Friday, July 17, 2026
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Honor का नया फोन 9000mAh की बैटरी एवं 200MP के कैमरा के साथ होगा लॉन्च

नई दिल्ली। ऑनर कंपनी Honor 600 को लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। कुछ दिन पहले आई एक लीक में कहा गया था कि फोन 9000mAh की बैटरी और 6.57 इंच के डिस्प्ले के साथ आएगा। अब एक नई लीक आई है, जिसमें इस अपकमिंग फोन के बारे में कई और जानकारियां दी गई हैं। लीक के अनुसार फोन फोन 200 मेगापिक्सल के कैमरा और स्नैपड्रैगन 8E प्रोसेसर के साथ आएगा। आइए जानते हैं डीटेल।

संभावित फीचर्स
नई लीक रिपोर्ट के अनुसार ऑनर इस फोन में 1.5K रेजॉलूशन के साथ 6.57 इंच LPTS 2.5D कर्व्ड ग्लास देने वाली है। फोन की सबसे बड़ी खूबी इसकी बैटरी होगी। रिपोर्ट के अनुसार यह फोन 9000mAh की सिलिकॉन बैटरी के साथ आएगा।

फोटोग्राफी के लिए कंपनी इस फोन में 200 मेगापिक्सल का मेन सेंसर देने वाली है, जो 1/1.4 इंच का होगा। साथ ही यहां आपको एक टेलीफोटो लेंस भी देखने को मिलेगा। फोन में ऑफर किया जाने वाला यह बड़ा सेंसर लो-लाइट परफॉर्मेंस को बेहतर करने के साथ ही डीटेल्स को कैप्चर करेगा। वहीं, टेलीफोटो लेंस के होने से यह कन्फर्म होता है कि कंपनी अपने जूम कैपेबिलिटी पर कोई कटौती नहीं कर रही है।

फोन के इंजीनियरिंग सैंपल के बारे में कहा जा रहा है कि यह स्नैपड्रैगन 8 एलीट प्रोसेसर से लैस होगा। ऑनर 500 स्नैपड्रैगन 8s जेन 4 चिप के साथ आता है। इससे यह पता चलता है कि ऑनर 600 परफॉर्मेंस में जबर्दस्त रहने वाला है। फोन के बाकी फीचर्स की बात करें, तो इसमें कंपनी मेटल फ्रेम और वायरलेस चार्जिंग सपोर्ट देने वाली है। फोन में कंपनी बायोमेट्रिक सिक्योरिटी के लिए 3D अल्ट्रासोनिक फिंगरप्रिंट सेंसर देने वाली है। फिलहाल आइए जान लेते हैं ऑनर 500 के फीचर्स के बारे में।

स्पेसिफिकेशन
कंपनी इस फोन में 6.7 इंच का फुल एचडी+ OLED डिस्प्ले दे रही है। यह डिस्प्ले 120Hz के रिफ्रेश रेट और 6000 निट्स के पीक ब्राइटनेस लेवल को सपोर्ट करता है। इसमें कंपनी स्नैपड्रैगन 8s जेन 4 चिपसेट दे रही है। फोन का मेन कैमरा 200 मेगापिक्सल का है। इसके साथ ही आपको इस फोन में कंपनी सेल्फी के लिए 50 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दे रही है। फोन में दी गई बैटरी 8000mAh की है, जो 80 वॉट की फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। यह फोन IP68, IP69 और IP69K रेटिंग के साथ आता है। बायोमेट्रिक सिक्योरिटी के लिए फोन में इन-डिस्प्ले ऑप्टिकल फिंगरप्रिंट सेंसर दिया गया है।

बयाना–मथुरा ट्रैन का अलवर और कोटा–मथुरा मेमू एक्सप्रेस का डीग तक विस्तार

कोटा। Extension of trains: त्योहारों के अवसर पर अतिरिक्त यात्री यातायात को ध्यान में रखते हुए रेलवे द्वारा यात्रियों की सुविधा के लिए बयाना–मथुरा तथा मथुरा–कोटा का अलवर स्टेशन तक, काशगंज–मथुरा पैसेंजर का गंगापुर सिटी तक और कोटा–मथुरा मेमू एक्सप्रेस का डीग तक अस्थायी विस्तार करने का निर्णय लिया गया है। इस व्यवस्था से क्षेत्रीय यात्रियों को सीधी और अधिक सुविधाजनक रेल कनेक्टिविटी प्राप्त होगी।

गाड़ी संख्या 69159 बयाना–अलवर प्रतिदिन रेलसेवा का संचालन 1 मार्च से 31 अगस्त तक किया जाएगा। यह गाड़ी प्रतिदिन बयाना से 18.25 बजे प्रस्थान करेगी, मथुरा स्टेशन पर 20.20 बजे पहुंचेगी तथा 20.25 बजे प्रस्थान कर 23.45 बजे अलवर स्टेशन पहुंचेगी।

इसी प्रकार गाड़ी संख्या 19110 अलवर–कोटा प्रतिदिन रेलसेवा का संचालन 2 मार्च से 1 सितम्बर तक किया जाएगा। यह गाड़ी अलवर से प्रतिदिन 01.00 बजे प्रस्थान कर मथुरा स्टेशन पर 04.00 बजे पहुंचेगी, 05.00 बजे प्रस्थान करेगी तथा 13.20 बजे कोटा पहुंचेगी।

कोटा–मथुरा मेमू एक्सप्रेस का डीग तक विस्तार
इसे तरह रेल प्रशासन द्वारा ट्रेन संख्या 19109 कोटा–मथुरा मेमू एक्सप्रेस तथा 69160 मथुरा–बयाना मेमू पैसेंजर का अस्थायी विस्तार डीग तक किया गया है। यह विस्तारित व्यवस्था दिनांक 01 मार्च 2026 से 01 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी।

ट्रेन संख्या 19109 (कोटा–डीग मेमू एक्सप्रेस) प्रतिदिन कोटा से 15.55 बजे प्रस्थान कर बयाना 21.50/21.52 बजे, मथुरा 00.35/00.40 बजे, भूतेश्वर 00.50/00.52 बजे, मोरा 01.00/01.02 बजे, राधाकुंड 01.10/01.12 बजे, गोवर्धन 01.20/01.22 बजे, बेहज 01.30/01.32 बजे होते हुए 02.00 बजे डीग पहुंचेगी।

वापसी में ट्रेन संख्या 69160 (डीग–बयाना मेमू पैसेंजर) डीग से प्रातः 04.45 बजे प्रस्थान कर बेहज 04.55/04.57 बजे, गोवर्धन 05.05/05.07 बजे, राधाकुंड 05.15/05.17 बजे, मोरा 05.25/05.27 बजे, भूतेश्वर 05.35/05.37 बजे, मथुरा 05.50/06.10 बजे होते हुए 08.10 बजे बयाना पहुंचेगी।

काशगंज–मथुरा पैसेंजर का गंगापुर सिटी तक विस्तार
गाड़ी संख्या 55335/55336 काशगंज–मथुरा पैसेंजर (प्रति दिवस) को 1 मार्च से 15 मार्च 2026 तक अस्थायी रूप से गंगापुर सिटी तक विस्तारित किया गया है। इस निर्णय से कोटा मंडल के प्रमुख स्टेशनों के यात्रियों को सीधी रेल सुविधा उपलब्ध होगी।

गाड़ी संख्या 55335 काशगंज–गंगापुर सिटी पैसेंजर
यह गाड़ी काशगंज से प्रतिदिन 11:05 बजे प्रस्थान करेगी। मथुरा जंक्शन पर 14:20/15:30 बजे ठहराव के उपरांत यह भरतपुर जंक्शन (15:53/15:55), बयाना जंक्शन (16:23/16:25), हिंडौन सिटी (16:53/16:55) तथा श्री महावीर जी (17:05/17:07) स्टेशनों पर ठहराव लेते हुए सायं 18:20 बजे गंगापुर सिटी पहुँचेगी।

गाड़ी संख्या 55336 गंगापुर सिटी–काशगंज पैसेंजर
वापसी में यह गाड़ी गंगापुर सिटी से प्रतिदिन 19:00 बजे प्रस्थान करेगी। मार्ग में श्री महावीर जी (19:23/19:25), हिंडौन सिटी (19:35/19:37), बयाना जंक्शन (20:03/20:05), भरतपुर जंक्शन (20:38/20:40) तथा मथुरा जंक्शन (22:10/22:15) स्टेशनों पर ठहराव के बाद यह रात्रि 00:30 बजे काशगंज पहुँचेगी।

इस अस्थायी विस्तार के अंतर्गत यह गाड़ी भरतपुर जंक्शन, बयाना जंक्शन, हिंडौन सिटी, श्री महावीर जी एवं गंगापुर सिटी स्टेशनों पर ठहराव लेगी।

अजमेर में पीएम मोदी ने कांग्रेस पर कसा तंज, बोले INC से MMC बन गई

अजमेर। राजस्थान के अजमेर में आयोजित विशाल जनसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और कहा कि अब कांग्रेस ‘INC’ नहीं रही, बल्कि ‘MMC’ बन चुकी है। उन्होंने ‘MMC’ का अर्थ बताते हुए इसे “मुस्लिम लीग माओवादी कांग्रेस” करार दिया और आरोप लगाया कि कांग्रेस हताशा और निराशा में देश को बदनाम करने की राजनीति कर रही है।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत हाल ही में दिल्ली में आयोजित वैश्विक कृत्रिम बुद्धिमत्ता सम्मेलन का उल्लेख करते हुए की। उन्होंने कहा, “दिल्ली में दुनिया का सबसे बड़ा एआई सम्मेलन हुआ। अनेक देशों के प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और मंत्री उसमें शामिल हुए। दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियों के प्रमुख भी एक ही मंच पर जुटे। सभी ने खुले दिल से भारत की प्रशंसा की।”

उन्होंने जनता से सवाल किया, “जब दुनिया के इतने बड़े नेता और उद्योग जगत के दिग्गज भारत की तारीफ करते हैं, तो क्या आपका माथा ऊंचा नहीं होता? क्या आपका सीना गर्व से चौड़ा नहीं होता?” सभा स्थल पर मौजूद समर्थकों ने जोरदार नारेबाजी के साथ इसका समर्थन किया।

प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि जहां एक ओर पूरी दुनिया भारत की उपलब्धियों की सराहना कर रही है, वहीं कांग्रेस विदेशी मेहमानों के सामने देश को बदनाम करने का प्रयास करती है। उन्होंने कहा, “लगातार हार का सामना कर चुकी कांग्रेस गुस्से में देश को ही बदनाम कर रही है। विदेशी मेहमानों के सामने भारत को बेइज्जत करने का ड्रामा किया गया। यह राजनीति नहीं, देश के सम्मान से खिलवाड़ है।”

अपने भाषण के सबसे चर्चित हिस्से में प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर सीधा वैचारिक हमला बोला। उन्होंने कहा, “कभी कांग्रेस ‘इंडियन नेशनल कांग्रेस’ थी, लेकिन आज वह उस रूप में नहीं बची है। आज वह ‘MMC’ बन गई है — मुस्लिम लीग माओवादी कांग्रेस।” उन्होंने आगे आरोप लगाया कि मुस्लिम लीग ने देश का विभाजन कराया था और आज कांग्रेस भी वैसी ही विभाजनकारी सोच पर चल रही है।

मुस्लिम लीग भारत से नफरत करती थी
प्रधानमंत्री ने कहा, “मुस्लिम लीग भारत से नफरत करती थी, इसलिए देश को बांट दिया गया। माओवादी भी लोकतंत्र से नफरत करते हैं। कांग्रेस की नीतियां और बयानबाजी उसी दिशा में जाती दिख रही है।” उन्होंने जोड़ा कि देश की जनता कांग्रेस के “कुकर्मों” को कभी माफ नहीं करेगी और लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दे रही है।

सभा के दौरान प्रधानमंत्री ने राजस्थान के विकास कार्यों का भी उल्लेख किया और कहा कि राज्य में डबल इंजन सरकार विकास की रफ्तार को तेज कर रही है। उन्होंने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं, बुनियादी ढांचे के विस्तार और तकनीकी प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि नया भारत आत्मविश्वास से भरा हुआ है और वैश्विक मंच पर मजबूती से अपनी बात रख रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, प्रधानमंत्री का यह बयान आगामी चुनावी रणनीति के संकेत देता है, जिसमें राष्ट्रवाद और विकास को प्रमुख मुद्दा बनाकर विपक्ष पर वैचारिक हमले तेज किए जा रहे हैं। वहीं कांग्रेस की ओर से अभी तक इस बयान पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि पार्टी इसे राजनीतिक ध्रुवीकरण की कोशिश करार दे सकती है।

अजमेर की इस सभा में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और प्रशासन ने यातायात व्यवस्था में भी विशेष बदलाव किए थे। प्रधानमंत्री के भाषण के दौरान कई बार “भारत माता की जय” और “विकसित भारत” के नारे गूंजते रहे।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन का समापन करते हुए कहा, “देश आज नई ऊंचाइयों को छू रहा है। दुनिया भारत की ताकत को पहचान रही है। लेकिन कुछ लोग निराशा में डूबकर देश की छवि खराब करने में लगे हैं। जनता सब देख रही है और समय आने पर सही फैसला करती है।”

अजमेर की इस जनसभा से प्रधानमंत्री ने स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की कि विकास और वैश्विक प्रतिष्ठा के मुद्दे पर सरकार आक्रामक रुख अपनाएगी, जबकि कांग्रेस को वैचारिक चुनौती देते हुए उसे कठघरे में खड़ा किया जाएगा। राजनीतिक गलियारों में इस बयान को लेकर चर्चा तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इसकी गूंज राष्ट्रीय राजनीति में सुनाई देने की संभावना है।

सिम से लेकर UPI पेमेंट तक के 1 मार्च से बदल जाएंगे नियम, जानिए क्या होगा असर

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नई दिल्ली। 1 March New Rule: हर बार की तरह इस महीने भी 1 मार्च 2026 से कई नियमों में बदलाव देखने को मिल सकते हैं। महीने की पहली तारीख अक्सर नीतिगत और प्रशासनिक परिवर्तनों के लिए अहम मानी जाती है, जिनका सीधा असर आम लोगों की दिनचर्या और जेब पर पड़ता है। आइए विस्तार से जानते हैं, किन नियमों में होने वाला है बड़ा बदलाव।

सिम बाइंडिंग नियम लागू
मोबाइल यूजर्स के लिए नया नियम लागू होगा जिसके तहत व्हाट्सएप और अन्य मैसेजिंग ऐप्स को उसी फोन के सक्रिय सिम से लिंक करना जरूरी होगा जिसमें एप चल रहा है। यानी जिस डिवाइस पर एप इस्तेमाल कर रहे हैं, उसमें संबंधित सिम का होना अनिवार्य होगा। साथ ही वेब या डेस्कटॉप लॉगिन के लिए छह घंटे का ऑटो लॉग-आउट नियम लागू किया जाएगा। यानी कि 6 घंटे के बाद अब से वेब या डेस्कटॉप अपने आप लॉगआउट हो जाएगा। इसका उद्देश्य फर्जी नंबरों और साइबर अपराधों पर रोक लगाना है।

रेलवे का पुराना ऐप बंद
1 मार्च से रेलवे अपना पुराना UTS एप बंद कर रहा है। इसके बाद यात्री इसका इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। अनारक्षित और प्लेटफॉर्म टिकट बुक करने के लिए अब यात्रियों को नए Railone एप का उपयोग करना होगा। इससे यात्रियों को नई प्रणाली अपनानी होगी। शुरुआत में तकनीकी दिक्कतें आ सकती हैं, लेकिन रेलवे का कहना है कि नया सिस्टम अधिक तेज, सुरक्षित और उपयोगकर्ता-अनुकूल होगा। इस नए एप में टिकट बुक करने पर आपको काफी छूट भी मिलेगी।

एलपीजी की कीमतों में हो सकता है बदलाव
हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी सिलेंडर की नई कीमतें जारी होती हैं। होली के त्योहार को देखते हुए लोगों को उम्मीद है कि इस बार कीमतों में राहत मिल सकती है, हालांकि अंतिम फैसला सरकार की घोषणा के बाद ही साफ होगा।

न्यूनतम बैलेंस नियम में राहत
बैंकिंग से जुड़ा एक संभावित राहत भरा बदलाव भी सामने आ सकता है। कुछ सरकारी बैंक मिनिमम बैलेंस की गणना के तरीके में बदलाव कर सकते हैं। पहले किसी एक दिन बैलेंस कम होने पर पेनल्टी लग जाती थी, लेकिन अब एवरेज मंथली बैलेंस (AMB) के आधार पर शुल्क तय किया जा सकता है। यानी पूरे महीने का औसत बैलेंस महत्वपूर्ण होगा, जिससे ग्राहकों को पेनल्टी से बचने में आसानी हो सकती है।

यूपीआई पेमेंट में बढ़ेगी सुरक्षा
डिजिटल भुगतान को ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए 1 मार्च से बड़े ऑनलाइन ट्रांजैक्शन पर सिर्फ यूपीआई पिन पर्याप्त नहीं होगा। बैंक उच्च राशि के लेनदेन के लिए अतिरिक्त सुरक्षा जैसे बायोमेट्रिक या मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अनिवार्य कर सकते हैं। बड़े अमाउंट के ट्रांजैक्शन पर अतिरिक्त वेरिफिकेशन लागू किया जा सकता है। यानी केवल यूपीआई पिन के बजाय बायोमेट्रिक या अतिरिक्त ऑथेंटिकेशन की जरूरत पड़ सकती है। इसका मकसद ऑनलाइन फ्रॉड को कम करना और यूजर्स की सुरक्षा बढ़ाना है।

किराये को लेकर बदल सकते हैं नियम
किराये के नियमों में भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं। नए या रिन्यू होने वाले रेंट एग्रीमेंट के लिए डिजिटल रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य किया जा सकता है। साथ ही सिक्योरिटी डिपॉजिट को अधिकतम दो महीने के किराए तक सीमित करने और मकान मालिक के प्रवेश से पहले पूर्व सूचना जैसे प्रावधानों पर जोर दिया जा रहा है, ताकि किरायेदार और मकान मालिक के बीच विवाद कम हों।

अफगानिस्तान ने पाकिस्तान में घुसकर कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया

इस्लमाबाद। Pakistan-Afghanistan War: दक्षिण एशिया में भू-राजनीतिक तनाव एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। शुक्रवार सुबह अफगानिस्तान के इस्लामिक अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने एक चौंकाने वाली घोषणा करते हुए दावा किया कि उसकी वायुसेना ने पाकिस्तान की सीमा के भीतर घुसकर कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। इस सैन्य कार्रवाई ने दोनों देशों के बीच पहले से ही जारी तनाव को संभावित पूर्ण युद्ध की स्थिति में खड़ा कर दिया है।

अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय के आधिकारिक बयान के अनुसार, यह हवाई हमला शुक्रवार सुबह करीब 11:00 बजे किया गया। तालिबान के लड़ाकू विमानों ने पाकिस्तान के भीतर गहरी पैठ बनाते हुए राजधानी इस्लामाबाद के पास फैजाबाद में एक सैन्य शिविर, नौशेरा में सैन्य मुख्यालय, जम़रुद के सैन्य टाउनशिप और एबटाबाद जैसे रणनीतिक क्षेत्रों को अपना निशाना बनाया।

मंत्रालय के प्रवक्ता इनायतुल्ला ख्वारज्मी ने ऑपरेशन की सफलता की पुष्टि करते हुए कहा, “यह हवाई अभियान पूरी तरह सफल रहा। हमने पाकिस्तान सेना के उन प्रमुख केंद्रों, ठिकानों और सुविधाओं को ध्वस्त किया है जो सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण थे।”

तालिबान प्रशासन ने इस आक्रामक कार्रवाई को प्रतिशोध करार दिया है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, पिछले कुछ समय से पाकिस्तानी सेना द्वारा अफगान हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया जा रहा था। इन कथित हवाई घुसपैठ और सीमा पार हमलों के जवाब में ही काबुल ने सीधे हमले का रास्ता चुना है।

अफगान सेना के प्रमुख फसीहुद्दीन फितरत ने सख्त लहजे में पाकिस्तान को चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि पाकिस्तान की ओर से कोई भी सैन्य गतिविधि दोबारा हुई तो उसका जवाब और भी अधिक भयानक होगा। फितरत ने अफगानी जनता को संबोधित करते हुए कहा, “हम अफ़गानिस्तान के मुस्लिम समुदाय को आश्वस्त करते हैं कि हम किसी भी आक्रामकता का जवाब दिए बिना नहीं छोड़ेंगे। हम उंगली का जवाब मुक्के से देंगे।”

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि हमले दोहराए गए तो अफगान सेना इस्लामाबाद सहित पाकिस्तान के अन्य प्रमुख शहरों को निशाना बनाने से पीछे नहीं हटेगी।

टोलो न्यूज के सूत्रों के अनुसार, इस्लामिक अमीरात की सेना केवल हवाई हमलों तक सीमित नहीं है। जमीनी स्तर पर भी बड़े पैमाने पर तैयारी देखी जा रही है। अफगान सेना ने सीमावर्ती क्षेत्रों में टैंक, हल्के और भारी हथियारों का जखीरा तैनात कर दिया है। किसी भी संभावित जवाबी हमले या सीधे टकराव की स्थिति में इन हथियारों के इस्तेमाल के आदेश दे दिए गए हैं।

तालिबान की यह सैन्य क्षमता दुनिया के लिए अप्रत्याशित हो सकती है। विश्लेषक अब्दुल सादिक हामिदजोय ने कहा, “मुजाहिदीन केवल चार साल से नहीं, बल्कि पिछले चालीस वर्षों से युद्ध लड़ रहे हैं।

उनके पास न केवल सैन्य योजनाएं हैं, बल्कि आधुनिक क्षमताओं का मुकाबला करने का अनुभव भी है।” वहीं, एक अन्य विशेषज्ञ शाहजादा मसूद ने इस स्थिति पर खेद व्यक्त करते हुए कहा कि अफगान कभी युद्ध के पक्षधर नहीं रहे हैं, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों ने उन्हें इस कड़े सैन्य कदम के लिए मजबूर कर दिया है।

काबुल और इस्लामाबाद के बीच इस सीधी सैन्य भिड़ंत ने वैश्विक समुदाय की चिंताएं बढ़ा दी हैं। दोनों देश एक-दूसरे पर जवाबी हमलों और आतंकवाद को पनाह देने के आरोप लगाते रहे हैं। जानकारों का मानना है कि यदि यह संघर्ष तुरंत नहीं रुका तो यह पूरे क्षेत्र की स्थिरता को खतरे में डाल सकता है और एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है।

फिलहाल, पाकिस्तान की ओर से इस हमले के नुकसान को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन सीमा पर दोनों ओर से सेनाएं हाई अलर्ट पर हैं।

Forex reserve: रिकॉर्ड ऊंचाई से 2.11 अरब डॉलर फिसला विदेशी मुद्रा भंडार

नई दिल्ली। Forex reserves: भारत के विदेशी मुद्रा भंडार से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। पिछले सप्ताह अपने सर्वकालिक उच्च स्तर को छूने के बाद, भारत के फॉरेक्स रिजर्व में इस बार गिरावट दर्ज की गई है। भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से शुक्रवार को जारी किए गए ताजा आंकड़े क्या कहानी बयां कर रहे हैं, आइए समझते हैं।

आरबीआई के अनुसार, 20 फरवरी को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में 2.119 अरब डॉलर की गिरावट आई है। इस कमी के बाद देश का कुल विदेशी मुद्रा भंडार 723.608 अरब डॉलर के स्तर पर आ गया है।

पिछले सप्ताह विदेशी मुद्रा भंडार उच्चतम स्तर पर था
इस हालिया गिरावट से ठीक पिछले रिपोर्टिंग सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार में जबरदस्त उछाल देखा गया था। तब देश का कुल भंडार 8.663 अरब डॉलर की बड़ी छलांग लगाते हुए 725.727 अरब डॉलर के नए सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था।

विदेशी मुद्रा संपत्तियों में कमी आई
विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे प्रमुख घटक मानी जाने वाली ‘विदेशी मुद्रा संपत्तियों’ में 1.039 अरब डॉलर की कमी आई है, जिसके बाद यह घटकर 572.564 अरब डॉलर रह गई है। केंद्रीय बैंक के अनुसार, डॉलर के संदर्भ में व्यक्त किए जाने वाले इन एफसीए (में गैर-अमेरिकी मुद्राओं, जैसे कि यूरो, पाउंड और येन के मूल्य में होने वाले उतार-चढ़ाव (मूल्यवृद्धि या मूल्यह्रास) के प्रभावों को भी शामिल किया जाता है।

स्वर्ण भंडार और अन्य रिजर्व की स्थिति
आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान केवल विदेशी मुद्रा संपत्तियों में ही नहीं, बल्कि स्वर्ण भंडार के मूल्य में भी गिरावट आई है।
समीक्षाधीन सप्ताह में स्वर्ण भंडार का मूल्य 977 मिलियन डॉलर घटकर 127.489 अरब डॉलर रह गया है।
स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स 84 मिलियन डॉलर की कमी के साथ 18.84 अरब डॉलर पर आ गए हैं।
इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के पास भारत की आरक्षित स्थिति भी 18 मिलियन डॉलर घटकर 4.716 अरब डॉलर रह गई है।

प्रति व्यक्ति आय में इजाफा, राष्ट्रीय आय में भी हुई 10.2% की वृद्धि

नई दिल्ली। देश में प्रति व्यक्ति शुद्ध राष्ट्रीय आय वर्तमान में 1,92,774 रुपये आंकी गई है। शुद्ध राष्ट्रीय आय 271.44 लाख करोड़ रुपये है। यही नहीं, बचत के मोर्चे पर मजबूती दिखी है। इस कारण निवेश और पूंजी निर्माण के लिए घरेलू संसाधन आधार मजबूत हुआ है।

आने वाले वक्त में कई देशों के साथ हुए व्यापार समझौते व घरेलू मांग के कारण निर्माण में बढ़ोतरी होगी। उपभोग व निर्यात में भी उछाल आने के आसार हैं।

जीडीपी के नवीनतम संशोधित आंकड़ों के मुताबिक, वर्तमान मूल्यों पर प्रति व्यक्ति निजी अंतिम उपभोग व्यय (पीएफसीई) वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 के लिए क्रमशः 1,07,910 रुपये 1,17,356 रुपये और 1,27,627 रुपये आंका गया।

वर्ष 2024-25 में वर्तमान मूल्यों पर शुद्ध राष्ट्रीय आय 271.44 लाख करोड़ है। यह 2023-24 के 246.25 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 10.2% की वृद्धि दर्शाती है। जबकि 2023-24 में यह वृद्धि दर 11.6% थी।

देश में प्रति व्यक्ति शुद्ध राष्ट्रीय आय वर्ष 2022-23, 2023-24 के लिए क्रमशः 1,59,557 रुपये व 1,76,465 रुपये है। जहां तक बचत की बात है, तो वर्ष 2024-25 में सकल बचत 111.13 लाख करोड़ रुपये थी। 2024-25 में सकल बचत में प्रमुख हिस्सेदारी घरेलू क्षेत्र की 62.1% तथा गैर-वित्तीय निगमों की 28.9% है।

वर्ष 2024-25 में वास्तविक सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) में वृद्धि मुख्यतः विनिर्माण, खनन, निर्माण, वित्तीय सेवाएं तथा रियल एस्टेट, आवास स्वामित्व एवं व्यावसायिक सेवाओं में वृद्धि के कारण हुई। वर्तमान कीमतों पर सरकारी अंतिम उपभोग व्यय (जीएफसीई) का अनुमान 2024-25 के लिए 33.95 लाख करोड़ रुपये है, जबकि वर्ष 2023-24 में यह 30.74 लाख करोड़ रुपये था।

वास्तविक जीडीपी 322.58 लाख करोड़ का अनुमान
वास्तविक जीडीपी या स्थिर कीमतों पर जीडीपी का स्तर वित्त वर्ष 2025-26 में 322.58 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। वर्ष 2024-25 के लिए जीडीपी का प्रथम संशोधित अनुमान (एफआरई) 299.89 लाख करोड़ रुपये था।

प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में 18 फीसदी उछाल
वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच चालू वित्त वर्ष 2025-26 की अप्रैल-दिसंबर अवधि में देश में 18 फीसदी अधिक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आया। एफडीआई प्रवाह का यह आंकड़ा बताता है कि वैशि्वक बाजार में चुनौतियों और कई देशों में तनाव के बीच विदेशी निवेशकों में भारत को लेकर भरोसा कामय है। सरकार की ओर से शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल-दिसंबर, 2025 में देश में 47.87 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी आया, जो सालाना आधार पर 18 फीसदी की वृद्धि को दर्शाता है। 

वित्त वर्ष 2024-25 की समान अवधि में देश में 40.67 अरब डॉलर का एफडीआई आया था। 2025-26 के पहले नौ महीनों में देश कुल 73.31 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेश आया, जिसमें पुनर्निवेश आय भी शामिल है।

अप्रैल-दिसंबर अवधि के दौरान सिंगापुर से सबसे ज्यादा एफडीआई आया, जबकि अमेरिका इस मामले में दूसरे स्थान पर रहा।  उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) के आंकड़ों के मुताबिक, चालू वित वर्ष की तीसरी तिमाही (अक्तूबर-दिसंबर) में देश में 12.69 अरब डॉलर का एफडीआई आया, जो सालाना आधार पर 16.6 फीसदी अधिक है। एक साल पहले की समान अवधि में यह आंकड़ा 10.88 अरब डॉलर था।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से भारत के लिए रूसी तेल खरीदने का रास्‍ता खुल जाएगा

नई दिल्‍ली। टैरिफ पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले से भारत के लिए रूसी तेल खरीदने का रास्‍ता खुल सकता है। विश्‍लेषकों के मुताबिक, भारत शायद रूस से तेल खरीदना जारी रखेगा। कारण है कि डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ को गैर-कानूनी ठहराने वाले फैसले ने उनकी ट्रेड पॉलिसी के ऑप्शन को कम कर दिया है।

क्‍व‍िंसी इंस्टीट्यूट फॉर रिस्पॉन्सिबल स्टेटक्राफ्ट में ग्लोबल साउथ प्रोग्राम के डायरेक्टर सारंग शिदोरे ने सीएनबीसी के इनसाइड इंडिया को बताया, ‘मुझे उम्मीद है कि भारत रूस के साथ एनर्जी समेत अच्छे रिश्ते बनाए रखेगा।’ उन्होंने आगे कहा कि भारत रूस से तेल खरीदना कम कर सकता है। लेकिन, पूरी तरह से बंद होने की उम्मीद कम है।

एनर्जी डेटा प्रोवाइडर केप्लर के अनुसार, भारत ने फरवरी में अब तक 11.6 लाख बैरल प्रति दिन (mbd) रूसी तेल इंपोर्ट किया है। यह 2025 में 17.1 लाख बैरल प्रति दिन के औसत इंटेक से कम है।

हालांकि, मार्च और अप्रैल में आने वाले तेल का डेटा देना अभी जल्दबाजी होगी। केप्लर में क्रूड ऑयल के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट मुयू जू ने कहा कि मार्केट की चर्चा से पता चलता है कि भारतीय रिफाइनर अंतरिम भारत-अमेरिका ट्रेड डील के बाद इस महीने रूसी तेल की अप्रैल डिलीवरी बुक करने से बच रहे हैं।

हालांकि, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कि ट्रंप के पास इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत बड़े इंपोर्ट टैरिफ लागू करने का कानूनी अधिकार नहीं है। जू ने कहा कि भारत के पास अब रूसी तेल इंपोर्ट को 8,00,000 से 10 लाख बैरल प्रति दिन के बीच बनाए रखने की गुंजाइश है।

शिदोरे के मुताबिक, कोर्ट के फैसले की वजह से ट्रंप की रूसी तेल खरीदने या ट्रेड या इकोनॉमिक्स से अलग वजहों से टैरिफ में बदलाव करने की काबिलियत पर रोक लगेगी।भारत के पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय ने सीएनबीसी के कमेंट के रिक्वेस्ट का जवाब नहीं दिया। भारत का रूसी तेल खरीदना एक जटिल मुद्दा रहा है। इसकी वजह से पिछले साल अमेरिका और भारत के बीच रिश्ते खराब हुए थे।

अगस्त में ट्रंप ने रूसी क्रूड ऑयल खरीदने के लिए नई दिल्ली को सजा देने के लिए भारतीय सामान पर 25% एक्स्ट्रा टैरिफ लगाया। यह दावा करते हुए कि भारत यूक्रेन के खिलाफ रूस की वॉर मशीन को फ्यूल दे रहा है। इस तरह अमेरिका को भारतीय एक्सपोर्ट पर कुल 50% टैरिफ लगा। यह अमेरिका के सभी ट्रेडिंग पार्टनर्स में सबसे ज्‍यादा था। अंतरिम ट्रेड डील के बाद अमेरिका ने भारतीय सामानों पर अपना टैरिफ 50% से घटाकर 18% कर दिया।

6 फरवरी को एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर में अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर अपना 25% एक्‍स्‍ट्रा टैरिफ हटा दिया। इसमें कहा गया कि नई दिल्ली ने सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से रूसी संघ का तेल इम्पोर्ट करना बंद करने का वादा किया है। वह अमेरिका से एनर्जी प्रोडक्ट खरीदेगा।

रूसी तेल न खरीदने का वादा नहीं
यह और बात है कि अंतरिम ट्रेड डील की घोषणा करते हुए भारत और अमेरिका की ओर से जारी जॉइंट स्टेटमेंट में रूसी तेल की खरीद पर रोक लगाने के वादे का कोई जिक्र नहीं था। हालांकि, स्टेटमेंट में नई दिल्ली के इस इरादे का जिक्र था कि वह डील के हिस्से के तौर पर अगले पांच सालों में एनर्जी सहित अमेरिका के आधे ट्रिलियन डॉलर के सामान खरीदेगा।

ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स की लीड इकोनॉमिस्ट एलेक्जेंड्रा हरमन ने कहा कि रूसी तेल खरीद कम करने के भारत के वादे कभी भी औपचारिक रूप से कोडिफाई नहीं किए गए थे। असल में लागू करना हमेशा मुश्किल लगता था।

हरमन ने आगे कहा कि भारत की एनर्जी स्ट्रैटेजी मूल रूप से कीमत के हिसाब से और किसी एक सप्लायर से बंधे न रहने की प्रेरणा से चलती है। हरमन ने कहा, ‘अमेरिकी क्रूड ऑयल के किसी भी तरह से रूसी बैरल की जगह लेने की उम्मीद कम है।’

पीएम मोदी आज राजस्थान में देंगे 16680 करोड़ की परियोजनाओं का तोहफा

नई दिल्ली/जयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार यानी आज राजस्थान और गुजरात के महत्वपूर्ण दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे देश की महिलाओं के स्वास्थ्य, युवाओं के रोजगार और भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे।

प्रधानमंत्री सुबह करीब 11:30 बजे राजस्थान के अजमेर पहुंचेंगे। यहां वे 16,680 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। ये प्रोजेक्ट्स मुख्य रूप से शहरी विकास, स्वच्छ पेयजल, सड़क नेटवर्क, सिंचाई, ऊर्जा और औद्योगिक बुनियादी ढांचे से संबंधित हैं। इस अवसर पर वे एक विशाल जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

स्वास्थ्य के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम
महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में प्रधानमंत्री अजमेर से एक ऐतिहासिक कदम उठाएंगे। वे 14 साल की लड़कियों के लिए ‘ह्यूमन पेपिलोमावायरस’ (एचपीवी) वैक्सीनेशन का राष्ट्रव्यापी अभियान लॉन्च करेंगे। इस पहल का मकसद सर्वाइकल कैंसर को रोकना है, जो महिलाओं में कैंसर से जुड़ी बीमारियों के मुख्य कारणों में से एक है और यह देश भर में लड़कियों और महिलाओं की लंबे समय तक सेहत की सुरक्षा में एक अहम मील का पत्थर है।

सड़क और बुनियादी ढांचे का विस्तार
कनेक्टिविटी को रफ्तार देने के लिए प्रधानमंत्री कई नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन करेंगे। इनमें जयपुर से बांदीकुई के बीच 4-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, अमृतसर-जामनगर इकोनॉमिक कॉरिडोर का एक हिस्सा और दिल्ली-वडोदरा एक्सप्रेसवे का 8-लेन सेक्शन शामिल है। इसके अलावा जोधपुर में 4-लेन एलिवेटेड रोड और बारां जिले में नए स्टेट हाईवे का शिलान्यास भी होगा।

पेयजल और ऊर्जा क्षेत्र में सुधार
हर घर तक साफ पानी पहुंचाने के संकल्प के तहत प्रधानमंत्री नोनेरा और परवन अकवाड़ पेयजल परियोजनाओं के कई पैकेजों की नींव रखेंगे। साथ ही, राजस्थान को रिन्यूएबल एनर्जी का हब बनाने के लिए वे नए ट्रांसमिशन सिस्टम का उद्घाटन करेंगे। वे पांच 220 केवी और दो 400 केवी ग्रिड सबस्टेशन का शिलान्यास भी करेंगे ताकि बिजली की सप्लाई बिना रुकावट हो सके।

पीएम युवाओं को देंगे नियुक्ति पत्र
रोजगार के मोर्चे पर प्रधानमंत्री राजस्थान के विभिन्न सरकारी विभागों में चयनित 21,800 से अधिक नए युवाओं को नियुक्ति पत्र बांटेंगे। यह कदम युवाओं को सशक्त बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

गुजरात में सेमीकंडक्टर क्रांति का आगाज
इसके बाद दोपहर करीब 3:45 बजे प्रधानमंत्री गुजरात के साणंद पहुंचेंगे। यहां वे माइक्रोन कंपनी की सेमीकंडक्टर असेंबली, टेस्ट और पैकेजिंग (एटीएमपी) फैसिलिटी का उद्घाटन करेंगे। यह भारत के सेमीकंडक्टर मिशन के तहत मंजूर पहला प्रोजेक्ट है, जिसकी लागत 22,500 करोड़ रुपये से अधिक है। वह इस मौके पर मौजूद लोगों को भी संबोधित करेंगे।

यह प्लांट भारत को ग्लोबल सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन की स्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यहां ‘मेड-इन-इंडिया’ मेमोरी मॉड्यूल का उत्पादन होगा, जो दुनिया भर के बाजारों में भेजे जाएंगे। यह फैसिलिटी पांच लाख स्क्वायर फीट में फैली है और दुनिया के सबसे बड़े क्लीनरूम स्पेस में से एक है। यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग की बढ़ती वैश्विक मांग को पूरा करने में मदद करेगी।

ई​थॉस हॉस्पिटल में मैकेनिकल थ्रोम्बेक्टॉमी से ब्रेन स्ट्रोक मरीज को नई जिंदगी

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कोटा। हाड़ौती अंचल में उन्नत न्यूरो-इंटरवेंशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज करते हुए ईथॉस हॉस्पिटल में ब्रेन स्ट्रोक के 62 वर्षीय मरीज का अत्याधुनिक मैकेनिकल थ्रोम्बेक्टॉमी तकनीक से सफल उपचार किया गया। ईथॉस हॉस्पिटल के अनुसार यह कोटा में इस तकनीक से किया गया पहला मामला है, जिसमें गोल्डन आवर के बाद गंभीर अवस्था में पहुंचे मरीज को नई जिंदगी प्रदान की।

वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. आशीष पेमावत ने बताया कि 20 फरवरी को बंसीलाल मालव को अचानक शरीर के दाहिने हिस्से में कमजोरी और अचेत अवस्था में अस्पताल के आपातकालीन विभाग में लाया गया। प्रारंभिक जांच में ब्रेन स्ट्रोक (Left MCA Territory Infarct) की पुष्टि हुई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें तत्काल आईसीयू में भर्ती कर आवश्यक जांचें प्रारंभ की गईं।

वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. आशीष पेमावत के नेतृत्व में सेरेब्रल एंजियोग्राफी के माध्यम से मस्तिष्क की अवरुद्ध धमनी (Left MCA M1) की सटीक पहचान की गई। इसके पश्चात अत्याधुनिक Mechanical Thrombectomy (ADAPT Technique) अपनाई गई।
प्रक्रिया के प्रथम प्रयास में ही सफल रीकैनालाइजेशन (mTICI 3) प्राप्त हुआ, जिससे मस्तिष्क में रक्त प्रवाह पुनः सामान्य हो गया। विशेषज्ञों के अनुसार इतनी शीघ्र और पूर्ण सफलता जटिल स्ट्रोक मामलों में दुर्लभ मानी जाती है।
विशेषज्ञ निगरानी और समुचित उपचार के पश्चात 24 फरवरी 2026 को मरीज को स्वस्थ अवस्था में छुट्टी दे दी गई। डा. पेमावत ने बताया कि गंभीर ब्रेन स्ट्रोक केस में गोल्डन आवर निकल जाने के बाद भी महज 4 दिन मरीज को स्वस्थ होना बड़ी उपलब्धि है।

आधुनिक न्यूरो-इंटरवेंशन सुविधा
अस्पताल के निदेशक प्रदीप दाधीच ने बताया कि ईथॉस हॉस्पिटल में आधुनिक न्यूरो-इंटरवेंशन तकनीक, अत्याधुनिक कैथलैब और अनुभवी चिकित्सकों की टीम के साथ 24×7 आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध हैं। जिससे शहर के मरीजों को महानगरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा।