व्हाट्सएप पर आया स्क्रीनशॉट नहीं है वैध रेल टिकट, डिजिटल टिकट के नियम जानना जरूरी
कोटा। रेल यात्रियों के बीच डिजिटल माध्यम से टिकट लेने का चलन तेजी से बढ़ा है। मोबाइल ऐप से टिकट लेना सुविधाजनक है, लेकिन डिजिटल टिकट से जुड़े नियमों की जानकारी न होने पर यात्री को यात्रा के दौरान परेशानी के साथ जुर्माना भी भरना पड़ सकता है। कोटा मंडल ने यात्रियों से अपील की है कि रेलवन ऐप के माध्यम से अनारक्षित टिकट बुक करते समय निर्धारित नियमों का विशेष ध्यान रखें।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि रेलवन ऐप से बुक किया गया अनारक्षित टिकट उसी मोबाइल फोन में मान्य होता है, जिसमें ऐप पंजीकृत है और जिससे टिकट बुक किया गया है। किसी अन्य व्यक्ति द्वारा अपने मोबाइल से टिकट बुक कर उसका स्क्रीनशॉट व्हाट्सएप अथवा अन्य माध्यम से भेज देना वैध यात्रा प्राधिकार नहीं माना जाता। इसलिए यात्री स्वयं अपने पंजीकृत मोबाइल से टिकट बुक करें और यात्रा के दौरान वही मोबाइल अपने पास रखें।
उन्होंने बताया कि यात्री को यात्रा प्रारंभ करने से पहले ही वैध टिकट लेना आवश्यक है। ट्रेन में सवार होने के बाद टिकट जांच कर्मचारी को देखकर मोबाइल से टिकट बनाना अथवा किसी अन्य व्यक्ति से टिकट बनवाकर उसका स्क्रीनशॉट मंगाना नियमों के अनुरूप नहीं है। डिजिटल टिकट दिखाने के लिए संबंधित मोबाइल फोन का चालू एवं पर्याप्त रूप से चार्ज होना भी आवश्यक है।
डिजिटल टिकट लेते समय इन बातों का रखें ध्यान
- यात्रा शुरू करने से पहले ही वैध टिकट प्राप्त कर लें।
- रेलवन ऐप से अनारक्षित टिकट अपने पंजीकृत मोबाइल से ही बुक करें।
- टिकट उसी मोबाइल में उपलब्ध होना चाहिए, जिससे उसे बुक किया गया है।
- व्हाट्सएप पर प्राप्त टिकट अथवा उसका स्क्रीनशॉट वैध यात्रा प्राधिकार नहीं है।
- पंजीकृत मोबाइल से बुक टिकट संबंधित मोबाइल धारक के लिए ही मान्य है।
- यात्रा के दौरान संबंधित मोबाइल अपने साथ रखें और उसे पर्याप्त चार्ज रखें।
रेल प्रशासन ने यात्रियों का ध्यान इस ओर भी आकर्षित किया है कि 19 जून 2026 से बिना उचित टिकट अथवा अनियमित टिकट पर यात्रा करने की स्थिति में न्यूनतम जुर्माना ₹250 से बढ़ाकर ₹500 किया गया है। ऐसे में छोटी सी लापरवाही यात्री पर अतिरिक्त आर्थिक भार डाल सकती है।
कोटा मंडल ने यात्रियों से अपील की है कि “पहले टिकट, फिर यात्रा” के सिद्धांत का पालन करें। डिजिटल टिकट सुविधा यात्रा को सरल बनाने के लिए है, लेकिन इसका लाभ तभी मिलेगा जब टिकट निर्धारित प्रक्रिया और नियमों के अनुसार लिया जाए।
क्या रेलवे इस पर गौर करेगा
इंडियन रेलवे ने नियम तो बना दिए कि व्हाट्सएप पर आया स्क्रीनशॉट वैध रेल टिकट नहीं है। किन्तु इसके लिए हर यात्री को क्या स्मार्टफोन खरीदना पड़ेगा। कई गरीब यात्री फीचर फोन का इस्तेमाल करते हैं, ऐसे में रेलवे साधारण यात्रियों की जेब पर अनावश्यक भार डाल रहा है। यहां यह बात तो स्पष्ट है कि रेलवे एप को अधिक से अधिक मोबाइल में डाउनलोड कराकर अपनी कमाई बढाकर जनता की जेब ढीली कर रही है।

