कोटा व्यापार महासंघ ने केंद्र सरकार से तत्काल रोक लगाने की मांग की
कोटा। कोटा व्यापार महासंघ ने शुक्रवार को केंद्र सरकार से खुदरा व्यापारियों पर पड़ रहे दुष्प्रभावों को लेकर ऑनलाइन व्यापार पर तत्काल प्रभाव से अंकुश लगाने की मांग की है ।
कोटा व्यापार महासंघ के अध्यक्ष क्रांति जैन एवं महासचिव अशोक माहेश्वरी ने बताया कि ऑनलाइन बाजार ने रेडीमेड वस्त्र, किराना, दवाइयां, इलेक्ट्रॉनिक सामान, जूते-चप्पल, स्टेशनरी, खानपान तथा रोजमर्रा की अनेक वस्तुओं के व्यापार पर कब्जा कर लिया है।
इससे छोटे एवं खुदरा व्यापारियों के सामने आजीविका का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। मुख्य बाजारों में वर्षों से व्यापार कर रहे व्यवसायियों के लिए दैनिक खर्च निकालना भी कठिन हो रहा है।
उन्होंने कहा कि ऑनलाइन माध्यम से बिकने वाली वस्तुओं की गुणवत्ता एवं विश्वसनीयता को लेकर भी अनेक शिकायतें सामने आ रही हैं। कई फर्जी कंपनियों द्वारा उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी की घटनाएं भी बढ़ी हैं। यदि इस पर शीघ्र अंकुश नहीं लगाया गया तो देश के लाखों खुदरा व्यापारियों और उनसे जुड़े कर्मचारियों के समक्ष बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा।
कैट (CAIT) के कोटा जिला अध्यक्ष अनिल मूंदड़ा, महासचिव देवेंद्र कुमार जैन एवं कोषाध्यक्ष मनोज कुमार जैन मालू ने बताया कि देशभर में कैट की 48,000 से अधिक व्यापारिक संस्थाएं एवं लगभग 9 करोड़ व्यापारी पिछले एक वर्ष से ऑनलाइन व्यापार के विरुद्ध संघर्ष कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि यदि सरकार स्वदेशी उत्पादों एवं स्वदेशी रोजगार को बढ़ावा देना चाहती है तो ऑनलाइन व्यापार पर प्रभावी नियंत्रण आवश्यक है।
दी एसएसआई एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अमित सिंघल, स्टोन माइंस ट्रेडिंग कंपनी के अध्यक्ष विपिन सूद एवं जनरल इंडस्ट्री सप्लायर्स संघ के अध्यक्ष भगवान न्याती ने कहा कि देश के संतुलित विकास के लिए स्वदेशी उत्पादों और स्वदेशी व्यापार को प्रोत्साहन देना समय की मांग है। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा विदेशी मुद्रा की बचत होगी।
कोटा व्यापार महासंघ के कोषाध्यक्ष राजेंद्र कुमार जैन, कोटा ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर संघ के अध्यक्ष मनीष बंसल एवं कोटा स्टोन ट्रेडर्स एसोसिएशन के सचिव हरीश प्रजापति ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों तथा गैस, पेट्रोल एवं डीजल की बढ़ती कीमतों का व्यापार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, जिससे आने वाले समय में महंगाई और बढ़ सकती है।
महासंघ के सलाहकार बोर्ड के निदेशक गणपत लाल शर्मा तथा स्टोन मर्चेंट विकास समिति के पूर्व सचिव रवींद्र लुहाड़िया ने कहा कि यदि सरकार ने इस दिशा में शीघ्र प्रभावी कदम नहीं उठाए तो खुदरा व्यापारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
कोटा जिला केमिस्ट एलायंस के सचिव अभिमन्यु भावनानी ने बताया कि ऑनलाइन व्यापार के विरोध में 20 मई को देशभर के दवा विक्रेताओं ने एक दिवसीय सांकेतिक बंद रखकर अपना विरोध दर्ज कराया था। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर सभी खुदरा व्यापारियों को एक मंच पर आकर ऑनलाइन व्यापार के विरुद्ध संघर्ष करना होगा।
हाड़ौती कोटा स्टोन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष महावीर जैन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का कोटा स्टोन एवं सैंडस्टोन उद्योग पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। उन्होंने मांग की कि विदेशों से आयातित पत्थरों के स्थान पर देश में उत्पादित पत्थरों को प्राथमिकता दी जाए तथा सरकारी निर्माण कार्यों में स्वदेशी पत्थरों के उपयोग को अनिवार्य बनाया जाए।
अंत में कोटा व्यापार महासंघ के अध्यक्ष क्रांति जैन एवं महासचिव अशोक माहेश्वरी ने कहा कि यदि सरकार ऑनलाइन व्यापार पर प्रभावी नियंत्रण नहीं करती है तो देश के खुदरा व्यापारियों के हितों की रक्षा हेतु राष्ट्रीय स्तर पर जो भी आंदोलन किया जाएगा, उसमें कोटा व्यापार महासंघ पूर्ण सहयोग प्रदान करेगा।

