Tuesday, July 28, 2026
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रिज़र्व बैंक ने बॉन्ड मार्केट में विदेशी निवेशकों पर लगे प्रतिबंध को हटाया

नई दिल्ली।भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के प्रतिबंध की वजह से विदेशी निवेशक अभी तक सिर्फ उन्हीं सरकारी और कॉर्पोरेट बॉन्ड में निवेश कर सकते थे, जो 3 या उससे अधिक साल के हैं, लेकिन अब आरबीआई ने विदेशी निवेशकों पर लगाए अपने इस प्रतिबंध को वापस लेने का फैसला कर लिया है।

आरबीआई ने शुक्रवार को अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि वह अपने उस प्रतिबंध को वापस ले रहा है, जिसकी वजह से विदेशी निवेशक सिर्फ उन्हीं सरकारी और कॉर्पोरेट बॉन्ड में निवेश कर सकते थे, जो 3 या उससे ज्यादा साल के हैं। इस प्रतिबंध के वापस लिए जाने से घरेलू बॉन्ड मार्केट और मजबूत बन सकता है।

आरबीआई का यह बयान हाल ही में हुई दो नीलामियों में निवेशकों की खास दिलचस्पी न दिखाने के बाद आया है। इसकी वजह से सॉवरन ऋण में वृद्धि हुई। बता दें कि गुरुवार के 7.37 पर्सेंट के 2023 बॉन्ड की नीलामी में, आरबीआई 30 बिलियन में से सिर्फ 430 मिलियन रुपये बेचने में ही कामयाब रहा शेष को प्राथमिक डीलरों द्वारा खरीदा जाना था।

छबड़ा में फर्जी आईडी से रेलवे का रिजर्वेशन करते ई-मित्र संचालक पकड़ा

छबड़ा।  रेलवे पुलिस ने शुक्रवार को कार्रवाई करते हुए कस्बे से फर्जी आईडी से रेलवे टिकट का रिजर्वेशन करते हुए ई-मित्र संचालक को गिरफ्तार किया है।  आरपीएफ चौकीप्रभारी कालीचरण शर्मा ने बताया कि लंबे समय से कस्बे में फर्जी आईडी से रेलवे टिकट के रिजर्वेशन करने की शिकायतें मिल रही थी।

जिस पर कोटा रेलवे की अपराध शाखा के एएसआई देवेंद्र शर्मा मय जाप्ते के छबड़ा पहुंचे। उन्होंने आरपीएफ चौकीप्रभारी कालीचरण शर्मा के नेतृत्व में टीम गठित कर शुक्रवार सुबह 9 बजे बोगस ग्राहक बनाकर आरोपी नवीन माहेश्वरी की ई-मित्र की दुकान पर भेजा।

ग्राहक ने कोटा से बोरीवली का रिजर्वेशन टिकट मांगा। जिस पर नवीन माहेश्वरी ने 1500 के टिकट के 1800 रुपए मांगे। ग्राहक के हां कहने पर माहेश्वरी ने अपनी आईडी से ग्राहक का टिकट निकाल दिया। ग्राहक के तुरंत इशारा करते ही आरपीएफ के कालीचरण शर्मा एवं देवेंद्र शर्मा की टीम ने आरोपी को धर दबोचा एवं उसकी आईडी, 1800 रुपए व टिकट जब्त कर लिए।

आरपीएफ चौकी प्रभारी शर्मा ने बताया कि आरोपी के खिलाफ फर्जी आईडी से रिजर्वेशन करने व टिकट की निर्धारित से अधिक राशि वसूलने को लेकर मामला दर्ज किया है। आरोपी को शनिवार को कोटा रेलवे न्यायालय में पेश किया जाएगा।

भामाशाह मंडी में डेढ़ रुपए किलो लहसुन बेचने पर मजबूर हुए किसान

कोटा। एक दिन पहले शुरू हुई बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत लहुसन की खरीद दूसरे दिन ही लड़खड़ा गई। आदेश के 13 दिन बाद शुरू हुई योजना का शुक्रवार को दम टूट गया। वहीं, किसानों को डेढ़ रुपए किलो में लहसुन बेचना पड़ा। इससे किसानों में आक्रोश है।

उनका कहना है कि सरकार ने एक दिन पहले बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत 145 क्विंटल लहसुन खरीदा। दूसरे दिन एक गांठ लहसुन की भी खरीद नहीं हुई।

किसानों को घाटा:बाजार हस्तक्षेप योजना में सरकार 25 एमएम का लहसुन 3257 रुपए प्रति क्विंटल के भाव से खरीद रही है। निर्धारित क्वॉलिटी से एक क्विंटल में 30 फीसदी ही सरकारी कांटे पर बिकेगी। 70 फीसदी उससे नीचे बिकने वाले हंै। 30 फीसदी लहसुन 3257 के भाव से 9771 रुपए का होता है।

70 फीसदी लहसुन औसत बाजार भाव 6 रुपए के हिसाब से 4200 रुपए का होता है। ऐसे में एक क्विंटल लहसुन 13971 रुपए का हो रहा है। जबकि इस लहसुन को घर की जमीन में पैदा करने में 18720 रुपए का खर्चा हुआ है। किराए की जमीन वाले किसान के 28420 रुपए खर्च हुए है।

ऐसे में घर की जमीनें वाले किसान को 4749 व किराए की जमीन वाले किसान को 14449 रुपए का नुकसान हो रहा है।मंडी में लहुसन तीन कैटेगरी में बिक रहा है। 1.50 रुपए से 6 रुपए, 6 रुपए से 14 रुपए व 14 से 20 रुपए के औसत भाव से बिक रहा है।

नाराज किसानों ने लगाया जाम :मंडी में लहसुन खरीद को लेकर शुक्रवार को राजफेड का ना काटा लगा ना ही कोई अधिकारी मौके पर पहुंचा। सुबह से शाम तक लहसुन की खरीद नहीं हुई। इससे नाराज किसानों ने मंडी का गेट 1 नंबर बंद किया। उन्होंने दोनों लेन पर आड़े तिरछे ट्रैक्टर खड़े कर दिए। पुलिसकर्मियों ने समझाइश कर रास्ते से ट्रैक्टर हटाए।

सरकारी कांटे पर 20 से ज्यादा ट्रॉलियों में लहसुन लेकर किसान गुरुवार रात को आए गए थे। लेकिन खरीद शुरु नहीं होने पर मंडी कमेटी के पूर्व उपाध्यक्ष देवा भड़क ने मौके पर पहुंचकर किसानों को गुमराह करने का आरोप लगाया। वहीं, किसान चेतराम के 19 कट्‌टे तौलने के बाद भी वापस कर दिए।

सीएम तक पहुंची बात:सीएम ने लहसुन के कांटे नहीं लगने के मामले की जानकारी मिलने पर प्रमुख शासन सचिव अभय कुमार को कांटों की संख्या बढ़ाने के लिए कहा। फाटाहेडा़ चार चोमा में नहर की मांग पर उन्होंने कलेक्टर को इसकी रिपोर्ट बनाकर देने के आदेश दिए। विधायक राजावत ने उन्हें बताया कि कलेक्टर के बोल्ड डिसीजन से नॉर्दर्न बाईपास का काम शुरू हो गया।

आज होगी खरीद: नागर
विधायक हीरालाल नागर ने कहा कि सीएम दौरे के दौरान किसानों से लहसुन नापास करने की सूचना मिली। सांसद बिरला व मैंने सीएम राजे को बताया। राजे ने चीफ सेक्रेट्री व सहकारिता विभाग के प्रिसिंपल सेक्रेट्री को क्वालिटी में शिथिलता बरते हुए लहसुन खरीद के निर्देश दिए। कलेक्टर ने लाडपुरा एसडीएम को मंडी में भेजा।

रात 8 बजे लहसुन खरीद चालू करवाई। हम्मालों ने रात 10 बजे काम बंद करने पर किसानों खरीद अगले दिन करने को कहा। वहीं इधर लटूरी गांव के युवा किसान बंटी नागर का कहना है कि लहसुन खरीद रात में शुरू नहीं हुई। रात 8 बजे 15 के किसानों का लहसुन पास कर दिया अब खरीद चालू होगी।

पिछले साल भी फेल रही थी खरीद : वर्ष 2017 में राजफेड को 1 लाख क्विंटल लहसुन खरीदना था। लेकिन 3200 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से 22 एमएम क्वालिटी का राजफेड 649 क्विंटल ही लहसुन खरीद पाया था।

भुगतान अटका :समर्थनमूल्य खरीद में भी किसान परेशान है। 150 गेहूं उत्पादक किसानों के दो करोड़ और 600 चना उत्पादक किसानों के सात करोड़ रुपए अटके पड़े है। वहीं राजफेड में वर्किंग स्टाफ के 60 फीसदी पद रिक्त है।

10 कट्टे लहसुन बिके 675 रुपए में:किशनपुरा तकिया गांव से जगदीश धाकड़ ने कहा वह 10 कट्टा लहसुन लेकर आया था। प्रति कट्टे में 45-45 किलो लहसुन था। किसान का लहसुन डेढ़ रुपए किलो के हिसाब से 675 रुपए में बिका।

रिलायंस इंडस्ट्री का मुनाफा 17.26% बढ़कर 9435 करोड़ हुआ

नई दिल्ली। रिलायंस इंडस्ट्री के लिए फाइनेंशियल ईयर 2018 की चौथी तिमाही बेहतर रही है। इस दौरान कंपनी की आय 1 लाख करोड़ रुपए से ज्‍यादा रही। चौथी तिमाही में आरआईएल का मुनाफा 17.26 फीसदी बढ़कर 9435 करोड़ रुपए रहा है।

वहीं, इस दौरान टेलिकॉम वर्टिकल Jio का मुनाफा 504 करोड़ से बढ़कर 510 करोड़ रुपए रहा है। चौथी तिमाही में आरआईएल का जीआरएम 11 डॉलर प्रति बैरल रहा है। कंपनी ने 6 रुपए प्रति शेयर डिविडेंड देने का ऐलान किया है।

-कंपनी का PBDIT (डेप्रिशिएशन इंटरेस्‍ट और टैक्‍स के बाद प्रॉफिट) पहली बार 10 अरब डालर के पार निकला।
-वित्‍त वर्ष 2017-18 के दौरान कंपनी की नेट रेवेन्‍यू 4,30,731 करोड़ रुपए रहा।
-इसमें 30.5 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई।
-वित्‍त वर्ष 2016-17 के दौरान कंपनी की नेट रेवेन्‍यू 3,30,180 करोड़ रुपए थी।
-पिछले वित्‍त वर्ष के मुकाबले नेट प्रॉफिट में 20.6 फीसदी की ग्रोथ।
-कंपनी के पास नगदी के रूप में 78,063 रुपए है जो दिसबंर तिमाही में 78,617 करोड़ रुपए था।
-रिलायंस रिटेल का प्रि-टैक्‍स प्रॉफिट 200 फीसदी बढ़ा।

Jio को 510 करोड़ का मुनाफा
चौथी तिमाही में रिलायंस Jio का मुनाफा बढ़कर 510 करोड़ रुपए हो गया है। तीसरी तिमाही में यह 504 करोड़ रुपए था। वहीं, इस दौरान Jio की आय 6879 करोड़ से बढ़कर 7128 करोड़ रुपए हो गई है।

Jio के अब तक 18.66 करोड़ ग्राहक हो चुके हैं। कंपनी ने बताया है कि इस तिमाही में ग्राहकों ने 506 करोड GB डाटा खर्च किया। इस प्रकार इसमें पिछली तिमाही की तुलना में 17.4 फीसदी ग्रोथ दर्ज की गई।

मुनाफा 17.26% बढ़ा
चौथी तिमाही के दौरान आरआईएल का मुनाफा 17.26 फीसदी बढ़कर 9435 करोड़ रुपए रहा है। यह अब तक का दूसरा सबसे ज्यादा कंसोलि‍डेटेड क्वार्टरली प्रॉफिट है। फाइनेंशियल ईयर 2017 की चौथी तिमाही में आरआईएल का मुनाफा 8046 करोड़ रुपए रहा था। वहीं, पिछली तिमाही में 9,423 करोड़ रुपए का प्रॉफिट हुआ था।

कंसोलिडेटेड सेल्स 29.34% बढ़ी
चौथी तिमाही में सालाना आधार पर आरआईएल की कंसोलिडेटेड सेल्स 29.34 फीसदी बढ़कर 1.20 लाख करोड़ रुपए रही। फाइनेंशियल ईयर 2017 की चौथी तिमाही में आरआईएल की कंसोलिडेटेड सेल्स 92889 करोड़ रुपए थी। वहीं, तीसरी तिमाही में आय 1.09 लाख करोड़ रही थी। इसके पहले 2013 की दिसंबर तिमाही में आरआईएल की कंसोलिडेटेड सेल्स 1.18 लाख करोड़ रुपए थी, जो सबसे ज्यादा थी।

रिटेल और डिजिटल में ग्रोथ की अपार संभावनाएं
रिजल्‍ट के बाद मुकेश अंबानी ने कहा कि रिटेल और डिजिटल में ग्रोथ की अपार संभावनाएं हैं। इन सेक्‍टर में निवेशकों को फायदा होगा। मुकेश अंबानी ने बताया कि Jio पहले साल ही मुनाफे में आया। उन्‍होंने कहा कि Jio का कॉल ड्रॉप टेलिकॉम इंडस्‍ट्री में सबसे कम है।

कैंसर चिकित्सालय का भूमिपूजन, एलन ने दिया 10.8 करोड़ का सहयोग

कोटा। मेडिकल व इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के क्षेत्र में पहचान स्थापित करने के बाद अब चिकित्सा के क्षेत्र में उच्च स्तरीय सेवाओं के लिए भी कोटा शहर जाना जाएगा। यहां बेहतर चिकित्सा सेवाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से भारत विकास परिषद सेवा संस्थान की ओर से कोटा में भारत विकास आयुर्विज्ञान संस्थान एवं कैंसर चिकित्सालय का भूमिपूजन शुक्रवार को हुआ।

कोटा यूनिवर्सिटी के पीछे बारां-चित्तौड़ फोरलेन के नजदीक स्थित भूमि पर झालरिया पीठ डीडवाना के पीठाधीश्वर स्वामी घनश्यामाचार्य महाराज के सान्निध्य में राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे तथा सरकार्यवाह सुरेश (भैया) जोशी ने भूमिपूजन किया।

इस अवसर पर भारत विकास परिषद के पदाधिकारी एवं एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के निदेशक भी मौजूद रहे। समारोह में भामाशाहों का सम्मान किया गया। भवन निर्माण में एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट द्वारा 1008 लाख (10 करोड़ 8 लाख) की मदद दी गई।

सपने देखने हैं तो बड़े देखो
भूमिपूजन समारोह में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि सपने देखने हैं तो बड़े देखो और उन्हें पूरे करने के लिए मेहनत भी उतनी ही बड़ी करो। कोटा में इस अस्पताल की नींव के साथ ही दो सुपरस्पेशलिटी भवन से शुरू हो जाएंगी। एक राजकीय क्षेत्र में और भारत विकास परिषद के अस्पताल में।

कोटा और राजस्थान के लोगों का दिल बहुत बड़ा है। काम शुरू हो गया है तो ईश्वर और जनता का आशीर्वाद भी मिलेगा। इस अस्पताल का फायदा सिर्फ हाड़ौती ही नहीं वरन मध्यप्रदेश के लोगों को भी होगा। 

कोटा-दरा रोड इस वर्ष के अंत तक ठीक होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस घोषणा के साथ ही एक और खुशखबरी यह भी है कि एमसीआई ने प्रदेश के डूंगरपुर, भीलवाड़ा, भरतपुर, पाली, चुरू के मेडिकल कॉलेजों को अनुमति दे दी है। कोटा-दरा रोड इस वर्ष के अंत तक पूरी तरह से ठीक हो जाएगा। कोटा में पिछले साढ़े चार साल में 10 हजार करोड़ का काम हुआ है और अगले छह महीने में यह राशि 12 हजार करोड़ हो जाएगी। 

मनुष्य वही है जो मनुष्य के काम आए
कार्यक्रम में झालरिया पीठ डीडवाना के पीठाधीश्वर स्वामी घनश्यामाचार्य महाराज ने कहा कि भारत ही नहीं पूरा विश्व बीमारियों से मुक्त होना चाहिए। धन की कमी नहीं है, शुरूआत करने की देर है। यह प्रकल्प शुरू हुआ है और बहुत जल्द पूरा होगा। याद रखें, मनुष्य वही है जो मनुष्य के काम आए। 

सरकार्यवाह सुरेश जोशी ने कहा कि बीज लग गया है, अब यह पौधा और पेड़ बनेगा। समाज की सेवा व आवश्यकता को समझकर काम किया जा रहा है। भारत विकास परिषद की यह भावना रही है कि हम जो भी दे रहे हैं वो कम है। भारत का भाग्य है कि ऐसी हजारों संस्थाएं शासन के साथ मिलकर काम कर रही हैं। 

कार्यक्रम में भारत विकास आयुर्विज्ञान संस्थान के अध्यक्ष श्याम शर्मा ने प्रोजेक्ट की जानकारी दी। उन्होंने भामाशाहों को मंच पर बुलाया, जिन्हें अतिथियों ने सम्मान पत्र देकर पुरस्कृत किया। इनमें मुख्यरूप से 10 करोड़ 8 लाख की सहायता देने पर एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट परिवार से मातुश्री श्रीमती कृष्णादेवी माहेश्वरी, गोविन्द माहेश्वरी, राजेश माहेश्वरी, नवीन माहेश्वरी व बृजेश माहेश्वरी रहे।

इसके अलावा दिनेश नन्दवाना 1.25 करोड़, हरवंशलाल सेठी को 51 लाख, मोहम्मद मियां को 31 लाख का सहयोग देने पर सम्मान किया। इसके साथ ही महेश आशा जैन, कैलाशचंद माणकचंद सर्राफ, राधेश्याम गुप्ता, निशा निदासरिया, दिग्विजय शुक्ला, राजेन्द्र शर्मा, मुकुट नागर को भामाशाह के रूप में सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के निदेशक गोविन्द माहेश्वरी ने ‘मैं नहीं मेरा नहीं, ये तन किसी का है दिया, जो भी अपने पास है वो सबकुछ किसी का है दिया…..‘ गीत प्रस्तुत किया। 

तीन चरणों में पूरा होगा 400 करोड़ का प्रोजेक्ट
भारत विकास आयुर्विज्ञान व कैंसर चिकित्सालय का निर्माण तीन चरणों में होना प्रस्तावित है। जिसमें करीब 400 करोड़ रुपए की लागत आएगी। 140 करोड़ की लागत से चिकित्सा उपकरण लगाए जाएंगे। इस संस्थान का निर्माण सात लाख वर्ग फीट क्षेत्र में होगा। इस प्रोजेक्ट के तहत 500 बैड के मल्टी स्पेशियलिटी चिकित्सालय का निर्माण भी प्रस्तावित है। 

ज्वेलरों की मांग घटने से सोना 190 रुपये और सस्ता

नई दिल्ली। घरेलू आभूषण निर्माताओं की नरम मांग और कमजोर वैश्विक रुख के बीच दिल्ली के सर्राफा बाजार में शुक्रवार को सोने का भाव 190 रुपये और घटकर 32,210 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इसके दाम में गुरुवार को भी 50 रुपये की गिरावट आई थी।

वहीं सिक्का निर्माताओं और औद्योगिक इकाइयों के कम उठाव से चांदी भी 100 रुपये टूटकर 40,450 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। राष्ट्रीय राजधानी में 99.9 प्रतिशत और 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 190 रुपये टूटकर क्रमश: 32,210 रुपये और 32,060 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रहा। हालांकि, आठ ग्राम वाली गिन्नी 24,800 रुपये प्रति इकाई पर टिकी रही। चांदी तैयार की कीमत 100 रुपये की गिरावट के साथ 40,450 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई।

जबकि चांदी साप्ताहिक डिलिवरी की कीमत 220 रुपये घटकर 39,205 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई। हालांकि, चांदी सिक्का लिवाल और बिकवाल क्रमश: 75,000 रुपये और 76,000 रुपये प्रति सैकड़ा पर स्थिर रहे। बाजार विशेषज्ञों ने कहा कि डॉलर में मजबूती की वजह से विदेशी बाजार में सोने की कीमतों पर दबाव रहा और इसमें गिरावट आई।

इसका घरेलू बाजार की कीमतों पर असर पड़ा। इसके अलावा, घरेलू आभूषण कारोबारियों और खुदरा विक्रेताओं की ओर से मांग घटने से भी कीमतों पर दबाव डाला। वैश्विक स्तर पर न्यूयॉर्क में सोना 0.48 प्रतिशत गिरकर 1,316.30 डॉलर प्रति औंस पर रहा। जबकि चांदी 0.27 प्रतिशत टूटकर 16.47 डॉलर प्रति औंस पर रही।

विशेषज्ञों ने कहा कि डॉलर में मजबूती की वजह से निवेशक उसमें निवेश करना फायदेमंद समझते हैं और सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग घट जाती है। वहीं डॉलर के दाम बढ़ने से अन्य विदेशी मुद्राओं में सोने का आयात महंगा हो जाता है जिससे इसकी मांग पर असर होता है। इन दोनों वजहों से सोने के दाम में गिरावट देखने को मिलती है।

कोटा सर्राफा
चांदी 40100 रुपये प्रति किलोग्राम। 
सोना केटबरी 32250 रुपये प्रति दस ग्राम,  सोना 37620 रुपये प्रति तोला।
सोना शुद्ध 32400 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 37800 रुपये प्रति तोला।

मुख्यमन्त्री वसुंधरा राजे ने दिया नव विवाहित वर वधु को आर्शीवाद

कोटा। कोटा व्यापार महासंघ के महासचिव अशोक माहेश्वरी के सुपुत्र अपूर्व माहेश्वरी के विवाह उत्सव पर राजस्थान की मुख्यमन्त्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने उनके निवास पर जाकर नव विवाहित वर वधु को हार्दिक शुभकामनायें एवं आर्शीवाद प्रदान किया।

इस अवसर पर कोटा व्यापार महासंघ के अध्यक्ष क्रान्ति जैन भारतीय जनता पार्टी के पूर्व उपाध्यक्ष राजकुमार माहेश्वरी सहित सभी परिवार जन मौजूद थे। 

बधाई देने वालो में कोटा बूंदी लोकसभा के सांसद ओम बिरला, लाड़पुरा के विधायक भवानी सिंह राजावत कोटा दक्षिण के विधायक संदीप शर्मा नगर विकास न्यास के अध्यक्ष रामकुमार मेहता एवं नगर निगम की उपमहापौर सुनीता व्यास सहित कई व्यापारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री पहले भी इनके परिवार के वैवाहिक समारोहों में शिरकत करती रही हैं। इससे पूर्व वे महासंघ के महासचिव अशोक माहेश्वरी के अनुज राजकुमार माहेश्वरी के सुपुत्र की शादी में भी आर्शीवाद देने पहुंची थी।

वायदा तेज रहने से हाजिर में धनिया 100 रुपये उछला

कोटा। मंडियों में आवक घटने और एनसीडेक्स पर शुरू में धनिया का वायदा तेज रहने से हाजिर में भाव 100 रुपये ऊँचे बोले गए। कोटा मंडी में भाव स्तर रहे। एनसीडेक्स पर मई वायदा 67 रुपए टूट कर 4815 और जून वायदा 74 रुपये घटकर 4875 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। 

भामाशाह अनाज मंडी में शुक्रवार को माल की कुल आवक 75 हजार बोरी की रही। मसाला जिंसों में लहसुन की आवक 8000 कट्टे और धनिया की 2000 बोरी की रही। रामगंजमंडी में धनिया की आवक 7000 बोरी की बताई गई। लिवाली के अभाव में चना 50 रुपये, धान 50 रुपये, उड़द 100 रुपये और सोयाबीन 50 रुपये क्विंटल मंदा रहा।

गेहूं मिल 1580 से 1621 लोकवान नया 1600 से 1750 पीडी नया 1600 से 1800 गेहूं टुकडी 1550 से 1950 रुपये प्रति क्विंटल। धान सुगंधा 2600 से 2860 पूसा 1 2500 से 2700 पूसा 4 (1121) 2500 से 3331 धान (1509) 2000 से 3100 रुपये प्रति क्विंटल। सोयाबीन 2400 से 3621 सरसो 3300 से 3541 तिल्ली 5000 से 7000 रुपये प्रति क्विंटल।

मैथी पुरानी 2000 से 2500 मैथी नई 2500 से 3100 धनिया बादामी नया 3400 से 4000 ईगल 3800 से 4400 रंगदार 5000 से 7000 धनिया पुराना 3000 से 3800 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 3300 से 3800 उडद 2000 से 3300 चना 3000 से 3251 रुपये प्रति क्विंटल।

चना काबुली 4000 से 5100 चना पेपसी 3300 से 3500 चना मौसमी 3000 से 3350 मसूर 3000 से 3350 रुपये प्रति क्विंटल। ग्वार 3000 से 3600 मक्का 1000 से 1300 जौ 1100 से 1200 ज्वार 1300 से 2400 रुपये प्रति क्विंटल। लहसुन नया 200 से 2200 रुपये प्रति क्विंटल रहा।  

रिलायंस जियो में नौकरी का मौका, जानें कैसे होगी हायरिंग

नई दिल्ली। रिलायंस जियो में इस साल नौकरियों की बारिश होने वाली है। रिलायंस जियो वित्त वर्ष 2018-19 के लिए 75 हजार से 80 हजार नई भर्तियां करेगा। कंपनी ने मुख्य मानव संसाधन अफसर संजय जोग ने गुरुवार को एक इवेंट के दौरान इस बात की जानकारी दी और कहा कि आज रिलायंस जियो में डेढ़ लाख से भी ज्यादा कर्मचारी काम कर रहे हैं और मौजूदा वित्त वर्ष में 75 हजार से 80 हजार लोगों को भर्ती करने की योजना है।

अट्रिशन रेट (संघर्षण दर) के बारे में पूछे जाने पर संजय जोग ने कहा, ‘सेल्स और कंस्ट्रक्शन साइट्स से संबंधित टेक्निकल एरिया में यह 32 पर्सेंट है। अगर औसतन लेवल पर देखा जाए तो यह सिर्फ 18 पर्सेंट ही रह जाएगा।’

रेफरल के अलावा सोशल मीडिया के जरिए होगी हायरिंग
संजय जोग ने आगे कहा कि कंपनी की देशभर के टेक्निकल इंस्टिट्यूशंस समेत 6000 कॉलेजों के साथ पार्टनरशिप है। उनके मुताबिक, इन कॉलेजों में कुछ ऐसे कोर्सेस ऑफर किए जा रहे हैं, जिन्हें क्लियर करने पर छात्र खुद ही रिलायंस कंपनी में रिक्रूट किए जाने के लिए काबिल हो जाते हैं।

चीन का न्‍यू एरा और हमारा न्‍यू इंडिया दुनिया को ले जाएगा आगे: मोदी

वुहान/नई दि‍ल्‍ली। पीएम नरेंद्र मोदी ने चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग के साथ वुहान में अनौपचारि‍क शि‍खर सम्‍मेलन की शुरुआत की। मोदी ने कहा कि भारत, चीन की अर्थव्‍यवस्‍था ने दुनिया की अर्थव्‍यवस्‍था को को गति दी। चीन का न्‍यू एरा और हमारा न्‍यू इंडिया दुनिया को आगे ले जाएगा।

भारत चीन दुनिया में शांति, स्थिरता और समृद्धि ला सकते हैं। वहीं, शी जिनपिंग ने कहा कि वसंत में हो रही यह मुलाकात बेहद खास है क्‍योंकि वसंत को पवित्र माना जाता है। मोदी ने अपने स्वागत के लिए चीन का धन्यवाद दिया है।बता दें कि अपनी दो दि‍वसीय यात्रा पर गुरुवार देर रात चीन पहुंच गए।

वुहान एयरपोर्ट पर विदेश मंत्रालय के असिस्टेंट मिनिस्टर कॉग जुआंगयू और हुबेई के वाइस गवर्नर टॉग डाओचा ने उनका स्‍वागत कि‍या। दोपहर को चीनी राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग ने मोदी का स्‍वागत कि‍या और वुहान में अनौपचारि‍क शि‍खर सम्‍मेलन की शुरुआत की। दो दि‍नों के दौरान मोदी और जिनपिंग के बीच छह बैठकें प्रस्‍तावि‍त हैं।

यह बैठक अनौपचारि‍क होगी। यानी इसके बाद कि‍सी तरह का संयुक्‍त बयान जारी नहीं कि‍या जाएगा। वर्ष 2014 में सत्‍ता संभालने के बाद मोदी की यह चौथी चीन यात्रा है।

पीएम मोदी से प्रोटोकॉल तोड़कर मिले जिनपिंग
चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग ने प्रोटोकॉल तोड़कर पीएम मोदी का स्‍वागत किया। उन्‍होंने मोदी से कहा कि वसंत में हो रही यह मुलाकात बेहद खास है क्‍योंकि वसंत को पवित्र माना जाता है।

वहीं पीएम मोदी ने जिनपिंग से कहा, ‘गर्मजोशी के साथ मेरा स्‍वागत करने के लिए शुक्रिया। चीन के काम ने मुझे बेहद प्रभावित किया है। बिजली के क्षेत्र में चीन का काम अनोखा है। मैं वुहान पहली बार आया हूं लेकिन ऐसा मौका पहले भी मिला है। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि चीन और भारत की सभ्‍यता नदी किनारे विकसित हुई है।’

ये सिर्फ अनौपचारिक बातचीत नहीं बल्कि ऐति‍हासिक पल
अनौपचारिक शिखर वार्ता के दौरान पीएम मोदी ने सबसे पहले चीन को शानदार स्‍वागत के लिए धन्‍यवाद दिया। उन्‍होंने कहा कि राष्‍ट्रपति जिनपिंग ने राजधानी के बाहर दो बार मेरा स्‍वागत किया। इसके लिए शुक्रिया। ये सिर्फ अनौपचारिक बातचीत नहीं बल्कि ऐति‍हासिक पल है।

अनौपचारिक बातचीत के लिए जिनपिंग ने अच्‍छा माहौल बनाया। मैं और जिनपिंग दुनिया की 40 फीसदी आबादी के चेहरे हैं। 40 फीसदी आबादी का भला मतलब दुनिया को संकट से निकालना।

दोनों देशों के 5 तत्‍व दुनिया को बनाएंगे बेहतर
हमारे बीच का विश्‍वास दुनिया के लिए नई शक्ति बनेगा। दोनों देशों का विश्‍वास धीरे-धीरे लोगों के बीच बढ़ेगा। दोनों देशों के 5 तत्‍व संपर्क, सोच, सहयोग, संकल्‍प और सपने ये दुनिया को बेहतर बनाएंगे।इसके साथ ही मोदी ने जिनपिंग को अनौपचारिक बातचीत के लिए भारत आने का न्‍यौता भी दिया।

तनाव दूर होगा
मोदी और जि‍नपिंग की मुलाकात के दौरान दोनों ओर का प्रतिनिधिमंडल मौजूद रहेगा। दोनों नेता शनिवार को ईस्ट लेक जाएंगे और नौका की सवारी करेंगे। इस दौरान ईस्ट लेक गेस्ट हाउस में चर्चा भी होगी। भारत और चीन द्विपक्षीय संबंधों में आए तनाव को दूर करने की भरसक कोशिश करेंगे।

एशिया के दो दिग्गज देशों के बीच आपसी अविश्वास का इतिहास रहा है। दोनों देशों के बीच 2017 में डोकलाम विवाद को लेकर स्थिति और तनावग्रस्त हो गई थी। लेकिन मोदी और शी जिनपिंग की यह बैठक आपसी संबंधों को नए सिरे से शुरू करने की एक कोशिश है।

दोनों मुल्‍कों को है एक-दूसरे की जरूरत
चीन मामलों के जानकार और जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर संजय भारद्वाज के मुताबिक, ऐसा नहीं हो सकता है कि भारत चीन के साथ और चीन भारत के साथ लंबे समय तक मुंह मोड़ ले या आपने संबंधों को खत्‍म कर ले। इकोनॉमी, कॉमर्स, डिप्‍लोमेसी समेत मौजूदा समय में ऐसे बहुत से मसले हैं, जहां भारत को चीन की और चीन को भारत की जरूरत है।

कई आर्थिक मंचों पर दोनों देश साथ काम कर रहे हैं। ऐसे में विरोध के समय दोनों देश अपनी अपनी चालें चलेंगे, लेकिन इसके बाद भी साथ-साथ काम करना पड़ेगा। भारद्वाज के मुताबिक, दोनों की अपनी आर्थिक जरूरत और जियो पॉलिटिकल मजबूरियां हैं। आइए इसी की पड़ताल करते हैं।