,726.36 के लेवल पर पहुंची, उसने इतिहास रच दिया और इसी के साथ ही वह डॉलर के लिहाज से 100 अरब डॉलर की मार्केट कैप वाली देश की पहली कंपनी बन गई।

प्रॉफिट बुकिंग के बाद संभला बाजार
एक्सपायरी वीक के शुरूआत में निफ्टी पर 11 में से 8 इंडेक्स कारोबार के दौरान लाल निशान में चले गए। सबसे ज्यादा शुरूआती गिरावट बैंकिंग शेयरों में दिखी। हालांकि बाद में पीएसयू बैंक इंडेक्स 0.68 फीसदी, प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 0.25 फीसदी और निफ्टी बैंक इंडेक्स में 0.07 फीसदी तेजी के साथ बंद हुए।

रियल्टी शेयरों में 1.61 फीसदी तेजी रही। आईटी इंडेक्स 0.74 फीसदी और फार्मा इंडेक्स 1.48 फीसदी तेजी के साथ बंद हुए। ऑटो शेयरो में 0.50 फीसदी तेजी रही। वहीं, एफएमसीजी और मेटल इंडेक्स में गिरावट रही।

मार्केट में क्यों दिख रही है सुस्ती
एशियाई बाजारों में गिरावट और दुनियाभर के बाजारों से मिले-जुले संकेतों की वजह से निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं। जिसकी वजह से शेयर मार्केट में सुस्ती देखी जा रही है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि क्रूड की बढ़ती कीमतें, रुपए में कमजोरी के अलावा ट्रेड वार व जियोपॉलिटिकल टेंशन की वजह से मार्केट पर दबाव है। प्रॉफिट बुकिंग बढ़ने की आशंका बनी हुई है। वहीं, कुछ देशों के सेंट्रल बैंक पॉलिसी डिसिजन ले सकते हैं, जिस पर मार्केट की नजर है।

किन शेयरों में तेजी, किनमें गिरावट
कारोबार के शुरूआत में एबीबी, अवंति फीड्स, ओबेरॉय रियल्टी, हिंदुस्तान पेट्रोलियम, इंडियाबुल्स, बीपीसीएल और इंडसइंड बेंक में 1.22 फीसदी से 3.41 फीसदी तक तेजी दिख रही है। वहीं, आईसीआईसीआई बैंक, इंफोसिस, हीरीमोटोकॉर्प, कोल इंडिया और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में 0.11 से 1.93 फीसदी की गिरावट है।

रुपया कमजोर होकर 66.20 के भाव पर खुला
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को रुपए की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। डॉलर के मुकाबले रुपया 8 पैसे कमजोर होकर 66.20 के स्तर पर खुला। शुक्रवार को रुपया बड़ी गिरावट के साथ 66.12 के भाव पर बंद हुआ था। शुक्रवार को रुपए में कुल 33 पैसे की गिरावट दिखी थी। रिजर्व बैंक की मॉनिटिरी पॉलिसी बैठक के ब्यौरे से इस बात के संकेत मिलते हैं कि जून में होने वाली बैठक में मौद्रिक नीति के रूख में बदलाव आ सकता है। इससे रुपए पर दबाव बढ़ा है।