Monday, July 27, 2026
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यूजीसी एक्ट के खिलाफ सर्व समाज के प्रदर्शन को समता आंदोलन का पूर्ण समर्थन

कोटा। सर्व समाज द्वारा 2 फरवरी सोमवार को प्रस्तावित विशाल धरना-प्रदर्शन को समता आंदोलन ने पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है। समता आंदोलन के राष्ट्रीय संयोजक पाराशर नारायण जी शर्मा के दिशा-निर्देशों के तहत रविवार को समता आंदोलन समिति की बैठक पारीक भवन किशोरपुरा में आयोजित की गई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी प्रदर्शन में समता आंदोलन की सक्रिय एवं निर्णायक भूमिका रहेगी।

संभागीय अध्यक्ष डॉ. अनिल शर्मा व संयोजक राजेंद्र गौतम ने उपस्थित पदाधिकारियों ने संगठन के सभी सदस्यों से आह्वान किया कि वे 2 फरवरी को आयोजित धरना-प्रदर्शन में अग्रिम पंक्ति में रहकर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।

वक्ताओं ने वर्तमान परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राजनीतिक दलों द्वारा जातिवादी राजनीति के कारण शिक्षा के मंदिरों में भी बच्चों को झूठे मुकदमों में फंसाने की साजिशें की जा रही हैं। आरोप लगाया गया कि यूजीसी एक्ट के माध्यम से विद्यार्थियों के भविष्य को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है।

समिति ने कहा कि अब समय आ गया है कि अपने बच्चों और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए एकजुट होकर यूजीसी एक्ट का विरोध किया जाए। इसी क्रम में सवर्ण समाज कोटा के आह्वान पर 2 फरवरी 2026 को दोपहर 12 बजे सी.ए.डी. पर आयोजित धरना-प्रदर्शन में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होने का आग्रह किया गया।

अध्यक्ष गोपाल गर्ग ने बताया कि उल्लेख है माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा यूजीसी एक्ट पर 19 मार्च 2026 तक रोक लगाई गई है, किंतु यह राहत अस्थायी है। अतः समाज को स्थायी समाधान के लिए संगठित आंदोलन की आवश्यकता है।

महामंत्री रासबिहारी पारीक ने कहा कि 2 फरवरी को सी.ए.डी. पर आपकी उपस्थिति न केवल आपका, बल्कि आपके बच्चों और आने वाली भावी पीढ़ियों का भविष्य तय करेगी। निर्णय समाज के हाथ में है।

इस अवसर पर समता आंदोलन के संभागीय अध्यक्ष डॉ. अनिल शर्मा, जिला अध्यक्ष गोपाल गर्ग, संयोजक राजेंद्र गौतम, संभागीय महामंत्री कमल सिंह, जिला महामंत्री रासबिहारी पारीक सहित रामस्वरूप शर्मा, श्रवण कुमार सोनी, निमिष सक्सेना, हरिशंकर सैनी, प्रदोष भाटिया, शंकरलाल, मुकेश जैन, छितर लाल एवं अशोक पारीक ने अपने-अपने विचार व्यक्त किए।

कोटा रेलवे स्टेशन पर 1.35 लाख रुपये कीमत का डोडा-चूरा जब्त, एक गिरफ्तार

कोटा। मादक पदार्थों के अवैध परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से भारतीय रेल के सुरक्षा तंत्र के अंतर्गत कोटा रेलवे स्टेशन पर सघन गश्त एवं जांच अभियान के दौरान बड़ी सफलता मिली है। प्लेटफॉर्म संख्या 1 स्थित यात्री प्रतीक्षालय में संदिग्ध अवस्था में बैठे एक व्यक्ति से अफीम निर्मित डोडा-चूरा बरामद किया गया है।

उक्त कार्रवाई महानिरीक्षक-सह-प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त, रेलवे सुरक्षा बल, जबलपुर तथा वरिष्ठ सुरक्षा आयुक्त, रेलवे सुरक्षा बल, कोटा के निर्देशन में की गई। संयुक्त गश्त के दौरान रेलवे सुरक्षा बल कोटा के उप निरीक्षक चंदन सिंह, आरक्षक विकास कुमार एवं जीआरपी कोटा के उप निरीक्षक सोमेंद्र द्वारा प्लेटफॉर्म संख्या 01 पर यात्री प्रतीक्षालय में बैठे एक व्यक्ति को संदिग्ध पाए जाने पर पूछताछ की गई।

पूछताछ में उक्त व्यक्ति ने अपना नाम हरदेव सिंह उर्फ काका उम्र 37 वर्ष, निवासी सिरसा (हरियाणा) बताया। उसके पास मौजूद एक पिठ्ठू बैग की तलाशी लेने पर अफीम निर्मित डोडा-चूरा पाया गया। बरामद मादक पदार्थ का वजन 8 किलो 962 ग्राम पाया गया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 1.35 लाख रुपये आँकी गई है।

जीआरपी कोटा द्वारा उक्त मादक पदार्थ को विधिवत जब्त कर आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 31/2026 अंतर्गत धारा 8/15 एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की गई है। मामले की जांच जीआरपी कोटा के उप निरीक्षक सोमेंद्र द्वारा की जा रही है।

रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा तथा रेलवे परिसरों को मादक पदार्थों की तस्करी से मुक्त रखने के लिए इस प्रकार की संयुक्त जांच एवं निगरानी कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।

उधना-अयोध्या कैंट-उधना विशेष ट्रेन का संचालन 10 फरवरी से

यह गाड़ी भवानीमंडी, रामगंजमंडी, कोटा, सवाई माधोपुर, बयाना स्टेशन से गुजरेगी

कोटा। Udhna Ayodhya Cantt special train: यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रशासन द्वारा उधना–अयोध्या कैंट–उधना विशेष ट्रेन का एक-एक फेरा संचालित किया जा रहा है। यह विशेष गाड़ी कोटा मंडल के भवानीमंडी, रामगंजमंडी, कोटा, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी एवं बयाना स्टेशनों से होकर संचालित होगी।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि गाड़ी संख्या 09097 उधना–अयोध्या कैंट विशेष ट्रेन उधना से प्रत्येक मंगलवार 10, 17 एवं 24 फरवरी तथा 3, 10, 17 एवं 24 मार्च 2026 को 07.25 बजे प्रस्थान करेगी। यह गाड़ी भवानीमंडी 16.23/16.25 बजे, रामगंजमंडी 16.45/16.47 बजे, कोटा 18.10/18.20 बजे, सवाई माधोपुर 19.33/19.35 बजे, गंगापुर सिटी 20.20/20.25 बजे एवं बयाना 22.08/22.10 बजे ठहराव लेते हुए अगले दिन 11.30 बजे अयोध्या कैंट पहुंचेगी।

इसी प्रकार गाड़ी संख्या 09098 अयोध्या कैंट–उधना विशेष ट्रेन अयोध्या कैंट से प्रत्येक बुधवार 11, 18 एवं 25 फरवरी तथा 4, 11, 18 एवं 25 मार्च 2026 को 13.30 बजे प्रस्थान करेगी। यह गाड़ी अगले दिन बयाना 01.53/01.55 बजे, गंगापुर सिटी 02.45/02.50 बजे, सवाई माधोपुर 03.40/03.42 बजे, कोटा 05.40/05.50 बजे, रामगंजमंडी 06.43/06.45 बजे एवं भवानीमंडी 07.08/07.10 बजे ठहराव लेते हुए उसी दिन 17.30 बजे उधना पहुंचेगी।

इस विशेष गाड़ी में वातानुकूलित तृतीय श्रेणी के 2 डिब्बे, शयनयान श्रेणी के 18 डिब्बे एवं सामान्य श्रेणी के 2 डिब्बों सहित कुल 24 कोच होंगे।

यह गाड़ी मार्ग में उधना, सूरत, भरूच जंक्शन, वडोदरा जंक्शन, गोधरा, रतलाम जंक्शन, नागदा जंक्शन, भवानीमंडी, रामगंजमंडी, कोटा, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, बयाना, इदगाह, टुंडला, कानपुर सेंट्रल, लखनऊ जंक्शन, बाराबंकी जंक्शन एवं अयोध्या कैंट स्टेशनों पर ठहरेगी।

हाड़ोती को पर्यटन मानचित्र पर लाने के प्रयासों के लिए अशोक माहेश्वरी सम्मानित

कोटा। चंबल इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का समापन रविवार को समारोहपूर्वक हो गया। समारोह की मुख्य अतिथि बेन्डिन क्वीन फेम फिल्म अभिनेत्री सीमा विश्वास थी। इस अवसर पर हाड़ोती को पर्यटन के मानचित्र पर लाने के प्रयासों के लिए होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी को सम्मानित किया गया।

फिल्म फेस्टिवल के निदेशक डॉ. कपिल सिद्धार्थ ने बताया कि हाड़ोती ट्रैवल मार्ट के आयोजन के पश्चात कोटा में पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। इस आयोजन के माध्यम से हाड़ोती को पर्यटन के मानचित्र पर लाने के लिए पूरे प्रयास किया जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी के नेतृत्व में पिछले 6 माह के अथक प्रयासों से कोटा हाड़ोती ट्रेवल मार्ट का सफल आयोजन किया गया है। इसके लिए कई राज्यों में रोड शो के आयोजन हुए और पूरे देश के टूर ऑपरेटर कोटा हाड़ोती ट्रेवल मार्ट में शामिल हुए। इसके सफल आयोजन पर होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी का सम्मान किया गया।

समरोह में माहेश्वरी ने देश विदेश से आए फिल्म मेकर्स को हाड़ोती में फिल्मों की शूटिंग करने का आव्हान किया है। ताकि हाड़ोती के पयर्टन स्थलो का राष्ट्रीय अन्तराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार प्रसार हो। उन्होंने बताया कि यहां पर बेहतरीन लोकेशन है। इस अवसर पर मुकुंदरा पर बनाई गयी डॉक्यूमेंट्री फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया।

Budget 2026: बजट में SME ग्रोथ फंड के लिए 10 हजार करोड़ का प्रावधान

नई दिल्ली। Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज अपना ऐतिहासिक 9वां बजट पेश किया। इस बजट में उन्होंने कई बड़े एलान किए। वित्त मंत्री ने बजट पेश करते हुए एक ऐसा ही बड़ा एलान ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए की। उन्होंने इसके साथ ही पारंपरिक उद्योगों को नई ताकत देने के लिए भी घोषणा की।

सबसे प्रमुख एलान महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल का है, जो खादी, हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट्स सेक्टर को मजबूत बनाने पर केंद्रित है। यह योजना गांव स्तर पर स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगी, जिसमें ग्लोबल मार्केट लिंकेज, ब्रांडिंग सपोर्ट, ट्रेनिंग, स्किलिंग और प्रोडक्शन क्वालिटी में सुधार शामिल हैं।

वित्त मंत्री ने कहा कि यह पहल बुनकरों, गांव उद्योगों, वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) प्रोग्राम और ग्रामीण युवाओं को सीधा लाभ पहुंचाएगी। खादी और हैंडलूम भारत की सांस्कृतिक धरोहर हैं। महात्मा गांधी के स्वदेशी आंदोलन से जुड़े होने के कारण इनका विशेष महत्व है।

नई पहल से इन सेक्टर्स में वैल्यू एडिशन होगा, एक्सपोर्ट बढ़ेगा और स्थानीय कारीगरों को बेहतर आय मिलेगी. यह SAMARTH 2.0 और मेगा टेक्सटाइल पार्क्स जैसी अन्य टेक्सटाइल स्कीम्स के साथ मिलकर टेक्सटाइल सेक्टर को लेबर-इंटेंसिव और एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड बनाएगी।
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10 हजार करोड़ के फंड से एसएमई को बूस्ट
एसएमई सेक्टर के लिए भी बड़ा बूस्ट दिया गया है। सरकार ने 10 हजार करोड़ रुपए का डेडिकेटेड एसएमई ग्रोथ फंड लॉन्च करने का प्रस्ताव रखा है। यह फंड हाई-पोटेंशियल एंटरप्राइजेज को स्केल अप करने, फ्यूचर चैंपियंस बनाने और नए जॉब्स क्रिएट करने में मदद करेगा. एंटरप्राइजेज को चुनिंदा क्राइटेरिया जैसे इनोवेशन, एक्सपोर्ट पोटेंशियल, एम्प्लॉयमेंट जनरेशन और सेक्टोरल प्राथमिकताओं के आधार पर इंसेंटिव दिए जाएंगे. यह फंड MSMEs को वैश्विक चुनौतियों जैसे ट्रंप टैरिफ से बचाने और आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।

ग्रामीण क्षेत्र में बढ़ेंगे रोजगार के मौके
ये घोषणाएं सबका साथ सबका विकास और विकसित भारत @2047 के विजन से जुड़ी हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाने, पारंपरिक कला को आधुनिक बनाने और छोटे उद्यमों को मजबूत करने से अर्थव्यवस्था में समावेशी विकास होगा। इन पहलों से ग्रामीण युवाओं और कारीगरों को लाभ मिलेगा, साथ ही खादी और हैंडलूम को ग्लोबल ब्रांड बनाने में सफलता मिलेगी।
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Budget: 1 अप्रैल से बदलेगा आयकर कानून, आपकी कमाई व बचत पर क्या होगा असर

नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करते हुए ‘विकसित भारत’ की नींव को और मजबूत करने का रोडमैप साझा किया है।

‘युवा शक्ति’ और आर्थिक स्थिरता पर केंद्रित इस बजट का कुल आकार लगभग 53.5 लाख करोड़ रुपये रखा गया है। सरकार ने विकास की रफ्तार बनाए रखने के लिए बुनियादी ढांचे और मैन्युफैक्चरिंग पर सरकारी खजाना खोल दिया है, वहीं राजकोषीय अनुशासन को भी प्राथमिकता दी है।

सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 4.3 प्रतिशत तक सीमित रखने का लक्ष्य रखा है, जो चालू वित्त वर्ष के 4.4 प्रतिशत के संशोधित अनुमान से कम है।

विदेश यात्रा और टैक्स फाइलिंग पर राहत
आम करदाताओं और मध्यम वर्ग को राहत देते हुए वित्त मंत्री ने विदेश यात्रा और शिक्षा को किफायती बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने विदेश यात्रा पैकेज की बिक्री पर टीसीएस की दर को 5 से 20 प्रतिशत के स्लैब से घटाकर सीधे 2 प्रतिशत करने का प्रस्ताव दिया है। यही राहत लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (एलआरएस) के तहत शिक्षा और चिकित्सा के लिए विदेश भेजे जाने वाले पैसे पर भी दी गई है, जहाँ अब टीसीएस की दर 2 प्रतिशत होगी। इसके अलावा, टैक्स फाइलिंग प्रक्रिया को लचीला बनाते हुए ‘रिवाइज्ड रिटर्न’ दाखिल करने की समयसीमा 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है। वित्त मंत्री ने यह भी घोषणा की है कि व्यापक समीक्षा के बाद तैयार किया गया ‘आयकर अधिनियम 2025’ आगामी 1 अप्रैल 2026 से प्रभाव में आएगा।

F&O और बायबैक पर सख्ती
शेयर बाजार के निवेशकों और विशेषकर ट्रेडर्स के लिए बजट के प्रावधान थोड़े सख्त रहे हैं। सरकार ने डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग पर सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स में बढ़ोतरी की घोषणा की है। फ्यूचर्स पर एसटीटी को 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत और ऑप्शंस पर 0.1 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही, कंपनियों द्वारा शेयरों के बायबैक से होने वाली आय को अब शेयरधारकों के हाथों में ‘कैपिटल गेन्स’ माना जाएगा और उसी अनुसार टैक्स लगाया जाएगा। हालांकि, प्रमोटर्स द्वारा टैक्स आर्बिट्राज को रोकने के लिए उन पर अतिरिक्त बायबैक टैक्स लगाने का भी प्रावधान किया गया है।

इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी
बुनियादी ढांचे के विकास को गति देने के लिए सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 में पूंजीगत व्यय का लक्ष्य बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया है, जो पिछले बजट के 11.2 लाख करोड़ रुपये के आवंटन से अधिक है। शहरी विकास और कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए देश के प्रमुख शहरों के बीच 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने का प्रस्ताव है, जिसमें मुंबई-पुणे और दिल्ली-वाराणसी जैसे रूट शामिल हैं। इसके अलावा, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में जोखिम कम करने के लिए एक ‘इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड’ स्थापित किया जाएगा और शहरों को आर्थिक गतिविधियों का केंद्र बनाने के लिए ‘सिटी इकोनॉमिक रीजन्स’ की मैपिंग की जाएगी।

उद्योग और इनोवेशन के लिए ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’
औद्योगिक विकास और इनोवेशन के लिए सरकार ने ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ के तहत कई बड़ी घोषणाएं की हैं। भारत को बायो-फार्मा मैन्युफैक्चरिंग का हब बनाने के लिए ‘बायो-फार्मा शक्ति’ योजना और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0’ का ऐलान किया गया है। एमएसएमई सेक्टर को मदद देने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का एक समर्पित ‘एसएमई ग्रोथ फंड’ बनाया जाएगा और TReDS प्लेटफॉर्म के जरिए उनकी क्रेडिट तक पहुंच आसान की जाएगी। स्वास्थ्य सेवा को किफायती बनाने के लिए कैंसर के मरीजों के लिए 17 जीवन रक्षक दवाओं और औषधियों को बेसिक कस्टम ड्यूटी से पूरी तरह छूट दी गई है।

Budget: बजट में कस्टम ड्यूटी कम होने से विदेश से सामान मंगवाना होगा सस्ता

नई दिल्ली। विदेश से सामान मंगवाना अब सस्ता होगा। सरकार ने कस्टम ड्यूटी कम कर दी है। इसकी घोषणा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 पेश करते समय की।

उन्होंने आयात किए जाने वाले सभी सामानों पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी को 20% से घटाकर 10% करने का प्रस्ताव दिया है। इसका मतलब है कि अब बाहर से अपने लिए सामान मंगवाना सस्ता हो जाएगा। सरकार कस्टम ड्यूटी की इस व्यवस्था को आसान बनाना चाहती है।

कस्टम ड्यूटी कैसे लगती है, इसे समझना थोड़ा पेचीदा हो सकता है। इकनॉमिक टाइम्स ने DHL की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के आधार पर बताया है कि आयातित सामानों पर बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) लगती है। यह ड्यूटी सामान के प्रकार पर निर्भर करती है।

इसके अलावा, सामान के मूल्य और उसके HSN कोड (Harmonised System code) पर इंटीग्रेटेड गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (IGST) भी लगता है। भारत में सामानों को उनके खासियतों के आधार पर 8 अंकों के HSN कोड से पहचाना जाता है।

कैसे होती है कस्टम ड्यूटी की कैलकुलेशन?

  • इसे DHL की वेबसाइट पर दिए गए तरीके से समझते हैं। सबसे पहले ‘असेसिबल वैल्यू’ तय की जाती है। यह सामान की लागत, बीमा और भाड़ा (CIF) को मिलाकर बनती है।
  • इस वैल्यू को साबित करने के लिए आपके पास बिल और शिपिंग बिल जैसे सभी जरूरी कागजात होने चाहिए।
  • इसके बाद HSN कोड के आधार पर बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) लगाई जाती है।

ऐसे समझें कस्टम ड्यूटी का गणित
मान लीजिए आप 40,000 रुपये का एक एयर कंडीशनर बाहर से मंगवाते हैं। एयर कंडीशनर का HSN कोड 84151020 है। पुरानी दरों के हिसाब से इसकी कैलकुलेशन इस प्रकार होगी:

  • बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD): 40,000 रुपये का 20% = 8,000 रुपये
  • इंटीग्रेटेड गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (IGST): (40,000 + 8,000) का 28% = 13,440 रुपये
  • सोशल वेलफेयर सरचार्ज: (40,000 + 8,000 + 13,440) का 10% = 6,144 रुपये
  • कुल ड्यूटी और टैक्स: 8,000 + 13,440 + 6,144 = 27,584 रुपये
  • यानी, इस एयर कंडीशनर पर कुल 27,584 रुपये का कस्टम ड्यूटी और टैक्स लगता था।

नई प्रस्तावित दरों के हिसाब से गणना

  1. प्रस्तावित बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD): 40,000 रुपये का 10% = 4,000 रुपये
  2. इंटीग्रेटेड गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (IGST): (40,000 + 4,000) का 28% = 12,320
  3. सोशल वेलफेयर सरचार्ज = (40,000 + 4,000 + 12,320) का 10% = 5,632 रुपये
  4. कुल ड्यूटी और टैक्स = 4,000 + 12,320 + 5,632 = 21,952 रुपये
  5. इस तरह, नई दरों के अनुसार कुल कस्टम ड्यूटी और टैक्स 21,952 रुपये होगा।

कितना होगा फायदा
इस उदाहरण में व्यक्तिगत सामानों पर कस्टम ड्यूटी 20% से घटकर 10% होने के कारण 27,584-21,952 यानी 5,632 रुपये की बचत होगी। ऐसे में विदेश से सामान मंगवाना लोगों के लिए सस्ता होगा। यहां ध्यान दें कि यह कस्टम ड्यूटी सोना और चांदी पर लागू नहीं होगी।

सेंसेक्स 1546 अंक टूट कर 80722 पर बंद, निवेशकों के 9.55 लाख करोड़ डूबे

बजट में STT बढ़ने से शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, निवेशकों में हाहाकार

नई दिल्ली। Stock Market Closed February 1: भारतीय शेयर बाजार रविवार (1 फरवरी) को आयोजित स्पेशल सेशन में बढ़ी गिरावट लेकर बंद हुए।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को बढ़ाने का एलान किया। इससे बाजार में विदेशी निवेशकों की बिकवाली का डर बढ़ गया और बेंचमार्क इंडेक्स 2% से ज्यादा टूट गए। साथ ही मेटक स्टॉक्स में भारी बिकवाली ने भी बाजार को नीचे की तरफ खींचा।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में कमोडिटी फ्यूचर्स पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत करने का एलान किया है। प्रस्ताव के तहत ऑप्शंस प्रीमियम पर एसटीटी को 0.1 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत किया जाएगा।

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) मामूली बढ़त के साथ 82,388 अंक पर खुला। खुलते ही इसमें उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कारोबार के दौरान यह 2,000 अंक तक फिसल गया था। अंत में 1546.84 अंक या 1.88% फीसदी की गिरावट लेकर 80,722.94 पर बंद हुआ।

इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) लगभग सपाट रुख के साथ 25,333 अंक पर खुला। कारोबार के दौरान यह 24,571 अंक के इंट्रा-डे लो तक चला गया था। अंत में 495.20 अंक या 1.96 फीसदी गिरकर 24,825.45 पर बंद हुआ।

टॉप लूजर्स एंड गेनर्स
सेंसेक्स की कंपनियों में एसबीआई का शेयर सबसे ज्यादा गिरा। इसमें 5.61% की गिरावट आई। अदाणी पोर्ट्स, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटीसी, टाटा स्टील, अल्ट्रा सीमेंट, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एलएंडटी, बजाज फाइनेंस, मारुति, एशियन पेंट्स, एनटीपीसी और बजाज फिनसर्व प्रमुख रूप से गिरावट में रहे। दूसरी तरफ, टीसीएस लगभग 2% चढ़कर बंद हुआ। इसके अलावा इंफोसिस, सन फार्मा और टाइटन के शेयर बढ़त में रहे।

ब्रॉडर मार्केट में निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 2.24 प्रतिशत गिरा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 2.73 प्रतिशत टूट गया। निफ्टी आईटी को छोड़कर सभी सेक्टोरल इंडेक्स में तेज बिकवाली देखने को मिली। निफ्टी पीएसयू बैंक 5.57 प्रतिशत गिरा।

इसके बाद निफ्टी मेटल 4.05 प्रतिशत, ऑटो 2.09 प्रतिशत, बैंक 2 प्रतिशत, फाइनेंशियल सर्विसेज 2.31 प्रतिशत, एफएमसीजी 2.29 प्रतिशत, रियल्टी 2.22 प्रतिशत, प्राइवेट बैंक 1.22 प्रतिशत, ऑयल एंड गैस 2.86 प्रतिशत और केमिकल इंडेक्स 2.62 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

भारत ने बढ़ाया रक्षा बजट, 7.85 लाख करोड़ सेना के नाम, चीन-पाक की बढ़ी टेंशन

नई दिल्ली। Budget 2026 : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार को भारत का आम बजट (Aam Budget 2026) की घोषणा कर दी है। इस दौरान सरकार का मुख्य रूप से ग्रामीण महिलाओं, गरीब छात्रों, उद्योगों, चिकित्सा पर खास फोकस रहा।

उन्होंने बताया है कि 1 अप्रैल से भारत में नया इनकम टैक्स एक्ट लागू होने जा रहा है। पाकिस्तान और चीन से आते टेंशन को देखते हुए सरकार ने बजट का एक बड़ा हिस्सा रक्षा मंत्रालय के लिए रखा है।

इसके साथ ही वह 9वीं बार बजट पेश करने का नया रिकॉर्ड भी अपने नाम कर चुकी हैं, जिसमें एक अंतरिम बजट भी शामिल है। पिछले चार वर्षों की तरह इस साल का बजट भी कागज रहित रूप में पेश किया गया। खास बात है कि साल 2019 में जब सीतारमण ने पहला बजट पेश किया था, तब वह चमड़े के ब्रीफकेस की जगह लाल कपड़े में लिपटा पारंपरिक बही खाता लेकर पहुंचीं थीं। साल 2017 से बजट एक फरवरी को ही पेश किया जाता है।

लोकसभा में सीतारमण की तरफ से पूरा बजट भाषण पढ़ने के कुछ देर बाद बजट को राज्यसभा के पटल पर रखा गया। संसद का मौजूदा बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू हुआ है। इसका पहला चरण 13 फरवरी तक चलेगा। उसके बाद नौ मार्च से दूसरे चरण की बैठक शुरू होगी। तय कार्यक्रम के अनुसार बजट सत्र दो अप्रैल को समाप्त होगा।

बजट 2026 की बड़ी घोषणाएं

  • 1 अप्रैल से नया इनकम टैक्स एक्ट, 2025 लागू होने जा रहा है
  • संशोधित आयकर रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा को बढ़ाकर 31 दिसंबर से 31 मार्च करने का प्रस्ताव किया
  • किसानों की आय बढ़ाने के लिए बहु भाषीय एआई टूल ‘भारत विस्तार’ बनाने का प्रस्ताव
  • देश में दूसरा ‘राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं न्यूरोसाइंसेज संस्थान’ (निमहैन्स-2) खोला जाएगा
  • बजट 2026: क्या हुआ सस्ता और क्या महंगा, वित्त मंत्री ने किए बड़े ऐलान, चेक लिस्ट

एजुकेशन बजट बढ़कर 1.39 लाख करोड़ हुआ, GST दरों में नहीं मिली रियायत

नई दिल्ली। Education Budget 2026: देश की फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण द्वारा यूनियन बजट 2026 पेश कर दिया गया है। इस बजट में एजुकेशन सेक्टर को 1.39 लाख करोड़ से अधिक फंड आवंटित किया गया है।

बजट में स्कूल एजुकेशन एवं हायर एजुकेशन के अनुसार अलग-अलग फंड आवंटित हुआ है। बजट में एजुकेशन सेक्टर को कई नई योजनाओं की सौगात दी गई हैं जिसमें 3 नए अखिल भारतीय संस्थानों की स्थापना, सभी राज्यों को 5 नए विश्वविद्यालय खोलने में मदद, देश के सभी जिलों में गर्ल्स हॉस्टल खोलना प्रमुख है।

वित्त मंत्रालय की ओर से साझा किये गए बजट के मुताबिक मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन को कुल 139289.48 लाख करोड़ रुपये आवंटित हुआ है। इसमें से विद्यालय शिक्षा एवं साक्षरता विभाग को 83562.26 हजार करोड़ रुपये वहीं उच्च शिक्षा विभाग को 55727.22 हजार करोड़ रुपये आवंटित हुए हैं।

GST दरों में नहीं मिली छूट
पिछले कुछ वर्षों में डिजिटल शिक्षा/ ऑनलाइन लर्निंग एवं एडटेक पर 18 फीसदी GST वसूली जा रही थी। स्टूडेंट्स एवं कोचिंग सेंटर्स व एडटेक कंपनियां इसे कम करने को लेकर कई बार सरकार से आग्रह कर चुके थे लेकिन इस बार भी इसमें रियायत नहीं दी गई है। GST छूट पर किसी भी प्रकार की छूट का एलान नहीं किया गया है।

एजुकेशन सेक्टर को मिलने वाली सौगातें

  • अगले 5 सालों में 10,000 करोड़ रुपये के खर्च से बायो फार्मा शक्ति की स्थापना करके भारत को एक ग्लोबल बायो-फार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित किया जाएगा।
  • तीन नए संस्थान खुलेंगे। 3 नए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (NIPERs) स्थापित किए जाएंगे। 7 मौजूदा NIPERs को अपग्रेड किया जाएगा।
  • AI एप्लीकेशन और युवा शक्ति-संचालित बजट पर रहा फोकस।
  • आयुष फार्मेसी को अपग्रेड किया जाएगा। वेटरनरी प्रोफेशनल्स की संख्या 20 हजार तक बढ़ाने के लिए वेटनरी और पैरा वेटरनरी कॉलेज स्थापित किए जाएंगे।
  • नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) और नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NAFFED) टियर 2-3 शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करने पर ध्यान।3 नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों (AIIAs) की स्थापना का एलान।
  • देश के हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाया जाएगा।
  • इमरजेंसी और ट्रॉमा केयर सेंटर स्थापित करके जिला अस्पतालों में 50% क्षमता को बढ़ाया जाएगा।
  • 5 निजी विश्वविद्यालय खोलने में मदद की जाएगी।
  • राज्यों को 5 क्षेत्रीय मेडिकल हब स्थापित करने में सहायता देने का एलान।
  • पूरे देश में 20 हजार आइकॉनिक साइट्स के लिए 10 हजार टूरिस्ट गाइड्स तैयार किए जाएंगे।
  • देश के 15,000 सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब शुरू करने की घोषणा की गई। इससे भारत के एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक (ABGC) सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा।
  • CA, CS और CMA संस्थानों यानी- ICAI, ICSI, ICMAI को प्रोफेशनल सपोर्ट देगी।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बयान
मैं ‘शिक्षा से रोजगार और उद्यम’ के क्षेत्र में एक उच्चस्तरीय स्थायी समिति गठित करने का प्रस्ताव रखती हूं, जो विकसित भारत के मुख्य चालक के रूप में सेवा क्षेत्र पर केंद्रित उपायों की सिफारिश करेगी। इससे हम 2047 तक सेवाओं में 10% वैश्विक हिस्सेदारी के साथ वैश्विक नेता बन सकेंगे। समिति विकास, रोजगार और निर्यात की संभावनाओं को अधिकतम करने के लिए क्षेत्रों को प्राथमिकता देगी। वे कृत्रिम बुद्धिमत्ता सहित उभरती प्रौद्योगिकियों के रोजगार और कौशल आवश्यकताओं पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन भी करेंगे और इसके लिए उपाय प्रस्तावित करेंगे।

सीतारामन ने कहा कि केंद्र सरकार प्रमुख औद्योगिक लॉजिस्टिक्स केंद्रों के आसपास स्थित 5 विश्वविद्यालय टाउनशिप को सहयोग देगी। वित्त मंत्री ने जामनगर स्थित आयुष फार्मेसियों और दवा परीक्षण प्रयोगशालाओं तथा विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के पारंपरिक चिकित्सा केंद्र के उन्नयन का प्रस्ताव रखा।