Thursday, July 16, 2026
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ईरान के खिलाफ युद्ध में मदद मांगी तो ट्रंप को पूरी दुनिया ने मना कर दिया, जानिए क्यों

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को चीन का प्रस्तावित दौरा टाल दिया है। यह दौरा इस महीने के आखिर में होना था, लेकिन ईरान के साथ चल रहे युद्ध की वजह से इसे टाल दिया गया। ट्रंप ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि वह एक महीने से कुछ ज्यादा समय में चीन का दौरा करेंगे। उन्होंने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से कहा, चीन के साथ हमारे कामकाजी रिश्ते बहुत अच्छे हैं, इसलिए हम यह दौरा लगभग पांच या छह हफ्तों में करेंगे।

ट्रंप ने इस देरी के महत्व को कम करके दिखाने की कोशिश की और कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ उनके रिश्ते बहुत मजबूत हैं। ट्रंप ने इस देरी के बारे में कहा कि हम चीन के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। उन्हें इस बात से कोई दिक्कत नहीं थी। मैं राष्ट्रपति शी से मिलने का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं। मुझे लगता है कि वह भी मुझसे मिलने का इंतजार कर रहे हैं।

ट्रंप ने चीन के साथ अपनी व्यापारिक बातचीत की बार-बार तारीफ की है, और कहा है कि बेहतर रिश्तों से संयुक्त राज्य अमेरिका को फायदा हो सकता है। बता दें कि सत्ता में आने से पहले उन्होंने चीन को एक बड़ा दुश्मन बताया था और कसम खाई थी कि वह संयुक्त राज्य अमेरिका का पूरा ध्यान इस एशियाई शक्ति का मुकाबला करने पर लगाएंगे।

ट्रंप ने पहले संकेत दिया था कि उनका यह दौरा इस बात पर निर्भर करेगा कि चीन वॉशिंगटन की मदद करता है या नहीं। यह मदद होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए चाहिए थी। बीजिंग में, चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने मंगलवार को कहा इस दौरे का होर्मुज जलडमरूमध्य में पोतों की आवाजाही के मुद्दे से कोई लेना-देना नहीं है।

ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) और अधिकतर अन्य सहयोगी देशों ने होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा में मदद करने के उनके आह्वान को खारिज कर दिया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमता ध्वस्त हो चुकी है और उन्हें अब नाटो देशों या किसी अन्य से सहायता की आवश्यकता नहीं है।

ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर अपने पोस्ट में कहा, ‘हमारे अधिकतर नाटो सहयोगियों ने अमेरिका को सूचित किया है कि वे पश्चिम एशिया में ईरान के आतंकवादी शासन के खिलाफ हमारे सैन्य अभियान में शामिल नहीं होना चाहते, जबकि लगभग हर देश इस बात से सहमत है कि ईरान को किसी भी सूरत में परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।’

ट्रंप ने कहा, ‘मुझे उनके इस फैसले पर हैरानी नहीं है, क्योंकि मैं हमेशा नाटो को एकतरफा व्यवस्था मानता रहा हूं। हम हर साल इन देशों की सुरक्षा पर सैकड़ों अरब डॉलर खर्च करते हैं। हम उनकी रक्षा करते हैं, लेकिन जरूरत के समय वे हमारे लिए कुछ नहीं करते।’ उन्होंने यह भी कहा कि ऑस्ट्रेलिया, जापान और दक्षिण कोरिया ने भी मदद के उनके आह्वान को ठुकरा दिया है।

उन्होंने कहा कि हाल की सैन्य सफलताओं को देखते हुए अमेरिका को अब नाटो देशों की मदद की न आवश्यकता है और न ही इच्छा, और वह पहले भी ऐसे समर्थन पर निर्भर नहीं रहा है।

अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला शुरू किया था तथा जवाब में ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों वाले कुछ खाड़ी देशों पर हमले किए और अमेरिका व इजरायल पर दबाव बनाने के लिए रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य को बाधित कर दिया।

सरसों एवं चना की समर्थन मूल्य पर खरीद 1 अप्रैल से, पंजीकरण 20 मार्च से शुरू होगा

जयपुर। रबी विपणन वर्ष 2026-27 के तहत सरसों और चना की समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद के लिए पंजीकरण प्रक्रिया 20 मार्च 2026 से शुरू होगी। पंजीकृत किसानों से इन फसलों की खरीद 1 अप्रैल 2026 से प्रारंभ की जाएगी।

उप रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां जयपुर ग्रामीण उदयदीप सिंह राठौड़ के अनुसार भारत सरकार ने एफएक्यू मानकों के तहत चना का MSP 5,875 रुपये प्रति क्विंटल और सरसों का 6,200 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है।

किसानों की सुविधा के लिए 1800-180-6001 टोल-फ्री हेल्पलाइन भी जारी की गई है, जहां खरीद से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। उप रजिस्ट्रार शिरीष वी. चान्दे ने किसानों से अपील की है कि वे मोबाइल पर प्राप्त संदेश के अनुसार तय तिथि पर ही अपनी उपज संबंधित केंद्र पर लेकर आएं।

निर्धारित तिथि से अधिकतम 10 दिनों के भीतर तुलाई कराना आवश्यक होगा, ताकि समय पर भुगतान हो सके। जयपुर जिले में किसानों की सुविधा के लिए कुल 42 खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां सरसों और चना की खरीद की जाएगी।

किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष राम पाल जाट का कहना है कि सरसों फरवरी के महीने में ही बाजार में आ चुकी है। सरसों खरीद के लिए पिछले 5 वर्षों से किसान खरीद 1 फरवरी से आरंभ करने आग्रह कर रहे हैं। बिना खरीद के न्यूनतम समर्थन मूल्य की घोषणा थोथा चना बाजे घणा जैसी है।

न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करने की सार्थकता तब ही है जब उसकी प्राप्ति की सुनिश्चितता हो, और यह तभी संभव है जब न्यूनतम समर्थन मूल्य की प्राप्ति के लिए खरीद की गारंटी का कानून बनाया जाए।

चीन बना भारतीय ऑयल मील का सबसे बड़ा खरीदार, अब तक आठ लाख टन आयात

मुम्बई। दक्षिण कोरिया, बांग्ला देश थाईलैंड एवं वियतनाम जैसे देशों को पीछे छोड़कर चीन इस वर्ष भारतीय ऑयल मील सबसे बड़ा आयातक देश बन गया।

वहां भारत से मुख्यतः सरसों खल (रेपसीड एक्सट्रैक्शन) मंगाया गया। चीन की बदौलत ही भारतीय रेपसीड एक्सट्रैक्शन का निर्यात काफी हद तक संतोषजनक स्तर तक पहुंच सका लेकिन फिर भी गत वर्ष से कुछ पीछे रह गया।

सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सी) द्वारा संकलित आंकड़ों से पता चलता है कि अप्रैल 2024 से फरवरी 2025 के 11 महीनों में भारत से चीन को केवल 38,240 टन ऑयल मील का निर्यात हुआ था जो अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 के 11 महीनों में कई गुणा बढ़कर 7,79,016 टन पर पहुंच गया।

दूसरी ओर इसी अवधि के दौरान भारतीय डीओसी का निर्यात दक्षिण कोरिया में 6,14,545 टन से घटकर 3,36,222 टन बांग्ला देश में 6,89,380 टन से लुढ़ककर 3,46,118 टन, थाईलैंड में 4,13,172 टन से घटकर 2,40,223 टन,

वियतनाम में 2,21,245 टन से गिरकर 2,12,975 टन, जर्मनी में 1,81,709 टन से फिसलकर 1,78,741 टन तथा फ्रांस में 2,22,507 टन से गिरकर 1,39,807 टन रह गया।

इसके फलस्वरूप सम्पूर्ण 11 महीनों की अवधि में भारतीय ऑयल मील का कुल निर्यात 39,33,349 टन से 11 प्रतिशत घटकर 34,93,823 टन पर सिमट गया।

देश-विदेश के हजारों नेत्र रोग विशेषज्ञों के बीच कोटा की भागीदारी चर्चा में रही

सम्मेलन में नेत्र विशेषज्ञ डॉ. पाण्डेय और डॉ. बागरेचा की सात पुस्तकों का हुआ विमोचन

कोटा। 84वें अखिल भारतीय नेत्र विज्ञान सम्मेलन के अंतर्गत ऑल इंडिया ऑप्थल्मोलॉजिकल सोसाइटी द्वारा जयपुर के एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर में 12 से 15 मार्च तक आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में कोटा के सुवि आई हॉस्पिटल के चिकित्सकों ने विशेषज्ञता और साहित्यिक सृजन का उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। देश-विदेश से पहुंचे 10 हजार से अधिक नेत्र रोग विशेषज्ञों के बीच कोटा की भागीदारी विशेष आकर्षण का केंद्र रही।

सम्मेलन का प्रमुख केंद्र बिंदु सुवि आई हॉस्पिटल, कोटा के निदेशक व वरिष्ठ नेत्र सर्जन डॉ. सुरेश पाण्डेय तथा रेटिना विशेषज्ञ डॉ. निपुण बागरेचा द्वारा लिखित सात महत्वपूर्ण पुस्तकों का विमोचन रहा। इन पुस्तकों का लोकार्पण प्रो. (डॉ.) जीवन सिंह टिटियाल द्वारा किया गया। इस अवसर पर देश के ख्यातिप्राप्त नेत्र विशेषज्ञों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

साहित्यिक उपलब्धियों में डॉ. सुरेश पाण्डेय की चार पुस्तकें‘एन आई फॉर द स्काई’, ‘डायरी ऑफ एन आई सर्जन’, ‘जिंदगी का जश्न’ और ‘एंटरप्रेन्योरशिप फॉर डॉक्टर्स’ विशेष चर्चा में रहीं। वहीं डॉ. निपुण बागरेचा की ‘टाइम मैनेजमेंट फॉर डॉक्टर्स’, ‘हैंडबुक ऑफ एज रिलेटेड मैक्यूलर डिजनरेशन’ और ‘वायरल रेटिनाइटिस’ का भी विमोचन किया गया। ये पुस्तकें चिकित्सा ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव का समन्वय प्रस्तुत करती हैं।

वैज्ञानिक सत्रों में डॉ. सुरेश पाण्डेय ने जटिल सर्जरी से जुड़े अनुभव साझा करते हुए ‘कठिन मामलों में फेकोइमल्सीफिकेशन’ पर इंस्ट्रक्शन कोर्स संचालित किया। बच्चों के मोतियाबिंद उपचार में ‘ज़ेप्टो नैनो पल्स तकनीक’ के उपयोग पर भी विस्तृत मार्गदर्शन दिया। साथ ही, ‘टैमसुलोसिन’ दवा लेने वाले मरीजों में सर्जरी के दौरान उत्पन्न होने वाली चुनौतियों और ‘फ्लॉपी आइरिस सिंड्रोम’ से बचाव के उपायों पर महत्वपूर्ण सुझाव दिए। ‘पीडियाट्रिक ऑप्थल्मोलॉजी’ सत्र में निर्णायक की भूमिका निभाते हुए विशेषज्ञता का परिचय दिया।

सम्मेलन में युवा चिकित्सकों के मार्गदर्शन पर भी विशेष जोर रहा। ‘यंग ऑप्थल्मोलॉजिस्ट फेलोशिप प्रोग्राम’ के अंतर्गत दोनों चिकित्सकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। पिछले पांच वर्षों में इनके निर्देशन में देशभर के 25 से अधिक युवा नेत्र रोग विशेषज्ञों को सुवि आई हॉस्पिटल में उन्नत सर्जिकल प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है।

अग्रवाल वेलफेयर सोसाइटी ने मथुरा में यमुनाजी को 200 मीटर लंबी चुनरी ओढ़ाई

मथुरा। अग्रवाल वेलफेयर सोसाइटी कोटा के तत्वावधान में मथुरा में यमुनाजी को 200 मीटर लंबी चुनरी ओढ़ाकर भव्य चुनरी महोत्सव का आयोजन किया गया। यह आयोजन समाज के लिए ऐतिहासिक और अत्यंत श्रद्धा एवं भक्ति से परिपूर्ण रहा।

समिति के चेयरमैन डॉ. आर.के. राजवंशी एवं जिला अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम 1008 श्री महामंडलेश्वर पूज्य लाडली शरण महाराज जी एवं उनके शिष्य संजीव अग्रवाल के नेतृत्व में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर 100 से अधिक अग्रवाल बंधुओं ने ढोल-नगाड़ों और बैंड-बाजों के साथ भव्य जुलूस निकाला तथा 10 नौकाओं की सहायता से यमुना माता को चुनरी अर्पित की।

कार्यक्रम संयोजक सुनील निमोदिया एवं अनीता मित्तल ने बताया कि महाराज जी के सान्निध्य में दो पंडितों द्वारा विशेष पूजा-अर्चना करवाई गई। इस दौरान चेयरमैन डॉ. आर.के. राजवंशी एवं जिला अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल ने सहपत्नीक पूजा में भाग लिया। साथ ही महिला जिलाध्यक्ष रुचि अग्रवाल सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के संरक्षक जगदीश अग्रवाल एवं जिला महामंत्री हनुमान गुप्ता ने बताया कि यह आयोजन अब तक का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक चुनरी महोत्सव रहा। इस अवसर पर कोटा के प्रसिद्ध भजन गायक ओमप्रकाश सिंघल ने अपने भजनों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया और कोटा से मथुरा तक श्रीकृष्ण-राधा के भजनों की भक्ति रसधारा प्रवाहित की।

मोहान अग्रवाल ने बताया कि इस आयोजन में सिंधु राजवंशी, निर्मला अग्रवाल, हेमलता अग्रवाल, अल्पना अग्रवाल, रेनू अग्रवाल, आशा गुप्ता, आराधना अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में महिलाओं एवं पुरुषों ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम के अंत में भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

भामाशाह मंडी में किसानों की समस्याओं पर मीटिंग के दौरान भारी हंगामा

बैठक छोड़कर निकले कोटा ग्रेन एंड सीड्स मर्चेंट्स एसोसिएशन अध्यक्ष

कोटा। संभाग की सबसे बड़ी भामाशाह कृषि उपज मंडी में अव्यवस्थाओं और किसानों के शोषण को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई। भारतीय किसान संघ की मांग पर जिला कलेक्टर के निर्देश पर एडीएम (प्रशासन) यादव की अध्यक्षता में मंडी समिति सभागार में यह महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई थी।

बैठक का मुख्य उद्देश्य भारतीय किसान संघ द्वारा उठाए गए ज्वलंत मुद्दों का समाधान करना था, लेकिन चर्चा के दौरान माहौल तब गरमा गया जब मंडी समिति अध्यक्ष अविनाश राठी किसानों की जायज मांगों पर उबल पड़े।

देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि मंडी अध्यक्ष और किसान प्रतिनिधियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। जिसके बाद अध्यक्ष राठी बैठक को बीच में ही छोड़कर चले गए। किसानों ने उनके इस व्यवहार की कड़े शब्दों में निंदा की है। भारतीय किसान संघ ने मंडी प्रशासन पर व्यापारियों के दबाव में काम करने का आरोप लगाया है।

बैठक में भारतीय किसान संघ और अन्य किसान संगठनों के पदाधिकारियों ने मंडी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। संगठन की ओर से जिला अध्यक्ष जगदीश शर्मा “कलमंडा”, प्रदेश महिला प्रमुख रमा शर्मा, जिला महामंत्री रूपनारायण यादव, प्रांत प्रचार प्रमुख आशीष मेहता, जिला उपाध्यक्ष अश्विनी जैन, महानगर अध्यक्ष ब्रजराज नागर, धन्नालाल प्रजापत, कमलेश और बाबूलाल शर्मा ने पुरजोर तरीके से पक्ष रखा।

साथ ही राष्ट्रीय किसान संघ के एडवोकेट जगदीश शर्मा और हाड़ौती किसान यूनियन के दशरथ शर्मा ने भी किसानों की पीड़ा साझा की। किसान नेताओं ने एडीएम के समक्ष साक्ष्य रखते हुए बताया कि मंडी में 700 ग्राम प्रति बोरी की तुलाई के नाम पर प्रत्येक बोरी पर 200 से 300 ग्राम अतिरिक्त अनाज तौला जा रहा है। जो सीधे तौर पर किसानों की जेब पर डाका है।

इसके अलावा, निर्धारित हम्माली और तुलाई राशि के अतिरिक्त व्यापारियों द्वारा महिला कर्मचारियों के नाम पर 2 रुपए प्रति बोरी की अवैध वसूली की जा रही है। जिसकी एंट्री गुप्त रूप से पर्ची के पीछे की जाती है।

इस दौरान चर्चा का एक प्रमुख बिंदु धर्मकांटों पर तुलाई की मांग रहा। किसान प्रतिनिधियों ने तर्क दिया कि वर्तमान में इलेक्ट्रॉनिक कांटों पर हो रही तुलाई के कारण बम्पर आवक के समय किसानों को दो से तीन दिन तक मंडी में खड़ा रहना पड़ता है। जिससे उन्हें वाहन के भारी भाड़े और अन्य खर्चों के कारण आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।

राजस्थान सरकार की नीति का हवाला देते हुए मांग की गई कि किसानों की उपज की बोली उनके वाहनों पर ही लगाकर सीधे धर्मकांटे पर तुलाई करवाई जाए ताकि समय और धन की बचत हो सके। इसी दौरान जब अवैध वसूली और धर्मकांटे के मुद्दे पर जवाब मांगा गया, तो मंडी अध्यक्ष अविनाश राठी किसानों पर ही भड़क गए और समाधान देने के बजाय बहस करने लगे।

वे मंडी में पुरानी पद्धति के अनुसार तीन टांग की घोड़ी लाने की बात करने लगे। राठी के वॉकआउट के बाद भी बैठक जारी रही। जिसमें मंडी सचिव मनोज मीणा, हमाल यूनियन और चढ़ारी यूनियन के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।

इसके बाद भारतीय किसान संघ की ओर से दिए गए ज्ञापन में सुल्तानपुर कृषि उपज मंडी की बदहाली का मुद्दा भी उठाया गया है। किसानों ने कहा कि सचिव और सहायक कर्मचारियों की कमी के कारण बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी हो रही है और व्यापारी किसानों को ‘कच्ची पर्ची’ पर बिल बनाकर दे रहे हैं। जिससे सरकार को राजस्व की भारी हानि हो रही है।

मंडी परिसर में बुनियादी सुविधाओं जैसे नालियों, शौचालय और मूत्रालय की सफाई न होने पर भी गहरा रोष व्यक्त किया गया। बैठक में टीन शेड बढ़ाने, शेड से व्यापारियों के अतिक्रमण हटाने और समय रहते जिंस उठाव के व्यापक व्यवस्थाएं करने की बात भी कही।

आगामी रबी सीजन की आवक को देखते हुए भारतीय किसान संघ ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते धर्मकांटे पर तुलाई शुरू नहीं हुई और समर्थन मूल्य केंद्रों पर छाया, पानी व रोशनी जैसी व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं की गईं, तो प्रशासन की जिम्मेदारी पर उग्र आंदोलन किया जाएगा।

7000mAh बैटरी वाला OPPO K14 5G फोन 20 हजार से कम में भारत में लॉन्च

नई दिल्ली। OPPO K14 5G Launched in India: ओप्पो ने अपनी K सीरीज में एक नया स्मार्टफोन OPPO K14 5G को  भारत में लॉन्च कर दिया है। इस फोन की सबसे बड़ी खासियत इसकी 7000mAh की दमदार बैटरी है, जो एक बार चार्ज करने पर पूरे दो दिन से ज्यादा का बैकअप दे सकती है। यह नया स्मार्टफोन मीडियाटेक डाइमेंसिटी 6300 चिप और हाई ब्राइटनेस मोड के साथ आता है।

आपको बता दें कि ओप्पो K14, ओप्पो K14x के साथ इस लाइनअप में शामिल हो गया है, जिसे पिछले महीने लॉन्च किया गया था। इसके अलावा इसमें 50MP कैमरा, अंडर वाटर फोटोग्राफी, 120Hz डिस्प्ले और 5G सपोर्ट जैसे फीचर्स भी मिलते हैं। जानें फोन की कीमत, ऑफर्स और सभी फीचर्स:

कीमत और उपलब्धता
OPPO K14 5G को तीन वैरिएंट में लॉन्च किया गया है। इस फोन के 6GB रैम + 128GB स्टोरेज वेरिएंट को 17,999 रुपए रखी गई है। वहीं इसके 6GB + 256GB वैरिएंट को 19,999 रुपए और 8GB + 256GB वेरिएंट 21,999 रुपए में आता है। यह फोन 20 मार्च से Flipkart और OPPO के ऑनलाइन स्टोर पर बिक्री के लिए उपलब्ध होगा।

फीचर्स और स्पेसिफिकेशन्स
फोन की सबसे बड़ी खासियत इसकी 7000mAh बैटरी है। यह फोन लंबे समय तक वीडियो देखने, गेमिंग और कॉलिंग के लिए शानदार बैकअप देता है। साथ ही इसमें 45W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट भी दिया गया है। OPPO K14 5G में MediaTek Dimensity 6300 प्रोसेसर दिया गया है, जो 5G कनेक्टिविटी के साथ आता है।

फोन Android 15 आधारित ColorOS 15 पर चलता है, जिससे यूजर एक्सपीरियंस स्मूद रहता है। कैमरा की बात करें तो इसमें 50MP का प्राइमरी कैमरा दिया गया है, जो AI फीचर्स के साथ आता है। इसके साथ 2MP का सेकेंडरी सेंसर मिलता है, जबकि फ्रंट में 8MP का कैमरा दिया गया है, जिससे सेल्फी और वीडियो कॉलिंग की जा सकती है।

फोन में 6.75 इंच का बड़ा डिस्प्ले दिया गया है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट करता है। इससे स्क्रॉलिंग और वीडियो देखने का एक्सपीरियंस काफी स्मूद हो जाता है। साथ ही फोन में IP66, IP68 और IP69 रेटिंग भी दी गई है, जिससे यह पानी और धूल से सुरक्षित रहता है।

यह ColorOS 15 पर चलता है और IP66, IP68 और IP69 रेटिंग के साथ-साथ SGS फाइव-स्टार सर्टिफिकेशन और मिलिट्री-ग्रेड MIL-STD-810H सर्टिफिकेशन जैसे फीचर्स हैं। इसमें मेटैलिक डेको मॉड्यूल डिज़ाइन है।

OPPO के अनुसार, K14 के AI-संचालित फीचर्स, जिनमें AI Recompose, AI Perfect Shot, AI Eraser 2.0 और AI Clarity Enhancer शामिल हैं।

    9000mAh बैटरी एवं 4K कैमरा वाले Poco स्मार्टफोन की सीरीज भारत में लॉन्च

    नई दिल्ली। Poco कम्पनी ने भारत में अपनी मोस्ट-अवेटेड नई X8 Pro 5G सीरीज लॉन्च कर दी है। इसमें एक-दो नहीं बल्कि तीन धाकड़ मॉडल्स उतारे गए हैं। इस सीरीज में Poco X8 Pro 5G, Poco X8 Pro Max 5G और मार्वल फैंस के लिए एक स्पेशल Poco X8 Pro Iron Man Edition शामिल है।

    इस बार कंपनी का पूरा फोकस सुपर-फास्ट परफॉरमेंस और ‘कभी न खत्म होने वाली’ बैटरी पर है। ये फोन्स 23 मार्च दोपहर 12 बजे से फ्लिपकार्ट पर बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे। अगर आप बैंक ऑफर्स का इस्तेमाल करते हैं, तो SBI, ICICI और HDFC कार्ड्स पर 3,000 रुपये तक की सीधी बचत भी कर सकते हैं। आइए जानते हैं पूरी खबर के बारे में विस्तार से।

    वैरिएंट वाइज कीमत
    कीमतों की बात करें तो Poco X8 Pro 5G के 8GB+256GB वैरिएंट की शुरुआत 32,999 रुपये से हो रही है। जबकि 12GB रैम वाला मॉडल 35,999 रुपये में मिलेगा। वहीं, इस सीरीज के सबसे पावरफुल फोन Poco X8 Pro Max 5G की शुरुआती कीमत 42,999 रुपये (12GB+256GB) रखी गई है। वहीं, इसके टॉप मॉडल (12GB+512GB) के लिए आपको 46,999 रुपये खर्च करने होंगे। खास बात यह है कि इसका Iron Man Edition केवल 34,999 रुपये में उपलब्ध है। यह 12GB+256GB कॉन्फिगरेशन के साथ आता है। कलर ऑप्शंस में ब्लैक, व्हाइट, ग्रीन और ब्लू जैसे कूल शेड्स दिए गए हैं जो फोन को काफी प्रीमियम लुक देते हैं।

    9,000mAh की बैटरी
    इस सीरीज की सबसे बड़ी हाईलाइट इसकी 9,000mAh की बड़ी बैटरी है जो Pro Max मॉडल में दी गई है। कंपनी का दावा है कि एक बार फुल चार्ज करने पर आप इसे 3 दिन तक चला सकते हैं। वहीं, Pro मॉडल में 6,500mAh की बैटरी है, जो खुद में काफी बड़ी है। दोनों ही फोन्स 100W की वायर्ड फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करते हैं। यानी इतनी बड़ी बैटरी होने के बावजूद फोन मिनटों में चार्ज हो जाएगा। इसके अलावा, ये फोन्स 27W की रिवर्स चार्जिंग भी सपोर्ट करते हैं जिससे आप जरूरत पड़ने पर अपने दूसरे गैजेट्स या दोस्तों के फोन भी चार्ज कर सकते हैं।

    एमोलेड स्क्रीन से लैस
    डिस्प्ले और परफॉरमेंस के मामले में भी Poco ने कोई कसर नहीं छोड़ी है। बता दें कि Pro Max मॉडल में 6.83-इंच की 1.5K AMOLED स्क्रीन दी गई है। इसमें 3,500 निट्स की जबरदस्त ब्राइटनेस मिलती है, जिससे कड़ी धूप में भी स्क्रीन एकदम साफ दिखेगी। Pro Max में लेटेस्ट 3nm मीडियाटेक Dimensity 9500s चिपसेट लगा है, जबकि Pro मॉडल 4nm Dimensity 8500 Ultra के साथ आता है। गेमिंग के शौकीनों के लिए इसमें 3D आइस लूप कूलिंग सिस्टम दिया गया है, ताकि लंबे समय तक गेम खेलने पर भी फोन गर्म न हो। साथ ही, ये फोन्स धूल और पानी से बचाव के लिए IP68 और IP69 जैसी टॉप रेटिंग्स के साथ आते हैं।

    4K पर वीडियो रिकॉर्ड कर सकते हैं
    दोनों ही मॉडल्स में पीछे की तरफ डुअल कैमरा सेटअप है, जिसमें 50-मेगापिक्सल का प्राइमरी सेंसर (OIS के साथ) और 8-मेगापिक्सल का अल्ट्रा-वाइड लेंस मिलता है। सेल्फी के लिए 20-मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है। वीडियो के दीवानों के लिए अच्छी खबर यह है कि आप इससे 4K पर शानदार वीडियो रिकॉर्ड कर सकते हैं। सॉफ्टवेयर की बात करें तो ये फोन्स Xiaomi के लेटेस्ट HyperOS 3 पर चलते हैं, जो Android 16 पर बेस्ड है। कुल मिलाकर, अगर आपको लंबी बैटरी, तगड़ा प्रोसेसर और स्टाइलिश लुक चाहिए, तो Poco की यह नई सीरीज एक बेहतरीन ऑप्शन साबित हो सकती है।

    Kota Mandi: मिलर्स की ग्राहकी से कोटा मंडी में गेहूं और धान तेज बिका

    कोटा। Kota Mandi Price Today: भामाशाह अनाज मंडी में मंगलवार को मिलर्स की ग्राहकी से गेहूं मिल क्वालिटी 40 रुपये और धान 50 रुपये तेज़ बिका। लिवाली कमजोर रहने से सोयाबीन 50 रुपये और सरसों 100 रुपये मंदी रही। मंडी में सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब 1,30,000 कट्टे और लहसुन की 4500 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे-

    गेहूं पुराने 2130 से 2371, गेहूं नया 2200 से 2525, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 1800 से 2050, मक्का लाल 1400 से 1600, मक्का सफेद 1600 से 2200, जौ नया 1900 से 2150 रुपये प्रति क्विंटल।

    धान सुगन्धा 2800 से 3201, धान (1509) 3200 से 3850, धान (1847) 3200 से 3751, धान (1718-1885) 3900 से 4150, धान (पूसा-1) 3600 से 3800, धान (1401-1846) 3800 से 4000, धान दागी 1500 से 3400 रुपये प्रति क्विंटल।

    सोयाबीन 5000 से 5350, सरसों 5800 से 6400, अलसी 6000 से 6700, तिल्ली 7000 से 8500 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 6000 से 6500, उड़द 4500 से 8150, चना देशी पुराना 4700 से 5101, चना मौसमी 4700 से 5100, चना पेप्सी 4800 से 5151, चना डंकी 3500 से 4500, चना काबुली 5500 से 7500, नया चना 4800 से 5350 रुपये प्रति क्विंटल।

    नया लहसुन 3000 से 10500, मैथी 4000 से 5200, मैथी नयी 5300 से 5500, धनिया बादामी 7500 से 9800, धनिया ईगल 10200 से 11000, धनिया नया गीला 7500 से 9500, धनिया रंगदार 10000 से 16000 रुपये प्रति क्विंटल।