Friday, July 3, 2026
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भारत की तेल पर निर्भरता 12 साल में आधी रह गई, SBI रिसर्च रिपोर्ट

नई दिल्ली। Oil Consumption In India: वेस्ट एशिया में तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार चढ़ाव के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि अब देश पहले के मुकाबले तेल पर कम निर्भर होता जा रहा है।

SBI रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में तेल की खपत और कच्चे तेल का आयात, दोनों का असर अब अर्थव्यवस्था पर पहले जितना नहीं रहा। रिपोर्ट का कहना है कि अगर इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को और बढ़ावा मिला तो आने वाले समय में तेल आयात पर होने वाला खर्च और कम हो सकता है।

SBI रिसर्च के मुताबिक, वित्त वर्ष 2014 में देश की तेल खपत GDP का 1.4% थी। अब यह घटकर वित्त वर्ष 2026 में सिर्फ 0.7% रह गई है। यानी पहले के मुकाबले अब देश को उतनी आर्थिक गतिविधि के लिए काफी कम तेल की जरूरत पड़ रही है। इसी तरह कच्चे तेल का आयात भी कम हुआ है। FY14 की दूसरी तिमाही में कच्चे तेल का आयात GDP का 8.6% था, जो FY26 की दूसरी तिमाही में घटकर 3.1% रह गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, इसकी कई वजह हैं। गांवों में डीजल पंपों की जगह सोलर पंप लग रहे हैं। शहरों में मेट्रो नेटवर्क तेजी से बढ़ा है। उद्योगों में सोलर और दूसरी रिन्यूएबल एनर्जी का इस्तेमाल बढ़ा है। साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। इन सबका असर तेल की खपत पर साफ दिखाई दे रहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल 2026 में तेल की खपत पिछले साल के मुकाबले 3.8% और मई में 6.5% कम रही। हालांकि SBI रिसर्च का कहना है कि इसका मतलब यह नहीं है कि अर्थव्यवस्था कमजोर हो रही है। क्योंकि दूसरी तरफ कारों और दोपहिया वाहनों की बिक्री, ट्रैक्टर की बिक्री, निर्यात, माल ढुलाई, GST ई वे बिल और बैंकों का कर्ज जैसे आंकड़े अब भी मजबूत बने हुए हैं।

EV बढ़ेंगे तो और घटेगा तेल का बिल
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा बाजार बन चुका है। इलेक्ट्रिक बसों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। लेकिन इलेक्ट्रिक कारों और इलेक्ट्रिक ट्रकों की रफ्तार अभी और बढ़ाने की जरूरत है। सरकार की PM E DRIVE योजना के तहत इलेक्ट्रिक ट्रक खरीदने पर 9.6 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है। इस योजना से करीब 5,600 इलेक्ट्रिक ट्रकों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

2030 तक 1 लाख करोड़ रुपये की बचत
SBI रिसर्च का अनुमान है कि अगर 2030 तक देश में नए रजिस्ट्रेशन होने वाले वाहनों में EV की हिस्सेदारी 20% तक पहुंच जाती है, तो भारत हर साल करीब 1 लाख करोड़ रुपये का तेल आयात बिल बचा सकता है। फिलहाल 2026 में देश में रजिस्टर्ड वाहनों में EV की हिस्सेदारी 8% से ज्यादा हो चुकी है।

SBI रिसर्च की सलाह
SBI रिसर्च का कहना है कि EV को तेजी से बढ़ाने के लिए 10 से 15 साल की साफ और लंबी योजना बनानी होगी। चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ानी होगी, बैटरी बनाने पर जोर देना होगा और सरकारी विभागों को भी ज्यादा से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने होंगे। इससे देश का तेल आयात कम होगा, विदेशी मुद्रा बचेगी और पर्यावरण को भी फायदा मिलेगा।

कोटा-पटना-कोटा एक्सप्रेस को जौनपुर सिटी स्टेशन पर मिला नया ठहराव

कोटा। रेल प्रशासन द्वारा यात्रियों की सुविधा हेतु गाड़ी संख्या 13240/13239 कोटा-पटना-कोटा एक्सप्रेस को उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल अंतर्गत आने वाले जौनपुर सिटी स्टेशन पर ठहराव प्रदान किया गया है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि गाड़ी संख्या 13240 कोटा-पटना एक्सप्रेस जौनपुर सिटी स्टेशन पर 12:33 बजे पहुंचकर 12:35 बजे प्रस्थान करेगी। यह ठहराव 27.06.2026 से प्रभावी हो चुका है। वहीं गाड़ी संख्या 13239 पटना-कोटा एक्सप्रेस जौनपुर सिटी स्टेशन पर 17:41 बजे पहुंचकर 17:43 बजे रवाना होगी, जो 26.06.2026 से प्रभावी है।

श्री जैन ने बताया कि इस नए ठहराव से जौनपुर सिटी एवं आसपास के क्षेत्र के यात्रियों को कोटा एवं पटना की ओर सीधी रेल संपर्क सुविधा मिलेगी, जिससे यात्रा और सुगम होगी।

रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि गाड़ियों की वास्तविक स्थिति एवं समय की जानकारी के लिए यात्री www.enquiry.indianrail.gov.in या एनटीईएस ऐप का उपयोग कर सकते हैं।

पीएफ नियमों में बदलाव, पेंशन क्लेम में देरी पर कर्मचारी को मिलेगा 12% ब्याज

नई दिल्ली। EPF Pension Scheme 2026: श्रम और रोजगार मंत्रालय ने कर्मचारी पेंशन योजना (EPS), 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। यह नई योजना पुरानी कर्मचारी पेंशन योजना 1971 और कर्मचारी पेंशन योजना 1995 (EPS-95) की जगह लेगी। यह बदलाव सोशल सिक्योरिटी कोड, 2020 का हिस्सा है और 29 जून 2026 से प्रभावी हो गया है।

राहत की बात यह है कि नई पेंशन स्कीम में पेंशन निकालने का फॉर्म्युला, कर्मचारी और कंपनी का योगदान और कम से कम मिलने वाली पेंशन (मिनिमम पेंशन) में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

हालांकि, पेंशन की प्रोसेसिंग, पेंशन फंड के निवेश के तरीके और देरी होने पर मिलने वाले हर्जाने को लेकर कुछ नए नियम जोड़े गए हैं। अब अगर EPFO बिना किसी ठोस वजह के पेंशन क्लेम में देरी करता है, तो उसे 12% ब्याज देना होगा।

कौन शामिल हो सकता है
नोटिफिकेशन के मुताबिक, जो भी व्यक्ति 29 जून 2026 को या उसके बाद ईपीएफ योजना 2026 का सदस्य बनता है और जिसकी सैलरी सरकारी सीमा के अंदर है, वह इस नई पेंशन स्कीम का हिस्सा बनेगा। इसके अलावा, जो लोग पहले से EPS-95 या EPS-1971 के सदस्य थे, वे भी इस नई स्कीम में शामिल होने के हकदार हैं। जिन लोगों को पुरानी योजनाओं (1971 या 1995) के तहत पहले से पेंशन मिल रही है, उनकी पेंशन बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी।

योगदान के नियम
कंपनियां कर्मचारी की सैलरी का 8.33% हिस्सा पेंशन फंड में जमा करेंगी। सरकार भी सैलरी का 1.16% योगदान देगी। जिन कर्मचारियों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ‘हायर पेंशन’ (ज्यादा पेंशन) का विकल्प चुना है, उनके मामले में कंपनी का योगदान बढ़कर 9.49% हो जाएगा (15,000 से ऊपर की सैलरी पर)।

Gold Price: एमसीएक्स पर सोना 500 रुपये गिरा; चांदी चमकी, जानिए आज के भाव

नई दिल्ली। Gold Silver Price Today: पश्चिम एशिया में शांति के लिए अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता में तेजी आई है। इससे कच्चे तेल की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है। इस बीच सोने की कीमत में आज मिलाजुला रुख देखने को मिल रहा है। एमसीएक्स पर सोने की कीमत में मामूली गिरावट आई है जबकि सर्राफा बाजार में अच्छी खासी तेजी दिख रही है।

एमसीएक्स पर शुरुआती कारोबार में सोना 500 रुपये से अधिक गिर गया। 5 अगस्त की डिलीवरी वाला सोना पिछले सत्र में 1,44,430 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुआ था और आज यह 1,43,882 रुपये पर खुला। शुरुआती कारोबार में यह 1,43,795 रुपये तक गिरा। सुबह 10.45 बजे यह 605 रुपये की गिरावट के साथ 1,43,825 रुपये पर ट्रेड कर रहा था।

इसी तरह 4 सितंबर की डिलीवरी वाली चांदी पिछले सत्र में 2,30,384 रुपये प्रति किलो के भाव पर बंद हुई थी। आज यह 231196 रुपये पर खुला और शुरुआती कारोबार में 2,32,339 रुपये तक उछली। 10.55 बजे यह 376 रुपये की तेजी के साथ 2,30,760 रुपये पर ट्रेड कर रही थी।

सर्राफा बाज़ार भाव
सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमत में तेजी आई है। गुड रिटर्न्स के मुताबिक 24 कैरेट वाला सोना 3770 रुपये की तेजी के साथ 1,44,550 रुपये पर ट्रेड कर रहा है। 22 कैरेट वाला सोना भी 3,450 रुपये ऊपर 1,32,500 रुपये पर ट्रेड कर रहा है। 18 कैरेट वाला सोना भी 2820 रुपये की तेजी के साथ 1,08,410 रुपये पर है। चांदी 5,000 रुपये की तेजी के साथ 2,45,000 रुपये प्रति किलो पर ट्रेड कर रही है।

Stock Market: सेंसेक्स 494 अंक उछल कर 77416 पर, निफ्टी 24100 के पार

नई दिल्ली। Stock Market Update: अमेरिका और ईरान के बीच दोहा में हुई वार्ता के बाद कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी और आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी के दम पर गुरुवार को घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत बढ़त के साथ हुई।

सुबह 9:18 बजे तक निफ्टी-50 76.10 अंक यानी 0.32 फीसदी की बढ़त के साथ 24,081.95 पर कारोबार कर रहा था। वहीं सेंसेक्स 235.79 अंक यानी 0.31 फीसदी चढ़कर 77,158.43 पर पहुंच गया। निफ्टी-50 में इन्फोसिस, एचसीएल टेक और अदाणी एंटरप्राइजेज सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज करने वाले शेयर रहे।

शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 500 अंक उछल गया जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 इंडेक्स भी 24,150 के करीब पहुंच गया। सुबह 9.40 बजे सेंसेक्स 493.71 अंक यानी 0.64% तेजी के साथ 77,416.35 अंक पर ट्रेड कर रहा था। निफ्टी भी 143.85 अंक यानी 0.60% ऊपर 24,149.70 अंक पर ट्रेड कर रहा है। रुपया शुरुआती कारोबार में मजबूत होकर 94.95 पर पहुंच गया।

सेंसेक्स के 30 में से 19 शेयर तेजी के साथ खुले। देश की दूसरी बड़ी आईटी कंपनी इन्फोसिस के शेयरों में सबसे ज्यादा 3% तेजी रही। इसके अलावा एचसीएल टेक, टीसीएस और टेक महिंद्रा के शेयर भी 2% तक उछल गए। दूसरी ओर, बजाज फाइनेंस के शेयरों में 1% से ज्यादा गिरावट आई और यह बेंचमार्क इंडेक्स में सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाला शेयर रहा।

ब्रॉडर मार्केट में भी खरीदारी
मुख्य सूचकांकों के साथ-साथ व्यापक बाजार में भी तेजी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 0.33 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप 0.43 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे।

आईटी सेक्टर में सबसे ज्यादा तेजी
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी आईटी करीब 3 फीसदी की मजबूत बढ़त के साथ सबसे आगे रहा। इसके अलावा निफ्टी रियल्टी और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स में भी अच्छी तेजी देखने को मिली। वहीं दूसरी ओर निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज करने वाला सेक्टोरल इंडेक्स रहा।

ग्लोबल मार्केट का हाल

  • एशियाई बाजारों में बिकवाली
    हालांकि एशियाई शेयर बाजारों में दबाव देखने को मिला। निवेशकों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते खर्च को लेकर चिंता जताई, जिसके चलते चिप कंपनियों के शेयरों में बिकवाली बढ़ गई। दक्षिण कोरिया का Kospi इंट्राडे कारोबार में करीब 7 फीसदी तक टूट गया। वहीं जापान का Nikkei 225 लगभग 0.9 फीसदी और चीन का CSI 300 करीब 1.75 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार करता नजर आया।
  • अमेरिकी बाजारों में मिला-जुला रुख
    बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में भी मिश्रित रुख देखने को मिला। Dow Jones Industrial Average 0.03 फीसदी और S&P 500 0.22 फीसदी की मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। वहीं टेक शेयरों पर दबाव के चलते Nasdaq Composite 0.66 फीसदी फिसल गया।
  • तेल की कीमतों में नरमी
    कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। इसकी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वह बयान रहा, जिसमें उन्होंने कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर प्रगति हो रही है और तेहरान के साथ बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। यह बयान दोहा में हुई हालिया वार्ता के बाद आया। इसके असर से इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज (ICE) पर जुलाई डिलीवरी वाला क्रूड ऑयल वायदा 1.17 फीसदी की गिरावट के साथ 70.73 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।
  • सोना-चांदी में भी गिरावट
    डॉलर इंडेक्स में मजबूती आने से कीमती धातुओं पर दबाव देखने को मिला। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयर केविन वॉर्श ने संकेत दिए कि महंगाई अभी भी अपेक्षाकृत ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। इसके बाद डॉलर मजबूत हुआ, जिससे सोना और चांदी की कीमतों में गिरावट आई। गोल्ड फ्यूचर्स 0.51 फीसदी और सिल्वर फ्यूचर्स 0.48 फीसदी तक कमजोर रहे।

दक्षिणी दरवाजे से मानसून का राजस्थान में प्रवेश, आंधी और मेघगर्जन के साथ बारिश

जयपुर। राजस्थान में मानसून की एंट्री का इंतजार अब जल्द खत्म हो सकता है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में परिस्थितियां तेजी से अनुकूल हो रही हैं और अगले कुछ घंटो में मानसून राजस्थान में प्रवेश कर जाएगा।

फिलहाल मानसून राजस्थान के दक्षिणी द्वार बांसवाड़ा के बिल्कुल नजदीक पहुंच गया है। इसके साथ ही 2 जुलाई से प्रदेश के कई जिलों में आंधी, मेघगर्जन और बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी शुरू हो गई है।

मौसम विभाग के मुताबिक उदयपुर, कोटा, अजमेर, भरतपुर और जयपुर संभाग के जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान बारिश का दायरा बढ़ेगा। 4 और 5 जुलाई को कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ इलाकों में भारी से अतिभारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

जयपुर, अजमेर में अगले कुछ घंटों में बारिश
मौसम विभाग ने तात्कालिक चेतावनी जारी करते हुए जयपुर, अजमेर, ब्यावर, टोंक, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और कोटपूतली-बहरोड़ जिलों में कहीं-कहीं मध्यम से तीव्र मेघगर्जन, बिजली चमकने, 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई है। वहीं बूंदी जिले में भी इसी तरह के मौसम की आशंका है।

इसके अलावा पाली, राजसमंद, कोटा, बारां, झालावाड़, सीकर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, झुंझुनूं, सवाई माधोपुर, करौली, दौसा, अलवर, उदयपुर, सलूंबर, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, नागौर और डीडवाना-कुचामन जिलों में कहीं-कहीं मेघगर्जन के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं।

4-5 जुलाई को भारी बारिश का दौर
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के सक्रिय होने के बाद दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में बारिश की तीव्रता बढ़ेगी। कोटा और उदयपुर संभाग के कई जिलों में 4 और 5 जुलाई को अच्छी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी और अतिभारी वर्षा दर्ज हो सकती है। इससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।

Ram Mandir: चंपत राय और अनिल मिश्रा का भविष्य दो तिहाई बहुमत से होगा तय

अयोध्या। Ram Mandir Chanda Scam : राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद पहली बार 6 जुलाई श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक होगी। इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर अंतिम निर्णय ट्रस्ट के बायलॉज के अनुसार वोटिंग से होगा। इस्तीफा स्वीकार करने के लिए दो-तिहाई बहुमत जरूरी होगा।

ट्रस्ट के बायलॉज में किसी पदाधिकारी को सिर्फ उसके पद एवं दायित्व से मुक्त करने का प्रावधान है। यदि चंपत राय को महासचिव पद से हटाया भी जाता है तो वे ट्रस्ट के सदस्य बने रहेंगे। यही व्यवस्था अन्य पदाधिकारियों पर भी लागू होती है। वर्तमान में ट्रस्ट के 14 सदस्यों में से दो सदस्य इस्तीफा दे चुके हैं। ऐसे में बैठक में 12 ट्रस्टियों की राय ली जाएगी।

पूर्व की बैठकों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के भैयाजी जोशी और विश्व हिंदू परिषद के दिनेश चंद्र आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल होते रहे हैं। इस बार भी उनके शामिल होने की संभावना है। विहिप के राष्ट्रीय महामंत्री बजरंग लाल बांगड़ा और केंद्रीय संगठन मंत्री मिलिंद परांडे को भी आमंत्रित सदस्य के रूप में बुलाया जा सकता है। यदि उन्हें मतदान का अधिकार दिया जाता है तो उनकी भूमिका भी निर्णायक होगी।

रामलला की मूर्ति के चयन के समय भी ट्रस्ट ने मतदान की प्रक्रिया अपनाई थी। उस समय ट्रस्ट में 15 सदस्य थे और 11 ट्रस्टियों ने कर्नाटक के प्रसिद्ध मूर्तिकार अरुण योगीराज की प्रतिमा के पक्ष में मतदान किया था। दो-तिहाई बहुमत मिलने के बाद उसी प्रतिमा का चयन हुआ जो वर्तमान में राम मंदिर के गर्भगृह में स्थापित है।

ट्रस्ट में बदलाव की जरूरत नहीं
ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास का कहना है कि ट्रस्ट में किसी बदलाव की जरूरत नहीं है। बैठक में ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास, जगद्गुरु वासुदेवानंद सरस्वती, जगद्गुरु विश्वप्रसन्न तीर्थ, युगपुरुष परमानंद, कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि और कृष्ण मोहन के रुख पर भी नजर रहेगी। सूत्रों के अनुसार इनमें कुछ सदस्य चंपत के पक्ष में हैं तो कुछ बदलाव के पक्षधर हैं।

स्मार्ट परिवार कार्यशाला में मिलेगा संस्कारों एवं आधुनिक जीवन के संतुलन का मार्गदर्शन

5 जुलाई को तलवंडी दिगंबर जैन मंदिर सभागार में होगा आयोजन

कोटा। सकल दिगंबर जैन समाज, कोटा के तत्वावधान में परिवारों में सांस्कृतिक मूल्यों, पारिवारिक संवाद और भारतीय संस्कारों को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से ‘स्मार्ट परिवार कार्यशाला’ का आयोजन 5 जुलाई को तलवंडी दिगंबर जैन मंदिर सभागार में किया जाएगा। संयोजक अनिल जैन ठोरा ने बताया कि कार्यशाला गणिनी आर्यिका स्वस्ति भूषण माताजी के पावन सानिध्य में आयोजित होगी।

आयोजन का पंजीयन प्रपत्र बुधवार को नई धानमंडी दिगंबर जैन मंदिर में माताजी के समक्ष विधिवत विमोचित किया गया। इस अवसर पर गणिनी आर्यिका स्वस्ति भूषण माताजी ने अपने आशीर्वचन में कहा कि जहां संस्कार होंगे, वहीं सशक्त परिवार का निर्माण होगा और जहां धर्म होगा, वहीं जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि का स्थायी वास रहेगा।

समाज अध्यक्ष प्रकाश बज ने बताया कि कार्यशाला में 12 वर्ष से अधिक आयु के अविवाहित युवक-युवतियों तथा उनके माता-पिता की सहभागिता रहेगी। इसमें प्रख्यात मोटिवेशनल स्पीकर अनेकांत जैन एवं डॉ. नील प्रभा जैन आधुनिक जीवन की चुनौतियों के बीच भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और प्राचीन संस्कारों को वर्तमान परिवेश में प्रभावी ढंग से स्थापित करने के व्यावहारिक सूत्र साझा करेंगे।

उन्होंने बताया कि आयोजन प्रातः 7:30 बजे प्रारंभ होकर सायं 4:00 बजे तक चलेगा। कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए जे.के. जैन को मुख्य संयोजक तथा नरेश वेद, अनिल ठौरा, राजकुमार लुहाड़िया एवं पारस सोगानी को संयोजक नियुक्त किया गया है। आयोजन की समस्त व्यवस्थाएं दिगंबर जैन समाज, तलवंडी द्वारा की जा रही हैं।

समाज अध्यक्ष प्रकाश बज ने बताया कि गणिनी आर्यिका स्वस्ति भूषण माताजी 3 जुलाई को प्रातः विज्ञान नगर दिगंबर जैन मंदिर से विहार कर तलवंडी दिगंबर जैन मंदिर में मंगल प्रवेश करेंगी। उनके सानिध्य में आयोजित यह कार्यशाला समाज के युवाओं और अभिभावकों के लिए संस्कार, संवाद और सुदृढ़ पारिवारिक जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगी।

कोटा विश्वविद्यालय में पर्यटन और आतिथ्य पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू

कोटा। Tourism and Hospitality Courses In Kota University: पर्यटन एवं आतिथ्य उद्योग में तेजी से बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए कोटा विश्वविद्यालय के पर्यटन एवं आतिथ्य विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विभिन्न रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है।

विभाग का उद्देश्य विद्यार्थियों को वैश्विक पर्यटन उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, व्यावहारिक प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय स्तर के अवसर उपलब्ध कराना है। इस अवसर नए र्कोसेज के लिए कुलगुरू बी पी सारस्वत को छात्रों अपने शुभकानाएं देते हुए उन्हे पुष्पगुच्छ भेंट किया और कहा कि नए र्कोसेज से छात्रों को नए अवसर प्राप्त होंगे।

कुलगुरु प्रो. बी.पी. सारस्वत ने कहा कि पर्यटन और आतिथ्य उद्योग आज विश्व के सबसे तेजी से विकसित होते क्षेत्रों में शामिल है, जहां कुशल एवं प्रशिक्षित मानव संसाधन की निरंतर मांग बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप विश्वविद्यालय रोजगारोन्मुखी एवं उद्योग आधारित पाठ्यक्रमों को बढ़ावा दे रहा है, ताकि विद्यार्थी बदलती वैश्विक आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकें।

पर्यटन एवं आतिथ्य विभाग द्वारा संचालित पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को पर्यटन, ट्रैवल, हॉस्पिटैलिटी, इवेंट मैनेजमेंट, मेडिकल टूरिज्म और एग्रो टूरिज्म जैसे उभरते क्षेत्रों में उत्कृष्ट करियर बनाने का अवसर प्रदान करेंगे।

विभागाध्यक्ष डॉ. अनुकृति शर्मा ने बताया कि विभाग में तीन वर्षीय बैचलर ऑफ टूरिज्म एंड ट्रैवल मैनेजमेंट (BTTM) में 30 तथा दो वर्षीय मास्टर ऑफ टूरिज्म एंड ट्रैवल मैनेजमेंट (MTTM) में 20 सीटों पर प्रवेश दिए जाएंगे।

इसके अतिरिक्त एक वर्षीय पीजी डिप्लोमा इन एग्रो टूरिज्म, पीजी डिप्लोमा इन मेडिकल टूरिज्म तथा पीजी डिप्लोमा इन इवेंट मैनेजमेंट जैसे विशेषीकृत पाठ्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें प्रत्येक में 10-10 सीटें उपलब्ध हैं।

उन्होंने बताया कि एग्रो टूरिज्म पाठ्यक्रम ग्रामीण पर्यटन और कृषि आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देने पर केंद्रित है, जबकि मेडिकल टूरिज्म पाठ्यक्रम स्वास्थ्य सेवाओं और पर्यटन प्रबंधन के समन्वय से उभरते रोजगार क्षेत्रों के लिए विद्यार्थियों को तैयार करता है। वहीं इवेंट मैनेजमेंट पाठ्यक्रम कॉर्पोरेट कार्यक्रमों, सांस्कृतिक आयोजनों, विवाह समारोहों और बड़े आयोजनों के सफल संचालन की व्यावसायिक दक्षता विकसित करता है।

प्रो. शर्मा ने कहा कि विभाग में विद्यार्थियों को आधुनिक पाठ्यक्रम के साथ इंडस्ट्री ओरिएंटेड प्रैक्टिकल ट्रेनिंग, फील्ड विजिट, इंटर्नशिप, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों में सहभागिता तथा देश-विदेश के शैक्षणिक भ्रमण के अवसर उपलब्ध कराए जाते हैं। इसके साथ ही प्रतिष्ठित पर्यटन, होटल एवं हॉस्पिटैलिटी संस्थानों में प्लेसमेंट और करियर मार्गदर्शन की सुविधाएं भी प्रदान की जाती हैं।

नए कोटा में दवा इंडिया का नया मेडिकल स्टोर खुला, मिलेंगी सस्ती जेनेरिक दवाइयां

कोटा। न्यू राजीव गांधी नगर क्षेत्र में दवा इंडिया के नए मेडिकल स्टोर का शुभारंभ बुधवार को कोटा व्यापार महासंघ के अध्यक्ष क्रांति जैन, महासचिव अशोक माहेश्वरी एवं दी एस एस आई एसोसियेशन के संस्थापक अध्यक्ष गोविंदराम मित्तल द्वाराफीता काटकर किया गया।

मेडिकल स्टोर के संचालक विजय अग्रवाल ने बताया कि दवा इंडिया द्वारा देशभर में 2,000 से अधिक जेनेरिक दवाइयों के मेडिकल स्टोर संचालित किए जा रहे हैं। जहाँ विभिन्न बीमारियों की गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाइयाँ आमजन को किफायती दरों पर उपलब्ध कराई जाती हैं।

उन्होंने कहा कि न्यू कोटा के कोचिंग क्षेत्र में इस नए मेडिकल स्टोर के खुलने से बाहर से अध्ययन हेतु आने वाले हजारों कोचिंग विद्यार्थियों के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों को भी सभी बीमारियों की जेनेरिक दवाएं उचित एवं सस्ती कीमत पर आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी।