Tuesday, July 28, 2026
Home Blog Page 5443

बंटाईदार किसानों को बाजार हस्तक्षेप योजना से लहसुन की बिक्री में नुकसान

कोटा। केंद्र के निर्देश पर राज्य सरकार गुरुवार से हाड़ौती में बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत 3257 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से 25 एमएम क्वॉलिटी का लहसुन खरीदेगी।

खेती किसानी के विशेषज्ञों का मानना है कि उक्त योजना के तहत लहसुन खरीद के बावजूद बंटाईदार किसानों को प्रति बीघा 10 हजार रुपए का सीधा नुकसान होगा, इस नुकसान से हाड़ौती के 70 फीसदी किसान प्रभावित होंगे। वहीं जिन किसानों के घर की जमीन है।

उन्हें बाजार हस्तक्षेप योजना से कोई राहत नहीं मिलेगी। उनके लिए नो लॉस नो प्रॉफिट का मामला रहेगा। बंटाईदार किसान द्वारा लहसुन उत्पादन करने में 35 से 42 हजार रुपए खर्च करने पड़े हैं। जमीन मालिक वाले किसान का खर्च आया है 20 से 24 हजार रुपए प्रति बीघा। इधर, सरकार प्रदेशभर में डेढ़ लाख टन लहसुन बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत खरीदेगी।

हाड़ौती में 7 लाख टन लहसुन पैदा हुआ है। ऐसे में संभाग में उत्पादित हुए लहसुन का सरकार 20 फीसदी मतलब 1 लाख 40 हजार के करीब लहसुन खरीद पाएगी। बाकी लहसुन किसानों को मंडियों में व्यापारियों को ही बेचना पड़ेगा। बाजार में लहसुन औसत भाव 1800 से 2000 प्रति क्विंटल से बिक रहा है। इस भाव में 70 फीसदी लहसुन बिक रहा है। 30 फीसदी लहसुन 200 से 500 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से बिक रहा है।

दो कैटेगरी में हो खरीद:कृषि एक्सपर्ट दुलीचंद बोरदा ने बताया कि व्यापारी लहसुन को तीन कैटेगरी बनाकर खरीदता है। सरकार तीन नहीं तो कम से कम दो कैटेगरी में खरीदे। टॉप क्वालिटी का लहसुन सरकार 5000 रुपए व इससे नीचे वाली क्वालिटी का लहसुन 3500 रुपए प्रति क्विंटल खरीदे।

चूंकि इस बार क्षेत्र में बारिश कम हुई। नहरी टेल एरिया के किसानों को समय पर पानी नहीं मिला। ऐसे में किसानों ने 700 से लेकर 1000 रुपए प्रति बीघा से किराये का पानी लेकर लहसुन में सिंचाई की है। सरकार 3257 रुपए में किसानों को लहसुन खरीदने जा रही है। इससे किसानों का फायदा नहीं होगा।

समर्थन मूल्य कम से कम 4000 रुपए हो :दशरथ कुमार ने कहा हाल ही में नीति आयोग की दिल्ली में किसान संगठनों के साथ मीटिंग हुई थी। वहां भी केंद्र सरकार को सुझाव दिया गया है कि बाजार हस्तक्षेप योजना से लहसुन खरीदना किसानों को राहत देना का स्थाई समाधान नहीं है। किसानों को अगर राहत देनी है, तो लहसुन का सरकार समर्थन मूल्य घोषित करे। जो कम से कम 4000 रुपए प्रति क्विंटल हो।

इन्होंने की आत्महत्या
-3 जून को रोण गांव के सत्यनारायण मीणा की सदमें से मौत 21 जून को बारां के संजय मीणा ने फांसी लगाकर दी जान।
-23 जून को झालावाड़़ के बगदीलाल ने फांसी लगाई।
-24 जून को डग के शेख हनीफ ने जहर पीकर जान दी। 27 जून को श्रीपुरा के मुरलीधर मीणा ने सल्फॉस खाकर जान दी। (2017)
-19 अप्रैल को बारां के रेवड़ी लाल मेघवाल ने जहर खाकर जान दी। 24 अप्रैल को कजलिया गांव के लक्ष्मीचंद सुमन ने कीटनाशक पीकर जान दी। –
-22 अप्रैल को वाजिंदपुरा के बजेसिंह ने आत्महत्या का प्रयास किया। (2018)
हाड़ौती में 10 लाख किसानों पर 1 लाख रुपए का कर्ज। संभाग के किसानों पर करीब 1 हजार करोड़ रुपए का कर्ज है।

टोयोटा यारिस की बुकिंग शुरू, मई में होगी पेशकश, देखिए वीडियो

बैंगलुरु। टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने आज बेहद प्रतिक्षित अपनी श्रेणी की सर्वश्रेष्ठ खासियतों से भरी टोयोटा यारिस के प्रीलांच बुकिंग की शुरुआत की घोषणा की। डिजाइन के लिहाज के उन्नत,विश्वस्तर की यह प्रतिष्ठा वाली सेडान ऑटो एक्सपो 2018 में प्रदर्शित हो चुकी है। डिलीवरी मई में शुरू होगी। टोयोटा ने देशभर में कीमत एक रखने का निर्णय किया है।

मध्यम आकार के सेडान वर्ग में टोयोटा यारिस का निर्माण क्यूडी आर (क्वालिटी, ड्यूरेबिलिटी और रिलायबिलिटी) की टोयोटा की ऑफरिंग हुआ है। इस घोषणा पर टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के प्रबंध निदेशक एन राजा ने कहा,“भारत में बी श्रेणी के उच्च सेडान वर्ग में टोयोटा यारिस के प्रवेश पर देश व्यापी उत्साह हैं।

उम्मीद हैं कि ग्राहक विश्वस्तर के सेडान टोयोटा यारिस को इस वर्ग में पेश किए जाने वाले उसके मूल्य अनुपात के लिए स्वीकार करेंगे।टोयोटा यारिस को भारत में सभी टोयोटा डीलरशिप में प्रदर्शित किया जाएगा और ग्राहक तत्काल ट्रेस्टड्राइव के लिए बुक कर सकते हैं।”

भारतीय कार बाजार में टोयोटा की यारिस को 1.5 लाख के डुअल वीवीटीआई गैसोलिन इंजन तथा 7 स्पीड के सीवीटी या 6 स्पीडएमटी विकल्पों में पेश किया जाएगा।इस वर्ग में ऑटोमेटिक की उभरती आवश्यकताओं की पूर्ति करते हुए सीवीटी विकल्प सभी ट्रिम्स में पेश किए जाएंगे।

विप्रो का प्रॉफिट 7% घटकर रह गया 1800 करोड़

नई दिल्ली। देश की तीसरी बड़ी आईटी सॉफ्टवेयर सर्विसेस कंपनी विप्रो के मार्च, 2018 में समाप्त क्वार्टर के नतीजे अनुमान से कमजोर रहे हैं। वित्त वर्ष 2017-18 के चौथे क्वार्टर के दौरान कंपनी का कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट 7 फीसदी घटकर 1,800 करोड़ रुपए रह गया, जबकि इससे पिछले क्वार्टर के दौरान प्रॉफिट 1930 करोड़ रुपए रहा था।

वहीं मार्च, 2018 में समाप्त क्वार्टर के दौरान कंपनी का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू 13,770 करोड़ रुपए हो गया, जबकि पिछले क्वार्टर के दौरान 13,670 करोड़ रुपए रहा था।

चौथे क्वार्टर में 7 फीसदी घटा प्रॉफिट
विप्रो द्वारा बीएसई में दी गई फाइलिंग के मुताबिक वित्त वर्ष 2017-18 के चौथे क्वार्टर के दौरान कंपनी का प्रॉफिट 1800 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले क्वार्टर के 1930 करोड़ रुपए से लगभग 7 फीसदी कम था। वहीं एक साल पहले की समान अवधि की तुलना में प्रॉफिट में 20 फीसदी की कमी दर्ज की गई, जब 2,267 करोड़ रुपए प्रॉफिट हुआ था।

वित्त वर्ष 18 में 6 फीसदी घटा प्रॉफिट
वहीं पूरे वित्त वर्ष की बात करें तो विप्रो का प्रॉफिट 6 फीसदी घटकर 8,003.1 करोड़ रुपए रह गया। वहीं कुल इनकम 1.7 फीसदी घटकर 57,035.8 करोड़ रुपए रह गई।

रिजल्ट की मुख्य बातें
-जनवरी-मार्च क्वार्टर के दौरान आईटी सर्विसेस के लिए ऑपरेटिंग मार्जिन 14.4 फीसदी रहा।
-विप्रो ने 40.5 करोड़ डॉलर में अपना डाटा सेंटर ऑपरेशन बेचने का किया ऐलान।
-अप्रैल-जून में आईटी सर्विसेस रेवेन्यू 2.015 अबर डॉलर से 2.065 अरब डॉलर के बीच रहने का अनुमान।

बिना घूस के कारोबार कठिन, EY के सर्वे में कार्पोरेट्स ने स्‍वीकारा

नई दिल्‍ली। देश के कुछ कर्पोरेट ने भ्रष्‍टाचार के चलते कारोबार के घूस देने जैसी बातों को स्‍वीकार किया है। यह सर्वे EY ने किया 50 कार्पोरेट शामिल हुए, जिनमें से 20 ने व्‍यापक भ्रष्‍टाचार की बात मानी। हालांकि इस सर्वे में शामिल कार्पोरेट्स ने स्‍वीकार किया कि यह भ्रष्‍टाचार जहां 2012 में 70 फीसदी था, वहीं अब इसका स्‍तर गिरकर 40 फीसदी पर आ गया है।

55 देशों में हुआ है यह सर्वे
EY के अनुसार यह सर्वे 55 देशों में अक्‍टूबर 2017 से जनवरी 2018 के बीच किया गया है। इस दौरान 2550 कार्पोरेट्स से बातचीत की गई। इनमें सीनियर कार्पोरेट्स से बात की गई जो महत्‍वपूर्ण पदों पर हैं।

40 फीसदी भारतीय कार्पोरेट्स ने भ्रष्‍टाचार को माना
इस सर्वे में शामिल होने वाले कार्पोरेट्स भारत के कार्पोरेट्स में से 40 फीसदी का मानना था कि कारोबार के दौरान घूस देनी पड़ती है। इस सर्वे में भारत की जो कंपनियां शामिल हुई थीं उनका रेवेन्‍यू 1 से लेकर 5 अरब डालर तक का है।

इनमें से 18 कंपनियों की रेवेन्‍यू 500-999 मिलियन डालर, 16 कंपनियों की रेवेन्‍यू 100 से 499 मिलियन डालर और 9 कंपनियों की रेवेन्‍यू 99 मिलियन डालर से कम थी।

हर पांच में से 1 ने कैश देने की बात मानी
इस सर्वे में शामिल लोगों ने स्‍वीकार किया है कि भ्रष्‍टाचार को जस्‍टीफाई कराने के लिए तर्क गढ़े जाते हैं। सर्वे में शामिल हर 5 कार्पोरेट्स में से 1 ने स्‍वीकार किया है कि काम के बदले कैश देना पड़ता है। वहीं हर 6 में से 1 भारतीय कार्पोरेट्स ने स्‍वीकार किया कि कांट्रेक्‍ट पाने के लिए रिश्‍वत देनी पड़ती है।

रिपोर्ट के अनुसार 44 फीसदी भारतीय कार्पोरेट्स ने स्‍वीकार किया है कि उन्‍हें कैश, इंटरटेनमेंट, पर्सनल गिफ्ट या अन्‍य किसी तरीके से कुछ न कुछ देना पड़ता है। इसके बिना कारोबार कठिन है। वहीं 12 फीसदी ने माना कि पिछले दो साल में फ्रॉड जैसे मामले बढ़ें हैं, जिसके चलते 2012 के बाद से ग्‍लोबल इंफोर्समेंट एजेंसीज ने करीब 11 अरब डालर का पेनाल्‍टी लगाई हैं।

आवक बढ़ने से गेहूं में 25 रुपए की गिरावट, चना भी मंदा

कोटा। भामाशाह अनाज मंडी में बुधवार को माल की कुल आवक 95 हजार बोरी और लहसुन की आवक 25000 कट्टे की रही। आवक बढ़ने से गेहूं 25 रुपए टूट गया। कमजोर उठाव से धनिया 100 रुपये और चना 50 रुपये मंदा रहा। 

गेहूं मिल 1580 से 1621 लोकवान नया 1600 से 1750 पीडी नया 1600 से 1800 गेहूं टुकडी 1550 से 1950 रुपये प्रति क्विंटल रहे।। धान सुगंधा 2600 से 2800 पूसा 1 2500 से 2700 पूसा 4 (1121) 2500 से 3311धान (1509) 2000 से 3100 रुपये प्रति क्विंटल रहे।

सोयाबीन 2400 से 3671 सरसो 3300 से 3521 तिल्ली 5000 से 6500 रुपये प्रति क्विंटल रहे। मैथी पुरानी 2000 से 2500 मैथी नई 2500 से 3100 धनिया बादामी नया 3400 से 4000 ईगल 3800 से 4400 रंगदार 5000 से 7000 धनिया पुराना 3000 से 3800 मूंग 3300 से 3800 उडद 2000 से 3500 चना 3000 से 3250 रुपये प्रति क्विंटल।

चना काबुली 4000 से 5100 चना पेपसी 3300 से 3300 चना मौसमी 3000 से 3350 मसूर 3000 से 3350 रुपये प्रति क्विंटल ।  ग्वार 3000से 3600 मक्का 1000 से 1300 जौ 1100 से 1200 ज्वार 1300 से 2400 रुपये प्रति क्विंटल रहे। लहसुन नया 250 से 2200 रुपये प्रति क्विंटल रहा। 

सोना नई ऊंचाई पर, दाम 32,450 रुपये प्रति 10 ग्राम हुए

नई दिल्ली। विदेशों में कमजोरी का रुख होने के बावजूद यहां शादी विवाह के मौसम की मांग को पूरा करने के लिए स्थानीय आभूषण निर्माताओं की लिवाली में आई तेजी के कारण दिल्ली सर्राफा बाजार में बुधवार को सोने की कीमत 225 रुपये चढ़कर 32,450 रुपये प्रति 10 ग्राम की ऊंचाई पर जा पहुंची।

औद्योगिक इकाइयों तथा सिक्का निर्माता कंपनियों का उठाव बढ़ने के कारण चांदी भी 200 रुपये चढ़कर 40,000 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। राष्ट्रीय राजधानी में 99.9 प्रतिशत तथा 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का भाव 225 रुपये की तेजी के साथ क्रमश: 32,450 तथा 32,300 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया।

हालांकि, गिन्नी का भाव 24,800 रुपये प्रति आठ ग्राम के पूर्वस्तर पर बना रहा। चांदी तैयार का भाव 200 रुपये की तेजी के साथ 40,700 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया।  जबकि चांदी साप्ताहिक डिलीवरी का भाव 100 रुपये सुधरकर 39,575 रुपये प्रति किलो हो गया। हालांकि, चांदी सिक्कों का भाव लिवाली 75,000 रुपये तथा बिकवाल 76,000 रुपये प्रति सैकड़ा पर अपरिवर्तित रहा।

बाजार विशेषज्ञों ने सोने की कीमतों में तेजी आने का श्रेय चालू शादी विवाह के मौसम की वजह से बाजार में स्थानीय आभूषण कारोबारियों की लिवाली में आई तेजी को दिया। लेकिन विदेशों में कमजोरी के रुख ने लाभ को कुछ सीमित कर दिया। विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपये का अवमूल्यन होने के कारण आयात महंगा हो गया।

इसके कारण भी कारोबारी धारणा पर असर पड़ा। वैश्विक स्तर पर सिंगापुर में सोना 0.38 प्रतिशत घटकर 1,324.70 डालर प्रति औंस और चांदी 0.42 प्रतिशत टूटकर 16.560 डालर प्रति औंस रह गई। यहां डॉलर के मजबूत होने से सुरक्षित निवेश के विकल्प के बतौर सर्राफा मांग प्रभावित हुई।

कोटा सर्राफा 
चांदी 40400 रुपये प्रति किलोग्राम। 
सोना केटबरी 32350 रुपये प्रति दस ग्राम,  सोना  37730 रुपये प्रति तोला।
सोना शुद्ध 32500रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 37910 रुपये प्रति तोला।

मुनाफावसूली से सेंसेक्स 115 अंक लुढ़का, निफ्टी भी 10,571 अंक पर बंद

मुंबई। कमजोर वैश्विक रुख, विदेशी कोषों की निकासी और धातु,तेल और गैस शेयरों में मुनाफावसूली से बुधवार को शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई। बंबई शेयर बाजार (बीएसई) का सेंसेक्स 115 अंक टूटकर 34,501 अंक पर बंद बंद हुआ। वहीं निफ्टी भी अंक 44 अंक के नुकसान से 10,571 अंक पर बंद हुआ।

बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट रही। मिडकैप सूचकांक 88 अंकों की गिरावट के साथ 16,788 पर बंद हुआ। छोटे शेयरों वाला स्मॉलकैप सूचकांक 131 अंकों की गिरावट के साथ 18,119 पर बंद हुए।

इन शेयरों में ज्यादा नुकसान
बीएसई के 20 में से 16 सेक्टरों में गिरावट दर्ज की गई। इसमें सबसे अधिक धातु शेयरों में 1.43 फीसदी का नुकसान हुआ। तेल और गैस 1.33 फीसदी, उपभोक्ता वस्तुएं 1.20 फीसदी, पूंजीगत वस्तुएं 1.20 फीसदी और आधारभूत सामाग्री क्षेत्र के शेयर 1.15 फीसदी गिरावट के साथ सबसे अधिक नुकसान वाले शेयरों में शामिल रहे।

हालांकि, बाजार में गिरावट के बावजूद कुछ क्षेत्र के शेयरों में फायदा हुआ। इनमें दूरसंचार प्रौद्योगिकी में सबसे अधिक 1.24 फीसदी का लाभ हुआ। दूरसंचार 1.03 फीसदी, टेलीकॉम 0.70 फीसदी और रीयल्टी 0.30 फीसदी तेजी के साथ मुनाफा देने वाले शेयरों में शामिल रहे।

शुरुआती गिरावट से नहीं उबरा बाजार
30 शेयरों वाला सेंसेक्स कमजोर रुख के साथ खुलने के बाद ज्यादातर समय नकारात्मक दायरे में रहा। एक समय यह 34,400 अंक के निचले स्तर तक भी आया। अंत में सेंसेक्स 0.33 प्रतिशत के नुकसान के साथ बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 34,631 अंक के उच्चस्तर तक भी गया। पिछले दो सत्रों में सेंसेक्स 201 अंक चढ़ा था।

इसी तरह निफ्टी भी 0.41 प्रतिशत के नुकसान के साथ बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 10,536 से 10,613 अंक के दायरे में रहा। बाजार विशेषज्ञों ने कहा कि गुरुवार को अप्रैल महीने के डेरिवेटिव अनुबंधों का निपटान होना है। इससे घरेलू बाजार में उतार-चढ़ाव रहा। एशियाई बाजारों में भी गिरावट रही।

पत्नी के नाम पर खरीदी प्रॉपर्टी तो साबित करनी होगी इनकम

कोटा। आम तौर पर लोग अपनी वाइफ के नाम पर घर खरीदते हैं। कानूनी तौर पर इसमें कुछ भी गलत नहीं है। वाइफ के नाम पर घर की रजिस्‍ट्री कराने पर रजिस्‍ट्रेशन चार्ज में छूट मिलती है लेकिन अगर आपने 30 लाख रुपए से अधिक कीमत के फ्लैट या प्रॉपर्टी की रजिस्‍ट्री कराई है तो सरकार इसके बारे में आपसे वाइफ से हिसाब मांग सकती है कि इसके लिए पैसा कहां से आया।

30 लाख रुपए से अधिक की प्रॉपर्टी की रजिस्‍ट्री के लिए जरूरी है पैन
सीए मिलिंद विजयवर्गीय ने बताया कि नए नियमों के तहत 30 लाख रुपए से अधिक की प्रॉपर्टी की रजिस्‍ट्री के लिए पैन डिटेल देना जरूरी हो गया है। ऐसे में अगर किसी ने अपनी वाइफ के नाम पर प्रॉपर्टी की रजिस्‍ट्री कराई है और उसकी वाइफ इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइल नहीं करती हैं तो सरकार उनको नोटिस देकर पूछ सकती है कि आपके पास प्रॉपर्टी खरीदने के लिए पैसा कहां से आया और इस पैसे पर इनकम टैक्‍स दिया गया है या नहीं।

आपको साबित करना होगा पैसा आपकी इनकम का है
अगर आपने अपने इनकम के पैसे अपनी पत्‍नी के नाम पर प्रॉपर्टी खरीदी है और उनको इनकम टैक्‍स विभाग से नोटिस आता है तो आप की वाइफ जवाब दे सकती है कि यह पैसा आपकी इनकम का है। इसके बाद इनकम टैक्‍स विभाग आपसे इस बारे में सवाल करेगा। अब आप को इनकम टैक्‍स विभाग के सामने साबित करना होगा कि यह पैसा आपकी इनकम का है।

GST काउंसिल की मीटिंग 4 को, रिटर्न फाइलिंग का सरलीकरण होगा

0

नई दिल्ली। रिटर्न फाइलिंग के सरलीकरण, जीएसटीएन को सरकारी कंपनी में तब्दील करने के एजेंडे के साथ जीएसटी काउंसिल की अगली मीटिंग 4 मई को होगी। इस मीटिंग में चीनी पर सेस लगाने सहित कई अहम फैसले होने की उम्मीद है। फाइनेंस मिनिस्ट्री के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

चीनी पर भी लग सकता है सेस
जीएसटी काउंसिल की अगली मीटिंग का एजेंडा तय हो गया है। एजेंडे में रिटर्न फाइलिंग को सरल बनाने यानी सिंगल फॉर्म व्यवस्था लागू करने, जीएसटीएन को सरकारी कंपनी में तब्दील करने का मुद्दा शामिल है।

हालांकि ऐसी भी चर्चा है कि चीनी पर सेस लगाने का फैसला भी लिया जा सकता है। दरअसल चीनी की कीमतें काफी गिर चुकी हैं और चीनी मिलों के लिए कॉस्ट की भरपाई करना भी मुश्किल हो रहा है। माना जा रहा है कि सेस लगाकर सरकार किसानों और चीनी मिलों की समस्या को कम करेगी।

जीएसटी लागू होने के बाद खत्म हुआ सेस
इससे पहले सरकार ने चीनी मिलों पर प्रति क्विंटल 124 रुपए का सेस लगाया था, जिसका बोझ कंज्यूमर्स पर डाला गया था। सेस के माध्यम से मिली रकम को फूड मिनिस्ट्री द्वारा मैनेज किए जा रहे शुगर डेवलपमेंट फंड में जाता है, जिसे मिलों के आधुनिकीकरण और विस्तार में इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि अब सेस लागू नहीं है, क्योंकि जुलाई में गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स रेजीम लागू होने के साथ ही अधिकांश इनडायरेक्ट टैक्स उसी में मिल गए थे।

जीओएम ने दिया प्रस्ताव
हाल में एक ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स ने चीनी की कीमतों को सपोर्ट देने और गन्ना बकाये में कमी लाने में मदद करने के लिए आउटपुट लिंक्ड सब्सिडी और चीनी पर सेस लगाने का प्रस्ताव किया था।

रिकॉर्ड प्रोडक्शन से कीमतों पर बढ़ा प्रेशर
एक साल पहले की तुलना में इस सीजन में प्रोडक्शन 1 करोड़ टन बढ़कर 3.1 करोड़ टन के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के बाद चीनी की थोक कीमतें 28 महीने के लो पर पहुंच गई थी।

सरकार ने सरप्लस से निजात पाने के वास्ते मिलों के लिए चीनी का एक्सपोर्ट अनिवार्य कर दिया है। हालांकि ग्लोबल मार्केट में चीनी की कीमतों पर प्रेशर बना हुआ है, शुगर इंडस्ट्री एक्सपोर्ट पर सरकार से सब्सिडी की मांग कर रही है।

आसाराम को उम्र कैद की सजा, शिल्पी और शरद को 20 साल की कैद

0

जोधपुर। नाबालिग दलित युवती से रेप के मामले में जोधपुर की विशेष अदालत ने आसाराम को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। जोधपुर सेंट्रल जेल में लगी एससी-एसटी कोर्ट के विशेष जज मधुसूदन शर्मा की अदालत ने बुधवार को इस मामले में सहअभियुक्त शिल्पी और शरतचंद्र को 20-20 साल कैद की सजा सुनाई, जबकि अन्य दो प्रकाश और शिव को रिहा कर दिया।

आसाराम को रियायत देने से इनकार करते हुए जज मधुसूदन शर्मा ने कहा कि उनका अपराध घिनौना है और उन्हें मौत तक जेल में रहना होगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक फैसला सुनते ही आसाराम फूट-फूटकर रोने लगा और अपनी पगड़ी उतार दी। वह करीब 10 मिनट तक कुर्सी पर बैठा रहा।

अदालत ने पॉक्सो और एससी-एसटी ऐक्ट समेत 14 धाराओं में आसाराम को दोषी करार दिया। आसाराम के वकीलों ने सजा कम करवाने के लिए तमाम दलीलें दीं, लेकिन वह काम न आईं। एससी-एसटी कोर्ट के विशेष जज मधुसूदन शर्मा की अदालत में आसाराम के वकीलों ने कहा कि उनके मुवक्किल को कम से कम सजा दी जानी चाहिए, क्योंकि उनकी उम्र अधिक है।

2013 से न्यायिक हिरासत में जेल में बंद आसाराम की आयु फिलहाल 78 वर्ष के करीब है। अपराध के दौरान उनकी आयु 74 वर्ष थी। ऐसे में उनके वकीलों का कहना था कि आसाराम की आयु काफी अधिक है और इसके मद्देनजर उन्हें 10 वर्ष से कम की सजा दी जानी चाहिए। हालांकि पीड़िता के वकीलों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए आसाराम को कड़ी से कड़ी सजा जाए।

लंच के बाद दोबारा शुरू हुई अदालत की कार्यवाही में विशेष जज मधुसूदन शर्मा ने तमाम दलीलों को सुनने के बाद आसाराम का आजीवन कैद की सजा सुनाई। इसके साथ ही दोषी करार दिए गए शिल्पी और शरतचंद्र को 20-20 की सजा सुनाई गई।

बता दें कि छात्रावास की वार्डन शिल्पी पर इलाज के लिए छात्रा को प्रेरित कर आसाराम के पास भेजती थी। वहीं आसाराम के गुरुकुल के संचालक शरतचंद्र पर आरोप है कि उसने छात्रा की बीमारी का इलाज नहीं कराया। उसने छात्रा के परिजनों को भ्रमित किया कि छात्रा का इलाज सिर्फ आसाराम ही कर सकते हैं।