Saturday, July 25, 2026
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आयकर के नए ड्राफ्ट नियम जारी, जानिए ITR फॉर्म 1 से 7 में क्या बदलेगा

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नई दिल्ली। New draft rules for income tax: भारत का इनकम टैक्स सिस्टम एक बड़े बदलाव के मुहाने पर खड़ा है। नया कानून आ रहा है, नए नियम बन रहे हैं और टैक्स फाइल करने का तरीका पहले से ज्यादा डिजिटल, ज्यादा डिटेल्ड और ज्यादा डिसिप्लिन्ड होने वाला है।

भारत में अभी टैक्स को लेकर जो कानून है वो साल 1961 से ही चल रहा है। लेकिन अब यह अपने आखिरी दिनों में है। उसकी जगह नया इनकम टैक्स एक्ट, 2025 लेगा, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू हो जाएगा। इस नए कानून को चलाने के लिए सरकार ने इनकम टैक्स रूल्स, 2026 का ड्राफ्ट तैयार किया है। साथ ही, ITR फॉर्म्स को भी नए सिरे से बनाया गया है।

हालांकि, अभी सब कुछ फाइनल नहीं हुआ है। सरकार ने इन ड्राफ्ट रूल्स और फॉर्म्स को पब्लिक में रखा है, ताकि टैक्सपेयर्स, प्रोफेशनल्स और दूसरे लोग अपनी राय दे सकें। ये फीडबैक देने का मौका 15 दिनों तक है, यानी 22 फरवरी 2026 तक। उसके बाद ये रूल्स नोटिफाई हो जाएंगे।

टैक्सपेयर्स के लिए इसका मतलब क्या है?
सबसे बड़ा सवाल तो ITR-1 से ITR-7 के बारे में है। आने वाले ITR की शक्ल तो वही रहेगी, लेकिन अब नियम ज्यादा साफ-सुथरे और सख्त हो जाएंगे। सिम्पल रिटर्न्स को अब ज्यादा सीमित कर दिया गया है। मतलब, जो लोग आसान फॉर्म इस्तेमाल करते थे, उन्हें अब ज्यादा सोच-समझकर चुनना पड़ेगा। कुल मिलाकर, सैलरीड लोग, बिजनेस वाले, कंपनियां, फर्म्स और ट्रस्ट्स के लिए ITR का स्ट्रक्चर वैसा ही है। लेकिन डिस्क्लोजर में पहले से कई बदलाव आने वाले हैं।

ITR-1: सबसे आसान फॉर्म, लेकिन डिजिटल तरीके से
ITR-1, जिसे सहज भी कहते हैं, अभी भी सबसे सिंपल रहने वाला है। ये उन रेजिडेंट इंडिविजुअल्स (देश में रहने वाले आम लोग) के लिए है जो सैलरी, एक घर की प्रॉपर्टी और इंटरेस्ट जैसी दूसरी इनकम से कमाते हैं। ड्राफ्ट रूल्स में साफ लिखा है कि ये सिर्फ स्ट्रेट फॉरवर्ड केस के लिए है। इसमें ज्यादा मुश्किल कुछ भी नहीं है।

फाइलिंग के तरीके में एक बड़ा पॉइंट है। अब इलेक्ट्रॉनिक फाइलिंग डिफॉल्ट हो गई है। पेपर फाइलिंग सिर्फ 80 साल या उससे ज्यादा उम्र के सुपर सीनियर सिटीजन के लिए है। बाकी सबके लिए या तो इलेक्ट्रॉनिक वेरिफिकेशन कोड (EVC) से या डिजिटल सिग्नेचर से फाइलिंग लागू कर दिया गया। मतलब, अब पेन-पेपर का जमाना गया।

ये बदलाव टैक्स सिस्टम को ज्यादा मॉडर्न और तेज बनाने के लिए है। जो लोग सैलरी और सिंपल इनकम वाले हैं, उनके लिए ITR-1 अभी भी बेस्ट ऑप्शन है, लेकिन अगर कुछ भी एक्स्ट्रा हुआ तो उन्हें ITR-2 की तरफ जाना पड़ेगा।

ITR-2: यहां मामला थोड़ा मुश्किल में
ITR-2 उन व्यक्तियों और हिंदू अनडिवाइडेड फैमिलीज (HUFs) के लिए है जिनके पास बिजनेस या प्रोफेशन से इनकम नहीं है। इसमें कैपिटल गेंस, कई घरों की प्रॉपर्टी या विदेश से आय वाले लोग आते हैं। नए नियम में ITR-2 को डिफॉल्ट फॉर्म की तरह रखा गया है। मतलब, अगर ITR-1 के लिए क्वालीफाई नहीं कर रहे हो तो सीधे ITR-2 फाइल कर सकते हैं।

नए इनकम टैक्स एक्ट, 2025 में कैपिटल गेंस का नया फ्रेमवर्क है और फॉरेन एसेट्स के नियम सख्त हैं। इसलिए ITR-2 में डिस्क्लोजर्स (खुलासा) ज्यादा डिटेल्ड होने वाले हैं। जो लोग निवेश करते हैं या विदेश से कमाते हैं, उन्हें अब ज्यादा जानकारी देनी पड़ेगी। ये फॉर्म उन लोगों के लिए सही है जिनकी आय थोड़ा घुमावदार है, लेकिन बिजनेस नहीं है। कुल मिलाकर, ITR-2 अब और जरूरी हो जाएगा क्योंकि सिम्पल केस कम रहेंगे।

ITR-3: बिजनेस इनकम के साथ ज्यादा जानकारी देनी होगी
ITR-3 उन लोगों के लिए होता है जिनकी कमाई बिजनेस या प्रोफेशन से होती है। ड्राफ्ट रूल्स के मुताबिक, अगर कोई टैक्सपेयर प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन (Presumptive Taxation) या आसान रिटर्न के दायरे में नहीं आता, तो उसे ITR-3 ही भरना होगा।

नए नियमों में पर्क्विजिट्स (Perquisites), कैपिटल गेंस और खास तरह की इनकम पर ज्यादा फोकस किया गया है। इसका असर ये होगा कि ITR-3 भरते वक्त पहले से ज्यादा जानकारी देनी पड़ेगी। प्रोफेशनल्स, ट्रेडर्स और ज्यादा कमाई करने वालों के लिए यह फॉर्म अब और डिटेल्ड हो जाएगा। बिजनेस करने वालों को अपनी इनकम से जुड़ी ज्यादा जानकारी शेयर करनी होगी। कुल मिलाकर, बड़े बिजनेस वालों के लिए ITR-3 की अहमियत और बढ़ने वाली है।

ITR-4 (सुगम): नए रूल्स में सबसे बड़ा बदलाव
ITR-4, जिसे सुगम कहा जाता है, अभी भी प्रेसम्प्टिव टैक्सेशन वाले मामलों के लिए रहेगा। लेकिन नए ड्राफ्ट नियमों में साफ कर दिया गया है कि किन लोगों को यह फॉर्म इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होगी। ऐसे में कई टैक्सपेयर्स अब ITR-4 के दायरे से बाहर हो जाएंगे।

अगर आपके पास विदेश में कोई एसेट या इनकम है, आप किसी कंपनी में डायरेक्टर हैं, अनलिस्टेड शेयर रखते हैं, सालाना कमाई 50 लाख रुपये से ज्यादा है, दो से अधिक घर हैं, पिछला नुकसान आगे बढ़ाया गया है या खेती से कमाई 5,000 रुपये से ऊपर है, तो आप ITR-4 नहीं भर पाएंगे। इसका मतलब यह है कि सुगम अब हर किसी के लिए आसान विकल्प नहीं रहा।

ऐसे कई छोटे कारोबारी और प्रोफेशनल्स, जो पहले ITR-4 भरते थे, अब ITR-3 की ओर जाना पड़ सकता है। ये सख्ती टैक्स सिस्टम को ज्यादा सही और पारदर्शी बनाने के लिए की गई है।

ITR-5 और ITR-6: बेसिक स्ट्रक्चर वैसा ही, लेकिन कंप्लायंस सख्त
ITR-5 फर्म्स, LLP, AOP और BOI के लिए होता है, जबकि कंपनियों को ITR-6 भरना होता है। इन फॉर्म्स का ढांचा पहले जैसा ही रखा गया है, लेकिन नए ड्राफ्ट नियमों में डिजिटल कंप्लायंस, ऑडिट से जुड़ी जानकारी और रिपोर्टिंग की शर्तों को और सख्त किया गया है। कंपनियों के लिए डिजिटल सिग्नेचर से रिटर्न फाइल करना जरूरी रहेगा।

इसके अलावा, बिजनेस रीऑर्गनाइजेशन और ब्लॉक असेसमेंट से जुड़े नए रिटर्न्स के साथ इनका तालमेल भी और मजबूत किया गया है। कुल मिलाकर, बाहर से सब कुछ पुराना दिखेगा, लेकिन अंदर के नियम पहले से ज्यादा कड़े होंगे।

ITR-7: ट्रस्ट्स और इंस्टीट्यूशंस पर ज्यादा नजर
ITR-7 चैरिटेबल ट्रस्ट्स, राजनीतिक पार्टियों और छूट पाने वाली संस्थाओं के लिए होता है। नए नियमों में पारदर्शिता और डिजिटल कंप्लायंस पर खास जोर दिया गया है। अब ऑडिट रिपोर्ट, डोनेशन की जानकारी और फंड्स के इस्तेमाल को सीधे रिटर्न से जोड़ा जाएगा। ड्राफ्ट रूल्स साफ कहते हैं कि अगर रिटर्न देर से या गलत तरीके से फाइल हुआ, तो रजिस्ट्रेशन या टैक्स छूट पर असर पड़ सकता है। यानी अब ट्रस्ट्स और संस्थाओं को पहले से कहीं ज्यादा साफ और जवाबदेह रहना होगा।

टैक्स एक्सपर्ट्स के मुताबिक, नए नियम पूरे ITR सिस्टम को एक ही दिशा में ले जा रहे हैं। रिटर्न फाइल करना अब पूरी तरह डिजिटल होगा, आसान फॉर्म्स सिर्फ सीमित लोगों के लिए रहेंगे और टैक्सपेयर्स को पहले से ज्यादा जानकारी देनी पड़ेगी।

टैक्स विभाग भी अब स्ट्रक्चर्ड डेटा पर ज्यादा भरोसा करेगा। सरकार ने इन नियमों पर लोगों से राय मांगी है, जिसके लिए 22 फरवरी 2026 तक का समय दिया गया है। जब 1 अप्रैल 2026 से नया कानून लागू होगा, तो भले ही ITR के नाम वही रहें, लेकिन रिटर्न भरने का तरीका पहले जैसा नहीं रहेगा।

ममता बनर्जी को SIR पर सुप्रीम कोर्ट से करारा झटका, जानिए क्या कहा

नई दिल्ली। देश के कई राज्यों में चल रहे SIR के खिलाफ देश की शीर्ष अदालत में वकील बनकर पहुंचीं ममता बनर्जी को करारा झटका लगा है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने साफ कर दिया है कि SIR की प्रक्रिया में किसी तरह की रोक लगाने की मंजूरी नहीं दी जा सकती।

इसमें कोई बाधा भी पैदा करने की परमिशन अदालत नहीं देगी। चीफ जस्टिस ने कहा कि सभी राज्यों को इस बात को समझ लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जो कुछ भी स्पष्टता चाहिए, वह सुप्रीम कोर्ट की ओर से दी जाएगी। आज की सुनवाई में ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के सांसद कल्याण बनर्जी भी वकील बनकर पहुंचे थे।

उन्होंने कहा कि ऐसा भी हुआ है कि अल्पसंख्यक बहुल विधानसभा क्षेत्रों में यदि 1000 वोटर थे तो उनमें से 950 को logical discrepancy सूची में डाल दिया गया है। इस दौरान वोटर लिस्ट में किसी नाम को जोड़ने पर आपत्ति जताने के लिए भरे जाने वाले फॉर्म 7 पर भी बहस हुई।

कल्याण बनर्जी ने कहा कि ऐसी बहुत सी आपत्तियां दायर हुई हैं, लेकिन यह तक नहीं पता कि इन्हें किन लोगों ने दायर किया है। सुनवाई के दौरान ऐसे लोगों को भी मौजूद रहना चाहिए, जिससे पता चले कि आखिर आपत्ति जताने वाले कौन हैं। एक व्यक्ति 1000 से ज्यादा आपत्तियां दायर कर दे रहा है। ऐसी सभी शिकायतें अज्ञात व्यक्ति के नाम से दायर होती हैं।

बता दें कि इस मामले में एक और अर्जी भी दाखिल हुई थी, जिसमें ममता बनर्जी के अदालत में वकील के तौर पर पेश होने पर आपत्ति जताई गई थी। इस पर बेंच ने कहा कि इसमें ऐसा क्या है, जिसकी सुनवाई की जानी चाहिए। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि यदि कोई सीएम वकील के तौर पर पेश होता है तो यह हमारे संविधान की ताकत को दिखाता है। इसमें आपत्ति जैसी कोई बात नहीं है। इस मसले पर किसी तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए।

ममता ने जताई थी क्या आपत्ति
बता दें कि SIR को लेकर ममता बनर्जी ने आपत्ति जताते हुए कहा था कि असम में यह नहीं हो रहा है, जहां भाजपा की सरकार है। लेकिन विपक्षी दलों की सत्ता वाले राज्यों में ही भाजपा इस प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है। इस केस में ममता बनर्जी वकील के रूप में पहुंची थीं। यह भारत की अदालतों के इतिहास में पहला मौका था, जब कोई मौजूदा मुख्यमंत्री वकील के तौर पर कोर्ट में दलीलें देने के लिए पहुंचा।

विकास का अर्थ सामाजिक, पारिवारिक व प्राकृतिक संतुलन है: साध्वी मधु

विज्ञान नगर में विराट हिंदू सम्मेलन एवं धर्मसभा का भव्य आयोजन

कोटा। विकास का वास्तविक अर्थ केवल आर्थिक समृद्धि नहीं है। विकास ऐसा होना चाहिए जिसमें मनुष्य, समाज, परिवार एवं प्रकृति का संतुलित उत्थान हो। उक्त विचार विज्ञान नगर स्थित आर्य समाज परिसर में आयोजित विराट धर्म सभा एवं हिंदू सम्मेलन में बालिका आश्रम की साध्वी मधु ने व्यक्त किए।

साध्वी मधु ने कहा कि किसी भी राष्ट्र के लिए स्व का बोध अत्यंत आवश्यक है। जब तक हम यह नहीं जानेंगे कि हमारे पूर्वज कौन थे? हमारी प्राचीन संस्कृति, भाषा एवं साहित्य क्या है? तब तक विकास की सही दिशा तय नहीं हो सकती। उन्होंने युवाओं से भारतीय संस्कृति को समझने एवं अपनाने का आह्वान किया।

हिंदू सम्मेलन में मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक विष्णु रहे। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति अपने माता-पिता एवं सास-ससुर की सेवा करता है, उस पर किसी प्रकार का संकट नहीं आता। उन्होंने कहा कि आज देश फिर से विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर है, आवश्यकता केवल इतनी है कि हम अपनी संस्कृति और संस्कारों को जीवन में अपनाएं।

कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. सुशील सोनी द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। तत्पश्चात अतिथियों का स्वागत बृजमोहन पंचोली, प्यारेलाल जोशी, चेतन जैन, श्याम शर्मा, राजेंद्र अग्रवाल, सुरेश लखेरा, संजय त्रिपाठी, गोवर्धन लाल, रेखा लखेरा, कैलाश अग्रवाल, कैलाश सोनगरा, नेमीचंद, कमलाकांत, राकेश चड्डा, गिरिराज गुप्ता, मनोज नामा, रमेश सर्राफ एवं विनोद बाहुबली द्वारा किया गया।

स्वागत भाषण में अनिल जैन ठौरा ने कहा कि आज पुरुषों में जनेऊ, कलावा, तिलक, चोटी तथा महिलाओं में चूड़ी, सिंदूर, बिछिया एवं साड़ी जैसी सांस्कृतिक पहचान धीरे-धीरे लुप्त होती जा रही है। जबकि हमें अपनी संस्कृति को अपनाने एवं उसकी रक्षा करने की अत्यंत आवश्यकता है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता पंडित अशोक शर्मा शास्त्री, अधिष्ठाता चमत्कारी हनुमान मंदिर ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. रामेश्वर अग्रवाल एवं डॉ. सुनील सोनी ने भी अपने विचार रखे।

इस अवसर पर विशिष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं का सम्मान डॉ. गरिमा भार्गव, रामकिशन शर्मा, डॉ. एसएन सिंघल, सुनील दुबे, सोनाक्षी चतुर्वेदी एवं पुरुषोत्तम शर्मा का तिलक, माला, दुपट्टा एवं प्रतीक चिन्ह प्रदान कर किया गया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में न्यू किड्स स्कूल की बालिकाओं द्वारा “म्हारो प्यारो राजस्थान.. एवं ओम नमामि नमामि..पर समूह नृत्य प्रस्तुत किया गया। वहीं डॉ. गरिमा भार्गव टीम एवं सोनाक्षी चतुर्वेदी द्वारा प्रस्तुत कथक नृत्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

गोदावरी धाम की अखाड़ा टीम द्वारा शौर्य प्रदर्शन किया गया। जिसमें बालिकाओं द्वारा प्रस्तुत प्रदर्शन विशेष रूप से सराहनीय रहा। कार्यक्रम का सफल संचालन पीके हरसोरा एवं बृजमोहन पंचोली द्वारा किया गया। कौशल रस्तोगी ने आभार प्रदर्शन किया।

प्रातःकालीन बेला में आर्य समाज परिषद में विश्व शांति महायज्ञ का आयोजन किया गया। रामकृष्ण के नेतृत्व में लगभग 50 यजमानों द्वारा हवन में आहुतियां दी गईं एवं प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर पूरे विज्ञान नगर क्षेत्र को दुल्हन की तरह सजाया गया। जिससे वातावरण पूर्णतः आध्यात्मिक एवं उत्सवमय बन गया।

कोटा, कैथून, सांगोद, बपावर एवं कवाई सड़क के पुनर्निर्माण की मंजूरी

ऊर्जा मंत्री की अनुशंसा पर 42 किमी सड़क के लिए 21.87 करोड़ रुपए स्वीकृत

कोटा/ सांगोद/ बपावर। राजस्थान के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर की अनुशंसा पर कोटा, कैथून, सांगोद, बपावर एवं कवाई सड़क के रिन्यूअल कार्य को राज्य सरकार ने स्वीकृति प्रदान कर दी है।

उल्लेखनीय है कि यह सड़क लगभग 12 वर्ष पूर्व निर्मित की गई थी। जिसके कारण लंबे समय से क्षेत्रवासियों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।

कैथून से सांगोद तक सड़क के रिन्यूअल का कार्य पूर्ण कराया जा चुका है। जिससे इस हिस्से में यातायात व्यवस्था में सुधार हुआ है। अब शेष लगभग 42 किलोमीटर लंबी सड़क के रिन्यूअल के लिए 21.87 करोड़ रुपए की स्वीकृति मंत्री नागर की अनुशंसा पर प्रदान की गई है।

इसके लिए राजस्थान स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (RSRDC) द्वारा प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। साथ ही निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर संवेदक को कार्यादेश जारी किया जा चुका है। मंत्री नागर ने सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर आगामी 15 दिवस में सड़क रिन्यूअल का कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं।

ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने बताया कि यह सड़क कोटा, कैथून, सांगोद, बपावर एवं कवाई क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। कवाई क्षेत्र में स्थापित ऊर्जा परियोजनाओं, औद्योगिक इकाइयों, किसानों एवं आम नागरिकों के लिए यह मार्ग प्रमुख आवागमन का साधन है। सड़क के नवीनीकरण से ट्रैफिक व्यवस्था में स्थायी सुधार होगा तथा दुर्घटनाओं में कमी आएगी।

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है और उनकी निरंतर अनुशंसा व प्रयासों से क्षेत्र में सड़क, बिजली एवं विकास से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृत किया जा रहा है।

Edible Oil Use: अब फ्लाइट उड़ाने में भी यूज हो रहा है खाद्य तेल, जानिए कैसे

नई दिल्ली। खाद्य तेलों (Edible Oil) के ग्लोबल बाजार में उथल-पुथल का दौर आ गया है। क्योंकि इस समय खाद्य तेलों का उपयोग सिर्फ खाने के लिए नहीं बल्कि जैव ईंधन के रूप में भी हो रहा है। इससे मोटरगाड़ियां चलाने से लेकर हवाई जहाज उड़ाने का काम हो रहा है। तभी तो इसकी कीमतों में कुछ ज्यादा ही उतार-चढ़ाव दिख रहा है।

भारत में खाद्य तेलों के उत्पादक कंपनियों के संघ, इंडियन वेजिटेबल ऑयल प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (Indian Vegetable Oil Producers’ Association) के अध्यक्ष और इमामी एग्रोटेक (Emami Agritech) के सीईओ, सुधाकर देसाई का कहना है कि खाद्य तेलों में उथल-पुथल चलती रहेगी।

कुआलालंपुर में आयोजित हो रहे यूओबी के हियान सम्मेलन (UOB Kay Hian Conference) को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि व्यापार में बदलाव, जैव ईंधन (Biofuel) की बढ़ती मांग और आपूर्ति में कमी के कारण यह स्थिति बनी है।

IVOA Chief देसाई ने कहा कि दुनिया में भू-राजनीतिक बदलावों ने व्यापार के रास्तों को बदल दिया है। इससे मुनाफे के मौके कम हो गए हैं और ऊर्जा की कीमतों, मुद्राओं के उतार-चढ़ाव और सरकारी नीतियों के झटकों का असर खाद्य तेल बाज़ारों पर तेज़ी से पड़ रहा है।

उन्होंने कहा, अब तो सिर्फ शुल्कों (Duties), नियमों या व्यापार के तरीकों में छोटे-मोटे बदलाव भी पूरी आपूर्ति श्रृंखला में कीमतों को बहुत ज़्यादा ऊपर-नीचे कर रहे हैं।”

उत्पादन में मामूली बढ़ोतरी
दुनिया भर के खाद्य तेलों (Edible Oil) की स्थिति के बारे में बताते हुए देसाई ने कहा कि 2025-26 तक चार मुख्य वनस्पति तेलों का उत्पादन 208.4 मिलियन टन होने का अनुमान है। यह पिछले साल के मुकाबले बहुत मामूली बढ़ोतरी है।

पाम तेल और रेपसीड तेल का उत्पादन बढ़ रहा है, लेकिन सूरजमुखी तेल का उत्पादन अभी भी सीमित है। उन्होंने कहा “खाद्य तेलों के उत्पादन में यह धीमी बढ़ोतरी मौसम और सरकारी नीतियों में किसी भी गड़बड़ी से वैश्विक आपूर्ति को कमज़ोर बनाती है। इससे तेलों के बीच प्रतिस्पर्धा कड़ी बनी रहेगी और कीमतों में अस्थिरता रहेगी।” उल्लेखनीय है कि इस समय सूरजमुखी तेल की कीमत लगातार ज़्यादा बनी हुई है।

जैव ईंधन ने खेल बिगाड़ा
इस समय जैव ईंधन की बढ़ती मांग की वजह से वेजीटेबल ऑयल की कीमतें प्रभावित हुई हैं। सिर्फ इंडोनेशिया को ही देखें तो वहां बायोडीजल प्रोग्राम में करीब 14 मिलियन टन पाम ऑयल का इस्तेमाल करता है। दूसरी तरफ, अमेरिका की जैव ईंधन नीतियां सोयाबीन तेल की कीमतों को प्रभावित कर रही हैं। देसाई ने कहा, “खाद्य तेल अब सिर्फ़ खाने की चीज़ें नहीं रह गई हैं, बल्कि ऊर्जा से जुड़ी ज़रूरी चीज़ें बन गई हैं। इससे उनकी कीमतें बढ़ गई हैं और वे कच्चे तेल की कीमतों और सरकारी नीतियों के साथ ज़्यादा जुड़ गई हैं।”

भारत में कितना उत्पादन
भारत की बात करें तो, 2025-26 के तेल वर्ष (अक्टूबर – सितंबर) में घरेलू खाद्य तेल उत्पादन 9.6 मिलियन टन रहने का अनुमान है। यह अपनी घरेलू कुल ज़रूरत का सिर्फ़ 40% ही है। इसलिए भारत को इस साल करीब 16.7 मिलियन टन खाद्य तेलों का आयात करना पड़ेगा। इसमें 8 से 8.5 मिलियन टन पाम ऑयल, 5-5.5 मिलियन टन सोयाबीन ऑयल, 2.8-3 मिलियन टन सूरजमुखी तेल और करीब 200,000 टन अन्य तेल शामिल होंगे। नेपाल के रास्ते आने वाले शून्य-शुल्क वाले आयात (zero-Duty Imports) भी इसमें शामिल हैं। IVPA के अध्यक्ष ने बताया कि भारत का आयात बाज़ार तेलों की कीमतों के अंतर, खासकर पाम तेल और सोयाबीन तेल के बीच के प्रति बहुत संवेदनशील है।

राहुल गांधी को बोलने का मौका नहीं मिला तो विपक्ष ने लोक सभा में किया हंगामा

नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के दौरान लगातार हंगामा जारी है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी का आरोप है कि उन्हें लोकसभा में बोलने का मौका नहीं दिया जा रहा है। विपक्ष के नेता ने स्पीकर से पूछा कि उन्हें बोलना का मौका मिलेगा या नहीं?

इसके बाद जमकर हंगामा होने लगा और लोकसभा की कार्यवाही को कल तक के लिए स्थगित कर दिया गया। इससे पहले विपक्ष के सांसदों ने राहुल गांधी को बोलने का मौका दो के नारे लगाए।

लोकसभा में राहुल गांधी ने कहा, “एक घंटा पहले स्पीकर साहब के पास हम गए। तो उन्होंने हमसे कहा कि वह बोलने देंगे। हमें अब बोलने का मौका दिया जाएगा या नहीं?” इस पर पीठासीन ने कहा कि आपकी तरफ से किसी विषय पर नोटिस नहीं दिया गया है।

राहुल गांधी के यह दावा करने के बाद कि उन्हें सोमवार को फिर से सदन में बोलने की इजाजत नहीं दी गई, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने साफ किया कि स्पीकर ने गतिरोध को खत्म करने की पहल की थी और राहुल गांधी की बातें “पूरी तरह सही नहीं थीं।”

इससे पहले विपक्षी सांसदों के लगातार विरोध के बीच सोमवार को दो बार स्थगित होने के बाद दोपहर 2 बजे लोकसभा की कार्यवाही फिर से शुरू हुई। राहुल गांधी ने सदन को संबोधित करते हुए कहा, “स्पीकर ने हमसे वादा किया था कि मुझे बजट चर्चा से पहले बोलने दिया जाएगा।

इसलिए मैं चेयर से जानना चाहता हूं कि क्या मुझे वे बातें रखने की इजाजत दी जाएगी।” स्पीकर ओम बिरला ने जवाब दिया कि ऐसा कोई नोटिस नहीं मिला है और सांसदों से बजट चर्चा आगे बढ़ाने का आग्रह किया।

वित्तीय वर्ष 2026-27 में भारत की GDP ग्रोथ 6.4% रहने का अनुमान: मूडीज

नई दिल्ली। मूडीज रेटिंग्स ने सोमवार को अगले वित्त वर्ष में भारत की GDP ग्रोथ 6.4 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। रेटिंग एजेंसी के अनुसार यह G20 अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज होगी। इसकी वजह मजबूत घरेलू खपत, नीतिगत कदम और स्थिर बैंकिंग सिस्टम है।

अपनी बैंकिंग सिस्टम आउटलुक रिपोर्ट में मूडीज ने कहा कि बैंकों की एसेट क्वालिटी मजबूत बनी रहेगी, हालांकि माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSMEs) में कुछ दबाव दिख सकता है। फिर भी, बैंकों के पास कर्ज नुकसान को संभालने के लिए पर्याप्त रिजर्व मौजूद हैं।

मूडीज ने कहा कि 2026 में बैंकों के लिए ऑपरेटिंग माहौल मजबूत बना रहेगा, जिसे मजबूत मैक्रो स्थितियों और स्ट्रक्चरल सुधारों का समर्थन मिलेगा। मूडीज ने कहा, “हम अनुमान लगाते हैं कि वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की वास्तविक GDP 6.4 फीसदी बढ़ेगी, जो G20 में सबसे तेज होगी। यह मजबूत घरेलू खपत और नीतिगत कदमों से प्रेरित होगी।”

मूडीज ने कहा कि सितंबर 2025 में GST में कटौती और इससे पहले पर्सनल इनकम टैक्स थ्रेशहोल्ड बढ़ाने से उपभोक्ताओं की खरीद क्षमता बेहतर होगी और खपत आधारित ग्रोथ को सहारा मिलेगा। एजेंसी ने FY27 का अनुमान वित्त मंत्रालय के आर्थिक सर्वेक्षण में दिए गए 6.8% से 7.2% के अनुमान से कम है, जिसे पिछले महीने संसद में पेश किया गया था।

आधिकारिक अनुमानों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष (2025-26) में भारत की ग्रोथ 7.4 फीसदी रहने की संभावना है, जो 2024-25 में दर्ज 6.5 फीसदी से ज्यादा है।

मूडीज ने कहा कि महंगाई नियंत्रण में है और ग्रोथ की गति मजबूत बनी हुई है। ऐसे में उम्मीद है कि RBI वित्त वर्ष 2026-27 में मौद्रिक नीति में आगे ढील तभी देगा, जब आर्थिक गतिविधियों में सुस्ती के संकेत दिखें। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 2025 में कुल 125 बेसिस प्वाइंट की कटौती कर पॉलिसी रेट को 5.25 प्रतिशत कर दिया है।

मूडीज का अनुमान है कि पूरे सिस्टम में लोन ग्रोथ वित्त वर्ष 2026-27 में हल्की बढ़त के साथ 11% से 13% तक पहुंच सकती है, जो वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक 10.6% रही है।

लोन क्वालिटी बनी रहेगी मजबूत
मूडीज ने कहा कि कॉरपोरेट लोन क्वालिटी मजबूत बनी रहेगी, जिसे बड़ी कंपनियों की मजबूत बैलेंस शीट और बेहतर मुनाफे का समर्थन मिलेगा। हालांकि, रिकवरी की रफ्तार धीमी हो सकती है, क्योंकि बैंक बड़े कॉरपोरेट्स के स्ट्रेस्ड लोन पहले ही काफी हद तक निपटा चुके हैं। एजेंसी ने कहा कि बैंक मजबूत पूंजी स्थिति बनाए रखेंगे, क्योंकि आंतरिक पूंजी निर्माण एसेट ग्रोथ के साथ चलता रहेगा। बैंकों की फंडिंग और लिक्विडिटी स्थिर रहेगी, क्योंकि लोन और डिपॉजिट ग्रोथ लगभग एक जैसी रहने की उम्मीद है। एजेंसी का मानना है कि जरूरत पड़ने पर सरकार बैंकों को मजबूत समर्थन देती रहेगी।

Stock Market: सेंसेक्स 485 अंक चढ़कर 84066 पर और निफ्टी 25800 के पार

नई दिल्ली। Stock Market Closed: हफ्ते के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार को भारतीय बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 485.35 अंक या 0.58 प्रतिशत बढ़कर 84,065.75 पर और 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 173.60 अंक या 0.68 प्रतिशत चढ़कर 25,867.30 पर बंद हुआ।

सेंसेक्स की टॉप 30 कंपनियों में से 21 कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिली है। सबसे अधिक उछाल एसबीआई के शेयरों में देखने को मिली। सेंसेक्स 7 प्रतिशत से अधिक की तेजी के साथ बंद हुआ है। वहीं, टाइटन, टाटा स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयरों में 2 प्रतिशत से अधिक की उछाल दर्ज की गई है।

अच्छे ग्लोबल संकेतों के चलते घरेलू शेयर मार्केट की शुरुआत आज सप्ताह के पहले दिन बंपर उछाल के साथ हुई। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 597 अंकों की उड़ान के साथ 84177 पर खुला। जबकि, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज NSE के 50 शेयरों वाले बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी ने 195 अंकों की उछाल के साथ 25889 के लेवल से आज के कारोबार की शुरुआत की।

24GB की रैम, 7000mAh की बैटरी वाला मोटोरोला फोन 14 हजार से कम में

नई दिल्ली। फ्लिपकार्ट की वैलेंटाइन्स डील में स्मार्टफोन पर बेस्ट डील दी जा रही है। वहीं, अगर आप एक ऐसे फोन की तलाश में हैं, जो कम कीमत में बेस्ट परफॉर्मेंट और तगड़ी बैटरी ऑफर करे, तो Motorola G57 Power 5G आपके लिए एक तगड़ा ऑप्शन है।

खास बात है कि फ्लिपकार्ट की वैलेंटाइन्स डील में ये फोन बेस्ट प्राइस पर मिल रहा है। 8जीबी रैम और 128जीबी के इंटरनल स्टोरेज वाला यह फोन फ्लिपकार्ट पर 13999 रुपये के प्राइसटैग के साथ लिस्ट है।

सेल में फोन पर 700 रुपये का बैंक डिस्काउंट दिया जा रहा है। इस डिस्काउंट के साथ यह फोन 13299 रुपये में आपका हो जाएगा। मोटोरोला का यह फोन 7000mAh की बैटरी से लैस है। इसमें आपको रैम बूस्ट फीचर मिलेगा, जिससे इसकी टोटल रैम बढ़कर 24जीबी तक की हो जाती है।

फीचर्स और स्पेसिफिकेशन्स
मोटोरोला के इस फोन में आपको 2400 x 1080 पिक्सल रेजॉलूशन के साथ 6.7 इंच का फुल एचडी+ डिस्प्ले मिलेगा। फोन में ऑफर किया जा रहा है यह डिस्प्ले 120Hz के रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। इसका पीक ब्राइटनेस लेवल 1050 निट्स का है।

फोन में डिस्प्ले प्रोटेक्शन के लिए कंपनी गोरिल्ला ग्लास 7i भी ऑफर कर रही है। यह फोन 8जीबी LPDDR4x रैम और 256जीबी के UFS 2.2 स्टोरेज से लैस है। रैम बूस्ट फीचर के से फोन की रैम 24जीबी तक की हो जाती है।

प्रोसेसर के तौर पर फोन में Snapdragon 6s Gen 4 चिपसेट दिया गया है। फोटोग्राफी के लिए आपको इसमें 50 मेगापिक्सल के मेन लेंस के साथ एक 8 मेगापिक्सल का अल्ट्रावाइड ऐंगल सेंसर मिलेगा। इस फोन का सेल्फी कैमरा 8 मेगापिक्सल का है। फोन में दी गई बैटरी 7000mAh की, 30 वॉट की फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। ओएस की जहां तक है, तो फोन ऐंड्रॉयड 16 पर काम करता है। इसे एक ओएस अपग्रेड मिलेगा।

यह फोन मिलिट्री ग्रेड MIL-STD 810H सर्टिफिकेशन और IP64 रेटिंग वाले डस्ट और वॉटर प्रोटेक्शन के साथ आता है। बायोमेट्रिक सिक्योरिटी के लिए फोन में साइड-माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर दिया गया है। फोन में दमदार साउंड के लिए आपको डॉल्बी ऐटमॉस के साथ स्टीरियो स्पीकर मिलेंगे।

फास्ट चार्जिंग, 32MP सेल्फी कैमरा वाला OnePlus का यह फोन 9 हजार रुपये सस्ता

नई दिल्ली। वनप्लस फैन्स के लिए बड़ी खुशखबरी है। पिछले साल लॉन्च हुआ OnePlus 13 अपने लॉन्च प्राइस से सस्ता हो गया है। लॉन्च के समय फोन को 16जीबी रैम और 512जीबी के इंटरनल स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत 76999 रुपये थी।

अमेजन की डील में यह फोन अब 9 हजार रुपये सस्ता हो गया है और आप इसे 67999 रुपये में खरीद सकते हैं। फोन पर 3 हजार रुपये का फ्लैट बैंक डिस्काउंट भी दिया जा रहा है।

बैंक डिस्काउंट ऑफर 28 फरवरी तक वैलिड है। फोन पर 3399 रुपये तक का कैशबैक भी दिया जा रहा है। एक्सचेंज ऑफर में यह फोन और सस्ता हो सकता है। ध्यान रहे कि एक्सचेंज ऑफर में मिलने वाला डिस्काउंट आपके पुराने फोन की कंडीशन, ब्रैंड और कंपनी की एक्सचेंज पॉलिसी पर निर्भर करेगा।

फीचर और स्पेसिफिकेशन
वनप्लस के इस स्मार्टफोन में आपको 3168 x 1440 पिक्सल रेजॉलूशन के साथ 6.82 इंच का शानदार 2K+ LTPO AMOLED डिस्प्ले मिलेगा। फोन में ऑफर किया जा रहा यह डिस्प्ले 120Hz तक के रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। इसका पीक ब्राइटनेस लेवल 4500 निट्स का है। फोन 24जीबी तक की रैम और 1टीबी तक के इंटरनल स्टोरेज ऑप्शन में आता है। फोन में कंपनी स्नैपड्रैगन 8 एलीट प्रोसेसर दे रही है। फोटोग्राफी के लिए फोन के बैक पैनल पर एलईडी फ्लैश के साथ 50 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा दिया गया है।

इसके अलावा फोन में आपको 50 मेगापिक्सल का एक अल्ट्रावाइड ऐंगल लेंस और एर 50 मेगापिक्सल का टेलिफोटो सेंसर भी देखने को मिलेगा। सेल्फी के लिए कंपनी इस फोन में 32 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा ऑफर दे रही है। फोन की बैटरी 6000mAh की है, जो 100W की SuperVOOC फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है।

यह फोन 50 वॉट की वायरलेस चार्जिंग को भी सपोर्ट करता है। बायोमेट्रिक सिक्योरिटी के लिए फोन में कंपनी इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर दिया गया है। ओएस की बात करें, तो फोन ऐंड्रॉयड 15 पर बेस्ड Oxygen OS 15 पर काम करता है।