Wednesday, July 15, 2026
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कोटा मंडी में नए चने की आवक शुरू, पहले दिन ही 200 रुपये ऊंचा बिका

कोटा। Kota Mandi Price Today: भामाशाह अनाज मंडी में शुक्रवार को नए चने की आवक शुरू हुई, जो 200 रुपये ऊंचा बिका। मिलर्स की लिवाली से गेहूं 30 रुपये, सोयाबीन 50 रुपये और सरसों 150 रुपये उछल गई। मंडी में सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब सवा लाख कट्टे और लहसुन की 5000 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे-

गेहूं पुराने 2130 से 2401, गेहूं नया 2250 से 2550, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 1800 से 2050, मक्का लाल 1400 से 1650, मक्का सफेद 1600 से 2200, जौ नया 1900 से 2150 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा 2800 से 3351, धान (1509) 3200 से 3900, धान (1847) 3200 से 3801, धान (1718-1885) 3900 से 4300, धान (पूसा-1) 3600 से 4050, धान (1401-1846) 3800 से 4250, धान दागी 1500 से 3400 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 5000 से 5575, सरसों 5800 से 7050, अलसी 6000 से 6700, तिल्ली 7000 से 8500 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 6000 से 6500,उड़द 4500 से 8150, चना देशी पुराना 4700 से 5101, चना मौसमी 4700 से 5100, चना पेप्सी 4800 से 5151, चना डंकी 3500 से 4500,चना काबुली 5500 से 7500, नया चना 5000 से 5300 रुपये प्रति क्विंटल।

नया लहसुन 1500 से 10500, मैथी 4000 से 5200, मैथी नयी 5300 से 5600, धनिया बादामी पुराना 7500 से 9800, धनिया ईगल 10200 से 11000, धनिया नया गीला 7500 से 1000, धनिया रंगदार 10000 से 16000 रुपये प्रति क्विंटल।

Forex Reserve: भारत का विदेशी मुद्रा भंडार गिरकर 709 अरब डॉलर पर पहुंचा

नई दिल्ली। Forex Reserve: भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को बताया कि 13 मार्च को समाप्त हुए सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार घट गया है। यह 7.052 अरब डॉलर की गिरावट के साथ 709.759 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। यह लगातार दूसरा सप्ताह है जब विदेशी मुद्रा भंडार में कमी दर्ज की गई है।

पिछले रिपोर्टिंग सप्ताह में कुल भंडार 11.683 अरब डॉलर घटकर 716.81 अरब डॉलर हो गया था। हालांकि, 27 फरवरी को समाप्त हुए सप्ताह में यह 4.885 अरब डॉलर बढ़कर 728.494 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था। केंद्रीय बैंक द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 13 मार्च को समाप्त सप्ताह के लिए विदेशी मुद्रा संपत्ति में कमी आई है। यह भंडार का एक प्रमुख घटक है। विदेशी मुद्रा संपत्ति 7.678 अरब डॉलर घटकर 555.568 अरब डॉलर रह गई।

डॉलर के संदर्भ में व्यक्त की गई विदेशी मुद्रा संपत्ति में गैर-अमेरिकी इकाइयों के मूल्य में उतार-चढ़ाव शामिल होता है। इसमें यूरो, पाउंड और येन जैसी मुद्राएं शामिल हैं।

आरबीआई ने बताया कि इस सप्ताह के दौरान स्वर्ण भंडार का मूल्य बढ़ गया है। यह 664 करोड़ डॉलर बढ़कर 130.681 अरब डॉलर हो गया है। यह वृद्धि भंडार को कुछ हद तक सहारा देती है। विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) में 23 करोड़ डॉलर की कमी आई है। यह घटकर 18.697 अरब डॉलर पर आ गया है।

बेमौसम बारिश से फसल खराब, सरसों की कीमतों में जोरदार तेजी

नई दिल्ली। सरसों कीमतों में बीते सप्ताह जोरदार तेजी देखी गई। प्रमुख मंडियों में सरसों के भाव 200 से 575 रुपये क्विंटल तक उछल गया।

कारोबारी सूत्रों के अनुसार जयपुर 42% कंडीशन 7,250 रुपये और आगरा सलोनी में 7,900 रुपये के उच्च स्तर पर पहुंची। इसके अलावा सरसों तेल में भी सुधार रहा। कच्ची घानी व एक्सपेलर में 55 से 100 रुपये प्रति 10 किलो तक तेजी दर्ज की गई है।

जहां तक उत्पादन की बात है तो 117.5 लाख टन रहने की संभावना है, जबकि पहले इससे अधिक उत्पादन की उम्मीद थी। बारिश और तेज हवाओं से फसल को नुकसान होने की खबर है। खेतों में खुले पड़ी सरसों भी खराब हुई। दानों में नमी अधिक, जिससे ऑयल कंटेंट प्रभावित हुआ।

कटाई में 10-15 दिन की देरी होने से मंडियों में आवक घटी है। खराब क्वालिटी के कारण मिलर्स द्वारा पुरानी फसल की खरीद बढ़ी। सरसों के भाव MSP 6,200 रुपये से ऊपर चल रहे हैं। ऐसे में सरकारी खरीद की संभावना कम है।

इस बार सरकारी स्टॉक का दबाव कम रहने की उम्मीद है। यदि बारिश जारी रही तो कीमतों में और तेजी संभव है। मौसम सुधरने पर आवक बढ़ेगी, बाजार स्थिर हो सकते हैं।

मौजूदा ऊंचे स्तर पर प्रॉफिट बुकिंग की सलाह दी जाती है। आवक पीक पर होने पर माल खरीदना बेहतर रहेगा। यह सिर्फ पूर्वानुमान है, कोई दावा नहीं है।

नोट -आप अपने सौदे सूझ -बुझ और विवेक से करें, किसी भी नुकसान के लिए लेनदेन न्यूज़ जिम्मेदार नहीं है

सर्वधर्म संसद के संयोजक सुशील गिरी महाराज का होर्मुज़ मार्ग खुलवाने का दावा

रमजान में युद्ध पर आपत्ति, ‘वसुधैव कुटुंबकम’ से समाधान की बात

कोटा। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष पर भारतीय सर्वधर्म संसद के संयोजक एवं महर्षि भृगु पीठाधीश्वर गुरु गोस्वामी सुशील गिरी ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि पवित्र रमजान माह में ईरान पर हमला मानवीय दृष्टि से अनुचित है, जिसमें निर्दोष नागरिकों, विशेषकर बच्चों को भी नुकसान उठाना पड़ा है।

शुक्रवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए महर्षि भृगु पीठाधेश्वर गुरू गोस्वामी सुशील गिरी महाराज ने कहा कि जैसे भारत में नवरात्रि आस्था और साधना का पर्व है, वैसे ही रमजान मुस्लिम समुदाय के लिए इबादत और संयम का समय होता है। ऐसे अवसरों पर युद्ध और हिंसा किसी भी सभ्य समाज के अनुरूप नहीं है। उन्होंने वसुधैव कुटुंबकम और सर्वधर्म समभाव की भारतीय परंपरा को वैश्विक शांति का आधार बताते हुए संवाद को ही एकमात्र समाधान बताया।

उन्होंने बताया कि हाल ही में चल रहे ईरान युद्ध के दौरान, होर्मुज़ (Strait of Hormuz) मार्ग बाधित होने से भारत के कई जहाज रुके हुए थे। गोस्वामी ने दावा किया कि उनके प्रयासों से यह मार्ग पुनः सुचारू हो सका, जिससे एलपीजी गैस से भरे जहाज सुरक्षित रूप से भारत पहुँच पाए।

उन्होंने कहा कि सकारात्मक कूटनीतिक संवाद से जटिल अंतरराष्ट्रीय संकटों का समाधान संभव है। उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध किसी समस्या का स्थायी हल नहीं है, बल्कि यह मानवता और संसाधनों के विनाश का कारण बनता है। विज्ञान और आविष्कार का दुरुपयोग ही विश्व युद्धों को जन्म देता है, इसलिए मानवता को शांति, सह-अस्तित्व और धर्म के मूल सिद्धांतों की ओर लौटना होगा।

उन्होंने बताया कि सांस्कृतिक क्षेत्र में, रामलीला शोध संस्थान द्वारा आधुनिक तकनीक के माध्यम से भारतीय विरासत को विश्व के विभिन्न देशों तक पहुँचाने का सफल कार्य किया गया है। लाइट एवं साउंड तकनीक के उपयोग से अब तक स्विट्जरलैंड, इंग्लैंड, अमेरिका, दुबई, इंडोनेशिया, वेस्टइंडीज और थाईलैंड सहित अनेक देशों में रामलीला मंचन किया जा चुका है, जिससे भारतीय संस्कृति को वैश्विक पहचान मिली है।

उन्होंने बताया कि कोटा में भी इसी प्रकार के भव्य सांस्कृतिक आयोजन की योजना है, किंतु उपयुक्त स्थान एवं सक्षम आयोजकों के अभाव में यह अभी तक संभव नहीं हो पाया है। इस संदर्भ में आयोजन की जिम्मेदारी हिमालय परिवार के प्रदेश अध्यक्ष सचिदानंद पारीक द्वारा संभाली जा रही है और स्थानीय सहयोग मिलने पर यह पहल पर्यटन एवं रोजगार के नए अवसर उत्पन्न कर सकती है।

उन्होंने बताया कि साथ ही प्रधानमंत्री के दूरदर्शी विचारों को आगे बढ़ाते हुए, ऑस्ट्रेलिया के संत डॉ. मोहन के नेतृत्व में केरल में एक व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं।

उन्होंने बताया कि “मन की बात” में व्यक्त पर्यटन विकास की सोच के अनुरूप, कोटा एवं आसपास के क्षेत्रों में सांस्कृतिक रथ, रामलीला मंचन एवं अन्य आयोजन प्रारंभ कर क्षेत्रीय विकास को नई दिशा दी जा सकती है।

उन्होंने बताया कि अंततः, यह पहल केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत की पहचान को वैश्विक स्तर पर सुदृढ़ करने, सामाजिक समरसता बढ़ाने एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कोटा प्रवास के दौरान विभिन्न सामाजिक संगठनों ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर हिमालय परिवार के प्रदेश महामंत्री सच्चिदानंद पारीक, जिला अध्यक्ष रमेश शर्मा व्यास, किशन पाठक, रमेश राठौड़, श्याम मनोहर हरित, नीलेश पारीक सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।

पश्चिम एशिया संकट का असर अब भारत में, प्रीमियम पेट्रोल 2.30 रुपए महंगा

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध के बाद बनी ईंधन संकट की स्थिति का पहली बार पेट्रोल की कीमतों पर असर पड़ा है। देश में प्रीमियम यानी पावर पेट्रोल की कीमतें बढ़ा दी गई हैं। जानकारी के मुताबिक, प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में 2.30 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है।

कच्चे तेल की कीमतों का सबसे ज्यादा असर डीजल-पेट्रोल की कीमतों पर देखने को मिलता है। पश्चिम एशिया संकट के कारण कच्चा तेल काफी महंगा होने से पेट्रोल की कीमतों में इजाफा होने लगा है। दिल्ली पेट्रोल डीलर्स के अध्यक्ष निश्चल सिंघानिया ने कहा कि प्रीमियम और ब्रांडेड पेट्रोल की कीमतों में 2 रुपये लीटर की बढ़ोतरी हुई है और यह आज से लागू है।

हालांकि, अभी यह बढ़ोतरी सिर्फ प्रीमियम और ब्रांडेड पेट्रोल पर ही की गई है अन्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा नहीं हुआ है। आज प्रभावी बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में एचपीसीएल के पंपों पर प्रीमियम/ब्रांडेड पेट्रोल की कीमत बढ़कर 104.49 रुपये, आईओसीएल के पंपों पर 101.89 रुपये और बीपीसीएल के पंपों पर बढ़कर 103.77 रुपये प्रति लीटर हो गई है। सामान्य पेट्रोल और डीजल के दाम में फिलहाल कोई बदलाव नहीं आया है।

प्रीमियम/ ब्रांडेड पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी की वजह कच्चे तेल के दाम काफी बढ़ना है। जानकारों के मुताबिक अमेरिका-इजराइल-ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल के दाम लगातार तेजी से बढ़ रहे हैं। भारत में होर्मुज स्ट्रेट से कच्चे तेल की आपूर्ति भी बाधित हो रही है।

इस युद्ध के कारण भारत के लिए आयातित कच्चे तेल की औसत कीमत जनवरी के लगभग $69 प्रति बैरल से बढ़कर अब करीब $135 प्रति बैरल तक पहुंच गई है। भारत अपने कच्चे तेल की जरूरत का 80 फीसदी से अधिक आयात करता है।

इडंस्ट्रियल डीजल की कीमतों में भी इजाफा
प्रीमियम पेट्रोल के बाद अब इडंस्ट्रियल डीजल की कीमतों में इजाफा किया गया है। पीटीआई की रिपोर्ट्स के अनुसार IOCL ने इडंस्ट्रियल डीजल का रेट बढ़ाकर 109.59 रुपये प्रति लीटर कर दिया है। पहले इसका रेट 87.67 रुपये प्रति लीटर था। यानी कीमतों में 21.92 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। बता दें, इडंस्ट्रियल डीजल का रेट बढ़ाने का सीधा असर उन कंपनियों पर पड़ेगा जो अधिक डीजल खरीदती हैं।

इडंस्ट्रियल डीजल की सप्लाई सामान्य पंप से नहीं होती है। यह सीधा कंपनी से कंपनी को जाता है। अधिक डीजल का प्रयोग करने वाली कंपनियों को अब ज्यादा पैसा खर्च करना होगा। आने वाले समय में इसका असर आम-आदमी की जेब पर भी पड़ेगा। इडंस्ट्रियल डीजल महंगा होने की वजह से अब कंपनियों को इनपुट खर्च बढ़ेगा। जिससे उनके प्रोडक्ट्स की कीमतों में भी आने वाले समय में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

Stock Market: सेंसेक्स 325 अंक सुधरकर 74533 पर, निफ्टी 23100 के पार बंद

नई दिल्ली। Stock Market Closed : सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन को शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ है। मार्केट के क्लोजिंग के टाइम पर सेंसेक्स 0.44 प्रतिशत या फिर 325.72 अंक की तेजी के साथ 74532.96 अंक पर था। वहीं, निफ्टी 0.49 प्रतिशत या फिर 112.35 अंक की उछाल के बाद 23144.50 अंक पर बंद हुआ है।

निफ्टी का इंट्रा-डे हाई 23345.15 अंक है। वहीं, सेंसेक्स का इंट्रा-डे हाई 75286.39 अंक रहा है। हालांकि, डे हाई के मुकाबले सेंसेक्स करीब 900 अंक टूट गया।

सेंसेक्स की टॉप 30 कंपनियों में सबसे अधिक तेजी टाटा स्टील के शेयरों में देखने को मिली। टाटा ग्रुप का यह स्टॉक 3.23 प्रतिशत की तेजी के साथ के बाद हुई है। टेक महिंद्रा के शेयर भी क्लोजिंक के वक्त पर 3 प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे थे।

IT शेयरों ने किया जबरदस्त सपोर्ट
IT शेयरों ने बाजार को सबसे ज्यादा सपोर्ट दिया। टेक महिंद्रा 3.01 प्रतिशत चढ़ा, जबकि इंफोसिस ने 2.90 प्रतिशत की मजबूती दिखाई। HCL टेक्नोलॉजीज 1.71 प्रतिशत और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज 1.67 प्रतिशत ऊपर रहे। इन बड़े IT नामों की वजह से पूरा इंडेक्स मजबूत हुआ।

मेटल और फार्मा सेक्टर में भी अच्छी खरीदारी दिखी। टाटा स्टील 2.81 प्रतिशत बढ़ा, सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज 1.88 प्रतिशत ऊपर रहा। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने भी 1.87 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की।

इंफोसिस, ट्रेंट, रिलायंस के शेयरों में 2 प्रतिशत से अधिक की उछाल देखने को मिली है। एनटीपीसी, सनफार्मा, एचसीएल टेक, इटरनल, टीसीएस के शेयर भी बढ़त के साथ बंद हुए हैं। दूसरी तरफ एचडीएफसी बैंक, बीईएल, कोटक महिंद्रा बैंक, इंडिगो के शेयरों में गिरावट देखने को मिली है।

Lexus की नई इलेक्ट्रिक कार भारत में लॉन्च, 6 सेकेंड से कम में पकडेगी 100 की स्पीड

नई दिल्ली। लेक्सस कम्पनी ने इंडियन मार्केट में अपनी 8th जेनरेशन ES सेडान Lexus ES 500e electric car को लॉन्च कर दिया है। टोयोटा कैमरी के प्लैटफॉर्म पर बनी यह सेडान ब्रैंड की इंडियन मार्केट में पहली इलेक्ट्रिक कार है।

इसकी शुरुआती कीमत 89.99 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है। कंपनी की यह इलेक्ट्रिक कार 338hp के साथ आती है। इसकी खास बात है कि यह 6 सेकेंड से कम में 0 से 100kmph की स्पीड पकड़ लेती है। कंपनी का दावा है कि सिंगल चार्ज पर यह 580 किलोमीटर तक चल जाती है। आइए डीटेल में जानते हैं इस कार की खूबियों के बारे में।

लेक्सस ES 500e में 74.69 kWh बैटरी पैक वाला इलेक्ट्रिक पावरट्रेन दिया गया है। इसमें ड्यूल इलेक्ट्रिक मोटर सेटअप है जो 338 hp की ताकत जेनरेट करता है। कार 5.7 सेकंड में 0 से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती है। कंपनी का दावा है कि यह इलेक्ट्रिक कार एक बार चार्ज होने पर 580 किमी तक चल जाती है।

एक्सटीरियर लुक: नए ES मॉडल का एक्सटीरियर पिछले मॉडल्स के मुकाबले अधिक ऐंगुलर है। कार के फ्रंट में आकर्षक Z-आकार की डे-टाइम रनिंग लाइट्स हैं, जो इंडिकेटर्स के साथ इंटीग्रेटेड हैं। वहीं, मेन हेडलाइट्स को वर्टिकल ग्लॉस ब्लैक ट्रिम के पीछे छिपाया गया है। कंपनी इसमें नॉर्मल ग्रिल की जगह बम्पर के निचले हिस्से में एक कॉम्पैक्ट एयर इंटेक ऑफर कर रही है, जिसे खास डायमंड पैटर्न इंसर्ट से सजाया गया है।

प्रीमियम इंटीरियर: नई ES का इंटीरियर बेहद शानदार है, जिसे कंपनी ‘क्लीन टेक x एलिगेंस’ डिजाइन फिलॉसफी कहती है। केबिन के मेन एलिमेंट्स में लोअल विंडो सिल्स, थिनर सीट प्रोफाइल, बड़ी पैनोरमिक ग्लास रूफ और हैंड डिटेक्टिंग प्रॉक्सिमिटी-सेंसिंग कंट्रोल शामिल हैं। इसके अलावा डोर पैड में लगे स्पीकर ग्रिल में म्यूजिक-सिंक्ड LED लाइटिंग है और डैशबोर्ड में दो बड़े डिजिटल डिस्प्ले दिए गए हैं। इनमें 12.3 इंच का डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले और एक 14 इंच की बड़ी इंफोटेनमेंट स्क्रीन शामिल है।

सेफ्टी फीचर: इस वाहन में रडार-गाइडेड क्रूज कंट्रोल, लेन चेंज असिस्टेंस, कोलिजन वॉर्जिंग और मिटिगेशन सिस्टम, ब्लाइंड-स्पॉट मॉनिटरिंग, एडैप्टिव हाई-बीम असिस्ट और ड्राइवर की नींद का पता लगाने वाला सिस्टम शामिल है। नई लेक्सस ईएस में 10 एयरबैग, सराउंड-व्यू कैमरे, ऑटो-होल्ड फंक्शनैलिटी वाला इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक, हिल-होल्ड असिस्ट, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल और कार के चारों ओर पार्किंग सेंसर भी दिए गए हैं।

सैमसंग का 200MP कैमरा और सुपर AI फोन ₹10,000 सस्ता हुआ

नई दिल्ली। Samsung Galaxy S25 Ultra: सैमसंग यूजर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है। सैमसंग ने अपने फ्लैगशिप स्मार्टफोन Samsung Galaxy S25 Ultra को अब सस्ता कर दिया है। कंपनी ने फोन की कीमत को 10,000 रुपए तक कम कर दिया है।

सैमसंग का यह फोन 200MP कैमरा जैसे तगड़े फीचर्स के साथ आता है। फोन में बेहद पावरफुल Qualcomm Snapdragon 8 Elite प्रोसेसर भी दिया गया है।

कीमतें
Samsung ने अपने इस फ्लैगशिप फोन के तीनों वेरिएंट की कीमत में अलग-अलग बदलाव किए हैं। जहां 256GB बेस वेरिएंट में 10,000 रुपए की बड़ी कटौती की गई है। पहले इस वैरिएंट की कीमत 129,999 रुपए थी जो अब 119,999 रुपए हो गई है।

वहीं 512GB वेरिएंट में 2,000 रुपए की मामूली कमी देखने को मिली है। इसकी कीमत अब 141,999 रुपए से घटकर 139,999 रुपए हो गई है। लेकिन 1TB वेरिएंट की कीमत 4,000 रुपए बढ़ा दी गई है, जो थोड़ा चौंकाने वाला फैसला है।

स्पेसिफिकेशन
Samsung Galaxy S25 Ultra 5G में 6.9 इंच का QHD+ Dynamic AMOLED डिस्प्ले मिलता है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ आता है। इसका मतलब है कि स्क्रीन पर स्क्रॉलिंग और वीडियो देखने का अनुभव बेहद स्मूद और शानदार रहेगा।

परफॉर्मेंस की बात करें तो इसमें Snapdragon 8 Elite जैसा पावरफुल प्रोसेसर दिया गया है, जो गेमिंग से लेकर मल्टीटास्किंग तक हर काम को आसानी से संभाल सकता है।

इस फोन में पीछे की तरफ क्वाड कैमरा सेटअप दिया गया है। इसमें 200MP का प्राइमरी कैमरा OIS के साथ आता है, जिससे फोटो काफी क्लियर और स्टेबल मिलती हैं। इसके अलावा 50MP का टेलीफोटो लेंस 5x ऑप्टिकल ज़ूम के साथ मिलता है, जबकि 12MP का अल्ट्रा-वाइड लेंस बड़ी फोटो कैप्चर करने में मदद करता है। वहीं 10MP का पेरिस्कोप लेंस 3x ऑप्टिकल और 100x डिजिटल ज़ूम तक सपोर्ट देता है।

सेल्फी के लिए इसमें 12MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है, जिसमें AI फीचर्स और HDR सपोर्ट मिलता है, जिससे पोर्ट्रेट फोटो और भी बेहतर आती हैं। वीडियो शूटिंग के मामले में भी यह फोन काफी एडवांस है। इसमें 8K वीडियो रिकॉर्डिंग का सपोर्ट मिलता है, साथ ही स्टेबिलाइजेशन और नाइट मोड जैसे फीचर्स भी दिए गए हैं।

कैमरा ऐप में AI Photo Assist और Generative Edit जैसे फीचर्स शामिल हैं, जिनकी मदद से आप फोटो की लाइटिंग और फ्रेमिंग ऑटोमैटिक ठीक कर सकते हैं या फोटो से अनचाही चीजें हटाकर उसे और बेहतर बना सकते हैं।

फोन में 5000mAh की बैटरी दी गई है, जो फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ आती है। इसके अलावा इसमें S Pen सपोर्ट, मजबूत Titanium फ्रेम, Galaxy AI फीचर्स और IP68 रेटिंग जैसे प्रीमियम फीचर्स मिलते हैं।

Samsung Galaxy S25 Ultra 5G की एक बड़ी खासियत इसका लॉन्ग-टर्म सॉफ्टवेयर सपोर्ट है। कंपनी ने इस फोन के लिए 7 साल तक Android अपडेट और सिक्योरिटी अपडेट देने का वादा किया है। इससे फोन लंबे समय तक नया और सुरक्षित बना रहेगा। इसके साथ One UI 7 में Live Translate, AI Wallpaper Generator, Photo Assist और Circle to Search जैसे स्मार्ट AI फीचर्स दिए गए हैं, जो यूजर एक्सपीरियंस को और बेहतर बनाते हैं।

Rupee vs Dollar: डॉलर की मजबूती ने बढ़ाई टेंशन, पहली बार रुपया 93 पार

नई दिल्ली। डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया शुक्रवार को अब तक के सबसे निचले स्तर 93.12 पर पहुंच गया है। यह पहली बार है जब अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले घरेलू मुद्रा 93 के स्तर के पार निकल गई है। डॉलर के मुकाबले रुपये का मूल्य 0.55 फीसदी गिर गया। बुधवार को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 92.63 पर बंद हुआ था।

पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में ईरान-अमेरिका/इजरायल के बीच युद्ध होने के बाद से घरेलू मुद्रा पर दबाव बना हुआ है। तब से रुपया अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले करीब 2 फीसदी लुढ़क चुका है। एक्सपर्ट्स के अनुसार डॉलर के मुकाबले रुपया 92.80 के स्तर से ऊपर कारोबार कर रहा है, जो कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और वैश्विक जोखिम से बचने के ट्रेंड के बीच रुपये पर लगातार दबाव का संकेत देता है।

रुपये में गिरावट के 3 बड़े कारण

  • कच्चे तेल में उछाल
    मिडिल ईस्ट संकट के कारण तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे भारत का आयात बिल बढ़ गया है। हालांकि शुक्रवार को इसमें कुछ गिरावट आई।
  • विदेशी फंड्स की निकासी
    अमेरिकी टैरिफ बढ़ने की आशंका के चलते विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार से लगातार पैसा निकाल रहे हैं। गुरुवार को विदेशी निवेशकों (FPI) ने 7,558 करोड़ रुपये की बिकवाली की।
  • डॉलर की मजबूती
    वैश्विक स्तर पर डॉलर इंडेक्स में मजबूती से उभरती अर्थव्यवस्थाओं (Emerging Markets) की करेंसी दबाव में हैं। इस कारण भी रुपये में गिरावट बनी हुई है। डॉलर के मुकाबले रुपये में 93 से ऊपर लगातार बढ़त से तेजी का रुझान मजबूत हो सकता है। 93.20-93.40 रुकावट का स्तर और 92.70 व 92.50-92.40 का स्तर सपोर्ट लेवल है।

आम आदमी पर क्या होगा असर
डॉलर महंगा होने से विदेश यात्रा और वहां की शिक्षा का खर्च बढ़ जाएगा।
आयात महंगा हो जाएगा। इससे इलेक्ट्रॉनिक्स, तेल और अन्य विदेशी सामानों की कीमतें बढ़ सकती हैं।

रिजर्व बैंक ने झोंके 100 अरब डॉलर
रुपये को गिरने से बचाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपने सबसे बड़े हथियार ‘फॉरवर्ड कॉन्ट्रैक्ट्स’ का इस्तेमाल तेज कर दिया है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार रिजर्व बैंक की फॉरवर्ड मार्केट में डॉलर बेचने की पोजीशन अब 100 अरब डॉलर के करीब पहुंच गई है। जनवरी में यह आंकड़ा 67.8 अरब डॉलर और फरवरी में 88.8 अरब डॉलर था।

रिजर्व बैंक मुख्य रूप से नॉन-डिलीवरेबल फॉरवर्ड्स (NDF) और घरेलू बाय-सेल स्वैप के जरिए दखल दे रहा है ताकि विदेशी मुद्रा भंडार को तुरंत खर्च किए बिना रुपये को सहारा दिया जा सके।

MCX पर सोना 3350 रुपये और चांदी 8540 रुपये उछली, जानिए आज के भाव

नई दिल्ली। शुक्रवार को सोने की कीमतों में मजबूत रिकवरी देखने को मिली है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना सुबह के कारोबार में 2 प्रतिशत से अधिक उछल गया, जिससे निवेशकों को कुछ राहत मिली है। हालांकि, बाजार की अस्थिरता अभी भी बनी हुई है और आगे की दिशा को लेकर अनिश्चितता कायम है।

हालांकि शुक्रवार को तस्वीर बदलती नजर आई। सुबह के कारोबार में सोने की कीमतों में 3,350 रुपये यानी करीब 2.30 प्रतिशत की तेजी आई और यह 1,48,302 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। इसी तरह चांदी में भी जोरदार उछाल देखने को मिला और यह 8,540 रुपये बढ़कर 2,40,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।

मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह तेजी मुख्य रूप से वैल्यू बाइंग के कारण आई है, जहां निवेशकों ने गिरावट के बाद कम कीमतों पर खरीदारी का मौका भुनाया।

बता दें गुरुवार को सोने और चांदी में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी, जिसने निवेशकों को चौंका दिया। एमसीएक्स पर सोना 1,44,954 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, जिसमें 5 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई थी।

वहीं, चांदी भी करीब 7 प्रतिशत टूटकर 2,31,460 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई थी। इस गिरावट की मुख्य वजह अमेरिकी डॉलर की मजबूती, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और महंगाई को लेकर बढ़ती चिंताएं रही थीं, जिससे निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश से कुछ समय के लिए हट गया।