Thursday, July 16, 2026
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दीगोद के 36 गांव हुए ऑनलाइन, किसानों को मिलेगा अब डिजिटल योजनाओं का लाभ

कोटा/ दीगोद। 36 villages online: राजस्थान के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर के प्रयासों से दीगोद तहसील के किसानों को बड़ी सौगात मिली है। क्षेत्र के 36 ‘ऑफलाइन’ गांवों को अब तकनीकी रूप से ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज कर दिया गया है।

इन गांवों के अब तक डिजिटल रिकॉर्ड में शामिल न होने के कारण हजारों किसान आधिकारिक ‘फार्मर आईडी’ से वंचित थे। जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाई होती थी।

अब डेटा डिजिटल होने से नयागाँव अहीरान, फतेहपुर, सुल्तानपुर और दीगोद सहित इन 36 गांवों के किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, खाद-बीज सब्सिडी और न्यूनतम समर्थन मूल्य जैसी सुविधाओं का लाभ घर बैठे उठा सकेंगे। इस प्रक्रिया को पूर्णता देने के लिए अब गांव-गांव में विशेष ‘फार्मर रजिस्ट्रेशन’ शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। जहाँ किसानों की ‘फार्मर रजिस्ट्री’ तैयार की जा रही है।

ऊर्जा मंत्री कार्यालय ने सभी प्रभावित किसान भाइयों से अपील की है कि वे तुरंत अपने क्षेत्र के पटवारी से संपर्क कर शिविरों में अपनी रजिस्ट्री अनिवार्य रूप से बनवा लें।

उल्लेखनीय है कि भविष्य में किसी भी सरकारी सहायता के लिए यह पंजीकरण अनिवार्य होगा। ऊर्जा मंत्री ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि उनका लक्ष्य अंतिम छोर पर खड़े किसान को तकनीक से जोड़कर विकास की मुख्यधारा में लाना है।

हाड़ौती को बड़ी सौगात, भामाशाह अनाज मंडी के विस्तार का रास्ता हुआ साफ

96 हैक्टेयर में विस्तार को मंजूरी से क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था को मिलेगा फायदा

नई दिल्ली/कोटा। देश की सबसे बड़ी कृषि उपज मंडिय़ों में शामिल भामाशाह कृषि उपज मंडी के विस्तार को मंजूरी मिल गई है। वर्षों से लंबित मंडी के विस्तार को राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (NBWL) की 89वीं स्थायी समिति की बैठक में महत्वपूर्ण मंजूरी मिलने के बाद पूरे क्षेत्र में हर्ष की लहर है।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के निरन्तर प्रयासों से मिली सफलता से हाड़ौती क्षेत्र के किसानों, व्यापारियों और कृषि अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। भामाशाह मंडी के विस्तार से भंडारण, विपणन और परिवहन सुविधाएं बेहतर होंगी। इससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और व्यापारियों को आधुनिक ढांचा उपलब्ध होगा।

भामाशाह मंडी में हाड़ौती के साथ मध्यप्रदेश से जुड़े क्षेत्रों से भी किसान उपज बेचने के लिए आते है। सीजन के दौरान मंडी में प्रवेश के लिए वाहनों की लम्बी कतारें लगने से किसानों को इंतजार के साथ परेशानी झेलनी पड़ती है।

इसके साथ ही आवक के मुकाबले मंडी में पर्याप्त शेड नहीं होने से बारिश के समय किसानों की उपज खराब होने का खतरा रहता है। विस्तार के साथ ही मंडी में कारोबार में कई गुना की वृद्धि होगी, राष्ट्रीय राजमार्ग 27 से भी मंडी सीधी जुड़ जाएगी इससे जाम की समस्या से भी निजात मिलेगी औऱ किसानों को उपज बेचने के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

मंडी से जुड़े वन भूमि के कारण विस्तार का मामला वर्षो से लम्बित था। विस्तार की स्वीकृति मिली तो फिर वन क्षेत्र से गुजर रहे राजमार्ग के किनारे एक कि.मी. तक पौधारोपण से जुड़े नियमों के कारण विस्तार फिर से अटक गया।

दिल्ली में स्पीकर बिरला और केन्द्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव के बीच हुई बैठकों के बाद नियम में शिथिलता के लिए सेंट्रल एंपावर्ड कमेटी (सीईसी) में आवेदन किया गया था। इसके बाद समिति द्वारा वर्ष 2007 में कोटा बाईपास निर्माण के दौरान निर्धारित ग्रीन बेल्ट से जुड़ी शर्तों में संशोधन कर स्वीकृति दे दी गई है, जिससे लगभग 96 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए लैंड डायवर्जन का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

लड्डू बांटकर और आतिशबाजी कर जश्न मनाया
वाइल्ड लाइफ के निर्णय की सूचना मिलने के बाद कोटा सीड्स एंड ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने लड्डू बांटकर और आतिशबाजी कर जश्न मनाया। एसोसिएशन के अध्यक्ष अविनाश राठी ने कहा कि जो स्वपन देखा था वो साकार हुआ है।

अब मंडी का होगा विस्तार ओम बिरला का आभार
उन्होंने कहा कि 2015 से इसके प्रयास शुरू किए थे आज लम्बे संघर्ष की जीत हुई है, यह निर्णय पूरे हाड़ौती के अन्नदाता के साथ कृषि से जुड़े हर व्यक्ति को प्रभावित करेगा। वर्तमान में 8 हजार करोड़ का सालाना कारोबार है। भामाशाह मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग और एक्सप्रेस वे से जुड़ गई है, जल्द ही मंडी तक रेल कनेक्टिविटी होगी और हवाई सेवा शुरू होने से कारोबार 50 हजार करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है, साथ ही भामाशाह मंडी विश्व का सबसे बड़ा कृषि विपणन केन्द्र बनेगा। उन्होंने इसके लिए स्पीकर बिरला का आभार जताया है।

रामगढ़ विषधारी रिजर्व में सड़क कार्यों को स्वीकृति
बैठक में रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व क्षेत्र से जुड़े दो प्रमुख सड़क कार्यों को भी पर्यावरणीय शर्तों के साथ मंजूरी दी गई। मंडावरा-झाटौली सड़क उन्नयन (5.6 किमी), जिसके तहत मौजूदा कच्चे मार्ग को 3.75 मीटर चौड़ी पक्की सड़क में विकसित किया जाएगा। इसके लिए 1.3 हेक्टेयर वन भूमि और 3.135 हेक्टेयर गैर-वन भूमि का उपयोग होगा। परियोजना लागत का 2% वन्यजीव संरक्षण, आवास सुधार और पुनर्वास पर खर्च किया जाएगा, साथ ही वन्यजीवों के लिए ‘एनिमल पास’ बनाए जाएंगे तथा हर 300–500 मीटर पर स्पीड ब्रेकर और संकेतक लगाए जाएंगे।

इसके अलावा, SH-138 (रामेश्वर चौराहा–NH-148D) सड़क सुदृढ़ीकरण व चौड़ाईकरण के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गयी है। करीब 35.30 किमी लंबी इस सड़क परियोजना का एक हिस्सा टाइगर रिजर्व के बफर जोन में आता है। इसे स्थानीय जरूरत मानते हुए सशर्त मंजूरी दी गई है। निर्णय के तहत 13.92 हेक्टेयर भूमि बफर जोन में उपयोग होगी, 50 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधारोपण, 5 सोलर जल स्रोत और 40 हेक्टेयर में आक्रामक प्रजातियों का उन्मूलन किए जाने की शर्त के साथ मंजूरी दी गयी है।

हाड़ौती के लाखों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा

भामाशाह मंडी का विस्तार हाड़ौती क्षेत्र के किसानों के भविष्य को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मंडी के विस्तार से किसानों को सुविधा के साथ व्यापार सुगम होगा साथ ही क्षेत्र की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी। आने वाले वर्षों में कोटा की भामाशाह मंडी देश की सबसे आधुनिक कृषि मंडियों में शामिल होगी और हाड़ौती के लाखों किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
ओम बिरला, अध्यक्ष लोकसभा

Kota Mandi: लिवाली निकलने से कोटा मंडी में धान, सोयाबीन, सरसों, धनिया में उछाल

कोटा। Kota Mandi Price Today: भामाशाह अनाज मंडी में बुधवार को घटे भाव पर लिवाली निकलने से धान 50 रुपये, सोयाबीन, सरसों 100 रुपये और धनिया का भाव 200 रुपये उछल गया। आवक बढ़ने से लहसुन 500 रुपये प्रति क्विंटल टूट गया। सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब सवा लाख कट्टे और लहसुन की 5000 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे-

गेहूं पुराने 2130 से 2371, गेहूं नया 2200 से 2525, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 1800 से 2050, मक्का लाल 1400 से 1650, मक्का सफेद 1600 से 2200, जौ नया 1900 से 2150 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा2800 से 3251 धान (1509) 3200 से 3900 धान (1847) 3200 से 3801 धान (1718-1885) 3900 से 4275 धान (पूसा-1) 3600से 3900 धान (1401-1846)-3800से 4050 धान दागी 1500 से 3400 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 5000 से 5450, सरसों 5800 से 6550, अलसी 6000 से 6700, तिल्ली 7000 से 8500 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 6000 से 6500, उड़द 4500 से 8150, चना देशी पुराना 4700 से 5001, चना मौसमी 4700 से 5100, चना पेप्सी 4800 से 5151, चना डंकी 3500 से 4500, चना काबुली 5500 से 7500, नया चना 4800 से 5200 रुपये प्रति क्विंटल।

नया लहसुन 1500 से 9500, मैथी 4000 से 5200, मैथी नयी 5300 से 5500, धनिया बादामी पुराना 7500 से 9800, धनिया ईगल 10200 से 11000, धनिया नया गीला 7500 से 1000, धनिया रंगदार 10000 से 16000 रुपये प्रति क्विंटल।

BHAVYA योजना को मोदी कैबिनेट ने दी मंजूरी, देशभर में बनेंगे 100 इंडस्ट्रियल पार्क

उद्योगपतियों को जमीन आवंटन से पहले ही वहां सड़क, बिजली, पानी आदि जैसी मूलभूत सुविधाओं को तैयार रखा जाएगा

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में बुधवार को भारत औद्योगिक विकास योजना (BHAVYA- भव्य) योजना को मंजूरी दे दी गई। इस योजना के तहत 33,660 करोड़ रुपये की मदद से 100 निवेश-तैयार प्लग एंड प्ले इंडस्ट्रियल पार्क बनाए जाएंगे।

भारत औद्योगिक विकास योजना की घोषणा बजट में भी की गई थी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, ”इन्वेस्टमेंट रेडी, प्लग एंड प्ले इंडस्ट्रियल पार्क की स्कीम बनी है, जिसके तहत 100 शहरों जहां पर इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम बन सकता है, वहां पर ये पार्क बनाए जाएंगे। भारत सरकार की तरफ से एक करोड़ प्रति एक एकड़ का सपोर्ट दिया जाएगा।”

उन्होंने आगे बताया कि कम से कम 100 एकड़ की जरूरत होगी। पूर्वोत्तर और पर्वतीय इलाकों में इसे 25 एकड़ रखा गया है। यह कार्यक्रम छह सालों का है। इसमें राज्य सरकारों और सरकारी पीएसयू के साथ मिलकर इसे डेवलप किया जाएगा। नोडल एजेंसी एनआईटीडीसी होगी, जोकि एसपीवी बनाएगी और ये आगे डेवलप करेंगी।

इन 100 जगहों पर पहले से ही इंडस्ट्रीज के लिए जरूरी सुविधाएं मौजूद करवाई जाएंगी। इनके तहत 100 बड़े औद्योगिक शहरों को डेवलप किया जाएगा। जब उद्योगपतियों को जमीन आवंटित की जाएगी, उससे पहले ही वहां पर सड़क, बिजली, पानी आदि जैसी मूलभूत सुविधाओं को तैयार रखा जाएगा।

इससे उद्योग को शुरुआत से ही चलाने में मदद मिलेगी और कंपनियां अपना प्रोडक्शन शुरू कर सकेंगी। सरकार की प्रेस रिलीज के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य विश्व-स्तरीय औद्योगिक बुनियादी ढांचा विकसित करना, विनिर्माण क्षमता को उजागर करना और भारत की विकास गाथा को आगे बढ़ाना है।

अब HRA का फायदा लेने वाले को लैंडलॉर्ड के साथ रिश्ते की जानकारी देना अनिवार्य

1 अप्रैल 2026 से लागू होगा सैलरीड लोगों के लिए यह नए नियम

नई दिल्ली। HRA New Rule: अगले महीने 1 अप्रैल से लागू होने जा रहे नए आयकर नियमों में हाउस रेंट अलाउंस (HRA) को लेकर एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

अब HRA का फायदा लेने वाले सैलरीड लोगों को अपने मकान मालिक (लैंडलॉर्ड) के साथ रिश्ते की जानकारी देना अनिवार्य होगा। यानी अगर आप किराया देकर टैक्स छूट लेते हैं, तो आपको यह भी बताना होगा कि मकान मालिक आपका रिश्तेदार है या नहीं।

ड्राफ्ट इनकम टैक्स रूल्स
ड्राफ्ट इनकम टैक्स रूल्स 2026 के मुताबिक, यह जानकारी Form 12BB में देनी होगी। खास बात यह है कि अगर आप अपने माता-पिता, भाई-बहन, पति या पत्नी या किसी अन्य रिश्तेदार को किराया दे रहे हैं, तो इस रिश्ते का खुलासा करना जरूरी होगा। सरकार का मकसद साफ है—HRA क्लेम में पारदर्शिता बढ़ाना और फर्जी दावों पर रोक लगाना।

क्या है नियम
नियम के अनुसार, अगर आप साल में ₹1 लाख से ज्यादा किराया देते हैं, तो मकान मालिक का PAN देना भी जरूरी होगा। इससे टैक्स विभाग यह जांच कर सकेगा कि जिस व्यक्ति को आप किराया दे रहे हैं, वह अपनी आय में उसे दिखा भी रहा है या नहीं। अगर PAN उपलब्ध नहीं है, तो मकान मालिक का नाम, पता और एक डिक्लेरेशन देना होगा कि उनके पास PAN नहीं है।

क्या कहते हैं जानकार
एनालिस्ट का कहना है कि पहले कई मामलों में लोग नकली रेंट रसीदें दिखाकर या गलत जानकारी देकर HRA का फायदा ले लेते थे। लेकिन अब नए सिस्टम के जरिए टैक्स विभाग किरायेदार और मकान मालिक दोनों के डेटा को मिलान करके आसानी से गड़बड़ी पकड़ सकेगा। एनुअल इंफॉर्मेशन सिस्टम (AIS) और अन्य डिजिटल टूल्स से निगरानी और सख्त हो जाएगी।

अगर कोई व्यक्ति सही जानकारी नहीं देता या गलत दावा करता है, तो उसका HRA क्लेम खारिज किया जा सकता है। इससे उसकी टैक्सेबल इनकम बढ़ जाएगी और उसे ज्यादा टैक्स देना पड़ सकता है। इतना ही नहीं, गलत जानकारी देने पर इनकम टैक्स एक्ट की धारा 270A के तहत 50% से लेकर 200% तक का भारी जुर्माना भी लग सकता है।

इसलिए टैक्सपेयर्स को सलाह दी जा रही है कि वे अपने सभी जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखें—जैसे रेंट एग्रीमेंट, रेंट रसीद, बैंक ट्रांजैक्शन का प्रूफ, Form 12BB और मकान मालिक का PAN। अगर आप परिवार के किसी सदस्य को किराया दे रहे हैं, तो यह सुनिश्चित करें कि वह व्यक्ति अपनी इनकम टैक्स रिटर्न में उस किराये को दिखाए। तभी आप बिना किसी परेशानी के HRA का लाभ उठा पाएंगे।

स्ट्रोक मरीजों को जयपुर, दिल्ली या मुंबई जाने की जरूरत नहीं, कोटा में ही मिलेगा इलाज

ईथॉस हॉस्पिटल में मैकेनिकल थ्रोम्बेक्टोमी तकनीक से होगा इलाज

कोटा। हाड़ौती अंचल में उन्नत चिकित्सा सुविधाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज करते हुए विवेकानंद नगर स्थित ईथॉस हॉस्पिटल में अत्याधुनिक मैकेनिकल थ्रोम्बेक्टॉमी तकनीक के माध्यम से लकवा (स्ट्रोक) के मरीजों को अप्रत्याशित और जीवनदायी परिणाम मिल रहे हैं।

यह जानकारी बुधवार को पत्रकार वार्ता में ईथॉस हॉस्पिटल के एचओडी न्यूरोसाइंसेज डीएम (न्यूरोलॉजी) डॉ. अमित देव ने दी। उन्होंने बताया कि पूरे हाड़ौती में यह सुविधा केवल ईथॉस हॉस्पिटल में ही उपलब्ध है, जिससे क्षेत्र के हजारों मरीजों को अब जयपुर या दिल्ली जाने की जरूरत नहीं है। यह तकनीक क्षेत्र में न्यूरो-इंटरवेंशन के क्षेत्र में नई उम्मीद बनकर उभरी है।

उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया में कैथेटर के माध्यम से जांघ की धमनी से होते हुए मस्तिष्क तक पहुंचा जाता है और विशेष स्टेंट रिट्रीवर की मदद से थक्के को बाहर निकाल दिया जाता है। पूरी प्रक्रिया बिना बड़े ऑपरेशन के, कम समय में पूरी हो जाती है।

इस तकनीक का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह स्ट्रोक के बाद “गोल्डन आवर” की समयसीमा को बढ़ाने में सहायक है। जहां पहले 4.5 घंटे तक ही प्रभावी इलाज संभव माना जाता था। वहीं अब चयनित मामलों में 6 से 24 घंटे तक भी मरीजों को लाभ पहुंचाया जा सकता है। इससे दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के लिए भी उपचार की संभावना बढ़ जाती है। मरीज जितना जल्दी डाक्टर से सम्पर्क करेगा उतना अधिक लाभ उन्हे मिलेगा।

अंचल के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि
ईथॉस हॉस्पिटल के निदेशक प्रदीप दाधीच ने बताया कि अब तक हाड़ौती के स्ट्रोक मरीजों को इस उपचार के लिए जयपुर, दिल्ली या मुंबई रेफर करना पड़ता था, जिसमें कीमती समय नष्ट होने से मरीज की जान को खतरा बढ़ जाता था। निदेशक जितेन्द्र गोयल ने बताया ईथॉस हॉस्पिटल में यह सुविधा शुरू होने से कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़ सहित मध्यप्रदेश के सीमावर्ती जिलों के मरीजों को भी समय पर उपचार मिल सकेगा।

ऑपरेशन टेबल पर ही लौटी जिंदगी
वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट डा. आशीष पेमावत ने बताया कि बंसीलाल मालव को दाहिने हिस्से में कमजोरी और अचेत अवस्था में अस्पताल लाया गया। जांच में लेफ्ट एमसीए टेरिटरी ब्रेन स्ट्रोक की पुष्टि हुई। गंभीर स्थिति को देखते हुए मरीज को तुरंत आईसीयू में भर्ती किया गया।

सेरेब्रल एंजियोग्राफी के माध्यम से अवरुद्ध धमनी (Left MCA M1) की सटीक पहचान कर अत्याधुनिक मैकेनिकल थ्रोम्बेक्टॉमी (ADAPT तकनीक) से उपचार किया गया। पहले ही प्रयास में पूर्ण रीकैनालाइजेशन (mTICI 3) प्राप्त होने से मस्तिष्क में रक्त प्रवाह तुरंत सामान्य हो गया। उपचार के दौरान ऑपरेशन टेबल पर ही सुधार के संकेत मिलने लगे। विशेषज्ञ निगरानी में महज चार दिनों में मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो गया और 24 फरवरी को डिस्चार्ज कर दिया गया।

अत्याधुनिक प्रक्रिया से मरीजों को यह मिलेगे लाभ
सीईओ हर्ष दाधीच एवं स्ट्रैटेजिक पार्टनर रुपेश माथुर ने बताया कि स्ट्रोक के इलाज में आधुनिक मैकेनिकल थ्रोम्बेक्टॉमी तकनीक ने पारंपरिक उपचार की तुलना में क्रांतिकारी बदलाव लाया है। जहां पारंपरिक उपचार केवल दवाइयों पर निर्भर रहता है, वहीं इस नई तकनीक में मस्तिष्क की नसों में बने थक्के को सीधे निकाल दिया जाता है।

पारंपरिक पद्धति में सफलता दर सीमित होती है और बड़े क्लॉट के मामलों में यह अक्सर अप्रभावी साबित होती है। इसके विपरीत, मैकेनिकल थ्रोम्बेक्टॉमी 80-90 प्रतिशत मामलों में रक्त प्रवाह बहाल करने में सक्षम है और बड़े से बड़े थक्के में भी प्रभावी मानी जाती है।

गोल्डन टाईम की बात करें तो पारंपरिक इलाज में यह केवल 4.5 घंटे तक सीमित रहती है, जबकि इस आधुनिक तकनीक के माध्यम से चयनित मामलों में 24 घंटे तक उपचार संभव हो पाता है।

सुपरिन्टेंडेंट एथोस हॉस्पिटल डॉ. राजेश गोयल ने अपील की है कि स्ट्रोक के लक्षण जैसे अचानक शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी, बोलने में दिक्कत, चेहरे का टेढ़ा होना या दृष्टि में बदलाव दिखते ही तुरंत चिकित्सा सहायता लें। समय पर पहचान और उपचार ही जीवन बचाने की कुंजी है।

Stock Market: सेंसेक्स 633 अंक उछल कर 76700 के पार, निफ्टी 23777 पर बंद

नई दिल्ली। Stock Market Closed, March 18, 2026 : एशियाई बाजारों से पॉजिटिव माहौल के बीच भारतीय शेयर बाजार बुधवार (18 मार्च) को लगातार तीसरे ट्रेडिंग सेशन में बढ़त में बंद हुए। इन्फोसिस के नेतृत्व में आईटी स्टॉक्स में तेजी से बाजार बढ़त में बंद हुए।

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) मजबूती के साथ 76,367 पर खुला। कारोबार के दौरान यह 77,000 अंक तक चढ़ गया था। लेकिन अंत में 633.29 अंक या 0.83 प्रतिशत चढ़कर 76,704.13 पर बंद हुआ।

इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 (Nifty-50) बढ़त लेकर 23,632.90 पर खुला। कारोबार के दौरान यह 23,862 अंक के इंट्रा-डे हाई और 23,618 अंक के इंट्रा-डे लो तक गया। अंत में 196.65 अंक या 0.83 फीसदी चढ़कर 23,777.80 पर बंद हुआ।

इंडेक्स हैवीवेट भारती एयरटेल, एलएंडटी और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में बढ़त ने भी बाजार को सपोर्ट किया। ब्रेंट क्रूड तेल की कीमतों में मामूली गिरावट का भी सकारात्मक असर दिखा। हालांकि, डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट से बाजार के सेंटीमेंट्स पर नेगेटिव असर पड़ा।

एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा, ”भारतीय शेयर बाजार लगातार तीसरे दिन बढ़त के साथ बंद हुए। पूरे दिन बाजार में धीरे-धीरे खरीदारी बढ़ती रही, जिससे यह तेजी बनी रही। कच्चे तेल की कीमतों में थोड़ी गिरावट से बाजार को सहारा मिला, हालांकि दुनिया में चल रहे तनाव का असर अभी भी बना हुआ है।

वैश्विक संकेत भी अच्छे रहे। अमेरिका के बाजारों में रातभर हुई बढ़त का असर दिखा। इसके बाद एशियाई बाजारों में मजबूती रही और यूरोप से भी सकारात्मक संकेत मिले। इससे यह साफ है कि दुनियाभर के निवेशकों में धीरे-धीरे भरोसा बढ़ रहा है।”

उन्होंने कहा, ”डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर बना हुआ है और USD/INR करीब 92.3–92.5 के बीच बना हुआ है। इसका मतलब है कि रुपये पर दबाव बना हुआ है। इससे आयात महंगा हो सकता है और महंगाई बढ़ने की चिंता बनी रह सकती है।”

टॉप गेनर्स एंड लूजर्स
सेंसेक्स की कंपनियों में इटरनल, टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एचसीएल टेक, अदाणी पोर्ट्स, टीसीएस, एक्सिस बैंक और एलएंडटी प्रमुख रूप से लाभ में रहे। दूसरी तरफ, एनटीपीसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, सनफार्मा, एचडीएफसी बैंक, आईटीसी और टाटा स्टील गिरावट में रहे।

ब्रोडर मार्केटस ने बेंचमार्क इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स क्रमशः 1.94 प्रतिशत और 1.70 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए। सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी आईटी इंडेक्स टॉप गेनर रहा। निफ्टी मीडिया और निफ्टी रियल्टी ने भी बेहतर प्रदर्शन किया। जबकि मेटल और एफएमसीजी में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।

BMW M2 CS कार स्टेज ट्रैक्शन कंट्रोल जैसे हाईटेक फीचर के साथ भारत में लॉन्च

302 km/h की रफ्तार, ; भारत में धमाल मचाने आई ये नई BMW कार

नई दिल्ली। BMW कंपनी ने M2 CS को ₹1.66 करोड़ (एक्स-शोरूम) की कीमत पर भारत में लॉन्च कर दिया है। यह पहली बार है, जब M2 का CS वर्जन भारत में आया है और इसे सीमित संख्या में CBU (Completely Built-Up Unit) के तौर पर बेचा जाएगा।

यह कार खास तौर पर उन लोगों के लिए है जो स्पीड और ड्राइविंग का असली मजा लेना चाहते हैं। इस कार ने एक ट्रैक पर सिर्फ 7 मिनट 25.5 सेकेंड में लैप पूरा कर रिकॉर्ड बनाया है। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।

इस कार का डिजाइन बेहद अग्रेसिव और रेसिंग से इंस्पायर है। इसमें कार्बन फाइबर का खूब इस्तेमाल किया गया है, जैसे कार्बन रूफ, बूट लिड और डिफ्यूजर, जिससे वजन कम होता है और परफॉर्मेंस बेहतर होती है।

इसके अलावा, डकटेल स्पॉइलर और बड़े एयर इंटेक्स इसे और ज्यादा स्पोर्टी बनाते हैं। 19-इंच फ्रंट और 20-इंच रियर गोल्ड ब्रॉन्ज अलॉय व्हील्स इसके लुक को और खास बनाते हैं।

इंटीरियर
इसके इंटीरियर की बात करें तो BMW M2 CS का केबिन पूरी तरह मोटरस्पोर्ट फील देता है। इसमें कार्बन बकेट सीट्स, अल्कांतारा स्टीयरिंग, मेरिनो लेदर और हाई-टेक फीचर्स जैसे BMW OS 8.5, हेड-अप डिस्प्ले और हर्मन कॉर्डों (Harman Kardon) साउंड सिस्टम मिलता है। साथ ही इसमें ट्रैक मोड, M ड्रिफ्ट एनालाइजर (Drift Analyzer) और 10-स्टेज ट्रैक्शन कंट्रोल जैसे एडवांस फीचर्स भी दिए गए हैं।

3.0-लीटर का इनलाइन-6 टर्बो इंजन
अब इसके असली ताकत की बात करते हैं। इस कार में 3.0-लीटर का इनलाइन-6 टर्बो इंजन मिलता है, जो 530hp की पावर और 650 Nm का टॉर्क जेनरेट करने में सक्षम है। यही वजह है कि यह कार सिर्फ 3.8 सेकेंड में 0-100 किमी./घंटा की रफ्तार पकड़ लेती है और इसकी टॉप स्पीड 302 किमी./घंटा है। यह स्टैंडर्ड M2 से करीब 30 किलो हल्की भी है, जिससे इसकी परफॉर्मेंस और बेहतर हो जाती है।

7 मिनट 25.5 सेकंड में पूरा किया लैप
खास बात यह है कि BMW M2 CS ने जर्मनी के मशहूर Nürburgring ट्रैक पर सिर्फ 7 मिनट 25.5 सेकेंड में लैप पूरा कर रिकॉर्ड बनाया है। यह कार सिर्फ एक वाहन नहीं, बल्कि एक “ड्राइविंग मशीन” है। अगर आप स्पीड, टेक्नोलॉजी और एक्सक्लूसिविटी चाहते हैं, तो यह BMW आपके लिए एक ड्रीम कार साबित हो सकती है।

Gold Silver Price: सोने-चांदी के भाव में भारी गिरावट, जानिए आज की कीमतें

नई दिल्ली। Gold Silver Price Today : सोने और चांदी के भाव में आज बुधवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, आज 24 कैरेट के सोने का भाव 155,525 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर मिल रहा है।

इससे पहले बीते मंगलवार को यह 155,668 रुपये प्रति 10 ग्राम पर मिल रहा था। यानी आज यह 143 रुपये सस्ता हुआ है। 22 कैरेट के गोल्ड के भाव की बात करें तो आज यह 154,902 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है और इसमें 143 रुपये की गिरावट देखी गई है। बता दें कि मंगलवार को इसकी कीमत 155,045 रुपये थी।

वहीं, 18 कैरेट वाला गोल्ड आज बुधवार को 142,461 रुपये प्रति 10 गाम के भाव पर बिक रहा है। इसका पिछला बंद प्राइस 142,592 रुपये प्रति 10 ग्राम था। यानी आज यह 131 रुपये सस्ता हुआ है। वहीं, bullions.co.in के मुताबिक, आज 24 कैरेट के सोने के दाम में 110 रुपये की गिरावट देखी गई है और यह 156,690 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा है।

आईबीजेए के मुताबिक, अगर चांदी की कीमत की बात करें तो आज एक किलो चांदी की कीमत 2,50,163 रुपये है। इससे पहले बीते मंगलवार को यह 2,52,340 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रही थी। यानी आज चांदी के दाम में 2,177 रुपये प्रति किलो की गिरावट देखी गई है। वहीं, बुलियंस.को पर चांदी 254,760 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रही है। इसमें 830 रुपये की तेजी आई है। बता दें कि आईबीजेए दिन में दो बार सोने- चांदी के रेट जारी करता है।

MCX पर आज गोल्ड-सिल्वर
बुधवार, 18 मार्च को शुरुआती कारोबार में MCX पर सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिली थी। यह गिरावट अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक से पहले आई है, हालांकि भू-राजनीतिक तनाव और महंगाई बढ़ने की आशंकाओं ने सोने में बड़ी गिरावट को सीमित रखा। सुबह करीब 9:15 बजे, MCX पर अप्रैल वायदा सोना 0.21% गिरकर ₹1,55,662 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। वहीं, मई वायदा चांदी 0.76% की गिरावट के साथ ₹2,51,200 प्रति किलोग्राम पर रही। हाल के दिनों में US और Iran के बीच युद्ध और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण सोना-चांदी की कीमतों में भारी अस्थिरता देखी जा रही है।

सेंसेक्स 838 अंक उछलकर 76900 के पार, निवेशकों को ₹5.5 लाख करोड़ का मुनाफा

नई दिल्ली। Stock Market Update: शेयर बाजार में बुधवार को लगातार तीसरे दिन तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों मजबूत बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं। दोपहर करीब 1:37 बजे बीएसई सेंसेक्स 838 अंक यानी 1.10 फीसदी बढ़कर 76,909 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं एनएसई निफ्टी 253 अंक यानी 1.08 फीसदी चढ़कर 23,834 पर ट्रेड कर रहा था।

सेक्टर की बात करें तो मेटल को छोड़कर लगभग सभी सेक्टर हरे निशान में रहे। आईटी, ऑटो और बैंकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी दिखी। निफ्टी में टेक महिंद्रा करीब 4 फीसदी से ज्यादा चढ़ा, जबकि इंफोसिस, एचसीएल टेक, टीसीएस और विप्रो में 3 से 4 फीसदी तक की तेजी देखने को मिली। जियो फाइनेंशियल भी बढ़त में रहा।

मिडकैप और स्मॉलकैप में भी मजबूत तेजी
बड़े शेयरों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 दोनों करीब 1.7 फीसदी तक बढ़े। वहीं इंडिया Vix करीब 4 फीसदी गिरकर 19 के आसपास आ गया, जिससे संकेत मिलता है कि बाजार में डर कम हुआ है और निवेशकों का भरोसा बढ़ रहा है।

निवेशकों को ₹5.5 लाख करोड़ का फायदा
आज की तेजी से निवेशकों की संपत्ति में बड़ा इजाफा हुआ है। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब ₹5.5 लाख करोड़ बढ़कर 438.49 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले दिन 432.84 लाख करोड़ रुपये था।

तेजी की बड़ी वजहें

  1. आईटी शेयरों में दमदार वापसी
    आईटी सेक्टर में जोरदार उछाल देखने को मिला। निफ्टी आईटी इंडेक्स छह दिन की गिरावट के बाद 4 फीसदी से ज्यादा चढ़ा। कम कीमत पर खरीदारी से इस सेक्टर को सपोर्ट मिला।
  2. कच्चे तेल की कीमतों में राहत
    ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 101.9 डॉलर प्रति बैरल पर बनी हुई है। 120 डॉलर के पार नहीं जाने से बाजार को राहत मिली है।
  3. ग्लोबल बाजारों से सपोर्ट
    एशियाई बाजारों में तेजी का असर भारतीय बाजार पर भी दिखा। कोस्पी करीब 4 फीसदी और निक्केई 2 फीसदी से ज्यादा चढ़ा। अमेरिकी बाजार भी बढ़त के साथ बंद हुए।