Sunday, April 19, 2026
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नई महेंद्रा Scorpio की तस्वीरें लीक, अल्टूरस जी4 से प्रेरित है डिजाइन

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नई दिल्ली। महिंद्रा ने अपनी पॉप्युलर एसयूवी Scorpio को नए अवतार में लाने की तैयारी में है। कंपनी लगातार नई Mahindra Scorpio की टेस्टिंग कर रही है। हाल में एक बार फिर इसे तमिलनाडु में टेस्टिंग के दौरान देखा गया है। नई स्कॉर्पियो में बाहर और अंदर मॉडर्न बदलावों के अलावा लेटेस्ट फीचर्स भी शामिल होंगे।

नई स्कॉर्पियो अपडेटेड लैडर फ्रेम चेसिस पर आधारित होगी और वर्तमान मॉडल की तुलना में बड़ी होगी। लीक तस्वीरों से साफ हुआ है कि नई स्कॉर्पियो लंबी और ऊंची होगी। इसका वीलबेस ज्यादा होगा, जिससे कैबिन में ज्यादा जगह मिलेगी। ग्राउंड क्लियरेंस भी वर्तमान मॉडल से अधिक होगा।

नेक्स्ट जनरेशन स्कॉर्पियो के फ्रंट में नई ग्रिल दी गई है, जो कंपनी की प्रीमियम एसयूवी अल्टूरस जी4 की तरह है। इसका सेंट्रल एयरडैम भी चौड़ा है। पीछे की तरफ नई डिजाइन का गेट दिया गया है। पीछे की लाइट्स भी छोटी हैं। नई स्कॉर्पियो के मिड और टॉप वेरियंट्स में इंटीग्रेटेड स्पॉइलर और हाइ-माउंटेड स्टॉप लैम्प दिए जाने की संभावना है।

नई स्कॉर्पियो के इंटीरियर की तस्वीरें या इससे जुड़ी जानकारी अभी सामने नहीं आई है, लेकिन संभावना है कि इसके फीचर्स में बदलाव देखने को मिलेंगे। साथ ही एसयूवी में मॉडर्न कनेक्टिविटी टेक्नॉलजी भी दी जा सकती है। नई स्कॉर्पियो को साल 2020 में होने वाले ऑटो एक्सपो में पेश किया जाएगा।

इंजन :रिपोर्ट्स के मुताबिक, नई स्कॉर्पियो में महिंद्रा का नया 2-लीटर, 4-सिलिंडर डीजल इंजन होगा, जो करीब 160 Bhp का पावर जनरेट करेगा। इंजन 6-स्पीड मैन्युअल या ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन से लैस होगा। यह इंजन बीएस6 के अनुकूल होगा।

मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या में दो करोड़ से अधिक की कमी

नई दिल्ली।भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने कहा है कि हाल में मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या में आई कमी चिंता की बात नहीं है और नियामक को किसी तरह का हस्तक्षेप करने की जरूरत नहीं है। ट्राई के चेयरमैन आर. एस. शर्मा ने कहा कि यह उतार-चढ़ाव न्यूनतम रिचार्ज प्लान की वजह से है और समय के साथ चीजें ठीक हो जाएंगी।

ट्राई के आंकड़ों के अनुसार, देश में मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या 31 मार्च, 2019 को घटकर 116.18 करोड़ पर आ गई। यह इससे पिछले महीने की तुलना में 2.18 करोड़ की कमी है। मार्च के अंत तक देश में कुल फोन घनत्व घटकर 90.11 रह गया, जो फरवरी के अंत तक 91.86 था।

शर्मा ने हालांकि मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या में कमी को नजरअंदाज करते हुए कहा कि इस तरह का उतार-चढ़ाव कई कारणों से है। मसलन दूरसंचार आपरेटरों ने कनेक्शनों को सक्रिय रखने के लिए मासिक न्यूनतम रिचार्ज शुरू किया है। इससे ऐसे कनेक्शन हट गए हैं, जो सक्रिय नहीं थे। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता है कि यह चिंता की बात है।

यह पूछे जाने पर कि क्या नियामक इस मामले में हस्तक्षेप करेगा, शर्मा ने कहा कि हस्तक्षेप करने का सवाल नहीं खड़ा होता। ट्राई प्रमुख ने कहा कि जिस तरह से लोग डेटा सेवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं, मुझे विश्वास है कि बाजार ठहरेगा नहीं।

ट्राई के आंकड़ों के अनुसार मार्च के अंत तक इससे पिछले महीने की तुलना में वोडाफोन आइडिया तथा भारती एयरटेल के मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या में क्रमश: 1.45 करोड़ और 1.51 करोड़ की कमी आई। वहीं माह के दौरान रिलायंस जियो ने 94 लाख नए ग्राहक जोड़े। मार्च, 2019 के अंत तक कुल मोबाइल ग्राहकों की संख्या घटकर 116.18 करोड़ पर आ गई, जो फरवरी के अंत तक 118.36 करोड़ थी।

GSP: लड़ाई चीन से, खामियाजा भारत को भुगतना पड़ेगा ?

वाशिंगटन।अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा चीन तथा मेक्सिको जैसे अहम कारोबारी साझेदारों के खिलाफ छेड़े गए ट्रेड वॉर का खामियाजा भारत को भी उठाना पड़ा है। वाइट हाउस ने शुक्रवार को सामान्य तरजीही प्रणाली (GSP) के तहत अमेरिकी बाजार में भारत को मिलने वाली विशेष सुविधाओं को पांच जून से समाप्त करने की घोषणा की।

बड़ा सवाल यह उठता है कि अमेरिका का भारत के साथ व्यापार घाटा चीन तथा मेक्सिको की तुलना में बेहद कम है और अमेरिका पेइचिंग के खिलाफ भारत को खड़ा करने की वकालत भी करता रहा है, फिर नई दिल्ली को मिलने वाली विशेष सुविधाएं बंद करने की वजहें क्या हैं।

ट्रंप ने शुक्रवार को एक बयान में कहा, ‘मैंने यह तय किया है कि भारत ने अमेरिका को अपने बाजार तक समान और तर्कपूर्ण पहुंच देने का आश्वासन नहीं दिया है। इसलिए 5 जून, 2019 से भारत को प्राप्त लाभार्थी विकासशील देश का दर्जा समाप्त करना बिल्कुल सही है।’

दरअसल, वाशिंगटन ने सन 1974 में 120 विकासशील देशों और प्रांतों की अर्थव्यवस्था और बाजारों को सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से जीएसपी का दर्जा देने की शुरुआत की थी, जिसमें भारत को एक सबसे बड़े लाभार्थी देश के रूप में देखा जा रहा था। 2017 तक भारत द्वारा अमेरिका को किए गए लगभग 12 फीसदी (लगभग 5.5 अरब डॉलर) निर्यात शुल्क मुक्त था।

विकसित राष्ट्र होने की तरफ बढ़ रहे देश’
अमेरिका द्वारा विकासशील राष्ट्रों को मिलने वाला यह फायदा अब खत्म हो चुका है, क्योंकि राष्ट्रपति ट्रंप का मानना है कि अमेरिका से वित्तीय फायदा उठाने वाले राष्ट्र मध्य आय या विकसित राष्ट्र बनने की तरफ बढ़ रहे हैं, जबकि कुछ देश वाशिंगटन की ‘अपेक्षाओं के विपरीत’ काम कर रहे हैं।

भारत पर ‘हाई टैरिफ नेशन’ होने का आरोप
अमेरिका की महंगी हार्ले डेविडसन मोटरसाइकिलों पर नई दिल्ली द्वारा लगाए गए शुल्क (हालांकि शुल्क को घटाकर आधा कर दिया गया) का हवाला देते हुए ट्रंप भारत पर ‘बेहद हाई टैरिफ नेशन’ होने का आरोप लगाते रहे हैं।

घुसपैठ पर मेक्सिको से खफा अमेरिका
डॉनल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को मेक्सिको के सामानों पर आयात शुल्क में और बढ़ोतरी की घोषणा की। ट्रंप का कहना है कि दक्षिणी सीमाओं से अवैध अप्रवासियों को रोकने के लिए मेक्सिको ने अमेरिका की इच्छा के अनुरूप काम नहीं किया है।

चीन का विकास बाधित करने की रणनीति
दरअसल, अमेरिका का भारत के साथ व्यापार घाटा 25 अरब डॉलर का है, जो चीन के साथ 420 अरब डॉलर और मेक्सिको के साथ 75 अरब डॉलर की तुलना में काफी कम है। जीएसपी का दर्जा वापस लेने का उद्देश्य चीन को काउंटर करने के लिए एक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

भारत में यह सवाल पूछा जा रहा है कि चीन के साथ मतभेदों की सजा भारत को क्यों दी जा रही है और जब व्यापार घाटा चीन के साथ ज्यादा है फिर भारत से जीएसपी दर्जा छीनने का क्या मतलब है, वह भी तब जब अमेरिका चाहता है कि चीन के खिलाफ भारत मजबूती से खड़ा हो और उसका मुकाबला करे?

भारत की है मजबूरी?
हाल के वर्षों में कैलीफोर्निया के आल्मंड्स, वाशिंगटन के एपल और मध्य अमेरिका के चिकन लेग्स के लिए भारत को अपने बाजार के दरवाजे खोलने के लिए मजबूर होना पड़ा है। लेकिन ट्रंप का मानना है कि 25 अरब डॉलर के व्यापार घाटे को खत्म करने के लिए यह कदम अपर्याप्त है और भारत को और अमेरिकी सामानों के लिए अपने बाजार के दरवाजे खोलने होंगे।

लगातार चौथे दिन घटे पेट्रोल, डीजल के दाम, जानिए आज की कीमत

नई दिल्ली। पेट्रोल और डीजल के दाम में रविवार को लगातार चौथे दिन गिरावट दर्ज की गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में पिछले महीने कच्चे तेल के दाम में आई भारी गिरावट के बाद घरेलू पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार कटौती की जा रही है।

तेल विपणन कंपनियों ने रविवार को पेट्रोल के दाम दिल्ली में 12 पैसे, कोलकाता में तीन पैसे, मुंबई में 12 पैसे और चेन्नई में 12 पैसे प्रति लीटर घटा दिए हैं। डीजल के दाम में दिल्ली में 20 पैसे, कोलकाता में 15 पैसे और मुंबई व चेन्नई में 21 पैसे प्रति लीटर की कटौती की गई है।

इंडियन ऑयल की वेबसाइट के अनुसार, दिल्ली, कोलकता, मुंबई और चेन्नई में पेट्रोल के दाम घटकर क्रमश: 71.50 रुपए, 73.73 रुपए, 77.16 रुपए और 74.27 रुपए प्रति लीटर हो गए हैं। डीजल के दाम भी चारों महानगरों में घटकर क्रमश: 66.16 रुपए, 68.06 रुपए, 69.37 रुपए और 69.98 रुपए प्रति लीटर हो गए हैं।

फोर्ड इकोस्पोर्ट 50,000 तक सस्ती, जानिए कीमत

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नई दिल्ली। फोर्ड इकोस्पोर्ट सब 4 मीटर (4 मीटर से कम लंबाई) SUV सेगमेंट में काफी पॉप्युलर है। भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में इस कार की टक्कर मारूति सुजुकी विटारा ब्रेजा और टाटा नेक्सन जैसे मॉडल्स से है। हाल ही में ह्युंदै वेन्यू के एंट्री के बाद कंपनी ने इको स्पोर्ट लाइन अप को अपडेट किया है। इसका नतीजा यह भी है कि फोर्ड इकोस्पोर्ट के टाइटैनियम वेरियंट्स की कीमत में 45 हजार से 50 हजार तक की कटौती की गई है। इसके अलावा कंपनी इस एसयूवी का एक नया वेरियंट लाने की तैयारी भी कर रही है।

ऑटोकार इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक कार के Titanium+ वेरियंट में कंपनी 50,000 तक की कटौती करेगी। हालांकि सस्ती ईकोस्पोर्ट में कुछ फीचर्स मौजूद नहीं होंगे। सस्ते वेरियंट में क्रूज कंट्रोल, लेदर सीट और सिंक 3 इंफोटेंटमेंट सिस्टम नहीं होगा। कंपनी को उम्मीद है कि प्राइस में कटौती के बाद लोग इकोस्पोर्ट खरीदने में ज्यादा दिलचस्पी दिखाएंगे। इस वेरियंट में 9.0 इंच फ्लाईऑडियो इंफोटेंटमेंट सिस्टम और सनरूफ दी जाएगी।

इस अपडेट में इंजन और ट्रांसमिशन में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। इस वेरियंट में बायर को 1.5 लीटर पेट्रोल यूनिट के साथ मैनुअल और ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन मिलेगा। इसके अलावा 1.5 लीटर डीजल इंजन का भी ऑप्शन ह। इसके साथ सिर्फ मैनुअल ट्रांसमिशन मिलता है। ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन डीजल इंजन के साथ अवेलेबल नहीं है।

इसके अलावा टाइटैनियम वेरियंट में भी कुछ फीचर्स में कटौती की जाएगी। इस वेरियंट में सनग्लास होल्डर्स और रियर पैसेंजर के लिए सेंटर आर्मरेस्ट नहीं होगा। इंजन की अगर बात करें तो बायर को 1.5 लीटर डीजल और पेट्रोल दोनों इंजन ऑप्शंस मिलते हैं। दोनों इंजन ऑप्शन के साथ मैनुअल गियरबॉक्स मिलता है।

लोकसभा चुनाव में हर मतदाता पर औसत 700 रुपए खर्च, कल जारी होगी रिपोर्ट

नई दिल्ली। सत्रहवीं लोकसभा के चुनाव पर करीब साठ हज़ार करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। यानी हर संसदीय सीट पर हुआ अनुमानित खर्च सौ करोड़ रुपये से अधिक रहा है। यह दावा सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज द्वारा इस लोकसभा चुनाव में खर्चों पर जारी होने वाली रिपोर्ट में किया गया है। यह रिपोर्ट तीन जून को राजधानी में जारी की जाएगी। पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एस वाई कुरैशी ने इस रिपोर्ट की भूमिका लिखी है।

बीते चुनाव से दोगुना है खर्च
यह अब तक हुए किसी भी चुनाव में खर्च सर्वाधिक राशि है। 2014 के चुनाव में करीब तीस हज़ार करोड़ रूपए खर्च किये गए थे। इस तरह 2014 के लोकसभा चुनाव की तुलना में इस साल खर्च करीब दो गुना है। पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ने लिखा है कि जिस तरह चुनाव में धन का इस्तेमाल हो रहा है और राजनीति का अपराधीकरण बढ़ रहा है उसे देखते हुए लग रहा है कि 2019 के चुनाव से अधिक पारदर्शी निष्पक्ष और मुक्त चुनाव भविष्य में नहीं हो सकता है। रिपोर्ट के अनुसार कुछ राज्यों में उम्मीदवारों ने 40 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किये और औसतन प्रति मतदाता सात सौ रुपए खर्च हुए।

टूट गया साल 2014 का रिकार्ड
चुनावी खर्चे पर सेंटर फॉर मीडिया स्टडी (सीएमसी) के अनुसार 1996 में लोकसभा चुनावों में 2500 करोड़ रुपए खर्च हुए थे। साल 2009 में यह रकम बढ़कर 10,000 करोड़ रुपए हो गई। इसमें वोटरों को गैर कानूनी तरीके से दिया गया कैश भी शामिल है। 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में यह खर्च 35,547 करोड़ रुपए (500 करोड़ डॉलर) पहुंच गया। ऐसे में इस बार खर्च के मामले में सभी रेकार्ड टूटते नजर आ रहे हैं।

दुनिया का सबसे खर्चीला चुनाव होगा साबित
कारनीज एंडोमेंट फोर इंटरनेशनल पीस थिंकटैंक’ के मुताबिक साल 2019 का चुनाव अमेरिकी चुनावी खर्च की पीछे छोड़ देगा। थिंकटैंक के सीनियर फेलो और दक्षिण एशिया कार्यक्रम के निदेशक मिलन वैष्णव के मुताबिक 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव और कांग्रेस चुनावों में 46,211 करोड़ रुपए (650 करोड़ डॉलर) खर्च हुए थे।

वैष्णव के मुताबिक अगर भारत में 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में 35,547 करोड़ रुपये (500 करोड़ डॉलर) खर्च हुए थे तो 2019 के चुनाव में अमेरिकी चुनावों में खर्च का आंकड़ा आसानी से पार हो सकता है। ऐसा हुआ तो यह दुनिया का सबसे खर्चीला चुनाव साबित होगा।

रनिंग फेस्टिवल-2019 : 6 वर्षीय राजवी ने 3.2 किमी दौड़कर कर दिया चकित

कोटा। शहर में स्वास्थ्य की जागरूकता के उद्देश्य से शनिवार को उम्मेदसिंह स्टेडियम में रनर्स क्लब के प्रथम रनिंग फेस्टिवल-2019 का जोशीला आगाज हुआ। प्रातः 5ः30 बजे से महिला-पुरूष, युवा व बच्चे ग्रुप रनिंग में उत्साह से शामिल हुये। पहली दौड़ में 6 वर्षीय बच्ची राजवी दाधीच ने 3.2 किमी दौड़कर सबको चकित कर दिया।

ग्रुप रनिंग में रनिंग फेस्टिवल के एम्बेसेडर हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ.राकेश जिंदल व डॉ. नीता जिंदल, ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. विक्रांत माथुर व प्रियंका माथुर, डॉ. अंशुल माथुर व डॉ. अंकिता माथुर व अल्ट्रा मैराथन अर्चना मूंदड़ा ने प्रतिभागियों का उत्साह बढाते हुये निर्धारित समय में दौड़ पूरी की।

एफएसआरसी रनिंग फेस्टिवल के कॉर्डिनेटर अमित चतुर्वेदी ने बताया कि इस माह देश-विदेश के 538 पंजीकृत प्रतिभागी इस फेस्टिवल में अपने-अपने शहरों में 100 किमी से अधिक दौड़ का रिकॉर्ड पूरा करेंगे। जिसकी डिजिटल ट्रेकिंग की जाएगी। प्रतिभागी को प्रतिदिन न्यूनतम 3.2 किमी दौडना है।

जून में प्रत्येक शनिवार को ग्रुप रनिंग की जाएगी, जिसमें रनिंग एम्बेसेडर साथ दौडते हुये प्रतिभागियों का मनोबल बढ़ाएंगे। अगली ग्रुप रनिंग गणेश उद्यान एवं श्रीनाथपुरम स्टेडियम में होगी। मंगलवार व गुरूवार को प्रतिभागियों को प्रशिक्षण देकर प्रेक्टिस कराई जाएगी। रविवार को शहर में 10 किमी लंबी दौड़ भी आयोजित होगी।

सेहत के लिये चुनौती स्वीकार करें
एलन कॅरिअर इंस्टीट्यूट के निदेशक एवं रनिंग फेस्टिवल के एम्बेसेडर राजेश माहेश्वरी ने कहा कि ‘स्वस्थ रहें-मस्त रहें’ थीम पर शहरवासी सेहत के लिये नियमित दौड़ने की चुनौती को स्वीकार करें। वे खुद भी इसमें भाग ले रहे हैं।

प्रतिभागी दौडकर अपने शरीर में बदलाव खुद महसूस करेंगे। प्रतिदिन 3.2 किमी दौडकर 200 कैलोरी बर्न करते हुये हम जून माह में 6000 कैलौरी बर्न कर सकते हैं। इससे कई बीमारियों से छुटकारा मिलेगा। यह प्रतियोगिता न होकर सेहत के प्रति जागरूकता है।

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ.नीता जिंदल ने कहा कि नियमित दौडने से हमारे शरीर के कलपुर्जे सही कार्य करेंगे। 45 वर्ष की उम्र के बाद महिलाओं को हड्डियों के दर्द से राहत दिलाने के लिये नियमित रनिंग बहुत फायदेमंद है। दौडते हुये पैर जमीन पर जोर से पड़ने से केल्सियम व विटामिन-डी शरीर में घुलता है।

कमजोर ग्राहकी से सोना सस्ता, चांदी मजबूत, जानिए आज के दाम

नई दिल्ली/ कोटा ऊंचे भाव पर जेवराती खरीद कम होने से दिल्ली सर्राफा बाजार में शनिवार को सोना 50 रुपए लुढ़ककर 33,120 रुपए प्रति दस ग्राम पर आ गया। इस दौरान औद्योगिक मांग आने से चांदी 30 रुपए की बढ़त में 37,580 रुपए प्रति किलोग्राम बोली गई।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में लंदन का सोना हाजिर शुक्रवार को बढ़त के साथ 1,305.35 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। अगस्त का अमेरिकी सोना वायदा भी तेजी में 1,310.20 डॉलर प्रति औंस बोला गया। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चांदी हाजिर भी सप्ताहांत पर तेजी के साथ 14.54 डॉलर प्रति औंस के भाव बिकी।

ऊंचे दाम पर घरेलू जेवराती मांग कमजोर पड़ने से सोना स्टैंडर्ड 50 रुपए उतरकर 33,120 रुपए प्रति दस ग्राम पर आ गया। सोना बिटुर भी इतनी ही गिरावट के साथ 32,950 रुपए प्रति दस ग्राम के भाव बिका।

हालांकि, आठ ग्राम वाली गिन्नी 200 रुपए की तेजी में 26,700 रुपये बोली गई। औद्योगिक मांग आने से चांदी हाजिर 30 रुपए की बढ़त लेकर 37,580 रुपए प्रति किलोग्राम बोली गई। चांदी वायदा 10 रुपए उतरकर 36,380 रुपए प्रति किलोग्राम बोली गई। सिक्का लिवाली और बिकवाली क्रमश: 80 हजार और 81 हजार रुपए प्रति सैकड़ा पर टिके रहे।

कोटा सर्राफा
चांदी 37350 रुपये प्रति किलोग्राम।
सोना केटबरी 33000 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 38500 रुपये प्रति तोला।
सोना शुद्ध 33160 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 38680 रुपये प्रति तोला।

इंदौर बाजार: मूंगफली तेल में गिरावट

इंदौर। स्थानीय खाद्य तेल बाजार में शनिवार को मूंगफली तेल के भाव 30 रुपये (शुक्रवार की तुलना में) प्रति 10 किलोग्राम की गिरावट लिए रहे। सोयाबीन रिफाइंड तेल में दो रुपये और कपास्या तेल के भाव में पांच रुपये प्रति 10 किलोग्राम कम हुए।

तिलहन सरसों 3700 से 3750रायडा 3400 से 3500सोयाबीन 3750 से 3800 रुपये प्रति क्विंटल। तेल मूूंगफली तेल इंदौर 1000 से 1020, सोयाबीन रिफाइंड इंदौर 760 से 763, सोयाबीन साल्वेंट 725 से 730, पाम तेल 640 से 642 रुपये प्रति 10 किलोग्राम।

पशु आहार कपास्या खली इंदौर 1900, देवास 1900, उज्जैन 1900, खंडवा 1885, बुरहानपुर 1885, अकोला 2850 रुपये प्रति 60 किलोग्राम बोरी। कपास्या तेल कपास्या तेल इंदौर 705 से 710, महाराष्ट्र 700 से 705, तथा गुजरात 715 से 717 रुपये प्रति 10 किलोग्राम।