Thursday, July 23, 2026
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क्या सच में राहुल गांधी की सांसदी खतरे में है, निशिकांत दुबे ने बढ़ाई सियासी हलचल

नई दिल्ली। बजट सत्र का पहला चरण इस बार काफी हंगामेदार रहा। एक ओर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पूर्व सेना प्रमुख नरवणे की किताब पर बोलने के लिए अड़े रहे तो वहीं दूसरी ओर उनके खिलाफ सब्सटेंटिव मोशन की चर्चा ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है।

राहुल गांधी के खिलाफ सब्सटेंटिव मोशन लाने के अपने फैसले पर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने शनिवार को इसकी तुलना दिसंबर 1978 की एक घटना से की।

उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि इसी तरह के एक प्रस्ताव को सदन ने पारित किया था, जिसके परिणामस्वरूप पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को चुनावी और विशेषाधिकार संबंधी कदाचार के आरोपों के चलते अयोग्य घोषित कर दिया गया था और बाद में उन्हें जेल जाना पड़ा था।

निशिकांत दुबे ने X पर अपने पोस्ट में 1978 के संसदीय रिकॉर्ड के अंश साझा किए हैं। तस्वीर के कैप्शन में उन्होंने लिखा है कि दिसंबर 1978 में, इसी तरह के एक प्रस्ताव के आधार पर राहुल गांधी जी की दादी पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी की सदस्यता गई थी और सीधे जेल गई थीं।

1978 का यह मामला 22 नवंबर 1978 को लोकसभा में पेश किए गए एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव से जुड़ा था। यह प्रस्ताव विशेषाधिकार समिति की उस रिपोर्ट के बाद लाया गया था जिसमें इंदिरा गांधी को विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना का दोषी पाया गया था।

1975 के आपातकाल के दौरान की गई कार्रवाई से आरोप जुड़े थे। इन आरोपों में इंदिरा गांधी के पुत्र संजय गांधी की मारुति परियोजना की जांच में बाधा, डराने-धमकाने और झूठे मामले दर्ज कराने का जिक्र था।

लंबी बहस के बाद 19 दिसंबर 1978 को तत्कालीन प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई द्वारा लाया गया प्रस्ताव पारित हुआ। इसके परिणामस्वरूप इंदिरा गांधी को लोकसभा से निष्कासित कर दिया गया था और उन्हें संसदीय सत्र की शेष अवधि के लिए तिहाड़ जेल भेज दिया गया।

क्या बांग्लादेश के नए पीएम के शपथग्रहण समारोह में पीएम मोदी को मिलेगा न्योता

ढाका। बांग्लादेश के चुनाव में बड़ी जीत के बाद बांग्लादेश नेशलिस्ट पार्टी (BNP) अपने नेता तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बुला सकती है। BNP के एक शीर्ष नेता ने यह जानकारी दी है।

BNP नेता हुमायूं कबीर ने कहा कि तारिक रहमान के आगामी शपथ ग्रहण समारोह के लिए भारतीय प्रधानमंत्री को बुलाने की योजना है। उन्होंने निमंत्रण को बेहतर संबंधों को बढ़ावा देने की दिशा में एक सद्भावना भरा संदेश बताया। BNP के शीर्ष नेताओं में गिने जाने वाले कबीर पार्टी प्रमुख तारिक रहमान के फॉरेन पॉलिसी एडवाइजर हैं।

WION को दिए इंटरव्यू में कबीर ने कहा, ‘हमारे लिए यह क्षेत्र महत्वपूर्ण है। तारिक रहमान की विदेश नीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा इस क्षेत्र को एक प्रभावशाली क्षेत्र बनाना है।’ उन्होंने कहा कि ‘आप लोगों को शामिल होने के लिए निमंत्रण देते हैं।

उम्मीद की जाती है कि आप शामिल होंगे।’ बीएनपी नेता ने आगे कहा कि ‘निमंत्रण भेजने में प्राथमिकता की एक भावना है। समय कम है लेकिन इसमें एक संकेत है। एक सद्भावना संकेत…।’

इस बीच बीएनपी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से भारतीय प्रधानमंत्री को पार्टी की जीत पर दिए गए बधाई संदेश के लिए धन्यवाद दिया है। बीएनपी ने लिखा, ‘माननीय नरेंद्र मोदी, बहुत-बहुत धन्यवाद।

राष्ट्रीय चुनाव में BNP को निर्णायक जीत दिलाने में मिस्टर तारिक रहमान के नेतृत्व को आपने जिस तरह से माना है, उसके लिए हम बहुत आभारी हैं। यह नतीजा बांग्लादेश के लोगों के हमारे नेतृत्व और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर भरोसे और विश्वास को दिखाता है।’

बीएनपी ने आगे कहा कि बांग्लादेश अपने सभी नागरिकों के लिए लोकतांत्रिक मूल्य, सबको साथ लेकर चलने और आगे बढ़ने वाले विकास को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

केंद्र सरकार ने देश में पहली बार अंडरवाटर रोड-रेल टनल योजना को मंजूरी दी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने असम में ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे अंडरवाटर रोड-रेल टनल बनाने की योजना को मंजूरी दे दी है। यह देश की पहली सुरंग होगी जिसमें सड़क और रेल दोनों होंगी। इसे ट्विन ट्यूब टीबीएम टनल नाम दिया गया है। इसमें एक टनल में रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर और दूसरे में रोड होगी।

इसकी कुल लंबाई 33.7 किमी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति की बैठक में इस योजना से जुड़े प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई।

यह सुरंग गोहपुर और नुमालीगढ़ कॉरिडोर के बीच बनाई जाएगी। इसकी कुल लागत 18,662.02 करोड़ रुपये होगी। अभी नुमालीगढ़ से गोहपुर जाने में 240 किमी लंबा रास्ता तय करना पड़ता है जिसमें करीब 6 घंटे लगते हैं। लेकिन अब ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे रोड कम रेल टनल के जरिए चार लेन की एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड कनेक्टिविटी को मंजूरी दी गई है।

इससे नुमालीगढ़ और गोहपुर का रास्ता केवल आधे घंटे में तय हो सकेगा। यह देश में पहली अंडरवाटर कम रोड टनल है। दुनिया में अब तक इस तरह की एक ही सुरंग है। इस प्रोजेक्ट से असम, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड और पूर्वोत्तर के दूसरे राज्यों को फायदा होगा। साथ ही इससे फ्रेट मूवमेंट में आसानी होगी, लॉजिस्टिक्स कॉस्ट में कमी आएगी और पूर्वोत्तर के विकास को गति मिलेगी।

कैबिनेट ने साथ ही नोएडा मेट्रो के विस्तार को भी मंजूरी दे दी है। नोएडा सेक्टर 142 से बोटेनिकल गार्डन के बीच 11.56 किमी सेक्शन को मंजूरी मिल गई है। इस पर कुल 8 एलिवेटेड स्टेशन होंगे। इसके साथ ही नोएडा और ग्रेटर नोएडा में मेट्रो रेल नेटवर्क 61.62 किमी पहुंच जाएगा। बोटेनिकल गार्डन में यह दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन और मेजेंटा लाइन से आकर जुड़े। इससे नोएडा से ग्रेटर नोएडा जाना और आसान हो जाएगा।

Mahindra Scorpio-N फेसलिफ्ट नए लुक में, रियर में बड़ा बदलाव

नई दिल्ली। Mahindra Scorpio-N की जबर्दस्त फैन फॉलोइंग है। कंपनी की यह एसयूवी लोगों के दिलों पर राज करती है। फर्स्ट जेनरेशन स्कॉर्पियो से लेकर लेटेस्ट स्कॉर्पियो-N तक, इस एसयूवी के लिए लोगों का प्यार कभी कम नहीं हुआ।

नई स्कॉर्पियो-N को आए अभी ज्यादा टाइम नहीं हुआ है। इसी बीच इसे फेसलिफ्ट की चर्चा शुरू हो गई है। कंरनी की तरफ से इसके बारे में फिलहाल कोई ऑफिशियल जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन एक यूट्यूब चैनल Prime E Car ने इसके फेसलिफ्ट को इमैजिन किया है। इस वीडियो में स्कॉर्पियो-N की फेसलिफ्ट कल्पना की गई है कि यह एसयूवी कैसी दिखेगी।

कॉन्सेप्ट मॉडल्स पर
शेयर किए गए वीडियो में आर्टिस्ट ने हाल ही में सामने आई स्पाई फोटोज और महिंद्रा के पहले लोगों सामने शोकेस किए गए कॉन्सेप्ट मॉडल्स पर बेस्ड स्कॉर्पियो-N की कल्पना की है। स्कॉर्पियो-N का पूरा लुक मौजूदा वर्जन से काफी हद तक मेल खाता है। इस रेंडर में एसयूवी का फ्रंट एंड काफी अलग दिख रहा है। इसमें एक नई चौड़ी ग्रिल है, जो एसयूवी के लुक को पूरी तरह बदल देती है। इस ग्रिल को महिंद्रा ने कुछ साल पहले अपने महिंद्रा ग्लोबल पिक अप कॉन्सेप्ट में दिखाया था।

ग्लॉस ब्लैक बॉर्डर
रेंडर में दिख रही ग्रिल के चारों ओर ग्लॉस ब्लैक बॉर्डर है और अंदर हनीकॉम्ब एलिमेंट्स हैं। नया महिंद्रा लोगो सेंटर में लगा है। नीचे का एयर डैम भी पूरी तरह ब्लैक कलर का है और उसमें भी बदलाव दिख रहा है। हालांकि, हेडलाइट्स का डिजाइन मौजूदा मॉडल जैसा ही है, जिसमें एलईडी यूनिट्स लगी हैं और हेडलाइट्स के नीचे ड्यूल-फंक्शन एलईडी डीआरएल्स (DRLs) मौजूद हैं।

साइड और रियर
साइड से देखने पर रेंडर में नए 5-स्पोक अलॉय वील दिखाई देते हैं, जो हाल ही में सामने आई स्पाई इमेजन में देखे गए वील्स के जैसे ही हैं। वील्स के अलावा, साइड प्रोफाइल में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है। फेसलिफ्ट स्कॉर्पियो-N के रियर में आर्टिस्ट ने टेल लैंप में मामूली बदलाव किए हैं – यह एक ऐसा एलिमेंट है, जिसे मौजूदा स्कॉर्पियो-N में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं मिली थीं। महिंद्रा वाकई में फेसलिफ्ट के टेल लैंप को रीडिजाइन करेगा, यह देखना काफी एक्साइटिंग होगा। रेंडर में पैनोरमिक सनरूफ भी दिखाई दे रही है। हालांकि, यह एक संभावना है और इस बारे में अभी पक्के तौर पर कुछ कहा नहीं जा सकता है।

इंटीरियर
अपकमिंग स्कॉर्पियो-N फेसलिफ्ट में ब्लैक और मोका ब्राउन केबिन थीम बरकरार रहने की उम्मीद है। हालांकि, टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम को अपग्रेड किया जा सकता है। कंपनी इसमें महिंद्रा थार रॉक्स वाला बड़ा और शार्प यूनिट दे सकती है। कंपनी इसमें लेवल 2 ADAS भी दे सकती है।

इंजन और ट्रांसमिशन
मैकेनिकली स्कॉर्पियो-N फेसलिफ्ट में पहले जैसे ही इंजन ऑप्शन मिलने की उम्मीद है। यह 2.0 लीटर mStallion टर्बो-पेट्रोल इंजन और 2.2 लीटर एमहॉक टर्बो-डीजल इंजन के साथ आएगी। दोनों इंजन मैन्युअल और ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन ऑप्शन के साथ आने की संभावना है। पहले की तरह, केवल सेलेक्टेड डीजल वेरिएंट में ही 4×4 का ऑप्शन मिल सकता है।

फ़ास्ट चार्जिंग, दमदार कैमरे वाले OnePlus के इस फोन पर 19 हजार की छूट

नई दिल्ली। OnePlus 12 Amazon Price cut: वनप्लस फैन्स के लिए अच्छी खबर है। इस समय पॉपुलर ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर वनप्लस का एक फ्लैगशिप फोन अपनी लॉन्च प्राइस से सीधे 19,000 रुपये सस्ता मिल रहा है।

हम बात कर रहे हैं OnePlus 12 की। वैसे तो पुराना है लेकिन अपने लुक्स और दमदार हार्डवेयर से अभी भी कई नए फोन्स पर भारी पड़ता है। फोन में 100W की तेजतर्रार चार्जिंग स्पीड मिलती है। फोन में ProXDR OLED डिस्प्ले है, जो बेहतरीन व्यूईंग एक्सपीरियंस देता है। फोन में फोटोग्राफी करने के लिए भी कुल चार दमदार कैमरे मिलते हैं।

भारत में वनप्लस 12 को रैम और स्टोरेज के हिसाब से दो अलग-अलग वेरिएंट में लॉन्च किया गया है। लॉन्च के समय, इसके 12GB रैम + 256GB स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत 64,999 रुपये और 16GB रैम + 512GB स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत 69,999 रुपये थी।

पहले इसे फ्लोई एमराल्ड और सिल्की ब्लैक कलर में लॉन्च किया गया था। बाद में कंपनी ने लाइनअप में ग्लेशियल व्हाइट कलर भी जोड़ा था। अब यह फोन 19,000 रुपये सस्ता मिल रहा है। चलिए बताते हैं आखिर यह फोन कहां इतना सस्ता मिल रहा है।

दरअसल, Amazon पर वनप्लस 12 5G स्मार्टफोन का 12GB+256GB वेरिएंट इस समय मात्र 45,999 रुपये में मिल रहा है। ध्यान रहे कि इस कीमत में फोन का केवल ग्लेशियल व्हाइट कलर वेरिएंट ही मिल रहा है। ग्रीन कलर वेरिएंट की कीमत थोड़ी अधिक 51,999 रुपये है। यानी देखा जाए तो फोन अपनी लॉन्च प्राइस से सीधे 19,000 रुपये कम में मिल रहा है।

अमेजन इस फोन पर 43,699 रुपये तक का एक्सचेंज बोनस भी ऑफर कर रहा है। अगर आपके पास एक्सचेंज कराने के लिए पुराना फोन है, तो आप एक्सचेंज बोनस का लाभ लेकर फोन की कीमत को और कम कर सकते हैं। लेकिन ध्यान रहें कि एक्सचेंज बोनस की वैल्यू पूरी तरह से आपके पुराने फोन की कंडीशन, मॉडल और ब्रांड पर निर्भर करेगी।

एमोलेड डिस्प्ले और हैवी रैम
OnePlus 12 फोन स्मैपड्रैगन 8 जेन 3 प्रोसेसर से लैस है, जो एड्रेनो 750 जीपीयू के साथ जोड़ा गया है। रैम और स्टोरेज के हिसाब से फोन दो वेरिएंट में लॉन्च किया गया है। बेस वेरिएंट में 12GB रैम के साथ 256GB स्टोरेज है, जबकि टॉप वेरिएंट में 16GB रैम के साथ 512GB स्टोरेज है।

फोन में 6.82 इंच का QHD+ ProXDR OLED डिस्प्ले है, जो (1440×3168 पिक्सेल) रिजॉल्यूशन, 4500 निट्स की पीक ब्राइटनेस, 120 हर्ट्ज तक रिफ्रेश रेट और गोरिल्ला ग्लास विक्टस प्रोटेक्शन के साथ आता है। फोन में डोल्बी एटमॉस साउंड वाले स्टीरियो स्पीकर लगे हैं। फोन में अलर्ट स्लाइडर भी है।

कैमरा सेटअप भी
फोटोग्राफी के लिए, फोन में हैसलब्लेड द्वारा ट्यून किया गया ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप है, जिसमें OIS के साथ 50 मेगापिक्सेल का सोनी LYT808 प्राइमरी लेंस, 3x ऑप्टिकल जूम और OIS के साथ 64 मेगापिक्सेल का ओमनीविजन OV64B पेरिस्कोप टेलीफोटो लेंस और 48 मेगापिक्सेल का सोनी IMX581 अल्ट्रा-वाइड-एंगल लेंस है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए, फोन में 32 मेगापिक्सेल का लेंस मिलता है। सेल्फी कैमरा डिस्प्ले के बीचोंबीच पंच होल कटआउट में लगा हुआ है।

100W फास्ट चार्जिंग
वनप्लस 12 में 5G, 4G LTE, वाई-फाई 7, ब्लूटूथ 5.4, जीपीएस और एनएफसी कनेक्टिविटी दी गई है। यह जायरोस्कोप, एक्सेलेरोमीटर, मैग्नेटोमीटर, प्रॉक्सिमिटी सेंसर और बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के लिए अंडर-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर से लैस है। इसमें 5400mAh की बैटरी है जिसे सुपरवूक चार्जर का उपयोग करके 100W पर चार्ज किया जा सकता है, और फोन 50W वायरलेस चार्जिंग और 10W रिवर्स वायरलेस चार्जिंग को भी सपोर्ट करता है। धूल और पानी के छींटों से सुरक्षित रहने के लिए इसे IP65 रेटिंग मिली है। 220 ग्राम वजनी इस फोन की मोटाई 9.15 एमएम है।

24GB रैम वाला मोटोरोला का यह 5G फोन 13 हजार से कम में, जानिए ऑफर

नई दिल्ली। Motorola G35 5G: मोटोरोला कंपनी के इस धांसू फोन पर मिल रही है जोरदार डील। अमेजन की डील में आप 24जीबी तक की रैम (रैम बूस्ट फीचर के साथ) वाले Motorola G35 5G फोन को 13,000 रुपये से कम में खरीद सकते हैं।

8जीबी रैम और 128जीबी के इंटरनल स्टोरेज वाले इस फोन की कीमत अमेजन इंडिया पर 13225 रुपये है। फोन पर 1 हजार रुपये तक का बैंक डिस्काउंट दिया जा रहा है। इस डिस्काउंट के साथ यह फोन 12500 रुपये से कम में आपका हो सकता है।

फोन पर 661 रुपये तक का कैशबैक भी दिया जा रहा है। आप इस डिवाइस को एक्सचेंज बोनस के साथ भी खरीद सकते हैं। ध्यान रहे कि एक्सचेंज ऑफर में मिलने वाला डिस्काउंट आपके पुराने फोन की कंडीशन, ब्रैंड और कंपनी की एक्सचेंज पॉलिसी पर निर्भर करेगा। फोन में कंपनी 50MP का कैमरा, 5000mAh की बैटरी और डॉल्बी साउंड जैसे धांसू फीचर दिए गए है।

फीचर और स्पेसिफिकेशन
मोटोरोला के इस फोन में 2400 x 1080 पिक्सल रेजॉलूशन के साथ 6.72 इंच का फुल एचडी+ LCD पैनल दिया गया है। फोन में ऑफर किया जा रहा यह डिस्प्ले 120Hz के रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। इसका पीक ब्राइटनेस लेवल 1000 निट्स का है।

डिस्प्ले प्रोटेक्शन के लिए फोन में गोरिल्ला ग्लास 3 दिया गया है। फोन 4जीबी LPDDR4x रैम और 128जीबी के UFS 2.2 स्टोरेज से लैस है। फोन रैम बूस्ट फीचर के साथ आता है। इससे इसकी रैम 24जीबी तक की हो जाती है। प्रोसेसर के तौर पर फोन में कंपनी Unisoc T760 दे रही है।

फोटोग्राफी के लिए फोन में एलईडी फ्लैश के साथ दो कैमरे दिए गए हैं। इनमें 50 मेगापिक्सल के मेन लेंस के साथ एक 8 मेगापिक्सल का अल्ट्रावाइड ऐंगल कैमरा शामिल है। मोटोरोला के इस फोन में सेल्फी के लिए 16 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है। फोन में दी गई बैटरी 5000mAh की है, जो 18 वॉट की चार्जिंग को सपोर्ट करती है।

ओएस की बात करें, तो फोन ऐंड्रॉयड 15 पर काम करता है। फोन के ओएस को कंपनी दो साल तक सिक्योरिटी पैच ऑफर कर रही है। बायोमेट्रिक सिक्योरिटी के लिए आपको इस फोन में साइड-माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर देखने को मिलेगा। दमदार साउंड के लिए फोन में कंपनी डॉल्बी ऐटमॉस ऑफर कर रही है। यह फोन IP52 डस्ट और वॉटर रेजिस्टेंट रेटिंग के साथ आता है।

जनवरी में खाद्य तेलों का आयात 20 प्रतिशत बढ़कर 13.10 लाख टन पर पहुंचा

मुम्बई। Edible Oil Import: सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सी) द्वारा संकलित आंकड़ों से पता चलता है कि जनवरी 2025 की तुलना में जनवरी 2026 के दौरान भारत में वनस्पति तेलों (खाद्य एवं अखाद्य) का कुल आयात 11.20 लाख टन से करीब 20 प्रतिशत बढ़कर 13.40 लाख टन पर पहुंच गया।

इसके तहत खाद्य तेलों का आयात 10.80 लाख टन से उछलकर 13.10 लाख टन पर पहुंचा। भारत में मुख्यत: पाम तेल, सोया तेल एवं सूरजमुखी तेल का आयात होता है।

एसोसिएशन के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार यद्यपि जनवरी 2025 के मुकाबले जनवरी 2026 में क्रूड डिगम्ड सोयाबीन तेल का आयात 4,44,026 टन से घटकर 2,78,888 टन तथा क्रूड सूरजमुखी तेल का आयात 2,88,284 टन से गिरकर 2,66,575 टन पर सिमट गया, लेकिन क्रूड पाम तेल (सीपीओ) का आयात इसी अवधि में 2,40,276 टन से उछलकर 7,57,088 टन पर पहुंच गया। इससे कुल आयात में वृद्धि हो गई।

महत्वपूर्ण बात यह है कि आरबीडी पामोलीन के आयात की गति धीमी बनी हुई है। जनवरी 2025 में इसका आयात 31,995 टन दर्ज किया गया था जो जनवरी 2026 में घटकर 3800 टन रह गया। चालू मार्केटिंग सीजन की पहली तिमाही में यानी नवम्बर 2025 से जनवरी 2026 के दौरान देश में आरबीडी पामोलीन का कुल आयात घटकर 9784 टन पर अटक गया

जो नवम्बर 2024-जनवरी-2025 की तिमाही के कुल आयात 4,94,500 टन से बहुत कम रहा। इसके फलस्वरूप समीक्षाधीन अवधि के दौरान खाद्य तेलों के सकल आयात में रिफाइंड पामोलीन की भागीदारी 16 प्रतिशत से घटकर मात्र 2 प्रतिशत रह गई जबकि क्रूड खाद्य तेलों की हिस्सेदारी 84 प्रतिशत से उछलकर 98 प्रतिशत पर पहुंच गई। सीपीओ के आयात में भारी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई।

सरकार ने 31 मई 2025 को क्रूड एवं रिफाइंड खाद्य तेलों के आयात पर सीमा शुल्क में अंतर को 9.25 प्रतिशत से बढ़ाकर 19.25 प्रतिशत कर दिया था और उसके बाद से रिफाइंड पामोलीन के आयात की रफ्तार सुस्त पड़ने लगी।

लेकिन दक्षिण एशिया मुक्त व्यापार संधि (साफ्टा) के तहत नेपाल से शून्य शुल्क पर रिफाइंड खाद्य तेलों का भारी आयात जारी है जिससे स्वदेशी रिफाइनर्स को काफी कठिनाई हो रही है।

उत्पादन बढ़ने से इस बार किशमिश होंगे सस्ते, तेजी की संभावना नहीं

नई दिल्ली। विगत कुछ समय से किशमिश के भाव सीमित दायरे में चल रहे हैं। वर्तमान हालत को देखते हुए हाल-फिलहाल कीमतों में तेजी की संभावना नहीं है। क्योंकि चालू माह के अंत तक महाराष्ट्र की मंडियों में नए किशमिश की आवक शुरू होने की संभावना है और इस वर्ष उत्पादन भी गत वर्ष की तुलना में अधिक माना जा रहा है। किशमिश का उत्पादन मुख्यत महाराष्ट्र के सांगली, नासिक, तासगांव लाइन पर होता है।

गत सीजन में देश में पैदावार में कमी आने के कारण किशमिश की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी दर्ज की गई और मंडियों में भाव 450/460 रुपए के स्तर पर बोले जाने लगे थे। जबकि वर्तमान में सांगली, तासगांव मंडी में भाव 400/420 रुपए पर बोले जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि गत फरवरी-2025 में मंडियों में किशमिश के भाव 210/220 रुपए प्रति किलो चल रहे थे।

जानकारों का कहना है कि चालू सीजन के दौरान महाराष्ट्र में किशमिश का उत्पादन 17/18 हजार गाड़ी (प्रत्येक गाड़ी 10 टन) होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं जबकि वर्ष 2025 में उत्पादन 15/16 हजार गाड़ी था। वर्ष 2024 में 18/20 हजार गाड़ी एवं वर्ष 2023 में उत्पादन 22/24 हजार गाड़ी माना गया था।

प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्तमान में महाराष्ट्र की मंडियों में किशमिश का स्टॉक 400/500 गाड़ी का माना जा रहा था। जबकि वर्ष 2025 में नई फसल के समय स्टॉक 900/1000 गाड़ी का माना गया था। वर्ष 2024 में स्टॉक 2.5/3 हजार गाड़ी माना गया था।

व्यापारियों का कहना है कि किशमिश की वर्तमान कीमतों में तेजी की संभावना नहीं है। आगामी दिनों में नए मालों की आवक बढ़ने पर कीमतों में मंदा संभव है। सूत्रों का कहना है कि नए मालों की आवक बढ़ने पर मार्च- अप्रैल में मंडियों में किशमिश के भाव 300/325 रुपए बनने के पूर्वानुमान लगाए जा रहे हैं। बशर्तें आगामी दिनों में मौसम फसल के अनुकूल रहे। वर्तमान में सांगली, तासगांव मंडी में भाव 400/420 रुपए प्रति किलो बोले जा रहे हैं।

निर्यात प्रभावित
चालू सीजन के दौरान कीमतों में रिकॉर्ड तेजी आने के कारण किशमिश का निर्यात बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अप्रैल-नवम्बर- 2025 के दौरान केवल 6309 टन किशमिश का निर्यात होने के समाचार है। जबकि वर्ष 2024-25 (अप्रैल-मार्च) के दौरान निर्यात 46738 टन का रहा था। वर्ष 2023-24 में निर्यात 47750 टन का हुआ था।

व्यापारियों को बदनाम करने की साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा: व्यापार महासंघ

कोटा। कोटा व्यापार महासंघ ने असामाजिक तत्वों को चेतावनी दी है कि ईमानदार कारोबारियों को बदनाम करने की साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा। कोटा व्यापार महासंघ ने असामाजिक तत्वों एवं तथाकथित पेशेवर शिकायतकर्ताओं द्वारा झूठी फर्जी फोटो-वीडियो के माध्यम से नमकीन कारोबारियों को मानसिक व आर्थिक रूप से प्रताड़ित किए जाने का विरोध किया है।

महासंघ के अध्यक्ष क्रांति जैन व महासचिव अशोक माहेश्वरी ने कहा कि शहर में इस प्रकार की गतिविधियों में संलिप्त तत्व सक्रिय हो चुके हैं। यह पहली घटना नहीं है। पूर्व में भी विभिन्न स्थानों पर इस तरह के प्रकरण सामने आए हैं।

उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर न केवल व्यापारियों की छवि धूमिल कर रहे हैं, बल्कि कोटा के समग्र कारोबार को भी क्षति पहुंचा रहे हैं। महासंघ ने इस मामले से जुड़े सभी तथ्यो का अवलोकन करने के बाद पाया कि व्यपाारी को झूठा प्रताडित करने की साजिश की जा रही है।

महासचिव अशोक माहेश्वरी की अगुवाई में कोटा नमकीन व्यापार समिति ने एडीएम सिटी अनिल सिंघल एवं अतिरिक्त पुलिस अधिक्षक दिलिप सैनी को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच की मांग की है।

समिति के अध्यक्ष जगदीश गांधी एवं महामंत्री प्रमोद पुरस्वामी ने बताया कि झूठी शिकायतों के संबंध में जिला कलक्टर को भी अवगत कराया गया है तथा किशोरपुरा थाना में विधिवत शिकायत दर्ज करवाई गई है।

व्यापारियों ने स्पष्ट किया कि कोटा का नमकीन उद्योग वर्षों से स्वच्छता, गुणवत्ता एवं खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए संचालित हो रहा है। आधुनिक एवं स्वचालित मशीनों से तैयार उत्पाद स्थानीय बाजार के साथ-साथ प्रदेश भर में अपनी विश्वसनीय पहचान बनाए हुए हैं।

इसके बावजूद हाल के दिनों में कुछ तत्वों द्वारा पैकिंग सामग्री से छेड़छाड़ कर आपत्तिजनक वस्तुएं मिलाने, उनके फोटो-वीडियो बनाकर प्रसारित करने तथा झूठी शिकायतें दर्ज कराने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे व्यापारियों की साख को गंभीर क्षति पहुंच रही है।

इस अवसर पर संस्थापक रामनाथ अग्रवाल, संरक्षक राजेन्द्र राजानी, कोषाध्यक्ष सुनील मित्तल, शरद गुप्ता, महेश अरोड़ा, जगदीश नागर, जयेश थदानी, महेंद्र गोयल, महेश सुखेजा सहित बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित रहे। व्यापार संघ ने प्रशासन से दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई कर व्यापारियों को संरक्षण प्रदान करने की मांग की है।

प्रिंटपैक राजस्थान 2026: प्रिंटिंग एवं पैकेजिंग उद्योग पर जयपुर में 21 से प्रदर्शनी

कोटा। प्रिंटिंग और पैकेजिंग उद्योग को नई दिशा देने के उद्देश्य से इंडियन प्रिंटिंग, पैकेजिंग एंड अलाइड मशीनरी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (आईपीएएमए) की ओर से 21 से 23 फरवरी तक जयपुर एक्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर सीतापुरा में एक प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा।

आईपीएएमए के अध्यक्ष जयवीर सिंह, महासचिव इकबाल सिंह तथा गवर्निंग काउंसिल के सदस्यों ने उद्योगजनों से प्रत्यक्ष संवाद करते हुए आगामी प्रदर्शनी की रूपरेखा और उससे मिलने वाले व्यावसायिक लाभों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

अध्यक्ष जयवीर सिंह ने बताया कि ‘प्रिंटपैक राजस्थान 2026’ में 160 से अधिक अग्रणी कंपनियां अपनी अत्याधुनिक मशीनरी के लाइव डेमो के साथ भाग लेंगी। देशभर से हजारों उद्योग प्रतिनिधियों और आगंतुकों की उपस्थिति इस मेगा आयोजन को नई ऊंचाई प्रदान करेगी।

उन्होंने कहा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य टियर-2 और टियर-3 शहरों की सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम इकाइयों (एमएसएमई) को आधुनिक प्रिंटिंग तकनीक, डिजिटल पैकेजिंग समाधान और नवीनतम मशीनरी से जोड़ना है। आईपीएएमए एक राष्ट्रीय स्तर की संस्था है, जिसकी प्रदर्शनियों में करोड़ों रुपये का कारोबार होता है, जो इसकी विश्वसनीयता और प्रभावशीलता का प्रमाण है।

सिंह ने बताया कि यह प्रदर्शनी राजस्थान ऑफसेट प्रिंटर्स एसोसिएशन (रोपा) तथा ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ प्रिंटर्स एंड पैकर्स के सहयोग से आयोजित की जा रही है। आयोजन को भारतीय प्रिंटिंग एवं पैकेजिंग उद्योग को एक साझा मंच पर लाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।