Tuesday, July 28, 2026
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राजीव नगर क्षेत्र में हिंदू सम्मेलन 8 फरवरी को, पोस्टर का विमोचन किया

कोटा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की जन्मशताब्दी के अवसर पर इंद्र विहार, तलवंडी एवं राजीव नगर क्षेत्र में हिंदू सम्मेलन का आयोजन 8 फरवरी को मारुति नंदन हनुमान मंदिर, सेक्टर-1 में किया जाएगा।

सम्मेलन के पोस्टर-बैनर का विमोचन शुक्रवार को आयोजन समिति की ओर से किया गया। इस अवसर पर समिति से जुड़े अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। जिनमें प्रमुख रूप से राधेश्याम शर्मा, मनोज गुप्ता, एडवोकेट मनीष शर्मा, अनूप अग्रवाल, रमाकांत, राजीव मित्तल, माधव सोनी, कुनाल वर्मा, विपिन सूद, ऋषभ, महिदेव, सोनू द्विवेदी, दुर्गेश, नितिन, जय आदि मौजूद थे।

सम्मेलन के तहत भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। जिसमें महिलाएं सिर पर कलश लेकर मंगल गीत गाती हुईं चलेंगी। शोभायात्रा में आकर्षक झांकियों का प्रदर्शन, नृत्य, मनमोहक बैंड तथा विभिन्न संगठनों की ओर से सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी।

एयरटेल देगा 36 करोड़ ग्राहकों को फ्री एडोबी प्रीमियम, जानिए क्या होगा फायदा


कोटा। Advertisment News: भारत की प्रमुख टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल ने अपनी 36 करोड़ ग्राहकों को एडोबी एक्सप्रेस प्रीमियम की मुफ्त सुविधा देना शुरू कर दिया है। यह तेज़, सरल और बहुमुखी डिज़ाइन ऐप अब पूरे भारत में एयरटेल यूज़र्स के लिए उपलब्ध है।

यह साझेदारी एयरटेल के सभी ग्राहकों को प्रीमियम फीचर्स देगी, जिससे वे हाई-क्वालिटी सोशल मीडिया पोस्ट्स, मार्केटिंग कंटेंट, शॉर्ट वीडियो और डिज़ाइन आसानी से बना सकेंगे। लगभग 4 हजार रुपये मूल्य का यह प्रीमियम सब्सक्रिप्शन एक साल के लिए पूरी तरह निःशुल्क है।

चाहे डिज़ाइनिंग का कोई अनुभव हो या न हो, हर ग्राहक अब पेशेवर कंटेंट क्रिएट कर सकेगा। यह लाभ मोबाइल, वाई-फाई और डीटीएच ग्राहकों सबके लिए है। एयरटेल थैंक्स ऐप पर लॉगिन करें और क्रेडिट कार्ड की ज़रूरत के बिना शुरू करें।

कंपनी के कनेक्टेड होम्स एंड डायरेक्टर (मार्केटिंग) सीईओ सिद्धार्थ शर्मा ने कहा, यह साझेदारी तकनीक से कहीं आगे है। हम लाखों भारतीयों को एआई-पावर्ड टूल्स से सशक्त बनाना चाहते हैं, ताकि छात्र अपना पहला रिज़्यूमे बनाएं, छोटे कारोबारी पोस्टर डिज़ाइन करें या कंटेंट क्रिएटर्स वीडियो एडिट करें।

राधास्वामी सत्संग के मौके पर शियोदासपुरा पदमपुरा स्टेशन पर चार ट्रेनों का ठहराव

कोटा। यात्रियों की सुविधा एवं अतिरिक्त भीड़ के सुव्यवस्थित प्रबंधन के उद्देश्य से रेलवे द्वारा बीलवा, जयपुर में 3 फरवरी एवं 4 फरवरी को आयोजित होने वाले राधास्वामी वार्षिक सत्संग के अवसर पर शियोदासपुरा–पदमपुरा स्टेशन पर कोटा मंडल से गुजरने वाली ट्रेनों को दो मिनट का अस्थायी ठहराव प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि इस व्यवस्था के अंतर्गत सत्संग में आने-जाने वाले यात्रियों को सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। निर्धारित तिथियों में निम्नलिखित गाड़ियों का शियोदासपुरा–पदमपुरा स्टेशन पर 2 मिनट का ठहराव रहेगा।

  1. गाड़ी संख्या 19813 कोटा–सिरसा एक्सप्रेस दिनांक 01 एवं 03 फरवरी 2026 को 03.44 बजे ठहरेगी।
  2. गाड़ी संख्या 19807 कोटा–सिरसा एक्सप्रेस दिनांक 31 जनवरी, 02, 04 एवं 05 फरवरी 2026 को 03.44 बजे ठहरेगी।
  3. गाड़ी संख्या 22981 कोटा–श्रीगंगानगर एक्सप्रेस दिनांक 31 जनवरी, 02 एवं 03 फरवरी 2026 को 21.10 बजे ठहरेगी।
  4. गाड़ी संख्या 22997 झालावाड़ सिटी–श्रीगंगानगर एक्सप्रेस दिनांक 01, 04 एवं 05 फरवरी 2026 को 21.10 बजे ठहरेगी।

हमारी लोक-परंपराएं और सनातन संस्कृति ने हर दौर में समाज को जोड़े रखा: बिरला

कोटपूतली- बहरोड़। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला शुक्रवार को कोटपूतली के कुहाड़ा गाँव में श्री छांपाला भैरू जी महाराज के विशाल लक्खी मेले एवं भंडारा कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। उन्होंने कहा कि भक्ति, आस्था और लोक-संस्कृति से जुड़ा यह आयोजन राजस्थान की समृद्ध परंपराओं और सामाजिक समरसता का जीवंत स्वरूप है।

श्रद्धालुओं की बड़ी उपस्थिति, कलश यात्रा, भजन-जागरण और विशाल महाप्रसादी यह स्पष्ट करते हैं कि ऐसे मेले केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने वाली हमारी सांस्कृतिक विरासत हैं। उन्होंने कहा कि लोक देवताओं की आस्था आज भी जनमानस को दिशा और ऊर्जा देती है।

लोकसभा अध्यक्ष ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह मेला सेवा, समानता और एकता का अनुपम उदाहरण है, जहाँ बिना किसी भेदभाव के सभी लोग एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण करते हैं। हजारों सेवादारों का निःस्वार्थ श्रम, सुव्यवस्थित भंडारा और दूर-दराज़ क्षेत्रों से आए श्रद्धालु भारत की सांस्कृतिक एकता को सजीव रूप में प्रस्तुत करते हैं।

उन्होंने कहा कि राजस्थान की धरती आस्था और वीरता दोनों की प्रतीक है, जहाँ लोक-परंपराएँ और सनातन संस्कृति ने हर दौर में समाज को जोड़े रखा है। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास से जुड़ी आवश्यकताओं और चुनौतियों के समाधान के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।

कार्यक्रम में गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम, जयपुर ग्रामीण सांसद राव राजेंद्र सिंह, कोटपूतली विधायक हंसराज पटेल, विराटनगर विधायक कुलदीप धनखड़, बानसूर विधायक देवीसिंह शेखावत तथा भाजपा महामंत्री भूपेंद्र सैनी, जिलाध्यक्ष सुरेश बादलीवाल, देवायुष सिंह, राजीव दत्ता, सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

चम्बल फिल्म फेस्टिवल का शानदार आगाज़, विदेशी फिल्मकारों ने कोटा को सराहा

कोटा। चम्बल इन्टरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, सीजन 9 का शुक्रवार को शानदार आगाज़ हुआ। भारत, रशिया, ऑस्ट्रिया, मेक्सिको के फिल्मकारों की फिल्में देखने और उनसे मिलने के लिए दर्शकों में खासा उत्साह नज़र आया।

विदेशी फिल्मकारों ने कोटा को सराहते हुए बताया कई वे 2 फरवरी को विभिन्न शूटिंग लोकेशंस देखंगे और भविष्य में कोटा में फिल्म शूटिंग पर विचार करेंगे। उल्लेखनीय है कि 2024 में इटली की फीचर फिल्म ‘सफ़ेद’ की शूटिंग कोटा में हो चुकी है। रशिया से आंतों नफेडोव, अलेक्सेंडर ओर्लोव, एकातेरिना गोर्बाचोव, ऑस्ट्रिया से जेक ले, दिनेश अर्नाल्ड और मेक्सिको से एमीलिओस गौटस ने फेस्टिवल में शिरकत की है।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि राजेश कृष्ण बिरला ने कहा फिल्मकारों को कोटा के विभिन्न पर्यटन और शूटिंग स्थलों की सैर, फिल्मों की शूटिंग यहां में होने से फिल्म पर्यटन को पंख लग रहे हैं। चम्बल इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के चलते कोटा का नाम 100 से अधिक देशों के फिल्मकारों तक पहुंचा है,bजो शहर के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है।

विशिष्ट अतिथि राज दाधीच ने कहा फिल्म महोत्सव में सभी लोगों के लिए एक ऐतिहासिक अनुभव प्रदान किया जाता है, जो फिल्मों के प्रति समर्पित होते हैं। कोटा के पर्यटन, कला और संस्कृति को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्धि इस फेस्टिवल के माध्यम से प्राप्त हुई है। देश-विदेश के फिल्म निर्माता निर्देशकों को लोक जीवन और प्राकृतिक परिवेश से रूबरू होने का मौका मिला है।

लेखक निर्देशक रंजन दास ने फिल्ममेकिंग पर मास्टर क्लास लेते हुए फिल्म निर्देशन की बारीकियों के बारे में व्याख्या की और नवोदित फिल्मकारों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, इस पर सविस्तार चर्चा की।

उद्घाटन कार्यक्रम का शुभारम्भ माँ सरस्वती, संत गजानन महाराज और दादा साहब फाल्के के चित्रों पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। उसके बाद अतिथियों के स्वागत के लिए मनमोहक राजस्थानी नृत्य प्रस्तुत किया गया। विशिष्ट अतिथि के रूप में शिवज्योति कॉन्वेंट स्कूल के निदेशक महेश गुप्ता भी उपस्थित थे।
पहले दिन इन फिल्मों की हुई स्क्रीनिंग

फेस्टिवल में बैलैड ऑफ़ द माउंटेन , वंश, सम दे अगेन, वाटर लीलीज़, जांदा, लॉस्ट वर्ल्ड, छुट्टी, स्टक, ब्लेकविंड, बोरा , लाइफ पाथ, चिल्ड्रन ऑफ़ होप, ग्रे एंड गोल्डन, गरीबा एन्ड अजीब, श्रेय, नजरिया, डॉग पीपल, द लास्ट प्रेजिडेंट की स्क्रीनिंग हुई |

फिल्म टूरिज्म डेस्टिनेशन के रुप में मिली पहचान
फेस्टिवल के डायरेक्टर डॉ. कपिल सिद्धार्थ ने बताया कि फेस्टिवल में 101 देशों की 1205 फिल्में व प्रोजेक्ट हिस्सा ले रही हैं। फेस्टिवल के प्रयासों से इटेलियन फीचर फिल्म ‘सफ़ेद ‘ की कोटा में शूटिंग होना, पूरे राज्य के लिए गौरव का विषय है। वन विभाग द्वारा निर्मित ‘एनचेंटिंग मुकुन्दरा’ भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त कर रही है। भविष्य में कई भारतीय और विदेशी फिल्मकार कोटा में फिल्म शूटिंग के लिए आएंगे।

उन्होंने बताया कि फेस्टिवल में शार्ट फिल्म्स, डाक्यूमेन्टरी फिल्म्स, म्यूजिक वीडियोज, फीचर फिल्म्स व एनिमेशन फिल्म्स दिखाई जा रही हैं। डॉ. कपिल सिद्धार्थ ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य सम्पूर्ण क्षेत्र को फिल्म पर्यटन नगरी बनाना है। इस फेस्टिवल के माध्यम से जहाँ एक ओर फिल्मकारों को अपनी प्रतिभा दिखानें का एक नया मंच मिला, वहीं दूसरी ओर कोटा समेत हाड़ौती और राजस्थान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन नगरी व फिल्म टूरिज्म डेस्टिनेशन के रुप में भी पहचान मिली है ।

अन्तर्राष्ट्रीय फिल्मकारों ने भेजी शुभकामनाएं
कार्यक्रम की शुरुआत में विभिन्न देशों के अन्तर्राष्ट्रीय फिल्मकारों ने फेस्टिवल की सफलता की कामना करते हुये अपनी शुभकामनाएं वीडियो संदेश द्वारा प्रेषित की हैं। जिनमें इटली, अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया, यू.के., स्विटजरलेण्ड़, न्यूज़ीलैंड, स्वीडन आदि देशों के फिल्मकार प्रमुख थे।

विश्व की श्रेष्ठ फिल्में
फेस्टिवल में विश्व की श्रेष्ठ फिल्में कोटा के दर्शकों को देखने को मिली। इन फिल्मों के जरिये कोटा के दर्शक विभिन्न देशों की विविध भाषाओँ की फिल्मों के माध्यम से वहां की संस्कृति, परिवेश, विरासत, कला और कहानियों को जान सकेंगे, जो अपने आप में एक अनूठी पहल है।

इस फेस्टिवल के माध्यम से डॉ. सिद्धार्थ कोटा की जनता को विश्व सिनेमा से रूबरू कराना चाहते हैं। साथ ही दुनिया भर के लाजवाब फिल्मकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच कोटा में मिल रहा है। विश्व के नामचीन निर्देशकों की फिल्में फेस्टिवल में आई हैं, जिनमे बॉलीवुड के निर्देशक और कलाकारों की भी फिल्में शामिल हैं।

सिद्धार्थ ने बताया कि फेस्टिवल में हिंदी के अलावा अंग्रेजी, मराठी, इटैलियन, जर्मन, चाइनीज़, तमिल, बांग्ला, तेलुगु, अरेबिक, कन्नड, क्रोएषियन, रशियन, जापानीज, गुजराती, दानिष, युक्रेनियन, मलयालम, हिब्रु आदि भाषाओं के अतिरिक्त मूक फिल्में भी हैं।

विभिन्न विषयों पर बनी फिल्में
फेस्टिवल में सामाजिक सोद्देश्यता और सरोकार से सम्बंधित फिल्मों के अलावा बाल फिल्म, पारिवारिक, थ्रिलर, हॉरर, संगीतमय, लव स्टोरी, एक्शन, एडवेंचर, साइंस फिक्शन, मिस्ट्री, कॉमेडी फिल्मों की स्क्रीनिंग की।

भारतीय और विदेशी फिल्म मेकर्स के साथ एक प्रश्नोत्तरी सेशन भी होगा, जहाँ वे अपनी सृजन यात्रा, चुनौतियों और भविष्य में कोटा में होने वाली फिल्म शूटिंग पर विचार व्यक्त करेंगे । ऑडियंस अपनी पसंद के हिसाब से वर्ल्ड सिनेमा, इंडियन रीजनल सिनेमा, एनिमेशन, सोशली रिलेवेंट फिल्में और टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन दिखाने वाली फिल्मों का मज़ा ले सकते हैं। कुल मिलाकर, यह फिल्म फेस्टिवल सिनेमा प्रेमियों के लिए एक यादगार अनुभव होगा।

आज के अतिथि
दूसरे दिन प्रातः कालीन सत्र में मुख्य अतिथि पुलिस महानिरीक्षक राजेंद्र प्रसाद गोयल, विशिष्ट अतिथि एडीएम सिटी अनिल कुमार सिंघल और राजस्थान कुश्ती संघ के अध्यक्ष आई के दत्ता होंगे।

Fiscal Deficit: राजकोषीय घाटा पिछले साल केंद्र का 8.55 लाख करोड़ रुपये रहा

नई दिल्ली। Fiscal Deficit: केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा दिसंबर 2025 के अंत तक 8.55 लाख करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 2025-26 के वार्षिक बजट लक्ष्य का 54.5 प्रतिशत है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की समान अवधि के 56.7 प्रतिशत से कम है।

शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों से यह जानकारी सामने आई। सरकार ने 2025-26 के लिए राजकोषीय घाटे का अनुमान सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 4.4 प्रतिशत यानी 15.69 लाख करोड़ रुपये रखा है।

कितनी प्राप्तियां हुईं
नियंत्रक व महालेखा परीक्षक (CAG) के आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2025 तक केंद्र सरकार को कुल 25.25 लाख करोड़ रुपये की प्राप्तियां हुईं, जो बजट अनुमान का 72.2 प्रतिशत है।

केंद्र सरकार का कुल व्यय
इसी अवधि में केंद्र सरकार का कुल व्यय 33.8 लाख करोड़ रुपये रहा, जो बजट अनुमान का 66.7 प्रतिशत है। इसमें से 25.93 लाख करोड़ रुपये राजस्व मद में और 7.87 लाख करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय के रूप में खर्च किए गए।

Kota Mandi: वायदा तेज रहने से कोटा मंडी में धनिया 100 रुपये उछला

कोटा। Kota Mandi Price Today: भामाशाह अनाज मंडी में शुक्रवार को कमजोर उठाव से गेहूं 20 रुपये, धान, सोयाबीन 50 रुपये, उड़द बेस्ट 200 रुपये और लहसुन 500 रुपये मंदा बिका। वायदा तेज रहने से धनिया 100 रुपये उछल गया। मंडी में सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब सवा लाख कट्टे और लहसुन की 2500 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे-

गेहूं 2451 से 2525, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 2000 से 2350, मक्का लाल 1500 से 1750, मक्का सफेद 2500 से 2800, जौ 2000 से 2300 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा 2800 से 3301, धान (1509) 3000 से 3731, धान (1847) 2800 से 3501, धान (1718) 2600 से 3951, धान (पूसा-1) 2400 से 3950, धान (1401) 3800 से 4120, धान दागी 1200 से 2900 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 4000 से 5701, सरसो 6200 से 6800, सरसों नयी 5300 से 6500, अलसी 7500 से 8500, तिल्ली 7000 से 10500 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 6000 से 6900, उड़द 4500 से 8900, चना देशी 4700 से 5350, चना मौसमी 4700 से 5300, चना पेप्सी 4800 से 5301, चना डंकी 3500 से 4700, चना काबुली 6000 से 7800 रुपये प्रति क्विंटल।

लहसुन 3000 से 10500, मैथी 4000 से 5500, धनिया बादामी 7500 से 9200, धनिया ईगल 8500 से 9300 रुपये प्रति क्विंटल।

क्रिप्टो निवेशकों के 24 घंटे में 16 लाख करोड़ रुपये डूबे, बिटकॉइन और इथेरियम 6% गिरे

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नई दिल्ली। क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में उतार-चढ़ाव स्थिर होने का नाम शुक्रवार को क्रिप्टोकरेंसी मार्केट क्रैश हो गई। 24 घंटे में क्रिप्टो मार्केट कैप 5 फीसदी से ज्यादा गिर गया। वहीं बिटकॉइन और इथेरियम समेत कई क्रिप्टो 6 फीसदी से ज्यादा लुढ़क गईं।

24 घंटे में क्रिप्टो निवेशकों के 15.62 लाख करोड़ रुपये डूब गए। सुबह करीब 10:30 बजे क्रिप्टो मार्केट कैप 5.42% की गिरावट के साथ 2.82 ट्रिलियन डॉलर पर कारोबार कर रहा था।

इस गिरावट का असर सभी प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी पर दिखाई दिया। बिटकॉइन करीब 6 फीसदी की गिरावट के साथ 82,835 डॉलर पर कारोबार कर रही थी। पिछले एक हफ्ते में इसमें 7 फीसदी से ज्यादा गिरावट आई है। वहीं इथेरियम पिछले 24 घंटे में 6 फीसदी से ज्यादा लुढ़क गई है। यह करीब 2740 डॉलर पर कारोबार कर रही है। इसके अलावा बाइनेंस, रिपल, सोलाना आदि क्रिप्टो में भी 24 घंटे में 6 फीसदी से ज्यादा गिरावट आई।

केंटन में आई तेजी
क्रिप्टो मार्केट में बड़ी गिरावट से केंटन (Canton) क्रिप्टो कॉइन पर कोई असर नहीं पड़ा। बल्कि इसमें तेजी आ गई। इसमें पिछले 24 घंटे में करीब 6 फीसदी की तेजी आई। इस तेजी के यह 0.1722 डॉलर पर कारोबार कर रही थी। पिछले एक हफ्ते में यह 20 फीसदी से ज्यादा उछल गई है। वहीं एक महीने का इसका रिटर्न करीब 16 फीसदी रहा है।

फीयर एंड ग्रीड इंडेक्स में गिरावट
क्रिप्टो मार्केट में काफी लंबे समय में कोई बड़ा सुधार नहीं हुआ है। ऐसे में निवेशकों में डर का माहौल है। कॉइनमार्केटकैप के अनुसार इसका फीयर एंड ग्रीड इंडेक्स एक दिन पहले गुरुवार को 38 था, जो शुक्रवार को गिरकर 28 रह गया। यह बताता है कि लोग अब क्रिप्टो में निवेश से कतराने लगे हैं। जो लोग पहले से निवेश कर रहे हैं, उन्होंने भी इसमें पैसा लगाना कम कर दिया है और निकासी पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।

Soybean: अर्जेन्टीना में सोयाबीन का उत्पादन 480 लाख टन होने का अनुमान

ब्यूनस आयर्स। Soybean Production: लैटिन अमरीकी देश- अर्जेन्टीना में बारिश का अभाव होने तथा तापमान काफी ऊंचा रहने से सोयाबीन की फसल को हो रहे नुकसान को देखते हुए इसके उत्पादन अनुमान में कटौती होने लगी है।

एक अग्रणी विश्लेषक फर्म व वहां 2025-26 के वर्तमान सीजन में सोयाबीन का उत्पादन अनुमान 10 लाख टन घटकर अब 480 लाख टन निर्धारित किया है। देश के कई भागों में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है।

विश्लेषक के अनुसार पिछले सप्ताह अर्जेन्टीना में बहुत कम या नगण्य बारिश हुई। केवल पश्चिमी ला पम्पा प्रान्त में कहीं-कहीं थोड़ी-बहुत वर्षा हुई। आगामी समय में कुछ अन्य राज्यों में बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है।

अर्जेन्टीना में 97 प्रतिशत क्षेत्र में सोयाबीन की बिजाई पूरी हो चुकी है और अब केवल देश के उत्तरी भाग में कहीं-कहीं बिजाई होनी बाकी है। सुदूर उत्तरी क्षेत्र में 75-80 प्रतिशत बिजाई ही संभव हो पाई है।

वहां शुष्क एवं गर्म मौसम के कारण फसल की बिजाई में बाधा पड़ रही है। प्रमुख सिंचित उत्पादक क्षेत्र में भी इस बार सोयाबीन की बिजाई में देर हो गई।

उल्लेखनीय है कि अर्जेन्टीना में इस सर्वाधिक महत्वपूर्ण तिलहन फसल की बिजाई दो चरणों में होती है। अगैती बिजाई वाली 15 प्रतिशत फसल में फूल एवं दाना लगने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। शुष्क इलाकों में फसल पर कीडों-रोगों के आघात की सूचना मिल रही है। किसानों को फसल पर गहरी नजर रखने का सुझाव दिया गया है।

ध्यान देने वाली बात है कि अर्जेन्टीना संसार में सोयाबीन का तीसरा सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश है जबकि सोयाबीन तेल एवं सोयामील के निर्यात में प्रथम स्थान पर रहता है।

भारत में सोयाबीन तेल का सर्वाधिक आयात अर्जेन्टीना से ही किया जाता है। वैसे ब्राजील में सोयाबीन का रिकॉर्ड उत्पादन होने का अनुमान है।

Stock Market: सेंसेक्स 297 अंक गिरकर 82300 के नीचे, निफ्टी 25320 पर बंद

नई दिल्ली। Stock Market Closed January 30, 2026: हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को भारतीय बाजार लाल निशान पर बंद हुआ। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 296.59 अंक या 0.36 प्रतिशत गिरकर 82,269.78 पर बंद हुआ। 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 98.25 अंक या 0.39 प्रतिशत गिरकर 25,320.65 पर बंद हुआ।

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) गिरावट के साथ 81,947 अंक पर खुला। कारोबार के दौरान यह 500 से ज्यादा अंक तक फिसल गया था। अंत में यह 296.59 अंक या 0.36% गिरकर 82,269.78 पर बंद हुआ।

नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) भी गिरावट के साथ 25,247 अंक पर खुला। कारोबार के दौरान यह 25,213 अंक के इंट्रा-डे लो तक गया। अंत में यह 98.25 अंक या 0.39 प्रतिशत गिरकर 25,320.65 पर बंद हुआ।

बजट 2026 से पहले निवेशकों के सतर्क रुख अपनाया। मेटल शेयरों में जोरदार बिकवाली ने बाजार को नीचे खींचा। मेटल इंडेक्स 5% टूट गया। इसके अलावा आईटी शेयरों में गिरावट और विदेशी निवेशकों की बिकवाली का भी बाजार की चाल पर असर पड़ा। निवेशक केंद्रीय बजट 2026 का इंतजार कर रहे हैं। बजट रविवार यानी 1 फरवरी, 2026 को पेश किया जाएगा।

जियोजित इंवेस्टमेंट्स में रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, ”लगातार विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली और रुपये में जारी कमजोरी से बाजार की धारणा सतर्क बनी हुई है।

भू-राजनीतिक जोखिमों और वैश्विक टैरिफ दबाव बढ़ने के बीच, निवेशक आर्थिक वृद्धि को समर्थन और वित्तीय अनुशासन को लेकर संकेतों के लिए केंद्रीय बजट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।