Saturday, May 16, 2026
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निवेशकों ने दो दिन में गंवाये 3.79 लाख करोड़ रुपये, सेंसेक्स में भारी गिरावट

नई दिल्ली। कंपनियों के तिमाही नतीजों से घबराए निवेशकों ने शुक्रवार को जमकर बिकवाली की। इससे भारतीय शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। बंबई स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 560 अंकों की गिरावट के साथ 38,337 अंकों पर बंद हुआ। दो दिन की गिरावट से बाजार में निवेशकों को 3.79 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों का संवेदी सूचकांक निफ्टी 177 अंकों की गिरावट के साथ 11,419 अंकों पर बंद हुआ। 5 जुलाई को पेश किए गए आम बजट के बाद शेयर बाजार में यह दूसरी बड़ी गिरावट है।

ये हैं टॉप गेनर
सेंसेक्स में कावेरी सीड कंपनी लिमिटेड 7.35 फीसदी, हटसन एग्रो प्रोडक्ट लिमिटेड 5.44 फीसदी, आरकॉम 4.68 फीसदी, जस्ट डायल 4.52 फीसदी, सेंट्रम कैपिटल लिमिटेड 4.42 फीसदी की तेजी के साथ टॉप गेनर रहे। निफ्टी में एनटीपीसी 1.65 फीसदी, टाइटन 0.68 फीसदी, टीसीएस 0.64 फीसदी, अल्ट्राटेक सीमेंट 0.29 फीसदी, बीपीसीएल 0.13 फीसदी की तेजी के साथ टॉप गेनर रहे।

ये हैं टॉप लूजर
सेंसेक्स में आरबीएल बैंक 13.77 फीसदी, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर 12.64 फीसदी, सिएंट लिमिटेड 11.83 फीसदी, ट्राइडेंट लिमिटेड 9.53 फीसदी, हेग 9.38 फीसदी की गिरावट के साथ टॉप लूजर रहे। निफ्टी में बजाज फाइनेंस 4.43 फीसदी, बजाज फिनसर्व 3.92 फीसदी, आयशर मोटर्स 3.39 फीसदी, गेल 3.31 फीसदी, टाटा मोटर्स 3.20 फीसदी की गिरावट के साथ टॉप लूजर रहे।

ACC सीमेंट को जून तिमाही में 455 करोड़ रुपए का मुनाफा

नई दिल्ली। देश की प्रमुख सीमेंट निर्माता कंपनी एसीसी सीमेंट को 30 जून को समाप्त हुई तिमाही में 38.61 फीसदी मुनाफे के बाद शुक्रवार को कंपनी के शेयरों में उछाल देखा गया। बंबई स्टॉक एक्सचेंज के बीएसई में एसीसी के शेयर 5.11 फीसदी के उछाल के साथ 1647.30 रुपए प्रति शेयर के दिवस के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए, जो 11.57 बजे 1.92 फीसदी के उछाल के साथ 1597.25 रुपए प्रति शेयर पर कारोबार कर रहे हैं।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के एनएसई में 5.13 फीसदी के उछाल के साथ 1674.55 रुपए प्रति शेयर के साथ दिवस के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं। 11.58 बजे यह 1.90 फीसदी के उछाल के साथ 1596.90 रुपए प्रति शेयर पर कारोबार कर रहे हैं।

एसीसी सीमेंट की ओर से वित्त वर्ष 2019-20 की जून तिमाही के नतीजे गुरुवार को जारी किए गए। कंपनी के अनुसार, 30 जून को समाप्त हुई तिमाही में उसने 38.61 फीसदी की तेजी दर्ज की है और उसका कंसोलिडेटिड शुद्ध मुनाफा 455.68 करोड़ रुपए रहा है। कंपनी का कहना है कि सेल्स और ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस में सुधार के कारण उसका मुनाफा बढ़ा है।

एसीसी की ओर से बीएसई फाइलिंग में कहा गया है कि वह जनवरी से दिसंबर के वित्त वर्ष का पालन करती है। पिछले साल अप्रैल से जून तिमाही में कंपनी को 328.74 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था। कंपनी के अनुसार अप्रैल-जून 2019 तिमाही में उसके कुल ऑपरेशनल रेवेन्यू में 7.83 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है और उसे कुल 4,149.82 करोड़ रुपए का राजस्व मिला है।

पोर्न देखने वालों पर गूगल और फेसबुक की नजर : स्टडी

नई दिल्ली। गूगल (Google), फेसबुक (Facebook) और यहां तक कि ओरेकल क्लाउड (Oracle Cloud) भी आप पर चुपके से नजर बनाए रखते हैं। लैपटॉप या स्मार्टफोन पर ‘इंकॉग्निटो मोड’ पर स्विच करने पर भी आपके द्वारा देखी जाने वाली पोर्न पर गुप्त रूप से नजर रखी जाती है। माइक्रोसॉफ्ट, कानेर्गी मेलन विश्वविद्यालय और पेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय के एक नए संयुक्त अध्ययन में यह बात सामने आई है।

एजेंसी के मुताबिक इस जांच में पता चला कि 93 प्रतिशत वेब पेज ऐसे हैं, जो यूजर्स के डाटा को थर्ड पार्टी संगठनों के लिए ट्रैक और लीक करते हैं। इसके लिए ‘वेबएक्सरे’ नामक एक उपकरण का उपयोग करके 22,484 सेक्स वेबसाइटों को टटोला गया। अपने नमूने में यूजर्स को ट्रैक करने वाली 230 विभिन्न कंपनियों और सेवाओं की पहचान करने वाले शोधकर्ताओं ने कहा, “इन साइटों पर हो रही ट्रैकिंग कुछ प्रमुख कंपनियों द्वारा केंद्रित है।”

गूगल करता है सबसे ज्यादा साइट्स को ट्रैक
गैर-पोर्नोग्राफी-विशिष्ट सेवाओं में से, गूगल 74 फीसदी साइटों को ट्रैक करता है, ओरेकल 24 फीसदी और फेसबुक 10 फीसदी साइटों को ट्रैक करता है। पोर्नोग्राफी-विशिष्ट ट्रैकरों में शीष 10 हैं- ईएक्सओ क्लिक (40 फीसदी), जूसीएड (11 फीसदी) और इरो एडवरटाइजिंग (9 फीसदी)। अध्ययन में कहा गया है, “गैर-पोर्नोग्राफी की शीर्ष 10 कंपनियां अमेरिका में हैं, जबकि पोर्नोग्राफी-विशिष्ट की अधिकतर कंपनियां यूरोप में हैं।”

नकली प्रोफाइल बनाकर शोधकर्ताओं ने किया अध्ययन
शोधकर्ताओं की टीम ने ‘जैक’ नाम का एक काल्पनिक प्रोफाइल बनाया, जो अपने लैपटॉप पर पोर्न देखने का फैसला करता है। जैक अपने ब्राउजर में ‘इंकॉग्निटो मोड’ ऑन करता है और यह मान लेता है कि उसके कार्य अब निजी हैं। वह एक साइट को खोजता है और एक गोपनीयता नीति के लिए एक छोटी सी लिंक को स्क्रॉल करता है।

वह सोचता है कि गोपनीयता नीति के तहत आने वाली साइट उसकी निजी जानकारी की रक्षा करेगी, इसलिए जैक एक वीडियो पर क्लिक करता है। शोधकर्ताओं ने कहा, “जैक को पता नहीं है कि ‘इंकॉग्निटो मोड’ केवल यह सुनिश्चित करता है कि उसकी ब्राउजिंग हिस्ट्री उसके कंप्यूटर पर जमा न हो।

वह जिन साइटों पर जाता है, उससे संबंधित ऑनलाइन कार्यों को थर्ड-पार्टी ट्रैकर्स देख और रिकॉर्ड कर सकते हैं।” जैक द्वारा एक्सेस की गई सारी जानकारी से ये थर्ड-पार्टी ट्रैकर्स उन साइटों के यूआरएल की मदद से उसकी यौन इच्छाओंका भी अनुमान लगा सकते हैं। वे जैक से जुड़े डाटा को बेच भी सकते हैं।

पॉर्नोग्राफिक तस्वीरें देखकर महिलाएं भी होती हैं उत्तेजित : स्टडी

सेक्शुअल और पॉर्नोग्राफिक तस्वीरें दिखाने पर सिर्फ पुरुष ही नहीं बल्कि महिलाएं भी पुरुषों के बराबर ही उत्तेजना महसूस करती हैं। अब तक लोगों के बीच यही मान्यता रही है कि पॉर्न को सिर्फ पुरुष इंजॉय करते हैं लेकिन अब एक स्टडी में इसके विपरित नतीजे सामने आए हैं ।

जर्मनी के मैक्स प्लैंक इंस्टिट्यूट फॉर बायोलॉजिकल साइबरनेटिक्स के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए रिसर्च की मानें तो कोई व्यक्ति किसी सेक्शुअल इमेज को देखकर किस तरह का रेस्पॉन्स देता है या किस तरह से उत्तेजित होता है उसके आधार पर उसका सेक्स करने का तरीका थोड़ा अलग हो सकता है।

इस स्टडी के नतीजों को PNAS नाम के जर्नल में प्रकाशित किया गया है जिसमें अनुसंधानकर्ताओं ने 61 न्यूरोइमेजिंग स्टडीज के डेटा की जांच की। यह एक ऐसा तरीका है जिसके जरिए ब्रेन की ऐक्टिविटी को मापा जाता है।

अनुसंधानकर्ताओं की टीम ने 1 हजार 850 लोगों के ब्रेन के इमेज की जांच की जिनके सामने उत्तेजित करने वाली इरॉटिक तस्वीरें रखीं गईं थीं। इस स्टडी के नतीजों के मुताबिक, इंसान का ब्रेन सेक्शुअल तस्वीरों को देखकर एक जैसा ही रिऐक्शन देता है और इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह व्यक्ति पुरुष है या महिला। अंतर सिर्फ व्यक्ति के व्यवहार में होता है।

बाजार में बिकवाली शुरू, सेंसेक्स 253 अंक लुढ़का

मुंबई। शुरुआती कारोबार में तेजी के बाद घरेलू शेयर बाजारों में बिकवाली शुरू हो गई है। यही कारण है कि कारोबार शुरू होने के 22 मिनट बाद ही बाजार लाल निशान में आ गए हैं। सुबह 10.20 बजे सेंसेक्स 253 अंकों की गिरावट के साथ 38,644 अंकों पर और निफ्टी 89 अंकों की गिरावट के साथ 11,507 अंकों पर कारोबार कर रहा है।

अमेरिकी फेड की ओर से ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद के बीच एशियाई बाजार में तेजी का बदौलत शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार भी तेजी के साथ खुले। बंबई स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 106 अंकों की तेजी के साथ 39,003 अंकों पर खुला।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 34 अंकों की तेजी के साथ 11,631 अंकों पर खुला। सुबह 9.27 बजे सेंसेक्स 82 अंकों की तेजी के साथ 38,980 अंकों पर और निफ्टी 26 अंकों की तेजी के साथ 11,623 अंकों पर कारोबार कर रहे हैं।

दोनों प्रमुख सूचकांकों के जिन शेयरों में शुरुआती कारोबार में गिरावट देखने को मिली उनमें सेंसेक्स पर इन्फोसिस, कोटक बैंक, मारुति प्रमुख हैं। वहीं निफ्टी पर यस बैंक, इन्फोसिस , विप्रो और टेक महिंद्रा के शेयरों में गिरावट देखने को मिली।

इन शेयरों में तेजी का माहौल
सेंसेक्स में शुरुआती कारोबार में रैलीज इंडिया लिमिटेड, हटसन एग्रो प्रोडक्ट्स लिमिटेड, सीजी पावर, आरकॉम, एसीसी सीमेंट में तेजी का माहौल है। निफ्टी में विप्रो, एचडीएफसी, जी एंटरटेनमेंट, ब्रिटानिया, एचडीएफसी बैंक में तेजी का माहौल है।

इन शेयरों में मंदी का माहौल
सेंसेक्स में शुरुआती कारोबार में सियांट लिमिटेड, कॉक्स एंड किंग्स, एलएंडटी इंफोटेक लिमिटेड, ट्राइडेंट, चोलामंडलम फाइनेंशियल होल्डिंग्स लिमिटेड में मंदी का माहौल है। निफ्टी में यस बैंक, ओएनजीसी, कोल इंडिया, टाटा मोटर्स, मारुति में मंदी का माहौल रहा।

WhatsApp के नोटिफिकेशन पैनल में अब दिखेगा वॉइस मेसेज का प्रिव्यू

नई दिल्ली। फोटो और विडियो के प्रिव्यू नोटिफिकेशन के बाद अब वॉइस मेसेज का प्रिव्यू भी नोटिफिकेशन पैनल पर नजर आने वाला है। हालांकि, फिलहाल इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि पुश नोटिफिकेशन के इस अपडेट को कब तक स्टेबल वर्जन में रोलआउट किया जाएगा, लेकिन हाल ही में नजर आए एक स्क्रीनशॉट से इसका अंदाजा हो गया है कि यह दिखने में कैसा नजर आएगा।

WABetaInfo ने ट्विटर पर नए वॉट्सऐप फीचर का एक स्क्रीनशॉट शेयर किया है, जिससे पता चलता है कि यह फीचर iOS पर आएगा। फिलहाल यह फीचर डिवेलपमेंट मोड में है, लेकिन इसे जल्द ही भविष्य में लॉन्च किया जाएगा। फीचर के आने के बाद आईफोन यूजर्स अपने वॉट्सऐप पर आने वाले इनकमिंग वॉइस मेसेज को नोटिफिकेशन पैनल में भी देख सकेंगे।

इस तस्वीर में प्ले बटन के साथ एक वॉइस मेसेज नजर आ रहा है। हालांकि, इस बात की अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है कि इसे कब तक जारी किया जाएगा। WABetaInfo ने संकेत दिए है भविष्य में मेजर अपडेट के साथ आने वाले कई फीचर्स के साथ इसे भी रोलआउट किया जा सकता है।

इसके अलावा सितंबर में आईओएस 13 अपडेट के जरिए डार्क मोड फीचर आने की भी बात कही गई है। ट्रैकर का कहना है कि डार्क मोड फीचर के पहले iOS यूजर्स के लिए जारी किया जाएगा, इसके बाद ही यह ऐंड्रॉयड यूजर्स के लिए उपलब्ध होगा।

बात की जाए नोटिफिकेशन्स की तो, वॉट्सऐप ने हाल ही में आईफोन के लिए डायरेक्टली स्टिकर्स को प्रिव्यू करने का ऑप्शन जारी किया है। इसके तहत स्टिकर्स को फुल साइज में देखने के लिए यूजर्स को लॉन्ग प्रेस करना होता है।

लोकसभा के मौजूदा सत्र में 20 वर्षों में सबसे अधिक कामकाज: बिरला

नई दिल्ली / कोटा। 17वीं लोकसभा के मौजूदा सत्र के दौरान पिछले 20 साल में सबसे अधिक कामकाज हुआ है। पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च के अनुसार, निचले सदन में मंगलवार तक कामकाज का स्तर 128 प्रतिशत रहा है।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुवार को सदन को बताया कि सदस्यों ने 17 घंटे आम बजट, 13 घंटे रेलवे के लिये अनुदान मांगों और 7.44 घंटे सड़क एवं परिवहन के लिये अनुदान मांगों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि सदस्यों ने ग्रामीण विकास और कृषि मंत्रालयों के लिये अनुदान मांगों पर 10.36 घंटे तथा खेल एवं युवा मामलों के मंत्रालय से संबंधित मुद्दों पर 4.14 घंटे चर्चा की।

पिछले कुछ दिनों से लोकसभा में शून्यकाल नहीं होने के चलते बिरला ने सदस्यों को विशेष महत्व के मुद्दे शाम करीब छह बजे उठाने की अनुमति दी। गुरुवार को विस्तारित शून्यकाल हुआ जिसमें बहुत से सदस्यों ने अपने तात्कालिक लोक महत्व के मुद्दे उठाए।

पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च के अनुसार लोकसभा अपने तय समय से अधिक काम कर रही है और उसने विधायी कार्यों को पूरा करने के लिये दो बार मध्यरात्रि तक काम किया है। रिसर्च के अनुसार, इस सत्र में लोकसभा अपने तय समय से अधिक काम कर रही है। 16 जुलाई 2019 तक लोकसभा के कामकाज का स्तर 128 प्रतिशत रहा, जो पिछले 20 वर्षों में किसी भी सत्र में सबसे अधिक है।

इसी प्रकार राज्यसभा में भी अपेक्षाकृत अधिक कामकाज हुआ है, जहां राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन लोकसभा की तरह बहुमत में नहीं है। पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च के अनुसार उच्च सदन के कामकाज का स्तर मंगलवार तक 98 प्रतिशत रहा। संसद का सत्र 17 जून से शुरू हुआ था और यह 26 जुलाई को समाप्त होगा।

Google ने प्ले स्टोर से हटाए सात जासूसी APP

नई दिल्ली। गूगल ने अपने प्ले स्टोर से सात जासूसी APP को हटा दिए हैं। इन APP को वैसे तो बच्चों की सुरक्षा और चुराए गए फोन पर नजर रखने के लिए बनाया गया था, लेकिन लोग इनका इस्तेमाल कर्मचारियों, प्रेमी जोड़ों और बच्चों पर नजर रखने के लिए कर रहे थे।

ये APP नजर रखे जाने वाले व्यक्ति की लोकेशन, कांटैक्ट नंबर, SMS और फोन कॉल हिस्ट्री जुटाने में सक्षम थे। इन APP को एक रूसी डिजाइनर ने तैयार किया था। एंटी वायरस कंपनी अवस्ट के मोबाइल थ्रेट पर शोध करने वाले कर्मचारियों ने इन्हें Google Play Store पर देखा। उन्होंने इसकी जानकारी गूगल को दी, जिसके बाद इन्हें हटाया जा सका। इन APP को 1.30 लाख बार इंस्टाल किया गया था

सरकार चाहती है वर्ष 2022 तक प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता 500 ग्राम हो

नई दिल्ली। भारत में डेयरी उद्योग को बढ़ाने तथा देशी नस्लों के संरक्षण और विकास के लिए सरकार राष्ट्रीय कामधेनु प्रजनन केन्द्र बना रही है। इस योजना के तहत सरकार वर्ष 2022 तक प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता को 500 ग्राम करना चाहती हैं। जहां एक तरफ भारत में दुग्ध उत्पादन को बढ़ाया जाएगा, वहीं दूसरी तरफ लोगों को दुधारू जानवरों के बारे में जागरूक भी किया जाएगा।

केंद्रीय कृषि मंत्री के अनुसार, विगत 3 वर्षों मे दुग्ध उत्पादन 137.7 मिलियन टन से बढ़कर 165.4 मिलियन टन हो गया है। लोगों को बताया जाएगा कि वे किस तरह अपने जानवरों को स्वस्थ रख सकते हैं। सरकार स्वदेशी नस्लों के संरक्षण के लिए 50 करोड़ रुपए की लागत से देश में दो राष्ट्रीय कामधेनु प्रजनन केन्द्र भी स्थापित किए हैं। राष्ट्रीय कामधेनु प्रजनन केन्द्र पहला दक्षिणी क्षेत्र में चिन्तलदेवी, नेल्लोर में और दूसरा उत्तरी क्षेत्र इटारसी, होशंगाबाद में है। बता दें दोनों ही राज्य आंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश को 25 करोड़ की राशि जारी की जा चुकी है।

राष्ट्रीय कामधेनु प्रजनन केन्द्र का उद्देश्य
सरकार इस योजना के तहत देशी बोवाईन नस्लों का संरक्षण और परीक्षण करना और उनके उत्पाद तथा उत्पादकता को बढ़ाना चाहती है। इसके अलावा संकटाधीन नस्लों को लुप्त होने से बचाना उद्देश्य है। भारत सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि देश के किसान ज्यादा से ज्यादा आय अर्जित करें, युवाओं को रोजगार मिले, आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को उनका अपना हक मिले, बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य की सुविधा मिले।