Saturday, June 13, 2026
Home Blog Page 53

27337 करोड़ के घोटाले में अनिल अंबानी की कंपनियों पर CBI के छापे

मुंबई। देश के बैंकिंग सेक्टर और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) 27 हजार करोड़ रुपये से अधिक का चूना लगाने वाले कथित घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने एक बड़ी कार्रवाई की है।

शनिवार को अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस एडीए ग्रुप की कंपनियों और उनके निदेशकों के खिलाफ मुंबई में 17 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की गई। यह कार्रवाई कॉर्पोरेट गवर्नेंस और बैंक फंड की हेराफेरी के बड़े मामलों पर जांच एजेंसियों के कड़े रुख को दर्शाती है।

  • सीबीआई के प्रवक्ता के अनुसार, यह सर्च ऑपरेशन रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड, रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड और उनके निदेशकों के खिलाफ दर्ज तीन अलग-अलग मामलों के तहत किया गया है।
  • जांच एजेंसी ने इन कंपनियों के निदेशकों के आवासीय परिसरों पर छापे मारे।
  • इसके साथ ही उन बिचौलिया कंपनियों के दफ्तरों को भी खंगाला गया, जिनके खातों का इस्तेमाल कथित तौर पर बैंक फंड को डायवर्ट (हेराफेरी) करने के लिए किया गया था।
  • शुक्रवार को मुंबई की एक विशेष अदालत से सर्च वारंट हासिल करने के बाद यह कार्रवाई शुरू की गई, जिसमें कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

27,337 करोड़ का वित्तीय नुकसान और फर्जीवाड़ा
इस पूरे कथित घोटाले का वित्तीय प्रभाव बेहद व्यापक है। अधिकारियों के मुताबिक, इन मामलों में सरकारी बैंकों और LIC को कुल मिलाकर लगभग 27,337 करोड़ रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ा है। जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य भी सामने आया है कि फंड डायवर्ट करने के लिए इस्तेमाल की गईं कई बिचौलिया कंपनियां एक ही पते से संचालित हो रही थीं।

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी और अब तक की कार्रवाई
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और एलआईसी की शिकायतों के आधार पर संघीय एजेंसी ने अनिल अंबानी के रिलायंस समूह के खिलाफ हजारों करोड़ रुपये के कथित धोखाधड़ी के कुल सात मामले दर्ज किए हैं।

  1. इन मामलों के दर्ज होने के तुरंत बाद, बीते कुछ महीनों में सीबीआई 14 अन्य स्थानों पर भी तलाशी अभियान चला चुकी है।
  2. 24 अप्रैल को रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) के दो वरिष्ठ अधिकारियों- ज्वाइंट प्रेसिडेंट डी विश्वनाथ (जो ग्रुप के बैंकिंग ऑपरेशंस के समग्र प्रभारी थे) और वाइस-प्रेसिडेंट अनिल कालया (जिन्होंने बैंकिंग ऑपरेशंस और फंड के उपयोग में सक्रिय मदद की थी)- को गिरफ्तार किया गया था।
  3. ये दोनों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

रिलायंस एडीए ग्रुप के खिलाफ सीबीआई की यह कार्रवाई भारत में कॉर्पोरेट और वित्तीय प्रणाली की खामियों का फायदा उठाने वालों के लिए एक सख्त चेतावनी है। इस पूरे मामले की सीधी निगरानी देश के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट के दखल और सीबीआई की तेज होती कार्रवाई के चलते आने वाले दिनों में कंपनी के शीर्ष प्रबंधन और निदेशकों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं, साथ ही बैंकिंग सेक्टर के नियमों में और सख्ती देखने को मिल सकती है।

तेल संकट से ऐसे निपटेगी सरकार, पेट्रोल में मिलाएगी 25% इथेनॉल

नई दिल्ली। Ethanol Blending: पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में अनिश्चितता को देखते हुए भारत सरकार अपनी ऊर्जा रणनीति में बड़ा बदलाव करने जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार अब पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंडिंग के लक्ष्य को 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत करने पर विचार कर रही है।

टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, इस कदम का मुख्य उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना और देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है और कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखी जा रही है। ऐसे में भारत घरेलू ऊर्जा सोर्स और नवीकरणीय ऊर्जा पर तेजी से फोकस बढ़ा रहा है।

क्या है मेगा प्लान

  • इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम ने पहले ही भारत की अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान दिया है।
  • सरकारी अनुमानों के अनुसार 20% इथेनॉल ब्लेंडिंग से सालाना लगभग 4.5 करोड़ बैरल कच्चे तेल के आयात की बचत हुई है।
  • साथ ही इससे देश के खजाने से लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा बाहर जाने से रुकी है।
  • अब अधिकारी इस सीमा को 25% तक ले जाने की संभावना तलाश रहे हैं, हालांकि इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

उपभोक्ताओं पर क्या असर

  • सरकार 25% ब्लेंडिंग की दिशा में सावधानी से आगे बढ़ रही है क्योंकि इसके कुछ तकनीकी पहलू भी हैं। ये इस प्रकार हैं:
  • उच्च इथेनॉल मिश्रण के लिए वाहनों के इंजन में बदलाव की आवश्यकता हो सकती है। पुराने वाहनों पर इसके प्रभाव की जांच की जा रही है।
  • इथेनॉल की मात्रा बढ़ने से गाड़ी के माइलेज पर पड़ने वाले असर का मूल्यांकन किया जा रहा है।
  • गाड़ी के इंजन के पुर्जों पर इसके दीर्घकालिक प्रभाव को लेकर अधिकारी सतर्क हैं।

तमिलनाडु में आज से ‘विजय’ राज, जानें कितनी संपत्ति के मालिक हैं थलपति

चेन्नेई। तमिलनाडु की राजनीति में 10 मई 2026 का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। विधानसभा चुनाव में 108 सीटें जीतने वाले विजय ने तमिलनाडुन के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। पहली बार सीएम बने विजय के मंत्रिमंडल में कुल नौ मंत्री हैं। लेकिन इस कैबिनेट की सबसे बड़ी खासियत हैं एकमात्र महिला मंत्री एस कीर्तना।

पहली बार चुनावी मैदान में उतरे विजय ने सिर्फ 2 साल पहले राजनीतिक पार्टी टीवीके बनाई थी। इस चुनाव में उन्हें जनता का भरपूर प्यार मिला। विजय के शपथ ग्रहण को लेकर लंबा ड्रामा चला था। उनकी पार्टी मात्र 10 सीटों से बहुमत से दूर रह गई थी। कांग्रेस समेत अन्य दलों ने उन्हें समर्थन दिया, जिसके बाद उनकी पार्टी को बहुमत हासिल हुआ।

भाषण देने लगे तो राज्यपाल ने टोका
विजय के शपथ ग्रहण के दौरान राज्यपाल को बीच में उन्हें टोकना पड़ा। दरअसल विजय जैसे ही शपथ लेने के लिए पहुंच राज्यपाल ने उन्हें दिए गए लेटर को पढ़ने के लिए कहा। लेकिन विजय इस दौरान भाषण देने लग पड़े। इस बीच वहां मौजूद लोग तालियां बजाने लगे। कुछ मिनटों बाद राज्यपाल को जब इस बात का अहसास हुआ कि विजय जो शपथ ग्रहण वाला पत्र न पढ़कर भाषण दे रहे हैं तो उन्होंने उन्हें टोका। उन्होंने विजय को शपथ ग्रहण वाला पत्र पढ़ने को कहा।

विजय ने तिरुचिरापल्ली सीट से इस्तीफा दिया
मुख्यमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण करने से पहले विजय ने तिरुचिरापल्ली पूर्व विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया और पेरम्बूर सीट बरकरार रखी। उन्होंने अपना इस्तीफा मंत्रियों के ए सेंगोट्टैयन और पी वेंकटरमन के माध्यम से विधानसभा के प्रमुख सचिव के श्रीनिवासन को भिजवाया।

विजय के पास कितनी संपत्ति

  1. चुनावे से पहले दर्ज करवाए गए हलफनामे में विजय ने बताया है कि उनके पास कुल 603.20 करोड़ रुपये की संपत्ति है।
  2. उनके पास 404.58 करोड़ चल संपत्ति तो 198.62 करोड़ रुपये अचल संपत्ति है।
  3. गाड़ियों की बात करें तो उनके पास BMW के मॉडल्स, लेक्सस और टोयोटा वेलफायर जैसी महंगी कारों का काफिला है।
  4. सिर्फ साल 2024-25 में ही विजय ने 184.53 करोड़ रुपये की भारी-भरकम कमाई की है, जो उन्हें देश के सबसे महंगे एक्टर-पॉलिटिशियन की कतार में खड़ा करती है।

Market Cap: SBI समेत 4 शीर्ष कंपनियों का मार्केट कैप 1 लाख करोड़ रुपये घटा

नई दिल्ली। Market Cap: पिछले कारोबारी हफ्ते शेयर बाजार में सीमित दायरे में कारोबार देखने को मिला। इस दौरान देश की टॉप-10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से चार कंपनियों के मार्केट कैप में कुल मिलाकर करीब 1 लाख करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई। सबसे ज्यादा नुकसान भारतीय स्टेट बैंक यानी SBI को हुआ।

बीते हफ्ते SBI के बाजार पूंजीकरण में 44,722 करोड़ रुपये से ज्यादा की गिरावट आई। इसके बाद बैंक का कुल मार्केट कैप घटकर 9.41 लाख करोड़ रुपये रह गया। इसके अलावा भारती एयरटेल, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और लार्सन एंड टुब्रो (L&T) के वैल्यूएशन में भी कमी देखने को मिली।

ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ टेक फर्म Enrich Money के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि भारतीय शेयर बाजार में पूरे हफ्ते उतार-चढ़ाव का माहौल बना रहा। शुरुआती कारोबारी सत्रों में मध्य पूर्व में तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी की उम्मीद से बाजार को सहारा मिला था, लेकिन बाद में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी।

उन्होंने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के चलते निवेशकों का रुख सतर्क बना रहा, जिसकी वजह से बाजार में मजबूती टिक नहीं सकी। जहां कुछ कंपनियों के मार्केट कैप में गिरावट आई, वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज, HDFC बैंक, ICICI बैंक, बजाज फाइनेंस, हिंदुस्तान यूनिलीवर और LIC जैसी कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में बढ़ोतरी दर्ज की गई। इन छह कंपनियों ने मिलकर करीब 46,685 करोड़ रुपये का फायदा जोड़ा।

कमजोर वैश्विक संकेतों के बावजूद घरेलू शेयर बाजार हफ्ते के अंत में बढ़त के साथ बंद हुए। बीएसई सेंसेक्स 414.69 अंक यानी 0.53 फीसदी चढ़ा, जबकि NSE निफ्टी 178.6 अंक यानी 0.74 फीसदी मजबूत होकर बंद हुआ।

सप्ताह के दौरान स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का बाजार पूंजीकरण 44,722 करोड़ रुपये घटकर 9.41 लाख करोड़ रुपये रह गया। इसके अलावा भारती एयरटेल की वैल्यूएशन में भी 31,167 करोड़ रुपये की गिरावट आई और कंपनी का मार्केट कैप घटकर 11.18 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी TCS का बाजार पूंजीकरण भी 28,456 करोड़ रुपये कम होकर 8.66 लाख करोड़ रुपये रह गया। वहीं इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी लार्सन एंड टुब्रो के मार्केट कैप में 5,371 करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई और यह 5.46 लाख करोड़ रुपये पर आ गया।

दूसरी ओर, HDFC बैंक ने शानदार प्रदर्शन किया। कंपनी का मार्केट कैप 15,425.09 करोड़ रुपये बढ़कर 12,02,699.26 करोड़ रुपये पहुंच गया।

बजाज फाइनेंस की वैल्यूएशन में भी 11,486.89 करोड़ रुपये का उछाल आया और इसका बाजार पूंजीकरण बढ़कर 5,94,610.02 करोड़ रुपये हो गया।

FMCG सेक्टर की बड़ी कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर ने भी निवेशकों को राहत दी। कंपनी का मार्केट कैप 8,763.97 करोड़ रुपये बढ़कर 5,37,562.98 करोड़ रुपये हो गया।

देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण 6,563.28 करोड़ रुपये बढ़कर 19,42,866.58 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं LIC की वैल्यूएशन 2,751.37 करोड़ रुपये बढ़कर 5,07,549.44 करोड़ रुपये हो गई।

ICICI बैंक का मार्केट कैप भी 1,694.61 करोड़ रुपये बढ़कर 9,06,675.39 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। मार्केट वैल्यूएशन के आधार पर रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी रही। इसके बाद HDFC बैंक, भारती एयरटेल, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, ICICI बैंक, TCS, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, हिंदुस्तान यूनिलीवर और LIC का स्थान रहा।

Stock Market: अगले सप्ताह कैसी रहेगी शेयर बाजार की चाल, जानिए एक्सपर्ट से

नई दिल्ली। Stock Market This Week : इस सप्ताह शेयर बाजारों के भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के प्रति संवेदनशील बने रहने की संभावना है। खासकर अमेरिका और ईरान से जुड़ी मौजूदा स्थिति पर निवेशकों की नजरें टिकी हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन घटनाक्रमों का सीधा असर बाजार की चाल पर दिखाई दे सकता है।

ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें इस समय बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण संकेतक बनी हुई हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर कच्चे तेल का भाव 90 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से नीचे स्थिर रहता है या भू-राजनीतिक तनाव में नरमी के संकेत मिलते हैं, तो बाजार में रिकवरी रैली देखने को मिल सकती है। वहीं, यदि तनाव लंबे समय तक बना रहता है या हालात और बिगड़ते हैं, तो बाजार में दबाव और अस्थिरता बढ़ सकती है।

इसके अलावा रुपये और डॉलर की विनिमय दर तथा विदेशी निवेशकों की ट्रेडिंग गतिविधियां भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी। विदेशी निवेशकों के रुझान में बदलाव से घरेलू बाजार पर तेजी या गिरावट दोनों तरह का असर पड़ सकता है।

एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर के अनुसार, इस सप्ताह बाजार मुख्य रूप से भू-राजनीतिक खबरों से प्रभावित रह सकता है और इसमें तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। उन्होंने कहा कि निवेशकों की नजरें अमेरिका-ईरान से जुड़े घटनाक्रमों पर बनी रहेंगी, जो बाजार की दिशा तय करने में अहम साबित हो सकते हैं।

भारतीय शेयर बाजार आने वाले सप्ताह में वैश्विक और घरेलू आर्थिक संकेतकों से प्रभावित रह सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि महंगाई के आंकड़ों और कॉर्पोरेट नतीजों की घोषणाएं बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी।

इस सप्ताह भारत के अप्रैल महीने के खुदरा महंगाई के आंकड़े जारी किए जाएंगे, जिस पर निवेशकों की खास नजर होगी। यह डेटा भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति और ब्याज दरों के भविष्य के रुख को लेकर संकेत दे सकता है। इसके साथ ही अमेरिका के अप्रैल CPI और PPI आंकड़े भी वैश्विक बाजारों की धारणा को प्रभावित करेंगे।

कंपनियों के तिमाही नतीजे तय करेंगे रुझान
इस हफ्ते कई बड़ी कंपनियां अपने तिमाही नतीजे जारी करने जा रही हैं। इनमें केनरा बैंक, टाटा पावर कंपनी, भारती एयरटेल, DLF, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और JSW स्टील शामिल हैं। इन कंपनियों के प्रदर्शन से संबंधित क्षेत्रों में हलचल देखने को मिल सकती है।

सिद्धार्थ खेमका, जो मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड में रिसर्च के प्रमुख, वेल्थ मैनेजमेंट हैं, के अनुसार भारतीय बाजार में मौजूद वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाओं के प्रति संवेदनशील बना रहेगा। उनके अनुसार बाजार एक व्यापक दायरे में कारोबार कर सकता है।

उन्होंने कहा कि भारत की महंगाई दर के आंकड़े और अमेरिका के आर्थिक डेटा से यह तय होगा कि वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों को लेकर क्या रुख बनता है। इसका असर बॉन्ड यील्ड और निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता पर भी पड़ेगा।

प्रोसेसिंग प्लांट्स की ज़बरदस्त खरीदारी से सोयाबीन 8000 रुपये बिकने का अनुमान

नई दिल्ली। सोयाबीन और दूसरे मुख्य तिलहनों की कीमतों में आजकल तेज़ी और मज़बूती का माहौल देखा जा रहा है, क्योंकि घरेलू बाज़ार पर अच्छे असर की वजह से कीमतें बढ़ रही हैं। यह ट्रेंड ग्लोबल बाज़ार में खाने के तेल और ऑयल मील के रेट बढ़ने और इंपोर्ट की लागत बढ़ने की वजह से है।

प्लांट डिलीवरी कीमत
क्रशिंग और प्रोसेसिंग यूनिट्स की ज़ोरदार खरीदारी की वजह से, टॉप तीन उत्पादक राज्यों मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान – में सोयाबीन की प्लांट डिलीवरी कीमतों में 2-8 मई के हफ़्ते में 300 रुपये प्रति क्विंटल तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

सोयाबीन की कीमतें पहले ही सरकार के मिनिमम सपोर्ट प्राइस (MSP) ₹5,328 प्रति क्विंटल से काफ़ी ऊपर चली गई थीं; हालाँकि, अब उनमें और बढ़ोतरी देखी गई है। मध्य प्रदेश में कुछ यूनिट्स के लिए, कीमतें ₹6,500-₹6,600 प्रति क्विंटल के हाई लेवल पर पहुँच गईं। महाराष्ट्र में, कीमतें ₹7,000 प्रति क्विंटल के पीक पर पहुँच गईं, जबकि राजस्थान में, वे *7,100 प्रति क्विंटल तक पहुँच गईं। इस बीच, *मंडियों* (थोक बाज़ारों) में सोयाबीन की आवक सीमित बनी हुई है।

सोया रिफाइंड तेल
हैरानी की बात है कि सोयाबीन की कीमतों में तेज़ उछाल के बावजूद, रिफाइंड सोया तेल के रेट नरम रहे। इस सेगमेंट में 2.50 प्रति किलोग्राम तक की गिरावट दर्ज की गई। क्रशिंग और प्रोसेसिंग मिलों के अलावा, कोटा और कांडला में रिफाइंड सोया तेल की कीमत *30-30 रुपये गिरकर क्रमशः ₹1,500 और 1,460 प्रति 10 किलोग्राम पर आ गई। इसी तरह, मुंबई में कीमतें 20 रुपये गिरकर 1,460 प्रति 10 किलोग्राम पर आ गईं, जबकि हल्दिया में कीमतें 15 रुपये गिरकर 1,460 प्रति 10 किलोग्राम पर पहुंच गईं।

आवक
घरेलू थोक बाज़ारों में, 2 मई को सोयाबीन की आवक 80,000 बैग और 4 मई को 135,000 बैग (हर बैग का वज़न 100 kg) थी।

डीओसी
रिफाइंड सोयाबीन तेल के मुकाबले, सोयाबीन DOC की कीमतों में 4,000 प्रति टन तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस कमोडिटी की घरेलू मांग स्थिर रही। इंटरनेशनल मार्केट में लंबे समय तक बढ़त के ट्रेंड के बाद, सोयाबीन तेल की कीमतों में थोड़ी गिरावट देखी गई, जिसका असर घरेलू मार्केट में भी नरमी के रूप में दिखा।

क्रशिंग यूनिट्स की लिवाली से सरसों 9000 रुपये से ऊपर बिकने का अनुमान

नई दिल्ली। अभी सरसों की आवक का पीक सीज़न चल रहा है, इसलिए बड़े बाज़ारों (मंडियों) में सरसों की भारी आवक हो रही है। इसलिए, ट्रेडर्स और स्टॉकिस्ट प्रॉफ़िट-बुकिंग में लगे होने से बिकवाली का दबाव बढ़ रहा है। इस बीच, क्रशिंग और प्रोसेसिंग यूनिट्स काफ़ी मात्रा में फसल खरीद रही हैं।

नतीजतन, 2-8 मई के हफ़्ते के दौरान, सरसों की कीमतों में सीमित उतार-चढ़ाव देखा गया, जो मौजूदा सप्लाई और डिमांड की स्थिति के हिसाब से ₹100-150 प्रति क्विंटल तक बढ़ा या घटा। हरियाणा के सिरसा बाज़ार में एक अपवाद देखा गया, जहाँ सरसों की कीमतें ₹400 की बड़ी बढ़त के साथ ₹6,600 प्रति क्विंटल तक पहुँच गईं।

दिल्ली में 42% तेल वाली सरसों की कीमत ₹7,000 प्रति क्विंटल पर स्थिर रही; हालांकि, जयपुर में यह ₹75 घटकर ₹7,300 प्रति क्विंटल पर आ गई। गुजरात में औसत, स्टैंडर्ड क्वालिटी वाली सरसों की कीमतों में थोड़ी नरमी आई, जबकि हरियाणा और मध्य प्रदेश के बाजारों में वे मजबूत हुईं।

उत्तर प्रदेश के आगरा में, कीमतें ₹50 बढ़कर ₹7,550-₹8,100 प्रति क्विंटल की रेंज में पहुंच गईं। देश के सबसे बड़े सरसों उत्पादक राज्य राजस्थान में, कीमतों में आमतौर पर मामूली उतार-चढ़ाव देखा गया, जो ₹50-₹100 के रेंज में ऊपर-नीचे होता रहा। भरतपुर में, कीमतें ₹50 बढ़कर *7,000 प्रति क्विंटल तक पहुंच गईं, जबकि बूंदी में, वे 100 घटकर ₹7,200 प्रति क्विंटल पर आ गईं।

सरसों का तेल: ‘एक्सपेलर’ और ‘कच्ची घानी’ (कोल्ड-प्रेस्ड) सरसों के तेल की दोनों किस्मों की कीमतों में मजबूती दिख रही है। ग्राहक महंगे इम्पोर्टेड विकल्पों के बजाय देसी खाने के तेल – खासकर सरसों के तेल – का इस्तेमाल करने पर ज़्यादा ध्यान दे रहे हैं, क्योंकि घरेलू तेलों की मौजूदा कीमतें बहुत कॉम्पिटिटिव बनी हुई हैं।

इस दौरान, दिल्ली में एक्सपेलर तेल की कीमत 15 रुपये बढ़कर 1,445 रुपये प्रति 10 kg हो गई, जबकि भरतपुर में कच्ची घानी तेल की कीमत 20 रुपये बढ़कर ₹1,460 प्रति 10 kg हो गई। बीकानेर में एक्सपेलर तेल की कीमत ₹80 बढ़कर 1,480 रुपये प्रति 10 kg हो गई।

समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान, देश भर के बाजारों में सरसों की औसत दैनिक आवक 9.50-10.00 लाख बैग (50 kg प्रत्येक) रही, और लगभग पूरी मात्रा का सफलतापूर्वक व्यापार किया गया।

सरसों DOC
सरसों खली और DOC में ट्रेडिंग स्थिर रही, और घरेलू और एक्सपोर्ट दोनों तरह की डिमांड में कुछ मजबूती के संकेत दिखे।

Red Chilli Price: लाल मिर्च की कीमतों में 25 फीसदी तेजी और आने का अनुमान

नई दिल्ली। Red Chilli Price: इस हफ़्ते लाल मिर्च की कीमतों में बढ़ोतरी देखी गई है। खास बात यह है कि गर्मी की छुट्टियों की वजह से गुंटूर और खम्मम के बड़े बाज़ार (मंडियां) एक महीने से बंद हैं। इस वजह से, स्पॉट मार्केट में खरीदारी को मज़बूत सपोर्ट मिला है।

सूत्रों का मानना ​​है कि पैदावार में कमी की वजह से, इस सीज़न में लाल मिर्च की कीमतों में गिरावट की कोई उम्मीद नहीं है; इसके अलावा, प्रोडक्शन में कमी की वजह से पिछले साल के मुकाबले बाज़ारों में स्टॉक का लेवल भी कम हो गया है।

ध्यान देने वाली बात है कि पिछले सीज़न में, किसानों को अपनी फसल का सही दाम न मिलने की वजह से, लाल मिर्च की खेती का एरिया 30-35 परसेंट कम हो गया था – न सिर्फ़ बड़े प्रोड्यूसर राज्य आंध्र प्रदेश में बल्कि तेलंगाना और कर्नाटक में भी।

इस वजह से, इस सीज़न में आंध्र प्रदेश में लाल मिर्च का प्रोडक्शन 1.25 करोड़ बैग होने का अनुमान है, जबकि पिछले साल 1.5 करोड़ बैग होने का अनुमान था। इसी तरह, तेलंगाना से मिली रिपोर्ट्स से पता चलता है कि लाल मिर्च का प्रोडक्शन 45-50 लाख बैग के बीच रहने की उम्मीद है, जो पिछले साल के 60-65 लाख बैग से कम है।

प्रोड्यूसिंग सेंटर्स से मिली जानकारी के मुताबिक, इन हब्स पर लाल मिर्च का मौजूदा स्टॉक लेवल कुल पैदावार में कमी की वजह से कम हुआ है। आंध्र प्रदेश के एक बड़े मार्केट गुंटूर से मिली रिपोर्ट्स के मुताबिक, लाल मिर्च का स्टॉक अभी 40-42 लाख बैग है, जबकि पिछले साल यह 52-54 लाख बैग था। इसके अलावा, खम्मम में स्टॉक 14-15 लाख बैग होने का अनुमान है, जबकि पिछले साल यह 20-21 लाख बैग था। वारंगल से मिली रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्टॉक लेवल घटकर 15-16 लाख बैग रह गया है, जो पिछले साल 18-19 लाख बैग था।

कम पैदावार की वजह से, इस साल लाल मिर्च के दाम पिछले साल के मुकाबले ज़्यादा हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, पिछले साल मई की शुरुआत में गुंटूर मार्केट में ‘तेजा’ लाल मिर्च का दाम 132-133 रुपये प्रति किलोग्राम था; अभी यह 205-207 रुपये पर है। ‘तेजा’ लाल मिर्च का दाम अभी 214-215 रुपये पर है, जबकि पिछले साल इसी समय में दाम 135 और 136 रुपये के बीच थे। दूसरे मार्केट और इस्तेमाल वाले सेंटर में, लाल मिर्च के दाम पिछले साल के मुकाबले 70-75 रुपये ज़्यादा हैं।

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि आने वाले समय में लाल मिर्च की कीमतों में गिरावट की कोई उम्मीद नहीं है। आने वाले दिनों में कीमतों में और बढ़ोतरी होने का अनुमान है, क्योंकि प्रोडक्शन सेंटर्स के मार्केट में छुट्टियों की वजह से कंजम्प्शन सेंटर्स पर डिमांड बढ़ने की उम्मीद है। इसलिए, ट्रेड अनुमान बताते हैं कि लाल मिर्च की कीमतों में 20-25% की और बढ़ोतरी हो सकती है। अभी, दिल्ली मार्केट में ‘तेजा’ लाल मिर्च की कीमत क्वालिटी के हिसाब से 225 से 250 रुपये के बीच बताई जा रही है।

निर्यात
स्पाइसेस बोर्ड के जारी डेटा के मुताबिक, फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के पहले दस महीनों में लाल मिर्च के एक्सपोर्ट का वॉल्यूम 18 परसेंट बढ़ा; हालांकि, एक्सपोर्ट कीमतों में कम कमाई के कारण, रेवेन्यू में सिर्फ 3 परसेंट की बढ़ोतरी हुई। मिली जानकारी के मुताबिक, अप्रैल-जनवरी 2026 के दौरान, कुल 572,757 टन लाल मिर्च का एक्सपोर्ट हुआ, जिससे 8,150.34 करोड़ रुपये का रेवेन्यू मिला। इसके उलट, अप्रैल-जनवरी 2025 के दौरान, एक्सपोर्ट 484,219 टन रहा, जिससे ₹7,889.78 करोड़ रुपये का रेवेन्यू मिला।

Chana: दाल मिलर्स की लिवाली बढ़ने से इस सप्ताह राजस्थान में चना तेज बिका

नई दिल्ली। Chana Price: घटे भावों पर बिकवाली सीमित बनी रहने तथा मांग में सुधार होने से चालू सप्ताह के दौरान चना की कीमतों में सुधार देखा गया। दाल मिलर्स की बढ़ती लिवाली और नीचे स्तर पर मजबूत खरीदारी के कारण चना बाजार को अच्छा समर्थन मिला।

मध्य प्रदेश और राजस्थान की उत्पादक मंडियों में चना की आवक चालू महीने के मध्य के बाद घटने की संभावना जताई जा रही है। वहीं चालू सीजन में सरकार द्वारा बड़े पैमाने पर खरीद किए जाने से खुले बाजार में उपलब्धता कम हो सकती है।

हालांकि बंदरगाहों पर आयातित चना का स्टॉक पर्याप्त बताया जा रहा है, लेकिन घरेलू मंडियों में आवक पहले की तुलना में कमजोर बनी हुई है। इसी वजह से बाजार में सुधार और मजबूती का माहौल बना हुआ है।

दाल मिलर्स की पूछ परख बढ़ने से चालू साप्ताह के दौरान चना की कीमतों में 25 रुपए प्रति क्विंटल का सुधार दर्ज किया गया और इस सुधार के साथ भाव सप्ताहांत में भाव मध्य प्रदेश लाइन 5550/5575 रुपए व राजस्थान लाइन 5575/5625 रुपए प्रति क्विंटल हो गए।

आयातकों की बिकवाली बढ़ने व मांग सुस्त पड़ने से इस सप्ताह आयातित चना में 25/50 रुपए प्रति क्विटल की तेजी मंदी दर्ज की गयी। और इस तेजी मंदी के साथ भाव मुंबई तंज़ानिया 5250/5275 रुपए नवाशेवा ऑस्ट्रेलिया 5550 रुपए व मुंद्रा 5450 रुपए प्रति क्विटल रह गयी।

दाल मिलर्स की लिवाली बढ़ने से इस सप्ताह राजस्थान चना की कीमतों में 50 रुपए प्रति क्विटल का सुधार देखा गया और इस सुधार के साथ भाव सप्ताहांत में जोधपुर 4500/5050 रुपए जयपुर 5600 रुपए बीकानेर 5150/5350 रुपए किशनगढ़ 5000/5135 रुपए व कोटा 5000/5280 रुपए प्रति क्विंटल हो गयी।

दाल मिलर्स की मांग बढ़ने से चालू साप्ताह के दौरान महाराष्ट्र चना की कीमतों में 50/75 रुपए प्रति क्विंटल की तेजी दर्ज की गयी और इस तेजी के साथ भाव सप्ताहांत में सोलापुर 5300/5600 रुपए लातूर 5400/5550 रुपए अकोला 5750 रुपए नागपुर 5700 रुपए व अहमदनगर 5100/5300 रुपए प्रति क्विटल हो गयी।

लिवाली बढ़ने से इस सप्ताह मध्य प्रदेश चना की कीमतों में 50/100 रुपए प्रति क्विटल बढ़त देखी गयी और इस बढ़त के साथ भाव सप्ताहांत में अशोकनगर 5200/5450 रुपए गंजबासोदा 5100/5500 रुपए सागर 5250/5450 रुपए कटनी 5650/5700 रुपए व इंदौर 5650/5725 रुपए प्रति क्विंटल हो गयी।

मांग बढ़ने से चालू सप्ताह के दौरान कानपुर चना की कीमतों में 50 रुपए प्रति क्विटल की बढ़त देखी गयी और इस बढ़त के साथ भाव सप्ताहंत में 5650 रुपए प्रति क्विंटल हो गए। इसी प्रकार रायपुर चना भी इस साप्ताह 50 रुपए प्रति क्विंटल सुधरकर सप्ताहंत में भाव 5600/5700 रुपए प्रति क्विटल हो गए।

चना दाल
छिटपुट लिवाली बढ़ने से चालू सप्ताह के दौरान चना दाल की कीमतों में 25/50 रुपए क्विटल का सुधार दर्ज की गयी और इस सुधार के साथ भाव सप्ताहांत में दिल्ली 6450/6750 रुपए भाटापरा 6600/6700 रुपए कटनी 6850 रुपए, गुलबर्गा 6500/6700 रुपए जलगांव 6800/7350 रुपए इंदौर 6500/6700 रुपए जयपुर 6300 रुपए व कानपुर 6500/6550 रुपए प्रति क्विटल रह गयी।

भारत विकास परिषद का निशुल्क सर्वजातीय सामूहिक विवाह सम्मेलन आज

​कोटा। भारत विकास परिषद, माधव शाखा का ‘पंचम् निःशुल्क सर्वजातीय सामूहिक विवाह सम्मेलन रविवार को धर्मपुरा रोड स्थित परिहार मैरिज गार्डन में आयोजित किया जाएगा। इस पुनीत आयोजन में समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के 11 जोड़ों का विवाह संपूर्ण हिंदू रीति-रिवाज के साथ संपन्न कराया जाएगा।

​शाखा अध्यक्ष चंद्रप्रकाश नागर ने बताया कि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर दिलावर होंगे। साथ ही, विशिष्ट अतिथि के रूप में अतिरिक्त जिला कलेक्टर अनिल सिंघल, एलन करियर इंस्टीट्यूट के निदेशक गोविंद माहेश्वरी और गोयल प्रोटीन्स लिमिटेड के सीएमडी ताराचंद गोयल उपस्थित रहकर नवदंपतियों को आशीर्वाद देंगे।

​शाखा सचिव श्री सतीश गुप्ता ने बताया कि सम्मेलन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। परिषद के सदस्यों के उदार आर्थिक सहयोग से प्रत्येक जोड़े को गृहस्थ जीवन की शुरुआत के लिए आवश्यक सामग्री और उपहार भेंट किए जाएंगे। विवाह संस्कार प्रसिद्ध आचार्य पं. मुकेश शास्त्री (शिवपुरा) द्वारा संपन्न कराया जाएगा।

ये होंगे कार्यक्रम
समारोह का आरंभ अपराह्न 4 बजे विनायक स्थापना से होगा। जिसके बाद शाम 5 बजे भव्य बारात निकाली जाएगी। शाम 7 बजे वरमाला और रात्रि 8 बजे स्नेह भोज का आयोजन होगा। पाणिग्रहण संस्कार रात्रि 8 से 10 बजे के बीच होगा और रात्रि 10:30 बजे विदाई की जाएगी।