Tuesday, July 28, 2026
Home Blog Page 303

सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में होगा सुधार, फार्मासिस्ट कैडर का जॉब चार्ट लागू

कोटा। Pharmacist Cadre Job Chart: चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने फार्मासिस्ट संवर्ग के लिए जॉब एंड रिस्पांसिबिलिटी चार्ट जारी कर दिया है। निदेशक जन-स्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा ने बताया कि इसके अंतर्गत फार्मासिस्ट संवर्ग के पदों को डिप्टी डायरेक्टर (फार्मासिस्ट), सुपरिंटेंडेंट फार्मासिस्ट, सीनियर फार्मासिस्ट एवं फार्मासिस्ट श्रेणियों में विभाजित कर उनके कार्य एवं दायित्व निर्धारित किए गए हैं। इससे विभागीय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा।

कैडर अनुसार तय हुई जिम्मेदारियां
डॉ. शर्मा के अनुसार डिप्टी डायरेक्टर (फार्मासिस्ट) को मुख्यालय स्तर पर नियंत्रण एवं प्रशासनिक जिम्मेदारी दी गई है। सुपरिंटेंडेंट फार्मासिस्ट दवा आपूर्ति श्रृंखला की निगरानी, गुणवत्ता जांच हेतु नमूनों को समय पर RMRSC भेजने तथा जिला स्तर पर DDW व DDC के निरीक्षण का कार्य करेंगे। सीनियर फार्मासिस्ट उप-भंडार व वैक्सीन डिपो का प्रबंधन, दवाओं का भौतिक सत्यापन, ऑडिटिंग तथा वार्षिक मांग प्रस्ताव तैयार करेंगे। वहीं फार्मासिस्ट दवाओं के वितरण, भंडारण रिकॉर्ड संधारण, आपूर्ति श्रृंखला में सहयोग तथा मरीजों को दवाओं के दुष्प्रभावों पर परामर्श देंगे।

संघ ने जताया आभार
राजस्थान फार्मासिस्ट कर्मचारी संघ (एकीकृत) के प्रदेशाध्यक्ष तिलक चंद शर्मा ने सरकार एवं चिकित्सा प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह मांग पिछले डेढ़ दशक से लंबित थी। जॉब चार्ट जारी होने से फार्मासिस्ट संवर्ग को स्पष्ट दिशा मिलेगी और कार्य निष्पादन अधिक प्रभावी होगा।

कोटा इकाई में खुशी का माहौल
कोटा जिला अध्यक्ष डॉ. महावीर प्रसाद खींची ने बताया कि कैडर के अनुसार जिम्मेदारियां तय होने से कर्मचारियों में उत्साह है। इससे चिकित्सा विभाग एवं निःशुल्क दवा योजना को मजबूती मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि केडर सुधार, वेतन विसंगति एवं भत्तों के निर्धारण जैसे मुद्दों के समाधान के लिए संगठन निरंतर प्रयासरत है।

रोटरी क्लब की डिस्ट्रिक्ट कॉन्फ्रेंस कोटा में कल से, जुटेंगे 90 रोटरी क्लब के सदस्य

कोटा। रोटरी क्लब की दो दिवसीय डिस्ट्रिक्ट कॉन्फ्रेंस का आयोजन 31 जनवरी को सुबह 10 बजे से तुलसी रिसोर्ट में किया जाएगा। जिसमें रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3056 में शामिल 21 राजकीय जिलों के रोटेरियन शामिल होंगे। कार्यक्रम के ब्रोशर का गुरूवार को विमोचन किया गया।

कार्यक्रम संयोजक सुरेश अग्रवाल ने गुरुवार को पत्रकारों को बताया कि कोटा को इस आयोजन की मेजबानी 56 वर्ष के अंतराल के बाद मिली है। यह आयोजन डिस्ट्रिक्ट गवर्नर प्रज्ञा मेहता के अध्यक्षीय कार्यकाल में आयोजित हो रहा है। जिसमें अब तक के कार्यों की समीक्षा के साथ-साथ भावी दिशा पर भी मंथन किया जाएगा।

रोटरी क्लब कोटा के अध्यक्ष मनोज सोनी ने बताया कि दो दिवसीय सम्मेलन में जिला 3056 के 90 रोटरी क्लब के रोटेरियन सदस्य सहभागिता करेंगे। सम्मेलन के दौरान डिस्ट्रिक्ट गवर्नर के चुनाव की प्रक्रिया भी संपन्न होगी। जो चुनाव अधिकारी निर्मल कानावत की देखरेख में संपन्न होंगे।

डिस्ट्रिक्ट गवर्नर प्रज्ञा मेहता ने बताया कि कांफ्रेंस के मुख्य अतिथि पूर्व महाराज कुंवर इज्येराज सिंह होंगे। रोटरी इंटरनेशनल के प्रतिनिधि के रूप में जवाहर वल्दमानी भी उपस्थित रहेंगे। इसके अतिरिक्त कईं पूर्व डिस्ट्रिक्ट गवर्नर भी कॉन्फ्रेंस में शामिल होंगे।

डिस्ट्रिक्ट सेक्रेटरी प्रीतम गोस्वामी ने बताया कि कार्यक्रम में प्रसिद्ध कवि संपत सरल काव्य पाठ करेंगे। साथ ही, आध्यात्मिक वक्ता रेणुका पुंडरीक गोस्वामी द्वारा जीवन जीने के सूत्र दिए जाएंगे। वहीं कवि एवं रंगमंच कलाकार चिराग जैन के द्वारा भगवान श्रीराम पर आधारित विशेष काव्यात्मक प्रस्तुति दी जाएगी।

कॉन्फ्रेंस के इवनिंग बैश में प्रसिद्ध गायक राजीव राजा अपनी संगीतमय प्रस्तुतियां देंगे। सेक्रेटरी नीरज अग्रवाल ने बताया कि इंडियन आइडल फेम आबिद खान के ग्रुप द्वारा लंगा गायन और राजस्थानी लोक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं जाएंगी।

प्रवक्ता संजय गोयल ने बताया कि कॉन्फ्रेंस में उल्लेखनीय कार्य करने वाले सदस्यों को सेवा परियोजना, सामाजिक योगदान एवं नेतृत्व क्षमता के लिए इंटरनेशनल प्राइज से सम्मानित किया जाएगा। कोटा के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अतिथियों को रिवर फ्रंट ले जाया जाएगा। कॉन्फ्रेंस में सभी क्लब सेवा गतिविधियों को परस्पर साझा करेंगे।

गुजरात की ऊंझा मंडी में नई सौंफ की आवक शुरू, पैदावार कम रहने का अनुमान

नई दिल्ली। प्रमुख उत्पादक राज्य गुजरात की ऊंझा मंडी में नए सौंफ की आवक शुरू हो गई है। लेकिन बिजाई क्षेत्रफल में कमी आने के कारण उत्पादन गत वर्ष की तुलना में कम रहने के समाचार मिल रहे हैं।

वर्तमान में गुजरात की ऊंझा मंडी में नए सौंफ की आवक 900/1000 बोरी की हो रही है और आबू रोड की सौंफ का भाव 200/320 रुपए एवं गुजरात की सौंफ का भाव 90/140 रुपए प्रति किलो बोला जा रहा है। पुरानी सौंफ की आवक 2500/3000 बोरी की हो रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार चालू सीजन के दौरान गुजरात में सौंफ की बिजाई 48945 हेक्टेयर पर की गई है जबकि गत वर्ष बिजाई का क्षेत्रफल 57206 हेक्टेयर का रहा था। राजस्थान में भी सौंफ की बिजाई गत वर्ष की तुलना में 20/25 प्रतिशत घटने के समाचार मिल रहे हैं। गत वर्ष गुजरात एवं राजस्थान में सौंफ की कुल बिजाई 95/98 हजार हेक्टेयर पर की गई थी।

उत्पादक केन्द्रों पर घटती बिजाई के कारण देश में दूसरे वर्ष भी सौंफ की पैदावार घटने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024 के दौरान देश में सौंफ का रिकॉर्ड उत्पादन 38/40 लाख बोरी (प्रत्येक बोरी 55 किलो) का रहा था, जबकि वर्ष 2025 में घटकर 19/20 लाख बोरी का रह गया। चालू सीजन के दौरान उत्पादन में और कमी आने के अनुमान लगाए जा रहे है।

जानकारों का कहना है कि हालांकि देश में सौंफ की पैदावार कम रहेगी लेकिन आगामी दिनों में नए मालों की आवक बढ़ने पर अभी कीमतों में तेजी की संभावना नहीं है। हालांकि विगत कुछ समय से सौंफ के भाव मजबूती के साथ बोले जा रहे हैं। क्योंकि निर्यातकों की लिवाली में सुधार दर्ज किया गया। उल्लेखनीय है कि नवम्बर में सौंफ का निर्यात भाव 89/91 रुपए चल रहा था जोकि जनवरी के शुरू में बढ़कर 95/96 रुपए हो गया। जबकि वर्तमान में भाव 102/103 रुपए पर बोला जा रहा है लेकिन वर्तमान इन भावों पर लिवाल नहीं है। जिस कारण से आगामी दिनों में कीमतों में गिरावट संभव है।

निर्यात 65 प्रतिशत घटा
वर्ष 2024-25 के दौरान सौंफ का रिकॉर्ड निर्यात होने के पश्चात वर्ष 2025-26 के प्रथम सात माह में सौंफ का निर्यात मात्रात्मक रूप में 65 प्रतिशत घटा है। जबकि आय में 53 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-अक्टूबर-2025 के दौरान सौंफ का निर्यात 20850 टन का किया गया और निर्यात से प्राप्त आय 263.89 करोड़ की रही। जबकि अप्रैल-अक्टूबर- 2024 में निर्यात 59831 टन का रहा और आय 561.74 करोड़ की रही थी। वर्ष 2024-25 के दौरान सौंफ का कुल निर्यात 76586 टन का हुआ था और आय 765.44 करोड़ की रही थी।

Kota Mandi: आवक की कमी से सोयाबीन उड़द बेस्ट और धनिया के भाव में उछाल

कोटा। Kota Mandi Price Today: भामाशाह अनाज मंडी में गुरुवार को आवक की कमी से सोयाबीन 50 रुपये, उड़द बेस्ट 250 रुपये और धनिया 100 रुपये उछल गया। कमजोर उठाव से लहसुन 500 रुपये मंदा रहा। मंडी में सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब सवा लाख कट्टे और लहसुन की 2500 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे-

गेहूं 2451 से 2535 ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 2000 से 2350, मक्का लाल 1500 से 1750, मक्का सफेद 2500 से 2800 जौ 2000 से 2300 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा 2800 से 330, 1धान (1509) 3000 से 3731, धान (1847) 2800 से 3551, धान (1718) 2600 से 4051, धान (पूसा-1) 2400 से 3950, धान (1401) 3400 से 3950, धान दागी 1200 से 2900 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 4000 से 5771 सरसो 6200 से 6800, सरसों नयी 5300 से 6500,अलसी 7500 से 8500, तिल्ली 7000 से 10500 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंग 6000 से 6900, उड़द 4500 से 9000 चना देशी 4700 से 5300, चना मौसमी 4700 से 5200 चना पेप्सी 4800 से 5251, चना डंकी 3500 से 4700 चना काबुली 6000 से 7800 रुपये प्रति क्विंटल।

लहसुन 3000 से 11000, मैथी 4000 से 5500, धनिया बादामी 7500 से 9100 धनिया ईगल 8500 से 9300 रुपये प्रति क्विंटल।

सड़क सुरक्षा के संस्कार बचपन से ही हो तो सुरक्षित भविष्य की नींव: आरटीओ शर्मा

कोटा। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत गुरुवार को कोटा सड़क सुरक्षा समिति द्वारा आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों की श्रृंखला में श्रीनाथपुरम स्थित एक स्कूल में निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता के साथ-साथ जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना विकसित करना रहा। इस अवसर पर प्रादेशिक परिवहन अधिकारी मनीष कुमार शर्मा ने बताया कि सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के संस्कार यदि बाल्यावस्था से ही बच्चों के व्यवहार और आचरण का हिस्सा बन जाएँ, तो निश्चित रूप से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है।

जिला परिवहन अधिकारी सुरेंद्र सिंह राजपुरोहित ने कहा कि शिक्षा और तकनीक का समन्वय वर्तमान समय की आवश्यकता है, जिससे सुरक्षित यातायात संस्कृति को जन-आंदोलन का स्वरूप मिल सके। प्रतियोगिता में कक्षा आठवीं से बारहवीं तक के विद्यार्थियों ने भाग लिया।

“सीख से सुरक्षा, टेक्नोलॉजी से परिवर्तन” विषय पर आयोजित इस निबंध प्रतियोगिता में कुल 103 विद्यार्थियों ने अपने विचारों के माध्यम से सड़क सुरक्षा का सशक्त संदेश दिया। विद्यालय के निदेशक डॉ. अभिनव ने कहा कि निबंध लेखन से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, तार्किक सोच, विषयगत ज्ञान तथा रचनात्मक एवं काव्यात्मक अभिव्यक्ति की क्षमता विकसित होती है।

इस प्रकार की गतिविधियाँ बच्चों को समाज के प्रति संवेदनशील बनाती हैं और उन्हें सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं।कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों से सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने तथा दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया गया।

ये रहे प्रतियोगिता के परिणाम
प्रथम स्थान रिया मीणा, द्वितीय स्थान ऋषभ टांक एवं तृतीय स्थान गौरांश जैन ने प्राप्त किया। विजेता विद्यार्थियों को विद्यालय प्रशासन एवं कोटा सड़क सुरक्षा समिति द्वारा बधाई दी गई।

राजस्थान सरकार युवाओं को देगी बिना ब्याज 10 लाख रुपये तक का लोन, जानिए पात्रता

नई दिल्ली। राजस्थान सरकार ने बेरोजगार युवाओं के लिए एक योजना शुरू की है, जिसके तहत उन्हें बिना ब्याज 10 लाख रुपये तक का लोन दिया जाएगा। इस आर्थिक मदद से वो अपना खुद का बिजनेस शुरू कर सकते हैं। इस योजना का नाम मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना है। चलिए जानते हैं कि क्या है यह योजना और किसे और कैसे मिलेगा यह लोन?

इसके अलावा 50 हजार रुपये तक की मार्जिन मनी और CGTMSE (सूक्ष्म और लघु उद्यम क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट) फीस को फिर से भरने का भी प्रावधान किया गया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य बेरोजगारी को कम करना और युवाओं को स्वरोजगार की दिशा में प्रेरित करना है।

इस योजना का लाभ लेने के लिए प्रदेश के युवा अपनी SSO ID और ई-मित्र के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। 15 जनवरी को इसकी विस्तृत गाइडलाइन जारी कर दी गई थी। योजना के शुभारंभ के 10 दिन बाद ही आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

किसे मिलेगा लोन

  • मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना का लाभ वही युवा ले सकते हैं जो राजस्थान के स्थायी निवासी हैं।
    इसके अलावा उनकी आयु 18 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  • 8वीं से 12वीं पास आवेदकों को सेवा एवं व्यापार क्षेत्र के लिए 3.5 लाख रुपये एवं मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए 7.5 लाख रुपये तक का बिना ब्याज लोन बिना ब्याज लोन उपलब्ध कराया जाएगा।
  • इसके अलावा अधिकतम 35 हजार रुपये की मार्जिन मनी भी दी जाएगी।
  • वहीं, ग्रेजुएट, ITI और अधिक शैक्षणिक योग्यता वाले आवेदकों को सेवा एवं व्यापार क्षेत्र के लिए 5 लाख रुपये दिया जाएगा।
  • साथ ही इस योजना के तहत मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए 10 लाख रुपये तक का ब्याज फ्री लोन उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही, 50 हजार रुपये तक की मार्जिन मनी भी दी जाएगी।
  • साथ ही एचयूएफ, सोसायटी, भागीदारी फर्म, एलएलपी फर्म एवं कंपनी की स्थिति में उनका नियमानुसार पंजीकृत होना आवश्यक है।

मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना क्या है?
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार ने 12 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना को शुरू किया था। अगर आप खुद का रोजगार शुरू करना चाहते हैं तो राजस्थान सरकार के इस योजना के तहत लाभ उठा सकते हैं। राजस्थान सरकार इस योजना के जरिए करीब 1 लाख युवाओं को लाभान्वित करना चाहती है। इस योजना जरिए युवाओं को विनिर्माण, सेवा एवं व्यापार सेक्टर में सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना के लिए 10 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त लोन उपलब्ध कराया जाएगा। इस लोन पर पूरा ब्याज राज्य सरकार भरेगी।

108MP कैमरा के साथ मोटोरोला के दो नए मिलिट्री ग्रेड वाटर प्रूफ फोन लॉन्च

नई दिल्ली। मोटोरोला ने मिड-रेंज में G सीरीज के दो नए स्मार्टफोन Moto G77 और Moto G67 को दुनिया के कई मार्केट्स में लॉन्च कर दिया है। इन दोनों फोन में बड़ा स्क्रीन, दमदार बैटरी, टिकाऊ बिल्ड और स्मार्ट कैमरा सेटअप जैसे फीचर्स दिए गए हैं।

Moto G77 को कंपनी ने थोड़ा प्रीमियम ऑप्शन के रूप में रखा है जिसमें 108MP का प्राइमरी कैमरा मिलता है। वहीं Moto G67 बजट-फ्रेंडली ऑप्शन है। दोनों ही फोन में MIL-STD-810H सर्टिफिकेशन और IP-ग्रेडेड प्रोटेक्शन दी गई है।

कीमत और कलर वैरिएंट
Moto G77 फोन को पैंटोन के शेड्स ‘शेडेड स्प्रूस’ और ‘ब्लैक ऑलिव’ में लॉन्च किया गया है, जिसकी कीमत यूके में 250 पाउंड (31,819 रुपए) है। मोटो जी67 आर्कटिक सील और नाइल नाम के पैंटोन रंगों में उपलब्ध होगा। इसकी कीमत 200 पाउंड (25,455 रुपए) है।

Moto G77 के स्पेसिफिकेशन
Moto G77 एक शक्तिशाली मिड-रेंज स्मार्टफोन है जिसमें 6.78-इंच का बड़ा AMOLED डिस्प्ले है जो 1.5K रिज़ॉल्यूशन और 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ आता है। यह स्क्रीन 5000 निट्स तक की ब्राइटनेस भी देते हैं, जिससे धूप में भी डिस्प्ले साफ दिखाई देता है। फोन के प्रोसेसर में MediaTek Dimensity 6400 चिपसेट है।

कैमरा सेटअप में 108MP का मुख्य कैमरा है जो 3x जूम सपोर्ट करता है, साथ ही 8MP का ultrawide कैमरा और 32MP का सेल्फी कैमरा भी है, जिससे फोटो और वीडियो दोनों अच्छे बनते हैं। 5200mAh की बैटरी 30W फास्ट चार्जिंग के साथ दी गई है और डॉल्बी एटमॉस वाले स्टेरियो स्पीकर्स भी हैं। मजबूत डिजाइन के लिए फोन में IP64 पानी-धूल रेज़िस्टेंस और MIL-STD-810H मिलिट्री-ग्रेड सर्टिफिकेशन है, और स्क्रीन को Gorilla Glass 7i प्रोटेक्शन भी मिलता है।

Moto G67 के स्पेसिफिकेशन
Moto G67 में भी 6.78-इंच AMOLED डिस्प्ले है जिसमें 120Hz रिफ्रेश रेट और Gorilla Glass 7i प्रोटेक्शन है। परफॉर्मेंस के लिए यह फोन MediaTek Dimensity 6300 चिपसेट का उपयोग करता है। कैमरा सेटअप में 50MP Sony Lytia 600 मुख्य कैमरा है जो अच्छे फोटो क्लिक करता है, साथ ही 8MP का ultrawide कैमरा और 32MP का फ्रंट कैमरा भी दिया गया है। Moto G67 में भी 5200mAh की बैटरी और 30W चार्जिंग सपोर्ट मिलता है।

भारत का पहला 10001mAh की बैटरी वाला फोन Realme P4 Power 5G लॉन्च

नई दिल्ली। Realme P4 Power 5G Launched in india: बार-बार फोन रिचार्ज करने का झंझट नहीं चाहते, तो रियलमी का नया फोन आपके लिए परफेक्ट ऑप्शन हो सकता है। रियलमी ने अपने नए फोन के तौर पर भारत में Realme P4 Power 5G लॉन्च किया।

कंपनी का दावा है कि यह 10,001mAh बैटरी वाला भारत का पहला स्मार्टफोन है। यह भारत में तीन कलर ऑप्शन में खरीदने के लिए उपलब्ध होगा, जिसमें TransView डिजाइन दिया गया है।

इसकी बैटरी लाइफ को लेकर कंपनी ने दावा किया है कि एक बार चार्ज करने पर यह फोन लगभग 39 दिनों का स्टैंडबाय टाइम देगा, यानी अगर आप इसे फुल चार्ज करके रख दें और यूज न करें, तो भी यह करीब 39 दिनों तक ऑन रहेगा।

इसमें एलईडी फ्लैश के साथ डुअल रियर कैमरा सेटअप है। इस फोन में 1.5K रेजोल्यूशन वाला 4D कर्व प्लस हाइपरग्लो डिस्प्ले है, जिसका रिफ्रेश रेट 144 हर्ट्ज तक है। कितनी है कीमत और इसमें क्या-क्या खास मिलता है, चलिए डिटेल में जानते हैं सबकुछ…

कीमत
Realme P4 Power 5G की भारत में कीमत 8GB रैम + 128GB स्टोरेज वाले बेस वेरिएंट के लिए 25,999 रुपये से शुरू होती है। इसके 8GB रैम + 256GB स्टोरेज वाले हायर-एंड वेरिएंट की कीमत 27,999 रुपये और 12GB रैम + 256GB स्टोरेज वाले टॉप-ऑफ-द-लाइन वेरिएंट की कीमत 30,999 रुपये है। कंपनी 2,000 रुपये का बैंक डिस्काउंट दे रही है, जिससे शुरुआती प्रभावी कीमत 23,999 रुपये रह जाएगी।

यह स्मार्टफोन भारत में 5 फरवरी से Flipkart, कंपनी की वेबसाइट और रिटेल आउटलेट्स पर खरीदने के लिए उपलब्ध होगा। इसे तीन खूबसूरत कलर्स – ट्रांससिल्वर, ट्रांसऑरेंज और ट्रांसब्लू कलर में बेचा जाएगा। फोन पर चार साल बैटरी वारंटी मुफ्त में मिल रही है।

स्पेसिफिकेशन
Realme P4 Power 5G एक डुअल सिम स्मार्टफोन है जो Android 16 पर बेस्ड Realme UI 7.0 पर चलता है। कंपनी का कहना है कि यह फोन तीन साल के ओएस अपग्रेड और चार साल तक सिक्योरिटी अपडेट के लिए एलिजिबल है।

इसमें 6.8-इंच का 1.5K 4D कर्व प्लस हाइपरग्लो डिस्प्ले है, जो 144 हर्ट्ज तक का रिफ्रेश रेट, 6500 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस, 1.07 बिलियन कलर और HDR 10+ कंटेंट के लिए सपोर्ट देता है। यह डस्ट और वॉटर रेजिस्टेंस के लिए IP66 + IP68 + IP69 रेटिंग और ArmorShell प्रोटेक्शन के साथ आता है।

गेमिंग के लिए परफेक्ट
नया फोन मीडियाटेक डाइमेंसिटी 7400 अल्ट्रा चिपसेट से लैस है, जो 4 एनएम प्रोसेस पर बना है। कंपनी का दावा है कि यह फोन लगभग 25 प्रतिशत बेहतर एनर्जी एफिशिएंसी देता है। इसमें HyperVision+ AI चिप भी है, जिसके बारे में दावा किया गया है कि यह “300 प्रतिशत तक बेहतर रेजोल्यूशन” और “400 प्रतिशत तक स्मूथ फ्रेम रेट” देती है। टेम्परेचर को मेंटेन रखने के लिए, फोन में 4,613 sqmm का एयरफ्लो वेपर चैंबर लगाया है।

दमदार कैमरा
कैमरे की बात करें तो, फोन में डुअल रियर कैमरा सेटअप है, जिसमें 50-मेगापिक्सेल (f/1.8) सोनी IMX882 प्राइमरी रियर कैमरा है, जिसमें ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन (OIS) सपोर्ट है। इसके साथ 8-मेगापिक्सेल का अल्ट्रावाइड कैमरा भी है। सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए, फोन में 16-मेगापिक्सेल का फ्रंट-फेसिंग कैमरा भी है। यह 4K/30fps तक वीडियो रिकॉर्ड कर सकता है।

सबसे बड़ी बैटरी
Realme P4 Power 5G की सबसे बड़ी खासियत इसकी बड़ी बैटरी है। इसमें 10,001mAh की सिलिकॉन कार्बन टाइटन बैटरी है। कंपनी का दावा है कि यह बैटरी एक बार चार्ज करने पर 32.5 घंटे तक वीडियो प्लेबैक, 932.6 घंटे तक स्टैंडबाय (करीब 39 दिन), 185.7 घंटे तक स्पॉटिफाई म्यूजिक प्लेबैक और 11.7 घंटे तक BGMI गेमप्ले दे सकती है। इसमें 80W वायर्ड फास्ट चार्जिंग और 27W वायर्ड रिवर्स चार्जिंग सपोर्ट भी है। 219 ग्राम वजनी इस फोन की मोटाई 9.08 एमएम है।

आर्थिक सर्वे में जंक फूड के विज्ञापनों पर रोक लगाने का सुझाव, मोटापे को लेकर चिंता

नई दिल्ली। Economic Survey: भारत में अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड (UPF) यानी जंक फूड की बढ़ती खपत और बच्चों में मोटापे के बढ़ते मामलों पर आर्थिक सर्वेक्षण ने गंभीर चिंता जताई है। सर्वेक्षण ने सुबह से देर रात तक ऐसे खाद्य पदार्थों के विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगाने का सुझाव दिया है।

लोकसभा में पेश प्री-बजट दस्तावेज में कहा गया है कि भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड बाजारों में शामिल हो गया है, जो देश में स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों को बढ़ा रहा है।

पांच वर्षों तक के बच्चों में अधिक वजन की समस्या

  • सर्वेक्षण के अनुसार, पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में अधिक वजन की समस्या 2015-16 में 2.1 प्रतिशत थी, जो 2019-21 में बढ़कर 3.4 प्रतिशत हो गई।
  • अनुमान है कि 2020 में भारत में करीब 3.3 करोड़ बच्चे मोटापे से ग्रस्त थे, जो 2035 तक बढ़कर 8.3 करोड़ हो सकते हैं।
  • राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में 24 प्रतिशत महिलाएं और 23 प्रतिशत पुरुष अधिक वजन या मोटापे की श्रेणी में आते हैं।
  • वहीं 15 से 49 वर्ष की महिलाओं में 6.4 प्रतिशत मोटापे से ग्रस्त हैं, जबकि पुरुषों में 4 प्रतिशत अधिक वजन की समस्या पाई गई है।

अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड पर नियंत्रण के लिए उपाय

  • इनमें हाई फैट, शुगर और नमक (HFSS) वाले खाद्य पदार्थों पर चेतावनी के साथ फ्रंट-ऑफ-पैक न्यूट्रिशन लेबलिंग, बच्चों को लक्षित विज्ञापनों पर रोक, और सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति को कमजोर न करने वाले व्यापार समझौते शामिल हैं।
  • सर्वेक्षण ने यह भी कहा कि सिर्फ उपभोक्ताओं के व्यवहार में बदलाव से स्वस्थ खानपान संभव नहीं है, बल्कि खाद्य प्रणाली से जुड़े समन्वित नीतिगत सुधार जरूरी हैं। इसमें यूपीएफ उत्पादन का नियमन, स्वस्थ आहार को बढ़ावा और जिम्मेदार मार्केटिंग शामिल है।
  • सर्वेक्षण के अनुसार, सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक सभी मीडिया प्लेटफॉर्म पर यूपीएफ के विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगाने का विकल्प भी तलाशा जा सकता है। साथ ही डिजिटल मीडिया और बच्चों के लिए दूध व पेय पदार्थों के प्रचार पर भी सख्ती की सिफारिश की गई है।

इन देशों पर जंक फूड के विज्ञापनों पर प्रतिबंध लागू
आर्थिक सर्वेक्षण ने चिली, नॉर्वे और ब्रिटेन जैसे देशों का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां जंक फूड के विज्ञापनों पर प्रतिबंध लागू है। हाल ही में ब्रिटेन ने बच्चों पर प्रभाव कम करने के लिए रात 9 बजे से पहले जंक फूड विज्ञापनों पर रोक लगाई है।

मौजूदा नियमों की कमजोरियों पर उठाए गए सवाल
सर्वेक्षण ने मौजूदा नियमों की कमजोरियों पर भी सवाल उठाए हैं। इसमें कहा गया है कि विज्ञापन कोड और सीसीपीए दिशानिर्देशों में पोषण आधारित स्पष्ट मानक नहीं हैं, जिससे कंपनियां स्वास्थ्य और ऊर्जा जैसे दावे करके नियमों से बच निकलती हैं।

भारत में यूपीएफ के कारोबार के आंकड़े
आर्थिक सर्वेक्षण ने चेतावनी दी है कि भारत में अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड की बिक्री तेजी से बढ़ रही है, जिससे क्रॉनिक बीमारियों और स्वास्थ्य असमानताओं का खतरा बढ़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में यूपीएफ की बिक्री 2009 से 2023 के बीच 150 प्रतिशत से अधिक बढ़ी है। वहीं 2006 में 0.9 अरब डॉलर से बढ़कर 2019 में करीब 38 अरब डॉलर तक पहुंच गई, यानी लगभग 40 गुना वृद्धि। इसी अवधि में पुरुषों और महिलाओं दोनों में मोटापा लगभग दोगुना हो गया है।

सर्वेक्षण ने जंक फूड की बढ़ती खपत से निपटने के लिए बहुस्तरीय रणनीति अपनाने की जरूरत बताई है, ताकि देश में बढ़ते मोटापे और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।

Stock Market: सेंसेक्स 222 अंक चढ़कर 82566 पर, निफ्टी 25400 के पार बंद

नई दिल्ली। Stock Market Closed: एशियाई बाजारों से सुस्त संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार गुरुवार (29 जनवरी) को बढ़त में बंद हुए। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 221.69 अंक या 0.27 प्रतिशत चढ़कर 82,566.37 पर बंद हुआ। वहीं 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 76.15 अंक या 0.30 प्रतिशत बढ़कर 25,418.90 पर बंद हुआ।

आखिरी एक घंटे में बाजार ने निचले स्तर से शानदार रिकवरी दिखाई और बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी-50 और सेंसेक्स निचले स्तर से करीब 1% चढ़कर बंद हुए। कई दिनों बाद विदेशी निवेशकों की खरीदारी से बाजार को मजबूती मिली।

इकोनॉमिक सर्वे 2026 का भी बाजार की धारणा पर पॉजिटिव असर पड़ा। साथ ही मेटल स्टॉक्स में जोरदार रैली ने बाजार को ऊपर की तरफ खींचा। हालांकि बाजार के जानकारों का मानना है कि बाजार में अभी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

तीस शेयरों वाला सेंसेक्स निचले स्तर से करीब 1% चढ़कर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 700 अंक तक गिर गया था। लेकिन कारोबार के आखिरी एक घंटे में शानदार रिकवरी करते हुए 221.69 अंक या 0.27% चढ़कर 82,566.37 पर बंद हुआ।

निफ्टी-50 का भी यही हाल रहा। कमजोर शुरुआत के बाद इंडेक्स मजबूती के साथ बंद हुए और दिन के निचले स्तर से करीब 300 अंक चढ़ा। हालांकि, अंत में 76.15 अंक या 0.30% मजबूत होकर 25,418.90 पर बंद हुआ।

निफ्टी बढ़त के साथ 25,418.90 के करीब बंद हुआ। इससे शॉर्ट टर्म में उछाल की पुष्टि हुई। निफ्टी ने 25,150-25,200 के सपोर्ट लेवल को मजबूती से बनाए रखा। एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि करेंट रेसिस्टेंस 25,450 से 25,500 के स्तर पर दिखाई दे रही है, जहां बिकवाली का दबाव बना हुआ है।

अगर यह इस दायरे के ऊपर टिक जाता है, तो निफ्टी के लिए 25,600 से 25,800 के स्तर तक जाने का रास्ता खुल सकता है। नीचे की ओर देखें तो 25,300 पहला सपोर्ट है। इसके बाद 25,160 से 25,200 का स्तर मजबूत सपोर्ट जोन माना जा रहा है।

जियोजित इंवेस्टमेंट्स में रिसर्च हेड विनोद नायर ने बताया कि इकोनॉमिक सर्वे में वित्त वर्ष 2026–27 के लिए मजबूत विकास अनुमान और नियंत्रित महंगाई का भरोसा मिलने से बाजार को सहारा मिला। हालांकि वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बनी हुई है।

उन्होंने कहा कि वैश्विक संकेत कुल मिलाकर सकारात्मक रहे, लेकिन अमेरिका–ईरान तनाव बढ़ने से सोने और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई, जिससे जोखिम लेने की धारणा पर कुछ दबाव देखा गया।

टाटा स्टील 4% चढ़ा, एशियन पेंट गिरा
सेंसेक्स के शेयरों में टाटा स्टील सबसे ज्यादा 4.41% चढ़कर बंद हुआ। एलएंडटी, एक्सिस बैंक, इटरनल और एनटीपीसी सबसे ज्यादा चढ़ने वाले शेयर रहे। इन शेयरों में 4.5 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई। वहीं, एशियन पेंट्स, इंडिगो, मारुति सुजुकी, टीसीएस और बीईएल गुरुवार को सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में शामिल रहे।

ब्रॉडर मार्केट की बात करें तो निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांक क्रमशः 0.18 प्रतिशत और 0.20 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए।सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी मेटल इंडेक्स ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया और 3 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी के साथ बंद हुआ। वहीं, निफ्टी हेल्थकेयर इंडेक्स सबसे ज्यादा गिरने वाला रहा। इसके बाद निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी केमिकल्स और निफ्टी फार्मा इंडेक्स में भी गिरावट देखी गई।