Thursday, July 16, 2026
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भारत में क्रूड ऑयल 136 डॉलर के पार, 31 मार्च के बाद बढ़ेगी पेट्रोल-डीजल की कीमत

नई दिल्ली। ईरान युद्ध के कारण पश्चिम एशिया में पैदा हुए तनाव ने भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती खड़ी कर दी है। खाड़ी देशों में जारी संघर्ष के कारण भारतीय रिफाइनरों के लिए कच्चे तेल की लागत में 93% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

शुक्रवार को भारतीय क्रूड बास्केट की कीमत 136.56 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जो युद्ध शुरू होने से पहले (26 फरवरी) मात्र 70.9 डॉलर थी। माना जा रहा है कि 31 मार्च के बाद देश में पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ सकती है।

कच्चे तेल की कीमतों में इस आग ने इंडियन ऑयल (IOC), HPCL, BPCL और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी दिग्गज कंपनियों के मार्जिन को पूरी तरह खत्म कर दिया है। जहां अमेरिका जैसे देशों ने कच्चे तेल के साथ ही पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतें बढ़ा दी हैं, वहीं भारत में तेल कंपनियों ने फिलहाल कीमतों को स्थिर रखा है।

क्या भारत में भी बढ़ेंगी कीमतें
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार 31 मार्च तक कीमतों में बदलाव की अनुमति नहीं देगी ताकि बजट लक्ष्यों और राजकोषीय संतुलन (Fiscal Balance) पर असर न पड़े। साथ ही चार राज्यों और पुडुचेरी में होने वाले चुनावों के मद्देनजर 29 अप्रैल (मतदान का आखिरी चरण) तक कीमतों में बढ़ोतरी होना मुश्किल है। हालांकि इसके बाद इनकी कीमत में तेजी देखी जा सकती है।

भारतीय बास्केट की कीमत में उछाल

  • 26 फरवरी: 70.9 डॉलर प्रति बैरल
  • 12 मार्च: 127.2 डॉलर प्रति बैरल
  • शुक्रवार: 136.5 डॉलर प्रति बैरल

युद्ध शुरू होने के बाद Brent Crude की कीमत 40% से ज्यादा और Urals crude की कीमत 50% से ज्यादा बढ़ चुकी है।

MCX पर चांदी 5000 रुपये उछली, सोना भी हुआ महंगा, जानिए आज के भाव

नई दिल्ली। Gold Silver Price Today : सोने और चांदी की कीमत में आज तेजी दिख रही है। MCX पर शुरुआती कारोबार में सोने की कीमत में 1000 रुपये से अधिक तेजी आई है जबकि चांदी की कीमत करीब 5,000 रुपये उछली है।

2 अप्रैल की डिलीवरी वाला सोना पिछले सत्र में 1,55,736 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुआ था और आज यह तेजी के साथ 1,56,891 रुपये पर खुला। शुरुआती कारोबार में यह 1,260 रुपये की तेजी के साथ 1,56,996 रुपये तक पहुंचा। सुबह 9.21 बजे यह 964 रुपये की तेजी के साथ 1,56,700 रुपये पर ट्रेड कर रहा था।

5 मई की डिलीवरी वाली चांदी पिछले सत्र में 2,56,532 रुपये प्रति किलो के भाव पर बंद हुई थी और आज 4,925 रुपये की तेजी के साथ 2,61,457 रुपये पर खुली। सुबह 9.29 यह 2,919 यानी 1.14 फीसदी तेजी के साथ 2,59,451 रुपये पर ट्रेड कर रही थी।

इससे पहले सोमवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतें 9,000 रुपये लुढ़ककर 2.56 लाख रुपये प्रति किलोग्राम रह गईं, जबकि सोना 2,950 रुपये टूटकर 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया।

Stock Market: सेंसेक्स 323 अंक चढ़कर 75826 पर खुला, निफ्टी 23490 के पार

नई दिल्ली। Stock Market Opened 17 March 9:15 AM:शेयर मार्केट की शुरुआत आज मजबूती के साथ हुई है। बीएसई का सेंसेक्स 323 अंक ऊपर 75826 पर खुला। जबकि, एनएसई के 50 शेयरों वाले बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी ने 84 अंकों की बढ़त के साथ 23493 से मंगलवार के कारोबार की शुरुआत की।

ग्लोबल मार्केट के संकेत

  • एशियाई बाजार
    वॉल स्ट्रीट पर रात भर में तेजी के बाद मंगलवार को एशियाई बाजारों में तेजी रही, क्योंकि निवेशकों ने अमेरिका-ईरान युद्ध के ताजा घटनाक्रम पर नजर रखी है। जापान के निक्केई 225 में 0.75 प्रतिशत की तेजी आई, जबकि टॉपिक्स में 1 प्रतिशत से अधिक की तेजी आई। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2.94 प्रतिशत बढ़ा, और कोस्डैक 1.53 प्रतिशत बढ़ा। हांगकांग हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स ने उच्च ओपनिंग का संकेत दिया।
  • गिफ्ट निफ्टी टुडे
    गिफ्ट निफ्टी 23,504 लेवल के आसपास ट्रेडिंग कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद होने से लगभग 75 अंकों का प्रीमियम था। यह भारतीय स्टॉक मार्केट के लिए सकारात्मक शुरुआत का संकेत देता है।
  • वॉल स्ट्रीट
    अमेरिकी शेयर बाजार सोमवार को तेजी से ऊपर बंद हुआ। डॉऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.83 प्रतिशत ऊपर 46,946 पर, जबकि एसएंडपी 500 1.01 प्रतिशत की बढ़त हासिल कर 6,699 पर बंद हुआ। नैस्डैक 1.22 प्रतिशत बढ़कर 22,374.18 पर बंद हुआ।

बिरला के प्रयासों से इटावा में पांच करोड़ रुपए की लागत से बनेगा कन्वेन्शन सेंटर

कोटा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के प्रयासों से कोटा जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में खेल, पर्यटन तथा बुनियादी सुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों के लिए श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना के अंतर्गत 19.24 करोड़ रुपए के कार्य स्वीकृत हुए हैं।

योजना के तहत इटावा कस्बे में 5 करोड़ रुपए की लागत से जिला कन्वेंशन सेंटर का निर्माण किया जाएगा। ग्राम सीमलिया, मंडाना और रेलगांव में 40-40 लाख रुपए की लागत से सब्जी मंडी/हाट बाजार में मूलभूत सुविधाओं का विकास किया जाएगा।

वहीं अयाना, बड़ौद, खातौली, बुढादीत, चारचौमा, सातलखेड़ी और मोड़क स्टेशन में 25-25 लाख रुपए की लागत से हाट बाजार विकसित किए जाएंगे। राजीविका से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों के लिए भवन निर्माण भी किया जाएगा।

इसके अंतर्गत अयाना, खातौली, बड़ौद, खैराबाद, चेचट, जुल्मी, मंडाना और बपावर में 20-20 लाख रुपए की लागत से भवन बनाए जाएंगे। खातौली खेल मैदान का विकास एक करोड़ रुपये से किया जाएगा।

इसके अलावा सुल्तानपुर और चेचट में खेल मैदान, इटावा, सांगोद और सुल्तानपुर में राजीविका क्लस्टर के तहत कार्यशाला भवन, सुकेत में हाट बाजार तथा चन्द्रसेल मठ मंदिर में बुनियादी ढांचे के विकास सहित अन्य कार्यों के लिए कुल 6.62 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं।

धार्मिक पर्यटन स्थलों का भी होगा विकास
जिले के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए 2.07 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। इसके तहत बुढादीत सूर्य मंदिर, हरिपुरा स्थित हांडीपाली शिव मंदिर, अलोद स्थित निमोदा माताजी मंदिर परिसर, गोपालपुरा माताजी मंदिर, चौमामालियान स्थित चारचौमा शिव मंदिर, ढाड़देवी मंदिर तथा झरेल बालाजी मंदिर में 25-25 लाख रुपए की लागत से विकास कार्य होंगे। वहीं जालिमपुरा स्थित दूधियाखेड़ी माताजी मंदिर में 32 लाख रुपए से विकास कार्य कराए जाएंगे।

होर्मुज से 46000 टन एलपीजी लेकर भारत पहुंचा शिवालिक जहाज, दुनिया देखती रही

नई दिल्‍ली। शिवालिक आ गया है। पश्चिम एशिया में संघर्ष के केंद्र होर्मुज स्‍ट्रेट से गुजरकर यह भारतीय जहाज लौटा है। अपने साथ देशवासियों के लिए बड़ी राहत लेकर। इस पर 46,000 टन एलपीजी लोड है। मंगलवार को यह मुंद्रा पोर्ट के एलपीजी टर्मिनल पर पहुंचा तो पूरे देश में खुशी की लहर दौड़ गई।

इसे होर्मुज स्‍ट्रेट से सुरक्षित गुजरने की मंजूरी मिली थी। जब सीना तानकर शिवालिक वहां से गुजरा था तब पूरी दुनिया ने यह नजारा देखा था। यह भारत की कूटनीति की बड़ी जीत है। एक और जहाज ‘नंदा देवी’ के मंगलवार को भारत पहुंचने की उम्मीद है। वह भी एलपीजी के साथ भारत पहुंचेगा।

ब्लूमबर्ग के अनुसार, नई दिल्ली और तेहरान के बीच एक समझौते के बाद इन दोनों टैंकरों को होर्मुज स्‍ट्रेट से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी गई। ईरान संघर्ष के चलते पिछले लगभग दो हफ्तों से यह स्‍ट्रेट ज्‍यादातर बंद रहा है।

‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ नाम के इन टैंकरों को सरकारी कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने चार्टर पर लिया था। इन जहाजों का मालिकाना हक सरकारी कंपनी शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के पास है।

इससे पहले दिन में शिपिंग मंत्रालय के राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि कच्चे तेल से लदा एक और भारतीय जहाज भी भारत की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा, ‘भारतीय ध्वज वाला जहाज ‘जग लाडकी’ लगभग 81,000 टन ‘मुरबान’ कच्चा तेल लेकर सुरक्षित रूप से भारत की ओर बढ़ रहा है। 14 मार्च को संयुक्‍त अरब अमीरात (UAE) से यह रवाना हुआ था। जहाज और उस पर सवार सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। वे कल मुंद्रा बंदरगाह पहुंच जाएंगे।

होर्मुज में अभी 22 भारतीय जहाज
अधिकारी ने यह भी बताया कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा, ‘पिछले 24 घंटों में किसी भी घटना की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। हम स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं। हम हर जहाज और उसके चालक दल के संपर्क में हैं। भारतीय ध्वज वाले 22 जहाज होर्मुज स्‍ट्रेट के पश्चिम में फारस की खाड़ी में मौजूद हैं। इन पर 611 भारतीय नाविक सवार हैं।’

अहम है टैंकरों का लौटना
इन टैंकरों का आगमन ऐसे समय में हुआ है, जब होर्मुज स्‍ट्रेट से समुद्री यातायात में आई रुकावटों के बाद भी भारत फारस की खाड़ी में जहाजों की आवाजाही पर लगातार नजर रखे हुए है। भारत अपनी लगभग 88 फीसद क्रूड, 50 फीसदी नैचुरल गैस और 60 फीसदी एलपीजी जरूरतें आयात से पूरी करता है। 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले और जवाबी ईरानी कार्रवाई से पहले भारत का आधे से ज्यादा कच्चा तेल आयात, लगभग 30 फीसदी गैस और 85 से 90 फीसदी एलपीजी आयात सऊदी अरब और यूएई जैसे पश्चिम एशियाई देशों से आता था।

Jeera Price: नई फसल आने एवं निर्यातकों की मांग नहीं होने से जीरे के भाव में गिरावट

नई दिल्ली। Jeera Price: इस हफ़्ते जीरे की कीमतों में नरमी रही। गुजरात की मंडियों में जीरे की आवक ज़ोरों पर है, वहीं राजस्थान की मंडियों में भी नए जीरे की आवक बढ़ने लगी है। अभी एक्सपोर्ट ट्रेड एक्टिविटी भी कम बनी हुई है। FISSA के हाल ही में जारी डेटा के मुताबिक, इस सीज़न में देश में जीरे का प्रोडक्शन 9.329 मिलियन बैग होने का अनुमान है, जबकि साल 2025 के लिए प्रोडक्शन का अनुमान 9.793 मिलियन बैग था।

हालांकि इस सीज़न में प्रोडक्शन में कमी आई है, लेकिन पिछले साल के काफ़ी कैरीओवर स्टॉक की वजह से कुल उपलब्धता मज़बूत बनी हुई है। इसलिए, कीमतों में कोई तेज़ी नहीं दिख रही है। FISSA के जारी डेटा के मुताबिक, गुजरात में जीरे का प्रोडक्शन 3.342 मिलियन बैग होने का अनुमान है, जबकि ट्रेडर्स 2.6 से 2.8 मिलियन बैग के बीच प्रोडक्शन का अनुमान लगा रहे हैं। इसी तरह, राजस्थान में, FISSA ने 5.987 मिलियन बैग जीरा प्रोडक्शन का अनुमान जारी किया है, जबकि ट्रेडर्स 4.8 से 5.0 मिलियन बैग के बीच प्रोडक्शन का अनुमान लगा रहे हैं।

अभी गुजरात के बाज़ारों में जीरे की रोज़ाना आवक 60,000 से 65,000 बैग है। ऊंझा बाज़ार में आवक 34,000 से 35,000 बैग के आसपास है। इस कम आवक के मुख्य कारण प्रोडक्शन में कमी और किसानों को मिल रहे कम दाम हैं। राजस्थान के बाज़ारों में भी, नए जीरे की रोज़ाना आवक 11,000 से 12,000 बैग के लेवल तक पहुँचने लगी है। मेरटा बाज़ार में अभी आवक 3,500 से 4,000 बैग के बीच है।

मंडियों में बढ़ती आवक और स्पॉट मार्केट में कम उठाव के कारण, जीरे की कीमतों में अभी मंदी का दौर चल रहा है। अभी, गुजरात के बाजारों (मंडियों) में, क्वालिटी के आधार पर जीरे की कीमतें 180 से 210 प्रति किलोग्राम के बीच बताई जा रही हैं, जबकि एक्सपोर्ट कीमत 4,280 प्रति 20 किलोग्राम बताई जा रही है। राजस्थान के बाजारों में भी, नए सीजन के जीरे की कीमतें 180 से 215 प्रति किलोग्राम के बीच बताई जा रही हैं।

सूत्रों का कहना है कि जीरे की कीमतों में अभी कोई तेज़ी आने की संभावना नहीं है, क्योंकि मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के कारण एक्सपोर्ट रुका हुआ है। हालांकि, सूत्रों का मानना ​​है कि आने वाले दिनों में एक्सपोर्ट डिमांड बढ़ने पर कीमतें ज़रूर बढ़ेंगी, खासकर इसलिए क्योंकि कीमतें पहले ही काफी गिर चुकी हैं। इसके अलावा, किसानों से इन कम कीमतों पर अपनी बिक्री कम करने की उम्मीद है।

निर्यात: स्पाइसेस बोर्ड के जारी डेटा के मुताबिक, मौजूदा फाइनेंशियल ईयर (2025-26) के पहले नौ महीनों में जीरे के एक्सपोर्ट की मात्रा में 12 परसेंट की गिरावट आई; वहीं, कम रियलाइजेशन कीमतों की वजह से एक्सपोर्ट से होने वाला रेवेन्यू 26 परसेंट कम हो गया। मिली जानकारी के मुताबिक, अप्रैल-दिसंबर 2025 के दौरान कुल 156,671 टन जीरे का एक्सपोर्ट हुआ, जिससे ₹3,639.51 करोड़ का एक्सपोर्ट रेवेन्यू मिला।

वहीं, अप्रैल-दिसंबर 2024 के दौरान 178,847 टन जीरे का एक्सपोर्ट हुआ, जिससे ₹4,909.77 करोड़ का एक्सपोर्ट रेवेन्यू मिला। पूरे फाइनेंशियल ईयर 2024-25 के लिए कुल 229,881.67 टन जीरे का एक्सपोर्ट हुआ, जिससे ₹6,178.86 करोड़ का एक्सपोर्ट रेवेन्यू मिला।

मेडिकल छात्रों के शोध कार्य के लिए मित्तल दम्पति ने लिया देहदान का संकल्प

कोटा। शॉपिंग सेंटर निवासी ओमप्रकाश मित्तल (71) एवं उनकी पत्नी अंजना मित्तल (68) ने परिवारजनों की उपस्थिति में देहदान का संकल्प लेते हुए कोटा न्यू मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग के नाम लिखित संकल्प पत्र भरा।

यह संकल्प महर्षि दधीचि छात्रावास समिति के अध्यक्ष रविन्द्र जोशी, कोषाध्यक्ष सुनील शर्मा तथा सलाहकार नरेन्द्र मोहन दाधीच की उपस्थिति में लिया गया। उनके मार्गदर्शन में मित्तल दम्पति ने समाजहित की भावना से देहदान का निर्णय लिया।

दाधीच समाज के अध्यक्ष रविन्द्र जोशी ने बताया कि समाज लंबे समय से देहदान के प्रति जागरूकता फैलाने और इस महादान को प्रोत्साहित करने में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। समाज के सलाहकार नरेन्द्र मोहन दाधीच ने बताया कि अब तक समाज के माध्यम से चार देहदान की प्रक्रिया करवाई जा चुकी है, जिनमें से दो देहदान पूर्ण हो चुके हैं। साथ ही अन्य समाजों के लोगों को भी इस अमूल्य दान के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

मित्तल दम्पति ने कहा कि देहदान एक महादान है, जो चिकित्सा विज्ञान के लिए अत्यंत उपयोगी है। मृत्यु के पश्चात मानव शरीर मेडिकल छात्रों की पढ़ाई एवं शोध कार्य में सहायक होता है, जिससे भविष्य में कई लोगों को जीवनदान मिलने की संभावनाएं बढ़ती हैं।

कृषि वैज्ञानिक पवन टाक आईसीएआर की जनरल और गवर्निंग बॉडी में सदस्य मनोनीत

कोटा। भारत सरकार के केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) सोसाइटी के अध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान ने कोटा के युवा वैज्ञानिक पवन टाक को आईसीएआर की जनरल बॉडी और गवर्निंग बॉडी (प्रबंधन मंडल) के सदस्य के रूप में मनोनीत किया है।

वे श्रीरामशांताय जैविक कृषि अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केन्द्र कोटा के प्रमुख कृषि वैज्ञानिक और भारतीय किसान संघ के सक्रिय सदस्य हैं। यह प्रतिष्ठित मनोनयन अगले तीन वर्षों के कार्यकाल के लिए किया गया है। जिसके तहत टाक को देश के चार प्रमुख क्षेत्रों राजस्थान, गुजरात, दादर नागर हवेली और दमन-दीव के किसान एवं ग्रामीण हितों के प्रतिनिधि के रूप में चुना गया है।

आईसीएआर गवर्नेंस सेल के निदेशक कुमार राजेश द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, सोसाइटी के नियमों और उप-नियमों के तहत यह नियुक्ति हुई है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) देश में कृषि शिक्षा और अनुसंधान की सर्वोच्च संस्था है। जिसके इस उच्च स्तरीय बोर्ड में केंद्रीय कृषि मंत्री के साथ-साथ वरिष्ठ आईएएस अधिकारी, नीति आयोग के शीर्ष नेतृत्व, विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपति, अनुसंधान केंद्रों के निदेशक और सांसद बतौर सदस्य शामिल होते हैं।

इतने प्रभावशाली और नीति-निर्धारक मंडल में राजस्थान से एक जैविक कृषि वैज्ञानिक को स्थान मिलना इस क्षेत्र के किसानों और कृषि विशेषज्ञों के लिए अत्यंत हर्ष का विषय है।
टाक वर्तमान में जोधपुर में ग्रामीण खेती के साथ-साथ कोटा में गौ-आधारित जैविक खेती पर गहन अनुसंधान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे अनुसंधान केंद्र में सीखे गए अनुभवों को राष्ट्र स्तर पर साझा करेंगे और देश में खेती को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर सूक्ष्म प्रयास जारी रखेंगे।

​इस ऐतिहासिक नियुक्ति पर भारतीय किसान संघ सहित समस्त किसान समुदाय ने प्रसन्नता व्यक्त की है। भारतीय किसान संघ के प्रांत प्रचार प्रमुख आशीष मेहता कहा कि वर्तमान समय में गौ-आधारित जैविक खेती न केवल पर्यावरण के लिए अनिवार्य है, बल्कि किसानों की आर्थिक उन्नति के लिए भी समय की मांग है।

टाक के मार्गदर्शन में कोटा के शीर्ष विशेषज्ञों के सहयोग से चल रहे अनुसंधान कार्य अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएंगे। रामशांताय अनुसन्धान केन्द्र निदेशक ताराचंद गोयल ने कहा कि इस मनोनयन से गुजरात, राजस्थान और दीव-दमन क्षेत्र के किसानों में खुशी की लहर है। अब कोटा में हुए नवाचारों को देश की सबसे बड़ी कृषि प्रबंधन संस्था में एक सशक्त आवाज मिल सकेगी।

सांगोद नगरी में बिराज्या म्हारा कल्याण धणी.. निशा लोधा के भजनों पर झूमे श्रद्धालु

श्री कल्याणरायजी किराड़ क्षत्रिय विकास समिति का आयोजन

कोटा/​सांगोद। श्री कल्याणरायजी महाराज के मंदिर में सोमवार को भव्य भजन संध्या का आयोजन किया गया। श्री कल्याणरायजी किराड़ क्षत्रिय विकास समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामावतार मेहता ने बताया कि श्रीजी के दरबार में आयोजित इस कार्यक्रम में सुप्रसिद्ध भजन गायिका निशा लोधा ने अपनी मधुर आवाज से समां बांध दिया। जिससे पूरा परिसर ‘कल्याण धणी’ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।

​गायिका निशा लोधा ने गणेश वंदना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने श्रीजी कल्याण धणी की महिमा का बखान करते हुए एक से बढ़कर एक प्रस्तुति दी। जब उन्होंने “मैं तो फेन श्री जी को…” और “बाजे छे नोबत बाजा, म्हारो कल्याण राय राजा…” जैसे लोकप्रिय भजनों की प्रस्तुति दी, तो पाण्डाल में मौजूद श्रद्धालु खुद को झूमने से नहीं रोक सके।

उन्होंने सहयोगी गायक कलाकारों के साथ ​”सांगोद नगरी में बिराज्या, म्हारा कल्याण धणी…/ थाने हृदय बीच बसाऊं, ओ सांवरिया सरकार…/ भक्तां की भीड़ खड़ी द्वारे, दर्शन देदो एक बार… सरीखे भजन गाकर झूमने पर मजबूर कर दिया।

​कार्यक्रम में अतिथि के रूप में रेलवे परामर्श दात्री समिति के सदस्य आशीष मेहता, कल्याण रायजी किराड़ क्षत्रिय विकास समिति के अध्यक्ष ​गोविंद मेहता, महासचिव ​जगदीश मेहता, कोषाध्यक्ष ​रमेश मेहता समेत ​समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

उन्होंने कहा कि श्री कल्याणरायजी महाराज के प्रति क्षेत्र के लोगों की अटूट आस्था है। इस तरह के आयोजनों से समाज में एकता और भक्ति का संचार होता है। कार्यक्रम के अंत में श्री जी की महाआरती की गई और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। देर रात तक चली इस भजन संध्या में बड़ी संख्या में महिला व पुरुष श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

कमर्शियल सिलेण्डर की आपूर्ति सामान्य करने के लिए कलेक्टर को दिया ज्ञापन

होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान कोटा डिवीजन की प्रशासन से अपील

कोटा। होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी एवं मुख्य सलाहकार अनिल मूंदड़ा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को जिला कलक्टर पीयूष समारिया से भेंट कर कमर्शियल सिलेण्डर की सप्लाई निर्बाध रूप से चालू करने की अपील की।

होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान कोटा डिवीजन के अध्यक्ष माहेश्वरी ने बताया कि सप्लाई पूरी तरह से ठप्प होने के कारण होटल, रेस्टोरेन्ट, केटरिंग एवं चाय, नमकीन, कचोरी एवं समोसा की दुकानो पर बहुत बुरा असर पड रहा है।

यह व्यवसाय बन्द होने कि कगार पर है। हाड़ोती केटरिंग एवं हलवाई एसोसिएशन के अध्यक्ष सचिन माहेश्वरी ने बताया कि सिलेंडर की अनुपलब्धता से शादी विवाह मे भोजन बनाना मुश्किल हो गया है।

जिला कलक्टर ने बताया कि हास्टल एवं मैस व्यवसाय मे आज से कार्मिशियल सिलेण्डर उपलब्ध करवाने शुरू कर दिए हैं। इसके लिए होटल फेडरेशन ने जिला कलक्टर का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे बाहर से आने वाले छात्रों को भोजन की उपलब्धता सुचारु रूप से चल सकेगी।

माहेश्वरी ने कहा कि इसी तर्ज पर होटल, रेस्टोरेन्ट हलवाई एवं केटरिंग व्यवसाई और खान पान के व्यवसाइयो को सिलेन्डर उपलब्ध कराये जायें। जिला कलेक्टर ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन कमर्शियल सिलेण्डर की आपूर्ति सामान्य बनाने के लिए पूरी तरह प्रयासरत है।