Tuesday, July 28, 2026
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Budget: बुनियादी ढांचे पर जोर, कैपेक्स 12.2 लाख करोड़; रेयर अर्थ के लिए पैकेज

नई दिल्ली। वित्त मंत्री ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए आर्थिक विकास और राजकोषीय अनुशासन के बीच संतुलन साधने की कोशिश की है।

‘विकसित भारत’ के संकल्प के साथ पेश किए गए इस बजट में सरकार ने जहां एक तरफ इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ाया है, वहीं दूसरी तरफ शेयर बाजार के ट्रेडर्स पर टैक्स की सख्ती की है। हालांकि, आम करदाताओं को विदेश यात्रा और पढ़ाई के मामले में बड़ी राहत दी गई है।

बजट दस्तावेजों और हाईलाइट्स के आधार पर, यहाँ जानिए बजट 2026-27 की 10 सबसे बड़ी बातें-

  1. शेयर बाजार: F&O ट्रेडिंग पर STT बढ़ा शेयर बाजार के ट्रेडर्स के लिए बजट में झटका लगा है। सरकार ने सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्सफ्यूचर्स पर STT 0.02% से बढ़ाकर 0.05% कर दिया गया है। इसी तरह ऑप्शंस प STT 0.1% से बढ़ाकर 0.15% कर दिया गया है।
  2. विदेश यात्रा और पढ़ाई पर TCS घटा
    मध्यम वर्ग को बड़ी राहत देते हुए, सरकार ने विदेश यात्रा पैकेज और शिक्षा/चिकित्सा के लिए विदेश भेजे जाने वाले पैसे (एलआरएस) पर टीसीएस (टीसीएस) की दर को घटाकर 2% कर दिया है। पहले यह दरें काफी ऊंची (5% से 20% तक) थीं।
  3. इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड खर्च
    सरकार ने बुनियादी ढांचे को मजबूती देने के लिए पूंजीगत व्यय का लक्ष्य बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया है। वित्त वर्ष 2015 में यह मात्र 2 लाख करोड़ रुपये था, जो अब छह गुना बढ़ चुका है।
  4. राजकोषीय घाटा का लक्ष्य
    सरकार ने वित्तीय अनुशासन का पालन करते हुए वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य जीडीपी का 4.3% तय किया है। वित्त वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमानों (आई) में यह 4.4% आंका गया है।
  5. एसएमई के लिए ₹10,000 करोड़ का फंड छोटे उद्योगों को ‘चैम्पियन’ बनाने के लिए तीन आयामी रणनीति अपनाई गई है। सरकार ने एक समर्पित ₹10,000 करोड़ का एसएमई ग्रोथ फंड बनाने की घोषणा की है। साथ ही, TReDS प्लेटफॉर्म के जरिए क्रेडिट गारंटी सपोर्ट भी दिया जाएगा।
  6. शेयर बायबैक पर टैक्स नियम बदला
    कंपनियों द्वारा शेयरों के बायबैक से होने वाली आय को अब शेयरधारकों के हाथों में ‘कैपिटल गेन्स’ माना जाएगा और उसी हिसाब से टैक्स लगेगा।
  7. इंडस्ट्री और इनोवेशन: सेमीकंडक्टर और बायो-फार्मा
    मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) 2.0’ और ‘बायो-फार्मा शक्ति’ (बायो फार्माI) जैसी नई योजनाओं का ऐलान किया गया है। साथ ही, रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट्स के लिए भी एक विशेष स्कीम लाई जाएगी।
  8. कैंसर की दवाएं और कस्टम ड्यूटी
    स्वास्थ्य सेवा को किफायती बनाने के लिए कैंसर के मरीजों के लिए 17 दवाओं और औषधियों को बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) से छूट दी गई है। इसके अलावा, सोलर ग्लास और लिथियम-आयन बैटरी के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले सामानों पर भी कस्टम ड्यूटी में राहत दी गई है।
  9. विदेशी संपत्ति का खुलासे के लिए छह महीने का मौका
    छोटे करदाताओं के लिए एकमुश्त ‘विदेशी संपत्ति प्रकटीकरण योजना’ (फॉरेन असेट डिक्लरेशन स्कीम) लाई जाएगी, जो छह महीने के लिए खुली रहेगी। इसके अलावा, 20 लाख रुपये से कम की अचल विदेशी संपत्ति का खुलासा न करने पर अब मुकदमा नहीं चलाया जाएगा।
  10. कृषि और मत्स्य पालन
    मछुआरों को बड़ी राहत देते हुए भारतीय जहाजों द्वारा ‘एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन’ (EEZ) में पकड़ी गई मछलियों पर ड्यूटी खत्म कर दी गई है। इसके अलावा, 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों के एकीकृत विकास की योजना भी बनाई गई है। बजट 2026-27 स्पष्ट रूप से ‘युवा शक्ति’ और ‘उत्पादन क्षमता’ पर केंद्रित है। जहां STT में बढ़ोतरी से बाजार में उतार-चढ़ाव दिख सकता है, वहीं टीसीएस में कटौती और कैपेक्स में वृद्धि से अर्थव्यवस्था के पहियों को गति मिलने की उम्मीद है।

छोटे और सीमांत किसानों की आय बढ़ाने के लिए 1.40 लाख करोड़ का बजट आवंटित

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नई दिल्ली। केंद्रीय बजट 2026 में किसानों के लिए सरकार ने बड़े एलान किए हैं। इस बार कृषि मंत्रालय के लिए कुल ₹1.40 लाख करोड़ से अधिक का बजट आवंटित किया गया है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि बजट 2026 में छोटे और सीमांत किसानों की आय में इजाफा करने के लिए ध्यान केंद्रित किया गया है। इस दौरान वित्त मंत्री ने बताया कि मत्स्य पालन के लिए 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों का एकीकृत विकास किया जाएगा। तटीय क्षेत्रों में फिशरीज वैल्यू चेन मजबूत की जाएंगी।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस दौरान बताया कि स्टार्टअप और महिलाओं की अगुवाई वाले समूह बाजार से जुड़ेंगे। जबकि पशुपालन क्षेत्र के लिए लोन-आधारित सब्सिडी कार्यक्रम शुरू होंगे। पुशधन उद्यमों का संवर्धन और आधुनिकीकरण होगा। पशुधन किसान उत्पादक संगठनों को बढ़ावा दिया जाएगा।

बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कहा कि तटीय इलाकों में नारियल, चंदन, काजू जैसी फसलों को सहायता दी जाएगी। नारियल उत्पादन में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए नारियल संवर्धन योजना लाई जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि भारतीय काजू और कोको के लिए समर्पित कार्यक्रम लाए जाएंगे। इन्हें वैश्विक ब्रांड बनाने का काम किया जाएगा। भारतीय चंदन लकड़ी की गरिमा को पुनर्स्थापित करने के लिए राज्यों से सहयोग किया जाएगा। वहीं अखरोट, बादाम की पैदावार बढ़ाने के लिए भी विशेष कार्यक्रम शुरू होगा।

भारत-VISTAAR कार्यक्रम की होगी शुरुआत
वित्त मंत्री ने बताया कि एआई टूल- भारत-VISTAAR कार्यक्रम की शुरुआत होगी। यह बहुभाषी एआई टूल किसानों को बेहतर फैसले लेने में मदद करेगा, जिससे उनकी उत्पादकता बढ़ेगी। उन्होंने यह भी बताया कि ग्रामीण महिलाओं की अगुवाई वाले उद्यमों के लिए स्व-सहायता उद्यम (SHE-Marts) शुरू किए जाएंगे।

बजट 2024-25 में किसानों के लिए क्या था
बता दें कि, बजट 2024-25 में कृषि मंत्रालय के लिए 1,32,469 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था। उस समय का मुख्य ध्यान कृषि अनुसंधान के व्यापक बदलाव और 109 नई बीजों की किस्मों के परीक्षण पर था। प्राकृतिक खेती के लिए एक करोड़ किसानों को प्रशिक्षित करने की योजना भी शुरू की गई थी। 2025-26 का बजट इन पहलों को ‘धन-धान्य योजना’ जैसे बड़े मिशनों के साथ अगले स्तर पर ले गया है।

Budget: कैंसर की 17 दवाएं सस्ती होंगी, 3 नए आयुर्वेदिक संस्थान खोलने का एलान

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नई दिल्ली। Health Budget 2026 : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपना लगातार 9वां बजट पेश किया। इस बजट को विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र को अपनी सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में से एक बताया है। देश के हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत बनाने के लिए कई अहम एलान किए गए हैं। आइए जानते हैं कि बजट 2026 में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए क्या खास है।

कैंसर मरीजों के लिए राहत
बजट में कैंसर के इलाज को सस्ता बनाने पर जोर दिया गया है। 17 जरूरी कैंसर की दवाओं पर लगने वाली बेसिक कस्टम ड्यूटी को पूरी तरह हटा दिया गया है। इस फैसले से कैंसर मरीजों के लिए महंगी दवाएं सस्ती हो जाएंगी। इसके अलावा, 7 अन्य दुर्लभ बीमारियों की दवाओं पर भी इंपोर्ट ड्यूटी में छूट दी गई है।

मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा
देश में मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पांच बड़े मेडिकल हब बनाए जाएंगे। इन हब को बनाने में निजी क्षेत्र की भी भागीदारी होगी। इन हेल्थकेयर कॉम्प्लेक्स में आयुष केंद्र, जांच केंद्र और इलाज के बाद की देखभाल के लिए सेंटर भी होंगे। इससे स्वास्थ्य क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

बायोफार्मा शक्ति योजना की शुरुआत
भारत को दवाओं की मैन्युफैक्चरिंग का दुनिया में नंबर-1 केंद्र बनाने का लक्ष्य है। इसे लेकर सरकार ने बायोफार्मा शक्ति योजना का एलान किया है। इस पर अगले 5 वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसका मकसद कैंसर और डायबिटीज जैसी बीमारियों की जैविक दवाओं का देश में उत्पादन बढ़ाना है। सरकार भारत को इस क्षेत्र में एक ग्लोबल हब बनाना चाहती है। इसके लिए क्लिनिकल ट्रायल का नेटवर्क बनाया जाएगा और संस्थानों को अपग्रेड किया जाएगा।

2.5 लाख नौकरियों की सौगात
बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र में रोजगार बढ़ाने पर भी ध्यान दिया गया है। अगले 5 वर्षों में 1 लाख सहायक स्वास्थ्य कर्मियों (AHP) को ट्रेनिंग दी जाएगी। साथ ही, 1.5 लाख केयर गिवर्स भी तैयार किए जाएंगे, जो खासकर बुजुर्गों की देखभाल करेंगे। रेडियोलॉजी और एनेस्थीसिया जैसे विषयों की पढ़ाई कराने वाले संस्थानों को भी बेहतर बनाया जाएगा।

नए आयुर्वेद संस्थान की घोषणा
सरकार ने पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को भी बढ़ावा देने का फैसला किया है। देश में 3 नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान खोले जाएंगे। योग और आयुर्वेद को दुनिया भर में पहचान दिलाने के लिए काम किया जाएगा। जामनगर में स्थित WHO के ग्लोबल सेंटर को और मजबूत किया जाएगा, जिससे आयुर्वेदिक उत्पादों का निर्यात भी बढ़ेगा।

मानसिक स्वास्थ्य पर जोर
उत्तर भारत में एक नया राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान (NIMHANS-2) खोला जाएगा। डिजिटल प्रोफेशनल्स और कंटेंट क्रिएटर्स की मानसिक सेहत पर भी खास ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा, जिला अस्पतालों में इमरजेंसी और ट्रामा केयर की क्षमता 50% बढ़ाई जाएगी।

स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए की गई घोषणाएं

  • कैंसर रोगियों को राहत: कैंसर की 17 दवाएं सस्ती होंगी।
  • मानसिक स्वास्थ्य और अन्य सुधार: उत्तर भारत में NIMHANS-2। एक नया राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान। डिजिटल प्रोफेशनल्स और कंटेंट क्रिएटर्स की मानसिक सेहत पर ध्यान। रांची और तेजपुर की स्वास्थ्य संस्थाओं को अपग्रेड। जिला अस्पतालों में इमरजेंसी और ट्रॉमा केयर की क्षमता 50% बढ़ाना। आर्टिफिशियल लिम्ब्स बनाने को सपोर्ट।
  • रोजगार और ट्रेनिंग: स्वास्थ्य के क्षेत्र में स्किल-आधारित नौकरियोंको बढ़ावा दिया जाएगा।
  • नए प्रोफेशनल्स: अगले 5 वर्षो में 1 लाख एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स (AHP) और 1.5 लाख केयर गिवर्स को ट्रेनिंग दी जाएगी।
  • संस्थानों का अपग्रेड: रेडियोलॉजी और एनेस्थीशिया जैसे खास विषयों की पढ़ाई कराने वाले संस्थानों को बेहतर बनाया जाएगा।
  • रीजनल मेडिकल हब: देश में 5 क्षेत्रीय मेडिकल हब बनाए जाएंगे, जिसमें प्राइवेट सेक्टर की भी भागीदारी होगी।
  • हेल्थकेयर कॉम्प्लेक्स: नए कॉम्प्लेक्स बनेंगे जहां एक ही छत के नीचे AYUSH केंद्र, डायग्नोस्टिक (जांच), और रीहैब (पुनर्वास) जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
  • नये संस्थान: देश में 3 नए अखिल भारतीय आयुर्वेदिक संस्थान खोले जाएंगे।
  • प्राचीन पद्धति: योग और आयुर्वेद को दुनियाभर में और अधिक पहचान दिलाने पर जोर दिया जाएगा।
  • बड़ा निवेश: ‘बायो-फार्मा शक्ति’ पहल के तहत अगले 5 वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।
  • ग्लोबल हब: भारत को दवाओं की मैन्युफैक्चरिंग का दुनिया में नंबर-1 केंद्र बनाने का लक्ष्य है।
  • रिसर्च नेटवर्क: देशभर में 10,000 नई क्लीनिकल ट्रायल साइट्स बनाई जाएंगी ताकि रिसर्च का काम तेजी से हो सके।
  • संस्थानों का विकास: बायो-फार्मा क्षेत्र में शोध के लिए 3 नए राष्ट्रीय संस्थान बनेंगे और 7 पुराने संस्थानों को मॉडर्न तकनीक से लैस किया जाएगा।

बजट में राहत: अब आय छिपाने और विदेश में संपत्ति रखने पर नहीं होगी जेल

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नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में आम आदमी को टैक्स के मोर्चे पर बड़ी राहत दी है। इनकम टैक्स में वैसे तो कोई छूट नहीं दी है लेकिन कई ऐसे बदलाव किए गए हैं जिनसे लोगों को काफी राहत महसूस होगी।

खासकर, विदेश में संपत्ति बेचने वाले एनआरआई (NRI) और विदेश में रहने वाले छोटे-मोटे एसेट्स (संपत्ति) का खुलासा न करने वालों को बड़ी छूट मिली है। साथ ही, टैक्स रिटर्न भरने की समय सीमा भी बढ़ाई गई है। वहीं इनकम छिपाने वालों को भी जेल नहीं होगी।

नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल से लागू होगा
वित्त मंत्री ने यह भी घोषणा की कि नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 1 अप्रैल 2026 से लागू हो जाएगा। इसके नियम और टैक्स रिटर्न फॉर्म जल्द ही जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह सब बहुत तेजी से पूरा किया गया है। नए नियम और फॉर्म ऐसे बनाए गए हैं कि आम आदमी भी आसानी से उनका पालन कर सके। इससे टैक्स भरने की प्रक्रिया और भी सरल हो जाएगी।

NRI के लिए प्रॉपर्टी बेचने का झंझट खत्म
अब एनआरआई के लिए अपनी प्रॉपर्टी बेचना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है। पहले एनआरआई को प्रॉपर्टी बेचते समय TDS काटने और जमा करने के लिए एक खास नंबर TAN (Temporary Accounting Number) लेना पड़ता था। यह प्रक्रिया थोड़ी पेचीदा थी।

अब सरकार ने इसे सरल बना दिया है। बजट 2026 के प्रस्ताव के अनुसार, अब प्रॉपर्टी खरीदने वाले भारतीय खरीदार ही TDS काटेंगे और उसे अपने PAN वाले चालान के जरिए जमा कर देंगे। इससे एनआरआई को TAN लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी और उनका काम आसान हो जाएगा।

कई बार लोग विदेश में छोटी-मोटी संपत्ति रखते हैं, लेकिन टैक्स रिटर्न में उसका खुलासा करना भूल जाते हैं। ऐसे लोगों के लिए भी बजट में एक अच्छी खबर है। सरकार ने ऐसे लोगों को राहत दी है जिनकी विदेश में रखी गई गैर-अचल संपत्ति (Non-immovable foreign assets ) की कुल कीमत 20 लाख रुपये से कम है।

अगर उन्होंने इसका खुलासा नहीं भी किया है, तो भी उन पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। यानी, उन्हें सजा से छूट मिल जाएगी। यह नियम 1 अक्टूबर 2024 से लागू होगा, जिससे छोटे-मोटे विदेशी एसेट्स रखने वालों को बड़ी राहत मिलेगी।

टैक्स रिटर्न भरने का समय बढ़ा
सरकार ने टैक्स रिटर्न रिवाइज (संशोधित) करने की समय सीमा को बढ़ाकर 31 दिसंबर से 31 मार्च कर दिया है। इसके लिए बस एक छोटा सा शुल्क देना होगा। जो लोग ITR 1 और ITR 2 भरते हैं, वे पहले की तरह 31 जुलाई तक अपना रिटर्न भर सकेंगे। जिन व्यवसायों को ऑडिट की जरूरत नहीं है और ट्रस्ट, उन्हें अब 31 अगस्त तक का समय मिलेगा। इससे लोगों को आराम से अपना टैक्स रिटर्न भरने का मौका मिलेगा।

अपील के दौरान ब्याज पर राहत
अगर किसी टैक्सपेयर पर कोई जुर्माना लगाया जाता है और वह उसके खिलाफ पहली अपीलेट अथॉरिटी में अपील करता है, तो अपील के नतीजे चाहे जो भी हों, उस दौरान लगने वाले ब्याज से उसे छूट मिलेगी। यह एक बड़ी राहत है, क्योंकि कई बार अपील लंबी चलने पर ब्याज का बोझ काफी बढ़ जाता है।

इनकम छिपाने वालों को नहीं होगी जेल
बजट में वित्त मंत्री ने टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत देते हुए कहा कि अब इनकम छिपाने वालों को जेल नहीं होगी। सरकार ने इनकम टैक्स कानून को अपराध की श्रेणी से बाहर निकालने (Decriminalization) की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। वित्त मंत्री ने बजट पेश करते हुए कहा कि अगर किसी टैक्सपेयर की इनकम में गड़बड़ी पाई जाती है या टैक्स छिपाया गया है तो उसे अब जेल नहीं जाना होगा। सिर्फ जुर्माना देकर मामला खत्म कर दिया जाएगा। यह नया बदलाव 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले ‘नए इनकम टैक्स एक्ट’ का हिस्सा होगा।

करदाता अब नाममात्र के शुल्क पर 31 मार्च तक संशोधित रिटर्न दाखिल कर सकेंगे

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नई दिल्ली। Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज बजट भाषण के दौरान करदाताओं को बड़ी राहत देते हुए घोषणा की कि अब 31 मार्च तक नाममात्र शुल्क पर संशोधित आयकर रिटर्न (Revised ITR) दाखिल किया जा सकेगा।

इस फैसले से उन करदाताओं को फायदा मिलेगा जो रिटर्न दाखिल करते समय हुई किसी गलती को सुधारना चाहते हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य कर अनुपालन को आसान बनाना और करदाताओं पर अनावश्यक दंड का बोझ कम करना है। सरकार को उम्मीद है कि इस सुविधा से अधिक लोग स्वेच्छा से सही जानकारी के साथ आयकर रिटर्न दाखिल करेंगे।

टीसीएस दरों में बड़ी कटौती
वित्त मंत्री ने लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत शिक्षा और मेडिकल शिक्षा के लिए भेजी जाने वाली राशि पर टीसीएस दर को 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत करने की घोषणा की। इससे विदेश में पढ़ाई करने वाले छात्रों और उनके परिवारों को सीधी राहत मिलेगी। इसके अलावा, विदेशी टूर पैकेज की बिक्री पर लगने वाला टीसीएस भी 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले यह दर 20 प्रतिशत थी, जिसे पहले ही घटाकर 5 प्रतिशत किया गया था।

बजट 2026–27 में वित्त मंत्री ने छोटे करदाताओं के लिए नियम-आधारित और स्वचालित (ऑटोमेटेड) प्रक्रिया लागू करने का प्रस्ताव भी रखा, जिससे टैक्स से जुड़ी प्रक्रियाएं आसान और पारदर्शी बन सकेंगी।

दुर्घटना मुआवजे पर टैक्स से छूट
अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने यह भी घोषणा की कि मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल (MACT) द्वारा दिए जाने वाले मुआवजे को आयकर से मुक्त किया जाएगा। इस फैसले से सड़क दुर्घटना पीड़ितों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

Budget: ग्लोबल बायोफार्मा हब बनेगा भारत, 10 हजार करोड़ की योजना

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नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज फाइनेंशियल ईयर 2026-27 का बजट पेश किया। इस दौरान उन्होंने देश को ग्लोबल बायोफार्मा मैन्यूफैक्चरिंग का हब बनाने के लिए बड़ी घोषणा की।

उन्होंने बायोफार्मा शक्ति पहल की घोषणा की जिस पर अगले पांच साल में 10,000 रुपये खर्च किए जाएंगे। इसका मकसद देश में बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर्स के उत्पादन को बढ़ावा देना है। इस मिशन के तहत सरकार फार्मास्यूटिकल सेक्टर के लिए एंड-टु-एंड ईकोसिस्टम बनाएगी।

यह सरकार का व्यापक योजना का हिस्सा है। इसके तहत सात स्ट्रैटजिक और फ्रंटियर सेक्टर्स में मैन्यूफैक्चरिंग को बढ़ावा दिया जाएगा। बायोफार्मा शक्ति के तहत सरकार बायोफार्मास्यूटिकल सेक्टर के लिए पूरा ईकोसिस्टम विकसित करेगी।

इसमें बायोफार्मा फोकस्ड रिसर्च एंड टेलेंट नेटवर्क बनाया जाएगा। तीन नए नेशनल इंस्टीट्यूट्स ऑफ फार्मास्यूटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च बनाए जाएंगे और सात मौजूदा संस्थानों को अपग्रेड किया जाएगा।

क्या है सरकार की योजना
इस प्रोग्राम के तहत पूरे देश में 1,000 एक्रेडिटेड क्लिनिकल ट्रायल साइट्स का देशव्यापी नेटवर्क बनाया जाएगा। इसका मकसद ड्रग डेवलपमेंट, रेगुलेटरी स्टैंडर्ड्स में सुधार और भारत को ग्लोबल क्लिनिकल रिसर्च का अब बनाना है। सीतारमण ने कहा कि इन उपायों से न केवल देश की हेल्थकेयर की जरूरतें पूरी होंगी बल्कि इससे देश को महंगी दवाओं के निर्माण में ग्लोबल वैल्यू चेन में ऊपर जाने में मदद मिलेगी। इससे भारत भरोसेमंद ग्लोबल बायोफार्मा पावरहाउस के रूप में उभरेगा।

Stock Market: बजट के बाद बाजार धड़ाम, सेंसेक्स 2300 अंक गिरा

नई दिल्ली। Stock Market: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज फाइनेंशियल ईयर 2026-27 का बजट पेश किया। लेकिन उनका यह बजट बाजार को पसंद नहीं आया। बजट के बाद बाजार में भारी गिरावट आई है। बीएसई सेसेंक्स में 2,300 से अधिक गिरावट आई है।

सीतारमण ने जब सुबह 11 बजे बजट भाषण पढ़ना शुरू किया था तो सेंसेक्स 400 अंक से अधिक तेजी पर था। लेकिन बजट भाषण खत्म होते-होते यह 2,300 अंक तक गिर गया। 12.40 बजे यह 1,035.34 अंक यानी 1.26% गिरावट के साथ 81,234.44 अंक पर था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी50 इंडेक्स 332.40 अंक यानी 1.31% की गिरावट के साथ 24,988.25 अंक पर था।

इस दौरान शेयर बाजार में तेजी आई है। रविवार होने के बावजूद बजट के कारण आज शेयर बाजार में ट्रेडिंग हो रही है। शुरुआती उतार-चढ़ाव के बाद शेयर मार्केट में तेजी आई है।

11.13 बजे बीएसई सेंसेक्स 387.85 अंक यानी 0.47% तेजी के साथ 82,657.63 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी50 इंडेक्स भी 90.80 अंक यानी 0.36% की तेजी के साथ 25,411.45 अंक पर था।

बजट शुरू होने से पहले रेलवे के शेयरों में काफी गिरावट देखी जा रही है। निवेशकों को उम्मीद थी कि बजट में रेलवे को खास तवज्जो दी जाएगी। इससे आरवीएनएल का शेयर 2 फीसदी से अधिक तेजी के साथ 351 रुपये पर पहुंच गया जबकि आईआरएफसी के शेयरों में तीन फीसदी से ज्यादा तेजी आई। आईआरसीटीसी का शेयर 1.5 फीसदी तेजी के साथ 632 रुपये प्रति शेयर पर ट्रेड कर रहा था। इरकॉन के शेयरों में 3 फीसदी से ज्यादा तेजी आई और यह 168 रुपये पर पहुंच गया। टीटागढ़ रेल सिस्टम्स में 3 फीसदी तेजी के साथ 843 रुपये पर पहुंच गया।

एमसीएक्स के शेयरों में गिरावट
सोने और चांदी की कीमत में गिरावट से एमसीएक्स के शेयरों में आज भारी गिरावट आई और इस पर 15 फीसदी का लोअर सर्किट लग गया। इसका शेयर 2,146 करोड़ रुपये पर आ गया। मुनाफावसूली और अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से सोने और चांदी की कीमत में भारी गिरावट आई। रविवार होने के बावजूद बजट के कारण एमसीएक्स पर आज ट्रेडिंग हो रही है।

जनवरी में GST कलेक्शन 7.6 प्रतिशत बढ़कर 1.71 लाख करोड़ रुपये हुआ

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नई दिल्ली। GST collections In January 2026 : आम बजट से ठीक पहले जीएसटी कलेक्शन के आंकड़े आ गए हैं। जनवरी के महीने में माल एवं सेवा कर (जीएसटी) कलेक्शन में बंपर उछाल आया है।

इस महीने में आयात से प्राप्त राजस्व में वृद्धि के दम पर कलेक्शन 6.2 प्रतिशत बढ़ गया और यह 1.93 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया। वहीं, कुल रिफंड में 3.1 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 22,665 करोड़ रुपये रहा।

अगर जनवरी में नेट जीएसटी रेवेन्यू की बात करें तो इसमें 7.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह करीब 1.71 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। तंबाकू उत्पादों से उपकर कलेक्शन जनवरी में 5,768 करोड़ रुपये रहा। जनवरी 2025 में यह 13,009 करोड़ रुपये रहा था। ये वो वक्त था जब कार, तंबाकू उत्पादों जैसे विलासिता, हानिकारक एवं अहितकर वस्तुओं पर उपकर लगाया जाता था।

बता दें कि सरकार ने 22 सितंबर, 2025 से करीब 375 वस्तुओं पर जीएसटी की दरें कम कर दी थीं जिससे सामान सस्ता हो गया। इसके साथ ही पहले की तरह विलासिता, हानिकारक एवं अहितकर वस्तुओं पर लगने वाले उपकर के बजाय अब केवल तंबाकू तथा संबंधित उत्पादों पर ही क्षतिपूर्ति उपकर लगाया जाता है। जीएसटी दरों में कमी से राजस्व कलेक्शन पर असर पड़ा है। जनवरी में घरेलू लेनदेन से ग्रॉस टैक्स कलेक्शन 4.8 प्रतिशत बढ़कर 1.41 लाख करोड़ रुपये हो गया जबकि आयात राजस्व 10.1 प्रतिशत बढ़कर 52,253 करोड़ रुपये रहा।

निर्मला सीतारमण का 9वां बजट
अब से कुछ देर में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में अपना रिकॉर्ड नौवां बजट पेश करने वाली हैं। परंपरा के अनुसार, वित्त मंत्री संसद जाने से पहले राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति से मिलीं। इससे पहले उन्होंने अपने बजट टीम के साथ तस्वीर खिंचवाई। ‘मैजेंटा’ रंग की रेशमी साड़ी पहने सीतारमण ने राष्ट्रीय प्रतीक चिह्न वाले एक लाल ‘पाउच’ (थैले) में टैबलेट पकड़ा था। उनके साथ राज्य मंत्री और उनके मंत्रालय के सभी छह सचिव भी मौजूद रहे।

कमर्शियल एलपीजी के फिर बढ़ गए दाम, जानिए कितना महंगा हुआ सिलेंडर

नई दिल्ली। तेल कंपनियों ने रविवार को सुबह कमर्शियल एलपीजी इस्तेमाल करने वालों को बड़ा झटका दिया है। तेल कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए।

कीमत में 49 रुपये की बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में अब यह सिलेंडर 1,740.50 रुपये में मिलेगा। जहां घरेलू एलपीजी सिलेंडर (14.2 किलो) के दाम जस के तस रखे गए हैं, वहीं होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और कैटरिंग कारोबार से जुड़े लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ा है। खाना बनाने की लागत बढ़ने से उनकी परेशानी फिर बढ़ गई है।

इससे पहले भी तेल कंपनियां कमर्शियल गैस के दाम बढ़ा चुकी हैं। पिछली बार 19 किलो वाला सिलेंडर 111 रुपये महंगा हुआ था। तब दिल्ली में इसकी कीमत 1,580.50 रुपये से बढ़कर 1,691.50 रुपये हो गई थी।

राहत का दौर खत्म
पिछले कुछ महीनों तक कमर्शियल गैस के दाम नरम थे। अप्रैल 2025 से अब तक छह बार कीमतें घटाई गई थीं और कुल 223 रुपये तक की राहत मिली थी। लेकिन अब एक के बाद एक बढ़ोतरी से कारोबारियों की चिंता फिर बढ़ती नजर आ रही है।

बजट से पहले चांदी रिकॉर्ड हाई से 1.54 लाख रुपये और सोना 44888 रुपये टूटा

नई दिल्ली। Gold and Silver Price today: आम बजट 2026 पेश होने के चलते रविवार (1 फरवरी) को भी घरेलू वायदा में सोने-चांदी का कारोबार हो रहा है। बाजार खुलते ही सोने-चांदी के वायदा भाव तेज गिरावट के साथ खुले।

घरेलू बाजार में पिछले सप्ताह गुरुवार को दोनों के भाव सर्वोच्च स्तर छूने के बाद शुक्रवार को सर्वोच्च स्तर से औंधे मुंह गिर थे। बजट से पहले सोने चांदी के भाव में तेज गिरावट देखने को मिल रही है। उच्चतम स्तर से सोना करीब 45 हजार (25%) और चांदी 1,54 लाख (37%) टूट चुकी है।

सोने के वायदा भाव की शुरुआत रविवार को गिरावट के साथ हुई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का बेंचमार्क फरवरी कॉन्ट्रैक्ट 4,489 रुपये की गिरावट के साथ 1,45,164 रुपये के भाव पर खुला। पिछला बंद भाव 1,49,653 रुपये था।

खबर लिखे जाने के समय यह कॉन्ट्रैक्ट 13,468 रुपये की गिरावट के साथ 1,36,185 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहा था। इस समय इसने 1,46,800 रुपये के भाव पर दिन का उच्च और 1,36,185 रुपये के भाव पर दिन का निचला स्तर छू लिया। सोने के वायदा भाव ने पिछले महीने 1,80,779 रुपये के भाव पर सर्वोच्च स्तर छू लिया। इस स्तर से सोना 44,594 रुपये या 24.66 फीसदी लुढ़क चुका।

चांदी हाई से डेढ़ लाख से ज्यादा लुढ़की
चांदी के वायदा भाव की शुरुआत सुस्त रही। MCX पर चांदी का बेंचमार्क मार्च कॉन्ट्रैक्ट 7,099 रुपये की गिरावट के साथ 2,84,826 रुपये पर खुला। पिछला बंद भाव 2,91,925 रुपये था। खबर लिखे जाने के समय यह कॉन्ट्रैक्ट 26,273 रुपये की गिरावट के साथ 2,65,652 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहा था। इस समय इसने 2,84,826 रुपये के भाव पर दिन का उच्च और 2,65,652 रुपये के भाव पर दिन का निचला स्तर छू लिया।

चांदी के वायदा भाव ने पिछले महीने 4,20,048 रुपये किलो के भाव पर सर्वोच्च स्तर छू लिया। चांदी सर्वोच्च शिखर से तीसरे कारोबारी दिन 1,54,396 रुपये यानी 36.75 फीसदी तक लुढ़क चुकी है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी तेज गिरावट
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी के वायदा भाव रिकॉर्ड तोड़ तेजी के बाद नरम पड़ गए। हालांकि रविवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार comex बंद है। पिछले सप्ताह गुरुवार को सोना सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए 5,586.20 डॉलर के रिकॉर्ड भाव तक पहुंच गए थे, लेकिन इसके अगले दिन भाव रिकॉर्ड स्तर से तेजी से लुढ़ककर 4700 डॉलर प्रति औंस के निचले स्तर तक चले गए। इसी तरह चांदी के भाव इसी अवधि में 121.79 डॉलर के सर्वोच्च शिखर से भारी गिरावट के साथ 74 डॉलर प्रति औंस के निचले स्तर तक गिर गए थे।