Friday, July 17, 2026
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क्या शेयर बाजार में इस सप्ताह ईरान-अमेरिका युद्ध का असर रहेगा, जानिए

नई दिल्ली। Stock Market This Week : घरेलू शेयर बाजारों में पिछले सप्ताह रही गिरावट के बाद आने वाले सप्ताह में निवेश धारणा पर सबसे ज्यादा असर पश्चिम एशिया में सप्ताह के अंत में बनी भू-राजनैतिक स्थितियों का रहेगा। अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी की सुबह संयुक्त सैन्य कार्रवाई में ईरान पर हमला कर दिया।

इसके उत्तर में ईरान ने भी इजराइल और पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकाने वाले कई देशों पर हमले किए।निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि क्षेत्र में परिस्थितियां किस प्रकार बदलती हैं और इन हमलों का क्या असर होता है। पूरी दुनिया के साथ भारतीय शेयर बाजारों पर भी आने वाले सप्ताह में इसका असर दिखेगा।

साथ ही 27 फरवरी को जारी सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़ों का असर भी बाजार पर दिखेगा। इसके अलावा आने वाले सप्ताह में मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर के फरवरी के पीएमआई आंकड़े, जनवरी के औद्योगिक उत्पादन के सरकारी आंकड़ें और वाहनों की बिक्री के आंकड़े जारी होने हैं। इन सभी कारकों पर भी निवेशकों की नजर रहेगी।

बीएसई का सेंसेक्स गत सप्ताह कुल 1,527.52 अंक (1.84 प्रतिशत) टूटकर शुक्रवार को 81,287.19 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 392.60 अंक यानी 1.54 प्रतिशत की साप्ताहिक गिरावट के साथ 25,178.65 अंक पर आ गया।

मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में अपेक्षाकृत कम गिरावट रही। सप्ताह के दौरान निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.87 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.43 प्रतिशत टूट गया।

सप्ताह के दौरान इटरनल का शेयर सबसे अधिक 8.37 प्रतिशत टूटा। टेक महिंद्रा में 6.86 प्रतिशत, भारती एयरटेल में 4.95, ट्रेंट में 4.61 और इंफोसिस में 3.90 प्रतिशत की गिरावट रही। इंफोसिस का शेयर 3.90 फीसदी, एचसीएल टेक्नोलॉजीज का 3.26, बजाज फिनसर्व और बजाज फाइनेंस दोनों के 3.17, एचडीएफसी बैंक का 2.69, एलएंडटी का 2.28 और एशियन पेंट्स का 2.15 प्रतिशत नीचे बंद हुआ।

टीसीएस का शेयर 1.87 फीसदी, रिलायंस इंडस्ट्रीज का 1.81, कोटक महिंद्रा बैंक का 1.44, भारतीय स्टेट बैंक का 1.16 और आईसीआईसीआई बैंक का 1.04 प्रतिशत फिसल गया। मारुति सुजुकी, अल्ट्राटेक सीमेंट, इंडिगो और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर भी साप्ताहिक गिरावट में रहे।

एनटीपीसी में 2.36 प्रतिशत की साप्ताहिक तेजी रही। टाइटन का शेयर 2.19 फीसदी, टाटा स्टील का 1.97, एक्सिस बैंक का 1.14 और हिंदुस्तान यूनीलिवर का एक प्रतिशत चढ़ा। सनफार्मा, बीईएल और अडानी पोर्ट्स से शेयर भी हरे निशान में रहे।

फरवरी महीने में GST कलेक्शन 1.83 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचा

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नई दिल्ली। GST collections February 2026 : सरकार ने फरवरी महीने के ग्रॉस माल एवं सेवा कर (जीएसटी) कलेक्शन के आंकड़े जारी कर दिए हैं। फरवरी में सालाना आधार पर 8.1 प्रतिशत बढ़कर 1.83 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा है।

इसमें आयात से प्राप्त राजस्व में हुई उच्च वृद्धि का मुख्य योगदान रहा। सरकारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। कुल घरेलू जीएसटी राजस्व 5.3 प्रतिशत बढ़कर लगभग 1.36 लाख करोड़ रुपये रहा जबकि आयात से सकल राजस्व 17.2 प्रतिशत बढ़कर 47,837 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

कुल रिफंड 10.2 प्रतिशत बढ़कर 22,595 करोड़ रुपये रहा। कुल जीएसटी संग्रह 1.61 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 7.9 प्रतिशत अधिक है। शुद्ध उपकर राजस्व 5,063 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल फरवरी में 13,481 करोड़ रुपये था।

पिछले महीने महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु और कर्नाटक में सबसे अधिक जीएसटी कलेक्शन दर्ज किया गया। हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और पश्चिम बंगाल उन अन्य राज्यों में शामिल थे जहां जीएसटी का कुल कलेक्शन अधिक रहा। वहीं, लक्षद्वीप, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लद्दाख, मिजोरम, नागालैंड और मणिपुर उन राज्यों में शामिल थे जहां सबसे कम जीएसटी कलेक्शन हुआ।

चालू वित्त वर्ष के पहले 11 महीनों में फरवरी तक ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन 8.3 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 20,27,033 करोड़ रुपये हो गया है। इस दौरान 2,70,261 करोड़ रुपये का रिफंड जारी किया गया जिससे नेट जीएसटी कलेक्शन 17,56,772 करोड़ रुपये रहा।

रिफंड में 18.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है जबकि नेट जीएसटी कलेक्शन 6.9 प्रतिशत बढ़ा है। पूरे वित्त वर्ष में अब तक 99,215 करोड़ रुपये का उपकर प्राप्त हुआ है जबकि पिछले वित्त वर्ष में इसी अवधि के दौरान 1,36,656 करोड रुपये के उपकर की प्राप्ति हुई थी।

सेंसेक्स की शीर्ष 10 कंपनियों में से नौ के मार्केट कैप में 2.18 लाख करोड़ की गिरावट

नई दिल्ली। Market Cap: बीते हफ्ते शेयर बाजार में गिरावट रही। इस दौरान बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,527.52 अंक या 1.84% नीचे आया और शीर्ष 10 कंपनियों में से नौ के मार्केट कैप में सामूहिक रूप से 2,18,902.09 करोड़ की गिरावट आई।

इस दौरान शीर्ष 10 कंपनियों में सिर्फ हिंदुस्तान यूनिलीवर के बाजार मूल्यांकन में बढ़ोतरी हुई। सबसे ज्यादा नुकसान में भारती एयरटेल रही। कंपनी का मार्केट कैप 55,852.12 करोड़ रुपये घटकर 10,71,853.25 करोड़ रुपये रह गया।

एचडीएफसी बैंक के मूल्यांकन में 37,580.1 करोड़ रुपये की गिरावट आई और यह 13,65,659.38 करोड़ रुपये पर आ गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज की बाजार हैसियत 34,846.12 करोड़ रुपये घटकर 18,86,832.66 करोड़ रुपये और बजाज फाइनेंस का मूल्यांकन 20,316.41 करोड़ रुपये घटकर 6,20,070.59 करोड़ रुपये पर आ गया। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) का मूल्यांकन 18,180.89 करोड़ रुपये के नुकसान के साथ 9,53,872.59 करोड़ रुपये रहा।

एलआईसी का मार्केट कैप 14,990.24 करोड़ घटकर 5,37,213.68 करोड़ रुपये रह गई। लार्सन एंड टुब्रो का बाजार पूंजीकरण 13,714.85 करोड़ घटकर 5,88,837.39 करोड़ रुपये रहा।

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की बाजार हैसियत 13,061.33 करोड़ घटकर 11,09,520.23 करोड़ रुपये पर आ गई। आईसीआईसीआई बैंक का मूल्यांकन 10,360.03 करोड़ घटकर 9,86,986.64 करोड़ रुपये पर आ गया।

इस रुख के उलट हिंदुस्तान यूनिलीवर की बाजार हैसियत 5,462.81 करोड़ रुपये बढ़कर 5,49,393.18 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। शीर्ष 10 कंपनियों की सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर कायम रही।

उसके बाद क्रमश: एचडीएफसी बैंक, एसबीआई, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, टीसीएस, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, हिंदुस्तान यूनिलीवर और एलआईसी का स्थान रहा।

सिद्धचक्र महामंडल विधान में भगवान नेमीनाथ की अलौकिक बारात निकाली

कोटा। आर.के.पुरम स्थित मुनिसुव्रतनाथ दिगंबर जैन मंदिर त्रिकाल चौबीसी परिसर के तत्वावधान व आर्यिका विभाश्री माताजी एवं आर्यिका विनयश्री माताजी के सानिध्य में शनिवार को सिद्धचक्र महामंडल विधान के अंतर्गत भगवान नेमीनाथ की भव्य बारात श्रद्धा और उल्लास के साथ निकाली गई। यह शोभायात्रा जैन धर्म की परंपरानुसार विधि-विधान से संपन्न हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

इस अवसर पर विभाश्री माताजी ने कहा कि सिद्धचक्र मंडल विधान जैन आगमों में अत्यंत पुण्यदायी और आध्यात्मिक साधना का महत्त्वपूर्ण अनुष्ठान माना गया है। इसके अंतर्गत भगवान नेमीनाथ की बारात का आयोजन विशेष धार्मिक महत्व रखता है, जो त्याग, वैराग्य और आत्मकल्याण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाती है।

बारात में हाथी, घोड़े और सुसज्जित बग्घियों पर इंद्र स्वरूप विराजमान थे। पारंपरिक परिधान एवं अलंकरण से सुसज्जित इंद्रों की भव्य उपस्थिति ने दृश्य को अलौकिक आभा प्रदान की।

भक्तों ने मंगलाचरण और जयघोष के साथ प्रभु की बारात में सहभागिता की। सुसज्जित रथ एवं पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मधुर ध्वनि से वातावरण पूर्णतः भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने पुष्पवृष्टि कर प्रभु का स्वागत किया और धर्मलाभ अर्जित किया।

मंदिर अध्यक्ष अंकित जैन ने बताया कि प्रातः 6 बजे से मंत्रजाप, सहस्त्रनाम धारा, अभिषेक, शांतिधारा एवं विधान सहित विविध अनुष्ठान विधिपूर्वक आयोजित किए गए।

इस अवसर पर समिति उपाध्यक्ष लोकेश जैन बरमुंडा, संयोजक पदम जैन दुगरिया, कार्याध्यक्ष प्रकाश सेठिया, मुकेश पापड़ीवाल, अक्षय जैन, संजय बांझल, रोहित जैन सहित अनेक गणमान्यजन एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

भारत के लोकतंत्र की सुदृढ़ता बनाए रखने का दायित्व युवाओं पर

विकसित भारत युवा संसद: लोकतांत्रिक मूल्यों पर युवाओं का प्रखर मंथन

कोटा। राष्ट्रीय सेवा योजना एवं युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार जिला स्तरीय कार्यक्रम “विकसित भारत युवा संसद–2026” का आयोजन ओम कोठारी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च, अनंतपुरा, कोटा में ‘माय भारत’ के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को संपन्न हुआ।

कार्यक्रम ने युवाओं में लोकतांत्रिक चेतना, संवैधानिक मूल्यों और राष्ट्रीय दायित्व के प्रति प्रतिबद्धता को और अधिक सुदृढ़ करने का संदेश दिया।
इस वर्ष कार्यक्रम की थीम “आपातकाल के 50 वर्ष—लोकतंत्र के लिए सबक” निर्धारित की गई थी।

विषय की गंभीरता और समकालीन प्रासंगिकता को रेखांकित करते हुए 21 युवा प्रतिभागियों ने अपने सशक्त, तार्किक और ज्वलंत विचार प्रस्तुत किए। वक्ताओं ने कहा कि आपातकाल के अनुभव से सीख लेते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।

युवाओं ने इस बात पर बल दिया कि सक्रिय सहभागिता और जागरूकता से ही ऐसा वातावरण निर्मित किया जा सकता है, जिससे भविष्य में कभी भी लोकतांत्रिक अधिकारों पर आंच न आए।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्य संपर्क अधिकारी, शासन सचिवालय, जयपुर, राजस्थान सरकार के डॉ. नरेंद्र गुप्ता रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में कॉलेज शिक्षा परिषद, कोटा के सहायक निदेशक प्रो. विजय पंचोली उपस्थित रहे।

समारोह में संस्थान निदेशक डॉ. अमित सिंह राठौड़, ‘माय भारत’ कोटा के उपनिदेशक सचिन पाटोदिया, कोटा जिला एनएसएस समन्वयक रीना कुमारी एवं विभिन्न महाविद्यालयों से आए प्रतिभागी, व्याख्याता एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

स्वागत उद्बोधन में डॉ. अमित सिंह राठौड़ ने कहा कि युवा देश का भविष्य ही नहीं, वर्तमान की शक्ति भी हैं। भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और इसकी सुदृढ़ता बनाए रखने का दायित्व युवाओं के कंधों पर है। उन्होंने युवाओं से जागरूक, उत्तरदायी और संवेदनशील नागरिक बनने का आह्वान किया।

होली से पहले लगा महंगाई का झटका, LPG सिलेंडर की कीमत बढ़ी

नई दिल्ली। LPG Price 1 March: होली से पहले 1 मार्च को LPG के रेट बढ़ गए हैं। उपभोक्ताओं को होली से पहले ही महंगाई का झटका लगा है। कॉमर्शियल एलपीजी (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) सिलेंडर के उपभोक्ताओं को दिल्ली से पटना तक करीब 28 से 31 रुपये का झटका लगा है।

घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत कि बात यह है कि 14 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। कॉमर्शियल सिलेंडर का मार्च ट्रेंड नहीं बदला। इस बार मार्च ने झटका दे ही दिया।

दिल्ली में 19 किलो वाला एलपीजी सिलेंडर आज से 1768.50 पर मिलेगा। इससे पहले 1740.50 में मिल रहा था। कोलकाता में पहले 1844.50 रुपये का था और अब 1875.50 रुपये का हो गया है। मुंबई में कॉमर्शियल सिलेंडर 1692 रुपये की जगह आज से 1720 रुपये में मिलेगा। चेन्नई में अब आज से कॉमर्शियल सिलेंडर 1929 रुपये में मिलेगा। पहले यह 1899.50 रुपये का था।

घरेलू एलपीजी के रेट
भारत में इंडियन ऑयल के डेटा के आधार पर एलपीजी (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) की कीमतों की बात करें तो आज 14.2 किग्रा वाला घरेलू सिलेंडर दिल्ली में ₹853 में मिल रहा है। जबकि, पटना में इसकी कीमत ₹951 है। मुंबई में ₹852.50 और लखनऊ में ₹890.50 में मिल रहा है। कारगिल में ₹985.5, पुलवामा में ₹969, बागेश्वर में ₹890.5 का है।

मार्च में महंगाई का ट्रेंड
पिछले 5 सालों के आंकड़े बताते हैं कि मार्च का महीना एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए अक्सर महंगाई लेकर आया है। खासकर कॉमर्शियल सिलेंडर हर बार इस महीने में महंगा हुआ है, जबकि घरेलू सिलेंडर के रेट जब भी बदले, उपभोक्ताओं को झटका ही लगा। फिलहाल फरवरी 2026 के अंत में दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडर 853 रुपये, कोलकाता में 879 रुपये, मुंबई में 852.50 रुपये और चेन्नई में 868.50 रुपये में मिल रहा है। वहीं, कॉमर्शियल सिलेंडर दिल्ली में 1740.50 रुपये, कोलकाता में 1844.50 रुपये, मुंबई में 1692 रुपये और चेन्नई में 1899.50 रुपये का भाव है। आइए, साल-दर-साल देखते हैं कि मार्च में कैसे बढ़े दाम।

ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई की मौत, 40 दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा

सऊदी अरब का विश्वासघात, प्रिंस सलमान के भाई का डबल गेम बना मौत का कारण

तेहरान/तेल अवीव। Iran Supreme Leader Khamenei dies: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की इजराइल और अमेरिका के बड़े हमले के बाद मौत हो गई है। ईरान के सरकारी मीडिया ने रविवार तड़के इसकी पुष्टि की।

इससे पहले राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने भी उनकी मौत की घोषणा करते हुए कहा था कि इससे ईरानियों को अपना देश “वापस लेने का सबसे बड़ा मौका” मिला है। ईरान के सरकारी मीडिया ने यह भी कहा कि खामेनेई की मौत के बाद 40 दिनों का सार्वजनिक शोक मनाया जाएगा।

ईरानी सरकारी टीवी और सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने 86 वर्षीय खामेनेई की मौत का कारण नहीं बताया। इस हत्या से इस्लामिक गणराज्य के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं और क्षेत्र में अस्थिरता का खतरा बढ़ गया है।

ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक खामेनेई अब मर चुका है।” उन्होंने चेतावनी दी कि “भारी और सटीक बमबारी” पूरे सप्ताह और जरूरत पड़ने पर उससे आगे भी जारी रहेगी। अमेरिका ने इस हमले को ईरान की परमाणु क्षमता को खत्म करने के लिए जरूरी बताया है।

यह हमला ईरान में अमेरिकी हस्तक्षेप का एक नया और बड़ा अध्याय है। इससे बदले की कार्रवाई और बड़े युद्ध का खतरा पैदा हो गया है। अगर खामेनेई की मौत की पुष्टि पूरी तरह होती है, तो नेतृत्व का बड़ा खालीपन पैदा हो सकता है, क्योंकि उनका कोई स्पष्ट उत्तराधिकारी नहीं है।

86 वर्षीय खामेनेई कई दशकों से सत्ता में थे और देश की सभी बड़ी नीतियों पर अंतिम फैसला उन्हीं का होता था। वे ईरान के धार्मिक तंत्र और रिवोल्यूशनरी गार्ड, दोनों के प्रमुख थे। तेहरान में कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि कुछ लोग खुशियां मना रहे थे, सीटी बजा रहे थे और नारे लगा रहे थे।

ईरान ने हमलों के जवाब में बदले की चेतावनी दी है। ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारिजानी ने कहा कि इजराइल और अमेरिका अपने कदमों पर “पछताएंगे।” उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि “ईरान के बहादुर सैनिक और महान जनता अंतरराष्ट्रीय अत्याचारियों को ऐसा सबक सिखाएंगे जिसे वे कभी नहीं भूलेंगे।”

हमले से पहले कई महीनों से तनाव
अमेरिका और इजराइल का संयुक्त अभियान कई महीनों की योजना के बाद शनिवार को शुरू हुआ। यह हमला रमजान के पवित्र महीने और ईरान के कार्य सप्ताह की शुरुआत में किया गया। इससे पहले परमाणु वार्ता असफल रही थी।

हमले शुरू होने के लगभग 12 घंटे बाद अमेरिकी सेना ने कहा कि सैकड़ों ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों के बावजूद अमेरिकी ठिकानों पर कोई बड़ा नुकसान या हताहत नहीं हुआ। हमलों में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के कमांड सेंटर, एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइट्स और सैन्य हवाई अड्डों को निशाना बनाया गया। इजराइल ने दावा किया कि उसने रिवोल्यूशनरी गार्ड के कमांडर, रक्षा मंत्री और ईरानी सुरक्षा परिषद के सचिव को भी मार गिराया है।

ट्रंप ने कहा, “खामेनेई हमारी खुफिया और उन्नत ट्रैकिंग सिस्टम से बच नहीं सके। इज़राइल के साथ मिलकर हमने उन्हें खत्म किया। यह ईरानी जनता के लिए अपना देश वापस लेने का सबसे बड़ा मौका है।”

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक ईरानी राजनयिक ने कहा कि हमलों में सैकड़ों नागरिक मारे गए और घायल हुए। ईरान ने जवाब में इजराइल और क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन दागे। रात भर दोनों पक्षों में हमले जारी रहे। ईरान पर शुरुआती हमले खामेनेई के कार्यालय के पास हुए थे। इजराइली अधिकारियों ने उनकी मौत की पुष्टि की, जिसके बाद ट्रंप ने भी घोषणा की।

अमेरिका में डेमोक्रेट नेताओं ने आरोप लगाया कि ट्रंप ने कांग्रेस की अनुमति के बिना कार्रवाई की। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने कहा कि प्रशासन ने पहले से रिपब्लिकन और डेमोक्रेट नेताओं को जानकारी दे दी थी।

कैसे हुई मौत
अमेरिका के एक सूत्र ने इजरायली अखबार वाईनेट न्यूज को बताया है कि खामेनेई शाम को तेहरान में एक बैठक करने वाले थे इजरायली खुफिया एजेंसी को इसकी जानकारी थी। लेकिन इससे पहले खुफिया एजेंसी को ये भी पता चल गया कि सुप्रीम लीडर शनिवार सुबह भी एक बैठक करने वाले हैं इसीलिए इजरायली हमला सुबह में ही किया गया। हालांकि मीटिंग की जगह नहीं बताई गई है लेकिन तेहरान में एक सिक्योर कंपाउंड में शुरूआती हमलों में ही उनकी मौत हो गई।

सऊदी अरब ने हमले का बनाया था दबाव
वॉशिंगटन पोस्ट ने रिपोर्ट किया है कि इजरायल के अलावा, सऊदी अरब ने भी ट्रंप पर ईरान पर हमला करने के लिए दबाव डाला था। सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने खुले तौर पर डिप्लोमैटिक समाधान का समर्थन करने के बावजूद ईरान पर हमले का समर्थन किया था। 

30 बमों से हमला
ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत को लेकर चलाए गए ऑपरेशन को लेकर नए खुलासे हो रहे हैं। ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ ने एक सनसनीखेज रिपोर्ट में दावा किया है कि इजरायल और अमेरिका ने खामेनेई और उनके शीर्ष सलाहकारों को एक साथ निशाना बनाने के लिए एक दुर्लभ अवसर का इंतजार किया था। खुफिया सूचनाओं के आधार पर ऐसे तीन संभावित मौकों की पहचान की गई थी, जिसके बाद शनिवार को दिनदहाड़े इस भीषण हवाई हमले को अंजाम दिया गया।

मिट्टी में मिल गया लीडरशिप हाउस
खुफिया अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि तेहरान स्थित खामेनेई के परिसर पर 30 उच्च क्षमता वाले बम गिराए गए। यह हमला इतना सटीक और विनाशकारी था कि इसने पूरे परिसर को खंडहर में बदल दिया। दिन के उजाले में किए गए इस हमले का उद्देश्य न केवल खामेनेई को खत्म करना था, बल्कि ईरान की शीर्ष सैन्य और राजनीतिक लीडरशिप को एक साथ नेस्तनाबूद करना था।

Coriander: धनिया उत्पादन में कमी से अप्रैल तक भाव में तेजी का अनुमान

नई दिल्ली। Coriander Crop” धनिया उत्पादन में कमी से अप्रैल तक भाव में तेजी का अनुमान है। वर्तमान में उत्पादक केन्द्रों पर नए धनिया की आवक शुरू हो गई है।

चालू सीजन के दौरान प्रमुख उत्पादक राज्य मध्य प्रदेश, गुजरात एवं राजस्थान में बिजाई क्षेत्रफल में कमी आने के कारण इस वर्ष देश में धनिया का उत्पादन गत वर्ष की तुलना में कम रहने का अनुमान है।

गुजरात की मंडियों में आवक जोरों पर चल रही है। जबकि मध्य प्रदेश एवं राजस्थान की मंडियों में आवक मार्च माह में बढ़ेगी। गुजरात की प्रमुख मंडी गोंडल में प्रति सप्ताह लगभग 2 लाख बोरी का व्यापार रहा है। भाव 85 से 110 रुपए प्रति किलो का क्वालिटीनुसार बोला जा रहा है।

राजस्थान की रामगंज मंडी में आवक धीरे-धीरे बढ़कर 10 हजार बोरी की हो गई है। भाव नमी के अनुसार 80 से 95 रुपए प्रति किलो बोला जा रहा है। मध्य प्रदेश की कुम्भराज, नीमच, गुणा मंडी में आवक धीरे-धीरे बढ़ रही है लेकिन अभी नए मालों में 15 से 25 प्रतिशत की नमी आ रही है। 15 मार्च के पश्चात सूखे मालों की आवक शुरू होने लगेगी।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024 के दौरान देश में धनिया की बिजाई 3.64 लाख हेक्टेयर पर की गई थी जोकि वर्ष 2025 में घटकर 3.37 लाख हेक्टेयर की रह गई है। उत्पादक केन्द्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार चालू सीजन के दौरान देश में धनिया का बिजाई क्षेत्रफल लगभग 3 लाख हेक्टेयर के आसपास रहने के अनुमान लगाए जा रहे है।

उत्पादन अनुमान: उत्पादक केन्द्रों पर कमजोर बिजाई एवं गत दिनों हुई मध्य प्रदेश एवं राजस्थान में हुई बारिश से फसल को नुकसान के कारण संभावना व्यक्त की जा रही है कि चालू सीजन के दौरान देश में धनिया का उत्पादन 90 से 95 लाख बोरी के आसपास रहेगा। जबकि गत वर्ष उत्पादन 1/1.10 करोड़ बोरी (प्रत्येक बोरी 40 किलो) का माना गया था। वर्ष 2024 में उत्पादन 1.20 करोड़ बोरी एवं वर्ष 2023 में उत्पादन 1.60 करोड़ बोरी का माना गया था।

विगत तीन वर्षों से देश में धनिया का उत्पादन घटने के कारण स्टॉक में भी कमी आ रही है। एक अनुमान के अनुसार वर्ष 2024 में नई फसल की आवक के समय देश में धनिया का स्टॉक 45 से 50 लाख बोरी का माना गया था। जोकि वर्ष 2025 में घटकर 35 से 38 लाख बोरी का रह गया। चालू सीजन के दौरान स्टॉक 22 से 25 लाख बोरी होने के समाचार मिल रहे है।

जानकार सूत्रों का कहना है कि वर्ष 2026 के दौरान खपत की तुलना में धनिया की कुल उपलब्धता कम रहेगी। उल्लेखनीय है कि हमारी घरेलू खपत एवं निर्यात को मिलाकर धनिया की सालाना खपत लगभग 1.40/1.50 करोड़ बोरी की रहती है लेकिन चालू सीजन के दौरान नई पैदावार एवं बकाया स्टॉक को मिलाकर 1.15/1.20 करोड़ बोरी की रहेगी।

व्यापारियों का मानना है कि वर्ष 2026 के दौरान धनिया की कीमतों में अच्छी तेजी देखी जा सकती है। वर्तमान में उत्पादक केन्द्रों पर धनिया ईगल का भाव 96 से 100 रुपए एवं बादामी का भाव 90 से 95 रुपए प्रति किलो बोला जा रहा है जोकि मार्च माह में नए मालों की आवक का दबाव बनने पर भावों में 5 से 8 रुपए प्रति किलो की गिरावट आ सकती है। इससे अधिक गिरावट संभव नहीं है।

धनिया निर्यात में बढ़ोतरी
चालू वित्त वर्ष 2025-26 के प्रथम आठ माह में धनिया निर्यात में 12 प्रतिशत एवं आय में 14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-नवम्बर 2025 में धनिया का निर्यात 42844 टन का किया गया और निर्यात से प्राप्त आय 457.86 करोड़ की रही। जबकि अप्रैल-नवम्बर 2024 में निर्यात 38314 टन का रहा था और प्राप्त आय 402.14 करोड़ की रही थी। वर्ष 2024-25 के दौरान धनिया का कुल निर्यात 60324 टन का रहा जबकि वर्ष 2023-24 में धनिया का रिकॉर्ड निर्यात 108624 टन का हुआ था।

धनिया आयात में कमी
मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024-25 (अप्रैल-मार्च) के दौरान धनिया आयात में कमी आई है। वर्ष 2023-24 के दौरान धनिया का आयात 28827 टन का होने के पश्चात वर्ष 2024-25 में आयात 15292 टन का रहा। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2020-21 में आयात केवल 8777 टन का रहा। जोकि 2021-22 में बढ़कर 15603 टन एवं वर्ष 2022-23 में 31383 टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था।

मुकुंदरा में बांधवगढ़ की बाघिन का आगमन वन्यजीवों के लिए जेनेटिक गेम चेंजर: हाड़ा

कोटा। मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के स्वर्णिम भविष्य की दिशा में आज एक ऐतिहासिक सफलता दर्ज की गई है। पगमार्क फाउंडेशन के अध्यक्ष, देवव्रत सिंह हाड़ा ने मध्यप्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से लाई गई 3.5 वर्षीय बाघिन के सफल स्थानांतरण पर गहरा हर्ष व्यक्त किया है। हाड़ा ने इसे केवल एक बाघिन का आगमन नहीं, बल्कि राजस्थान के पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक ‘साइंटिफिक माइलस्टोन’ बताया है।

जेनेटिक बॉटलनेक का वैज्ञानिक समाधान
मुकुंदरा जैसे उभरते टाइगर रिजर्व के लिए आनुवंशिक विविधता सबसे महत्वपूर्ण कारक है। एक ही रक्त रेखा के बाघों के बीच प्रजनन से ‘इनब्रीडिंग डिप्रेशन’ का खतरा बना रहता है, जो बाघों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करता है।

मजबूत ब्लडलाइन
बांधवगढ़ की यह बाघिन मुकुंदरा में एक नई ‘हेरेडिटरी लाइन’ (वंशानुगत रेखा) लेकर आई है, जिससे यहाँ का टाइगर कुनबा आनुवंशिक रूप से अधिक लचीला और शक्तिशाली बनेगा। यह स्थानांतरण ‘जेनेटिक बॉटलनेक’ को कम करने और दीर्घकालिक रूप से सक्षम बाघ आबादी स्थापित करने के वैज्ञानिक सिद्धांतों पर आधारित है।

राजे के विजन की सफलता
इस अवसर पर हाड़ा ने पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के ऐतिहासिक योगदान और इस सफल स्थानांतरण के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व को स्थापित करने और इसे एक सुरक्षित भविष्य देने में वसुंधरा राजे का संकल्प सर्वोपरि रहा है। आज मुकुंदरा में जो 7 बाघों का परिवार फल-फूल रहा है, वह उनके दूरगामी विजन और अटूट इच्छाशक्ति का ही मूर्त रूप है।

नए कोटा में असामाजिक तत्वों की अवांछनीय गतिविधियां रोकी जाएं: व्यापार महासंघ

कोटा। कोटा व्यापार महासंघ के महासचिव अशोक माहेश्वरी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिलीप सैनी से भेंट कर नए कोटा क्षेत्र में असामाजिक तत्वों द्वारा अवांछनीय गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की।

माहेश्वरी ने बताया कि नए कोटा क्षेत्र में तेजी से चलते वाहन, सूने मकान पर रेकी करके चोरी की घटनाओं को अंजाम देने, सार्वजनिक स्थानों पर नशे का सेवन करने जैसी अपराधिक गतिविधियों बढ़ रही हैं। इन पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाने और इन क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने की मांग की।

उन्होंने गत दिनो सर्राफा व्यवसाई के चोरी हुए 761 ग्राम सोने की बरामदगी एवं तलवंडी के पत्थर व्यवसाई के घर में हुई एक करोड़ की चोरी का तुरंत प्रभाव से पर्दापाश कर अपराधियों को पकड़ने पर पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिलीप सैनी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि उन्होंने समस्त थाना अधिकारियों को मुस्तेदी से अपने-अपने क्षेत्रों में गस्त बढ़ाने एवं अपराधियों पर तुरन्त प्रभाव से कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

अपराधों की रोकथाम के लिए सभी उच्च अधिकारी भी नियमित रूप से शहर का दौरा कर रहे हैं। सभी अवांछनीय गतिविधियों में लिप्त अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शहर में अपराधों की कमी के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह कटिबद्ध है।