Monday, July 27, 2026
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रोडवेज की निःशुल्क परीक्षा यात्रा योजना घोटाले में 7 आरोपी और गिरफ्तार

जयपुर। Free exam travel scam: राजस्थान रोडवेज की निःशुल्क परीक्षा यात्रा योजना में गड़बड़ी के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन क्लीन राइड के तहत पुलिस ने दूसरे चरण में बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी झालावाड़ सहित प्रदेश के अन्य जिलों में सक्रिय थे और परीक्षा यात्रियों को मिलने वाली किराया छूट में फर्जीवाड़ा कर रहे थे।

जांच में सामने आया है कि परीक्षार्थी परीक्षा देने के लिए टोंक के परीक्षा केंद्र पर पहुंचा लेकिन रोडवेज परिचालकों द्वारा उसके एडमिट कार्ड का उपयोग झालावाड़ या कोटा जिले में किया गया। जबकि नियमानुसार जिस जिले में परीक्षा केंद्र होता है, उसी जिले में एडमिट कार्ड रोडवेज में जमा कराया जाना चाहिए। इस फर्जीवाड़े से रोडवेज को राजस्व का भारी नुकसान हुआ।

एसपी अमित कुमार ने बताया कि रोडवेज बसों में परीक्षा अभ्यर्थियों से अवैध वसूली करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। पहले पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि कुछ बस सारथी और परिचालक अपने तय टारगेट पूरे करने के लिए परीक्षा अवधि के दौरान 50 से 75 प्रतिशत यात्रियों से निःशुल्क योजना के बावजूद किराया वसूल रहे थे।

इस पूरे मामले में रोडवेज परिचालक, सिविल डिफेंस कर्मी (संविदा चालक) और बस सारथी की आपसी मिलीभगत सामने आई है। झालावाड़ में पहले 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जो गिरोह बनाकर रोडवेज को राजस्व का नुकसान पहुंचा रहे थे। जांच में यह भी सामने आया कि परीक्षा देने आए यात्रियों को धमकाकर और गुमराह कर उनसे पैसे वसूले जा रहे थे।

पुलिस ने जोधपुर, अजमेर, कोटा और झालावाड़ से ऐसे 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो परीक्षार्थियों के एडमिट कार्ड का फर्जी तकनीकी तरीके से उपयोग कर रोडवेज को आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे थे। आरोपियों के कब्जे से बड़ी संख्या में एटीएम कार्ड और अन्य अहम सबूत भी बरामद किए गए हैं।

झालावाड़ पुलिस ने दो दिन पहले भी रोडवेज में फ्लाइंग की सूचनाएं देने, परिचालकों को डराने-धमकाने और विभिन्न तरीकों से राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनसे पूछताछ में इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ, जिसके बाद दूसरे चरण में यह कार्रवाई की गई है।

पुलिस का कहना है कि इस पूरे मामले की जांच जारी है और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

CTET 2026 की तारीखों में बदलाव, अब 7 और 8 फरवरी को दो शिफ्ट में होगी परीक्षा

नई दिल्ली। CTET February 2026 Exam: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) फरवरी 2026 सत्र के लिए परीक्षा शेड्यूल जारी कर दिया है। बोर्ड द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, परीक्षा की तारीखों में महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है।

पहले यह परीक्षा केवल 8 फरवरी को होनी थी, लेकिन अब यह 7 और 8 फरवरी 2026 को दो दिनों में आयोजित की जाएगी। यह बदलाव उम्मीदवारों की भारी संख्या को देखते हुए लिया गया है ताकि देश भर के 140 शहरों में परीक्षा का सफल और सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जा सके।

CTET फरवरी 2026 का शेड्यूल
बोर्ड ने दोनों दिनों के लिए शिफ्ट और समय का निर्धारण कर दिया है। परीक्षा दो स्तरों पर होगी: पेपर-I (कक्षा 1 से 5 के लिए) और पेपर-II (कक्षा 6 से 8 के लिए)।

7 फरवरी 2026 (शनिवार)

  • पेपर-II (सुबह की शिफ्ट): सुबह 09:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक
  • पेपर-I (दोपहर की शिफ्ट): दोपहर 02:30 बजे से शाम 05:00 बजे तक

8 फरवरी 2026 (रविवार)

  • पेपर-II (सुबह की शिफ्ट): सुबह 09:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक
  • पेपर-I (दोपहर की शिफ्ट): दोपहर 02:30 बजे से शाम 05:00 बजे तक
  • प्रत्येक पेपर की अवधि 2 घंटे 30 मिनट की होगी।

एडमिट कार्ड और रिपोर्टिंग समय
सीबीएसई ने उम्मीदवारों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे परीक्षा केंद्र पर कम से कम 1 घंटे पहले पहुंचें। रिपोर्टिंग समय के बाद किसी भी स्थिति में प्रवेश नहीं मिलेगा। उम्मीदवार अपना आधिकारिक एडमिट कार्ड परीक्षा से दो दिन पहले ctet.nic.in से डाउनलोड कर सकेंगे। हालांकि, एग्जाम सिटी स्लिप पहले ही जारी की जा चुकी है, जिससे छात्र अपने परीक्षा केंद्र वाले शहर की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

25 लाख से अधिक आवेदन
इस साल CTET के लिए कुल 25,30,581 उम्मीदवारों ने सफलतापूर्वक आवेदन किया है। बोर्ड ने उन छात्रों को भी राहत दी थी जिनके रजिस्ट्रेशन अधूरे थे, जिसके बाद आवेदकों की संख्या में और वृद्धि हुई है।

परीक्षा का फॉर्मेट और महत्व
CTET एक अनिवार्य योग्यता परीक्षा है जो उन उम्मीदवारों के लिए आवश्यक है जो केंद्र सरकार (KVS, NVS) और विभिन्न राज्यों के स्कूलों में शिक्षक बनना चाहते हैं। इस परीक्षा में कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं है और सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों को पास होने के लिए 60% (90 अंक) लाना अनिवार्य है।

India US trade: भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील, ट्रंप ने टैरिफ घटाकर 18% किया

नई दिल्ली। India US trade deal:  भारत और अमेरिका ने दुनिया को चौंकाते हुए ट्रेड डील की घोषणा की है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि भारतीय सामानों पर अमेरिकी टैरिफ को घटाकर 18 फीसदी कर दिया गया है।

सोमवार रात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर लगे टैरिफ को घटा दिया है। इसकी जानकारी ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट के जरिए दी। इसमें उन्होंने लिखा कि भारत पर लगे रेसिप्रोकल टैरिफ को 25% से घटाकर 18% किया जाता है।

ट्रंप ने कहा कि भारत पर लगाया गया 25 प्रतिशत का रेसिप्रोकल टैरिफ (Trump teriffs) हटा लिया गया है। वहीं, टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किया गया है। बता दें, मौजूदा समय में अमेरिका ने भारत पर 50 प्रतिशत का टैरिफ लगाया है। यानी अमेरिका ने भारत पर 32 प्रतिशत टैरिफ घटाया है।

उन्होंने पोस्ट में लिखा, ‘यह मेरे लिए सम्मान की बात है कि आज सुबह मैंने भारत के प्रधानमंत्री मोदी से बात की। वे मेरे सबसे अच्छे दोस्तों में से एक हैं और अपने देश के एक शक्तिशाली और सम्मानित नेता हैं। हमने कई बातों पर चर्चा की, जिनमें व्यापार और रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध को समाप्त करना शामिल था।’

ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि पीएम मोदी ने बातचीत के दौरान रूसी तेल खरीदना बंद करने और अमेरिका और संभवतः वेनेजुएला से अधिक तेल खरीदने पर सहमति व्यक्त की। इससे यूक्रेन में चल रहे युद्ध को समाप्त करने में मदद मिलेगी, जिसमें हर हफ्ते हजारों लोग मर रहे हैं।

इस डील के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एक्स पर एक पोस्ट की। उन्होंने लिखा, ‘हमारे प्यारे दोस्त, राष्ट्रपति ट्रंप से आज मेरी बात हुई। मुझे यह सुनकर बहुत खुशी हुई कि ‘मेड इन इंडिया’ यानी भारत में बने सामानों पर अब सिर्फ 18% टैक्स लगेगा। यह भारत के 1.4 अरब लोगों की ओर से राष्ट्रपति ट्रम्प को एक बहुत बड़ा तोहफा है।’

भारत करेगा ज्यादा खरीदारी
ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका से BUY AMERICAN (अमेरिकी सामान खरीदें) के तहत बहुत अधिक खरीदारी करने का भी वादा किया। इसके अलावा, वे अमेरिका से 500 अरब डॉलर से अधिक के अमेरिकी ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, कृषि, कोयला और कई अन्य उत्पादों को खरीदेंगे। भारत के साथ हमारा अद्भुत रिश्ता भविष्य में और भी मजबूत होगा। उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी और मैं ऐसे लोग हैं जो काम करते हैं और चीजों को पूरा करते हैं। यह बात ज्यादातर लोगों के बारे में नहीं कही जा सकती।

डील से क्या बदलेगा

  • इस डील का सीधा मतलब यह है कि भारत अब अमेरिका से ज्यादा सामान खरीदेगा। इसमें ऊर्जा, टेक्नोलॉजी और कृषि उत्पाद प्रमुख हैं।
  • बदले में अमेरिका भारत से आने वाले कुछ सामानों पर कम टैरिफ लगाएगा। भारत का रूसी तेल खरीदना कम करना भी इस डील का एक अहम हिस्सा है।
  • यह भारत के लिए एक बड़ा कदम है क्योंकि वह अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए तेल के बड़े आयातक पर निर्भर है।
  • अमेरिका के लिए यह एक बड़ी जीत है क्योंकि वह अपने व्यापार घाटे को कम करना चाहता है और अपने उत्पादों के लिए नए बाजार तलाश रहा है। यह डील दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत करेगी।

भारत वेनेजुएला से खरीदेगा कच्चा तेल
शनिवार को ट्रंप ने दावा किया था कि भारत वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदना शुरू कर देगा। उनका कहना था कि इससे रूसी तेल की आपूर्ति का कुछ हिस्सा बदला जा सकेगा। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल आयातक देश है।

स्काउट छात्रों ने रैली निकालकर दिया वन एवं वन्य जीव संरक्षण का संदेश

कोटा। नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय छात्रावास, डाइट परिसर में स्काउट विद्यार्थियों द्वारा वन एवं वन्य जीव संरक्षण के प्रति जनजागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक रैली का आयोजन किया गया। रैली को शिक्षा विभाग कर्मचारी सहकारी सभा 696 के अध्यक्ष एवं स्काउट-गाइड के जिला प्रधान प्रकाश जायसवाल ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रकाश जायसवाल ने कहा कि वन और वन्य जीव हमारे जीवन का आधार हैं। इनके संरक्षण के बिना मानव जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। आज के छात्र ही भविष्य के नागरिक हैं।

यदि वे अभी से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होंगे, तो आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य मिलेगा। उन्होंने स्काउट आंदोलन की भूमिका को सराहते हुए कहा कि इस तरह की रैलियां समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाने का सशक्त माध्यम हैं।

छात्रावास अधीक्षक एवं हिमालय वुडबेज उदय सिंह गुर्जर ने बताया कि रैली डाइट परिसर से प्रारंभ होकर आसपास के विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण करती हुई छात्रावास परिसर में संपन्न हुई। रैली के दौरान स्काउट विद्यार्थियों ने “वन बचाओ, जीवन बचाओ”, “वन्य जीव हमारी धरोहर” जैसे नारों के माध्यम से आमजन को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अतिथियों एवं शिक्षकों ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों को निरंतर आयोजित करने पर बल दिया।

भारतीय ज्ञान प्रणाली से ही बनेगा विकसित भारत: प्रो. अनुकृति शर्मा

अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में देश–विदेश के शिक्षाविदों ने रखे विचार

कोटा/जयपुर। भारत की ज्ञान परंपरा हजारों वर्षों से विज्ञान, दर्शन, समाज और जीवन मूल्यों की समृद्ध विरासत रही है। इस परंपरा को समझे बिना और आत्मसात किए बिना हम वास्तविक विकास की कल्पना नहीं कर सकते।

आईकेएस (इंडियन नॉलेज सिस्टम) पर विशेष जोर देते हुए कहा कि यह विचार कोटा विश्वविद्यालय की प्रो.डा. अनुकृति शर्मा ने एस एस जी पारीक महाविद्यालय तथा इंस्पिरा रिसर्च एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी के समापन समारोह में व्यक्त किए। संगोष्ठी के तकनीकी सत्रों में देश–विदेश से जुड़े शिक्षाविदों और शोधार्थियों ने विकास, ज्ञान परंपरा और सामाजिक दायित्वों पर अपने शोध एवं विचार प्रस्तुत किए।

संगोष्ठी के समापन सत्र की मुख्य वक्ता कोटा विश्वविद्यालय की प्रो. अनुकृति शर्मा रहीं। अपने प्रभावशाली और विचारोत्तेजक संबोधन में उन्होंने विकसित भारत के निर्माण में आम जन की निर्णायक भूमिका को रेखांकित किया। प्रो. शर्मा ने कहा कि विकसित भारत केवल आर्थिक सूचकांकों से नहीं, बल्कि मूल्य आधारित समाज, सांस्कृतिक चेतना और नागरिक जिम्मेदारियों से आकार लेता है।

उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय, कोटा के कुलपति प्रो. निमित रंजन चौधरी रहे, जबकि समापन समारोह के मुख्य अतिथि आरपीएससी के पूर्व अध्यक्ष प्रो. बी.एम. शर्मा रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में आर.ए. पोद्दार इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रो. अनुराग शर्मा उपस्थित रहे।

इंस्पिरा रिसर्च एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रो. एस.एस. मोदी ने कहा कि इस प्रकार की संगोष्ठियां शोधार्थियों को अपने शोध साझा करने का अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करती हैं।तत्पश्चात आयोजित तकनीकी सत्रों में कोसोवो, तुर्की, मलेशिया सहित विभिन्न देशों से वक्ताओं ने ऑनलाइन सहभागिता की।

संगोष्ठी के सचिव प्रो. रविकांत मोदी ने बताया कि दो दिनों में 80 शोधपत्रों का वाचन किया गया। इस अवसर पर इंस्पिरा अकादमिक एक्सीलेंस अवार्ड्स भी प्रदान किए गए। लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रो. बी.एम. शर्मा को तथा बेस्ट प्रिंसिपल अवार्ड डॉ. सीमा शर्मा को प्रदान किया गया।

Rail Budget 2026: राजस्थान में रेल विकास के लिए 10228 करोड़ का बजट

कोटा / नई दिल्ली। केंद्रीय बजट 2026–27 में भारतीय रेलवे के लिए किए गए ऐतिहासिक बजट प्रावधानों से राजस्थान में रेल अवसंरचना विकास को नई गति मिलने जा रही है। इस बजट के अंतर्गत राज्य में चल रही तथा प्रस्तावित रेल परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से आगे बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया है, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएँ, सुरक्षित संचालन और सुदृढ़ रेल नेटवर्क उपलब्ध कराया जा सकेगा।

रेल बजट 2026–27 के अनुसार राजस्थान राज्य के लिए रेलवे बजट आवंटन ₹10,228 करोड़ निर्धारित किया गया है, जो वर्ष 2009–14 की औसत वार्षिक राशि ₹682 करोड़ की तुलना में लगभग 15 गुना अधिक है। यह बढ़ा हुआ आवंटन राज्य में रेल अवसंरचना के व्यापक विस्तार और आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

रेल मंत्री द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक कोटा अनिल कालरा के साथ अपर मंडल रेल प्रबंधक योगेश कुमार मित्तल, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन व मीडिया कर्मी मौजूद रहे l

राज्य में वर्तमान में लगभग ₹56,863 करोड़ की लागत से रेल से जुड़े विभिन्न विकास कार्य प्रगति पर हैं। इन कार्यों में नई रेल लाइनें, दोहरीकरण, स्टेशन पुनर्विकास तथा सुरक्षा से संबंधित परियोजनाएँ शामिल हैं, जिनका लाभ कोटा मंडल सहित राजस्थान के प्रमुख रेलखंडों को मिलेगा।

यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के उद्देश्य से अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत राजस्थान के कुल 85 स्टेशनों का चयन पूर्ण पुनर्विकास के लिए किया गया है। इस योजना के तहत स्टेशन आधुनिकीकरण के लिए ₹4,535 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। अब तक राज्य के 11 स्टेशनों पर कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जिनमें बूंदी और मंडलगढ़ जैसे स्टेशन भी शामिल हैं, जो कोटा मंडल क्षेत्र के यात्रियों के लिए विशेष महत्व रखते हैं।

राजस्थान में रेल नेटवर्क के विस्तार और विद्युतीकरण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। वर्ष 2014 के बाद से राज्य में लगभग 3,900 किलोमीटर नई रेल पटरियों का निर्माण किया गया है, जो कई देशों के संपूर्ण रेल नेटवर्क से भी अधिक है। इसके साथ ही लगभग 99 प्रतिशत रेल मार्गों का विद्युतीकरण पूर्ण हो चुका है, जिससे ऊर्जा दक्षता और पर्यावरण अनुकूल संचालन को बढ़ावा मिला है।

सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से राज्य में कवच स्वचालित रेल सुरक्षा प्रणाली के कार्य भी विभिन्न चरणों में स्वीकृत एवं प्रगतिरत हैं। यह प्रणाली भविष्य में रेल परिचालन को और अधिक सुरक्षित बनाने में सहायक सिद्ध होगी।

Kota Mandi: कमजोर उठाव से कोटा मंडी में सोयाबीन, धान मंदा बिका

कोटा। Kota Mandi Price Today: भामाशाह अनाज मंडी में सोमवार को आवक की कमी से लहसुन 500 रुपये तेज रहा। कमजोर उठाव से सोयाबीन और धान 50 रुपये मंदा रहा।मंडी में सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब एक लाख कट्टे और लहसुन की 2500 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे-

गेहूं 2451 से 2511, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 2000 से 2350, मक्का लाल 1500 से 1750, मक्का सफेद 2500 से 2800, जौ 2000 से 2300 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा 2800 से 3201, धान (1509) 3000 से 3621, धान (1847) 2800 से 3451, धान (1718-1885) 2600 से 3951, धान (पूसा-1) 3400 से 3900, धान (1401-1846) 3800 से 4150, धान दागी 1200 से 2700 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 4000 से 5601, सरसो 6200 से 6800, सरसों नयी 5300 से 6400, अलसी 7500 से 8000, तिल्ली 7000 से 10500 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 6000 से 6900,उड़द 4500 से 8700, चना देशी 4700 से 5350, चना मौसमी 4700 से 5300, चना पेप्सी 4800 से 5301, चना डंकी 3500 से 4700, चना काबुली 6000 से 7800 रुपये प्रति क्विंटल।

लहसुन 3000 से 12000, मैथी 4000 से 5500, धनिया बादामी 7500 से 9200, धनिया ईगल 8500 से 9300 रुपये प्रति क्विंटल।

Bitcoin Crash: बिटकॉइन धड़ाम, पिछले एक साल में 20% से ज्यादा की गिरावट

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नई दिल्ली। दुनिया की सबसे महंगी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन में पिछले काफी समय से बड़ी गिरावट आ रही है। सोमवार को भी बिटकॉइन धड़ाम हो गया और एशियाई बाजारों में इसकी कीमत 10 महीने के निचले स्तर पर आ गई। वीकेंड पर हुई बिकवाली के बाद से बाजार में अनिश्चितता का माहौल है, जिससे निवेशकों का भरोसा डगमगा गया है।

बिटकॉइन की कीमत 2.5% तक गिरकर 74,541 डॉलर (करीब 68 लाख रुपये) पर पहुंच गई। हालांकि बाद में इसमें कुछ रिकवरी हुई। शाम 5 बजे एक बिटकॉइन 77,662 डॉलर पर कारोबार कर रहा था। पिछले एक साल में बिटकॉइन की कीमत 20 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है। यह गिरावट ऐसे समय आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप क्रिप्टोकरेंसी के समर्थक माने जाते हैं। उनका एक कारोबार भी क्रिप्टो एक्सचेंज से जुड़ा है।
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जनवरी में बिटकॉइन की कीमत में लगभग 11% की गिरावट आई थी। यह साल 2017 में इनिशियल कॉइन ऑफरिंग (ICO) के बूम के बाद आई गिरावट के बाद यह सबसे बड़ी गिरावट थी। यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब शेयर बाजार में भी उथल-पुथल मची हुई है। सोने की कीमत भी सोमवार को गिरती रही, जो पिछले हफ्ते एक दशक में सबसे बड़ी गिरावट झेल चुका था।

एक लाख डॉलर के पार हो गया था बिटकॉइन
पिछले साल व्हाइट हाउस के क्रिप्टो-समर्थक रुख और संस्थागत निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी के कारण बिटकॉइन की कीमत 1,26,000 डॉलर (करीब 1.15 करोड़ रुपये) के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी। लेकिन इसके तुरंत बाद एक बड़ी बिकवाली हुई। तब से बिटकॉइन की कीमत लगभग 40% गिर चुकी है।

क्यों लुढ़की बिटकॉइन की कीमत
कॉइनस्विच के मुताबिक बिटकॉइन में तेज गिरावट का कारण वीकेंड की कम लिक्विडिटी, बढ़ता भू-राजनीतिक जोखिम और बाजार में अत्यधिक लीवरेज था। ईरान के बंदर अब्बास बंदरगाह पर विस्फोट की खबरों के बाद जोखिम की भावना बिगड़ गई, जिससे निवेशकों ने जोखिम वाली संपत्तियों से दूरी बना ली।

पिछले एक साल में धनिया की कीमत 43 फीसदी से ज्यादा बढ़ी

NCDEX पर धनिया ऑल टाइम हाई पर,भाव 12054 रुपए प्रति क्विंटल रहा

नई दिल्ली। dhaniya price today: पिछले एक माह में धनिया ने निवेशकों को मालामाल कर दिया। पिछले एक साल में धनिया (dhaniya price hike) की कीमत 43 फीसदी से ज्यादा तक महंगी हो गई है। जबकि पिछले एक महीने में धनिया के दाम करीब 10% तक चढ़ गए हैं।

दो फरवरी 2026 को नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज लिमिटेड (NCDEX) पर धनिया में 4 से 5 फीसदी तेजी का सर्किट लगा। अप्रैल वायदा 596 रुपये उछल कर 12216 रुपये और मई वायदा 470 रुपये बढ़कर 12238 रुपये क्विंटल पर बंद हुआ। जो इसका ऑल टाइम (dhaniya all time high) हाई भी रहा। वहीं 52 हफ्ते का लो लेवल 6780 रुपए है। यानी पिछले धनिया के दाम पिछले एक साल में 5274 रुपए चढ़ गए हैं।

एक्सपर्ट्स की माने तों तो धनिया की चढ़ी कीमतों की सबसे बड़ी वजह है- कम बुवाई और फसल पर बढ़ते मौसमीय खतरे। उत्पादन घटने की आशंका और मजबूत निर्यात मांग ने बाजार में तेजी का माहौल बना दिया है।

गुजरात और राजस्थान में सबसे ज्यादा असर
सबसे बड़ा असर गुजरात (Gujarat) में दिख रहा है। यहां धनिया की बुवाई 3.78% घटकर करीब 1,25,510 हेक्टेयर रह गई है। कम रकबा सीधे तौर पर संभावित उत्पादन गिरावट का संकेत दे रहा है, जिससे सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है।

दूसरी तरफ राजस्थान (Rajasthan) के प्रमुख उत्पादक जिलों जयपुर (Jaipur), अजमेर (Ajmer), दौसा (Dausa) और टोंक (Tonk) में मौसम बड़ा जोखिम बना हुआ है। यहां पाला (फ्रॉस्ट) और पाउडरी मिल्ड्यू बीमारी का खतरा बढ़ गया है।

विशेषज्ञों ने बताईं बड़ी समस्या
खेती विशेषज्ञों के मुताबिक, फूल आने के समय अचानक तापमान गिरने से कई समस्याएं हो सकती हैं। जैसे -फूल झड़ सकते हैं, परागण (पॉलिनेशन) प्रभावित होता है और दाने छोटे रह सकते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इन कारणों से पैदावार घटने का डर है। हालांकि किसान ठंड से बचाव के लिए एहतियाती कदम उठा रहे हैं, फिर भी मौसम का जोखिम पूरी तरह टला नहीं है।

निर्यात भी कीमतों में तेजी की बड़ी वजह
तेजी की एक और बड़ी वजह निर्यात है। अप्रैल से नवंबर 2025 के दौरान धनिया निर्यात में सालाना आधार पर करीब 15% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। खासतौर पर नवंबर महीने में निर्यात में तेज मासिक और सालाना उछाल देखने को मिला, जिससे अंतरराष्ट्रीय मांग मजबूत बनी हुई है।

कुल मिलाकर, कम बुवाई, मौसम का खतरा, मजबूत निर्यात इन तीन वजहों ने मिलकर धनिया बाजार में तेजी को मजबूती दी है। अगर मौसम का जोखिम बना रहा, तो दामों में ऊंचे स्तर पर मजबूती जारी रह सकती है।

विदेशी निवेशकों ने शेयर बाजार से जनवरी में 36 हजार करोड़ रुपये निकाले

नई दिल्ली। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) की बिकवाली का सिलसिला जनवरी में भी जारी रहा और उन्होंने भारतीय शेयर बाजार से करीब 36,000 करोड़ रुपये (लगभग 3.97 अरब डॉलर) की निकासी की।

इस बीच, वायदा एवं विकल्प (F&O) सेगमेंट में सौदों पर प्रतिभूति लेनदेन कर (STT) बढ़ाने की बजट घोषणा से निकट भविष्य में विदेशी निवेशकों की भागीदारी पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) के आंकड़ों के मुताबिक, FPIs ने जनवरी महीने में भारतीय शेयर बाजार से 35,962 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी की।

FPIs ने इससे पहले वर्ष 2025 में भी भारतीय बाजार से करीब 1.66 लाख करोड़ रुपये (18.9 अरब डॉलर) की रिकॉर्ड निकासी की थी। उस समय अस्थिर मुद्रा बाजार, वैश्विक व्यापार तनाव, संभावित अमेरिकी टैरिफ और हाई मार्केट वैल्यूएशन ने विदेशी पूंजी को प्रभावित किया था।

चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग के तकनीकी शोध विश्लेषक आकाश शाह ने कहा कि F&O में STT का बढ़ना निकट अवधि में खासकर अत्यधिक तेजी और डेरिवेटिव-फोक्स्ड ग्लोबल फंड्स के लिए FPIs फ्लो के लिए हल्का नकारात्मक कारक बन सकता है।

उन्होंने कहा, ”STT बढ़ोतरी से टैक्स कलेक्शन बढ़ सकता है, लेकिन इससे सौदों की मात्रा प्रभावित होने और रणनीतिक एफपीआई भागीदारी धीमी होने का जोखिम है।

टिकाऊ एफपीआई फ्लो के लिए निवेशक सिर्फ वृद्धि संभावनाओं के बजाय व्यापक स्थिरता, रुपये की चाल और कर नीति में निरंतरता पर ज्यादा ध्यान देंगे।”

F&O पर कितना बढ़ा STT
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026-27 के बजट भाषण में वायदा पर एसटीटी को 0.02 फीसदी से बढ़ाकर 0.05 फीसदी तथा विकल्प प्रीमियम एवं विकल्प सौदों पर एसटीटी को क्रमशः 0.10 फीसदी एवं 0.125 फीसदी से बढ़ाकर 0.15 फीसदी करने का प्रस्ताव रखा है।