Thursday, July 16, 2026
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आ गई वायरलेस हैंडहेल्ड झाड़ू, अब मिनटों में धूल साफ

नई दिल्ली। कम बजट में धांसू फीचर्स वाले स्मार्टफोन बनाने के लिए जानी जाने वाली कंपनी Xiaomi ने अब लाइफस्टाइल प्रॉडक्ट कैटिगरी में भी अपनी अच्छी पकड़ बना ली है। इन्हीं में से एक कैटिगरी है होम क्लीनिंग यानी घर की साफ-सफाई, जिसके लिए खास टेक्नॉलजी लाने पर कुछ ही कंपनियां फोकस करती हैं।

होम क्लीनिंग कैटिगरी में शाओमी पहले ही कई वैक्यूम क्लिनर लॉन्च कर चुकी है। पिछले साल कंपनी ने एक अल्ट्रा-लाइट ड्रीमा स्प्रे मॉप पेश किया था जिसकी कीमत 59 युआन (करीब 615 रुपये) रखी गई थी। शाओमी ने अपने पोर्टफोलियो का विस्तार करते हुए चीन में एक नई Mi Wireless Handheld Sweeper लॉन्च की है। यह बिक्री के लिए कंपनी के क्राउडफंडिंग प्लैटफॉर्म पर उपलब्ध है, जिसकी कीमत 99 युआन ( करीब 1,030 रुपये) है।

कंपनी का कहना है कि ट्रेडिशनल झाड़ू का डिजाइन सेमी-ओपन होता है, जिसके चलते धूल-मिट्टी पूरी तरह से साफ नहीं हो पाती और कुछ हिस्सा जमीन पर ही रह जाता है। इसी परेशानी को दूर करने के लिए कंपनी ने Mi वायरलेस हैंडहेल्ड स्वीपर पेश किया है।शाओमी की यह नई झाड़ू डबल ब्रश डिजाइन के साथ आती है, जिसके बारे में कंपनी का दावा है कि यह काफी स्पीड के साथ सफाई करने में सक्षम है।

इसमें 2,000mAh की बैटरी दी गई, जिसे एक बार फुल चार्ज करके करीब 2 घंटे तक इस्तेमाल किया जा सकता है। इस झाड़ू के ब्रश की स्पीड 1300r/min है। सबसे खास बात है इसका रोटेशनल फंक्शन, जिसकी वजह से इस झाड़ू को किसी भी दिशा में घुमाया जा सकता है। इसका डाइमेंशन 270mm x 170mm और इसका वजह 1 किलोग्राम है।

राजस्थान में बारिश, ओलावृष्टि से खराब हुए गेहूं की खरीद के लिये दल गठित

जयपुर। राजस्थान में पिछले दिनों बेमौसम बारिश एवं ओलावृष्टि के कारण खराब हुए गेहूं को समर्थन मूल्य पर खरीदने के लिये केन्द्र सरकार ने दो दलों का गठन किया है। राज्य की खाद्य सचिव मुग्धा सिन्हा ने बृहस्पतिवार को बताया कि बारिश और ओलावृष्टि के कारण 50 प्रतिशत से अधिक खराब हुए बदरंग गेहूं की खरीद के लिये केन्द्र सरकार ने चार अधिकारियों के दो दलों का गठन किया है।

उन्होंने बताया कि दोनों दलों के सदस्य कोटा, बांरा, बूंदी, हनुमानगढ़ एवं श्रीगंगानगर जिलों की मण्डियों तथा समर्थन मूल्य खरीद के लिये स्थापित केन्द्रों का 26 अप्रैल से दौरा कर गेहूं के नमूने जमा करेंगे। दोनों दल आज रात तक प्रदेश में पहुंचेंगे।

उन्होंने बताया कि खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा गठित दोनों दल बेमौसम हुई बारिश से खराब हुई गेहूं की चमक के संबंध में एकत्र किये गये नमूनों को भारतीय खाद्य निगम, क्षेत्रीय प्रयोगशाला में जांच कर एक समेकित रिपोर्ट पेश करेंगे।

अब WhatsApp पर नहीं ले पाएंगे पर्सनल चैट का स्क्रीनशॉट

नई दिल्ली। अक्सर ऐसा होता है कि आपके फोन में कोई जरूरी चीज होती है और उसे याद रखने के लिए आप उसका स्क्रीनशॉट ले लेते हैं। ऐसा ही कुछ व्हाट्सएप चैट के दौरान भी किया जा सकता है ताकि जरूरत पड़ने पर उस महत्वपूर्ण चीज को चैट हिस्ट्री में खोजना ना पड़े। कईं बार यह स्क्रीनशॉट बहुत काम के होते हैं और कईं बार खतरनाक साबित हो जाते हैं। इस बीच रिपोर्ट्स का दावा है कि व्हाट्सएप यूजर अब ऐसा नहीं कर सकेंगे।

WhatsApp का यह नया फीचर इसके सुरक्षा अपडेट के तहत आएगा ताकि यूजर की सुरक्षा को और बेहतर बनाया जा सके। रिपोर्ट्स के अनुसार स्क्रीनशॉट ब्लॉक करने वाला यह फीचर तब आएगा जब कंपनी अपने ऑथेंटिकेशन फीचर को जारी करेगी। इस फीचर में यूजर अपने व्हाट्सएप को फिंगरप्रिंट से लॉक कर सकेगा।

हालांकि, फिंगरप्रिंट से अनलॉक करने के बाद भी यूजर अपने पर्सनल चैट्स का स्क्रीनशॉट नहीं ले सकेंगे। जैसे ही यूजर अपने फोन में फिंगरप्रिंट लॉक एक्टिव करेगा उसे व्हाट्सएप चलाने के लिए अपने फिंगरप्रिंट से अनलॉक करना होगा। वैसे वो इसे अनलॉक किए बिना भी अपने चैट और मैसेजेस का रिप्लाय दे सकेंगे। जब से यह खबर सामने आई है कि यूजर अपने चैट का स्क्रीनशॉट नहीं ले सकेंगे तब से ही यूजर असमंजस की स्थिति में हैं। अगर ऐसा होता है तो यूजर को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

फ़सल लेट होने व चुनावी माहौल के चलते गेहूं की सरकारी खरीदी पिछड़ी

मुकेश भाटिया, कोटा। गेहूं की फसल लेट होने एवं लोकसभा चुनाव के चलते गेहूं की खरीद गति धीमी दिखाई दे रही है। इस बार गत वर्ष समान अवधि की तुलना में केवल 31 प्रतिशत के करीब ही खरीद हो पाई है। गेहूं की फसल इस बार तापमान लंबे समय तक कम रहने के बाद मौसम बिगड़ने से गेहूँ की कटाई व मड़ाई का काम क़रीब 20 दिन पिछड़ गया हैं।

एक तरफ फसल लेट होने एवं दूसरी ओर लोकसभा का चुनावी दौर चलने से देश के सभी क्षेत्रों में वाहनों के आवागमन पर सख्ती की जा रही है। दूसरी ओर नकदी रुपये की भी कमी मंडियों में बनी हुई है। इसके प्रभाव से गेहूं की आवक चौतरफा घट गयी है।

अभी तक गेहूं की सरकारी खरीद 55.17 लाख टन के करीब हो पाई है, जिसमें हरियाणा में 28.54 लाख टन एवं मध्य प्रदेश में 18.89 लाख टन की खरीद हुई है। इसके अलावा अन्य राज्यों में दो लाख टन से नीचे ही वसूली हुई है। गत वर्ष अब तक गेहूं की खरीद 180 लाख टन के करीब हो गयी थी।

एमपी सरकार द्वारा 1840 रुपए के समर्थन मूल्य पर 160 रुपए क्विंटल का अतिरिक्त बोनस देकर 2000 रुपए में खरीद की जा रही है, जबकि अन्य राज्यों में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर ही अलग-अलग एजेंसियों के माध्यम से गेहूं की खरीद चल रही है। अकेले एफसीआई ने 6.44 लाख टन की गेहूं वसूली की है। जबकि राज्य की सभी एजेंसियों को मिलाकर 48.73 लाख टन की खरीद हुई है। इस तरह कुल खरीद 55.17 लाख टन तक ही अभी पहुंच पाई है।

इस वर्ष के लिये गेंहूँ की सरकारी खरीद का लक्ष्य 357 लाख टन का निर्धारित किया गया है। गत वर्ष यह लक्ष्य 320 लाख टन का था। गत वर्ष इसी अवधि में गेहूं की आवक अधिक रहने के साथ साथ ख़रीद करने की सरकारी ततपरता से गेहूं के ख़रीद लक्ष्य को पूरा किया गया था, जबकि इस वर्ष दोनों तरफ से रूझान कम दिखाई दे रहे हैं।

बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार गेहूं उत्पादक क्षेत्रों में बिजाई तो अधिक हुई थी, लेकिन बीच-बीच हुई बरसात के चलते, किसानों द्वारा एक सिंचाई कम कर दिये जाने से मड़ाई के बाद प्रति हैक्टेयर उत्पादकता कमज़ोर दिखाई दे रही है।

गेहूं का झाड़ कम बैठ रहा है। इसे देखते हुए उत्पादन में 40 लाख टन की कमी पर 960 लाख टन उत्पादन से अधिक बैठने के आसार नहीं है। इससे पूर्व 1000 लाख टन का उत्पादन अनुमान लगाया गया था। जानकार मानते है कि उत्पादन में कमी से सरकारी खरीद लक्ष्य को पूरा करने में परेशानी होगी तथा सरकारी एजंसियों के खरीद, लक्ष्य तक पहुंच पाना मुश्किल लग रहा है।

इस बार गेहूं की खपत मक्की-बाजरे के भाव ऊंचे होने से हरियाणा, पंजाब सहित उत्तर भारत की मंडियों में अभी 7 फ़ीसदी के करीब अधिक रही है। अत: आगे गेहूं की कीमतों में ज्यादा मंदा नहीं लग रहा है। इस समय हरियाणा, पंजाब पहुंच बिना मुद्दत के 1850/1875 रुपए एवं दिल्ली पहुंच में 1900 रुपए का व्यापार हो रहा है। जो गत वर्ष 1750 रुपए का भाव दिल्ली पहुंच था।

कोटा मंडी : कमजोर उठाव से मैथी और चना मंदा

कोटा। भामाशाह अनाज मंडी में गुरुवार को कमजोर उठाव से मैथी 250 रुपये टूट गई। चना 50 रुपये प्रति क्विंटल मंदा बिका। मंडी में जिंसों का मिलाकर एक लाख बोरी का कारोबार हुआ। नये लहसुन की आवक15000 कट्टे की हुई।

गेहूं मिल 1650 से 1725 गेहु एवरेज 1750 से 1821 लोकवान 1700 से 1850 पीडी 1750 से 1850 गेहूं टुकडी नया 1825 से 2050 मक्का 2000 से 2200 जौ 1400 से 1550 ज्वार 1500 से 3700 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगंधा 2400 से 2971पूसा 1 2500 से 2881 पूसा 4 (1121) 3300 से 3831 धान लाजवाब (1509) 3000 से 3505 रुपये प्रति क्विंटल। सोयाबीन 3000 से 3801 सरसों 3300 से 3480अलसी 3600 से 3800 तिल्ली 9000 से 10000 रुपये प्रति क्विंटल।

मैथी 4000 से 4801 कलौजी 6500 से 11000 धनिया बादामी 5500 से6300 ईगल 6000 से 6701 रंगदार नया 7000 से 8500 रुपये प्रति क्विंटल। लहसुन नया 1800 से 7500 रुपये प्रति क्विंटल बिका ।

मूंग 3500 से 4800 उड़द 2000 से 4201 चना 3600 से 4050 चना कांटिया 3900 चना काबुली 3500से 5000 चना पेप्सी 3800 से 4200 चना मौसमी 3000 से 4150 मसूर 3800 से 4250 रुपये प्रति क्विंटल। ग्वार 2500 से 3800रुपये प्रति क्विंटल।

इंदौर किराना : ग्राहकी से शक्कर एवं खोपरा गोला में सुधार

इंदौर। स्थानीय सियागंज किराना बाजार में बृहस्पतिवार को शक्कर-खोपरा गोला में लिवाली सुधार लिए रही। कारोबारियों के अनुमान के मुताबिक सियागंज किराना बाजार में बृहस्पतिवार को सात गाड़ी शक्कर की आवक हुई।

शक्कर -गोला शक्कर 3330 से 3360 रुपये प्रति क्विंटल। खोपरा गोला 215 से 230 रुपये प्रति किलोग्राम। खोपरा बूरा 2500 से 4600 रुपये प्रति 15 किलोग्राम। हल्दी हल्दी खड़ी सांगली 128 से 130, निजामाबाद 90 से 110, पिसी 140 से 165 रुपये प्रति किलोग्राम।

साबूदाना साबूदाना 5800 से 7000, पैकिंग में 7000 से 7700 रुपये प्रति क्विंटल। आटा-मैदा गेहूं आटा 1060 से 1070, तन्दूरी आटा 1270 से 1280, मांडा आटा 1270 से 1280, मैदा 1150 से 1160, रवा 1220 से 1230, चना बेसन 3030 तथा बटला बेसन 2525 रुपये प्रति 50 किलोग्राम।

इंदौर बाजार: सोयाबीन रिफाइंड तेल के भाव मजबूत

इंदौर। स्थानीय खाद्य तेल बाजार में बृहस्पतिवार को सोयाबीन रिफाइंड तेल के भाव में एक रुपये प्रति 10 किलोग्राम की वृद्धि हुई। कपास्या तेल में तीन रुपये प्रति 10 किलोग्राम की तेजी दर्ज की गई। तिलहन सरसों 3700 से 3725 रायडा 3300 से 3400 सोयाबीन 3700 से 3750 रुपये प्रति क्विंटल।

तेल मूंगफली तेल इंदौर 970 से 990, सोयाबीन रिफाइंड इंदौर 753 से 755, सोयाबीन साल्वेंट 715 से 720, पाम तेल 655 से 658 रुपये प्रति10 किलोग्राम। पशु आहार कपास्या खली इंदौर 1750, देवास 1750, उज्जैन 1750, खंडवा 1735, बुरहानपुर 1735, अकोला 2575 रुपये प्रति 60 किलोग्राम बोरी। कपास्या तेल कपास्या तेल इंदौर 710 से 715, महाराष्ट्र 700 से 705 तथा गुजरात 715 से 720 रुपये प्रति दस किलोग्राम।

इंदौर मंडी: तुअर में तेजी, चना एवं मसूर सस्ती

इंदौर। स्थानीय संयोगितागंज अनाज मंडी में बृहस्पतिवार को तुअर (अरहर) के भाव में 50 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी दर्ज की गई। चना कांटा 25 रुपये और मसूर के भाव 25 रुपये प्रति क्विंटल कम हुए। तुअर दाल 50 रुपये प्रति क्विंटल महंगी बिकी। कारोबारियो के अनुमान के मुताबिक बृहस्पतिवार को 25 हजार बोरी गेहूं की आवक हुई।

दलहन चना (कांटा) 4275 से 4300, चना (देसी) 4150 से 4200, डबल डॉलर 5000 से 5500, मसूर 4050 से 4075, हल्की 3650 से 3700, बटला 3800 से 3850, मूंग 6200 से 6400, हल्की 5500 से 5700, तुअर निमाड़ी (अरहर) 5000 से 5300, महाराष्ट्र नई तुअर (अरहर) 5600 से 5800, उड़द 5000 से 5200, हल्की 4000 से 4200 रुपये प्रति क्विंटल।

दाल तुअर (अरहर) दाल सवा नंबर 7250 से 7450, तुअर दाल फूल 7450 से 7650, तुअर दाल बोल्ड 7850 से 8050, आयातित तुअर दाल 6000 से 6200, चना दाल 5450 से 5700, आयातित चना दाल 4950 से 5150, मसूर दाल 5250 से 5350, मूंग दाल 7200 से 7400, मूंग मोगर 7400 से 7600, उड़द दाल 6700 से 6900, उड़द मोगर 6800 से 7000 रुपये प्रति क्विंटल।

अनाज गेहूं हल्का 1750 से 1850, गेहूं 147- 1900 से 2100, गेहूं लोकवन 1800 से 2100, गेहूं चंद्रौसी 3200 से 3300 रुपये प्रति क्विंटल। ज्वार हल्की 1800 से 1900, ज्वार संकर 2000 से 2100, ज्वार देसी 2500 से 3000, मक्का पीली 2100 से 2150, मक्का गजर 2000 से 2050 रुपये प्रति क्विंटल।

चावल बासमती 8500 से 9000, तिबार 7000 से 7500, दुबार 6000 से 6500, मिनी दुबार 5500 से 6000, मोगरा 3500 से 5000, बासमती सैला 5500 से 8500, कालीमूंछ 5900 से 6000, राजभोग 4900 से 5000, दूबराज 3500 से 4000, परमल 2500 से 2700, हंसा सैला 2400 से 2650, हंसा सफेद 2200 से 2400, पोहा 4200 से 4400 रुपये प्रति क्विंटल।

रुपया कमजोर होने से सोना 150 रुपये महंगा, जानिए आज के दाम

नयी दिल्ली/ कोटा स्थानीय आभूषण कारोबारियों की ताजा लिवाली के बीच दिल्ली सर्राफा बाजार में बृहस्पतिवार सोना 150 रुपये की तेजी के साथ 32,870 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर पहुंच गया। आल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार औद्योगिक इकाइयों तथा सिक्का निर्माताओं का उठाव बढ़ने से चांदी भी 295 रुपये बढ़कर 38,520 रुपये प्रति किग्रा पर पहुंच गयी।

बाजार सूत्रों ने कहा कि स्थानीय आभूषण विक्रेताओं की लिवाली बढ़ने के अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर में गिरावट से बहुमूल्य धातुओं के दाम बढ़े है। भारत सोने का बड़ा आयातक है। कच्चेतेल के वैश्विक मूल्य में तेजी और आयातकों की ताजा डॉलर मांग के कारण आरंभिक कारोबार में डॉलर के मुकाबले रुपया 22 पैसे टूटकर 70.08 रुपये प्रति डॉलर रह गया।

न्यूयॉर्क में सोना तेजी के साथ 1,278.50 डॉलर प्रति औंस हो गया जबकि चांदी हानि दर्शाता 14.99 डॉलर प्रति औंस रह गया। दिल्ली में बृहस्पतिवार को 99.9 प्रतिशत तथा 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का भाव 150 – 150 रुपये बढ़कर क्रमश: 32,870 तथा 32,700 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया।

हालांकि गिन्नी 26,400 रुपये प्रति आठ ग्राम पर स्थिर बंद हुई। चांदी हाजिर डिलीवरी 295 रुपये बढ़कर 38,520 रुपये प्रति किलो पर और चांदी साप्ताहिक डिलीवरी 376 रुपये की तेजी के साथ 37,381 रुपये किलो हो गयी। दूसरी तरफ चांदी सिक्का, लिवाल 80,000 रुपये तथा बिकवाल 81,000 रुपये प्रति 100 इकाई पर स्थिर बने रहे।

कोटा सर्राफा
चांदी 38600 रुपये प्रति किलोग्राम।
सोना केटबरी 32900 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 38370 रुपये प्रति तोला।
सोना शुद्ध 33070 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 38570 रुपये प्रति तोला।

हाजिर मांग के कारण हल्दी वायदा कीमतों में तेजी

नयी दिल्ली। घरेलू बाजार की मांग में तेजी के कारण कारोबारियों ने अपने सौदों के आकार को बढ़ाया जिससे बृहस्पतिवार को वायदा कारोबार में हल्दी की कीमत 1.30 प्रतिशत तक की तेजी के साथ 6,554 रुपये प्रति क्विन्टल हो गई।

एनसीडीईएक्स में जून महीने में डिलिवरी वाले हल्दी के अनुबंध के भाव 84 रुपये यानी 1.30 प्रतिशत की तेजी के साथ 6,554 रुपये प्रति क्विन्टल हो गये जिसमें 7,170 लॉट का कारोबार हुआ।

इसी प्रकार हल्दी के मई माह में डिलिवरी वाले अनुबंध के भाव 80 रुपये यानी 1.25 प्रतिशत की तेजी के साथ 6,466 रुपये प्रति क्विन्टल हो गये जिसमें 15,410 लॉट का कारोबार हुआ।

बाजार सूत्रों ने कहा कि मजबूत घरेलू और निर्यात मांग के कारण कारोबारियों की सटोरिया लिवाली से यहां वायदा कारोबार में हल्दी कीमतों में तेजी आई।