Tuesday, July 14, 2026
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इंदौर मंडी: तुअर, मूंग, उड़द एवं बटला के भाव में तेजी

इंदौर। स्थानीय संयोगितागंज अनाज मंडी में सोमवार को तुअर (अरहर) 100 रुपये, मूंग 50 रुपये, उड़द 100 रुपये और बटला (मटर) के भाव में 50 रुपये प्रति क्विंटल (शनिवार की तुलना में) की तेजी दर्ज की गई। इस बीच चना कांटा में 25 रुपये प्रति क्विंटल कम हुए। दालों में तुअर दाल 100 रुपये, मूंग दाल 100, मूंग मोगर 100 रुपये, उड़द दाल 100 रुपये एवं उड़द मोगर के भाव में 200 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी हुई।

दलहन: चना (कांटा) 4425 से 4450, चना (देसी) 4300 से 4350, डबल डॉलर 5000 से 5500, मसूर 4125 से 4150, हल्की 3700 से 3800, बटला (मटर) 4200 से 4250, मूंग 6300 से 6450, हल्की 5500 से 5800, तुअर निमाड़ी (अरहर) 5200 से 5600, महाराष्ट्र तुअर (अरहर) 5900 से 6100, उड़द 5300 से 5500, हल्की 4000 से 4200 रुपये प्रति क्विंटल ।

दाल: तुअर (अरहर) दाल सवा नंबर 7300 से 7500, तुअर दाल फूल 7700 से 7900, तुअर दाल बोल्ड 8100 से 8300, आयातित तुअर दाल 6200 से 6400चना दाल 5850 से 6050, आयातित चना दाल 5500 से 5200मसूर दाल 5300 से 5400, मूंग दाल 7900 से 8100, मूंग मोगर 8400 से 8600, उड़द दाल 7100 से 7300, उड़द मोगर 7400 से 7600 रुपये प्रति क्विंटल।

अनाज: गेहूं हल्का 1750 से 1850, गेहूं 147- 1900 से 2100, गेहूं लोकवन 1800 से 2100, गेहूं चंद्रौसी 3200 से 3300 रुपये प्रति क्विंटल। ज्वार हल्की 1800 से 1900, ज्वार संकर 2000 से 2100, ज्वार देसी 2500 से 3000, मक्का पीली 2100 से 2150, मक्का गजर 2000 से 2050 रुपये प्रति क्विंटल।

चावल: बासमती 8500 से 9000, तिबार 7000 से 7500, दुबार 6000 से 6500, मिनी दुबार 5500 से 6000, मोगरा 3500 से 5000, बासमती सैला 5500 से 8500, कालीमूंछ 5900 से 6000, राजभोग 4900 से 5000, दूबराज 3500 से 4000, परमल 2500 से 2700, हंसा सैला 2400 से 2650, हंसा सफेद 2200 से 2400, पोहा 4200 से 4400 रुपये प्रति क्विंटल।

ग्वार सीड वायदा कीमत में 68.5 रुपये प्रति 10 किग्रा की तेजी

नयी दिल्ली। व्यापारियों द्वारा अपने सौदों का आकार बढ़ाने से वायदा कारोबार में सोमवार को ग्वारसीड की कीमत 68.5 रुपये की तेजी के साथ 4,515 रुपये प्रति 10 क्विन्टल हो गई।

बाजार सूत्रों ने कहा कि भारी मांग के बीच उत्पादक क्षेत्रों से मामूली आपूर्ति के कारण हाजिर बाजार में मजबूती के रुख को देखते हुए सटोरियों द्वारा अपने सौदों का आकार बढ़ाने से ग्वारसीड के वायदा कीमत में तेजी आई।

एनसीडीईएक्स में ग्वारसीड के जून माह में डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत 68.5 रुपये अथवा 1.14 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,515 रुपये प्रति 10 क्विन्टल हो गये जिसमें 1,13,050 लॉट के लिए कारोबार हुआ।

इसी प्रकार ग्वारसीड के जुलाई माह में डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत 75.5 रुपये अथवा 1.68 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,580 रुपये प्रति 10 क्विन्टल हो गये जिसमें 6,300 लॉट के लिए कारोबार हुआ।

निर्यात मांग के कारण ग्वारगम वायदा कीमतों में तेजी

नयी दिल्ली।हाजिर बाजार में निर्यात मांग में तेजी आने के बीच सोमवार को वायदा कारोबार में ग्वारगम की कीमत 96 रुपये की तेजी के साथ 9,060 रुपये प्रति पांच क्विन्टल हो गई।

एनसीडीईएक्स में ग्वारगम के जून महीने में डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत 96 रुपये अथवा 1.07 प्रतिशत की तेजी के साथ 9,060 रुपये प्रति पांच क्विन्टल हो गई जिसें 60,825 लॉट के लिए कारोबार हुआ।

इसी प्रकार ग्वारगम के सर्वाधिक सक्रिय जुलाई महीने में डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत 126 रुपये अथवा 1.39 प्रतिशत की तेजी के साथ 9,027 रुपये प्रति पांच क्विन्टल हो गई जिसें 6,325 लॉट के लिए कारोबार हुआ।

खुदरा महंगाई दर में इजाफा, अप्रैल में 2.92 फीसदी रही मुद्रास्फीति

नई दिल्ली।लोकसभा चुनाव के बीच मुद्रास्फीति में इजाफा हुआ है। खाद्य पदार्थों की कीमतों में वृद्धि की वजह से खुदरा महंगाई दर अप्रैल में बढ़कर 2.92 फीसदी रही, जोकि मार्च महीने में 2.86 फीसदी दर्ज की गई थी। अप्रैल 2018 में महंगाई दर 4.58 फीसदी थी।

सोमवार को केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (CSO) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल में फूड बास्केट की मुद्रास्फीति 1.1 फीसदी और मार्च में 0.3 फीसदी थी।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया मौद्रिक नीति तय करते समय मुख्य रूप से उपभोक्ता मूल्य सूचकांक को ध्यान में रखता है। यह लगातार 9वां महीना है जब महंगाई दर रिजर्व बैंक द्वारा निर्धारित लक्ष्य अधिकतम 4 फीसदी से कम है। विशेषज्ञों ने अप्रैल में मुद्रास्फीति 2.97 फीसदी रहने की उम्मीद जताई थी।

धनिया की क़ीमतों में अगले माह तक 15/18 रुपए किलो की तेजी संभव

मुकेश भाटिया
कोटा। मानसून के आते ही धनिये की खपत व डिमांड में इजाफा होगा। अगले माह जून में क़ीमतों में 15 से 18 रुपए किलो की तेजी संभव है। यद्यपि चालू मई माह के दौरान धनिये की कीमतों में तेजी नहीं दिखाई दे रही है, क्योंकि चुनावी माहौल के चलते कारोबार सुस्त पड़ गया है। तापमान आश्चर्यजनक तरीके से बढ़ने एवं पिसाई में धनिये की मांग कमज़ोर पड़ने से मंडियों में धनिये की आवकों का ढेर लग गया है।

चुनाव के चलते जगह-जगह के चैकिंग होने से मामूली ही गाडियां खपत के हिसाब से आ-जा रही हैं। नकदी की बड़ी कमी महसूस की जा रही है। गर्मी अधिक पड़ने से व्यापारी भी कम पहुँच रहे हैं। जानकारों के अनुसार तापमान में समय से पूर्व अच्छी-खासी बढ़ोतरी से इस बार नया धनिया की क्वालिटी बढ़िया बैठी है ।कोटा लाइन में नया माल शुरू होने के समय धनिया 47/48 रुपए थोक में खुला था।

वर्तमान में वहीं धनिया 65/68 रुपए बिक रहा है। पुराना स्टॉक 75/80 लाख से घटकर 35/40 लाख बोरी शेष रहने की ख़बर है। पुराना स्टॉक कम रहने से बीते माह से धीरे-धीरे तेजी आ रही है। पिछले साल इन दिनों धनिये के भाव 45/52 रुपए खुला था। इस समय रुपए की तंगी आ जाने से ग्राहकी कमजोर पड़ने लगी। इस माहौल को देखते हुए तीन महीने के बाद तेजी दिखाई दे रही है।

स्टॉक घटकर 30 लाख बोरी
कोटा के एक जानकार व्यापारी के अनुसार जब यहां पर फरवरी माह में नया धनिया आना शुरू हुआ था। उस समय पुराना स्टॉक देश में लगभग 60 लाख बोरी शेष पड़ा था। वर्तमान में पुराना स्टॉक घटकर 30 लाख बोरी रह जाने के समाचार हैं तथा इस वर्ष उत्पादन भी 68/70 लाख बताया जा रहा है। अतः इसी माह में क़ीमतें थोक में कुछ टूट सकती है, लेकिन अगले माह जून में मानसून आने से पिसाई में खपत बढ़ेगी तथा आगे अचारी सीजन भी शुरू हो जाएगा।

फिर जन्माष्टमी पर्व पर मांग बढ़ेगी, जिससे ग्राहकी को देखते हुए 20/25 रुपए किलो की तेजी आगे दिखाई दे रही है। इस समय यहां पर बादामी क्वालिटी का धनिया 76 रुपए व ईगल क्वालिटी 79 रुपए तथा ब्रांडिड धनिया 105 रुपए थोक में बिक रहा है। जब यहां पर नया माल पिछले फरवरी माह में शुरू हुआ था। उस समय 10 रुपए मंदा भाव खुला था। इस माहौल को देखते हुए आगे धनिये का भविष्य बढ़िया है। (देखिये वीडियो)

कोटा मंडी के एक दूसरे कारोबारी के अनुसार इस समय अच्छी क्वालिटी का धनिया कमजोर मांग से कम आ रहा है। मशीन क्लीन धनिया 8300/8400 रुपए प्रति 40 किलो थोक में बिक रहा है। उत्पादन कम होने से धनिये में तेजी बनी हुई है। पिछले साल इन दिनों धनिया 45/50 रुपए बिका था।

जब नया माल फरवरी में इस मंडी में आया तो उस समय 55/57 रुपए खुला था। इस वर्ष उत्पादन कम और पुराने स्टॉक की कमी से आगामी जुलाई माह के दौरान 10/20 रुपए की तेजी दिखाई दे रही है। इस वर्ष उत्पादन घटने का मुख्य कारण यह है कि पिछले 3 वर्षो के दौरान धनिये में मंदी आने से किसान बिजाई में रूझान घटा दिये थे। इसलिए उत्पादन कम को देखते हुए लम्बी तेजी का ध्यान है।

मध्यप्रदेश की उत्पादक मंडी के अनुसार देश में पुराना धनिया इस समय 30 लाख बोरी शेष पड़ा बताया गया है। जब नया माल फरवरी में आया था। उस समय धनिया इस मंडी में 40/45 रुपए खुला था। वर्तमान में धनिया बढ़कर 68/70 रुपए प्रति किलो थोक में हो गया।

अभी ग्राहकी कम निकलने से इस महीने कोई खास तेजी का ध्यान नहीं है। जून माह में निर्यात मांग निकलेगी तो अच्छी तेजी की संभावना बनेगी। हालांकि धनिये की कीमतें पहले ही एक अच्छी खासी तेजी देख चुकी हैं।

धनिया जून में 80/85 रुपए किलोग्राम तक बिकेगा
रामगंज मंडी में एक व्यापारी के अनुसार मंडी में पुराना स्टॉक धनिये का काफी कम है। उत्पादन भी कम होने से जून-जुलाई माह में तेजी दिखाई दे रही है। इस समय लूज में धनिया इस मंडी में 65/66 रुपए तथा ईगल क्वालिटी के भाव 68/70 रुपए थोक में बिक रहा है।

आगे धनिया 80/85 रुपए किलोग्राम जून-जुलाई माह में बन सकता है तथा तेजी में स्टॉक करना रिस्की हो जाता है। क्योंकि नया माल आने से अब तक धनिया थोक में कम से कम 2/3 हजार रुपए तक बढ़ चुका है व रिटेल में 150 रुपए से ऊपर बिक रहा है।

छत्तीसगढ़ मंडी में भाव 90/100 रुपए किलो पहुंच के आसार
छत्तीसगढ़ मंडी रायपुर में तीन वर्षो से जो धनिया विदेशों से आता था वो अब तक नहीं आया। विदेशी धनिया मंडी में जुलाई-अगस्त में आता है। यदि विदेशी धनिया यहां पर नहीं आता है तो आगे धनिया थोक में इस मंडी में 90/100 रुपए किलो पहुंच सकता है। यहां पर धनिये का पुराना स्टॉक 30/35 हजार बोरी बताया जा रहा है।

SRPS में ‘लक्ष्य समर कैम्प-2019’ के पहले दिन बच्चों में दिखा उत्साह

कोटा। एसआर पब्लिक स्कूल में लक्ष्य समर कैम्प 2019 का आगाज सोमवार को हुआ। विद्यालय के निदेशक अंकित राठी व प्रधानाचार्या सीमा शर्मा ने माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर कैम्प का शुभारम्भ किया । यह ‘‘लक्ष्य समर कैम्प’’ 13 मई से 19 मई तक चलेगा । समर कैम्प के पहले दिन बच्चों में उत्साह देखते ही बन रहा था।

बच्चों के चेहरों पर मुस्कान, मन में कुछ नया सीखने की ललक और सकारात्मक सोच के साथ समर कैम्प के पहले दिन बड़ी संख्या में बच्चे आए। विद्यालय में सुबह से ही बच्चे अपने माता-पिता के साथ अपना रजिस्ट्रेशन कराने के लिए उत्साहित नजर आ रहे थे ।

इस कैम्प में योगा, शूटिंग, फुटबॉल, तायोक्वांडो, तैराकी, स्केटिंग, बास्केट-बॉल, हैंड-बॉल, होर्स राइडिंग, अटल टिंकरिंग में आर्डिनो प्रोग्रामिंग, कम्प्यूटर हार्डवेयर मेंटीनेन्स व ऐनिमेशन, जुम्बा, ट्रेजर-हंट, कोंगो, सिंथेसाइजर, वोकल, ड्रम, टॉयट्रेन, डांस (हिप-हॉप, सेमीक्लासिकल, नुक्कड़-नाटक, नॉन फॉयर कुकिंग, ग्लास पेंटिग, ज्वैलरी मेकिंग, अरेबिक्स और पेपर आर्ट जैसे कोर्स संचालित कियेजारहेहैं ।

बच्चों में क्रिएटिविटी बढ़ाने और स्किल्स बढ़ाने के मकसद से इस कैम्प का आयोजन किया जा रहा है । कोर्सेज भी बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखकर ही चयनित किये गए हैं । इस कैम्प की खास बात यह है कि बच्चे एक साथ काफी कोर्स में भाग ले सकते हैं । बच्चों की क्लास के हिसाब से ग्रुप बनाए गए हैं।

इस कैम्प में भाग लेने वाले बच्चों ने बताया कि इस कैम्प में आकर हमें मल्टीपल कोर्स सीखने का मौका मिल रहा है । लर्निंग बढ़ाने के लिए यह एक अच्छा प्लेटफॉर्म है। यह कोर्स आगे चलकर भी हमारे काम आएँगे। विद्यालय की प्रधानाचार्या सीमा शर्मा ने बताया कि इस कैम्प का आयोजन बच्चों की रूचि व सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखकर किया गया है ।

ज्वैलर्स की मांग से सोना महंगा, जानिए आज के दाम

नई दिल्ली/ कोटा सोमवार के कारोबार में सोने की कीमतों में मामूली उछाल देखने को मिला है। आज के कारोबार में सोना 65 रुपये की तेजी के साथ 33,018 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ है। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक राष्ट्रीय राजधानी में ज्वैलर्स की ओर से हुई ताजा खरीदारी की वजह से सोने की कीमतों में तेजी देखने को मिली है।

हालांकि चांदी की कीमतों में आज के कारोबार में गिरावट देखने को मिली है। आज के कारोबार में चांदी 175 रुपये की गिरावट के साथ 38,000 प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई। चांदी की कीमतों में इस गिरावट की वजह औद्योगिक इकाईयों और सिक्का निर्माताओं की ओर से सुस्त उठान रही है। वैश्विक स्तर पर न्यूयॉर्क में सोना हाजिर बाजार में गिरावट के साथ 1,283.9 डॉलर प्रति औंस और चांदी गिरावट के साथ 14.73 डॉलर प्रति औंस हो गई है।

शनिवार को सोने की कीमत 53 रुपये के उछाल के साथ 32,953 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई थी। वहीं राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 99.9 फीसद और 99.5 फीसद शुद्धता वाला सोना 65 रुपये के उछाल के साथ क्रमश: 33,018 रुपये और 32,848 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ है।

ठीक इसी तरह गिन्नी के भाव 100 रुपये के उछाल के साथ 26,500 रुपये प्रति 8 ग्राम पीस हो गए हैं। वहीं तैयार चांदी का भाव 175 रुपये टूटकर 38,000 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया, जबकि साप्ताहिक आधारित डिलीवरी 267 रुपये के उछाल के साथ 37,290 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है।

कोटा सर्राफा
चांदी 38300 रुपये प्रति किलोग्राम।
सोना केटबरी 33200 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 38720 रुपये प्रति तोला।
सोना शुद्ध 33370 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 38920 रुपये प्रति तोला।

सेंसेक्स 372 अंकों की गिरावट के साथ 37,090 पर बंद, निफ्टी 11,148 पर

नई दिल्ली।शेयर मार्केट में सप्ताह के पहले दिन उठापटक का दौर जारी रहा। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स दिन के कारोबार के बाद 372 अंकों की गिरावट के साथ 37,090 पर बंद हुआ, वहीं निफ्टी 130 अंक लुढ़कर 11148 बंद हुआ।

सेंसेक्स 69.91 अंकों की गिरावट के साथ खुला था, जो 10 बजकर सात मिनट पर 74 अंकों की उछाल के साथ 37537 पर पहुंच गया। हालांकि दोपहर की ट्रेडिंग में फिर 10 अंको की गिरावट के साथ 37452 पर पहुंच गया है। वहीं 27 अंकों की गिरावट के साथ खुलने वाले नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी शुरुआती कारोबार में 11 अंकों की बढ़त के साथ 11292 पर पहुंच गया था। फिर गिरावट के साथ बंद हुआ।

सेक्टरोल इंडेक्स लाल निशान में बंद
आईटी को छोड़कर सभी सेक्टरोल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी का आईटी इंडेक्स 0.04 फीसदी की मामूली बढ़त के साथ बंद होने में कामयाब रहा है जबकि निफ्टी के ऑटो इंडेक्स में करीब 2 फीसदी, एफएमसीजी इंडेक्स 1.02 फीसदी, मेटल इंडेक्स 1.8 फीसदी, फार्मा इंडेक्स में 4.4 फीसदी और रियल्टी इंडेक्स में करीब 2 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है।

सन फार्मा के मिनटों में डूबे 10 हजार करोड़, शेयर में 9.39% की गिरावट

नई दिल्ली।सोमवार को शेयर बाजार में ट्रेडिंग बंद होने से कुछ वक्त पहले सन फार्मा (Sun Pharma) को तगड़ा झटका लगा। देश की दिग्गज कंपनियों में शुमार सन फार्मा का शेयर आखिरी कुछ मिनटों में लगभग 20 फीसदी टूट गया। हालांकि उसमें कुछ रिकवरी देखने को मिली और बीएसई पर शेयर 9.39 फीसदी कमजोर होकर 396.85 रुपए पर बंद हुआ। अचानक हुई इतनी तेज बिकवाली से कुछ ही मिनटों में कंपनी की मार्केट वैल्यू लगभग 10 हजार करोड़ रुपए कम हो गई।

दिलीप सांघवी की अगुआई वाली कंपनी ने सोमवार को 350.40 रुपए का 52 हफ्ते का लो भी छूआ। सन फार्मा के शेयर में यह गिरावट हैवी वॉल्यूम के साथ देखने को मिली। ब्लूमबर्ग के डाटा के मुताबिक, ट्रेडिंग वॉल्यूम उसके 30 दिन के एवरेज की तुलन में 5 गुना रहा।

शेयर में आई तेज गिरावट की वजहों का अभी तक पता नहीं चला है। गौरतलब है कि सन फार्मा की बोर्ड मीटिंग 28 मई को होनी है, जिसमें उसके मार्च, 2019 में समाप्त तिमाही के नतीजों पर विचार होना है और मंजूरी दी जानी है।

SPARC का शेयर 7 फीसदी टूटा
वहीं सन फार्मा ग्रुप की एक अन्य कंपनी सन फार्मा एडवांस्ड रिसर्ज कंपनी (SPARC) भी भारी बिकवाली से अछूती नहीं। एसपीएआरसी का शेयर लगभग 7 फीसदी कमजोर होकर 146 रुपए पर क्लोज हुआ। ट्रेडिंग के दौरान शेयर ने 130 रुपए का 52 हफ्ते का लो लेवल भी छूआ। हालांकि, बाद में इसमें भी रिकवरी दर्ज की गई।

अप्रैल में सोया खली निर्यात में 25 फीसद की गिरावट

इंदौर। ऊंचे भावों के कारण अंतरराष्ट्रीय मांग घटने से अप्रैल के दौरान भारत से सोया खली का निर्यात 25 प्रतिशत की गिरावट के साथ 75,000 टन रह गया. अप्रैल 2018 में देश से इन उत्पादों का निर्यात करीब एक लाख टन के स्तर पर था। इंदौर स्थित सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) ने सोमवार को यह अनुमान जाहिर किया।

सोपा के कार्यकारी निदेशक डीएन पाठक ने बताया, “आलोच्य अवधि के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय सोया खली के भाव अमेरिका, ब्राजील और अर्जेन्टीना के इस उत्पाद के मुकाबले ऊंचे बने रहे। इससे भारतीय सोया खली की मांग पर जाहिर तौर पर विपरीत असर पड़ा।” सोपा के आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल में भारतीय सोया खली का सबसे बड़ा आयातक ईरान रहा।

फारस की खाड़ी के इस मुल्क ने गुजरे महीने भारत से सोया खली की 49,890 टन की खेप मंगायी। मौजूदा तेल विपणन वर्ष (अक्टूबर 2018-सितंबर 2019) में अक्टूबर से अप्रैल के बीच देश से सोया खली का निर्यात 16.88 लाख टन के स्तर पर रहा।

यह पिछले तेल विपणन वर्ष के शुरूआती सात महीनों के दौरान 11.78 लाख टन के सोया खली निर्यात के मुकाबले करीब 43 फीसद अधिक है। सोया खली वह उत्पाद है जो प्रसंस्करण इकाइयों में सोयाबीन का तेल निकाल लेने के बाद बचा रह जाता है। यह उत्पाद प्रोटीन का बड़ा स्त्रोत है। इससे सोया आटा और सोया बड़ी जैसे खाद्य उत्पादों के साथ पशु आहार तथा मुर्गियों का दाना भी तैयार किया जाता है।