Tuesday, July 28, 2026
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सुस्त मांग से गिरे सोना-चांदी के दाम

नई दिल्ली। दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई है। कमजोर वैश्विक संकेत और घरेलू ज्वैलर्स की सुस्त मांग के चलते सोना 85 रुपये गिरकर 32,225 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है। इंडस्ट्रियल यूनिट्स और सिक्का निर्माताओं की ओर से कमजोर उठान के चलते चांदी 41000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर से नीचे आ गई है।

व्यापारियों का मानना है कि कमजोर वैश्विक संकेत के अलावा घरेलू हाजिर बाजार में स्थानीय ज्वैलर्स या रिटेलर की ओर से घटी खरीदारी के चलते सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। वैश्विक स्तर पर न्यूयॉर्क में कल गोल्ड 0.82 फीसद की कमजोरी के साथ 1324.20 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर और चांदी 2.99 फीसद की कमजोरी के साथ 16.58 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आ गई है।

देश की राजधानी दिल्ली में 99.9 फीसद और 99.5 फीसद शुद्धता वाला सोना 85 रुपये घटकर क्रमश: 32225 रुपये और 32075 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है। जानकारी के लिए बता दें कि बीते सत्र में सोने की कीमतों में 140 रुपये की कमजोरी दर्ज की गई थी। गिन्नी की कीमतें, हालांकि, 100 रुपये की कमजोरी के साथ 24800 रुपये प्रति आठ ग्राम के स्तर पर आ गई है।

वहीं, चांदी तैयार 850 रुपये की गिरावट के साथ 40500 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर और साप्ताहिक आधारित डिलिवरी 825 रुपये की कमजोरी के साथ 39475 रुपये के स्तर पर आ गई है। चांदी के सिक्कों के भाव 1000 रुपये की कमजोरी के साथ 75000 रुपये लिवाल और 76000 रुपये बिकवाल प्रति सैंकड़ा के स्तर पर आ गये हैं।

कोटा सर्राफा
चांदी 40300 रुपये प्रति किलोग्राम। 
सोना केटबरी 32250 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 37620 रुपये प्रति तोला। 
सोना शुद्ध 32400 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 37800 रुपये प्रति तोला। 

कोटा ग्रीन एवं क्लीन सिटी पर रहेगा फोकसः आदित्य सेठी

कोटा। जैन सोशल ग्रुप यूथ फोरम की नई कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह सीएडी ग्राउण्ड पर आयोजित किया गया। फोरम के अध्यक्ष आदित्य सेठी ने कहा कि कार्यकारिणी का कोटा शहर को हरा भरा करने एवं क्लीन सिटी की दिशा में योगदान करेगी। युवाआें को लेकर समाज को काफी उम्मीदें है।

आदित्य सेठी ने बताया कि कार्यकारिणी को शपथ दिलाने के लिए इंटरनेशनल प्रेसीडेंट अति लालवानी कोटा आए। लालवानी ने कहा कि युवाओं पर देश की उम्मीदें है। संस्था को जरूरतमंदों की मदद करने के अलावा शहर के प्रति भी जिम्मेदारी का अहसास होना चाहिए।

शपथ ग्रहण करने वालों में सचिव अनंता जैन, उपाध्यक्ष अपूर्व जैन, संयुक्त सचिव लक्ष्य जैन, कोषाध्यक्ष गौरांक जैन एवं सदस्यगण प्रमुख थे। इस अवसर पर जेएसजीआईएफ के ग्रीटिंग पीआरओ सीए अनिल काला का भी सम्मान किया गया।

बाघों के लिए सुरक्षित कालीसिंध कॉरिडोर बनाया जाएः सलवान

कोटा। हाड़ौती में बाघ के पुनर्वास में प्रारम्भिक मसौदा बनाने से लेकर नेशनल पार्क और टाईगर रिजर्व तक के लम्बे प्रयासों के सारथी रहे भारतीय वन सेवा के अधिकारी एवं मुकंदरामेन वीके सलवान का कहना है कि भविष्य में हाड़ौती को बाघों के लिए सुरक्षित कॉरिडोर बनाने की आवश्यकता होगी जिससे बाघ रणथम्भौर से कालीसिंध के मार्ग से दरा आ सकें या फिर बूंदी के रामगढ़ में सुरक्षित विचरण कर सकें।

सलवान ने मंगलवार को पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जिन्होंने प्रबल इच्छा शक्ति से बाघ को हाड़ौती में बसाया है। सलवान ने कहा कि मुकंदरा एवं सरिस्का की परिस्थितियां अलग अलग है। चार दशक बाद मुकंदरा को विकसित करने के काम को वन विभाग को चुनौती के रूप में लेना होगा।

हाड़ौती के दरा में सुखद बात यह रही कि यहां की जनता हमेशा बाघ के पुनर्वास के पक्ष में रही है। बाघ ब्रोकनटेल 2003 में भी रणथम्भौर से यहां पैदल ही चल कर आया है। कलीसिंध वाल कॉरिडोर बाघ को बसाने में मदद करेगा गागरोन के दोनों और की पट्टी बाघ के मूवमेंट के योग्य बनाना जाए।

नदी के आसपास का क्षैत्र कॉरिडोर होने से नया क्षैत्र बाघ को मिलेगा। कॉरिडोर विकसित करने का संपूर्ण खर्च भारत सरकार उठाती है। इससे ग्रामीणों को विशेष लाभ मिलेगा,जहां जंगल पर निर्भरता कम होगी वहीं आय के स्त्रोत तथा उत्पादन व वितरण की व्यवस्था बनेगी।

बाघ यदि किसी की निजी पशु संपदा को नुकसान पहुंचाता है तो उसका त्वरित मुआवज़ा देने का प्रवधान विभाग को करना चाहिए। कॉरिडोर विकसित करने से जन उपयोगी योजनाओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और किसानों के अधिकार भी प्रभावित नहीं होंगे।

सलवान ने बताया कि 1988 में जवाहर लाल नेहरू जन्म शताब्दी के उपलक्ष में नेशनल पार्क का प्रस्ताव बनाया जिस पर शुहर के गणमान्य लोगों ने हस्ताक्षर किए।

लगातार जन सहयोग इस प्रयास में मिलता रहा विशेष कर मीडिया के साथियों का। उन्होंने अपने समाचार माध्यमों में इस विषय को हमेशा एकीकृत पत्रकारिता के माध्यम से जिंदा रखा।

सेवी धनेश्वर अग्रवाल, विजय सिंह चौहान, सेना के कर्नल अजीत सिंह,  ब्रिगेडियर पीके नरूला, कर्नल हितेन साहनी, वैशाली सलवान, पवित्र सलवान ने तत्कालीन केंद्रीय वन मंत्री मेनका गांधी तक मामला उठाया। इनके अलावा हाड़ौती उत्सव आयोजन समिति, अकलंक स्कूल,पशु क्रूरता निवारण समिति, मिशन टाईगर लैण्ड के अलावा राजेंंद्र जैन बज राजाबाबू, पीयूष जैन के अलावा सेना के अधिकारियों ने भी हस्ताक्षर अभियान में योगदान दिया।

पीयूष जैन तो हाईकोर्ट में याचिका लेकर भी पहुंच गए थे। सलवान ने बताया कि पूर्व मंत्री व सांसद स्वर्गीय जुझार सिंह, बाद में उनके पुत्र पूर्व मंत्री भरत सिंह ने भी इसे बढ़ाया।  तत्कालीन वन मंत्री रघुवीर सिंह कौशल ने भरपूर मदद की। कौशल ने दरा क्षैत्र में खनन की गतिविधियों को वन मंत्री के रूप में नियंत्रित करने का महत्वपूर्ण कार्य किया।

नेशनल पार्क को बनाने में तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राज्य की पर्यटन मंत्री बीना काक, महिला आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा ने भी प्रयास किए। सोनिया गांधी ने दरा के जंगल की हवाई विजिट भी की। लम्बे समय से मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने इसे गंभीरता लिया। पूर्व की सरकार ने 2012 में अधिसूचना जारी की।

इसके पूर्व नेशनल पार्क समर्थकों ने भूख हड़ताल भी की और सड़कों पर रैली भी की। सलवान ने शीर के प्रबुद्ध लोगों तथा वन विभाग के अधिकारियों के प्रति भी कृतज्ञता ज्ञापित की है जिन्होंने बाघ के पुनर्वास में ईमानदारी से मेहनत की।

हाड़ोती उत्सव आयोजन समिति के महामंत्री पंकज मेहता ने कहा कि सलवान के प्रयासों की तारीफ की जानी चाहिए। सरकार को सलवान के प्रयास भूलने नहीं चाहिए। समिति के पीयूष जैन तथा महावीर प्रसाद जैन, जेके जैन, डा .हुकुम चंद जैन डॉ.संस्कृति जैन आदि ने बाघ पुनर्वास में सलवान के योगदान को भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरक बताया।

सेंसेक्स 166 अंक मजबूत, निफ्टी 10600 के पार

नई दिल्ली। मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 166 अंक मजबूत होकर 34617 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 30 अंक मजबूत होकर 10614 के स्तर पर बंद हुआ। कारोबार के शुरू में सेंसेक्स 40 अंक मजबूत होकर 34491 के स्तर पर खुला था।

कारोबार के दौरान क्रूड की कीमतें 75 डॉलर के पार जाने पर मार्केट की बए़त कम हुई थी। हालांकि आरआईएल, एचडीएफसी और आईसीआईसीआई बैंक जैसे हैवीवेट शेयरों में खरीददारी से फिर मजबूती लौटी। मेटल शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली रही।

आईटी और मेटल में तेज गिरावट
निफ्टी पर मेटल इंडेक्स और आईटी इंडेक्स में तेज गिरावट दिखी। कारोबार के अंत मेंं मेटल इंडेक्स 1.92 फीसदी और आईटी इंडेक्स 1.99 फीसदी कमजोर हुआ है। नाल्को और हिंडाल्को के शेयरों में 8.5 फीसदी तक गिरावट रही। वहीं, वेदांता, हिंदुस्तान कॉपर और जिंदल स्टीज जैसी कंपनियों के शेयर भी टूटे हैं। आईटी शेयरों में विप्रो में 3.46 फीसदी और टेक महिंद्रा में 3.09 फीसदी की गिरावट है।

निफ्टी पर 8 इंडेक्स में तेजी
निफ्टी पर आईटी, पीएसयू बैंक और मेटल इंडेक्स को छोड़कर सभी इंडेक्स में तेजी दिखी। निफ्टी बैंक में 0.33 फीसदी, प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 0.58 फीसदी की तेजी रही। वहीं, रियल्टी इंडेक्स में 0.40 फीसदी, फार्मा में 0.38 फीसदी, एफएमसीजी में 0.20 फीसदी और ऑटो इंडेक्स में 0.22 फीसदी तेजी है।

किन शेयरों में तेजी, किन में गिरावट
मंगलवार कारोबार के दौरान इंडियाबुल्स वेंचर्स, गति, यस बैंक, एक्सिस बैंक, जीएनएफसी, अबन ऑफशोर, आईसीआईसीआई बैंक, एचयूएल और ल्यूपिन के शेयरों में 1.02 फीसदी से 9.08 फीसदी की तेजी दिख रही है। वहीं, कारोबार के दौरान नाल्को, हिंडाल्को, आर नवल, वकरांगी, टाटा स्टील, इंफ्राटेल, विप्रो और टेक महिंद्रा के शेयरों में 2.30 फीसदी से 8.66 फीसदी की गिरावट है।

रुपए में गिरावट थमी
डॉलर के मुकाबले रुपए में पिछले 6 ट्रेडिंग सेशन से हो रही गिरावट मंगलवार को थम गई है। मंगलवार को रुपया 5 पैसे मजबूती के साथ 66.42 प्रति डॉलर के भाव पर खुला। सोमवार को रुपया 66.47 प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुआ था। सोमवार को पूरे दिन रुपए में 35 पैसे की गिरावट देखी गई।

JEE Main 2018 Answer Key जारी

नई दिल्ली। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंड्री एजुकेशन (सीबीएसई) 24 अप्रैल को जेईई मेन 2018 की आंसर की जारी करेगा। जेईई मेन 2018 की ऑफलाइन परीक्षा 8 अप्रैल को देश भर के 112 शहरों में हुई। इसके लिए साढ़े 10 लाख परीक्षार्थियों ने पंजीकरण करवाया था जिसमें 3 ट्रांसजेंडर भी थे।

ऑनलाइन परीक्षा का आयोजन 15-16 अफ्रैल को देश भर के 258 शहरों में हुआ। आंसर की को आनलाइन भी चैलेंज किया जा सकता है। चैलेंज करने की आखिरी तारीख 27 अप्रैल, 2018 को 11.59 बजे रात्रि तक होगी। हर सवाल के लिए 1000 रुपये का भुगतान करना होगा।

यूं डाउनलोड करें
1. ऑफिशल वेबसाइट https://jeemain.nic.in/webinfo/Public/Home.aspx पर लॉगिन करें
2. आंसर की के लिंक पर करें
3. भविष्य में इस्तेमाल के लिए इसे डाउनलोड कर लें

H-1B वीजा होल्डर्स के जीवनसाथी को US में नहीं मिलेगी जॉब

वाशिंगटन। ट्रम्प सरकार एच1बी वीजा होल्डर्स के स्पाउस (जीवनसाथी) को अमेरिका में लीगली काम करने की अनुमति देने पर रोक लगाने पर विचार कर रही है। फेडरल एजेंसी के एक एक वरिष्ठ अधिकारी ने लॉमेकर्स को यह जानकारी दी। इस फैसले का हजारों भारतीयों पर असर पड़ेगा। इसके साथ ही ओबामा के दौर के नियम खत्म हो सकता है और इसका असर 70 हजार से ज्यादा एच-4 वीजा होल्डर्स पर पड़ सकता है, जिन्हें वर्क परमिट हासिल हैं।

ओबामा सरकार के नियम को खत्म करने की तैयारी
एच-4 वीजा, एच1बी वीजा होल्डर्स के स्पाउस को जारी किया जाता है, इनमें भारत से जाने वाले हाई-स्किल्ड प्रोफेशनल्स बड़ी संख्या में होते हैं। उन्हें पिछली ओबामा सरकार द्वारा जारी एक स्पेशल ऑर्डर के अंतर्गत वर्क परमिट हासिल हुआ था। इस प्रावधान से भारतीय-अमेरिकियों को खासा फायदा हुआ था। इस नियम के चलते 1 लाख से ज्यादा एच-4 वीजा होल्डर्स को फायदा हुआ था।

वर्क परमिट हासिल करने में लगते हैं 10 साल
ओबामा सरकार द्वारा 2015 में जारी नियम से परमानेंट रेजिटेंड स्टेटस हासिल करने के इच्छुक एच1बी वीजा होल्डर्स के स्पाउस के लिए वर्क परमिट हासिल करने का रास्ता साफ हुआ है, जिसके बिना वह नौकरी नहीं कर सकते थे। इस प्रोसेस में एक दशक या उससे भी ज्यादा लंबा वक्त लग जाता है।

जल्द आदेश दे सकती है ट्रम्प सरकार
ट्रम्प सरकार इस प्रोविजन को खत्म करने की योजना बना रही है। यूएएस सिटीजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेस (यूएससीआईएस) डायरेक्टर फ्रांसिस सिस्ना ने सीनेटर चुक ग्रासले को भेजे लेटर में कहा कि इन गर्मियों के आखिर में इससे संबंधित औपचारिक आदेश दिए जाने का अनुमान है।

सिस्ना ने कहा, ‘हमारी नौकरी के लिए पात्र बनाने वाले एच-4 डिपेंडेंट स्पाउसेस को खत्म करने के लिए रेग्युलेटरी बदलावों का प्रस्ताव करने की योजना है, जिससे इसके लिए पात्र बनाने वाला 2015 का नियम पलट जाएगा।’

उन्होंने कहा कि यह एक्शन ‘हमारे इमिग्रेशन सिस्टम में अमेरिकी वर्कर्स के हितों की रक्षा में पिछले नियम को खारिज करने या संशोधन और गाइडैंस देने के वास्ते प्रस्ताव करने के लिए’ एक्जीक्यूटिव ऑर्डर के समान होगा। सिस्ना ने कहा कि रेग्युलेशन में अन्य संशोधनों के साथ लोगों के पास नोटिस और कमेंट पीरियड के दौरान फीडबैक देने का मौका मिलेगा।

क्रूड आयल की कीमतें 3 साल में पहली बार 75 डॉलर के पार

नई दिल्ली। इंटरनेशनल मार्केट में मंगलवार को क्रूड की कीमतें 75 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गई हैं। आज की ट्रेडिंग में क्रूड ने 75.27 डॉलर प्रति बैरल का स्तर छू लिया जो करीब 3 साल का हाई है। वहीं, WTI क्रूड भी 69 डॉलर की रेंज में बना हुआ है।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि ओपेक देशों ने आगे भी सप्लाई टाइट रखने के साफ संकेत दिए हैं। वहीं, जियो पॉलिटिकल टेंशन अभी खत्म होता नहीं दिख रहा है। आने वाले दिनों में क्रूड की कीमतें 85 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती हैं। वहीं, देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें और तेजी से बढ़ने का डर है।

जारी रहेगी प्रोडक्शन में कटौती
क्रूड के सबसे बड़े एक्सपोर्टर सऊदी अरब ने क्रूड के लिए 80 डॉलर से 100 डॉलर प्रति बैरल तक का टारगेट दिया है। इसी वजह से क्रूड उत्पादक देशों के संगठन ऑर्गनाइजेशन ऑफ द पेट्रोलियम एक्पोर्टिंग कंट्रीज (ओपेक) ने आगे भी प्रोडक्शन में कटौती जारी रखने का फैसला किया है।

एंजेल ब्रोकिंग कमोडिटी के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट अनुज गुप्ता ने कहा कि ओपेक देशों के अग्रेसिव रवैये से क्रूड को मजबूत सपोर्ट मिल रहा है। मजबूत डिमांड के मुकाबले सप्लाई में कमी से ब्रेंट क्रूड की कीमतें अगले दो महीने में 85 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती है।

जून 2017 के बाद क्रूड 70 फीसदी महंगा
जून 2017 के बाद से कच्चे तेल की कीमतें इंटरनेशनल मार्केट में 70 फीसदी से ज्यादा बढ़ चुकी हैं। जून 2017 में क्रूड 44 रुपए प्रति बैरल के भाव तक आया था। वहीं, अब यह 75 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर है। जहां तक इस साल की बात है कि क्रूड 1 जनवरी को 66 डॉलर प्रति स्तर से 14 फीसदी महंगा हो चुका है। इकोनॉमी सर्वे के मुताबिक FY-19 में यह 12 फीसदी तक महंगा हो सकता है।
इंडियन बास्केट में क्रूड 3 साल के हाई पर
इंडियन बास्केट में क्रूड ऑयल के प्राइस 70.12 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया, जो इसका तीन साल का हाई लेवल है। क्रूड में तेजी की वजह अमेरिका में क्रूड ऑयल इन्वेंट्रीज में कमी रही। इसके साथ ही सऊदी अरब द्वारा ऊंची कीमतों का टारगेट दिए जाने से कीमतों पर प्रेशर बढ़ा।

पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान पर
इंडियन ऑयल की वेबसाइट के अनुसार दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 74.63 रुपए प्रति लीटर है। वहीं, मुंबई में यह 82.48 रुपए प्रति लीटर हो गया है। इसी तरह से दिल्ली में डीजल की कीमत 65.93 रुपए प्रति लीटर है तो मुंबई में यह 70.20 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है।

शहर               पेट्रोल            डीजल
दिल्ली        74.63 rs/ltr       65.93 rs/ltr
कोलकाता   77.32 rs/ltr       68.63 rs/ltr
मुंबई         82.48 rs/ltr      70.20 rs/ltr
चेन्नई        77.43 rs/ltr       69.56 rs/ltr
(नोट: पेट्रोल-डीजल की कीमतें मंगलवार 24 अप्रैल 2018 की हैं।)

आलू के दामों ने निकाला दम, खुदरा में 25 रुपये किलो तक पहुंचे भाव

लखनऊ। सीजन की शुरुआत में बेदम आलू की कीमतें अब अपना दम दिखाने लगी हैं। देश के प्रमुख आलू उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश के थोक कारोबारियों का मानना है कि इस बार बरसात आते आते आलू की खुदरा कीमत 30 रुपये किलो तक पहुंच सकती है। फिलहाल आलू 25 रुपये किलो के भाव बिक रहा है।

प्रदेश में आलू की कीमत में बेतहाशा इजाफे का एक बड़ा कारण कोल्ड स्टोरों में नए माल का भंडारण और दूसरे राज्यों को हो रहा निर्यात है। सोमवार को ज्यादातर शहरों की खुदरा मंडियों में आलू की कीमत 25 रुपये किलो तक पहुंच गई, वहीं थोक में यह 14 से 18 रुपये किलो बिक रहा था। आढ़तियों का कहना है कि बीते एक दशक में खुले बाजार में आलू की यह सबसे ज्यादा कीमत है।

आलू की बढ़ती कीमत के चलते किसानों ने सरकारी खरीद केंद्रों से किनारा कर लिया है। किसानों का कहना है कि सरकारी सर्मथन मूल्य से करीब दोगुना ज्यादा दाम उन्हें थोक मंडियों में मिल रहा है। फरवरी में आलू की कीमतें लागत से भी नीचे पहुंचने के बाद राज्य सरकार ने इसकी खरीद का ऐलान किया था।

आलू किसानों की बदहाली को देखते हुए प्रदेश सरकार ने उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता में एक समिति गठित की थी। समिति ने आलू का न्यूनतम समर्थन मूल्य 546 रुपये प्रति क्विंटल करने, सरकारी खरीद करने, निर्यात भाड़े में सब्सिडी देने का सुझाव दिया था।

योगी सरकार ने दो लाख टन आलू की सरकारी खरीद करने का ऐलान करते हुए प्रदेश के सभी जिलों में खरीद केंद्र खोले हैं। उत्तर प्रदेश में बीते तीन वर्षों से आलू की बंपर पैदावार हो रही है। उत्तर प्रदेश में बीते साल जहां 1.55 लाख क्विंटल आलू का उत्पादन हुआ था जबकि उद्यान विभाग का आकलन है कि इस साल उत्पादन करीब 1.65 लाख क्विंटल तक हो सकता है।

सेंसेक्स 149 अंक उछला, निफ्टी 10600 के पार

नई दिल्ली। मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार बढ़त के साथ खुला है। कारोबार के शुरू में सेंसेक्स 40 अंक मजबूत होकर 34491 के स्तर पर खुला। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 146 अंक मजबूत होकर 34600 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी भी 10600 के स्तर के पार कारोबार कर रहा है।

कारोबार के दौरान निफ्टी बैंक इंडेक्स में 0.50 फीसदी तेजी दिख रही है। वहीं, मेटल शेयरों में तेेेज गिरावट है। दुनियाभर के बाजारों में मिले-जुले रुख की वजह से निवेशक सतर्क कारोबार कर रहे हैं। सोमवार को सेंसेक्स 35 अंक मजबूत होकर 34450 और निफ्टी 20 अंक मजबूत होकर 10584 के स्तर पर बंद हुआ था।

आईटी और मेटल में तेज गिरावट
निफ्टी पर मेटल इंडेक्स और आईटी इंडेक्स में तेज गिरावट दिख रही है। कारोबार के दौरान मेटल इंडेक्स 2.54 फीसदी और आईटी इंडेक्स 1.29 फीसदी कमजोर हुआ है। नाल्को और हिंडाल्को के शेयरों में 8.5 फीसदी से ज्यादा गिरावट है। वहीं, वेदांता, हिंदुस्तान कॉपर और जिंदल स्टीज जैसी कंपनियों के शेयर भी टूटे हैं। आईटी शेयरों में विप्रो में 2.93 फीसदी और टेक महिंद्रा में 1.88 फीसदी की गिरावट है।

निफ्टी पर 9 इंडेक्स में तेजी
निफ्टी पर आईटी और मेटल इंडेक्स को छोड़कर सभी इंडेक्स में तेजी दिख रही है। निफ्टी बैंक में 0.50 फीसदी, पीएसयू बैंक में 0.01 फीसदी, प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 0.67 फीसदी की तेजी है। वहीं, रियल्टी इंडेक्स में 0.98 फीसदी, फार्मा में 0.96 फीसदी, एफएमसीजी में 0.78 फीसदी और ऑटो इंडेक्स में 0.41 फीसदी तेजी है।

किन शेयरों में तेजी, किनमें गिरावट
मंगलवार कारोबार के दौरान इंडियाबुल्स वेंचर्स, गति, यस बैंक, एक्सिस बैंक, जीएनएफसी, अबन ऑफशोर, आईसीआईसीआई बैंक, एचयूएल और ल्यूपिन के शेयरों में 1.02 फीसदी से 9.08 फीसदी की तेजी दिख रही है। वहीं, कारोबार के दौरान नाल्को, हिंडाल्को, आर नवल, वकरांगी, टाटा स्टील, इंफ्राटेल, विप्रो और टेक महिंद्रा के शेयरों में 2.30 फीसदी से 8.66 फीसदी की गिरावट है।

फरीदाबाद में लाइव शो से भागीं सपना चौधरी, फैन्स बेकाबू, वीडियो

हरियाणा की मशहूर डांसर और ‘बिग बॉस 11’ फेम सपना चौधरी ने शनिवार रात सेक्टर-12 हुड्डा ग्राउंड, फरीदाबाद में लाइव परफॉर्मेंस दी। इस डांस कार्यक्रम में सपना के हजारों फैन्स जमा हुए।

यहां सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था, लेकिन भीड़ बेकाबू होती दिखी।
..और जब सपना के ये फैन्स बेकाबू होने लगे तो आखिरकार उन्हें बीच में ही कार्यक्रम छोड़कर वहां से निकलना पड़ा।

बता दें कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ, जब सपना चौधरी का डांस देख फैन्स बेकाबू हुए, इससे पहले भी ऐसा कई बार हो चुका है।पिछले महीने ही हरियाणा में एक नेता की रैली में सपना ने डांस किया था। सपना का डांस देख लोग ऐसे बेकाबू हुए कि पुलिस को सब संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी थी।

इससे पहले फरवरी महीने में भी कुछ ऐसा ही हुआ था। फरवरी में कानपुर में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जहां सपना चौधरी को डांस करना था। डांस के दौरान भीड़ इस कदर बेकाबू हुई थी कि आखिरकार कार्यक्रम को बीच में ही रोकना पड़ गया था।

कानपुर के उस कार्यक्रम में पुलिस को उन्हें रोकने के लिए लाठीचार्ज तक करना पड़ गया था। भीड़ में मौजूद लोग कुर्सियां उठाकर फेंकने लगे थे, जिससे भगदड़ वाली स्थिति पैदा हो गई थी।