Tuesday, July 28, 2026
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6000mAh बैटरी, AI फीचर, DSLR कैमरा वाला OnePlus फोन 4000 रुपये सस्ता

नई दिल्ली। at Massive Price Cut: वनप्लस का फ्लैगशिप फोन अमेजन की लिमिटेड टाइम सेल में बम्पर डिस्काउंट पर मिल रहा है। इस साल लॉन्च हुआ यह प्रीमियम फोन अब पहले के मुकाबले 4,000 रुपए से ज्यादा सस्ता मिल रहा है।

OnePlus 13R पर ऑफर्स
सबसे पहले आपको बता दें कि OnePlus 13R को कंपनी ने 42,999 रुपए की कीमत पर लॉन्च किया था। लेकिन अमेजन की लिमिटेड सेल के दौरान यह फोन अब 38,999 रुपए में बेचा जा रहा है। इसके अलावा चुनिंदा बैंक कार्ड से पेमेंट करने पर 500 रुपए का इंस्टेंट डिस्काउंट भी मिल रहा है।

OnePlus 13R फोन पर अमेजन एक्सचेंज ऑफर भी दे रही है। अगर आप अपना पुराना स्मार्टफोन बदलते हैं, तो मॉडल के आधार पर 15,000 रुपए तक की अतिरिक्त छूट मिल सकती है। हालांकि, एक्सचेंज का फायदा पुराने फोन की कंडीशन पर निर्भर है।

स्पेसिफिकेशन और फीचर्स
OnePlus 13R में Snapdragon 8 Gen 3 प्रोसेसर दिया गया है, जो तेज स्पीड और स्मूथ परफॉर्मेंस के लिए जाना जाता है। फोन में 256GB और 512GB UFS स्टोरेज का सपोर्ट मिलता है, जिससे ऐप्स और डेटा स्टोर करने में कोई परेशानी नहीं होती। OnePlus 13R में 6.78 इंच का ProXDR AMOLED डिस्प्ले दिया गया है। इसमें 120Hz रिफ्रेश रेट मिलता है, जिससे स्क्रॉलिंग और गेमिंग का अनुभव काफी स्मूथ हो जाता है। स्क्रीन HDR सपोर्ट के साथ आती है, जिससे धूप में भी कंटेंट साफ दिखाई देता है। इसके अलावा फोन में AI फीचर्स, Glove Mode और Aqua Touch 2.0 जैसे एडवांस फीचर्स भी शामिल हैं, जो अलग-अलग हालात में फोन के इस्तेमाल को आसान बनाते हैं।

OnePlus 13R में दमदार कैमरा सेटअप दिया गया है। फोन में 50MP Sony LYT-700 प्राइमरी कैमरा मिलता है, जो अच्छी डिटेल और नेचुरल कलर कैप्चर करता है। इसके साथ 50MP का टेलीफोटो लेंस और 8MP का अल्ट्रा-वाइड कैमरा भी दिया गया है।

यह कैमरा सेटअप 3x ऑप्टिकल जूम, OIS और AI कैमरा फीचर्स को सपोर्ट करता है, जिससे फोटो और वीडियो दोनों बेहतर बनते हैं। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फोन में 16MP का फ्रंट कैमरा है। OnePlus 13R में 6000mAh की बड़ी बैटरी दी गई है। फोन को 55W SUPERVOOC फास्ट चार्जिंग का सपोर्ट मिला है।

आधार एप से QR कोड दिखाओ और नाम-नंबर सेव, जानिए कैसे

नई दिल्ली। UIDAI ने नया Aadhaar App (फुल वर्जन) लॉन्च किया है जिसमें कई यूज फुल फीचर्स शामिल हैं। नए Aadhaar ऐप का मकसद लोगों को आधार से जुड़ी सर्विसेज मोबाइल में आसानी से देना है।

इस ऐप से आप आधार कार्ड को डाउनलोड, शेयर या अपडेट कर सकते हैं, जैसे मोबाइल नंबर या पता बदलना भी संभव है। सबसे अलग और उपयोगी फीचर है Contact Card शेयर करना।

अब आपको अपने नाम और मोबाइल नंबर को अलग-अलग कॉपी या मैसेज में नहीं टाइप करना पड़ेगा। यह नया फीचर आपके नाम और नंबर को QR कोड में बदल देता है, जिसे कोई भी व्यक्ति स्कैन करके आपकी जानकारी तुरंत प्राप्त कर सकता है।

यह तरीका खासकर उन लोगों के लिए काम आता है जो नए लोगों से अक्सर मिलते हैं या इवेंट, मीटिंग में अपनी जानकारी जल्दी और सुरक्षित रूप से शेयर करना चाहते हैं। QR कोड की मदद से Contact Card शेयर करना तेज, सुरक्षित और आसान बन गया है, और यह फीचर Android और iPhone दोनों में उपलब्ध है।

कॉन्ट्रेक्ट कार्ड शेयर करने का तरीका

  • कांटेक्ट कार्ड शेयर करने के लिए सबसे पहले Play Store या App Store से नया Aadhaar App इंस्टॉल करें।
  • अब ऐप में अपने आधार नंबर, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और फेस स्कैन से लॉगिन करें।
  • आपसे एक 6-डिजिट का PIN बनाने को कहा जाएगा। PIN बन जाने के बाद होमपेज पर जाएं।
  • नीचे “Services” सेक्शन पर जाएं। स्क्रॉल करके “Other Services” सेक्शन दिखाई देगा।
  • अब यहां आपको “Share Contact” का ऑप्शन मिलेगा। जैसे ही आप टैप करेंगे, आपका QR Code ऑटोमैटिकली बन जाएगा।

अब सामने वाला व्यक्ति नए आधार ऐप वाला QR कोड को स्कैन कर सकता है या आप शेयर बटन से इसे किसी मैसेजिंग ऐप से भेज सकते हैं। ध्यान दें कि यह फीचर सिर्फ उस नाम और मोबाइल नंबर को शेयर करता है जो आपके आधार से लिंक है। इसे आप बदल नहीं सकते।

सात साल नॉन-स्टॉप चलने वाला मोटोरोला सिग्नेचर फोन 10000 रुपये तक सस्ता

नई दिल्ली। मोटोरोला ने अपने प्रीमियम स्मार्टफोन Motorola Signature को पिछले हफ्ते लॉन्च किया था। अब आज फोन पहली बार सेल के लिए उपलब्ध है। पहली सेल में कंपनी ग्राहकों को शानदार ऑफर दे रही है। पहली सेल के दौरान बैंक ऑफर और एक्सचेंज के जरिए इस फोन को 10,000 रुपए तक सस्ता खरीदा जा सकता है।

Motorola Signature की पहली सेल में यूजर्स को अलग-अलग ऑफर्स का फायदा मिलेगा। फोन को 59,999 रुपए में लॉन्च किया गया है। लेकिन इंस्टेंट बैंक डिस्काउंट के साथ यूजर्स 54,999 रुपए में फोन को खरीद पाएंगे। लेकिन चुनिंदा बैंक कार्ड ऑफर के तहत इंस्टेंट डिस्काउंट दिया जा रहा है।

मेगा ऑफर
अगर आप Axis Bank या HDFC Bank के कार्ड से पेमेंट करते हैं, तो आपको सीधे कीमत में कटौती देखने को मिल सकती है। इसके अलावा, पुराने स्मार्टफोन को एक्सचेंज करने पर 5000 रुपए एक्सचेंज बोनस भी दिया जा रहा है। बैंक डिस्काउंट और एक्सचेंज ऑफर को मिलाकर कुल मिलाकर 10,000 रुपए तक की बचत की जा सकती है।

फीचर्स
Motorola Signature में 6.8-इंच का शानदार Super AMOLED डिस्प्ले मिलता है। फोन 165Hz रिफ्रेश रेट, Dolby Vision और 6200 निट्स की ब्राइटनेस के साथ आता है। फोन में Qualcomm Snapdragon 8 Gen 5 प्रोसेसर है, जिसकी मदद से गेमिंग, मल्टी-टास्किंग और भारी ऐप्स भी आसानी से चलते हैं।

फोटोग्राफी के लिए फोन में तीन 50MP कैमरे दिए गए हैं, जिनमें मुख्य Sony LYT सेंसर्स, अल्ट्रा-वाइड और टेलीफोटो कैमरा शामिल हैं, साथ ही 50MP का सेल्फी कैमरा भी मिलता है। कैमरा से 8K वीडियो रिकॉर्डिंग भी संभव है।

बैकअप के लिए 5200mAh बैटरी दी गई है जो 90W तेज चार्जिंग और 50W वायरलेस चार्जिंग को सपोर्ट करती है। फोन में IP68/IP69 वाटर-डस्ट रेज़िस्टेंस और Corning Gorilla Glass Victus 2 प्रोटेक्शन भी है।

भारत-EU डील से पाकिस्तान में हाय तौबा, जानिए किस बात का डर सता रहा

नई दिल्ली। भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की आहट ने पाकिस्तान के व्यापारिक गलियारों में खलबली मचा दी है।

पाकिस्तानी निर्यातकों और आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह समझौता पूरी तरह से लागू होता है, तो पाकिस्तान का निर्यात आधार पूरी तरह चरमरा सकता है। विशेषकर उसका कपड़ा उद्योग यानी टेक्सटाइल इंडस्ट्री बर्बाद हो जाएगी।

फेडरेशन ऑफ पाकिस्तान चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FPCCI) के उपाध्यक्ष साकिब फैयाज मून ने इस स्थिति को एक आर्थिक युद्ध करार दिया है। उनका कहना है कि भारत ने युद्ध के मैदान में अपनी स्थिति के बाद अब कई देशों और यूरोपीय संघ के साथ व्यापारिक समझौते कर एक नया आर्थिक मोर्चा खोल दिया है।

पाकिस्तानी विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के इस कदम से यूरोपीय बाजारों में पाकिस्तान की रही-सही पकड़ भी ढीली पड़ सकती है। वर्तमान में पाकिस्तान को यूरोपीय संघ से GSP Plus का दर्जा प्राप्त है, जिसके तहत उसके लगभग 80% निर्यात पर कोई शुल्क यानी ड्यूटी नहीं लगती है। इसके बावजूद पाकिस्तान का कपड़ा निर्यात 6.2 बिलियन डॉलर है, जो भारत के 5.6 बिलियन डॉलर से केवल थोड़ा ही आगे है।

कपड़े के निर्यात पर भारत वर्तमान में 12% यूरोपीय टैरिफ का सामना कर रहा है। साकिब मून ने चेतावनी दी है कि जैसे ही भारत को इस डील के तहत जीरो-टैरिफ एक्सेस मिलेगा, पाकिस्तान का इकलौता फायदा भी खत्म हो जाएगा और भारतीय उत्पादों के सामने पाकिस्तानी माल टिक नहीं पाएगा।

निर्यातकों की चिंताएं
पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, होजरी मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन (PHMA) के प्रमुख फैसल अरशद ने बताया कि भारतीय निर्यातक आक्रामक तरीके से कीमतें घटा सकते हैं, जिससे पाकिस्तान का होजरी, निटवेयर और गारमेंट सेक्टर तबाह हो सकता है।

पाकिस्तानी विश्लेषकों का कहना है कि जीएसपी प्लस का दर्जा बनाए रखना आसान नहीं है। इसके लिए कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। पाकिस्तान को जीएसपी प्लस दर्जा बनाए रखने के लिए मानवाधिकार, श्रम मानकों और पर्यावरण से जुड़े 27 अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों की शर्तों का पालन करना पड़ता है। इसके विपरीत, भारत के FTA में इस तरह की सख्त बाध्यताएं नहीं होंगी।

इसके अलावा, भारतीय निर्माताओं के पास सस्ती बिजली, कम ब्याज दरें, मजबूत लॉजिस्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर और वर्टिकल इंटीग्रेशन यानी कच्चे माल से तैयार माल तक की पूरी चेन की ताकत है।

इमरजेंसी की मांग
पाकिस्तान के व्यापारिक संगठनों ने अपनी सरकार से ‘निर्यात आपातकाल’ घोषित करने की मांग की है। उन्होंने सरकार को कई सुधारात्मक कदम उठाने का सुझाव दिया है।

  • बिजली दरों में कमी: निर्यात उद्योगों के लिए बिजली की दर 9 सेंट प्रति यूनिट की जाए।
  • टैक्स और फाइनेंस: टैक्स व्यवस्था को सरल बनाया जाए और प्रतिस्पर्धी फाइनेंसिंग और रिफाइनेंसिंग योजनाएं दी जाएं।
  • सरकारी समर्थन: पाकिस्तानी व्यापारियों का कहना जिस तरह सेना ने युद्ध के मैदान में ‘रक्षा’ की, वैसे ही सरकार को इस आर्थिक युद्ध को ‘जीतने’ के लिए उद्योगपतियों का साथ देना चाहिए।

क्या है ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’
भारत ने हाल ही में यूरोपीय संघ (EU) के साथ एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता (FTA) किया है, जिसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा जा रहा है। यह समझौता 27 जनवरी 2026 को अंतिम रूप से पूरा हुआ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक समझौता बताया है। यह डील वैश्विक जीडीपी के करीब 25% और विश्व व्यापार के एक तिहाई हिस्से को कवर करती है, जिसमें लगभग 2 अरब लोगों का बाजार शामिल है।

भारत को EU के 27 देशों में अधिकांश निर्यात पर जीरो या बहुत कम टैरिफ वाला लाभ मिलेगा। खासकर टेक्सटाइल, परिधान, जेम्स एंड ज्वेलरी, प्लास्टिक, चमड़ा जैसे सेक्टर्स में भारत के उत्पाद सस्ते होकर यूरोप में प्रतिस्पर्धी बनेंगे।

भारत-EU द्विपक्षीय व्यापार पहले से ही 136.5 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है, जो पाकिस्तान के EU एक्सपोर्ट (करीब 9 अरब डॉलर) से कहीं ज्यादा है। यह डील अमेरिका के ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए टैरिफ के जवाब में भारत की मजबूत कूटनीति का नतीजा मानी जा रही है। पाकिस्तान को फिलहाल GSP+ स्टेटस से जीरो ड्यूटी का फायदा मिलता है, लेकिन भारत को अब जीरो टैरिफ मिलने से यह लाभ खत्म हो जाएगा।

भारत ने पेश की गंभीर आर्थिक चुनौती
पाकिस्तानी व्यापारियों ने शहबाज शरीफ सरकार को खुली चेतावनी दी है कि यह गंभीर आर्थिक चुनौती है। तुरंत सुधार की जरूरत है, वरना 10-12 महीनों में बड़ा नुकसान हो सकता है। पाकिस्तानी मीडिया और सोशल मीडिया पर इसे पाकिस्तान के पैर उखाड़ देने वाली डील कहा जा रहा है।

कुल मिलाकर भारत ने आर्थिक मोर्चे पर बड़ा कदम उठाया है, जिससे पाकिस्तान (और बांग्लादेश) जैसे प्रतिस्पर्धियों में खलबली मच गई है। यूरोपीय संघ पाकिस्तान के निर्यात के लिए दूसरा सबसे बड़ा गंतव्य है। अगर भारत और EU के बीच व्यापारिक बाधाएं खत्म होती हैं, तो पाकिस्तान के लिए अपनी विदेशी मुद्रा की कमाई और रोजगार के स्तर को बनाए रखना लगभग असंभव हो जाएगा।

संयुक्त राष्ट्र चीफ ने डोनाल्ड ट्रंप को सुनाई खरी-खरी, जानिए भारत पर क्या बोले

वाशिंगटन। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने गुरुवार को अमेरिका और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर सीधा निशाना साधा है। गुटेरेस ने साफ-साफ कहा है कि किसी एक देश के हुक्म चलाने से दुनिया नहीं चलती और इससे किसी भी समस्या का निपटारा नहीं की जा सकता।

गुटेरेस ने इस दौरान चीन को भी लपेटे में लिया। वहीं UN चीफ ने बहुध्रुवीयता की जरूरत पर जोर देते हुए हालिया भारत-EU ट्रेड डील का भी जिक्र किया।

गुटेरेस अपने कार्यकाल के 10वें और आखिरी साल की शुरुआत के मौके पर पत्रकारों से बात कर रहे थे। बता दें कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद इस साल के अंत में उनके उत्तराधिकारी का चुनाव करेगी।

अपने कार्यकाल में कई युद्धों की शुरूआत देखने वाले गुटेरेस बदलते वैश्विक परिदृश्य को लेकर चिंता जता रहे थे। इस दौरान गुटेरेस ने कहा, “वैश्विक समस्याएं किसी एक शक्ति के हुक्म चलाने से हल नहीं होंगी। और दो शक्तियों द्वारा दुनिया को 2 भाग में बांट देने से कुछ होगा।” उन्होंने अमेरिका और चीन का नाम भी लिया।

गुटेरेस ने आगे कहा, “यह विचार है कि दो पोल्स हैं, एक अमेरिका में केंद्रित है और दूसरा चीन में केंद्रित है… लेकिन अगर हम एक स्थिर दुनिया चाहते हैं, अगर हम एक ऐसी दुनिया चाहते हैं जिसमें शांति बनी रहे, जिसका विकास हो सके और समानता आए, तो हमें बहुध्रुवीयता का समर्थन करने की आवश्यकता है। मैं बहुत सारी पॉजिटिव उम्मीदों के साथ हाल के ट्रेड एग्रीमेंट देख रहा हूं। जैसे भारत और EU के बीच हाल ही में हुआ समझौता।”

बता दें कि हाल के दिनों में कई देशों ने अमेरिकी प्रभुत्व के खिलाफ बयान दिए हैं। वहीं गुटेरेस की ये टिप्पणी हाल ही में ट्रंप द्वारा बोर्ड ऑफ पीस के गठन के एक हफ्ते बाद आई हैं। ट्रंप ने इसे संयुक्त राष्ट्र का विकल्प तक बता दिया है। हालांकि गुटेरेस ने ट्रंप को संदेश देते हुए कहा, “मेरी राय में अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा की मूल जिम्मेदारी संयुक्त राष्ट्र और सुरक्षा परिषद की है।”

गुटेरेस ने कहा कि आज के समय में अंतर्राष्ट्रीय कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। अंतर्राष्ट्रीय कानून को कुचला जा रहा है। सहयोग कम हो रहा है और बहुपक्षीय संस्थाओं पर कई मोर्चों पर हमला हो रहा है।

आज जंग शुरू करने वालों को सजा नहीं मिल रही जिससे तनाव बढ़ रहा है, अविश्वास बढ़ रहा है और बुरे लोगों के लिए मौके बढ़ रहे हैं। हालांकि गुटेरेस ने कहा है कि इतनी बाधाओं के बावजूद संयुक्त राष्ट्र हार नहीं मानेगा और शांति की स्थापना करने की पूरी कोशिश करेगा।

सोना-चांदी का किला धराशायी, चांदी 60 हजार और सोना 14 हजार रुपये लुढ़का

नई दिल्ली। Silver Price Today Update 4:35 PM: नई दिल्ली। शुक्रवार को सोना और चांदी का किला धराशायी हो गया । एमसीएक्स पर सोना और चांदी दोनों की कीमतें बुरी तरह धड़ाम हो गईं। चांदी में जिस तरह से तेजी आई, उससे ज्यादा बुरी तरह से एक ही दिन में गिर गई।

दोपहर 3:30 बजे तक चांदी की कीमत में 15 फीसदी और सोने में करीब 9 फीसदी की गिरावट आ गई थी। चांदी करीब 60 हजार रुपये की गिरावट के साथ 3,39,910 रुपये पर कारोबार कर रही थी। वहीं सोना भी 14 हजार रुपये से ज्यादा की डुबकी लगा चुका था। इस गिरावट के साथ यह 1,55,000 रुपये पर था।

सोने और चांदी में यह ऐतिहासिक गिरावट इसलिए आई क्योंकि निवेशकों ने रिकॉर्ड ऊंचाई से अचानक आई गिरावट के बाद अपना मुनाफा निकालना शुरू कर दिया। इस गिरावट ने इस बहस को फिर से छेड़ दिया है कि क्या यह गिरावट खरीदारी का मौका है या एक असाधारण तेजी का अंत।

यह बिकवाली जनवरी में हुई एक असाधारण तेजी के बाद आई, जिसमें चांदी 56% उछल गई, जो इसके रिकॉर्ड पर सबसे मजबूत मासिक प्रदर्शन था। वहीं, डॉलर के मुकाबले सोने में 20% से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई, जो 1980 के बाद की सबसे बड़ी मासिक बढ़ोतरी है।

सोना और चांदी की कीमतों बड़ा बदलाव तब आया जब दोनों कीमती धातुओं ने एक दिन पहले ऐतिहासिक ऊंचाई हासिल की थी। चांदी 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम के शिखर पर पहुंचने के बाद नीचे आई, जबकि सोना 10 ग्राम के लिए 1,80,779 रुपये तक पहुंच गया था। यह गिरावट अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी साफ दिखी, जहां Comex गोल्ड 2.2% गिरकर 5,236.74 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।

गिरावट का अमेरिकी कनेक्शन
सोना और चांदी की कीमतों में यह उलटफेर तब तेज हुआ जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वे जल्द ही फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल की जगह लेने वाले व्यक्ति का नाम घोषित करेंगे। खबरों के मुताबिक, पूर्व फेड गवर्नर केविन वॉर्श का नाम सामने आ रहा है। कम नरम रुख वाले फेडरल रिजर्व की उम्मीदों से बाजार हिल गए। साथ ही, डॉलर का मजबूत होना और ओवरबॉट (overbought) संकेत, यानी जब किसी संपत्ति की कीमत बहुत ज्यादा बढ़ जाती है, ने बिकवाली के दबाव को और बढ़ा दिया।

Stock Market: सेंसेक्स 522 अंक फिसल कर 82044 पर, निफ्टी 25300 के नीचे

नई दिल्ली। Stock Market Opened 30 January 2026 : भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को गिरावट के साथ खुला। शुरुआती कारोबार में बीएसई का 30 शेयरों वाला बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 522 अंकों के नुकसान के साथ 82044 पर है। जबकि, निफ्टी 147 अंकों की गिरावट के साथ 25278 पर आ गया।

बजट से पहले शेयर मार्केट में गिरावट है। एनएसई पर 2715 स्टॉक्स ट्रेड कर रहे हैं। इनमें केवल 699 हरे और 1941 लाल हैं। 141 स्टॉक्स अपने 52 हफ्ते के निचले स्तर पर हैं।

शेयर मार्केट की शुरुआत आज बड़ी गिरावट के साथ हुई। बीएसई का 30 शेयरों वाला बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 619 अंकों के नुकसान के साथ 81947 के लेवल पर खुला। जबकि, निफ्टी 171 अंकों की गिरावट के साथ 25248 पर खुला।

ग्लोबल मार्केट के संकेत

एशियाई बाजार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस बयान के बाद शुक्रवार को एशियाई बाजारों में तेजी रही। जापान का निक्केई 225 0.25 प्रतिशत बढ़ा, और टॉपिक्स 0.58 प्रतिशत बढ़ा। दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 1.23 प्रतिशत की तेजी आई, जबकि कोस्डैक ने 0.99 प्रतिशत की वृद्धि की। हांगकांग हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स ने कम खुलने का संकेत दिया।

गिफ्ट निफ्टी टुडे
गिफ्ट निफ्टी 25,464 के आसपास कारोबार कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद भाव से करीब 71 अंकों की छूट है। यह भारतीय शेयर मार्केट के बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स-निफ्टी के लिए नकारात्मक शुरुआत का संकेत देता है।

वॉल स्ट्रीट का हाल
अमेरिकी शेयर बाजार गुरुवार को ज्यादातर गिरावट के साथ बंद हुआ, टेक शेयरों में बिकवाली से वजन कम हुआ। डॉऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 55.96 अंक या 0.11 प्रतिशत बढ़कर 49,071.56 पर पहुंच गया, जबकि एसएंडपी 500 9.02 अंक या 0.13 प्रतिशत गिरकर 6,969.01 पर आ गया। नैस्डैक कंपोजिट 172.33 अंक या 0.72 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,685.12 पर बंद हुआ।

होंडा डियो 110cc और 125cc दोनों इंजन ऑप्शन में पेश, जानिए कीमत और खूबियां

नई दिल्ली। होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया ने होंडा डियो को 110cc और 125cc दोनों इंजन ऑप्शन में पेश किया है, जिसमें 125cc वर्जन प्रीमियम सेगमेंट में है। इसे होंडा डियो 125 X-एडिशन कहा जाता है। इस स्पेशल एडिशन की कीमतें अभी तक होंडा ने नहीं बताई हैं।

होंडा डियो 125 X-एजिशन टॉप-स्पेक H-स्मार्ट वैरिएंट पर बेस्ड है जिसमें सभी फीचर्स मिलते हैं। X-एडिशन में सिर्फ कॉस्मेटिक बदलाव किए गए हैं और इसे और ज्यादा युवा दिखाने के लिए एक बिल्कुल नया कलर दिया गया है।

इसके कलरवे को पर्ल सायरन ब्लू और पर्ल डीप ग्राउंड ग्रे कहा जाता है, जो काफी दिलचस्प लगता है। बेस कलर एक तरह का गहरा ब्लू है और इसे रनिंग बोर्ड, फ्रंट एप्रन, साइड बॉडी पैनल और ग्रैब रेल, वगैरह पर ग्रे एलिमेंट्स के साथ कंट्रास्ट किया गया है। इसमें परफेक्ट कंट्रास्ट के लिए रेड कलर के पहिए और शानदार ग्राफिक्स भी मिलते हैं।

होंडा डियो 125 X-एडिशन की कीमत H-स्मार्ट वैरिएंट के करीब होने की उम्मीद है, जिसकी एक्स-शोरूम कीमत 91,683 रुपए है। डियो 125 H-स्मार्ट वैरिएंट के साथ पेश किए जाने वाले अन्य कलर्स पर्ल डीप ग्राउंड ग्रे (एम्बलम) और मैट मार्वल ब्लू मेटैलिक हैं, जिसमें गोल्ड कलर के पहिए हैं। साथ ही, इंपीरियल रेड, पर्ल डीप ग्राउंड ग्रे (स्ट्राइप), पर्ल स्पोर्ट्स येलो और पर्ल इग्नियस ब्लैक, सभी में ब्लैक पहिए हैं।

फीचर्स की बात करें तो, होंडा डियो 125 X-एडिशन में H-स्मार्ट वैरिएंट के सभी फीचर्स और इक्विपमेंट मिलते हैं, क्योंकि यह इसी वैरिएंट पर आधारित है। इसके सबसे खास फीचर्स में एलॉय व्हील्स, फ्रंट डिस्क ब्रेक, LED लाइटिंग, एक फुली-डिजिटल TFT इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, ब्लूटूथ और टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन, कनेक्टेड फीचर्स, एक स्मार्ट की जिसमें कीलेस गो फंक्शन, USB टाइप-C पोर्ट और अन्य शामिल हैं।

भारत और चीन के रिश्तों में सुधार से अमेरिका क्यों बेचैन, जानिए वजह

USCC भारत की अमेरिका और चीन के साथ रणनीतिक संबंधों पर सुनवाई करेगा

नई दिल्ली। अमेरिका-चीन आर्थिक और सुरक्षा समीक्षा आयोग (USCC) ने घोषणा की है कि वह अगले महीने भारत की अमेरिका और चीन के साथ रणनीतिक संबंधों पर एक महत्वपूर्ण सुनवाई आयोजित करेगा। यह सुनवाई 17 फरवरी को होगी और यह 2026 रिपोर्टिंग साइकिल की पहली सार्वजनिक सुनवाई होगी।

आयोग का उद्देश्य अमेरिका-चीन प्रतिद्वंद्विता के संदर्भ में भारत की स्थिति का आकलन करना है, जहां वाशिंगटन चीन के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए भारत को एक महत्वपूर्ण साझेदार के रूप में देखता है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और चीन के रिश्तों में एक ‘नपा-तुला सुधार’ देखा जा रहा है।

मुख्य रूप से इन मुद्दों पर चर्चा होगी

  • सीमा विवाद और समुद्री पहुंच: भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर तनाव और हिंद महासागर में बढ़ती समुद्री प्रतिस्पर्धा।
  • भारत की भूमिका: हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक प्रमुख सुरक्षा प्रदाता के रूप में भारत की उभरती सैन्य ताकत का आकलन।
  • चीन के प्रति भारत का नरम रुख: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सात साल बाद हुई बीजिंग यात्रा, पांच साल बाद फिर से शुरू हुई हवाई सेवा और गलवान संघर्ष के बाद चीनी निवेश पर लगी पाबंदियों में दी गई ढील पर अमेरिकी नीति निर्माता अपनी नजर बनाए हुए हैं।
  • आयोग केवल सैन्य पहलुओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कई क्षेत्रों में भारत की प्रगति और चीन के साथ उसके व्यापारिक रिश्तों की भी जांच करेगा
  • महत्वपूर्ण तकनीक: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर्स।
  • सप्लाई चेन: फार्मास्युटिकल (दवा) क्षेत्र में आत्मनिर्भरता।

अमेरिका के लिए सुनवाई का महत्व
पिछले एक दशक में वाशिंगटन ने भारत को चीन के खिलाफ एक ‘रणनीतिक काउंटरवेट’ (संतुलन बनाने वाली शक्ति) के रूप में देखा है। हालांकि, पिछले एक साल के दौरान भारत और अमेरिका के बीच कुछ तनाव भी देखे गए हैं। अमेरिकी नीति गलियारों में यह सवाल उठ रहा है कि भारत अपनी ‘रणनीतिक स्वायत्तता’ को बनाए रखते हुए अमेरिकी सुरक्षा ढांचे के साथ कितना तालमेल बिठा पाएगा। यह सुनवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके ठीक छह सप्ताह बाद, अप्रैल 2026 में, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन की आधिकारिक यात्रा पर जाने वाले हैं।

अब 26% हिस्सेदारी होने पर भी सरकारी कंपनी होगी, आर्थिक सर्वे में दिया सुझाव

नई दिल्ली। आर्थिक समीक्षा में एक बड़ा बदलाव सुझाया गया है। इसके अनुसार, सरकार को सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों की परिभाषा बदलनी चाहिए। अब 51% की बजाय सिर्फ 26% हिस्सेदारी होने पर भी कंपनी को सरकारी माना जा सकता है। यह बदलाव इसलिए सुझाया गया है क्योंकि 26% हिस्सेदारी से भी कंपनी के बड़े फैसलों पर असर डाला जा सकता है।

मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन और उनकी टीम ने यह सिफारिश की है। उन्होंने कहा कि जिन सरकारी कंपनियों को बेचा जाना है, उनकी कानूनी परिभाषा बदले बिना भी सरकार अपनी हिस्सेदारी 51% से कम कर सकती है। इससे कंपनी को पूरी तरह बेचने की राह आसान हो जाएगी। इसके लिए ‘बिक्री पेशकश’ (ऑफर फॉर सेल – ओएफएस) का इस्तेमाल करने का सुझाव दिया गया है।

साल 2016 से अब तक 36 सरकारी कंपनियों को बेचने या निजीकरण करने की मंजूरी मिली है। इनमें से 13 कंपनियों के सौदे पूरे हो चुके हैं। बाकी कंपनियां अभी अलग-अलग चरणों में हैं।

यह भी बताया गया है कि करीब 30% ऐसी सरकारी कंपनियां हैं जिनमें सरकार की हिस्सेदारी पहले से ही 60% से कम है। अभी कंपनी कानून के मुताबिक, किसी कंपनी को सरकारी कंपनी कहलाने के लिए केंद्र या राज्य सरकार की कम से कम 51% हिस्सेदारी होना जरूरी है। यह 51% की सीमा ओएफएस के जरिए और हिस्सेदारी बेचने में रुकावट पैदा करती है।

इस नई पर‍िभाषा से क्‍या हास‍िल होगा
इस नई परिभाषा से सरकार को उन कंपनियों से बाहर निकलने में आसानी होगी जिनमें वह अब और निवेश नहीं करना चाहती। यह कदम सरकारी खजाने को भरने और कंपनियों को बेहतर प्रबंधन देने में मदद कर सकता है। उदाहरण के लिए अगर सरकार किसी कंपनी में 51% हिस्सेदारी रखती है और उसे लगता है कि अब वह कंपनी खुद से अच्छा प्रदर्शन कर सकती है तो वह अपनी हिस्सेदारी 26% तक कम कर सकती है। इससे कंपनी पर सरकारी नियंत्रण कम हो जाएगा। लेकिन, महत्वपूर्ण फैसलों पर सरकार का प्रभाव बना रहेगा।