राहुल गांधी जी! यह भारत आपके अब्बू जान का नहीं है: संबित पात्रा

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नई दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को INDIA गठबंधन की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली के बाद बीजेपी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने रैली में भीड़ जुटाने के दावों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब 10 लाख लोगों के शामिल होने की बात कही गई थी, तो वे लोग कहां थे?

उन्होंने राहुल गांधी के भाषण को भी निशाने पर लिया और कहा कि इतने दलों, नेताओं और झंडों को एक साथ लाने के बावजूद कांग्रेस इतनी बड़ी भीड़ जुटाने में सफल नहीं हुई। पात्रा ने रैली को समय की बर्बादी बताते हुए राहुल गांधी के 2024 के लोकसभा चुनाव को अवैध बताने वाले बयान पर भी सवाल उठाए।

संबित पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी और उनकी टीम ने रैली में 10 लाख लोगों के शामिल होने का दावा किया था, लेकिन रामलीला मैदान में वैसी भीड़ दिखाई नहीं दी। उन्होंने कहा, ‘कहां थे 10 लाख लोग? हमें दिखाइए।’ पात्रा ने दावा किया कि रामलीला मैदान का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा खाली था।

उनके मुताबिक, मैदान में 28 हजार कुर्सियों में से लगभग 5 से 7 हजार कुर्सियां दोपहर 3:30 से 4 बजे तक खाली थीं। उन्होंने कहा कि इतनी सारी राजनीतिक पार्टियों और उनके झंडों को एक साथ लाने के बावजूद कांग्रेस अपने दावे के मुताबिक लोगों को इकट्ठा नहीं कर पाई।

प्रधानमंत्री बनने के लिए पसीना और मेहनत चाहिए: बीजेपी सांसद ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री पद का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पीएम का मतलब सिर्फ प्रधानमंत्री नहीं होता, बल्कि इसमें पसीना और मेहनत भी शामिल है। पात्रा के मुताबिक, कोई व्यक्ति अपनी मेहनत और परिश्रम के दम पर प्रधानमंत्री बनता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ऐसे हथकंडों से कोई नेता या प्रधानमंत्री नहीं बन सकता।

राहुल के भाषण को बताया समय की बर्बादी: पात्रा ने कहा कि बीजेपी सुबह से INDIA गठबंधन की रैली और राहुल गांधी के भाषण पर नजर रख रही थी। उन्होंने राहुल के संबोधन को सुनने के बाद कहा कि अंत में यह पूरा आयोजन समय की बर्बादी जैसा लगा। उन्होंने विपक्ष के राजनीतिक संदेश और रैली में जुटी भीड़ के दावों, दोनों पर सवाल खड़े किए।

2024 के चुनाव को अवैध बताने पर घेरा: राहुल गांधी के उस बयान पर भी संबित पात्रा ने आपत्ति जताई, जिसमें उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव को अवैध बताया था। पात्रा ने कहा कि ज्ञानेश कुमार 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त नहीं थे, बल्कि वह 2025 में चुनाव आयुक्त बने थे। उन्होंने सवाल किया कि यदि राहुल गांधी के मुताबिक 2024 का चुनाव अवैध था, तो फिर उनके नेता प्रतिपक्ष बनने और कांग्रेस सांसदों के निर्वाचन की वैधता पर भी सवाल उठेंगे।

पात्रा ने राहुल गांधी, कांग्रेस या INDIA गठबंधन की किसी पार्टी से चुनाव को चुनौती देने वाली याचिका दिखाने की मांग की। उन्होंने कहा कि करीब ढाई साल बाद किसी रैली में खड़े होकर चुनाव को अवैध घोषित नहीं किया जा सकता। उनके मुताबिक, चुनाव पर आपत्ति है तो उसे अदालत में चुनौती दी जानी चाहिए।

यह भारत राहुल गांधी के परिवार का नहीं’: संबित पात्रा ने अपने संबोधन में राहुल गांधी की राजनीतिक विरासत पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘राहुल गांधी जी, यह भारत आपके अब्बू जान का नहीं है। यह भारत भारत के लोगों का है।’ उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र में चाय बेचने वाला व्यक्ति भी प्रधानमंत्री बन सकता है और एक साधारण व्यक्ति देश का गृह मंत्री बन सकता है। पात्रा ने तंज कसते हुए कहा कि यही बात राहुल गांधी को परेशान करती है।

शिव की बारात वाले बयान पर भी पलटवार: राहुल गांधी के शिव की बारात वाले उदाहरण पर संबित पात्रा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी न तो शिव हैं और न ही उन्हें भारत को किसी ऐसी बारात में डुबोने की कोशिश करनी चाहिए। पात्रा ने विपक्ष की रैली को शिव की बारात मानने से इनकार करते हुए इसे अराजकता का तमाशा करार दिया। इस तरह बीजेपी ने राहुल गांधी के भाषण में उठाए गए चुनावी गड़बड़ी, लोकतंत्र और संविधान के मुद्दों के जवाब में भीड़, चुनाव की वैधता और उनके राजनीतिक बयानों को लेकर पलटवार किया।