Monday, July 27, 2026
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Kota Mandi: लिवाली निकलने से कोटा मंडी में धनिया 10 हजार के पार

कोटा। Kota Mandi Price Today: लिवाली निकलने से भामाशाह अनाज मंडी में मंगलवार को धनिया 200 रुपये प्रति क्विंटल उछल कर 10 हजार के पार निकल गया। आवक की कमी से लहसुन 500 रुपये ऊंचा बिका।

गेहूं 20 रुपये, सोयाबीन, चना 50 रुपये और धान 100 रुपये तेज रहा। मंडी में सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब एक लाख कट्टे और लहसुन की 2500 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे-

गेहूं 2451 से 2525, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 2000 से 2350, मक्का लाल 1500 से 1750, मक्का सफेद 2500 से 2800 जौ 2000 से 2300 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा 2800 से 3251, धान (1509) 3000 से 3751, धान (1847) 2800 से 3551, धान (1718-1885) 3600 से 4100, धान (पूसा-1) 3400 से 4000, धान (1401-1846) 3800 से 4200, धान दागी 1200 से 2900 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 4000 से 5721, सरसो 6200 से 6800, सरसों नयी 5300 से 6400, अलसी 7000 से 7800, तिल्ली 7000 से 10500 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 6000 से 6900, उड़द 4500 से 8500, चना देशी 4700 से 5400, चना मौसमी 4700 से 5350, चना पेप्सी 4800 से 5351, चना डंकी 3500 से 4700, चना काबुली 6000 से 7800 रुपये प्रति क्विंटल।

पुराना लहसुन 3000 से 12000 रुपए, नया लहसुन 7500 से 11000, मैथी 4000 से 5500, धनिया बादामी 7500 से 9500 धनिया ईगल 9500 से 10200 रुपये प्रति क्विंटल।

रूस से भारत तेल लेकर आ रहे टैंकरों को अमेरिका ने मोड़ा, जानिए क्यों

नई दिल्ली। अमेरिका से ट्रेड डील के बाद अब भारत के सामने रूस से तेल खरीदने की पाबंदी का तोड़ निकालने की बड़ी समस्या है। भारतीय रिफाइनरी कंपनियों को अब रूस से तेल पर पूरी तरह से पाबंदी लगाने की शर्त को मानने के लिए विंड डाउन पीरियड की जरूरत है।

दरअसल, अगर रूस से तेल आयात पूरी तरह रुकता है तो इन कंपनियों ने जो तेल खरीद रखे हैं, उनकी आपूर्ति मार्च तक ही हो पाएगी। ऐसे में अगर सरकार इसे रोकने का आदेश देती है तो उन्हें यह ट्रांजीशन पीरियड चाहिए होगा।

भारतीय रिफाइनर्स ने फरवरी में तेल टैंकरों के लिए कार्गो बुक किए हैं, जो मार्च तक ही पहुंच पाएंगे। ऐसे में इन कंपनियों को मार्च तक की मोहलत चाहिए, ताकि जो करार ये कर चुकी हैं, वो समय रहते पूरी की जा सकें।

भारत-अमेरिका के बीच जो ट्रेड डील हुई है, उसमें यह बड़ी शर्त है कि भारत रूस से तेल आयात पूरी तरह से रोक देगा। इस डील के तहत अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर 50 फीसदी टैरिफ घटाकर 18 फीसदी कर दिया है। अब भारत को रूस के बजाय अमेरिका और उसके द्वारा नियंत्रित वेनेजुएला से तेल खरीदना होगा।

2022 में यूक्रेन में युद्ध छिड़ने के बाद से भारत अभी तक रूस से डिस्काउंटेड क्रूड ऑयल का टॉप बॉयर रहा है। इससे रूस से तेल खरीदने की एवज में अमेरिका ने भारत पर सख्त टैरिफ लाद दिए थे।

अमेरिका चाहता है कि रूस तेल बेचकर यूक्रेन युद्ध में लगा रहा है, जिससे युद्ध को फंडिंग की जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह दावा किया कि उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी से कहा कि वह रूस से तेल खरीद बंद करने पर राजी हो गए हैं। वह अमेरिका और वेनेजुएला से अब तेल खरीदेंगे।

आंकड़ों के अनुसार, अमेरिकी पाबंदी के चलते भारत का रूस से तेल आयात बीते दो साल में दिसंबर, 2025 में अपने सबसे निचले स्तर पर आ गया था। उस वक्त पेट्रोलियम उत्पादक देशों के संगठन OPEC का शेयर बीते 11 महीनों में बढ़ा है।

कहां से तेल लेकर आ रहीं भारतीय कंपनियां
भारतीय रिफाइनरी कंपनियां अब ज्यादा से ज्यादा कच्चा तेल मिडिल ईस्टर्न, अफ्रीकी और दक्षिण अमेरिकी देशों से खरीद रही हैं। उन्होंने पहले ही अमेरिकी पाबंदी के चलते रूस से तेल खरीदना कम कर दिया था।

हंगामे के बीच लोकसभा स्पीकर की तरफ कागज उछालने वाले आठ सांसद निलंबित

नई दिल्ली। संसद की कार्यवाही के दौरान मंगलवार सदन की मर्यादा टूटने का मामला सामने आया। लोकसभा में हंगामे के बीच कुछ सांसदों ने स्पीकर की कुर्सी की ओर कागज फेंके। इस पर सख्त कार्रवाई करते हुए संबंधित सांसदों को सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया।

आठ सांसदों पर ये कार्रवाई हुई है। भारी शोर-शराबे और विरोध के कारण सदन की कार्यवाही कई बार रोकनी पड़ी। वहीं, कार्यवाही कल यानी बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी गई है।

दोपहर तीन बजे जब चौथी बार लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई तो पीठासीन अधिकारी ने स्पष्ट कहा कि स्पीकर की ओर कागज फेंकने वाले सदस्यों के नाम दर्ज किए जाएंगे। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने ऐसे सांसदों को निलंबित करने का प्रस्ताव रखा। सदन ने ध्वनिमत से प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इसके बावजूद हंगामा थमता नहीं दिखा।

इन सासंदो को किया गया निलंबित

  1. डीन कुरियाकोस
  2. किरण रेड्डी
  3. अमरिंदर सिंह राजा वड़िग
  4. मणिकम टैगौर
  5. गुरजीत औजला
  6. हिबी इडेन
  7. वेंकेट रमन
  8. प्रशांत पडोले

संसद भवन के बाहर विरोध प्रदर्शन
इसके बाद विपक्ष के नेता राहुल गांधी की अगुवाई में कांग्रेस सदस्यों ने लोकसभा से पार्टी सदस्यों के सस्पेंशन के खिलाफ संसद भवन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। मंगलवार दोपहर से ही सदन में हंगामा हो रहा है, जब गांधी को 2020 के भारत-चीन संघर्ष पर पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे के एक अप्रकाशित संस्मरण के अंशों पर आधारित एक लेख का हवाला देने से रोक दिया गया था।

क्यों बढ़ा विवाद
कार्यवाही के दौरान पीठासीन अधिकारी ने राहुल गांधी को बोलने की अनुमति नहीं दी थी। इसके बाद अगले वक्ताओं के नाम पुकारे। इस पर विपक्षी दलों ने विरोध जताया। समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और अन्य विपक्षी सांसदों ने भी बोलने से इनकार कर दिया। इससे सदन में तनाव और बढ़ गया।

विपक्षी सांसद विरोध जताते हुए सदन के वेल में पहुंच गए। उन्होंने नारेबाजी की और स्पीकर की कुर्सी की ओर कागज उछाले। हंगामा इतना बढ़ गया कि कार्यवाही चलाना मुश्किल हो गया। बार-बार अपील के बावजूद व्यवस्था बहाल नहीं हो सकी। इसके बाद उन सभी पर कार्रवाई की गई। फिलहाल संसद का सत्र बुधवार तक के लिए स्थगति कर दिया गया है।

Market: शेयर बाजार में हरियाली, सेंसेक्स 2072 अंक उछल कर 83739 पर बंद

नई दिल्ली। Stock Market Closed : भारत-अमेरिका ट्रेड डील पूरी होने के बाद घरेलू बाजार में हरियाली देखने को मिली। बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी में दो प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। मंगलवार (3 फरवरी) को 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 2072.67 अंक या 2.54 प्रतिशत चढ़कर 83,739.13 अंक पर बंद हुआ।

वहीं 50 शेयरों वाला निफ्टी 639.15 अंक या 2.55 प्रतिशत चढ़कर 25,727.55 अंक पर बंद हुआ। दोपहर के सत्र में शेयर बाजार के बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी लगभग 3 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। 

रिलायंस इंडस्ट्रीज समेत बैंकिंग और अदाणी स्टॉक्स में जोरदार उछाल से बाजार को सपोर्ट मिला। इसके अलावा रुपये में मजबूती और विदेशी निवेशकों की खरीदारी ने भी बाजार को सपोर्ट दिया। इसी के साथ बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी-50 और सेंसेक्स पिछले दो ट्रेडिंग सेशन में करीब 3.5 प्रतिशत चढ़ गए हैं।

अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने सोमवार को भारत के साथ बहुप्रतीक्षित ट्रेड डील का एलान कर दिया। इस समझौते के तहत भारतीय सामानों पर लगाया जाने वाला रेसिप्रोकल टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है।

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 4000 अंक से ज्यादा बढ़त के साथ 85,323 अंक पर खुला और खुलते ही इसमें और बढ़त देखी गई। हालांकि, बाद में इंडेक्स जोरदार तेजी के साथ एक सिमित दायरे में कारोबार रहा। अंत में 2072.67 अंक या 2.54 प्रतिशत बढ़कर 83,739.13 पर बंद हुआ।

इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) भी 4 प्रतिशत उछलकर 26,308 अंक पर खुला। कारोबार के दौरान ज्यादातर समय यह लगभग 700 अंक की बढ़त लेकर ट्रेड करता रहा। अंत में 639.15 अंक या 2.55 फीसदी की मजबूती के साथ 25,727.55 पर बंद हुआ।

जियोजित इंवेस्टमेंट्स लिमिटेड में रिसर्स हेड विनोद नायर ने कहा, ”भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली। इसकी बड़ी वजह लंबे समय से इंतजार की जा रही भारत-अमेरिका ट्रेड डील और रुपये में मजबूती रही, जिससे विदेशी संस्थागत निवेशकों की वापसी की उम्मीदें बढ़ीं।

अमेरिका के भारतीय सामानों पर टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किए जाने से उभरते बाजारों के बीच भारत की प्रतिस्पर्धी स्थिति मजबूत हुई है। इससे उन निर्यात-आधारित क्षेत्रों के लिए माहौल बेहतर हुआ है, जिनकी अमेरिका में अच्छी मौजूदगी है, जैसे कपड़ा, सी फूड्स, रत्न एवं आभूषण और फार्मा। इन क्षेत्रों को 2026 के केंद्रीय बजट में भी समर्थन मिला है।”

उन्होंने कहा, ”कुल मिलाकर बाजार की धारणा अब साफ तौर पर सकारात्मक हो गई है। वैश्विक व्यापार से जुड़े जोखिम कम हुए हैं और अमेरिका-ईरान तनाव में भी नरमी आई है।

आगे चलकर बाजार का फोकस तीसरी तिमाही के कॉरपोरेट नतीजों पर रह सकता है, हालांकि अब तक नतीजे अनुमान से कमजोर रहे हैं। लेकिन टैरिफ जोखिम कम होने के चलते आगे चलकर कमाई के अनुमानों में सुधार की उम्मीद है, जिससे बाजार में सकारात्मक रुख बना रह सकता है।”

टॉप गेनर्स एंड लूजर्स
सेंसेक्स की कंपनियों में अदाणी पोर्ट्स सबसे ज्यादा 9 प्रतिशत चढ़कर बंद हुआ। बजाज फाइनेंस, इंडिगो, पावरग्रिड सन फार्मा, बजाज फिनसर्व, एसबीआई, रिलायंस, एलएंडटी एक्सिस बैंक और टाइटन प्रमुख रूप से लाभे में रहे। दूसरी तरफ, सिर्फ टेक महिंद्रा और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर लाल निशान में रहे।

सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए। इनमें सबसे आगे निफ्टी रियल्टी इंडेक्स रहा, जो 4 प्रतिशत से ज्यादा उछला। निफ्टी केमिकल, फार्मा और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स में भी 3 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई।

ब्रोडर मार्केटस में भी यही सकारात्मक रुख देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 2.84 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 2.82 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए।

निवेशकों को 13 लाख करोड़ रुपये का फायदा
ट्रेड डील की घोषणा के बाद बाजार में आई जोरदार तेजी से निवेशकों की वेल्थ में जोरदार इजाफा हुआ है। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप बढ़कर 4,67,10,197 करोड़ रुपये हो गया। जबकि सोमवार को बाजार बंद होने के बाद यह 45,435,628 लाख करोड़ रुपये था। इस तरह, निवेशकों की वेल्थ में 12,74,569 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है।

यामाहा का पहला इलेक्ट्रिक स्कूटर Yamaha EC-06 लॉन्च, जानें कीमत

नई दिल्ली। यामाहा (Yamaha) ने आखिरकार भारत के तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में कदम रख दिया है। कंपनी ने अपने पहले इलेक्ट्रिक स्कूटर यामाहा EC-06 (Yamaha EC-06) की कीमत 1,67,600 रुपये (एक्स-शोरूम, दिल्ली) तय की है। यह स्कूटर शुरुआती तौर पर चुनिंदा शहरों में यामाहा (Yamaha) के ब्लू स्क्वॉयर (Blue Square) शोरूम्स के जरिए बिक्री के लिए उपलब्ध होगा।

यामाहा EC-06 (Yamaha EC-06) को खासतौर पर शहरों में रोजाना सफर करने वाले युवाओं को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इसका लुक मॉडर्न है, लेकिन यामाहा (Yamaha) की पहचान वाला स्पोर्टी डीएनए इसमें साफ झलकता है। फिलहाल यह स्कूटर ब्लूईश व्हाइट (Bluish White) कलर में लॉन्च किया गया है।

169 किमी. की सर्टिफाइड रेंज
यामाहा EC-06 की सबसे बड़ी ताकत इसकी 169 किमी. की सर्टिफाइड रेंज है, जो इसे डेली कम्यूट के लिए एक भरोसेमंद विकल्प बनाती है। इसमें 4 kWh की फिक्स्ड बैटरी दी गई है, जो एक बार फुल चार्ज होने पर लंबा सफर तय कर सकती है।

दमदार मोटर और परफॉर्मेंस
इस इलेक्ट्रिक स्कूटर में IPMSM (Interior Permanent Magnet Synchronous Motor) दिया गया है। इसके परफॉर्मेंस आंकड़ों की बात करें तो ये ईवी 79 km/h की टॉप स्पीड पकड़ने में सक्षम है। इसमें लगा मोटर 26 Nm का मैक्स टॉर्क और 6.7 kW की पीक पावर जेनरेट करने में सक्षम है।

30,000 किमी. की वारंटी
इस ईवी की बैटरी पर कंपनी 3 साल या 30,000 किमी. की वारंटी दे रही है। इसे घर के सामान्य प्लग से चार्ज किया जा सकता है। इस ईवी को फुल चार्ज में करीब 8 घंटे लगते हैं।

पानी और धूल से पूरी सुरक्षा
यामाहा EC-06 (Yamaha EC-06) को भारतीय हालात के हिसाब से तैयार किया गया है। इसका मोटर और बैटरी IP67 सर्टिफाइड है। अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स IP65 सर्टिफाइड हैं, यानी बारिश और धूल में भी स्कूटर बेफिक्र होकर चलाया जा सकता है।

3 राइडिंग मोड और रिवर्स फीचर
EC-06 में ईको (Eco), स्टैंडर्ड (Standard) और पावर (Power) 3 राइडिंग मोड मिलते हैं, जिससे राइडर अपनी जरूरत के हिसाब से माइलेज या परफॉर्मेंस चुन सकता है। इसके अलावा रिवर्स मोड (Reverse Mode) भी दिया गया है, जो तंग जगहों में स्कूटर पार्क करने में काफी मददगार है।

सेफ्टी और सस्पेंशन
इसमें आगे और पीछे 200mm डिस्क ब्रेक दी गई है। इसमें कॉम्बी ब्रेकिंग सिस्टम (Combi Braking System -CBS), फ्रंट टेलिस्कोपिक सस्पेंशन, रियर कॉइल स्प्रिंग सस्पेंशन मिलता है। ये सभी फीचर्स मिलकर शहर की सड़कों पर स्मूद और सुरक्षित राइड का भरोसा देते हैं।

स्मार्ट फीचर्स और कनेक्टिविटी
यामाहा EC-06 में LCD डिजिटल डिस्प्ले दिया गया है, जिसमें स्पीड, बैटरी स्टेटस, राइडिंग मोड और कनेक्टिविटी की जानकारी मिलती है। यह स्कूटर यामाहा मोटर कनेक्ट R ऐप के साथ भी जुड़ता है, जिससे राइड और ज्यादा स्मार्ट बन जाती है।

24.5 लीटर अंडर-सीट स्टोरेज
यामाहा (Yamaha) स्कूटर में 24.5 लीटर का बड़ा अंडर-सीट स्टोरेज दिया गया है, जिसमें हेलमेट, बैग या डेली का सामान आसानी से रखा जा सकता है।

ग्रीन फ्यूचर की ओर कदम
यामाहा (Yamaha) का कहना है कि EC-06 भारत सरकार के Net-Zero 2070 और नेशनल मिशन ऑन ट्रॉन्सफॉर्मेटिव मोबिलिटी (National Mission on Transformative Mobility) जैसे विजन के अनुरूप है। यह स्कूटर मेक-इन-इंडिया (Make in India) और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने की दिशा में यामाहा (Yamaha) का बड़ा कदम माना जा रहा है।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील के बाद पीएम मोदी का स्वागत, एनडीए सांसदों ने दी बधाई

नई दिल्ली। संसद परिसर में आयोजित एनडीए संसदीय दल की बैठक में एनडीए सांसदों ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जोरदार स्वागत किया। सभी सांसदों ने पीएम मोदी को इस ऐतिहासिक डील के लिए बधाई दी।

बता दें कि सोमवार की रात डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के ऊपर लगाए गए 25 प्रतिशत के टैरिफ में कटौती कर 18 फीसदी कर दिया था। इसके बाद दोनों नेताओं ने एक दूसरे का शुक्रिया अदा किया। वहीं, इस दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का भी औपचारिक रूप से स्वागत किया गया।

संसद परिसर में एनडीए संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और नवनिर्वाचित पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन उपस्थित हैं।

इस बैठक में नितिन नवीन का भी जोरदार स्वागत किया गया। संसदीय दल की बैठक में इन दो नेताओं के अलावा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, जेपी नड्डा समेत कई दिग्गज नेता मौजूद हैं।

5 Trade Deal: भारत के आर्थिक इतिहास में पहली बार एक साल में 5 ट्रेड डील

 वैश्विक GDP में 50% से अधिक की साझेदारी

नई दिल्ली। भारत के आर्थिक इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि देश ने कुछ ही दिनों के अंदर दो बड़े व्यापारिक समझौते किए हैं। अगर पूरे साल भर की बात करें तो भारत ने ऐसे पांच ट्रेड डील किए हैं, जिनकी वैश्विक जीडीपी में कुल हिस्सेदारी 50% से भी ज्यादा है।

सबसे ताजा ट्रेड डील की घोषणा अमेरिका के साथ हुई है, जो पिछले कुछ महीने से दोनों देशों में तनाव की बड़ी वजह बनी हुई थी। अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझीदार है, जहां पिछले वित्त वर्ष (2025) में भारत के कुल निर्यात का करीब 20% माल गया और हमारे आयात में उनकी हिस्सेदारी 6.3% रही।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार देर रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन पर बात करने के साथ ही भारतीय सामानों पर लगने वाले टैरिफ को 25% से घटाकर 18% कर दिया। रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने के लिए जो अतिरिक्त 25% टैरिफ लगाया था, उसे भी खत्म किया जा रहा है।

भारत के लिए यह बहुत बड़ी सफलता है, क्योंकि अमेरिका हमारा सबसे बड़ा व्यापारिक सहयोगी है, वह हमारे सामानों का सबसे बड़ा आयातक है और भारत के 20% माल की सप्लाई वहीं होती है। दोनों देशों के बीच ट्रंप के मौजूदा कार्यकाल शुरू होने के बाद से ही द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बात चल रही थी, जिसके तहत मौजूदा 191 अरब डॉलर के व्यापार को 2030 तक 500 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य है।

कुछ ही दिन पहले भारत और यूरोपियन यूनियन ने भी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर मुहर लगाई है। इस तरह से भारत के आर्थिक इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि दुनिया के दो सबसे बड़े व्यापारिक समूहों के साथ इसकी व्यापारिक संधि हो गई है।

इस तरह से बीते एक साल के अंदर भारत ने पांच ट्रेड डील पूरे कर लिए हैं। अमेरिका और यूरोपियन यूनियन से पहले भारत ने ब्रिटेन (यूके), ओमान और न्यूजीलैंड से भी ट्रेड डील कर ली है।

अगर 2025 के वैश्विक जीडीपी में मोटे तौर पर हिस्सेदारी देखें तो भारत, अमेरिका, यूरोपियन यूनियन (27 देश शामिल), यूके, ओमान और न्यूजीलैंड को मिलाकर यह 50% से 55% तक हो जाता है।

अकेले यूरोपियन यूनियन और भारत की ही वैश्विक जीडीपी में हिस्सेदारी जोड़ें तक यह करीब 25% है। अमेरिका से हुई ट्रेड डील इन मायनों में और भी खास है कि अब बांग्लादेश (20%) , वियतनाम (20%) और थाईलैंड(19%) जैसे देशों पर लगा अमेरिकी टैरिफ भारत से ज्यादा हो गया है।

अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है तो यूरोपियन यूनियन दूसरी बड़ी अर्थव्यस्था (चीन अकेले रहने पर) और भारत चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। ब्रिटेन हाल तक टॉफ फाइव इकॉनमी में शामिल रहा है।

इस तरह से दुनिया की प्रभावशाली अर्थव्यवस्थाओं का एक बड़ा समूह अब भारत के साथ व्यापारिक रूप से मजबूती से जुड़ चुका है। अगर ग्लोबल ट्रेड में इन सबकी हिस्सेदारी देखें यह 38 से 40% के करीब है।

कई देशों के साथ पहले से है व्यापार संधि
इनके अलावा भारत का कई देशों के साथ पहले से ही रीजनल ट्रेड एग्रीमेंट और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट चल रहा है। इनमें जापान, दक्षिण कोरिया, आसियान क्षेत्र के देश, सार्क से जुड़े देश, मॉरीशस, संयुक्त अरब अमीरात और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश शामिल हैं।

CBSE की 10वीं 12वीं के एडमिट कार्ड जारी, सीधे लिंक से करें डाउनलोड

नई दिल्ली। CBSE 10th 12th Admit Card : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने कक्षा 10वीं और 12वीं की वार्षिक बोर्ड परीक्षाओं के लिए एडमिट कार्ड 2026 जारी कर दिए हैं। रेगुलर स्टूडेंट्स खुद एडमिट कार्ड डाउनलोड नहीं कर सकते हैं।

स्कूल अथॉरिटीज को परीक्षा संगम पोर्टल https://parikshasangam.cbse.gov.in पर अपने क्रेडेंशियल्स का इस्तेमाल करके लॉग इन करना होगा और एडमिट कार्ड डाउनलोड करने होंगे।

एडमिट कार्ड को डाउनलोड कर उन्हें स्टूडेंट्स को देना होगा। स्टूडेंट्स को सलाह दी जाती है कि वे अपने स्कूलों के संपर्क में रहें और एडमिट कार्ड जारी होते ही उन्हें ले लें। एडमिट कार्ड के बिना परीक्षा हॉल में एंट्री नहीं मिलेगी।

प्राइवेट कैंडिडेट्स हॉल टिकट डाउनलोड कर सकते हैं
रेगुलर स्टूडेंट्स के उलट प्राइवेट कैंडिडेट्स अपना एडमिट कार्ड खुद डाउनलोड कर सकते हैं। उन्हें CBSE की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाना होगा और अपने एप्लीकेशन नंबर, पिछले रोल नंबर या दूसरी जरूरी डिटेल्स का इस्तेमाल करके लॉग इन करना होगा।

परीक्षा का शेड्यूल
कक्षा 10वीं की परीक्षा 17 फरवरी से शुरू होकर 11 मार्च 2026 तक चलेगी। इस साल से कक्षा 10 के लिए दो बोर्ड परीक्षाओं का विकल्प भी शुरू किया गया है, जिसका दूसरा चरण मई-जून में होगा।

कक्षा 12वीं की परीक्षा 17 फरवरी से 10 अप्रैल 2026 तक आयोजित की जाएगी। प्रैक्टिकल परीक्षाएं स्कूलों में 1 जनवरी 2026 से ही शुरू हो चुकी हैं।

इन जानकारियों को जरूर जांचें
छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे एडमिट कार्ड मिलते ही इन विवरणों का मिलान कर लें:

छात्र का नाम और रोल नंबर।

  • परीक्षा केंद्र का नाम, पता और केंद्र कोड।
  • विषयों के नाम और उनके सही विषय कोड।
  • फोटो और सिग्नेचर स्पष्ट हैं या नहीं।
  • परीक्षा के दिनों के लिए रिपोर्टिंग समय और गेट बंद होने का समय।
  • यदि किसी भी जानकारी में कोई गलती पाई जाती है, तो छात्र तुरंत अपने स्कूल या क्षेत्रीय सीबीएसई कार्यालय से संपर्क करें।

Gold price: सोने-चांदी में तेजी लौटी, सोना फिर 1.48 लाख, चांदी ढाई लाख के पार

नई दिल्ली। Gold and Silver Price today: सोने-चांदी के वायदा कीमतों में मंगलवार को तेजी लौट आई है। घरेलू बाजार में सोने के वायदा भाव 1,48,300 रुपये, जबकि चांदी के भाव 2,50,400 रुपये के करीब कारोबार कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना चांदी तेजी के साथ कारोबार कर रही है।

सोने के वायदा भाव की शुरुआत तेजी के साथ हुई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का बेंचमार्क अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट 4,009 रुपये की तेजी के साथ 1,48,000 रुपये के भाव पर खुला। पिछला बंद भाव 1,43,991 रुपये था।

खबर लिखे जाने के समय यह कॉन्ट्रैक्ट 4,319 रुपये की तेजी के साथ 1,48,310 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहा था। इस समय इसने 1,48,310 रुपये के भाव पर दिन का उच्च और 1,47,215 रुपये के भाव पर दिन का निचला स्तर छू लिया। सोने के वायदा भाव ने पिछले महीने 1,80,779 रुपये के भाव पर सर्वोच्च स्तर छू लिया था।

चांदी के वायदा भाव की शुरुआत तेज रही। MCX पर चांदी का बेंचमार्क मार्च कॉन्ट्रैक्ट 9,450 रुपये की तेजी के साथ 2,45,711 रुपये पर खुला। पिछला बंद भाव 2,36,261 रुपये था।

खबर लिखे जाने के समय यह कॉन्ट्रैक्ट 14,175 रुपये की तेजी के साथ 2,50,436 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहा था। इस समय इसने 2,50,436 रुपये के भाव पर दिन का उच्च और 2,45,711 रुपये के भाव पर दिन का निचला स्तर छू लिया। चांदी के वायदा भाव ने इस साल 4,20,048 रुपये किलो के भाव पर सर्वोच्च स्तर छू लिया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने चांदी के वायदा भाव में अब तेजी लौट आई है। दोनों के भाव हाल में मुनाफावसूली के कारण जिस निचले स्तर तक गिर गए थे, उससे काफी सुधर गए। Comex पर सोना आज 4,691 डॉलर प्रति औंस के भाव पर खुला।

पिछला क्लोजिंग प्राइस 4,652.60 डॉलर प्रति औंस था। खबर लिखे जाने के समय यह 157.30 डॉलर की गिरावट के साथ 4,809.90 डॉलर प्रति औंस के भाव पर कारोबार कर रहा था। सोने के भाव ने इस साल 5,586.20 डॉलर के भाव पर सर्वोच्च स्तर छू लिया।

Comex पर चांदी के वायदा भाव 79.22 डॉलर के भाव पर खुले। पिछला क्लोजिंग प्राइस 77 डॉलर था। खबर लिखे जाने के समय यह 5.06 डॉलर की तेजी के साथ 82.06 डॉलर प्रति औंस के भाव पर कारोबार कर रहा था। इसके भाव ने इस महीने 121.79 डॉलर का उच्चतम स्तर छू लिया।

Stock Market: टैरिफ कटौती से निवेशकों की बल्ले-बल्ले, 13 लाख करोड़ का फायदा

नई दिल्ली। Stock Market, February 3, 2026: भारतीय शेयर बाजार मंगलवार (3 फरवरी) को तूफानी तेजी के साथ खुले। अमेरिका और भारत के बीच लंबे समय से अटकी हुई ट्रेड ट्रीड की घोषणा से बाजार झूम उठा।  

खुलने के कुछ ही देर के बाद शेयर बाजार 4200 अंक या फिर 5.1 प्रतिशत की तेजी के साथ 85871.73 के इंट्रा-डे हाई पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी 50 1252 अंक या फिर 5 प्रतिशत की उछाल के साथ 26341.20 अंक पर पहुंच गया। शेयर बाजार में तेजी की वजह से महज 15 मिनट में निवेशकों को 13 लाख करोड़ रुपये का फायदा हुआ है।

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) शानदार बढ़त के साथ 85,323 अंक पर खुला और खुलते ही इसमें और बढ़त देखी गई। सुबह 9:22 बजे यह 2492.06 अंक या 3.05 फीसदी बढ़कर 84,158.52 पर कारोबार कर रहा था।

इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) जोरदार तेजी के साथ 26,308 अंक पर खुला। सुबह 9:23 बजे यह 760.70 अंक या 3.03 प्रतिशत के उछाल के साथ 25,849.10 पर ट्रेड कर रहा था।

पॉल एसेट में इक्विटी रिसर्च एनालिस्ट और 129 वेल्थ फंड में फंड मैनेजर प्रसेनजीत पॉल ने कहा, अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने सोमवार को भारत के साथ बहुप्रतीक्षित व्यापार समझौते का एलान कर दिया। इस समझौते के तहत भारतीय सामानों पर लगाया जाने वाला रेसिप्रोकल टैरिफ 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है।

भारत-अमेरिका के ऐतिहासिक व्यापार समझौते ने भारतीय शेयर बाजार को लेकर बनी अनिश्चितता को खत्म कर दिया है। इससे वैश्विक निवेशकों की धारणा में स्पष्ट बदलाव आया है। टैरिफ बढ़ने की आशंका के कारण जिन विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में निवेश रोक रखा था, उनके लिए अब माहौल फिर से सकारात्मक हो गया है।

उन्होंने कहा कि डील का सबसे अधिक फायदा आईटी सर्विसेज, कपड़ा और ऑटो पार्ट्स जैसे निर्यात-आधारित सेक्टर को मिलेगा, जो पहले अधिक शुल्क के लिए तैयार हो रहे थे।

भारत-यूएस के बीच ट्रेड डील पूरी
अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने सोमवार को भारत के साथ बहुप्रतीक्षित व्यापार समझौते का एलान कर दिया। इस समझौते के तहत भारतीय सामानों पर लगाया जाने वाला रेसिप्रोकल टैरिफ 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है।

इस फैसले से कई प्रमुख सेक्टरों को फायदा हो सकता है। इनमें टेक्सटाइल और परिधान, ऑटो पार्ट्स और इंजीनियरिंग, स्पेशलिटी केमिकल्स, कृषि और सीफूड निर्यात तथा अमेरिका में मौजूदगी रखने वाले चुनिंदा इलेक्ट्रॉनिक्स और कंज्यूमर मैन्युफैक्चरर्स शामिल हैं।

निवेशकों को 13 लाख करोड़ रुपये का फायदा
ट्रेड डील की घोषणा के बाद बाजार में आई जोरदार तेजी से निवेशकों की वेल्थ में जोरदार इजाफा हुआ है। शेयर बाजार में तेजी की वजह से महज 15 मिनट में निवेशकों को 13 लाख करोड़ रुपये का फायदा हुआ है। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप बढ़कर 4,66,96,845 करोड़ रुपये हो गया। जबकि सोमवार को बाजार बंद होने के बाद यह 45,435,628 लाख करोड़ रुपये था।

रॉकेट बने टेक्सटाइल कंपनियों के शेयर
टेक्सटाइल कंपनियों के शेयर मंगलवार को बाजार खुलते ही रॉकेट बन गए हैं। भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील होने से गारमेंट एंड अपैरल कंपनियों के शेयरों में तूफानी तेजी आई है। अमेरिका ने भारत से होने वाले एक्सपोर्ट पर टैरिफ को घटाकर 18 पर्सेंट कर दिया है। टैरिफ घटने के बाद गोकलदास एक्सपोर्ट्स, किटेक्स गारमेंट्स, वेलस्पन लिविंग, इंडो काउंट इंडस्ट्रीज, पर्ल ग्लोबल इंडस्ट्रीज, अरविंद लिमिटेड और केपीआर मिल के शेयरों में 20 पर्सेंट तक की तेजी देखने को मिली है।

ग्लोबल मार्केट के संकेत
वैश्विक स्तर पर एशियाई शेयर बाजारों में भी तेजी देखने को मिली। चीन का CSI 300 इंडेक्स 0.51 प्रतिशत चढ़ा, हांगकांग का हैंग सेंग 0.78 प्रतिशत ऊपर रहा, जापान का निक्केई 3.09 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 5.3 प्रतिशत बढ़ा। अमेरिकी बाजारों में वॉल स्ट्रीट के शेयर बाजार भी बढ़त के साथ बंद हुए। S&P 500 में 0.54 प्रतिशत, नैस्डैक में 0.56 प्रतिशत और डाउ जोंस में 1.05 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।

इंस्टीट्यूट फॉर सप्लाई मैनेजमेंट के अनुसार, अमेरिका का मैन्युफैक्चरिंग परचेज़िंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) जनवरी में बढ़कर 52.6 पर पहुंच गया। पिछले 12 महीनों में यह पहली बार है जब PMI 50 के ऊपर गया है। अगस्त 2022 के बाद यह इसका सबसे ऊंचा स्तर है, जो मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में बढ़ोतरी का संकेत देता है। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर अमेरिकी अर्थव्यवस्था का 10.1 प्रतिशत हिस्सा है।