एआई से लेकर वाइल्डलाइफ टूरिज्म तक के न्यू कोर्सेज कोटा यूनिवर्सिटी में होंगे शुरू

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विद्या परिषद की बैठक में कुलगुरु प्रो. सारस्वत ने शैक्षणिक नवाचार पर दिया जोर

कोटा। कोटा विश्वविद्यालय की विद्या परिषद की 27वीं बैठक शुक्रवार को कुलगुरु प्रो. बी.पी. सारस्वत की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक, पाठ्यक्रमीय एवं शोध कार्यों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा के बाद अनुमोदन प्रदान किए गए।

बैठक में नई शिक्षा नीति के अनुरूप पाठ्यक्रमों के विकास, नए पाठ्यक्रम शुरू करने, विषय विशेषज्ञों के मानदेय में वृद्धि तथा विभिन्न पाठ्यक्रमों में सीटें बढ़ाने जैसे निर्णय प्रमुख रहे।कुलगुरू प्रो.सारस्वत ने कहा कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 से विश्वविद्यालय में चार नए पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए नवीन पाठ्यक्रम निर्धारण समिति की अनुशंसाओं को मंजूरी दी गई।

इनमें पीजी डिप्लोमा इन बूंदी-कोटा ट्रेडिशनल पेंटिंग, पीजी डिप्लोमा इन स्पोर्ट्स मैनेजमेंट एंड टूरिज्म, पीजी डिप्लोमा इन वाइल्डलाइफ टूरिज्म तथा फाइव ईयर इंटीग्रेटेड बीएससी-एमएससी डेटा साइंस एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शामिल हैं। इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय कला एवं संस्कृति के साथ खेल, पर्यटन, वन्यजीव तथा उभरते तकनीकी क्षेत्रों में विद्यार्थियों के लिए अध्ययन के नए अवसर उपलब्ध होंगे।

उन्होने कहा कि वर्तमान समय में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहे हैं। ऐसे में विश्वविद्यालयों को नई शिक्षा नीति की भावना के अनुरूप अपने पाठ्यक्रमों में नवाचार, कौशल विकास, शोध, तकनीकी दक्षता और व्यावहारिक ज्ञान को प्राथमिकता देनी होगी। विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान करने के साथ बदलती वैश्विक आवश्यकताओं के अनुरूप सक्षम और जिम्मेदार नागरिक के रूप में तैयार करना भी हमारी प्रमुख जिम्मेदारी है।

प्रो. सारस्वत ने कहा कि विश्वविद्यालय में शोध एवं नवाचार की संस्कृति को और मजबूत करने, उद्योग एवं संस्थानों के साथ अकादमिक समन्वय बढ़ाने तथा विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

विद्या परिषद के माध्यम से प्राप्त सुझावों और लिए गए निर्णयों को प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा, ताकि विश्वविद्यालय कीअकादमिक गुणवत्ता में निरंतर सुधार हो।उन्होंने परिषद के सभी सदस्यों से आह्वान किया कि वे विश्वविद्यालय के शैक्षणिक विकास में सक्रिय भूमिका निभाते हुए नए विचारों, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा दें।

विषय विशेषज्ञों का मानदेय 500 से बढ़ाकर 800 रुपये
शैक्षणिक कार्यों के सुचारु संचालन के लिए आमंत्रित विषय विशेषज्ञों के मानदेय में वृद्धि को भी विद्या परिषद ने मंजूरी दी। केंद्रीय प्रवेश समिति की 16 मार्च 2026 को हुई बैठक के निर्णय के क्रम में शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात तथा प्रत्यक्ष शिक्षण-अधिगम कार्यभार को ध्यान में रखते हुए विषय विशेषज्ञों का मानदेय 500 रुपये से बढ़ाकर 800 रुपये किए जाने का अनुमोदन किया गया।

एमसीए की प्रवेश प्रक्रिया विश्वविद्यालय स्तर पर होगी
बैठक में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से एमसीए पाठ्यक्रम की प्रवेश प्रक्रिया एमबीए की तर्ज पर विश्वविद्यालय स्तर पर आयोजित किए जाने संबंधी कुलगुरु के आदेशों को विद्या परिषद के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान एवं लोक प्रशासन विषयों में विषय विशेषज्ञों के प्राप्त पैनल का भी अनुमोदन किया गया। पात्रता की शर्तें पूरी होने पर इसी पैनल के आधार पर पदोन्नति की आगामी कार्रवाई की जाएगी।

एनईपी के अनुरूप पाठ्यक्रम निर्माण पर प्रस्तुतीकरण
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन और पाठ्यक्रमों में एकरूपता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विशेष आमंत्रित सदस्य प्रोफेसर एन.एल. हेड़ा ने पाठ्यक्रम निर्माण की संरचना एवं प्रक्रिया पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इसमें पाठ्यक्रम के उद्देश्य, पात्रता, क्रेडिट प्रणाली, कालांश, मूल्यांकन पद्धति, परीक्षा पैटर्न और अंक विभाजन सहित विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला गया। विद्यार्थी-अनुकूल पाठ्यक्रम संरचना के साथ नैक मूल्यांकन की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पाठ्यक्रम विकास की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई। बैठक में विद्या परिषद की 25वीं एवं 26वीं बैठकों के कार्यवाही विवरण का अनुमोदन किया गया। शैक्षणिक सत्र 2025-26 एवं 2026-27 के लिए विभिन्न पाठ्यक्रम निर्माण समितियों के पुनर्गठन संबंधी आदेशों तथा समितियों द्वारा पाठ्यक्रम निर्माण, संशोधन एवं उन्नयन से संबंधित बैठकों के कार्यवाही विवरणों को भी मंजूरी दी गई।

शोध और सीट वृद्धि संबंधी प्रस्ताव भी मंजूर
बैठक में शोध मंडल की 10वीं, 11वीं एवं 12वीं बैठकों के कार्यवाही विवरण को अनुमोदित किया गया। विश्वविद्यालय के विभिन्न पाठ्यक्रमों में सीटों की वृद्धि के संबंध में कुलगुरु द्वारा जारी आदेशों को भी विद्या परिषद ने मंजूरी प्रदान की।बैठक में राज्य सरकार द्वारा नामित सदस्यों, विभिन्न पाठ्यक्रम निर्माण समितियों के संयोजकों, विश्वविद्यालय के विभिन्न अधिष्ठाताओं तथा कुलगुरु द्वारा नामित सदस्यों ने भाग लिया। अंत में कुलगुरु एवं विद्या परिषद के सदस्य सचिव तथा कुलसचिव ने सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। धन्यवाद ज्ञापन के साथ बैठक संपन्न हुई।