Thursday, July 2, 2026
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Stock Market: सेंसेक्स 555 अंक बढ़कर 77000 और निफ्टी 24000 के पार

नई दिल्ली। Stock Market Update: घरेलू शेयर बाजार ने बुधवार को अच्छी शुरुआत की है। दोपहर 1:00 बजे तक निफ्टी50 158.40 अंक यानी 0.66 फीसदी की बढ़त के साथ 24,017.60 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं, सेंसेक्स 555.72 अंक यानी 0.73 फीसदी चढ़कर 77,034.39 के स्तर पर पहुंच गया।

निफ्टी-50 में Eternal, हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) और नेस्ले इंडिया सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज करने वाले शेयर रहे। इन शेयरों में खरीदारी ने बाजार की तेजी को मजबूती दी। व्यापक बाजार (Broader Market) में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप सूचकांक 0.22 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप 0.23 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे।

शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 129.93 अंक (0.17%) की बढ़त के साथ 76,608.60 पर कारोबार करता दिखा। वहीं, निफ्टी 46.40 अंक (0.19%) चढ़कर 23,912.15 के स्तर पर पहुंच गया। ग्लोबल बाजारों से मिले मिले-जुले संकेतों के बावजूद घरेलू बाजार में खरीदारी का माहौल देखने को मिला।

शेयर बाजार के खुलने में टाइटन करीब 1.94%, M&M 1.92%, इटरनल 1.81%, सन फार्मा 1.25%, इंफोसिस 0.84% ​​और कोटक महिंद्रा बैंक 0.78% की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। इसके अलावा अडानी पोर्ट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट, TCS, मारुति, रिलायंस, ITC, एक्सिस बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, SBI और BEL भी हरे निशान में थे।

वहीं, बजाज फाइनेंस में सबसे ज्यादा 1.53% की गिरावट रही। इसके अलावा टेक महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक, इंडसइंड बैंक, टाटा स्टील, एचसीएलटेक, ट्रेंट, लार्सन एंड टूब्रो, एशियन पेंट्स, पावर ग्रिड, एनटीपीसी और भारती एयरटेल जैसे शेयर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे।

सेक्टरों का हाल
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी ऑटो में 0.63%, निफ्टी आईटी में 0.58%, स्मॉलकैप 100 में 0.52%, FMCG में 0.42% और मिडकैप 100 में 0.33% की बढ़त रही। वहीं, निफ्टी बैंक हल्की कमजोरी के साथ 0.01% नीचे कारोबार करता दिखा।

ग्लोबल मार्केट के संकेत

  • गिफ्ट निफ्टी ने दिए कमजोर शुरुआत के संकेत
    बुधवार सुबह गिफ्ट निफ्टी 39 अंक की गिरावट के साथ 23,978 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। इससे संकेत मिल रहे हैं कि भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत हल्के दबाव के साथ हो सकती है। वैश्विक बाजारों से मिले मिश्रित संकेत भी निवेशकों के सतर्क रुख की वजह बने हुए हैं।
  • एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख
    एशियाई शेयर बाजारों में बुधवार को अलग-अलग तस्वीर देखने को मिली। जापान का निक्केई 225 करीब 0.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2.31 प्रतिशत तक फिसल गया। ऐसे माहौल में निवेशक बड़े निवेश से पहले वैश्विक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।
  • 40 साल के निचले स्तर पर पहुंचा जापानी येन
    जापान की मुद्रा येन अमेरिकी डॉलर के मुकाबले करीब 40 वर्षों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। बाजार में इस बात की भी चर्चा है कि जापान का केंद्रीय बैंक मुद्रा को संभालने के लिए हस्तक्षेप कर सकता है। इसके अलावा निवेशकों की नजर अब अमेरिकी रोजगार आंकड़ों (US Jobs Data) पर है, क्योंकि इन्हीं के आधार पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की अगली मौद्रिक नीति को लेकर संकेत मिल सकते हैं।
  • अमेरिकी बाजारों में रही तेजी
    मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार सकारात्मक बढ़त के साथ बंद हुए। डॉव जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज में 0.26 प्रतिशत और S&P 500 में 0.79 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। वहीं, टेक शेयरों के दम पर नैस्डैक कंपोजिट 1.52 प्रतिशत चढ़कर बंद हुआ।
  • कच्चे तेल में तेजी
    अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में बढ़त देखने को मिली। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने अमेरिकी दूत से मुलाकात करने से इनकार कर दिया है, जिससे वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बने अस्थायी शांति समझौते पर अनिश्चितता बढ़ गई है। इसके बाद ब्रेंट क्रूड का जुलाई वायदा 0.42 प्रतिशत बढ़कर 73.26 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।

कमर्शियल LPG सिलेंडर 184 रुपये सस्ता, जानिए कितने रह गए दाम

नई दिल्ली। LPG Price Today : जुलाई महीने की शुरुआत के साथ ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने कारोबारियों को बड़ी राहत दी है। 1 जुलाई 2026 से 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी (LPG) सिलेंडर की कीमत में ₹183.50 तक की कटौती की गई है।

यह साल 2026 में पहली बार है जब कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम घटाए गए हैं। वहीं, 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में इस बार कोई बदलाव नहीं किया गया है।

चार महानगरों में 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के नए दाम
कीमतों में कटौती के बाद देश के चार महानगरों में 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम इस प्रकार हैं—

  • दिल्ली: ₹2,930 (₹183.50 की कमी)
  • मुंबई: ₹2,884 (₹183.50 की कमी)
  • कोलकाता: ₹3,072 (₹183.50 की कमी)
  • चेन्नई: ₹3,099.50 (₹183.50 की कमी)

क्यों घटे कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम
पिछले कुछ महीनों में पश्चिम एशिया में तनाव और ईरान से जुड़े घटनाक्रम के कारण एलपीजी की वैश्विक सप्लाई प्रभावित हुई थी। खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए होने वाली ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ने से भारत में कमर्शियल एलपीजी की उपलब्धता सीमित हो गई थी। इसका सीधा असर कीमतों पर पड़ा और जनवरी से जून तक लगातार कमर्शियल सिलेंडर महंगा होता गया।

अब क्षेत्र में हालात सामान्य होने और एलपीजी की आपूर्ति बेहतर होने के बाद सरकार ने कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई पर लगी पाबंदियां हटा दी हैं। इसके बाद ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने कीमतों में कटौती का फैसला लिया है।

होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों को राहत
19 किलो वाला कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर मुख्य रूप से होटल, रेस्टोरेंट, कैटरिंग सर्विस, बेकरी और अन्य खाद्य व्यवसायों में इस्तेमाल होता है। ऐसे में कीमतों में आई इस कमी से इन कारोबारों की ईंधन लागत घटेगी और परिचालन खर्च में राहत मिलेगी। हालांकि इसका फायदा ग्राहकों तक किस हद तक पहुंचेगा, यह अलग-अलग कारोबारों की मूल्य निर्धारण नीति पर निर्भर करेगा।

घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं
जहां कारोबारियों को राहत मिली है, वहीं आम उपभोक्ताओं के लिए इस बार कोई राहत नहीं आई है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों को पहले की तरह ही बरकरार रखा है।

Kota Mandi: कमजोर उठाव से सोयाबीन 100 रुपये और चना 25 रुपये मंदा बिका

अगस्त का धनिया वायदा 258 रुपये उछल कर 15650 रुपये पर बंद

कोटा। Kota Mandi Price Today: भामाशाह अनाज मंडी में मंगलवार को आवक की कमी से गेहूं 20 रुपये तेज रहा। कमजोर उठाव से सोयाबीन 100 रुपये और चना 25 रुपये मंदा रहा।

एनसीडीईएक्स पर अगस्त का धनिया वायदा 258 रुपये उछल कर 15650 रुपये और अक्टूबर वायदा 274 रुपये तेज होकर 16446 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। मंडी में सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब 40 हजार कट्टे और लहसुन की 7000 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे-

गेहूं नया मिल लस्टर 2350 से 2500, गेहूं एवरेज टुकड़ी 2500 से 2575, बेस्ट टुकड़ी 2550 से 2700, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 6000, बाजरा 1800 से 2250, मक्का लाल 1700 से 1900, मक्का सफेद 1600 से 2200, जौ 2100 से 2350 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा 2800 से 3601, धान (1509) 3400 से 4475, धान (1847) 3200 से 4201, धान (1718-1885) 3800 से 4700, धान (पूसा-1) 3000 से 4300, धान (1401-1886) 3600 से 4330, धान दागी 1500 से 3300 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 6000 से 6800, सोयाबीन बेस्ट क्वालिटी 6800 से 6871, सरसो 7200 से 7650, अलसी 8000 से 8750, तिल्ली 7000 से 10500 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 6000 से 8150, उड़द 4500 से 7000, चना 5200 से 5550, चना मौसमी नया 5100 से 5450, चना पेप्सी 5100 से 5601, चना डंकी पुराना 4000 से 4600, चना काबुली 5500 से 7000 रुपये प्रति क्विंटल।

लहसुन 5500 से 18500, ऊटी लहसुन 16000 से 20000, मैथी 5800 से 6600, धनिया बादामी 12500 से 14000, धनिया ईगल 14000 से 15000, धनिया रंगदार 15000 से 16500 रुपये प्रति क्विंटल।

आयकर रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख कब है, जानिए नई डेडलाइन

नई दिल्ली। Income Tax Return Deadline: क्या आप भी हर साल 31 जुलाई को डेडलाइन मानकर बिना सोचे-समझे रिटर्न फाइल कर देते हैं? अगर हां, तो पहले नई डेडलाइन जरूर चेक कर लें। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की इनकम यानी असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए सरकार ने ITR फाइल करने की तारीखों में बड़ा बदलाव किया है। सभी टैक्सपेयर्स के लिए 31 जुलाई आखिरी तारीख नहीं होगी, बल्कि यह इस बात पर निर्भर करेगा कि आप कौनसा ITR फॉर्म भर रहे हैं।

सैलरी पाने वाले कर्मचारी, पेंशनर्स और ITR-1 या ITR-2 फाइल करने वाले टैक्सपेयर्स के लिए रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख पहले की तरह 31 जुलाई 2026 ही रहेगी। इसमें वह लोग यानी टैक्सपेयर्स शामिल हैं जिनकी इनकम में सैलरी, इंटरेस्ट, कैपिटल गेन या एक-2 प्रॉपर्टी की सेल परचेज शामिल है।

ये टैक्सपेयर्स 31 अगस्त तक फाइल कर सकते हैं आईटीआर
बिजनेस या प्रोफेशन से कमाई करने वाले टैक्सपेयर्स जिनका टैक्स ऑडिट नहीं होता, उन्हें इस बार बड़ी राहत मिली है। ITR-3 और ITR-4 भरने वाले ऐसे टैक्सपेयर्स अब 31 अगस्त 2026 तक रिटर्न फाइल कर सकेंगे। इसमें फ्रीलांसर, डॉक्टर, वकील, कंसल्टेंट, छोटे कारोबारी आदि शामिल है। जिन मामलों में टैक्स ऑडिट जरूरी है, उनके लिए आखिरी तारीख 31 अक्टूबर 2026 रहेगी।

इस साल एक और बड़ा बदलाव रिवाइज्ड रिटर्न को लेकर हुआ है। पहले रिटर्न में गलती सुधारने के लिए 31 दिसंबर तक का समय मिलता था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 31 मार्च 2027 कर दिया गया है। यानी, अगर बाद में कोई टैक्स छूट, AIS या Form 26AS में गड़बड़ या गलती होती है, तो उसे सुधारने के लिए ज्यादा समय मिलेगा।

कब तक फाइल कर सकते हैं बिलेटेड रिटर्न?
अगर तय तारीख तक ITR फाइल नहीं करते हैं, तो 31 दिसंबर 2026 तक बिलेटेड रिटर्न फाइल किया जा सकता है। हालांकि इसके लिए इनकम टैक्स कानून की धारा 234F के तहत 5,000 रुपये तक की लेट फीस देनी होगी। जिन टैक्सपेयर्स की कुल इनकम 5 लाख रुपये से कम है, उनके लिए यह फीस 1,000 रुपये होगी। इसके अलावा बकाया टैक्स पर ब्याज भी देना पड़ सकता है।

आईटीआर देरी से फाइल करने पर होगा नुकसान
टैक्सपेयर्स को देर से रिटर्न फाइन करने का नुकसान सिर्फ लेट फीस तक सीमित नहीं होता। लेट रिटर्न फाइल करने पर पुराने टैक्स रिजीम का ऑप्शन खो सकते हैं। लॉस आने वाले सालों में सेटल करने का अधिकार नहीं मिलता। टैक्सपेयर्स के लिए जरूरी है कि अपनी सही डेडलाइन को जानकर आईटीआर फाइल करें। ताकि बाद में किसी भी परेशानी से बचा जा सके।

क्या E20 पेट्रोल को लेकर सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ, क्या डर गई सरकार

नई दिल्ली। देश में जब से सरकार ने एथेनॉल मिले हुए पेट्रोल सप्लाई शुरु करने का फैैसला लिया तभी से आम जनता के मन में अपने वाहनों को लेकर तमाम तरह की आशंकाएं भी आईं हैं। सबसे बड़ा डर कि क्या E20 पेट्रोल हमारी कार को कर देगा बेकार?

इन आशंकाओं के बीच आज सुप्रीम कोर्ट में एक मामले में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल, E20 मिश्रण की नीति का प्रभाव अभी परीक्षण के दौर में है और इसके परिणाम अगले वर्ष तक साफ होंगे। सरकार ने यह भी बताया कि E20 नीति वापस लेने का कोई प्रस्ताव नहीं है, क्योंकि यह राष्ट्रीय जैव ईंधन नीति का हिस्सा है।

मामले की शुरुआत विन्प डिस्टिलरीज एंड शुगर प्राइवेट लिमिटेड कपनी की याचिका से जुड़ा है। कंपनी ने कर्नाटक हाईकोर्ट में याचिका लगाते हुए दलील दी थी कि वह एथेनॉल बनाती है।

सरकार की ओर से उसे केवल 3.92 करोड़ लीटर का आवंटन किया गया है जबकि उसने 9.26 करोड़ लीटर की बोली लगाई थी। मामले में सरकार की ओर से कहा गया कि किसी भी कंपनी को पहले ज्यादा आवंटन मिला तो इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि कंपनी को हर बार उतनी ही मिलेगा। कर्नाटक हाईकोर्ट ने सरकार को अपने आवदेन पर फिर से विचार करने को कहा था। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।

सुप्रीम कोर्ट में सरकार की आशंकाएं

  • सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने कहा कि E20 ब्लेंडिंग प्रोग्राम अभी प्रायोगिक फेज में है।
  • इसके अच्छे बुरे नतीजे अगले साल तक सामने आएंगे। अभी यह कहना कि इससे वाहन खराब होने की धारणाएं निर्मूल हैं।
  • फिलहाल E20 नीति में बदलाव की कोई योजना नहीं है। एथेनॉल का आवंटन मांग और उपलब्धता के आधार पर घट-बढ़ सकता है। मौजूदा सप्लाई नीति जारी रहेगी।
  • अगर कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले के अनुसार किसी एक सप्लायर का कोटा बढ़ाते, तो वैसे में कानूनी विवादों का सिलसिला शुरू हो जाता और फिर सप्लाई चेन ध्वस्त हो जाती।
  • सरकार की ओर से यह भी आशंका जतायी गई कि अलग-अलग हाईकोर्ट में इस मुद्दे से जुड़ी कई याचिकाएं लंबित हैं, जिससे राष्ट्रीय नीति प्रभावित हो सकती है।

एथेनॉल आवंटन बढ़ाने पर पुन: विचार का आदेश
सरकार की ओर से इन दलीलों को सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस एम एम सुंदरश और जस्टिस शील नागू की बेंच ने फैसला सुनाया और कर्नाटक हाईकोर्ट के उस फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी है, जिसमें तेल कंपनियों को निजी डिस्टिलरीज का एथेनॉल आवंटन बढ़ाने पर पुन: विचार करने को कहा गया था। मतलब यह कि फिलहाल कर्नाटक हाईकोर्ट के आदेश पर यथास्थिति बनाए रखी जाएगी। हालांकि इस मामले की आगे भी सुनवाई जारी रहेगी।

Soybean: सोयाबीन की बुआई में देरी से खाद्य तेलों में तेजी के आसार

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मुम्बई। Soybean sowing: मौसम तथा मानसून की हालत सही नहीं होने के कारण इस बार सोयाबीन की बिजाई में देर हो रही है और इसका क्षेत्रफल गत वर्ष से काफी पीछे चल रहा है। फसल की बिजाई में जितनी देर होगी। कटाई भी उतनी ही लेट से शुरू होगी।

इससे घरेलू प्रभाग में खाद्य तेलों की आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति जटिल होने तथा कीमतों में कुछ हद तक तेजी का माहौल बनने की आशंका रहेगी। पश्चिम एशिया में भी संकट बरकरार है।

सोयाबीन की बिजाई की गति बहुत धीमी है। मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, कर्नाटक, गुजरात एवं तेलंगाना जैसे शीर्ष उत्पादक प्रांतों में बिजाई करीब 12-15 दिन लेट हो गई। स्वदेशी उद्योग को भय है कि अल नीनो के कारण आगे भी बिजाई के लिए खतरा बढ़ सकता है जिससे खाद्य तेल का दाम मजबूत बना रहेगा। मूंगफली की बिजाई भी पीछे है।

ईरान-अमरीका युद्ध शुरू होने के बाद से खाद्य तेलों के दाम में अब तक करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हो चुकी है। प्रमुख उत्पादक इलाकों में मानसून की वर्षा का अभाव देखा जा रहा है।

सोपा के अनुसार पिछले साल देश में 110.20 लाख टन सोयाबीन का उत्पादन हुआ। इस वर्ष कुल बारिश के साथ-साथ इसके वितरण पर भी नजर रखना आवश्यक है।

Rain Alert: राजस्थान में आ गया मानसून, 2-3 जुलाई को भारी वर्षा की चेतावनी

जयपुर। Weather Alert:राजस्थान में मानसून की गतिविधियां अब रफ्तार पकड़ने वाली हैं। मौसम विभाग के अनुसार 2 जुलाई से पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में बारिश का दौर तेज होने की संभावना है। 2 से 5 जुलाई के बीच कई जिलों में अच्छी बारिश हो सकती है, जबकि कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ इलाकों में मध्यम से भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।

जयपुर। मौसम केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। 1 जुलाई से पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी शुरू हो जाएगी, जबकि 2 जुलाई के बाद मानसून और अधिक सक्रिय हो सकता है। इस दौरान कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ क्षेत्रों में तेज मेघगर्जन के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बारिश होने की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार जयपुर, भरतपुर, कोटा और बीकानेर संभाग के कई इलाकों में भी अगले कुछ दिनों तक मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश का दौर बना रह सकता है। वहीं 30 जून और 1 जुलाई से बीकानेर संभाग तथा शेखावाटी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में भी आंधी और बारिश की गतिविधियां शुरू होने के संकेत हैं।

दूसरी ओर पश्चिमी राजस्थान में फिलहाल गर्मी और उमस से राहत मिलने के आसार कम हैं। जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकांश क्षेत्रों में अगले दो से तीन दिन मौसम मुख्यतः शुष्क रहेगा। यहां अधिकतम तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है। नमी बढ़ने के कारण लोगों को उमस भरी गर्मी का भी सामना करना पड़ सकता है।

मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में मानसून की गतिविधियां धीरे-धीरे और अधिक सक्रिय होंगी। इसका सबसे ज्यादा असर पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में देखने को मिलेगा, जहां अच्छी बारिश के साथ तापमान में गिरावट आने की संभावना है। वहीं पश्चिमी राजस्थान में गर्मी और उमस का असर कुछ दिन और बना रह सकता है।

Stock Market: सेंसेक्स 250 अंक गिरकर 76500 के नीचे बंद, निफ्टी 23865 पर

नई दिल्ली। Stock Market Closed: निवेशकों को अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत का इंतजार कर रहे हैं। इससे मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार एक रेंज में ट्रेड करता रहा। आखिर में बीएसई सेंसेक्स 249.70 अंक यानी 0.33 फीसदी की गिरावट के साथ 76,478.67 पर बंद हुआ।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी50 इंडेक्स भी 80.50 अंक यानी 0.34 फीसदी गिरावट के साथ 23,865.75 अंक पर बंद हुआ। आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली। शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन गिरावट आई है।

सेंसेक्स के 30 में से 17 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। इन्फोसिस, टीसीएस में तीन फीसदी से ज्यादा गिरावट आई। एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा के शेयर भी दो फीसदी से ज्यादा लुढ़क गए। इसके अलावा हिंदुस्तान यूनिलीवर, आईटीसी, एशियन पेंट्स और एसबीआई में भी उल्लेखनीय गिरावट रही। दूसरी ओर मारुति, टाइटन, बजाज फाइनेंस, इटरनल और अडानी पोर्ट्स में तेजी रही।

ब्रॉडर बाजार का हाल
ब्रॉडर बाजार में निफ्टी मिडकैप में 0.37 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप 1.02 फीसदी तेजी आई। सेक्टरवाइज देखें तो निफ्टी आईटी, निफ्टी मीडिया और निफ्टी पीएसयू बैंक में सबसे ज्यादा गिरावट रही। दूसरी ओर निफ्टी रियल्टी, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और निफ्टी केमिकल में सबसे ज्यादा तेजी आई।

OnePlus का गेम चेंजर 5G फोन 50MP AI कैमरा एवं 8000mAh बैटरी के साथ लॉन्च

नई दिल्ली। OnePlus N6 Launched : OnePlus ने भारतीय बाजार में अपनी नई N Series का पहला स्मार्टफोन OnePlus N6 लॉन्च कर दिया है। OnePlus N6 की सबसे बड़ी खासियत इसकी 8000mAh की बड़ी बैटरी है, जिसे लेकर कंपनी का दावा है कि यह एक बार चार्ज करने पर करीब 3 दिन तक साथ दे सकती है।

इसके अलावा फोन में 45W SUPERVOOC फास्ट चार्जिंग, 120Hz डिस्प्ले, 50MP AI कैमरा और नया MediaTek Dimensity 6360 Apex प्रोसेसर दिया गया है। इस फोन में कई ऐसे शानदार फीचर्स हैं जो आमतौर पर महंगे स्मार्टफोन में देखने को मिलते हैं। अगर आपका बजट 25 हजार रुपये से कम है और आप लंबी बैटरी लाइफ वाला स्मार्टफोन खरीदना चाहते हैं, तो OnePlus N6 आपके लिए एक अच्छा ऑप्शन है।

कीमत और सेल डेट
OnePlus N6 के 4GB + 128GB वेरिएंट की कीमत 22,999 रुपये रखी गई है, जबकि 6GB + 128GB मॉडल 24,999 रुपये में मिलेगा। फोन Fresh Mint और Midnight Green कलर ऑप्शन में उपलब्ध होगा। इसकी पहली सेल 4 जुलाई से Amazon और OnePlus की आधिकारिक वेबसाइट पर शुरू होगी। लॉन्च ऑफर के तहत 1,000 रुपये का Prime Day डिस्काउंट और Axis Bank व SBI कार्ड पर 2,000 रुपये तक का इंस्टेंट डिस्काउंट भी मिलेगा। तो चलिए आपको डिटेल में बताए हैं OnePlus N6 की 5 बड़ी खासियतें:

OnePlus N6 के स्पेसिफिकेशन

  • वनप्लस एन 6 फोन में 6.75 इंच HD+ LCD डिस्प्ले दी गई है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट और 1200 निट्स HBM ब्राइटनेस के साथ आती है। डिजाइन की बात करें तो OnePlus N6 में फ्लैट बैक पैनल और स्क्वायर कैमरा मॉड्यूल दिया गया है, जिससे यह प्रीमियम लुक देता है। फोन को IP65 रेटिंग और MIL-STD-810H मिलिट्री-ग्रेड ड्यूरेबिलिटी सर्टिफिकेशन भी मिला है।
  • OnePlus N6 की सबसे बड़ी खासियत इसकी 8000mAh बैटरी है। कंपनी का दावा है कि यह फोन करीब तीन दिन तक चल सकता है। फोन में 45W SUPERVOOC फास्ट चार्जिंग दी गई है, जिससे बैटरी जल्दी चार्ज हो जाती है। इसके अलावा 6.5W Reverse Wired Charging का सपोर्ट भी मिलता है, यानी जरूरत पड़ने पर इससे दूसरे डिवाइस भी चार्ज किए जा सकते हैं।
  • OnePlus N6 में MediaTek Dimensity 6360 Apex प्रोसेसर दिया गया है। इसमें 4GB और 6GB RAM के साथ 128GB स्टोरेज मिलती है। बेहतर कूलिंग के लिए 5300mm² वेपर चैंबर कूलिंग सिस्टम दिया गया है, जिससे लंबे समय तक गेमिंग और मल्टीटास्किंग के दौरान फोन ज्यादा गर्म नहीं होता।
  • फोटोग्राफी के लिए OnePlus N6 में 50MP का AI रियर कैमरा दिया गया है, जो 10x डिजिटल जूम को सपोर्ट करता है। वहीं सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए 8MP फ्रंट कैमरा मिलता है। फोन 1080p 60fps वीडियो रिकॉर्डिंग और Dual-View Video Mode को भी सपोर्ट करता है, जिससे एक साथ फ्रंट और रियर कैमरे से वीडियो रिकॉर्ड किया जा सकता है।
  • यह स्मार्टफोन Android 16 आधारित OxygenOS 16 पर चलता है। कंपनी ने दो बड़े Android अपडेट और तीन साल तक सिक्योरिटी अपडेट देने का वादा किया है। कंपनी का दावा है कि यह फोन 60 महीने तक स्मूद परफॉर्मेंस देने के लिए ऑप्टिमाइज किया गया है।

WhatsApp पर अब अपना मोबाइल नंबर शेयर किए बिना कर सकेंगे चैट, जानिए कैसे

नई दिल्ली। WhatsApp Username: WhatsApp आपके लिए एक बड़ा बदलाव लेकर आया है। अब अगर आप WhatsApp पर बिना अपना मोबाइल नंबर शेयर करे चैट करना चाहते, तो यह मुमकिन है।

कंपनी ने Android और iPhone यूजर्स के लिए Username Reservation फीचर का रोलआउट शुरू कर दिया है। इस फीचर की मदद से अब लोग अपना एक यूनिक Username चुन सकेंगे और उसी Username के जरिए दूसरे लोगों से बात कर पाएंगे।

WhatsApp इस फीचर की मदद से यूजर्स की प्राइवेसी को मजबूत करना चाहता है। कंपनी ने Username Reservation पहले ही शुरू कर दी है ताकि करोड़ों यूजर्स अपनी पसंद का Username पहले से सुरक्षित कर सकें। हालांकि यह फीचर सभी यूजर्स तक धीरे-धीरे पहुंचेगा और आने वाले महीनों में इसे पूरी दुनिया में उपलब्ध कराया जाएगा।

ऐसे करें अपना यूजरनेम रिजर्व

  • इसके लिए सबसे पहले WhatsApp का लेटेस्ट वर्जन अपडेट करें।
  • इसके बाद Settings में जाएं और Account सेक्शन खोलें। यहां आपको Username का नया ऑप्शन दिखाई देगा।
  • इस पर टैप करके अपनी पसंद का Username चुन सकते हैं।
  • अगर वह Username पहले से किसी और ने नहीं लिया है, तो वह आपके नाम पर रिजर्व हो जाएगा।
  • कंपनी धीरे-धीरे सभी यूजर्स को यह सुविधा दे रही है, इसलिए अगर अभी यह ऑप्शन नहीं दिख रहा है तो कुछ समय इंतजार करना होगा।

यूजरनेम बनाते समय इन चीजों का ध्यान रखें
WhatsApp ने Username के लिए कुछ नियम भी तय किए हैं। Username में छोटे इंग्लिश लैटर, नंबर, अंडरस्कोर (_) और डॉट (.) का इस्तेमाल किया जा सकेगा। यह यूनिक होना जरूरी होगा और किसी दूसरे यूजर का Username कॉपी नहीं किया जा सकेगा। इसके अलावा Username की शुरुआत “www” से नहीं की जा सकती और इसका अंत “.com” या “.net” जैसे डोमेन नाम से नहीं होना चाहिए। कंपनी का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य फर्जी अकाउंट और धोखाधड़ी को रोकना है।

इसके अलावा WhatsApp इस फीचर के साथ Username Key नाम का एक अतिरिक्त सिक्योरिटी विकल्प भी ला रहा है। अगर कोई यूजर इसे ऑन करता है, तो केवल Username जानना काफी नहीं होगा, बल्कि पहली बार संपर्क करने के लिए Username Key की भी जरूरत पड़ सकती है। इससे अनचाहे मैसेज और स्पैम को रोकने में मदद मिलेगी।

यूजरनेम फीचर की जरूरत क्यों
अब तक WhatsApp पूरी तरह मोबाइल नंबर बेस्ड मैसेजिंग ऐप रहा है। किसी नए व्यक्ति से बात करने के लिए यूजर को अपना नंबर शेयर करना पड़ता था। लेकिन इससे प्राइवेसी को लेकर कई सवाल उठते रहे हैं। खासकर बिजनेस, ऑनलाइन सेलर्स, कंटेंट क्रिएटर्स और ऐसे लोग जो हर किसी के साथ अपना फोन नंबर साझा नहीं करना चाहते, उनके लिए यह बड़ी परेशानी थी। Username फीचर इसी समस्या का समाधान लेकर आया है।

यह फीचर उन लोगों के लिए सबसे उपयोगी होगा जो रोजाना नए लोगों से जुड़ते हैं। जैसे कंटेंट क्रिएटर्स, फ्रीलांसर, ऑनलाइन बिजनेस चलाने वाले, स्टूडेंट्स और प्रोफेशनल्स। अब वे अपना मोबाइल नंबर सार्वजनिक करने की बजाय केवल Username शेयर कर सकेंगे। इससे उनकी पर्सनल डिटेल रहेगी और बेकार के कॉल या मैसेज आने की संभावना भी कम होगी।