Monday, July 27, 2026
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भारत-चीन द्विपक्षीय व्यापार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा, पिछले साल से 12% अधिक

नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील फाइनल होने की खबरों के बीच चीनी राजदूत ने भी एक खुशखबरी दी है। चीनी राजदूत शू फेइहोंग ने मंगलवार को बताया जी कि भारत-चीन द्विपक्षीय व्यापार 2025 में 155 अरब अमेरिकी डॉलर के ‘रिकॉर्ड उच्च स्तर’ पर पहुंच गया है।

यह पिछले साल की तुलना में हुए व्यापार से करीब 12 प्रतिशत से भी अधिक है। उन्होंने कहा कि चीन को भारत का निर्यात भी 9.7 फीसदी बढ़ गया है, जो आर्थिक सहयोग की कई संभावनाओं को रेखांकित करता है।

राजदूत चीनी नव वर्ष के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने इस दौरान कहा है कि चीन भारत के ब्रिक्स की अध्यक्षता करने का समर्थन करता है और भारत के साथ बहुपक्षीय समन्वय को मजबूत करने के लिए तत्पर है। उन्होंने कहा कि चीन ‘ग्लोबल साउथ’ के विकास को आगे बढ़ाने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।

वहीं द्विपक्षीय संबंधों की दिशा पर बात करते हुए, जू ने कहा कि पिछले साल तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात के बाद चीन और भारत के संबंधों में लगातार सुधार हुआ है।

उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तियानजिन में एक सफल बैठक की, जिससे चीन-भारत संबंध ‘रीसेट और नई शुरुआत’ से सुधार के एक नए स्तर पर पहुंचे।”

मौद्रिक नीति समिति की समीक्षा बैठक आज से, रीपो दर में बदलाव की उम्मीद नहीं

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (एमपीसी) की छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति द्वारा 4 से 6 फरवरी तक होने वाली मौद्रिक समीक्षा में रीपो दर और रुख में किसी तरह के बदलाव की उम्मीद नहीं है।

12 अर्थशास्त्रियों के बीच कराए गए सर्वेक्षण में ज्यादातर लोगों ने ऐसी राय जाहिर की। उन्होंने कहा कि दर में और कटौती तभी हो सकती है जब वृद्धि में बड़ी गिरावट का जोखिम हो। यह सर्वेक्षण अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए शुल्क को घटाकर 18 फीसदी करने की घोषणा से पहले किया गया था।

मौद्रिक नीति समिति ने दिसंबर 2025 में रीपो दर को 25 आधार अंक घटाकर 5.25 फीसदी कर दिया था। उससे पहले पिछली दो बैठकों में रीपो दर को अपरिवर्तित रखा गया था। पिछले साल फरवरी में शुरू हुए दर कटौती के चक्र में कुल मिलाकर रीपो दर में 125 आधार अंक की कटौती की गई है।

सर्वेक्षण में शामिल प्रतिभागियों ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 में भी वृद्धि दर की गति बनी रहने की उम्मीद है और महंगाई धीरे-धीरे 4 फीसदी के करीब जा सकती है। ऐसे में मौद्रिक नीति समिति आगामी बैठक में दर को अपरिवर्तित रखने का निर्णय कर सकती है।

एचडीएफसी बैंक की प्रधान अर्थशास्त्री साक्षी गुप्ता ने कहा, ‘वित्त वर्ष 2027 में वृद्धि दर 6.9 फीसदी रह सकती है और महंगाई दर भी 4 फीसदी के करीब आ सकती है। इसे देखते हुए मुझे नहीं लगता कि आरबीआई अभी रीपो दर में कटौती करेगा।’

कुछ अर्थशास्त्रियों ने कहा कि फरवरी के मध्य में नए आधार वर्ष के अनुसार आने वाले खुदरा मुद्रास्फीति और सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़ों का मूल्यांकन होने का इंतजार करना चाहिए।

जनवरी 2026 के खुदरा मुद्रास्फीति के आंकड़े 12 फरवरी को जारी होंगे जिसमें 2024 को बाधार वर्ष माना जाएगा जबकि वित्त वर्ष 2024 से 2026 के लिए जीडीपी आंकड़ा 27 फरवरी को जारी किया जाएगा, जिसमें 2022-23 को आधार वर्ष माना जाएगा। उन्होंने कहा कि ये संशोधित सीरीज मौजूदा वृद्धि-महंगाई के रुझान को समझने में मदद करेंगी और नया परिदृश्य तैयार करने का आधार प्रदान करेंगी।

इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा, ‘इक्रा का मानना है कि मौजूदा समय में नए आधार वर्ष के हिसाब से आने वाले खुदरा मुद्रास्फीति और जीडीपी डेटा का आकलन करना जरूरी है, जो फरवरी 2026 के बीच या आखिर में जारी होने वाले हैं। ये आंकड़े मौजूदा वृद्धि-महंगाई का गणित तय करेंगे और नया परिदृश्य बनाने में मदद करेंगे।’

सभी प्रतिभागियों ने उम्मीद जताई कि मौद्रिक नीति समिति तटस्थ रुख बनाए रखेगी लेकिन खुला बाजार परिचालन (ओएमओ) तैसे तरलता बढ़ाने के उपाय जारी रख सकती है।

उन्होंने कहा कि मौजूदा दर कटौती चक्र में अभी तक रीपो दर में 125 आधार अंक की कमी की जा चुकी है लेकिन ग्राहकों तक कटौती का पूरा लाभ पहुंचाने में चुनौतियों को देखते हुए आगे और दर कटौती के लाभ सीमित दिखते हैं। इसके अलावा रुपये पर दबाव और वृद्धि दर ठीक-ठाक रहने से रीपो में कटौती की उम्मीद नहीं है।

ज्यादातर प्रतिभागियों का मानना है कि रीपो दर 5.25 फीसदी पर बनी रहेगी तथा इसमें और कटौती नहीं होगी। समिति दर में तभी कटौती करेगा जब वृद्धि काफी कमजोर होगी यानी कुल मिलाकर लंबे समय तक दर कटौती पर विराम लग सकता है।

Stock Market: सेंसेक्स 487 अंक टूटकर 83252 पर खुला, निफ्टी 25700 के नीचे

नई दिल्ली। Stock Market Opened: बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का संवेदी सूचकांक- सेंसेक्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी आज यानी 4 जुलाई 2026 को लाल निशान पर खुला। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 487 अंक नीचे 83252 पर खुला। जबकि, एनएसई का 50 शेयरों वाला बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 52 अंकों के नुकसान के साथ 25675 के लेवल से बुधवार के कारोबार की शुरुआत की।

इससे पहले घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को जोरदार तेजी देखने को मिली और आठ महीने से ज्यादा समय में यह सबसे बड़ी एक-दिनी बढ़त रही। भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने वाले समझौते से निवेशकों का भरोसा काफ़ी बढ़ा और बाज़ार पर बना एक बड़ा दबाव कम हुआ।

सेंसेक्स कारोबार के दौरान 4,025 अंकों तक चढ़ गया था। हालांकि बाद में कुछ बढ़त गंवाकर 2,073 अंक यानी 2.5 प्रतिशत की तेजी के साथ 83,739 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 639 अंक यानी 2.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ 25,728 पर बंद हुआ।

इसके अलावा, निवेशकों का फोकस भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) पर भी रहेगा। केंद्रीय बैंक आज से अपनी तीन-दिवसीय बैठक शुरू कर रहा है। जानकारों का मानना है कि आरबीआई इस बार ब्याज दरों में बदलाव कर सकता है।

ग्लोबल मार्केट के संकेत
वॉल स्ट्रीट पर रातों रात गिरावट के बाद एशियाई बाजारों में बुधवार को गिरावट दर्ज की गई। जापान के निक्केई 225 में 1.2% की गिरावट आई, जबकि टॉपिक्स 0.39% गिर गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.4% बढ़ा, जबकि कोस्डैक 1.01% बढ़ा। हांगकांग हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स ने कम खुलने का संकेत दिया।

गिफ्ट निफ्टी टुडे
गिफ्ट निफ्टी 25,824 के आसपास कारोबार कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद भाव से करीब 7 अंक का प्रीमियम था, जो भारतीय शेयर बाजार के सूचकांकों के लिए सपाट शुरुआत का संकेत देता है।

वॉल स्ट्रीट का हाल
अमेरिकी शेयर बाजार मंगलवार को तेजी से नीचे बंद हुआ। डॉऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.34% नीचे 49,240 पर जबकि एसएंडपी 500 6,917 पर बंद हुआ। नैस्डैक 1.43% गिरकर 23,255.19 पर बंद हुआ। एनवीडिया के शेयर की कीमत 2.84% गिर गई, माइक्रोसॉफ्ट के शेयर 2.87% गिर गए, मेटा प्लेटफॉर्म के शेयर में 2.08% की गिरावट आई, अल्फाबेट के शेयर की कीमत 1.22% गिर गई और अमेज़न के शेयर में 1.79% की गिरावट आई। सेल्सफोर्स, डेटाडॉग और एडोब के शेयरों में लगभग 7% की गिरावट आई, सिनोप्सिस और एटलसियन में लगभग 8% की गिरावट आई, और इंटुइट में 11% की गिरावट आई।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील
भारत-अमरीका ट्रेड डील पर केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत-अमरीका व्यापार समझौता वार्ता टीमों के बीच विस्तार के अंतिम चरण में है। मंत्री ने यह भी कहा कि भारत को प्रतिस्पर्धियों की तुलना में बेहतर व्यापार सौदे मिले हैं।

Update: बाजार खुलते ही सोना 7,000 रुपये उछला, चांदी 16,000 रुपये महंगी

नई दिल्ली। Gold Silver Price Update: सोने और चांदी की कीमत में आज यानी 4 फरवरी 2026 को काफी उछाल दिख रही है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने तथा डॉलर के कमजोर होने से सोने और चांदी को सपोर्ट मिला है। एमसीएक्स पर शुरुआती कारोबार में सोना करीब 7,000 रुपये प्रति 10 ग्राम महंगा हुआ जबकि चांदी की कीमत 16,000 रुपये प्रति किलो तक उछल गई।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत कारोबार के दौरान करीब 6 फीसदी उछल गई जो नवंबर 2008 के बाद सोने की कीमत में एक दिन में आई सबसे बड़ी उछाल है।

2 अप्रैल की डिलीवरी वाला सोना पिछले सत्र में 153809 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुआ था और आज 1,58,420 रुपये पर खुला। इसी तरह 5 मार्च की डिलीवरी वाली चांदी पिछले सत्र में 268015.00 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी और 2,78,015 रुपये पर खुली। 9.10 बजे यह 15,185 रुपये की तेजी के साथ 2,83,200 पर ट्रेड कर रही थी।

भारतीय बाजार में भी सोने और चांदी में तेजी रही। इससे पहले गुरुवार को दोनों धातुओं की कीमत ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गई थी। लेकिन इसके बाद लगातार तीन दिन इनमें गिरावट रही।

सोने-चांदी में क्यों आई तेजी
एचडीएफसी सिक्योरिटीज में वरिष्ठ विश्लेषक-जिंस सौमिल गांधी ने कहा कि सोने ने मंगलवार को अपने हाल के कुछ नुकसान की भरपाई की, जब रिकॉर्डतोड़ तेजी के बाद तेज गिरावट आई थी। इससे कीमतें चार सप्ताह के निचले स्तर पर आ गई थीं। चांदी में भी तेजी आई, जिसे दो दिन की भारी बिकवाली के बाद लिवाली का समर्थन मिला। तेजी के दौर के बाद निवेशकों की ओर से मुनाफावसूली की होड़ बढ़ने के कारण सोना 29 जनवरी को अपने रिकॉर्ड उच्चस्तर 1,83,000 रुपये प्रति 10 ग्राम से 30,300 रुपये, या लगभग 17 प्रतिशत गिर गया था।

भारत- यूएस ट्रेड डील राष्ट्रहित में लिया गया बड़ा फैसला: पीएम मोदी

नई दिल्ली। अमेरिका और भारत के बीच व्यापार समझौता होने की घोषणा का कई मुख्यमंत्रियों ने स्वागत किया है। इनमें उन राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल हैं जहां से अप्रैल 2025 से अमेरिका को निर्यात थम गया था या कम हो गया था।

मंगलवार को संसद भवन परिसर में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सांसदों की बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को ‘बड़ा फैसला’ करार दिया। उन्होंने कहा कि इससे देश में सभी को लाभ होगा। मोदी ने कहा कि कि उनकी सरकार हमेशा राष्ट्र के हित में काम करती है।

राजग गठबंधन के सदस्यों ने यूरोपीय संघ (ईयू) और अमेरिका के साथ व्यापार समझौतों के लिए प्रधानमंत्री को बधाई दी और सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि इससे भारतीय निर्माताओं, निर्यातकों और उद्यमियों को इस समझौते से मजबूती मिलेगी।

अमेरिकी द्वारा भारतीय वस्तुओं पर शुल्क लगाने के बाद रत्न एवं आभूषणों का निर्यात विशेष रूप से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित गुजरात से थम गया था। इसके साथ ही तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) शासित आंध्र प्रदेश से झींगा मछली एवं अन्य समुद्री उत्पादों का निर्यात प्रभावित हुई था। एक अन्य दक्षिणी राज्य तमिलनाडु से वस्त्रों के निर्यात को तगड़ी चोट पहुंची थी।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध संगठनों, विशेष रूप से स्वदेशी जागरण मंच (एसजेएम) और भारतीय किसान संघ ने सरकार से देश के किसानों एवं इसके दुग्ध क्षेत्र के हितों को दांव पर नहीं लगाने के लिए कहा था। एसजेएम के सह-संयोजक अश्विनी महाजन ने इस समझौते का स्वागत किया क्योंकि यह भारत के किसानों और उसके दुग्ध उद्योग की आजीविका की रक्षा करता है।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू (जिनकी पार्टी तेदेपा केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली राजग सरकार का एक घटक है) ने वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखकर झींगे के उत्पादन में लगे अपने राज्य के किसानों के हितों का मुद्दा उठाया था। आंध्र सरकार ने अपने निर्यात में विविधता लाने और नए बाजारों की तलाश करने की भी कोशिश की थी।

नायडू ने प्रधानमंत्री को बधाई दी और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को ‘वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर’ बताया। उन्होंने कहा कि यह समझौता भारत की निर्यात प्रतिस्पर्द्धा को महत्त्वपूर्ण रूप से बढ़ावा देगा जिससे आंध्र प्रदेश सहित हमारे युवाओं और किसानों के लिए अपार अवसर पैदा होंगे।

नायडू के अलावा तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने भी केंद्र को पत्र लिखकर चेतावनी दी थी कि उनके राज्य में लाखों नौकरियां (विशेष रूप से कपड़ा क्षेत्र में) खतरे में हैं। तमिलनाडु में अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव होने हैं। जम्मू -कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि व्यापार समझौते से भारत के निर्यात को लाभ होगा।

राज्यसभा में तेदेपा सांसद बीड़ा मस्तान राव यादव ने कहा कि सरकार को शुल्क हटाए जाने की औपचारिक और एक आधिकारिक अधिसूचना जारी करने के लिए अमेरिकी प्रशासन के साथ गहन संवाद जारी रखना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के बयान में पारस्परिक शुल्क का उल्लेख है मगर यह 25% शुल्क हटाने की बात की स्पष्ट रूप से पुष्टि नहीं करता है।

यादव ने कहा कि अमेरिकी सीमा शुल्क प्रवेश दस्तावेज दो अलग-अलग शुल्क कोड दिखाते हैं जिनमें एक पारस्परिक शुल्क के लिए और दूसरा रूस से तेल खरीदने पर लगाए गए शुल्क के लिए है। उन्होंने कहा कि इन पर निर्यातकों को फिलहाल अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री अमेरिका के आर्थिक विस्तारवाद के आगे ‘झुक गए’ और देश के किसानों के हितों को ताक पर रख कर अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप को खुश करने के लिए ‘पूरी तरह आत्मसमर्पण’ कर दिया है।

कांग्रेस और गांधी पर पलटवार करते हुए भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने उनकी मंशा पर सवाल उठाया और क्या विपक्ष वाकई भारत के हितों को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर समझौते को अंतिम रूप देने के लिए अमेरिकी दबाव के आगे झुकने के राहुल गांधी के आरोप की आलोचना की।

8500mAh बैटरी के साथ रेडमी ला रहा है पंखे वाला फ्लैगशिप फोन, जानिए फीचर्स

नई दिल्ली। Redmi का अगला फ्लैगशिप स्मार्टफोन Redmi K90 Ultra लॉन्च से पहले ही लगातार चर्चा में है। लीक्स से संकेत मिलते हैं कि इस बार कंपनी परफॉर्मेंस-ड्रिवेन यूजर्स, खासकर गेमर्स को सीधे टारगेट करने की तैयारी में है। बड़ी बैटरी, हाई-एंड प्रोसेसर और फोन के अंदर लगा कूलिंग फैन, ये सभी बातें Redmi K90 Ultra को अब तक की K-सीरीज का सबसे अलग स्मार्टफोन बनाती हैं। इससे जुड़े नए लीक्स भी सामने आए हैं।

टिप्स्टर Digital Chat Station के मुताबिक, Redmi K90 Ultra में MediaTek Dimensity 9500 चिपसेट दिया जा सकता है। खास बात यह है कि पिछले कुछ सालों में Redmi की Ultra सीरीज में Dimensity के Plus वेरिएंट देखने को मिले थे, लेकिन इस बार कंपनी स्टैंडर्ड Dimensity 9500 के साथ लॉन्च कर सकती है। यह चिपसेट हाई-एंड गेमिंग, AI टास्क और मल्टीटास्किंग के लिए बेहतर थर्मल और पावर एफिशिएंसी देने पर फोकस करता है।

8500mAh की बैटरी
Redmi K90 Ultra का सबसे बड़ा हाइलाइट इसकी 8500mAh बैटरी बताई जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी इंटरनल टेस्टिंग के दौरान बैटरी कैपेसिटी को और बढ़ाने पर भी काम कर रही है। इतनी बड़ी बैटरी के साथ फोन में 100W वायर्ड फास्ट चार्जिंग सपोर्ट मिलने की उम्मीद है, जिससे बड़ी बैटरी होने के बावजूद चार्जिंग स्पीड से कोई समझौता नहीं करना होगा। यह कॉम्बिनेशन उन यूजर्स के लिए खास हो सकता है, जो लंबे समय तक गेमिंग, वीडियो स्ट्रीमिंग या ट्रैवल के दौरान फोन यूज करते हैं।

पंखे वाला कूलिंग सिस्टम
लीक की चौंकाने वाली बात फोन का इन-बिल्ट कूलिंग फैन है। अगर यह जानकारी सही है, तो Redmi K90 Ultra Xiaomi ग्रुप का पहला स्मार्टफोन होगा जिसमें एक्टिव कूलिंग सिस्टम दिया जाएगा। इसका सीधा फायदा यह होगा कि लंबे गेमिंग सेशन या हैवी परफॉर्मेंस के दौरान फोन ज्यादा गर्म नहीं होगा और थर्मल थ्रॉटलिंग की समस्या कम देखने को मिलेगी। हालांकि, इसके चलते फोन का डिजाइन थोड़ा मोटा या भारी हो सकता है।

165Hz डिस्प्ले और प्रीमियम डिजाइन
डिस्प्ले सेक्शन में Redmi K90 Ultra को करीब 6.8-इंच का फ्लैट OLED पैनल मिल सकता है, जिसमें 1.5K रेजॉल्यूशन और 165Hz तक का रिफ्रेश रेट दिया जाएगा। इसके अलावा, फोन में मेटल फ्रेम, अल्ट्रासोनिक इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर और फुल वॉटर रेसिस्टेंस जैसे प्रीमियम फीचर्स मिलने की भी बात सामने आई है।

लीक्स के अनुसार, Redmi K90 Ultra को मई या जून 2026 के आसपास लॉन्च किया जा सकता है। इसी इवेंट में कंपनी Redmi K Pad 2 नाम का एक परफॉर्मेंस-फोकस्ड टैबलेट भी पेश कर सकती है। फिलहाल Redmi की ओर से इन जानकारियों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

भारत के तेल खरीद पर ट्रंप के दावों की रूस ने खोली पोल, जानिए क्या बोला

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे के बाद भारत-रूस संबंधों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। ट्रंप ने भारत पर लगे टैरिफ को घटाते हुए सोमवार को कहा था कि भारत ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते के तहत रूस से तेल खरीदना बंद करने पर सहमति जताई है, लेकिन रूस ने इस दावे पर साफ शब्दों में कहा है कि भारत की ओर से उसे ऐसा कोई आधिकारिक संदेश नहीं मिला है।

रूस के राष्ट्रपति कार्यालय (क्रेमलिन) के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने मंगलवार को कहा कि मॉस्को भारत के साथ अपने रणनीतिक साझेदारी वाले रिश्तों को बेहद अहम मानता है और उन्हें आगे भी मज़बूत करना चाहता है।

ट्रंप ने एक दिन पहले घोषणा की थी कि अमेरिका और भारत के बीच एक नया व्यापार समझौता हुआ है। इसके तहत अमेरिकी बाजार में भारतीय निर्यात पर लगने वाला टैरिफ 50% से घटाकर 18% कर दिया जाएगा।

इसी के साथ ट्रंप ने दावा किया था कि इसके बदले भारत रूस से तेल खरीद बंद करेगा और अमेरिका से ज़्यादा तेल खरीदेगा। ट्रंप ने यह भी कहा था कि भारत के रूसी तेल खरीदने से यूक्रेन युद्ध में रूस को अप्रत्यक्ष रूप से मदद मिल रही है।

इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए क्रेमलिन के प्रवक्ता पेसकोव ने कहा, “रूस भारत के साथ संबंधों पर ट्रंप की टिप्पणियों का ध्यान से विश्लेषण कर रहा है।” जब उनसे सीधे पूछा गया कि क्या भारत ने रूसी तेल खरीदना बंद करने का फैसला किया है, तो उन्होंने दो टूक जवाब दिया, “अब तक तो हमने भारत की ओर से रूस से तेल खरीद रोकने को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं सुना है।” उन्होंने कहा कि नई दिल्ली भारत-रूस साझेदारी को भी उतनी ही अहमियत देता है।

पेसकोव ने कहा, “हम द्विपक्षीय अमेरिकी-भारतीय संबंधों का सम्मान करते हैं लेकिन हम रूस और भारत के बीच एक उन्नत रणनीतिक साझेदारी के विकास को भी उतना ही महत्व देते हैं। भारत के साथ हमारे रिश्ते हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं और हम उन्हें आगे भी विकसित करना चाहते हैं।”

तेल और कूटनीति
यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद 2022 से भारत रियायती रूसी कच्चे तेल का सबसे बड़ा खरीदार बनकर उभरा है। पश्चिमी देशों ने इस पर नाराज़गी जताई है और रूस की ऊर्जा आय को सीमित करने के लिए कई प्रतिबंध लगाए हैं। हालांकि भारत का रुख हमेशा यही रहा है कि वह अपनी ऊर्जा सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देता है।

बहरहाल, तस्वीर अभी साफ नहीं है क्योंकि एक तरफ ट्रंप का बड़ा दावा है, तो दूसरी तरफ रूस का इनकार। भारत की ओर से अब तक इस मुद्दे पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। ऐसे में यह साफ है कि तेल, व्यापार और कूटनीति का यह खेल अभी जारी रहेगा।

भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है तो नागरिक कर्त्तव्यों का पालन करना होगा

संघ की स्थापना की शताब्दी पर विवेकानंद नगर में हिन्दू सम्मेलन आयोजित

कोटा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के शताब्दी वर्ष के अवसर पर स्वामी विवेकानंद नगर में भव्य कलश यात्रा और विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें स्वामी विवेकानंद नगर, रानी लक्ष्मीबाई नगर, चाणक्यपुरी, टैगोर नगर की जनता ने हिस्सेदारी की।

शोभायात्रा में भारत माता समेत वीरांगनाओं की झांकी प्रदर्शित की गई थी। कलश यात्रा के बाद हरिओम क्लब पार्क में धर्मसभा का भी आयोजन किया गया। सम्मेलन को महानगर कार्यवाह महेश नागर ने संबोधित किया। उन्होंने समाज में पंच परिवर्तन, पर्यावरण, कुटुंब प्रबोधन, स्व का भाव, स्वदेशी, नागरिक कर्तव्यों पर जोर देते हुए कहा कि यदि भारत को विकसित राष्ट्र होना है तो इनका पालन करना पड़ेगा।

कार्यक्रम में साध्वी मधु महाराज का आशीर्वाद प्राप्त हुआ। उन्होंने बच्चों की शिक्षा, महिलाओं में संस्कार, कुटुंब में संस्कार विषय पर अपना उद्बोधन दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कथा व्यास गोपाल कृष्ण शर्मा ने की। इस अवसर पर आयोजन समिति के अध्यक्ष देवकीनंदन गौतम द्वारा सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

आयोजन समिति के संरक्षक गिरधर गोपाल सोनी ने विराट हिंदू सम्मेलन की रूपरेखा पर प्रकाश डाला। मंच संचालन आयोजन समिति के मंत्री दीपक शर्मा ने किया। आयोजन में आदर्श कुटुंब, पूर्ण परिवार, विशेष प्रतिभाओं समेत समाज के विशिष्ट व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। गुरु नानक देव के संगत और पंगत शिक्षाओं के अनुसार सामूहिक भोज का आयोजन किया गया।

रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3056 की कांफ्रेंस ‘प्रवाह’ में 21 जिलों के 650 रोटेरियंस हुए शामिल

कोटा। रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3056 की दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस ‘प्रवाह’ बारां रोड स्थित एक रिसोर्ट पर संपन्न हुई। डिस्ट्रिक्ट गवर्नर प्रज्ञा मेहता ने बताया कि इस आयोजन में कॉन्फ्रेंस के मुख्य अतिथि कोटा के  महाराज इज्यराज सिंह रहे।

उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कान्फ्रेंस में कोटा के अलावा जयपुर, सीकर, रींगस, उदयपुर, मालपुरा, दूदू, चित्तोड़, बूंदी, बाँसवाड़ा, उदयपुर, सीकर से जुड़े  650 से अधिक रोटरी सदस्यों ने लाभ उठाया।

क्लब अध्यक्ष मनोज सोनी ने बताया कि रोटरी इंटरनेशनल प्रेसिडेंट प्रतिनिधि जवाहर वल्दमानी का स्वागत ढोल एवं  माला एवं उपरना  पहनाकर किया गया।   उन्होंने रोटरी इंटरनेशनल के कार्यक्रम के बारे में विस्तृत जानकारी दी। 
 
डिस्ट्रिक्ट कांफ्रेंस चेयरमैन सुरेश अग्रवाल ने बताया कि कार्यक्रम में  कांफ्रेंस हॉल में ब्राह्मण बटुकों द्वारा मन्त्रोच्चार किया गया। क्लब सचिव नीरज अग्रवाल ने बताया कि प्रवाह कार्यक्रम में वृंदावन की रेणुका पुंडरीक गोस्वामी का अध्यात्म एवं प्रोत्साहन भरा व्याख्यान हुआ। जिसमें जीवन के विभिन्न पहलुओं पर बात की। डिस्ट्रिक्ट सेक्रेटरी जनरल प्रीतम कुमार गोस्वामी ने बताया कि दो दिवसीय कांफ्रेंस में पूर्व प्रांतपालों ने रोटरी की वर्तमान में भूमिका एवं सामजिक उदेश्यों पर प्रकाश डाला।
 
कोष्याध्यक्ष उमेश गोयल ने बताया कि कवि चिराग जैन ने मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम को समर्पित अपनी काव्य प्रस्तुति देकर श्रौताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रवक्ता संजय गोयल ने बताया कि इस कांफ्रेंस में आबिद खान की ओर से लंगा गायन की प्रस्तुति दी।

इसके अलावा राजस्थानी गीतों के प्रस्तुति, राजीव राजा का कॉन्सर्ट की भी प्रस्तुति दी गई। एक्सपर्ट आकांक्षा शेखावत ने उपस्थित डेलीगेट्स को जुंबा एवं एरोबिक्स कराया। व्यंग्य हिन्दी कवि सम्मेलनों के व्यंग के सिरमौर सम्पत सरल ने हॉल में उपस्थित सभी डेलिगेट्स को अपने हास्य व्यंग से माहौल को खुशनुमा बना दिया।   

इस अवसर पर कांफ्रेंस कोषाध्यक्ष पंकज भंडारी,  कांफ्रेंस टीम नितिन अग्रवाल, दीपक मेहता, मुकेश चौधरी, अभिषेक मित्तल, दर्पण जैन, अनिल गोयल, राजकुमार जैन, अनीश बिरला, अंजलि शर्मा, आशीष खण्डेलाल,  डॉ. नीरल बरथूनिया, विनीत अग्रवाल, अमन जैन, नेहा गुप्ता, संजय यादव, शरद गुप्ता, हर्ष पटेल, विनीत अग्रवाल, नितेश माहेश्वरी, प्रियंका शर्मा, सुशील बुलचाँदनी, मनोज अग्रवाल उपस्थित रहे। नीता दांगी ने मंच सञ्चालन किया।   

अब कोटा-झालावाड़ के बीच आने-जाने वाले लोगों को दरा के जाम से मुक्ति मिलेगी

दरा आरयूबी और मेज नदी पर हाई लेवल ब्रिज को वाइल्ड लाइफ बोर्ड की मंजूरी

कोटा/बूंदी। नेशनल बोर्ड फॉर वाइल्ड लाइफ (एनबीडब्ल्यूएल) की स्थायी समिति की 88वीं बैठक में कोटा-बूंदी लोकसभा क्षेत्र से जुड़े दो अहम प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिल गई। 19 जनवरी 2026 को हुई बैठक में दरा में रेलवे के नए रोड अंडर ब्रिज (आरयूबी) और बूंदी जिले में मेज नदी पर हाई लेवल ब्रिज के प्रस्तावों को शर्तों के साथ हरी झंडी दी गई।

पहला प्रोजेक्ट कोटा डिवीजन के नागदा–कोटा सेक्शन में कवलपुरा–दरा स्टेशनों के बीच किलोमीटर 865/33-35 पर नए आरयूबी के निर्माण का है। यह अंडर ब्रिज मौजूदा ब्रिज नंबर 148 के पास बनेगा। इस रेलवे अंडर ब्रिज के बनने के बाद कोटा झालावाड़ के बीच आने-जाने वाले लोगों को दरा के जाम से मुक्ति मिल जाएगी।

दूसरा प्रोजेक्ट बूंदी जिले में उनियारा–बिजौलिया वाया इंद्रगढ़–लाखेरी मार्ग पर मेज नदी पर हाई लेवल ब्रिज के निर्माण से जुड़ा है। यह पुल खटकड़ गांव के पास बनेगा।रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में होने के कारण प्रोजेक्ट में प्रगति नहीं हो पा रही थी।

स्पीकर ओम बिरला के प्रयास से स्वीकृति मिलने के बाद इसके निर्माण का रास्ता साफ हो चुका है। पुल मौजूदा लो-लेवल क्रॉसिंग की जगह बनेगा, जो बरसात में अक्सर डूब जाते हैं। नए पुल से रोड कनेक्टिविटी बेहतर होगी साथ ही सालभर आवागमन आसान होगा।