Saturday, May 9, 2026
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कोटा में रोबोटिक घुटना एवं कूल्हा प्रत्यारोपण संबंधी परामर्श 9 मई को

कोटा। Business Promotion News: हड्डी एवं जोड़ रोगों से पीड़ित मरीजों को अत्याधुनिक उपचार सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में शहर में रोबोटिक घुटना एवं कूल्हा प्रत्यारोपण ओपीडी का आयोजन किया जा रहा है। यह विशेष ओपीडी 9 मई को सिविल लाइंस स्थित सत्यम हेल्थ में फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल, जयपुर एवं सत्यम हेल्थ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होगी।

ओपीडी का आयोजन 9 मई को दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक सत्यम हेल्थ, पोस्ट ऑफिस के पास, सिविल लाइंस, कोटा में किया जाएगा। ओपीडी में मरीजों को रोबोटिक तकनीक आधारित जॉइंट रिप्लेसमेंट उपचार संबंधी परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा। इस दौरान फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल, जयपुर के सीनियर डायरेक्टर एवं रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. अनुप झुरानी मरीजों की जांच कर उपचार संबंधी सलाह देंगे।

डॉ. झुरानी को जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे जटिल घुटना एवं कूल्हा प्रत्यारोपण सर्जरी के साथ रोबोटिक सर्जरी तकनीक में विशेषज्ञता रखते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट तकनीक पारंपरिक सर्जरी की तुलना में अधिक सटीक मानी जाती है।

इससे मरीजों को कम दर्द, शीघ्र रिकवरी तथा बेहतर गतिशीलता जैसे लाभ मिल सकते हैं। लंबे समय से घुटनों के दर्द, जोड़ों में जकड़न एवं चलने-फिरने में परेशानी का सामना कर रहे मरीजों के लिए यह तकनीक उपयोगी साबित हो सकती है।

थैलेसीमिया मुक्त कोटा के संकल्प के साथ जनजागृति संगोष्ठी आयोजित

कोटा। Thalassemia Free Kota: अंतर्राष्ट्रीय थैलेसीमिया दिवस की पूर्व संध्या पर बुधवार शाम किशोर सागर तालाब की पाल मानो संवेदनाओं, उम्मीदों और मानवता के रंग में रंग गई। लाल परिधानों में सजे थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों की मासूम मुस्कान और हाथों में थामे लाल गुब्बारों ने हर राहगीर को यह संदेश दिया कि “रक्तदान केवल दान नहीं, किसी जीवन की धड़कन है।”

कोटा ब्लड बैंक सोसायटी, इनरव्हील क्लब कोटा एवं थैलेसीमिया वेलफेयर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित थैलेसीमिया एवं रक्तदान जनजागृति संगोष्ठी में शहरवासियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम की थीम लाल रंग रखी गई, जो रक्तदान, जीवन और उम्मीद का प्रतीक बना। बच्चों ने राहगीरों को लाल गुब्बारे भेंट कर रक्त के महत्व और थैलेसीमिया के प्रति जागरूक किया तो कई लोग भावुक हो उठे।

कोटा ब्लड बैंक सोसायटी के सचिव राजकुमार जैन ने कहा कि वर्ष 2031 तक कोटा को थैलेसीमिया मुक्त शहर बनाने का लक्ष्य लेकर संस्था लगातार जनजागृति अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि समाज की सहभागिता और नियमित रक्तदान से ही इस गंभीर बीमारी से जंग जीती जा सकती है।

इनरव्हील क्लब कोटा की अध्यक्ष चारू जैन ने कहा कि क्लब केवल जागरूकता तक सीमित नहीं है, बल्कि पांच थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को गोद लेकर उनके रक्त चढ़ाने सहित आवश्यक सहयोग की जिम्मेदारी भी निभा रहा है। उन्होंने कहा कि इन बच्चों की मुस्कान ही संस्था की सबसे बड़ी प्रेरणा है।

पूर्व पार्षद सलीना शैरी ने कहा कि लोगों को थैलेसीमिया जांच (HbA2) और नियमित रक्तदान के प्रति जागरूक करना समय की सबसे बड़ी जरूरत है, ताकि आने वाली पीढ़ियां इस बीमारी से सुरक्षित रह सकें।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थैलेसीमिया वेलफेयर सोसायटी के संरक्षक एवं भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश जैन ने कहा कि थैलेसीमिया मुक्त कोटा ही नहीं, बल्कि थैलेसीमिया मुक्त भारत को भी जनहित कार्यक्रमों में शामिल कराने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बच्चों के लिए आयरन चिलैशन की उच्च गुणवत्ता वाली दवाएं शीघ्र उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।

थैलेसीमिया वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष सुनील जैन ने बताया कि कोटा ब्लड बैंक पिछले 25 वर्षों से थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को नि:शुल्क रक्त उपलब्ध करवा रहा है और यह सेवा आज भी निरंतर जारी है। वहीं सोसायटी के सचिव विजय मित्तल ने जानकारी दी कि अंतर्राष्ट्रीय थैलेसीमिया दिवस पर गुरुवार को कोटा ब्लड बैंक में बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी।

कार्यक्रम में डॉ. अविनाश बंसल, डॉ. सीबी दास गुप्ता, डॉ. नीता जैन, डॉ. प्रीति गौत्तम, अल्का शर्मा, अमरजीत अरोड़ा सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, महिलाएं, युवा एवं नागरिक मौजूद रहे।

रिकॉर्ड पैदावार के कारण कलौंजी के भाव न्यूनतम स्तर पर, अब मंदे की संभावना नहीं

नई दिल्ली। चालू सीजन के दौरान देश में कलौंजी का रिकॉर्ड उत्पादन होने के कारण विगत कुछ समय से कलौंजी के दामों में मन्दा चल रहा है मगर अब मंदे के आसार नहीं है। सूत्रों का कहना है कि अधिक पैदावार का बाजार में मंदा आ चुका है और भाव न्यूनतम स्तर पर बोले जाने लगे हैं।

उल्लेखनीय है कि गत सीजन में उत्पादकों को उचित मूल्य मिलने के कारण प्रमुख उत्पादक राज्य गुजरात में कलौंजी की बिजाई लगभग ढाई गुणा अधिक क्षेत्रफल पर की गई जबकि मध्य प्रदेश एवं राजस्थान में भी बिजाई गत वर्ष की तुलना में अधिक हुई थी।

उत्पादन: अधिक बिजाई एवं बिजाई के पश्चात अनुकूल मौसम के चलते इस वर्ष देश में कलौंजी का उत्पादन 6/6.25 लाख क्विंटल माना जा रहा है जबकि गत वर्ष उत्पादन 3/3.25 लाख क्विंटल का रहा था। वर्ष 2024 में उत्पादन 2.50/2.75 लाख क्विंटल एवं वर्ष 2023 में 3.50/3.75 लाख क्विंटल पैदावार के अनुमान लगाए गए थे। जानकार सूत्रों का कहना है कि चालू सीजन के दौरान गुजरात में कलौंजी का उत्पादन 4/4.25 लाख बोरी होने के समाचार है जबकि गत वर्ष उत्पादन 1.60/1.75 लाख बोरी का रहा था। इसके अलावा राजस्थान एवं मध्य प्रदेश में उत्पादन लगभग 2 लाख बोरी होने के अनुमान है गत वर्ष उत्पादन 1 लाख बोरी के आसपास रहा था।

स्टॉक: गत वर्ष पैदावार में कमी आने के कारण चालू सीजन के दौरान नई फसल आने के समय उत्पादक केन्द्रों पर कलौंजी का स्टॉक 5/6 हजार बोरी का माना गया। जबकि वर्ष 2025 में स्टॉक 35/40 हजार बोरी एवं वर्ष 2024 में 1.25/1.50 लाख बोरी का माना गया था।

आवक: वर्तमान में उत्पादक राज्य गुजरात की गोंडल मंडी में नई कलौंजी की आवक 1800/2000 बोरी की चल रही है जबकि राजकोट में आवक 1400/1500 बोरी की हो रही है। मध्य प्रदेश की नीमच मंडी में भी आवक 800/900 बोरी की चल रही है। सूत्रों का कहना है कि आगामी दिनों में मंडियों में आवक घटनी शुरू हो जाएगी। क्योंकि भाव काफी घट जाने के कारण किसानों ने माल रोकना शुरू कर दिया है। जिस कारण वर्तमान भावों में सुधार हो सकता है लेकिन अधिक तेजी के आसार नहीं है।

पूर्वानुमान: जानकारों का मानना है कि भाव न्यूतनम स्तर पर आ जाने के कारण कलौंजी के वर्तमान भावों में अब मन्दा संभव नहीं है। उल्लेखनीय है कि LENDEN NEWS ने अपने 5 फरवरी के अंक में लिखा भी था कि चालू सीजन के दौरान रिकॉर्ड उत्पादन के कारण अप्रैल माह में कलौंजी के भाव 200/210 रुपए बन जाने चाहिए उस समय मंडियों में कलौंजी के भाव 250/260 रुपए प्रति किलो चल रहे थे। वर्तमान में उत्पादक केन्द्रों की मंडियों पर कलौंजी के भाव 170/180 रुपए प्रति किलो के स्तर पर आ गए हैं जबकि दिल्ली में भाव 200/210 रुपए बोले जा रहे है।

पढ़ाई के साथ टाइम मैनेजमेंट और मानसिक मजबूती से मिलती है सफलता: नितिन विजय

मोशन एजुकेशन की मॉकड्रिल में विद्यार्थियों ने लिया जेईई एडवांस्ड परीक्षा जैसा अनुभव

कोटा। देश की प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई एडवांस्ड 2026 से पहले विद्यार्थियों को वास्तविक परीक्षा जैसा अनुभव देने के उद्देश्य से मोशन एजुकेशन ने गुरुवार को विशेष मॉकड्रिल आयोजित की।

विश्वकर्मा नगर स्थित डीकेडी लैब में हुई इस अभ्यास परीक्षा में सैंकड़ों विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया और पूरे दिन जेईई एडवांस्ड के वास्तविक प्रारूप में परीक्षा देकर समय प्रबंधन, मानसिक दबाव और परीक्षा रणनीति का अभ्यास कि

पहला पेपर सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा दूसरा पेपर दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक हुआ। रिपोर्टिंग टाइम, सिटिंग अरेंजमेंट, सिस्टम लॉगिन, परीक्षा निर्देश, पेपर पैटर्न और टाइम प्रेशर- हर पहलू को वास्तविक परीक्षा की तरह रखा गया ताकि विद्यार्थियों को एग्जाम डे का सटीक अनुभव मिल सके।

सुबह 8 बजे फैकल्टी टीम ने विद्यार्थियों का पारंपरिक तरीके से, तिलक लगाकर स्वागत किया और “बेस्ट ऑफ लक” कहकर उत्साहवर्धन किया। परीक्षा समाप्ति के बाद शाम को फैकल्टी टीम ने विद्यार्थियों से फीडबैक लिया तथा उनकी कमजोरियों और सुधार की संभावनाओं पर चर्चा की।

मोशन एजुकेशन के फाउंडर एवं एजुकेटर नितिन विजय ने कहा कि जेईई एडवांस्ड केवल ज्ञान की नहीं, बल्कि गति, सटीकता, धैर्य, रणनीति और मानसिक संतुलन की भी परीक्षा है। उन्होंने कहा कि देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में शामिल जेईई एडवांस्ड में सफलता उन्हीं विद्यार्थियों को मिलती है जो तीन-तीन घंटे के दोनों पेपरों में स्मार्ट निर्णय लेते हैं और दबाव में शांत रहते हैं।

उन्होंने बताया कि इस परीक्षा में हर वर्ष सवालों का पैटर्न बदल सकता है। फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स के सवालों में मल्टीपल चॉइस, मल्टी-करेक्ट, न्यूमेरिकल वैल्यू और मैच द फॉलोइंग जैसे प्रारूप शामिल हो सकते हैं। साथ ही अलग-अलग सेक्शन में नेगेटिव मार्किंग का पैटर्न भी भिन्न हो सकता है, इसलिए निर्देशों को ध्यान से पढ़ना बेहद आवश्यक है।

विद्यार्थियों को अंतिम समय की तैयारी के लिए सुझाव देते हुए नितिन विजय ने कहा कि अब नई चीजें पढ़ने का समय नहीं है। इस समय केवल रिवीजन, फॉर्मूला रिकॉल और एग्जाम स्ट्रेटेजी पर फोकस करना चाहिए। मजबूत टॉपिक्स से अधिकतम स्कोर निकालने की योजना बनाएं और कमजोर विषयों में बेसिक कॉन्सेप्ट्स दोहराएं। मॉक टेस्ट के विश्लेषण से अपनी गलतियों को पहचानें और उसी आधार पर रणनीति तैयार करें।

जेईई डिवीजन के हेड रामरतन द्विवेदी ने कहा कि परीक्षा के दौरान पहले आसान प्रश्न हल करना और कठिन प्रश्नों को बाद के लिए छोड़ना बेहतर रणनीति है। वहीं डिप्टी डायरेक्टर निखिल श्रीवास्तव ने बताया कि मॉकड्रिल की उत्तर कुंजी जारी कर विद्यार्थियों को विस्तृत परफॉर्मेंस एनालिसिस उपलब्ध कराया जाएगा।

विद्यार्थी भानुप्रताप सिंह ने कहा कि इस मॉकड्रिल ने उन्हें पहली बार असली परीक्षा जैसा दबाव महसूस कराया। इससे उन्हें समझ आया कि केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि समय प्रबंधन और मानसिक नियंत्रण भी उतना ही जरूरी है।

Kota Mandi: लिवाली कमजोर रहने से सोयाबीन, सरसों एवं धनिया मंदा बिका

एनसीडीईएक्स पर मई का धनिया वायदा 128 रुपये घटकर 12742 रुपये बंद

कोटा। Kota Mandi Price Today: भामाशाह अनाज मंडी में गुरुवार को ऊंचे भाव लिवाली कमजोर रहने से सोयाबीन, सरसों 100 रुपये, धनिया 200 रुपये मंदा रहा। कारोबारी सूत्रों के अनुसार एनसीडीईएक्स पर मई का धनिया वायदा 128 रुपये घटकर 12742 रुपये, जून का वायदा 120 रुपये टूटकर 12926 रुपये, जुलाई वायदा भी 120 रुपये फिसल कर 13202 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।

मंडी में सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब ढाई लाख कट्टे और लहसुन की 15000 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे-

गेहूं नया मिल लस्टर 2350 से 2450, गेहूं एवरेज टुकड़ी 2450 से 2500, बेस्ट टुकड़ी 2500 से 2600, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 1800 से 2050, मक्का लाल 1700 से 2050, मक्का सफेद 1600 से 2200, जौ नया 2100 से 2450 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा 2800 से 3701, धान (1509) 3400 से 4250, धान (1847) 3200 से 4101, धान (1718-1885) 4200 से 4550, धान (पूसा-1) 3000 से 4000, धान (1401-1886) 4100से 4250, धान दागी 1500 से 3600 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 5600 से 6450, सोयाबीन बीज क्वालिटी 6400 से 6511, सरसों 6400 से 7101, अलसी 8000 से 9050, तिल्ली 7000 से 8500 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 6000 से 7400, उड़द 4500 से 7000, चना देशी 4800 से 5250, चना मौसमी नया 5100 से 5150, चना पेप्सी 5100 से 5251, चना डंकी पुराना 4000 से 4600, चना काबुली 5500 से 6700 रुपये प्रति क्विंटल।

लहसुन 2500 से 15000, मैथी नयी 5800 से 6650, धनिया बादामी 11000 से 11300, धनिया ईगल 11500 से 12000, धनिया रंगदार 13000 से 15000 रुपये प्रति क्विंटल।

गीता भवन में राधा-कृष्ण मंदिर के 60 साल पुराने ढांचे का होगा कायाकल्प

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला करेंगे शनिवार को शिलान्यास

कोटा। शहर के प्रसिद्ध ‘गीता भवन’ में श्री राधा-कृष्ण के नवीन मंदिर का भूमि पूजन और शिलान्यास 9 मई को प्रातः 11 बजे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के द्वारा संपन्न होगा। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में क्षेत्रीय विधायक संदीप शर्मा, भाजपा शहर अध्यक्ष राकेश जैन एवं निगम में नेता प्रतिपक्ष विवेक राजवंशी उपस्थित रहेंगे।

गीता भवन के अध्यक्ष गोवर्धन खंडेलवाल ने पत्रकार को बताया कि वर्तमान मंदिर का हॉल लगभग 60 वर्ष पुराना है। जो चूने से निर्मित था और समय के साथ छोटा पड़ने लगा था। पुराना हॉल जहाँ मात्र 30 गुणा 45 फीट का था। वहीं अब इसे विस्तारित कर 102 गुणा 69 फीट का भव्य रूप दिया जा रहा है। यह नया मंदिर दो मंजिला (डबल स्टोरी) होगा, जिसमें श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ आध्यात्मिक शांति का भी ध्यान रखा गया है। ​

गीता भवन में प्रस्तावित राधाकृष्ण मंदिर का मॉडल

उल्लेखनीय है कि पूर्व में निर्मित मन्दिर को हटा दिया गया है। वहीं विधि-विधान और शास्त्रोक्त मर्यादाओं का पालन करते हुए भगवान राधा-कृष्ण को वर्तमान मंदिर से पास ही स्थित शिव मंदिर में अस्थाई रूप से विराजित किया गया है। मंदिर का डिजाइन प्रतिष्ठित वास्तुकार सोमपुरा बंधुओं द्वारा तैयार किया गया है। जिनकी निगरानी में ही मंदिर का निर्माण सम्पन्न होगा।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा मंदिर परिसर
निर्माण संयोजक कृष्णकुमार खंडेलवाल एवं सह-संयोजक कुंती मूंदड़ा ने बताया कि नए भवन का कुल निर्मित क्षेत्रफल लगभग 12 हजार वर्ग फीट होगा। पूर्व में मंदिर में परिक्रमा की व्यवस्था नहीं थी, जिसे अब विशेष रूप से शामिल किया गया है। मुख्य मंदिर हॉल 86 गुणा 45 फीट का होगा। जिसके सामने 13.5 फीट का फ्रंट बरामदा और 9 फीट चौड़ाई का साइड बरामदा बनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, परिसर में प्याऊ, कार्यालय, स्टोर और आधुनिक सीढ़ियों का निर्माण भी होगा। ​

कृष्ण लीलाओं का चित्रण होगा आकर्षण का केंद्र
सह मंत्री महेंद्र मित्तल ने बताया कि मंदिर के प्रथम तल को विशेष रूप से कलात्मक बनाया जा रहा है। यहाँ भगवान श्री कृष्ण की विविध लीलाओं और श्रीमद्भगवद्गीता के उपदेशों का सुंदर एवं जीवंत चित्रण किया जाएगा। जो दर्शनार्थियों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र होगा। ​लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी मंदिर को स्थापत्य कला की दृष्टि से भव्य और दर्शनीय बनाने के लिए कईं महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं और इस परियोजना में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है।

जन्माष्टमी तक ढांचा तैयार करने का लक्ष्य
कोषाध्यक्ष गिर्राज गुप्ता और मंत्री रामेश्वर विजय ने बताया कि यह पुनीत कार्य शहरवासियों के तन-मन-धन के सहयोग से पूर्ण होगा। प्रवक्ता संजय गोयल के अनुसार, मंदिर को आगामी श्री कृष्ण जन्माष्टमी से पूर्व तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। मंदिर के नवनिर्माण पर लगभग 2 करोड़ रुपए की लागत आने का अनुमान है। मंदिर के स्वरूप को अद्वितीय बनाने के लिए विशेषज्ञ वास्तुकारों और सोमपुरा शिल्पकारों से परामर्श लिया जा रहा है, ताकि राजस्थानी और शास्त्रीय निर्माण शैली का सुंदर समन्वय देखने को मिले। यह मंदिर भविष्य में कोटा के प्रमुख दर्शनीय और धार्मिक केंद्रों में से एक बनकर उभरेगा।

900 करोड़ के जल जीवन मिशन घोटाले में पूर्व मंत्री महेश जोशी गिरफ्तार

जयपुर। Jal Jeevan Mission scam: राजस्थान में जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले की जांच में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व जलदाय मंत्री महेश जोशी को गिरफ्तार कर लिया है। करीब 900 करोड़ रुपए के कथित घोटाले में यह कार्रवाई की गई है। आरोप है कि मंत्री पद पर रहते हुए उन्होंने टेंडर प्रक्रिया में भ्रष्टाचार कर रिश्वत ली थी।

इससे पहले अप्रैल 2025 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी महेश जोशी को इसी मामले में गिरफ्तार किया था। उस समय उन्होंने खुद पर लगे आरोपों को गलत बताते हुए कहा था कि उन्होंने कोई गड़बड़ी नहीं की और न ही कोई पैसा लिया। सुप्रीम कोर्ट से उन्हें 3 दिसंबर 2025 को जमानत मिली थी।

22 अधिकारियों समेत दर्ज हुई थी FIR
ACB ने इस मामले में पूर्व मंत्री महेश जोशी सहित 22 अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की थी। इनमें जल जीवन मिशन से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी और इंजीनियर शामिल हैं। जांच एजेंसी का आरोप है कि फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर टेंडर जारी कर करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार किया गया।

ईमेल आईडी से मिला बड़ा सुराग
ACB को जांच के दौरान कुछ संदिग्ध ईमेल आईडी से महत्वपूर्ण लीड मिली थी। इन्हीं के आधार पर अधिकारियों और ठेकेदारों की कथित मिलीभगत का खुलासा हुआ। अब तक इस मामले में 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 3 आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं।

सुबोध अग्रवाल से पूछताछ के बाद कार्रवाई
इससे पहले 9 अप्रैल को जलदाय विभाग के पूर्व ACS सुबोध अग्रवाल को भी ACB ने गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान महेश जोशी की भूमिका को लेकर उनसे पूछताछ की गई थी। अब ACB ने कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए पूर्व मंत्री तक पहुंच बनाई है।

Stock Market: सेंसेक्स 114 अंक टूटकर 77844 पर बंद, निफ्टी 24300 के पार

नई दिल्ली। Stock Market Closed, May 7, 2026: विदेशी निवेशकों की बिकवाली के दबाव के बीच घरेलू शेयर बाजार गुरुवार को गिरावट के साथ बंद हुआ। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 114.00 (0.14%) अंकों की गिरावट के साथ 77,844.52 के स्तर पर बंद हुआ। 50 शेयरों वाला निफ्टी 4.30 (0.02%) अंक टूटकर 24,326.65 पर लगभग सपाट बंद हुआ।

30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 381 अंक की बढ़त लेकर 78,339.24 पर खुला। लेकिन अपनी शुरुआती बढ़त को बरकरार नहीं रख सका। दिन के कारोबार के दौरान इस इंडेक्स ने 78,384.70 के हाई और 77,713.21 के लो रेंज में ट्रेड किया। अंत में सेंसेक्स 114 अंक यानी 0.15% की गिरावट लेकर 77,844.52 पर बंद हुआ।

इसी तरह, 50 शेयरों वाला एनएसई का निफ्टी-50 24,398.50 पर खुला। दिन के कारोबार के दौरान इस इंडेक्स ने 24,482.10 के हाई और 24,284.00 के लो रेंज में ट्रेड किया। अंत में निफ्टी-50 4.40 अंक यानी 0.02% फिसलकर 24,326.65 पर बंद हुआ।

टॉप गेनर्स और लूजर्स
सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में महिंद्रा एंड महिंद्रा, एनटीपीसी, कोटक बैंक, टाटा स्टील और इटरनल टॉप-5 गेनर्स रहे। इनमें 0.66% से 2.04% तक की तेजी देखी गई। इसके अलावा, एशियन पेंट्स, BEL, लार्सन एंड टुब्रो, मारुति, अल्ट्राटेक सीमेंट और ट्रेंट लाभ में रहे।

वहीं, दूसरी तरफ HUL, TCS, टेक महिंद्रा, टाइटन और सन फार्मा टॉप-5 लूजर्स रहे। इनमें करीब 1% से 2% तक की गिरावट देखी गई। इसके अलााव, ITC, बजाज फाइनेंस, अदाणी पोर्ट्स, पावर ग्रिड, बजाज फिनसर्व, HCL टेक, इंफोसिस, एयरटेल, इंडिगो, SBI, रिलायंस, HDFC बैंक और ICICI बैंक घाटे में रहे।

SMIDs चमके
व्यापक बाजार में निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप क्रमशः 1.20% और 0.97% की बढ़त के साथ बंद हुए। सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल, निफ्टी आईटी और निफ्टी एफएमसीजी कमजोर प्रदर्शन करने वाले सेक्टर रहे। वहीं, निफ्टी ऑटो ने बेहतर प्रदर्शन किया।

चांदी 2318 रुपये प्रति किलो महंगी, सोना भी चमका, जानिए आज के भाव

नई दिल्ली। Gold Silver Rate 7 May: शादियों के सीजन के बीच आज सोना-चांदी के भाव में तेजी दर्ज की जा रही है। सर्राफा बाजारों में 7 मई यानी आज 24 कैरेट गोल्ड का भाव 377 रुपये महंगा हो गया। आज 24 कैरेट गोल्ड 151237 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। दूसरी ओर चांदी के भाव में आज 2318 रुपये प्रति किलो का इजाफा हुआ है। चांदी के रेट अब 251385 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गए हैं।

IBJA रेट के मुताबिक अब सोना सर्राफा मार्केट के अपने ऑल टाइम हाई 176121 से 24884 रुपये ही सस्ता रह गया है। जबकि, चांदी के भाव में ऑल टाइम हाई से 134545 रुपये की गिरावट दर्ज की गई है। अगर ईरान युद्ध के बीच की बात करें तो सोना अबतक 7860 रुपये और चांदी 16515 रुपये गिर चुकी है।

बता दें आईबीजेए दिन में दो बार रेट जारी करता है। एक बार दोपहर 12 या सवा 12 बजे के करीब दूसरा 5 बजे के आसपास। अभी यह रेट दोपहर सवा 12 बजे वाला है।

आईबीजेए के मुताबिक आज 10 ग्राम 22 कैरेट गोल्ड 345 रुपये महंगा होकर 138533 रुपये पर पहुंच गया है। इस पर 3 प्रतिशत जीएसटी नहीं लगा है। जीएसटी समेत 22 कैरेट गोल्ड का रेट 142688 रुपये प्रति 10 ग्राम पड़ेगा। 18 कैरेट गोल्ड का रेट भी आज 283 रुपये उछल कर बिना जीएसटी 113428 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। 18 कैरेट गोल्ड का जीएसटी के साथ भाव 116830 रुपये प्रति 10 ग्राम हो जाएगा।

14 और 23 कैरेट गोल्ड के रेट
सर्राफा बजारों में आज 23 कैरेट गोल्ड की कीमत 375 रुपये बढ़कर 150631 रुपये पर पहुंच गई है। जीएसटी समेत इसकी कीमत 155149 रुपये पर पहुंच जाएगी। जबकि, 14 कैरेट गोल्ड की कीमत आज 221 रुपये महंगा होकर 88474 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई है। जीएसटी समेत इसकी कीमत 91128 रुपये होगी।

ट्रंप ने दिए ईरान के साथ शांति समझौते के संकेत; बोले हुई सकारात्मक बातचीत

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि पश्चिम एशिया संकट का पूर्ण समाधान निकालने के लिए ईरान के साथ संभावित समझौता अब भी “पूरी तरह संभव” है। उन्होंने कहा कि पिछले दो दिनों में दोनों पक्षों के बीच हुई बातचीत सकारात्मक रही है।

व्हाइट हाउस में UFC Freedom 250 कार्यक्रम की झलक पेश करने के दौरान ओवल ऑफिस में बोलते हुए ट्रंप ने कहा, “वे समझौता करना बहुत चाहते हैं और हम देखेंगे कि क्या हम वहां तक पहुंच पाते हैं। अगर समझौता होता है, तो उनके पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए।”

उन्होंने दावा किया कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच हालिया बातचीत में प्रगति दिखी है। साथ ही उन्होंने ईरान की सैन्य क्षमताओं को लेकर अपने प्रशासन के कड़े रुख को दोहराया। साथ ही कहा कि तेहरान पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद इस्लामिक गणराज्य की रणनीतिक ताकत काफी कमजोर हो चुकी है।

ट्रंप ने कहा कि पिछले 44 घंटों में हमारी बहुत अच्छी बातचीत हुई है और यह पूरी तरह संभव है कि हम कोई समझौता कर लें। उन्होंने आगे कहा, “उनके पास 159 जहाजों वाली नौसेना थी और अब हर जहाज पूरी तरह तबाह होकर पानी के नीचे पड़ा है।

उनके पास एयरफोर्स और बहुत सारे विमान थे, अब उनके पास कोई विमान नहीं है। उनके पास एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम नहीं बचे हैं। उनके रडार खत्म हो चुके हैं। उनकी मिसाइलें लगभग नष्ट हो चुकी हैं… उनके नेता भी मारे जा चुके हैं। इसलिए मुझे लगता है कि हम जीत गए।”

कड़े बयानबाजी के बावजूद ट्रंप ने कहा कि बातचीत अब भी जारी है और सकारात्मक नतीजे की संभावना बनी हुई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि शर्तें पूरी होती हैं, तो कूटनीतिक समाधान अब भी संभव है।

उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब पश्चिम एशिया संकट के समाधान के लिए ईरान के साथ कूटनीतिक वार्ता जारी है। दूसरी ओर, ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी जारी है और दोनों देश होर्मुज स्ट्रेट पर रणनीतिक नियंत्रण को लेकर व्यापक शक्ति संघर्ष में उलझे हुए हैं।

इस बीच, वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत कथित तौर पर एक प्रारंभिक समझौते की दिशा में आगे बढ़ रही है, जिसका मकसद मौजूदा संकट को रोकना और व्यापक परमाणु वार्ता के लिए रूपरेखा तैयार करना है।

Axios की रिपोर्ट के अनुसार, जिसने कई अमेरिकी अधिकारियों और बातचीत से जुड़े सूत्रों का हवाला दिया, यह प्रगति संघर्ष शुरू होने के बाद से सबसे बड़ा कूटनीतिक घटनाक्रम मानी जा रही है, हालांकि अंतिम समाधान अभी नहीं निकला है।

रिपोर्ट के मुताबिक प्रस्तावित ढांचे में “एक पन्ने का 14-बिंदुओं वाला समझौता ज्ञापन” शामिल है, जिसका उद्देश्य तत्काल युद्धविराम लागू करना और व्यापक समझौते के लिए “30 दिन की वार्ता अवधि” शुरू करना है।

स्थायी समाधान के लिए बातचीत जरूरी: रुबियो
इससे पहले मंगलवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा था कि ईरान को “स्थिति की वास्तविकता स्वीकार करनी होगी” और पश्चिम एशिया संकट का स्थायी समाधान निकालने के लिए बातचीत की मेज पर लौटना होगा।

प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए रुबियो ने कहा कि अमेरिकी अधिकारी फिलहाल यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि ईरान किन मुद्दों पर बातचीत के लिए तैयार हो सकता है। उन्होंने संकेत दिया कि शुरुआती समझ किसी विस्तृत समझौते के बजाय व्यापक और उच्च-स्तरीय सिद्धांतों पर आधारित हो सकती है। उन्होंने कहा कि अमेरिका का फोकस बातचीत के प्रमुख विषयों और तेहरान की संभावित रियायतों को लेकर स्पष्टता स्थापित करने पर है।