Saturday, May 16, 2026
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लोकसभा स्पीकर बिरला का सबसे लंबे शून्यकाल का कीर्तिमान

नई दिल्ली। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में पहले ही सत्र में लोकसभा के कई कीर्तिमान ध्वस्त होने की राह में हैं। गुरुवार को लोकसभा में सबसे लंबी अवधि का शून्यकाल हुआ। इसमें रिकॉर्ड 162 सांसदों ने मुद्दे उठाए। बीते करीब एक महीने से चल रहे पहले सत्र की उत्पादकता फिलहाल 130 फीसदी है।

प्रश्नकाल में प्रतिदिन औसतन 3 से 4 सवाल की जगह 8 से 9 सवाल पूछे जा रहे हैं। इसके अलावा ऐसा पहली बार हुआ है जब पहले ही सत्र में पहली बार चुन कर आए करीब 90 सांसदों को पहले ही सत्र में बोलने का मौका मिला हो।

बीते गुरुवार को स्पीकर ओम बिड़ला ने सबसे लंबी अवधि (4 घंटे 48 मिनट) का शून्यकाल चलाने का कीर्तिमान बनाया। कार्यवाही रात 11 बजे तक चली। इस दौरान 30 फीसदी सांसदों ने मुद्दे उठाए। लोकसभा सचिवालय के सूत्रों के मुताबिक अब तक इतनी लंबी अवधि के शून्यकाल का कोई रिकॉर्ड नहीं है। इससे पहले शून्यकाल में कभी भी 70 से अधिक सांसदों ने मुद्दे नहीं उठाए हैं। वर्तमान सत्र में अब तक नौ बिलों को मंजूरी मिल चुकी है।

प्रश्नकाल का भी बदला चेहरा
नए निजाम में कार्यवाही का अहम हिस्सा प्रश्नकाल का भी चेहरा बदल गया है। पहले बेहतर स्थिति में भी प्रतिदिन औसतन तीन से चार सवाल ही पूछे जाते रहे हैं। इस बार पांचवें हफ्ते तक प्रतिदिन प्रश्न पूछे जाने का औसत करीब नौ है। प्रतिदिन एक ही मंत्रालय के सवाल को उससे मिलते जुलते दूसरे सवालों से जोड़ा जा रहा है। पहले ही सत्र में स्पीकर ने सूची का सबसे अंतिम और 20वां सवाल पुछवाकर सबको हैरत में डाला था।

90 फीसदी सांसदों को पहले ही सत्र में मौका
हर लोकसभा में सांसद बोलने का मौका नहीं मिलने का रोना रोते रहे हैं। इस बार तस्वीर इसके उलट है। इस लोकसभा में पहली बार चुन कर आए 277 सांसदों में से 90 फीसदी सांसदों को पहले ही सत्र में बोलने का मौका मिल चुका है। पहली बार स्पीकर ने शून्यकाल के किसी नोटिस को अस्वीकार नहीं किया है। इसके कारण कार्यवाही और शून्यकाल का समय भी करीब करीब प्रतिदिन बढ़ाना पड़ा है।

मेंस्ट्रुअल कप और बायॉडिग्रेडिबल सैनेटरी नैपकिन बनाएगी सरकार

नई दिल्ली। भारत सरकार अब महिलाओं के लिए मेंस्ट्रुअल कप और नैपकिन बनाने की योजना पर काम करेगी। महिलाओं, लड़कियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मेंस्ट्रुअल हाइजीन स्कीम के तहत सरकार आक्सी बायोडिग्रेडेबल सैनेटरी नैपकिन और मेंस्ट्रुअल कप बनाएगी। इसके लिए सरकार की हेल्थ टीम रिसर्च कर रही है।

यह जानकारी स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से संसद में दी है। बता दें कि नैपकिन में प्लास्टिक मिला होता है, इसलिए इसे डिकंपोज होने में 500-800 साल लगते हैं। ये नैपकिन सेहत के साथ पर्यावरण के लिए भी नुकसानदेह है इसलिए सरकार बायॉडिग्रेडिबल नैपकिन बनाएगी।

सरकारी विद्यालयों में सैनेटरी पैड वेंडिंग मशीनें लगेंगी
समग्र शिक्षा अभियान के तहत सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में छात्राओं के लिए स्कूल परिसर में सेनेटरी नैपकिन की मशीनें लगाई जाएंगी। छात्राएं इसके जरिए मुफ्त में सेनेटरी नैपकिन ले सकेंगी। छात्राओं के साथ आसपास के गांवों की महिलाएं भी इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगीं। इसके लिए 2018-19 में 81.60 लाख रुपए की धनराशि आवंटित की गई है।

गौरतलब है कि समग्र शिक्षा अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के दस राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में सैनेटरी नैपकिन की मशीनें लगाई जानी हैं। योजना पर काम शुरू हो गया है, अगले महीने से चयनित स्कूलों में मशीनों को लगवाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।

स्कूलों में कंपोस्ट प्लांट भी लगेगा
स्कूलों में सैनेटरी नैपकिन की मशीन लगाने के साथ ही कंपोस्ट प्लांट भी लगाए जाएंगे, ताकि सेनेटरी नैपकिन का प्रयोग करने के बाद इधर-उधर फेंकने की बजाय सीधे प्लांट में डाला जाए। इसके साथ ही महिलाओं को व 10-19 साल तक की छात्राओं को इसे प्रयोग करने के लिए जागरूक किया जाएगा, ताकि वह बीमारियों से बच सकें।

बिना तत्वज्ञान के धर्म को नहीं समझा जा सकता : सौम्यनन्दिनी माताजी

कोटा। दिगंबर जैन मन्दिर महावीर नगर विस्तार योजना में चातुर्मास कर रही आर्यिका सौम्यनन्दिनी माताजी ने शुक्रवार को अपने प्रवचन में कहा कि तत्वज्ञान के अभाव में व्यक्ति संसार में भटकर रहा है। सांसारिक ज्ञान का बोझ ढोने को मजबूर व्यक्ति पीड़ा भोगने को मजबूर है। बिना तत्वज्ञान के धर्म को भी नहीं समझा जा सकता है। धर्म को जानने के लिए ध्यान करना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि राजा को भी धर्म की शरण में जाना पड़ता है। जिसका जो धर्म होता है, उसे निभाना पड़ता है। धर्म की शरण में रहने वाले राजा के राज्य में प्रजा खुशहाल और कल्याणकारी होती है। इस दुनिया में बिना किए किसी को कुछ नहीं मिलता है और जो व्यक्ति जैसा कर्म करता है, उसे वैसा ही फल भी मिलता है।

सौम्यनन्दिनी माताजी ने ‘‘ये तो संसार सागर दुखों से भरा, या में सुख कहीं नजर आता नहीं…’’ गाकर सुनाया। इससे पहले कल्पना लूंग्या ने भजनों की प्रस्तुति दी। वहीं कैलाशचन्द्र महेन्द्र कुमार धनोतिया के द्वारा चित्र अनावरण, दीप प्रज्ज्वलन, शास्त्र भेंट किया गया।

भजन-कीर्तन और झकियों के साथ पालकी में निकले साईं बाबा

कोटा। शिव मण्डल विकास समिति एवं साईं सेवा समिति शिव मंदिर रेलवे काॅलोनी कोटा जंक्शन के तत्वावधान में शुक्रवार को साईं बाबा मंदिर निर्माण के नवें स्थापना दिवस पर विभिन्न आयोजन धूमधाम से किए गए। मंदिर पर स्थित प्रतिमाओं का विशेष पूजन किया गया तथा साईं बाबा का प्रातः पंचामृत अभिषेक तथा दोपहर को महाआरती की गई। इसके बाद विभिन्न स्थानों से जयकारों के साथ साईं बाबा को पालकी में सवार होकर नगर भ्रमण कराया गया। विधायक प्रहलाद गुंजल ने साईं बाबा का पूजन कर शोभायात्रा को रवाना किया।

शोभायात्रा शिव मंदिर प्रांगण वर्कशाॅप काॅलोनी से प्रारंभ होकर डेयरी चौराहा तुल्लापुरा चौराहा, ऋणमुक्तेश्वर महादेव, अण्डरब्रिज, रेलवे स्टेशन, मण्डल रेल प्रबंधक कार्यालय, राम मंदिर, सनफ्लावर रेस्टोरेंट, मेन बाजार, शीतला चैक, भीमगंजमण्डी थाना, रंगपुर रोड, ओवरब्रिज, आरई काॅलोनी, हरिजन बस्ती, उड़िया बस्ती, रेलवे काॅलोनी होते हुए शिव मंदिर पर ही सम्पन्न हुई।

शोभायात्रा में ढोल, 4 बैण्ड, बग्गी, शिव दरबार, राम दरबार, राधा कृष्ण, साईं बाबा समेत 4 झांकियां, ऊंटगाडी, 2 डीजे साउण्ड समेत भजन कीर्तन मण्डलियां तथा डांडियां की टोलियां चल रही थीं। हर हर बम बम पर शिव ताण्डव करते हुए भूत प्रेत, रास रचाते राधा कृष्ण तथा भगवान राम का स्मरण करते बजरंग बली शोभायात्रा आकर्षण थे।

मधुर स्वरलहरियां बिखेरते बैण्ड के साथ सुंदर परिधानों में सजे स्त्री पुरूष नाचते गाते चल रहे थे। वहीं, डीजे पर भी युवा थिरकते नजर आ रहे थे। डीजे पर ‘साईं राम साईं शाम भगवान…’’, ‘‘तेरा शुक्र करा वे साईंयां…’’, ‘‘भर दो झोली साईंनाथ…’’, ‘‘साई नाथ मेरे साईंनाथ…’’, ‘‘लागी रे साईं लगन तेरे नाम की…’’, ‘‘हम सब आए तेरे द्वार, साईं बेड़ा पार कर दो…’’, ‘‘मेरे घर के आगे साईंनाथ…’’, ‘‘साईंनाथ तेरे हजारों हाथ…’’, ‘‘डम डम डमरू बाजे, साईनाथ शिव शंभु भजे…’’, ‘‘र्साइं शरण में आओगे तो समझोगे यह बात…’’, ‘‘साईं की नगरी जाना हे रे बंदे…’’, ‘‘थोड़ा ध्यान लगा साईं दौड़े दौड़े आएंगे…’’ सरीखे भजनों की शानदार प्रस्तुति दी जा रही थी।

कोटा में तीन दिवसीय फैशन एग्जीबिशन ‘नायाब’ का आगाज

कोटा। ARN ग्रुप की ओर से तीन दिवसीय ‘नायाब’ फैशन एंड लाइफ स्टाइल एग्जीबिशन का शुभारंभ थेकड़ा स्थित होटल में राधिका ग्रुप के चेयरमैन धनेश अग्रवाल ने किया । देश के अलग-अलग शहरों से डिजाइनर्स अपनी यूनिक डिजाइन्स के साथ कोचिंग नगरी में एकत्रित हुए है।

एग्जीबिशन में ना केवल डिजाइनर ड्रेसेस है, बल्कि ज्वैलरी में भी बड़ी ही आकर्षक कलाकारी देखने को मिल रही है। केजुअल से लेकर पार्टी वियर हो या टॉप से लेकर साडिय़ां, मैचिंग के क्लचेस हों या फिर दुपट्टे सभी इस प्रदर्शनी में शहरवासियों को आने को मजबूर कर रहे हैं।

ग्रुप के निदेशक नीरज त्रिवेदी ने बताया कि लघु उद्यमी महिलाओं को उनके उत्पादों की बिक्री के लिए एक मंच प्रदान करने के उद्देश्य से यह एग्जीबिशन लगाई गई है। एग्जीबिशन के माध्यम से महिलाओं को देश की प्राचीन परंपराओं से रूबरू होने का मौका मिल रहा है।

इस एग्जीबिशन में करीब 40 स्टॉलें लगी है, जिसमें जयपुर, इंदौर, मुंबई, कोलकाता, बनारस समेत अन्य स्थानों के प्रमुख उत्पादों को प्रदर्शित किया गया है। इस एग्जीबिशन में कोटा की चार स्टॉलें है, जिसमें कोटा डोरिया साड़ी, दुपट्टा व सूट्स आदि प्रमुख है। गौरतलब है कि एआरएन गु्रप कोटा में होटल इंडस्ट्री के साथ पर्यटन कारोबार को विकसित करने के लिए प्रयासरत है।

उन्होंने बताया कि एग्जीबिशन में 20 जुलाई को किड्स शो के साथ 21 जुलाई को महिलाओं के लिए तंबोला व हाउजी गेम का आयोजन किया जाएगा। एग्जीबिशन में प्रवेश निशुल्क रखा गया है। वहीं शॉपिंग करने पर महिलाएं निशुल्क पूल पार्टी का आनंद उठा सकती है। त्रिवेदी ने बताया कि एग्जीबिशन का समय सुबह 10 से रात 8 बजे तक रखा गया है। इस मौके पर एग्जीबिशन के संयोजक अमित शर्मा व सीमा जैन भी उपस्थित थी।

बैंक कर्मियों ने 50वां बैंक राष्ट्रीयकरण दिवस उत्साह पूर्वक मनाया

कोटा। बैंक राष्ट्रीयकरण के 50 वर्ष पूर्ण होने पर बैंक कर्मियों ने इस दिवस को उत्साहपूर्वक मनाया। राजस्थान प्रदेश बैंक एम्प्लाइज यूनियन कोटा जिला इकाई द्वारा कल बैंक ऑफ इंडिया एरोड्राम चौराहा शाखा के समक्ष आयोजित सभा में बड़ी संख्या में बैंक कर्मी एकत्रित हुए। सभा से पूर्व बैंक कर्मियों ने राष्ट्रीयकरण के समर्थन में नारेबाजी की।

सभा को संबोधित करते हुए बैंक कर्मी नेताओं ने बताया कि 19 जुलाई 1969 के पूर्व बैंकों का स्वामित्व बड़े पूंजीपति घरानों के पास था तथा बैंकों में जमा आमजन की पूंजी का इस्तेमाल वे स्वयं के हितों के लिए करते थे। कृषि तथा छोटे व्यापारियों को बैंक सुविधा उपलब्ध नहीं थी। बैंक कर्मी संगठन एआईबीईए प्रारम्भ से ही लगातार बैंकों के राष्ट्रीयकरण हेतु आंदोलनरत था।

तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने बैंक राष्ट्रीयकरण का एक जबरदस्त कदम उठा कर बैंकों का रास्ताआम जन के लिये खोल दिया। उन्होंने बताया कि बैंक राष्ट्रीयकरण के पश्चात देश की चहुमुखी आर्थिक उन्नति हुई है। उन्होंने निजी बैंकों की भी राष्ट्रीयकरण की मांग की।

बैंक कर्मी नेता शरण लाल गुप्ता, अशोक ढल, ललित गुप्ता, पदम पाटोदी, डीएस साहू, आरबी मालव, अनिल ऐरन, डीके गुप्ता, हेमराज सिंह गौड़, बैंक अधिकारी नेता प्रमोद माथुर तथा आईएल मीणा ने बैंक कर्मियों को संबोधित किया। सभा में बैंक राष्ट्रीयकरण को बचाने तथा बेहतर ग्राहक सेवा का संकल्प लिया गया।

कोटा मंडी : कमजोर उठाव से चना और मूंग लुढ़का

कोटा। भामाशाह अनाज मंडी में शुक्रवार को लिवाली निकलने से गेहूं 25 तेज मजबूत रहा। कमजोर उठाव से चना 25 रुपये और मूंग 100 रुपये प्रति क्विंटल लुढ़क गया। सोयाबीन और धनिया 50-50 रुपये ढीला रहा। मंडी में सभी जिंसों का मिलाकर 20,000 बोरी का कारोबार हुआ। लहसुन की आवक 4000 की कट्टे की रही।

गेहूं लस्टर 1800 से 1900गेहु मील 1775 से 1921एवरेज 1850से 1950 लोकवान 1850 से 1950 पी डी 1850 से 2000 गेहूं टुकडी 1900 से 2001मक्का 1900 से 2100 जौ 1500 से 1750 ज्वार 1500 से 4500 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगंधा 2400 से 2800 पूसा 1 2500 से 2801 पूसा 4 (1121) 3200 से 3500 धान लाजवाब (1509 ) 2800 से 3005 रुपये प्रति क्विंटल। सोयाबीन 3200 से 3600 सरसों 3400 से 3551अलसी 4000 से 4501 तिल्ली 7000 से 9000 रुपये प्रति क्विंटल।

मैथी 4000 से 4200 कलौजी 8500 से 10000 धनिया बादामी 5500 से 6100 ईगल 6200 से 6501 रंगदार नया 6500 से 7500 रुपये प्रति क्विंटल। लहसुन 2000 से 7800 रुपये प्रति क्विंटल रहा।

मूंग 5500 से 6000 उड़द 2000 से 4400 चना 3600 से 4025चना कांटिया 3900 चना काबुली 3500से 4300 चना पेप्सी 3800 से 4050 चना मौसमी 3000 से 4100 मसूर 3800 से 4400 रुपये प्रति क्विंटल। ग्वार 2500से 3800 रुपये प्रति क्विंटल।

इंदौर किराना बाजार : खोपरा गोला के भाव में तेजी

इंदौर। स्थानीय सियागंज किराना बाजार में शुक्रवार को खोपरा गोला के भाव दो रुपये प्रति किलोग्राम की तेजी लिए रहे। कारोबारियों के अनुमान के मुताबिक सियागंज किराना बाजार में शुक्रवार को छह गाड़ी शक्कर की आवक हुई।

शक्कर-गोला शक्कर 3350 से 3380 रुपये प्रति क्विंटल।शक्कर एम (मोटी) 3400 से 3420 रुपये प्रति क्विंटल।खोपरा गोला 175 से 188 रुपये प्रति किलोग्राम।खोपरा बूरा 2050 से 3350 रुपये प्रति 15 किलोग्राम। हल्दी हल्दी खड़ी सांगली 130 से 132, निजामाबाद 90 से 100, पिसी 140 से 155 रुपये प्रति किलोग्राम।

साबूदाना साबूदाना 6000 से 7600, पैकिंग में 8000 से 8300 रुपये प्रति क्विंटल। आटा-मैदा गेहूं आटा 1170 से 1180, मैदा 1190 से 1200, रवा 1270 से 1280, चना बेसन 3000 से 3025 तथा बटला बेसन 2650 से 2675 रुपये प्रति क्विंटल।

इंदौर बाजार: मूंगफली एवं सोया रिफाइंड तेल में गिरावट

इंदौर। स्थानीय खाद्य तेल बाजार में शुक्रवार को मूंगफली तेल 10 रुपये एवं सोयाबीन रिफाइंड तेल के भाव में दो रुपये प्रति 10 किलोग्राम की कमी हुई। तिलहन में सरसों 50 रुपये और रायडा 50 रुपये प्रति क्विंटल घटकर बिका।

तिलहन सरसों 3600 से 3650रायडा 3400 से 3450सोयाबीन 3600 से 3625 रुपये प्रति क्विंटल। तेल मूंगफली तेल इंदौर 1100 से 1120, सोयाबीन रिफाइंड इंदौर 728 से 730, सोयाबीन साल्वेंट 685 से 690, पाम तेल 610 से 615 रुपये प्रति 10 किलोग्राम।

पशु आहार कपास्या खली इंदौर 1950, देवास 1950, उज्जैन 1950, खंडवा 1935, बुरहानपुर 1935, अकोला 3000 रुपये प्रति 60 किलोग्राम बोरी। कपास्या तेल कपास्या तेल इंदौर 745 से 750, महाराष्ट्र 735 से 740, तथा गुजरात 750 से 755 रुपये प्रति 10 किलोग्राम।