युवा भूगोलवेत्ताओं ने शोध से दिखाई नई राह, विजेताओं को मिला सम्मान

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भूगोलवेत्ताओं ने देखा चंबल रिवर फ्रंट पर कोटा का भौगोलिक-सांस्कृतिक स्वरूप

कोटा। राजस्थान भूगोल परिषद के 52वें राष्ट्रीय अधिवेशन के दूसरे दिन कोटा विश्वविद्यालय परिसर में शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियों का सिलसिला जारी रहा। कुलगुरु प्रो. बी.पी. सारस्वत के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रमों में देशभर से आए भूगोलवेत्ताओं, शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने समकालीन भूगोल विषयों पर शोध प्रस्तुतियां दीं।

अधिवेशन राजस्थान भूगोल परिषद एवं कोटा विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हो रहा है। युवा भूगोलवेत्ता पुरस्कार में विवेक राज सिंह प्रथम, अमित कुमार यादव द्वितीय और अंकिता कुमावत तृतीय रहे।

विजेताओं ने क्रमशः सरिस्का टाइगर रिजर्व में वनस्पति पुनर्प्राप्ति, थार मरुस्थल में फ्लोराइड के स्थानिक वितरण तथा जयपुर में जल प्रबंधन पर शोध प्रस्तुत किए। उन्हें क्रमशः 3100, 2100 और 1100 रुपये की पुरस्कार राशि एवं स्मृति चिह्न प्रदान किए गए। पोस्टर प्रेजेंटेशन में प्रियांशु प्रथम, हिमाली पांडे द्वितीय और हर्षादित्य पाठक तृतीय रहे।

प्रो. एम.डी. शेख स्मृति व्याख्यान में राजस्थान भूगोल परिषद के जनरल सेक्रेटरी प्रो. एस.एस. भट्ट ने उनके व्यक्तित्व एवं भूगोल क्षेत्र में योगदान पर प्रकाश डाला। दूसरे दिन चार तकनीकी सत्रों में 48 शोधार्थियों ने शोध-पत्र प्रस्तुत किए।

कृषि, खाद्य सुरक्षा, नगरीकरण, ग्रामीण विकास, स्मार्ट सिटी, परिवहन एवं कनेक्टिविटी जैसे विषयों पर विमर्श हुआ। शाम को प्रतिभागियों ने चंबल रिवर फ्रंट का भ्रमण कर कोटा की सांस्कृतिक एवं भौगोलिक विशेषताओं को समझा। परिषद की सामान्य सभा में अकादमिक एवं संगठनात्मक विषयों पर भी चर्चा हुई।