Monday, July 27, 2026
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रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3056 की कांफ्रेंस ‘प्रवाह’ में 21 जिलों के 650 रोटेरियंस हुए शामिल

कोटा। रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3056 की दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस ‘प्रवाह’ बारां रोड स्थित एक रिसोर्ट पर संपन्न हुई। डिस्ट्रिक्ट गवर्नर प्रज्ञा मेहता ने बताया कि इस आयोजन में कॉन्फ्रेंस के मुख्य अतिथि कोटा के  महाराज इज्यराज सिंह रहे।

उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कान्फ्रेंस में कोटा के अलावा जयपुर, सीकर, रींगस, उदयपुर, मालपुरा, दूदू, चित्तोड़, बूंदी, बाँसवाड़ा, उदयपुर, सीकर से जुड़े  650 से अधिक रोटरी सदस्यों ने लाभ उठाया।

क्लब अध्यक्ष मनोज सोनी ने बताया कि रोटरी इंटरनेशनल प्रेसिडेंट प्रतिनिधि जवाहर वल्दमानी का स्वागत ढोल एवं  माला एवं उपरना  पहनाकर किया गया।   उन्होंने रोटरी इंटरनेशनल के कार्यक्रम के बारे में विस्तृत जानकारी दी। 
 
डिस्ट्रिक्ट कांफ्रेंस चेयरमैन सुरेश अग्रवाल ने बताया कि कार्यक्रम में  कांफ्रेंस हॉल में ब्राह्मण बटुकों द्वारा मन्त्रोच्चार किया गया। क्लब सचिव नीरज अग्रवाल ने बताया कि प्रवाह कार्यक्रम में वृंदावन की रेणुका पुंडरीक गोस्वामी का अध्यात्म एवं प्रोत्साहन भरा व्याख्यान हुआ। जिसमें जीवन के विभिन्न पहलुओं पर बात की। डिस्ट्रिक्ट सेक्रेटरी जनरल प्रीतम कुमार गोस्वामी ने बताया कि दो दिवसीय कांफ्रेंस में पूर्व प्रांतपालों ने रोटरी की वर्तमान में भूमिका एवं सामजिक उदेश्यों पर प्रकाश डाला।
 
कोष्याध्यक्ष उमेश गोयल ने बताया कि कवि चिराग जैन ने मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम को समर्पित अपनी काव्य प्रस्तुति देकर श्रौताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रवक्ता संजय गोयल ने बताया कि इस कांफ्रेंस में आबिद खान की ओर से लंगा गायन की प्रस्तुति दी।

इसके अलावा राजस्थानी गीतों के प्रस्तुति, राजीव राजा का कॉन्सर्ट की भी प्रस्तुति दी गई। एक्सपर्ट आकांक्षा शेखावत ने उपस्थित डेलीगेट्स को जुंबा एवं एरोबिक्स कराया। व्यंग्य हिन्दी कवि सम्मेलनों के व्यंग के सिरमौर सम्पत सरल ने हॉल में उपस्थित सभी डेलिगेट्स को अपने हास्य व्यंग से माहौल को खुशनुमा बना दिया।   

इस अवसर पर कांफ्रेंस कोषाध्यक्ष पंकज भंडारी,  कांफ्रेंस टीम नितिन अग्रवाल, दीपक मेहता, मुकेश चौधरी, अभिषेक मित्तल, दर्पण जैन, अनिल गोयल, राजकुमार जैन, अनीश बिरला, अंजलि शर्मा, आशीष खण्डेलाल,  डॉ. नीरल बरथूनिया, विनीत अग्रवाल, अमन जैन, नेहा गुप्ता, संजय यादव, शरद गुप्ता, हर्ष पटेल, विनीत अग्रवाल, नितेश माहेश्वरी, प्रियंका शर्मा, सुशील बुलचाँदनी, मनोज अग्रवाल उपस्थित रहे। नीता दांगी ने मंच सञ्चालन किया।   

अब कोटा-झालावाड़ के बीच आने-जाने वाले लोगों को दरा के जाम से मुक्ति मिलेगी

दरा आरयूबी और मेज नदी पर हाई लेवल ब्रिज को वाइल्ड लाइफ बोर्ड की मंजूरी

कोटा/बूंदी। नेशनल बोर्ड फॉर वाइल्ड लाइफ (एनबीडब्ल्यूएल) की स्थायी समिति की 88वीं बैठक में कोटा-बूंदी लोकसभा क्षेत्र से जुड़े दो अहम प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिल गई। 19 जनवरी 2026 को हुई बैठक में दरा में रेलवे के नए रोड अंडर ब्रिज (आरयूबी) और बूंदी जिले में मेज नदी पर हाई लेवल ब्रिज के प्रस्तावों को शर्तों के साथ हरी झंडी दी गई।

पहला प्रोजेक्ट कोटा डिवीजन के नागदा–कोटा सेक्शन में कवलपुरा–दरा स्टेशनों के बीच किलोमीटर 865/33-35 पर नए आरयूबी के निर्माण का है। यह अंडर ब्रिज मौजूदा ब्रिज नंबर 148 के पास बनेगा। इस रेलवे अंडर ब्रिज के बनने के बाद कोटा झालावाड़ के बीच आने-जाने वाले लोगों को दरा के जाम से मुक्ति मिल जाएगी।

दूसरा प्रोजेक्ट बूंदी जिले में उनियारा–बिजौलिया वाया इंद्रगढ़–लाखेरी मार्ग पर मेज नदी पर हाई लेवल ब्रिज के निर्माण से जुड़ा है। यह पुल खटकड़ गांव के पास बनेगा।रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में होने के कारण प्रोजेक्ट में प्रगति नहीं हो पा रही थी।

स्पीकर ओम बिरला के प्रयास से स्वीकृति मिलने के बाद इसके निर्माण का रास्ता साफ हो चुका है। पुल मौजूदा लो-लेवल क्रॉसिंग की जगह बनेगा, जो बरसात में अक्सर डूब जाते हैं। नए पुल से रोड कनेक्टिविटी बेहतर होगी साथ ही सालभर आवागमन आसान होगा।

विपक्षी सांसदों के चेयर को यार कहने पर लोक सभा में हंगामा

नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र में लोकसभा में मंगलवार को भी सदन की कार्यवाही के दौरान हंगामा हुआ। राहुल गांधी ने मंगलवार को लद्दाख सीमा विवाद का मुद्दा उठाया, जबकि चेयर की ओर से बार-बार सिर्फ ‘प्रामाणिक सोर्स’ पेश करने की बात कही गई।

विपक्षी सांसदों ने भारत-चीन मुद्दे पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार पर हमला जारी रखा। इसके साथ ही विपक्षी सांसदों ने चेयर के फैसलों का विरोध जारी रखा और मांग की कि विपक्ष के नेता को इस मुद्दे पर बोलने की इजाजत दी जाए। विपक्षी सदस्य पोडियम में चेयर के करीब पहुंच गए।

लोकसभा की कार्यवाही के दौरान चेयर पर कृष्ण प्रसाद तेन्नटी मौजूद थे। राहुल गांधी के भाषण को लेकर इंडिया ब्लॉक के सांसदों और ट्रेजरी बेंच के सांसदों के बीच तीखी बहस के बीच, चेयरपर्सन कृष्णा प्रसाद तेन्नटी ने एक सांसद को चेयर को ‘यार’ कहकर संबोधित करने पर फटकार लगाई।

तेन्नटी ने कहा कि यह यार क्या है? आप चेयर को यार कहकर संबोधित नहीं कर सकते। यह संसद है, यह लोकसभा है, आप चेयर को ऐसे संबोधित नहीं कर सकते। चेयर ने कहा कि मैंने नेता प्रतिपक्ष से राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलने के लिए बार-बार रिक्वेस्ट की।

इसके बाद, उन्होंने अगले स्पीकर समाजवादी पार्टी के सांसद नरेश उत्तम पटेल को बुलाया। हालांकि, पटेल ने बोलने से मना कर दिया। उन्होंने विपक्ष के दूसरे स्पीकरों को बुलाया, लेकिन सभी ने बोलने से मना कर दिया।

लगातार नारेबाजी और हंगामे के बीच टीडीपी सांसद जीएम हरीश बालायोगी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलने के लिए खड़े हुए। सदन में जब हंगामा नहीं रुका, तो सदन को दोपहर 3:00 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

दुबई में अंतरराष्ट्रीय मंच पर कोटा के डॉ. रोहित दाधीच ने बढ़ाया राजस्थान का गौरव

हर्निया के उपचार में लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के लाभों पर आधारित शोध पत्र प्रस्तुत किए

कोटा। Dubai Hernia Summit 2026: ईथॉस हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट एवं क्लिनिकल लीड (एडवांस्ड लेप्रोस्कोपिक, बैरियाट्रिक एवं जनरल सर्जरी) डॉ. रोहित दाधीच ने अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा जगत में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए राजस्थान और देश का नाम रोशन किया है।

उन्हें दुबई हर्निया समिट 2026 में विशेष आमंत्रित वक्ता के रूप में बुलाया गया, जहाँ उन्होंने अपनी उन्नत शल्य-चिकित्सा शोध प्रस्तुतियां साझा कीं।

इस प्रतिष्ठित वैश्विक सम्मेलन में डॉ. दाधीच ने इंगुइनल हर्निया एवं जटिल एब्डॉमिनल वॉल हर्निया के उपचार में लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के लाभों पर आधारित अपने दो वैज्ञानिक शोध पत्र प्रस्तुत किए। उनकी प्रस्तुतियों को सम्मेलन में उपस्थित अंतरराष्ट्रीय स्तर के वरिष्ठ एवं प्रख्यात हर्निया विशेषज्ञों द्वारा विशेष सराहना मिली।

दुबई हर्निया समिट 2026 में विश्वभर से हर्निया सर्जरी के क्षेत्र के जाने-माने सर्जन, विशेषज्ञ और शोधकर्ता शामिल हुए। उल्लेखनीय है कि इस सम्मेलन में राजस्थान से आमंत्रित और सहभागिता करने वाले एकमात्र सर्जन डॉ. रोहित दाधीच रहे, जो प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।

डॉ. रोहित दाधीच ने अमेरिका की विश्वविख्यात Cleveland Clinic (USA) से एडवांस्ड लेप्रोस्कोपिक, बैरियाट्रिक एवं कॉम्प्लेक्स एब्डॉमिनल वॉल हर्निया सर्जरी का विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इसके अतिरिक्त वे नई दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल में कंसल्टेंट के रूप में भी अपनी सेवाएँ दे चुके हैं।

लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के क्षेत्र में दस वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले डॉ. दाधीच को लेप्रोस्कोपिक हर्निया एवं गैस्ट्रो-इंटेस्टाइनल (G.I.) सर्जरी का विशेषज्ञ माना जाता है। आधुनिक न्यूनतम इनवेसिव सर्जरी तकनीकों में उनकी विशेष पहचान है।

कम उम्र में ही अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने शोध और कार्य की प्रस्तुति ने उन्हें देश के सबसे युवा एवं उभरते हुए लेप्रोस्कोपिक सर्जनों की श्रेणी में स्थापित किया है।

डॉ. रोहित दाधीच की इस उपलब्धि से न केवल ईथॉस हॉस्पिटल, बल्कि कोटा और पूरे राजस्थान का नाम अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा समुदाय में गौरवान्वित हुआ है। चिकित्सा विशेषज्ञों और शहरवासियों ने उनकी इस सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए इसे युवा सर्जनों के लिए प्रेरणास्रोत बताया है।

कोटा स्टोन उद्योग को बड़ी राहत, ऑरेंज से ग्रीन कैटेगरी में शामिल

लघु उद्योग भारती के प्रयासों से पर्यावरण नियमों में ऐतिहासिक सरलीकरण

कोटा। लघु उद्योग भारती के सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप केंद्र एवं राज्य सरकार के पर्यावरण विभाग ने कोटा स्टोन उद्योग को ऑरेंज कैटेगरी से हटाकर ग्रीन कैटेगरी में शामिल कर लिया है। यह निर्णय कोटा स्टोन उद्योग से जुड़े हजारों लघु व्यापारियों और उद्यमियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।

लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष अंकुर गुप्ता ने बताया कि ग्रीन कैटेगरी में शामिल होने के बाद अब कोटा स्टोन व्यापारियों को केवल एक बार पर्यावरण स्वीकृति प्रमाण-पत्र लेना होगा, जो आजीवन वैध रहेगा। इसके साथ ही इस प्रमाण-पत्र की शुल्क राशि भी अत्यंत न्यूनतम रखी गई है। यह व्यवस्था पांच करोड़ रुपये से कम लागत वाले उद्योगों पर लागू होगी।

सचिव संदीप जांगिड ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत अब व्यापारियों को चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा प्रमाण-पत्र बनवाने की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। इसके अलावा, पर्यावरण स्वीकृति के लिए प्रार्थना-पत्र (एप्लीकेशन) लगाने की प्रक्रिया को भी पूरी तरह सरल कर दिया गया है, जिसके लिए अब किसी मध्यस्थ या अतिरिक्त माध्यम की आवश्यकता नहीं होगी।

यह नया नियम 1 फरवरी 2026 से प्रभावी हो चुका है, जिससे कोटा स्टोन उद्योग को प्रशासनिक जटिलताओं, समय और खर्च तीनों से राहत मिलेगी।कोटा इकाई के अध्यक्ष अंकुर गुप्ता ने इस उप​लब्धि का श्रेय लघु उद्योग भारती के शीर्ष नेतृत्व को दिया है।

NEET PG 2025: काउंसलिंग राउंड-3 का रिजल्ट जारी, सीधे लिंक से डाउनलोड करें

नई दिल्ली। NEET PG 2025 Round 3 Counselling Result: मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) की ओर से आज, 3 फरवरी 2026 को नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट पोस्टग्रेजुएट (NEET PG) 2025 की तीसरे राउंड का काउंसलिंग का सीट अलॉटमेंट रिजल्ट जारी कर दिया गया है। जिन उम्मीदवारों ने काउंसलिंग के इस राउंड में भाग लिया है, वे आधिकारिक वेबसाइट mcc.nic.in पर जाकर अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं।

रिजल्ट ऐसे डाउनलोड करें
उम्मीदवार इन आसान स्टेप्स को फॉलो कर अपना स्कोर और अलॉटमेंट स्टेटस देख सकते हैं।

  • सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट mcc.nic.in पर जाएं।
  • होमपेज पर “PG Medical” सेक्शन पर क्लिक करें।
  • “Candidate Activity” सेक्शन के तहत “New Registration 2025” लिंक पर जाएं।
  • अपना नीट पीजी रोल नंबर और पासवर्ड दर्ज करें।
  • Round 3 Counselling Result के लिंक पर क्लिक करते ही आपका स्टेटस स्क्रीन पर आ जाएगा।
  • भविष्य के लिए इसका प्रिंटआउट जरूर ले लें।

अगले चरणों के लिए तैयार रहना होगा
कॉलेज में रिपोर्टिंग जिन उम्मीदवारों को इस राउंड में सीट आवंटित की गई है, उन्हें अगले चरणों के लिए तैयार रहना होगा। यदि उम्मीदवार अपनी आवंटित सीट को स्वीकार करते हैं, तो उन्हें आवंटित कॉलेज में रिपोर्ट करना होगा। कॉलेज जॉइनिंग और रिपोर्टिंग की प्रक्रिया 4 फरवरी से 11 फरवरी 2026 के बीच आयोजित की जाएगी।

रिपोर्टिंग के दौरान उम्मीदवारों को अपने सभी आवश्यक डॉक्यूमेंट साथ ले जाने होंगे ताकि कॉलेज स्तर पर उनकी योग्यता का वेरिफिकेशन किया जा सके। इस प्रक्रिया के सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद, मेडिकल कॉलेजों में सत्र की कक्षाएं भी जल्द शुरू होने की उम्मीद है।

काउंसलिंग के तीसरे राउंड का यह रिजल्ट उन मेधावी छात्रों के लिए करियर की नई दिशा तय करेगा जो देश के टॉप मेडिकल कॉलेज में अपनी स्पेशलाइजेशन हासिल करना चाहते हैं। अधिक जानकारी और अपडेट के लिए उम्मीदवारों को रेगुलर रूप से आधिकारिक पोर्टल पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।

पिछले 11 महीनों में मंडियों में सरसों की आवक 105 लाख टन रही

जयपुर। आपूर्ति का ऑफ सीजन होने से दिसम्बर जनवरी में सरसों की आवक कम हुई लेकिन फिर भी मार्च 2025 से जनवरी 2026 के 11 महीनों में इसकी आवक 100 लाख टन से ऊपर पहुंच गई। इससे क्रशिंग-प्रोसेसिंग इकाइयों को नियमित रूप से समुचित मात्रा में सरसों हासिल होती रही और इसकी क्रशिंग भी बढ़ गई।

जयपुर में चांदपोल की अनाज मंडी में अवस्थित लोकप्रिय एवं विश्वसनीय प्रतिष्ठान मैसर्स मरुधर ट्रेडिंग एजेंसी के मैनेजिंग डायरेक्टर अनिल चतर द्वारा संचालित आंकड़ों के अनुसार चालू रबी मार्केटिंग सीजन के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर मंडियों में मार्च 2025 में 14.50 लाख टन, अप्रैल में 15.00 लाख टन, मई में 11.00 लाख टन, जून में 10.00 लाख टन, जुलाई में 8.00 लाख टन, अगस्त में 7.50 लाख टन, सितम्बर में 7.00 लाख टन, अक्टूबर में 7.50 लाख टन, नवम्बर में 6.50 लाख टन तथा दिसम्बर में 4.00 लाख टन सरसों की आपूर्ति हुई जबकि जनवरी 2026 में इसकी मात्रा 4.50 लाख टन दर्ज की गई।

इसके अलावा सरकारी क्रय केन्द्रों पर मार्च 2025 में 50 हजार टन, अप्रैल में 9.00 लाख टन तथा मई में 25 हजार टन सरसों पहुंची। इस तरह खुली मंडियों एवं सरकारी क्रय केन्द्रों को मिलाकर मार्च 2025 से जनवरी 2026 के दौरान कुल 105.25 लाख टन सरसों की आवक हुई।

मरुधर ट्रेडिंग एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार नैफेड एवं हैफेड जैसी सरकारी एजेंसियों के पास 7 लाख टन सरसों का पुराना स्टॉक था जबकि चालू सीजन के दौरान उसने 9.75 लाख टन की खरीद की।

इसमें से 14.75 लाख टन की बिक्री हो चुकी है और अब उसके पास महज 2 लाख टन सरसों का स्टॉक बचा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक तेल मिलों द्वारा मार्च 2025 के जनवरी 2026 के 11 महीनों में 109.25 लाख टन सरसों की क्रशिंग की गई। जनवरी में 7 लाख टन की पेराई हुई।

1 मार्च 2025 को 1 लाख टन सरसों का पिछला स्टॉक मौजूद था जबकि जनवरी 2026 तक 105.25 लाख टन की आपूर्ति हुई। इसमें 9.75 लाख टन की खरीद सरकारी एजेंसियों द्वारा की गई जबकि पिछले स्टॉक के साथ उसे 14.75 लाख टन सरसों बेचने में सफलता मिल गई

क्योंकि सरसों का खुला बाजार भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य से काफी ऊंचा चल रहा था। 1 फरवरी 2026 को किसानों के पास 5 लाख टन व्यापारियों / मिलर्स के पास 2 लाख टन तथा सरकारी एजेंसियों के पास भी 2 लाख टन के साथ देश में कुल 9 लाख टन सरसों का स्टॉक बचा हुआ था।

जनवरी में सूरजमुखी और सोयाबीन तेल का आयात घटा, पाम तेल का बढ़ा

मुंबई। वनस्पति तेल उद्योग एवं व्यापार क्षेत्र के शीर्ष समीक्षकों ने दिसंबर 2025 की तुलना में जनवरी 2026 के दौरान भारत में खाद्य तेलों का कुल आयात 3.5 प्रतिशत गिरकर 13.20 लाख टन पर सिमट जाने का अनुमान लगाया है। इसके तहत पाम तेल के आयात में भारी बढ़ोत्तरी होने जबकि सोया तेल एवं सूरजमुखी तेल के आयात में काफी गिरावट आने की सम्भावना व्यक्त की गयी है।

उद्योग व्यापार क्षेत्र के निवेशकों के अनुसार दिसंबर के मुकाबले जनवरी में पाम तेल का आयात 5.07 लाख टन से उछलकर 7.66 लाख टन पर पहुंच जाने का अनुमान है। जो अक्टूबर 2025 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। दरअसल सॉफ्ट तेलों की तुलना में पाम तेल का भाव कमजोर होने से भारतीय आयातकों ने इसकी खरीद पर ज्यादा जोर दिया।

दूसरी ओर दिसंबर की तुलना में जनवरी माह के दौरान भारत में सोयाबीन तेल का आयात 45 प्रतिशत लुढककर 2.80 लाख टन तथा सूरजमुखी तेल का आयात 23 प्रतिशत गिरकर 2.69 लाख टन रह जाने की सम्भावना व्यक्त की गयी है। समझा जाता है कि निर्यातक देशों में प्रचलित ऊंचे भाव तथा रूपये की विनिमय दर में आई भारी गिरावट के कारण कुछ भारतीय आयातकों ने सोया तेल के आयात अनुबंध को कैंसिल कर दिया था।

साल्वेंट एक्सट्रेक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सी) की मासिक रिपोर्ट मध्य फरवरी के आसपास सामने आएगी जिसमें जनवरी माह के दौरान खाद्य तेलों के आयात का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया जाएगा। लेकिन इतना अवश्य है कि जनवरी में सोयाबीन तेल एवं सूरजमुखी तेल का आयात कम हुआ, जबकि पाम तेल के आयात में वृद्धि हुई। यहाँ यह तथ्य भी ध्यान रखने लायक है कि खाद्य तेलों के उपरोक्त अनुमानित आयात में नेपाल से होने वाला शुल्क मुक्त आयात शामिल नहीं है।

Kota Mandi: लिवाली निकलने से कोटा मंडी में धनिया 10 हजार के पार

कोटा। Kota Mandi Price Today: लिवाली निकलने से भामाशाह अनाज मंडी में मंगलवार को धनिया 200 रुपये प्रति क्विंटल उछल कर 10 हजार के पार निकल गया। आवक की कमी से लहसुन 500 रुपये ऊंचा बिका।

गेहूं 20 रुपये, सोयाबीन, चना 50 रुपये और धान 100 रुपये तेज रहा। मंडी में सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब एक लाख कट्टे और लहसुन की 2500 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे-

गेहूं 2451 से 2525, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 2000 से 2350, मक्का लाल 1500 से 1750, मक्का सफेद 2500 से 2800 जौ 2000 से 2300 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा 2800 से 3251, धान (1509) 3000 से 3751, धान (1847) 2800 से 3551, धान (1718-1885) 3600 से 4100, धान (पूसा-1) 3400 से 4000, धान (1401-1846) 3800 से 4200, धान दागी 1200 से 2900 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 4000 से 5721, सरसो 6200 से 6800, सरसों नयी 5300 से 6400, अलसी 7000 से 7800, तिल्ली 7000 से 10500 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 6000 से 6900, उड़द 4500 से 8500, चना देशी 4700 से 5400, चना मौसमी 4700 से 5350, चना पेप्सी 4800 से 5351, चना डंकी 3500 से 4700, चना काबुली 6000 से 7800 रुपये प्रति क्विंटल।

पुराना लहसुन 3000 से 12000 रुपए, नया लहसुन 7500 से 11000, मैथी 4000 से 5500, धनिया बादामी 7500 से 9500 धनिया ईगल 9500 से 10200 रुपये प्रति क्विंटल।

रूस से भारत तेल लेकर आ रहे टैंकरों को अमेरिका ने मोड़ा, जानिए क्यों

नई दिल्ली। अमेरिका से ट्रेड डील के बाद अब भारत के सामने रूस से तेल खरीदने की पाबंदी का तोड़ निकालने की बड़ी समस्या है। भारतीय रिफाइनरी कंपनियों को अब रूस से तेल पर पूरी तरह से पाबंदी लगाने की शर्त को मानने के लिए विंड डाउन पीरियड की जरूरत है।

दरअसल, अगर रूस से तेल आयात पूरी तरह रुकता है तो इन कंपनियों ने जो तेल खरीद रखे हैं, उनकी आपूर्ति मार्च तक ही हो पाएगी। ऐसे में अगर सरकार इसे रोकने का आदेश देती है तो उन्हें यह ट्रांजीशन पीरियड चाहिए होगा।

भारतीय रिफाइनर्स ने फरवरी में तेल टैंकरों के लिए कार्गो बुक किए हैं, जो मार्च तक ही पहुंच पाएंगे। ऐसे में इन कंपनियों को मार्च तक की मोहलत चाहिए, ताकि जो करार ये कर चुकी हैं, वो समय रहते पूरी की जा सकें।

भारत-अमेरिका के बीच जो ट्रेड डील हुई है, उसमें यह बड़ी शर्त है कि भारत रूस से तेल आयात पूरी तरह से रोक देगा। इस डील के तहत अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर 50 फीसदी टैरिफ घटाकर 18 फीसदी कर दिया है। अब भारत को रूस के बजाय अमेरिका और उसके द्वारा नियंत्रित वेनेजुएला से तेल खरीदना होगा।

2022 में यूक्रेन में युद्ध छिड़ने के बाद से भारत अभी तक रूस से डिस्काउंटेड क्रूड ऑयल का टॉप बॉयर रहा है। इससे रूस से तेल खरीदने की एवज में अमेरिका ने भारत पर सख्त टैरिफ लाद दिए थे।

अमेरिका चाहता है कि रूस तेल बेचकर यूक्रेन युद्ध में लगा रहा है, जिससे युद्ध को फंडिंग की जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह दावा किया कि उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी से कहा कि वह रूस से तेल खरीद बंद करने पर राजी हो गए हैं। वह अमेरिका और वेनेजुएला से अब तेल खरीदेंगे।

आंकड़ों के अनुसार, अमेरिकी पाबंदी के चलते भारत का रूस से तेल आयात बीते दो साल में दिसंबर, 2025 में अपने सबसे निचले स्तर पर आ गया था। उस वक्त पेट्रोलियम उत्पादक देशों के संगठन OPEC का शेयर बीते 11 महीनों में बढ़ा है।

कहां से तेल लेकर आ रहीं भारतीय कंपनियां
भारतीय रिफाइनरी कंपनियां अब ज्यादा से ज्यादा कच्चा तेल मिडिल ईस्टर्न, अफ्रीकी और दक्षिण अमेरिकी देशों से खरीद रही हैं। उन्होंने पहले ही अमेरिकी पाबंदी के चलते रूस से तेल खरीदना कम कर दिया था।