Thursday, June 11, 2026
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फायरिंग केस में खान सर की गिरफ्तारी पर रोक, कोर्ट से अंतरिम राहत

नई दिल्ली। Khan Sir Arrest Stay : पटना कोर्ट ने कोचिंग फायरिंग केस में फैजल खान उर्फ खान सर की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है। जिला जज की अदालत ने सोमवार को खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद फैसला रिजर्व कर लिया था, जो आ गया है।

अदालत ने खान सर के मामले की केस डायरी के साथ-साथ उनका आपराधिक इतिहास पुलिस से पेश करने कहा है और अब इस पर अगली सुनवाई 30 जून को होगी। किसी भी कोर्ट में आम तौर पर जमानत की अर्जी दायर होने पर पुलिस से केस डायरी और आरोपी की क्रिमिनल हिस्ट्री मांगी जाती है। खान सर को अग्रिम जमानत नहीं मिली है, लेकिन गिरफ्तारी पर रोक लगने से उनकी चिंता और मुश्किलें दोनों कम हो गई हैं।

बता दें कि 2 जून की रात पटना में खान सर के कोचिंग सेंटर खान ग्लोबल स्टडीज पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया था, जिसके आरोप में ज्ञान बिंदु कोचिंग के मालिक रौशन आनंद सर जेल में बंद हैं।

हमले के दौरान खान सर के दो गार्ड द्वारा हवाई फायरिंग का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने दोनों गार्ड को अरेस्ट कर जेल भेज दिया था और बाद में खान सर पर भी मुकदमा दर्ज कर लिया था। तब से खान सर पुलिस की पहुंच से दूर रहकर गिरफ्तारी से न्यायिक राहत के इंतजार में थे।

खान सर के कहने पर ही गार्ड ने चलाई गोली; FIR में गैर जमानती धारा; कोर्ट ना रोके तो अरेस्ट तय

अदालत ने खान सर पर पुलिस द्वारा किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई करने पर रोक लगाई है। इसका व्यावहारिक मतलब यह हुआ कि खान सर की गिरफ्तारी पर फिलहाल कोर्ट से रोक लग गई है। अदालत ने पुलिस से कहा है कि वो खान सर का आपराधिक इतिहास और इस केस की डायरी भी कोर्ट में पेश करे। खान सर की अग्रिम जमानत अर्जी पर अब अगली सुनवाई 30 जून को होगी।

पुलिस ने हत्या का प्रयास और आर्म्स ऐक्ट की धाराओं के तहत खान सर पर मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद से खान सर गायब थे। खान सर को पकड़ने पुलिस कोचिंग सेंटर भी गई थी, लेकिन वहां मिले नहीं। त

ब से इस तरह की अटकलें थीं कि खान सर वकील के जरिए अग्रिम जमानत याचिका दायर कर सकते हैं या कोई उपाय ना दिखे तो सीधे कोर्ट में सरेंडर कर सकते हैं। सोमवार को खान सर की जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद अदालत ने अपन फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब खान सर को अदालत से बड़ी राहत मिल गई है।

JOSAA: सीट अलॉटमेंट राउंड 1 का रिजल्ट जारी, 3790वीं रैंक वाले को मिली IIT कानपुर

नई दिल्ली। बीटेक में दाखिले के लिए जोसा काउंसलिंग 2026 का मॉक सीट अलॉटमेंट राउंड 1 का रिजल्ट जारी हो गया है। आईआईटी, एनआईटी और ट्रिपल आईटी में दाखिले के लिए तगड़ी डिमांड देखने को मिली है।

जोसा काउंसलिंग के पहले राउंड के मॉक अलॉटमेंट में 168615 अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया और 2 करोड़ से अधिक सीटों और कॉलेज के चॉइस फिलिंग किए गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक एक छात्र को जईई एडवांस्ड की ऑल इंडिया रैंक 3790 पर आईआईटी कानपुर में बीटेक केमिकल इंजीनियरिंग ब्रांच मिल गई है।

वहीं आईआईटी कानपुर से आर्टिफिशिल इंटेलिजेंस (एआई) बीटेक की ब्रांच 4955 पर भी नहीं मिली है। हालांकि इस रैंक पर एआई बीटेक की ब्रांच आईआईटी जोधपुर में मिल गई है। आपको बता दें कि देश के 23 आईआईटी, आईआईईएसटी शिबपुर, 31 एनआईटी, 26 ट्रिपल आईटी और 56 जीएफटीआई सहित कुल 138 इंजीनियरिंग संस्थानों में वर्ष 2026-27 के दाखिले जोसा काउंसलिंग से होंगे। इस बार आईआईएससी बेंगलुरु में दाखिला जोसा काउंसलिंग से होगा। जोसा काउंसलिंग कुल छह राउंड में होगी जिसमें 5 सामान्य राउंड होंगे और एक एडिश्नल राउंड होगा।

10 जून को मॉक अलॉटमेंट-2 का परिणाम जारी होगा
उम्मीदवारों को संभावित सीट नतीजों को समझने और सोच-समझकर फैसले लेने में मदद करने के लिए बाद में दूसरा मॉक अलॉटमेंट भी जारी किया जाएगा। इसके बाद चॉइसेज के क्रम को बदलने के लिए 11 जून तक का समय है।

जोसा काउंसलिंग के पहले तीन राउंड की अहम तिथियां

  • 8 जून, 2026 : उम्मीदवारों द्वारा भरी गई चॉइस के आधार पर मॉक सीट आवंटन-1 ।
  • 10 जून, 2026 : मॉक सीट आवंटन-2 ; उम्मीदवार अपनी चॉइस लॉक कर सकते हैं।
  • 11 जून, 2026 : रजिस्ट्रेशन और चॉइस फिलिंग समाप्त (चॉइस अपने आप लॉक हो जाएंगी); सीट स्वीकृति शुल्क का पूर्व-भुगतान और दस्तावेज प्री-अपलोड समाप्त।
  • 12 जून, 2026: JoSAA द्वारा डेटा का मिलान और सत्यापन।

राउंड 1:

  • 13 जून, 2026 (10:00): पहले राउंड का सीट अलॉटमेंट रिजल्ट जारी होगी
  • 13 जून से 26 जून, 2026 (17:00 तक): ऑनलाइन रिपोर्टिंग (फीस भुगतान, दस्तावेज अपलोड)।
  • 26 जून, 2026 (17:00 तक): फीस भुगतान की अंतिम तिथि (राउंड 1)।
  • 29 जून, 2026 (13:00 तक): भुगतान के प्रयास करने वाले उम्मीदवारों के लिए फीस भुगतान संबंधी समस्याओं का समाधान।

राउंड 2: 30 जून, 2026 (17:00): सीट अलॉटमेंट रिजल्ट

  • 30 जून से 3 जुलाई, 2026 (17:00 तक): ऑनलाइन रिपोर्टिंग (फीस भुगतान, दस्तावेज अपलोड, प्रश्नों के उत्तर)।
  • 1 जुलाई (10:00) से 3 जुलाई, 2026 (17:00 तक): सीट वापस लेने / सीट आवंटन प्रक्रिया से बाहर निकलने की शुरुआत।
  • 3 जुलाई, 2026 (17:00 तक): फीस भुगतान की अंतिम तिथि (राउंड 2)।
  • 4 जुलाई, 2026 (17:00 तक): फीस भुगतान संबंधी समस्याओं का समाधान (राउंड 2)।

राउंड 3:

6 जुलाई, 2026 (17:00): थर्ड सीट अलॉटमेंट रिजल्ट (राउंड 3)।

  • 6 जुलाई से 8 जुलाई, 2026 (17:00 तक): ऑनलाइन रिपोर्टिंग (फीस भुगतान, दस्तावेज अपलोड )।
  • 7 जुलाई (10:00) से 8 जुलाई, 2026 (17:00 तक): सीट वापस लेने / एग्जिट प्रक्रिया की शुरुआत (राउंड 3)।
  • 8 जुलाई, 2026 (17:00 तक): फीस भुगतान की अंतिम तिथि (राउंड 3)।
  • 9 जुलाई, 2026 (17:00 तक): फीस समस्याओं का समाधान; निकासी और अन्य प्रश्नों का उत्तर देने का अंतिम दिन।

आवश्यक दस्तावेज, कर लें ये डॉक्यूमेंट तैयार
जोसा काउंसिलिंग में सीट आवंटन के बाद विद्यार्थियों को ऑनलाइन रिपोर्टिंग में 10वीं, 12वीं की अंकतालिका, जेईई मेन/एडवांस्ड एडमिट कार्ड, कैटेगरी सर्टिफिकेट, कैंसिल चैक की फॉटोकॉपी, मेडिकल सर्टिफिकेट आदि स्कैन कर अपलोड करने होंगे। ईडब्ल्यूएस एवं ओबीसी के विद्यार्थियों को एक अप्रैल 2026 के बाद का कैटेगरी सर्टिफिकेट देना होगा।

Market: पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीद में सेंसेक्स 500 अंक से अधिक उछलकर खुला

नई दिल्ली। Stock Market Opened: पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीद में आज एशियाई बाजार में तेजी आई है। इसका असर घरेलू शेयर बाजार पर भी दिख रहा है। बीएसई का 30 शेयरों वाला बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 511 अंकों की उछाल के साथ 74035 के लेवल पर खुला।

जबकि, एनएसई के 50 शेयरों वाले सूचकांक निफ्टी ने शतक के साथ मंगलवार के कारोबार की शुरुआत की। निफ्टी 136 अंक ऊपर 23259 के लेवल पर खुलने में कामयाब रहा। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स में 350 अंक से अधिक तेजी आई है।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी50 इंडेक्स 100 अंक ऊपर कारोबार कर रहा है। इस बीच रुपया डॉलर के मुकाबले 0.25% ऊपर 95.4650 पर खुला। पिछले सत्र में यह 95.7075 पर बंद हुआ था।

सुबह 9.23 बजे सेंसेक्स 357.82 अंक यानी 0.49% तेजी के साथ 73,882.08 अंक पर ट्रेड कर रहा था। निफ्टी भी 113.95 अंक यानी 0.49% ऊपर 23,236.95 अंक पर पहुंच गया।

सभी सेक्टर्स में तेजी दिख रही है। सेंसेक्स के 30 में से 29 शेयर तेजी के साथ खुले। इंडिगो और ट्रेंट में एक फीसदी से अधिक तेजी रही। इसके अलावा बजाज फाइनेंस, इटरनल, आईसीआईसीआई बैंक, टीसीएस, भारती एयरटेल, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एशियन पेंट्स, एक्सिस बैंक, लार्सन एंड टुब्रो और आईटीसी में अच्छी तेजी रही। दूसरी ओर केवल अल्ट्राटेक सीमेंट का शेयर मामूली गिरावट के साथ खुला।

निफ्टी में ट्रेंट, इंटरग्लोब एविएशन और ग्रासिम इंडस्ट्रीज में सबसे ज्यादा तेजी रही। ब्रॉडर मार्केट्स में निफ्टी मिडकैप में 0.83 फीसदी तेजी आई है जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 0.63 फीसदी तेजी के साथ काम कर रहा है। सेक्टरवाइज देखें तो निफ्टी रियल्टी, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और निफ्टी बैंक में तेजी आई है। दूसरी ओर निफ्टी आईटी में गिरावट आई है।

ग्लोबल मार्केट के संकेत

एशियाई बाजार
वॉल स्ट्रीट पर टेक मार्केट में रातोंरात बढ़त के बाद एशियाई बाजारों में मंगलवार को तेजी रही। जापान का निक्केई 225 0.1% बढ़ा, जबकि टॉपिक्स 0.27% बढ़ा। दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 3.31% की तेजी आई, जबकि कोस्डैक ने 4% की छलांग लगाई। हांगकांग हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स ने कम खुलने का संकेत दिया।

वॉल स्ट्रीट का हाल
अमेरिकी शेयर बाजार सोमवार को मिश्रित रूप से समाप्त हुआ, जिसमें शॉर्ट-कवरिंग के बीच चिप निर्माताओं में लाभ हुआ। डॉऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 80 अंक या 0.16% गिरकर 50,786 पर आ गया, जबकि एसएंडपी 500 21 अंक या 0.30% बढ़कर 7,405 पर पहुंच गया। नैस्डैक कंपोजिट 220 अंक या 0.86% बढ़कर 25,929 पर बंद हुआ।

अमेरिका-ईरान तनाव पर नजर
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेशकों की निगाहें अमेरिका-ईरान और इजरायल से जुड़े घटनाक्रमों पर टिकी हैं। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक ईरान और इजरायल ने हमले रोकने पर सहमति जताई है, हालांकि तेहरान ने चेतावनी दी है कि यदि लेबनान में हिजबुल्लाह पर हमले जारी रहे तो वह फिर सैन्य कार्रवाई कर सकता है।

माया रूपी संसार में रहें, पर जीवन की नाव में माया को न आने दें

धरणीधर गार्डन में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन

​कोटा। श्री धरणीधर जन सेवा संस्थान एवं समस्त धाकड़ समाज, कोटा के संयुक्त तत्वावधान में विनोबाभावे नगर स्थित श्री धरणीधर गार्डन में सात दिवसीय भव्य ‘श्रीमद्भागवत कथा एवं रासलीला महोत्सव’ का आयोजन किया जा रहा है।

कथा के द्वितीय दिवस पर श्रद्धालु भक्तों को कथा का रसपान कराते हुए सुप्रसिद्ध प्रवचन सेवक पं. हरिओम बनेठ वाले ने जीवन और मृत्यु के गूढ़ रहस्यों को अत्यंत सरल रूप में समझाया।

​द्वितीय दिवस की कथा का सार प्रस्तुत करते हुए महाराज ने कहा कि प्रत्येक मनुष्य को इस नश्वर संसार के बंधनों से मुक्त होने का प्रयास करना चाहिए। यदि हम रति भर भी संसार में लिप्त रहे और मौत आ गई, तो अंत समय में हमारा मन जिसमें अटका रहेगा।

उसे पाने के लिए हमें दोबारा इस मृत्युलोक में जन्म लेना पड़ेगा। इसलिए मौत आने से पहले ही इंसान को सावधान होकर सबसे परे (मोह-मुक्त) हो जाना चाहिए।

​उन्होंने जीवन का एक अनुपम सूत्र देते हुए कहा कि हमारी जीवन रूपी नाव भले ही माया (संसार) के पानी में रहे, लेकिन उस जीवन की नाव के भीतर माया का पानी नहीं घुसना चाहिए। तभी जीवन सुरक्षित पार लगेगा।

​कथावाचक ने व्यावहारिक जीवन दर्शन समझाते हुए कहा कि यदि गृहस्थी को ठीक से चलाना है, तो एक निश्चित समय सारणी बनाएं। सुबह समय से उठकर सबसे पहले भगवान को समय दें, फिर माता-पिता, बेटा-बेटी और अपने काम-धंधे व परिवार को समय दें।

उन्होंने भक्तों को नियम दिया कि दिन में एक बार पास के मंदिर जरूर जाएं और घर के ठाकुर जी के तीन बार दर्शन करें। वर्ष में चार कथाएं सुनें। मंदिर और कथा में जाकर भगवान की नजरों में रोज आएं।

​महाराज जी ने कलयुग की महिमा गाते हुए कहा कि भवसागर से पार उतरने के लिए कलयुग से श्रेष्ठ कोई युग नहीं है। यहाँ कठिन जतन या तप की अग्नि की आवश्यकता नहीं है, बल्कि भगवान का नाम ही तरने के लिए काफी है।

​संस्थान के कोषाध्यक्ष महावीर नागर अंथेड़ा ने बताया कि प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से अपराह्न 3 बजे तक संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा में अमृत वर्षा हो रही है।

वहीं, प्रतिदिन रात्रि को वृंदावन के ख्यातिप्राप्त कलाकार हरिवल्लभ शर्मा ‘छोटे ठाकुर’ महाराज के निर्देशन में दिव्य रासलीला का मंचन किया जा रहा है। जिसमें भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और महारास के सजीव प्रसंगों को देखकर भक्त भावविभोर हो रहे हैं।

युवाओं को नेतृत्व प्रशिक्षण से मिलती है सफलता की नई दिशा: सीए प्रीतम

कोटा। युवा नेतृत्व, व्यक्तित्व विकास एवं सामाजिक सेवा के क्षेत्र में सक्रिय जेसीआई कोटा अचीवर्स की अर्द्ध वार्षिक जनरल बोर्ड मीटिंग उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। 21 से 31 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं की इस संस्था की बैठक में सदस्यों की उल्लेखनीय भागीदारी रही तथा आगामी योजनाओं पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए अध्यक्ष अक्षत बाबरिया जैन ने संस्था द्वारा गत छह माह में संचालित गतिविधियों एवं उपलब्धियों का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि संगठन ने एचआईवी प्रभावित बच्चों सहित जरूरतमंद परिवारों को राशन वितरण, भीषण गर्मी के दौरान सड़क एवं फुटपाथ पर कार्यरत वेंडरों को स्टील की पानी की बोतलों का वितरण तथा अन्य अनेक जनसेवा प्रकल्प सफलतापूर्वक संचालित किए हैं।

उन्होंने बताया कि आगामी दिनों में होने वाली राजस्थान जेसीआई मिडकॉन कॉन्फ्रेंस में जेसीआई कोटा अचीवर्स के 25 सदस्य भाग लेंगे, जहां उन्हें नेतृत्व विकास एवं व्यक्तित्व निर्माण से संबंधित विभिन्न प्रशिक्षण प्राप्त होंगे। उन्होंने आगामी छह माह में आयोजित किए जाने वाले समाजसेवी एवं कौशल विकास कार्यक्रमों के लिए सदस्यों से सुझाव भी आमंत्रित किए।

सचिव प्रीत लड्डा ने संगठन की प्रशासनिक गतिविधियों एवं भावी कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत की, जबकि सह-कोषाध्यक्ष रचित जैन ने संस्था का आय-व्यय विवरण सदन के समक्ष रखा। बैठक में विभिन्न विभागों एवं प्रोजेक्ट डायरेक्टर्स ने अपने-अपने प्रकल्पों की प्रगति रिपोर्ट एवं भविष्य की कार्ययोजनाओं का प्रस्तुतीकरण किया।

मुख्य अतिथि सीए प्रीतम गोस्वामी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि समाज सेवा और नेतृत्व विकास के माध्यम से राष्ट्र को सक्षम, जागरूक एवं जिम्मेदार युवा नेतृत्व प्रदान किया जा सकता है।

उन्होंने जेसीआई द्वारा प्रदान किए जाने वाले नेतृत्व प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि ऐसे प्रशिक्षण जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आत्मविश्वास, संवाद कौशल और निर्णय क्षमता को सुदृढ़ बनाते हैं। उन्होंने जेसीआई के उद्देश्यों एवं मूल्यों की जानकारी देते हुए संस्था द्वारा किए जा रहे सामाजिक एवं व्यक्तित्व विकास संबंधी कार्यों की सराहना की।

कोटा के सीए अनंत लड्डा को मिला ‘यूथ फॉर विकसित भारत’ सम्मान

नई दिल्ली/कोटा। शिक्षा नगरी कोटा के युवा वित्तीय कंटेंट क्रिएटर अनंत लड्डा ने एक बार फिर शहर और प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। दिल्ली के त्यागराज स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित “यूथ फॉर विकसित भारत” में उन्हें वित्तीय जागरूकता से जुड़े उत्कृष्ट डिजिटल कंटेंट निर्माण के लिए राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया।

यह सम्मान केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता तथा प्रसिद्ध अभिनेता विक्रांत मैसी ने प्रदान किया।

देशभर से चयनित मात्र नो कंटेंट क्रिएटर्स को इस प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा गया, जिनमें राजस्थान से सम्मानित होने वाले अनंत लड्डा एकमात्र प्रतिनिधि रहे।

Forbes 30 Under 30 एशिया 2025 में भी दर्ज है नाम
अनंत लड्डा भारत के अग्रणी वित्तीय कंटेंट क्रिएटर्स में गिने जाते हैं। सोशल मीडिया पर उनके तीन मिलियन से अधिक फॉलोअर्स हैं। वे चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA), चार्टर्ड फाइनेंशियल एनालिस्ट (CFA) और सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर (CFP) हैं। उनके विचारों को देश के प्रमुख मीडिया प्रकाशनों में नियमित रूप से स्थान मिलता है। इससे पूर्व वे प्रतिष्ठित Forbes 30 Under 30 Asia 2025 सूची में भी अपना नाम दर्ज करा चुके हैं।

सम्मान को बताया जिम्मेदारी का प्रतीक
सम्मान प्राप्त करने के बाद अनंत लड्डा ने कहा कि हजारों युवाओं की उपस्थिति में यह पुरस्कार पाना उनके लिए महज एक पुरस्कार नहीं, बल्कि डिजिटल कंटेंट की शक्ति और प्रभाव की जिम्मेदारी का स्मरण है। उन्होंने कहा कि आज कंटेंट क्रिएशन केवल वीडियो, व्यूज और फॉलोअर्स तक सीमित नहीं रहा। यह शिक्षित करने, जागरूकता फैलाने, आत्मविश्वास बढ़ाने और सूचना तथा जनसामान्य के बीच सेतु बनने का माध्यम बन चुका है।

CPR Awareness: डॉ. गोयल ने सीपीआर प्रशिक्षण देकर सिखाए जीवन बचाने के गुर

कोटा। Heart Care and CPR Awareness Program: समग्र दिगम्बर जैन बघेरवाल सामाजिक संस्था, कोटा एवं समग्र दिगम्बर जैन बघेरवाल महिला प्रकोष्ठ, कोटा के संयुक्त तत्वावधान में दिगम्बर जैन मंदिर, तलवंडी में “हार्ट केयर एवं सीपीआर अवेयरनेस प्रोग्राम” का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में हृदय स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा आपातकालीन परिस्थितियों में जीवनरक्षक तकनीकों की जानकारी प्रदान करना रहा।

संस्था अध्यक्ष राजेन्द्र ताथेडिया ने बताया कि कार्यक्रम में हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. साकेत गोयल ने हृदय संबंधी बीमारियों, हार्ट अटैक के प्रारंभिक लक्षणों, बचाव के उपायों तथा स्वस्थ जीवनशैली के महत्व पर विस्तृत जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार, व्यायाम और समय पर चिकित्सा परामर्श के माध्यम से हृदय रोगों के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष सीमा हरसोरा ने बताया कि डॉ. गोयल ने आपातकालीन परिस्थितियों में सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए डमी मॉडल के माध्यम से इसका व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया।

उपस्थित जनों ने सीपीआर की प्रक्रिया को समझा तथा इससे संबंधित विभिन्न जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। विशेषज्ञों ने बताया कि समय पर दिया गया सीपीआर किसी व्यक्ति का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

संस्था सचिव रमेश ठग ने मुख्य वक्ता एवं सभी उपस्थित सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के जनजागरूकता कार्यक्रम समाज के लिए अत्यंत उपयोगी हैं और भविष्य में भी ऐसे आयोजन निरंतर किए जाते रहेंगे।

कार्यक्रम में संस्था के केंद्रीय अध्यक्ष सुरेश हरसोरा, पूर्व केंद्रीय महामंत्री नरेश सुरलाया, अनिल ठोरा, अजय जैन सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष सदस्य उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में सीमा हरसोरा, सचिव रमेश ठग, प्रियंका हरसोरा, कोषाध्यक्ष जिनेंद्र दुगेरिया, सीमा बागड़िया एवं संस्था के अन्य सदस्यों का विशेष सहयोग रहा।

समापन अवसर पर तलवंडी जैन मंदिर के अध्यक्ष अशोक पहाड़िया एवं चंद्रप्रकाश हरसोरा ने हृदय स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने तथा आवश्यकता पड़ने पर सीपीआर का प्रभावी उपयोग कर मानव जीवन बचाने का संकल्प व्यक्त किया।

टेलरिंग कर बेटे को पढ़ाया, बेटा जिगर बनेगा गांव का पहला आईआईटीयन

बेटे का कॅरियर संवारने के लिए एक मां का अटूट संघर्ष, जो बना मिसाल

कोटा। कॅरियर एवं केयर सिटी कोटा का एक बार फिर सामाजिक बदलाव में योगदान सामने आया है। कहानी ओडिशा के गंजम जिले के छोटे से गांव बाकलीकोड़ा की है। यहां एक मां ने धागा-धागा जोड़ कर अपने बेटे का जीवन बनाया है।

अपने जिगर के टुकड़े के लिए हर संघर्ष किया और बेटे का कॅरियर बनाकर गांव और परिवार का नाम रोशन किया है।  कोटा में दो साल रहकर कॅरियर बनाने वाले एलन स्टूडेंट जिगर नायक ने जेईई-एडवांस्ड में ऑल इंडिया रैंक 5474 एवं ओबीसी-एनसीएल कैटेगिरी रैंक 1201 है तथा जेईई-मेन में ऑल इंडिया रैंक 17783 और ओबीसी-एनसीएल कैटेगिरी रैंक 4597 हासिल की है। इससे पूर्व 10वीं कक्षा में 95 प्रतिशत और 12वीं कक्षा में 87 प्रतिशत अंक प्राप्त किए।

जिगर नायक की कहानी संघर्ष, त्याग और सपनों की ऐसी मिसाल है, जो हर किसी के लिए प्रेरणास्रोत है। जिगर और उसकी मां अपूर्वा ने आर्थिक तंगी, पिता का साया उठ जाना और जिम्मेदारियों के बोझ के बावजूद जिगर ने हार नहीं मानी। अपने सपनों को साकार करने के लिए वह कोटा आया और एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट में एडमिशन लिया। यहां दो साल कड़ी मेहनत करने के बाद आखिरकार उसे सफलता मिली और जिगर अब अपने गांव और परिवार का पहला आईआईटीयन बनने जा रहा है।

जिगर के पिता जूरीनाथ गुजरात में टेक्सटाइल इंडस्ट्री में काम करते थे। सब कुछ अच्छा चल रहा था कि अचानक उसके पिता को कैंसर से ग्रस्त होने का पता चला। काफी इलाज कराया जिसमें परिवार की सारी जमा पूंजी खर्च हो गई। वर्ष 2020 में जिगर के पिता का निधन हो गया। घर की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर थी और पिता के जाने के बाद परिवार पूरी तरह बिखर गया। लेकिन मां अपूर्वा नायक ने हालात के आगे घुटने नहीं टेके। उन्होंने तय कर लिया कि चाहे कितनी भी मुश्किलें आएं, बेटे के सपने को टूटने नहीं देंगी।

परिवार के साथ पढ़ाई की जिम्मेदारी
जिगर की मां अपूर्वा ने परिवार संभालने के साथ-साथ बेटे की पढ़ाई की जिम्मेदारी भी उठाई। उन्होंने गोल्ड लोन लिया और घर-घर से सिलाई का काम लेकर टेलरिंग शुरू की। दिनभर सिलाई मशीन पर मेहनत कर वे घर का खर्च चलातीं और जिगर की पढ़ाई के लिए पैसे जोड़तीं। कई बार आर्थिक परेशानियां इतनी बढ़ जाती थीं कि घर चलाना मुश्किल हो जाता था, लेकिन मां ने कभी बेटे को इसका एहसास नहीं होने दिया।

सोशल मीडिया से मिली जेईई की जानकारी
जिगर ने बताया कि 10वीं कक्षा तक उसे जेईई परीक्षा के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। सोशल मीडिया पर इंजीनियरिंग और जेईई एग्जाम से जुड़ी वीडियो देखने के बाद उसे पहली बार इस परीक्षा के बारे में पता चला। तभी उसके मन में आईआईटीयन बनने का सपना जागा। उसने तय किया कि वह पढ़ाई के दम पर अपनी मां की जिंदगी बदलकर रहेगा। इसके बाद जिगर कोटा आया और पिछले दो वर्षों तक एलन में रेगुलर क्लासरूम स्टूडेंट के रूप में जेईई की तैयारी की। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उसे 11वीं और 12वीं कक्षा में फीस में छूट भी मिली।

परिवार के भविष्य के लिए मेहनत
जिगर का एक छोटा भाई भी है, जो फिलहाल सातवीं कक्षा में पढ़ रहा है। जिगर ने बताया कि मैं सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि अपने पूरे परिवार के भविष्य के लिए मेहनत कर रहा है। मैं चाहता हूं कि आईआईटी पूरी करने के बाद मेरी मां को संघर्ष न करना पड़े और छोटे भाई की पढ़ाई भी बिना किसी परेशानी के पूरी हो सके।

यह समाज को दिशा देने वाला प्रयास
एलन के निदेशक नवीन माहेश्वरी ने कहा कि ऐसी कहानियां समाज के लिए प्रेरणा साबित होती हैं, जिनमें विद्यार्थी के साथ-साथ अभिभावकों का भी संघर्ष साथ है। ऐसे संदेश जब समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचते हैं तो सामाजिक बदलाव के प्रयास सामने आते हैं। हम चाहते हैं कि पढ़ाई में किसी के भी कोई बाधा नहीं आए और प्रतिभावान विद्यार्थियों को अपनी योग्यता के अनुसार उचित स्थान मिले।

Kota Mandi: प्लांटों की लिवाली से कोटा मंडी में सोयाबीन 250 रुपये उछली

कोटा। Kota Mandi Price Today: भामाशाह अनाज मंडी में सोमवार को घटे भावों पर प्लांटों की लिवाली से सोयाबीन 250 रुपये उछल गई। मंडी में सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब 50 हजार कट्टे और लहसुन की 15000 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे-

गेहूं नया मिल लस्टर 2300 से 2400, गेहूं एवरेज टुकड़ी 2400 से 2525, बेस्ट टुकड़ी 2520 से 2601, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 1800 से 2050, मक्का लाल 1700 से 1900, मक्का सफेद 1600 से 2200, जौ नया 2100 से 2450 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा 2800 से 3201, धान (1509) 3400 से 3650, धान (1847) 3200 से 3601, धान (1718-1885) 3800 से 4000, धान (पूसा-1) 3000 से 3800, धान (1401-1886) 3600 से 3850, धान दागी 1500 से 3000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 6000 से 6650, सोयाबीन बेस्ट क्वालिटी 6650 से 6871, सरसो 7000 से 7930, अलसी 8000 से 9050, तिल्ली 7000 से 8500 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 6000 से 7400, उड़द 4500 से 6800, चना 5200 से 5520, चना मौसमी नया 5100 से 5500, चना पेप्सी 5100 से 5701, चना डंकी पुराना 4000 से 4600, चना काबुली 5500 से 7000 रुपये प्रति क्विंटल।

लहसुन 4400 से16000, ऊटी लहसुन 16000 से 17500, मैथी नयी 5800 से 6600, धनिया बादामी 11000 से 11400, धनिया ईगल 11500 से 12000, धनिया रंगदार 13000 से 14500 रुपये प्रति क्विंटल।

विवाह पूर्व सहमति से शारीरिक संबंध बनाना चरित्र पर दाग नहीं: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली। देश की सर्वोच्च अदालत ने हाल ही में कहा है कि अगर दो अविवाहित वयस्क आपसी सहमति से शारीरिक संबंध बनाते हैं तो वह उन दोनों में से किसी के भी चरित्र पर काला धब्बा बताने का आधार नहीं हो सकता है।

कोर्ट ने दो टूक कहा कि उनके आपसी रिश्ते किसी व्यक्ति के चरित्र के बारे में गलत राय बनाने का कारण और आधार नहीं हो सकते हैं। जस्टिस मनमोहन और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने यह भी कहा कि हर रिश्ता शादी में नहीं बदलता और सिर्फ़ इसलिए कि कोई रिश्ता शादी में नहीं बदला, यह नतीजा नहीं निकाला जा सकता कि एक पक्ष ने दूसरे को धोखा दिया है।

पीठ ने यह टिप्पणी तेलंगाना राज्य स्तरीय पुलिस भर्ती बोर्ड को एक ऐसे उम्मीदवार की नियुक्ति का निर्देश देते हुए की, जिसका पुलिस कांस्टेबल पद पर चयन एक असफल प्रेम संबंध से जुड़े आपराधिक मामले में संलिप्तता के कारण रद्द कर दिया गया था।

पीठ ने कहा, ”दो अविवाहित वयस्कों के बीच सहमति से बने शारीरिक संबंध उस संबंध में शामिल लोगों के चरित्र के बारे में प्रतिकूल धारणा बनाने का आधार नहीं हो सकता और न ही होना चाहिए। ऐसा कोई कानून नहीं है जो दो अविवाहित वयस्कों को सहमति से अपनी पसंद का संबंध रखने से रोकता हो।”

इसके अलावा, कोर्ट ने यह भी साफ किया कि शादी के वादे पर रेप के मामले में लोक अदालत के सामने समझौता करने का मतलब अपराध कबूल करना नहीं है। साथ ही, अगर रिकॉर्ड में ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे पता चले कि पीड़िता पर समझौता करने के लिए दबाव डाला गया था, तो नियोक्ता (employer) ऐसे समझौते से कोई गलत नतीजा नहीं निकाल सकता।

शीर्ष अदालत ने मामले में पीड़ित उम्मीदवार द्वारा दायर अपील को स्वीकार कर लिया और तेलंगाना हाई कोर्ट के एकल न्यायाधीश के उस आदेश को बरकरार रखा जिसमें ‘स्टाइपेंडरी कैडेट ट्रेनी पुलिस कांस्टेबल’ के पद पर उसकी नियुक्ति पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया गया था।

तेलंगाना राज्य स्तरीय पुलिस भर्ती बोर्ड ने उनकी नियुक्ति इस आधार पर रद्द कर दी थी कि 2014 में उनके खिलाफ शादी का झांसा देकर बलात्कार करने का जो मामला दर्ज किया गया था, वह नैतिक पतन को दर्शाता है।

क्या है मामला
यह मामला पड़ोसी के साथ संबंध से जुड़ा है और दोनों पक्षों के बीच समझौता होने के बाद 2015 में लोक अदालत में इसका निपटारा हो गया था। आईपीसी की धारा 376 के तहत कोई आरोप नहीं लगाया गया था। मामले का जिक्र करते हुए उच्चतम न्यायालय ने कहा कि अपीलकर्ता और पीड़िता पड़ोसी थे और लगभग चार साल तक उनके बीच संबंध थे। पीठ ने कहा, ”हर रिश्ता शादी में तब्दील नहीं होता। इसलिए, सिर्फ इसलिए कि रिश्ता शादी में तब्दील नहीं हुआ, यह मानने का कोई आधार नहीं है कि एक पक्ष ने दूसरे को धोखा दिया है।”

पीठ ने यह भी कहा, ”यदि यह समझौता करने के लिए बल प्रयोग या धमकी का मामला होता, तो प्रतिवादी अनुशासित बल में नियुक्ति के लिए अपीलकर्ता की उपयुक्तता पर निर्णय लेने में न्यायसंगत होता।

हालांकि, यहां ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे यह निष्कर्ष निकाला जा सके कि पीड़िता पर समझौता थोपा गया था।” शीर्ष अदालत ने कहा कि आपराधिक न्यायशास्त्र में, जब तक किसी अदालत में आरोप सिद्ध नहीं हो जाता, तब तक निर्दोष होने की धारणा बनी रहती है।