भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 18.3 अरब डॉलर गिरकर 747.6 अरब डॉलर पर

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नई दिल्ली। foreign exchange reserves: भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 25 सितंबर को समाप्त सप्ताह के दौरान 18.3 अरब डॉलर गिरकर 747.6 अरब डॉलर रह गया है। ब्लूमबर्ग द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार यह मुद्रा भंडार में सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट है।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को मु्द्रा भंडार के ताजा आंकड़े जारी किए थे। 18 सितंबर को कुल भंडार 765.9 अरब डॉलर था, जब इसमें 14.9 अरब डॉलर की गिरावट आई थी और वह नवंबर 2024 के बाद भंडार में सबसे तेज गिरावट थी।

विदेशी मुद्रा भंडार में सबसे बड़ा हिस्सा विदेशी मुद्रा संपत्तियों (एफसीए) का होता है। यह भंडार 25 सितंबर को समाप्त सप्ताह में 15.6 अरब डॉलर गिरकर 615.4 अरब डॉलर रह गया। एफसीए का हिसाब डॉलर में होता है, जिसमें गैर अमेरिकी मुद्राओं जैसे यूरो, पाउंड और येन की मजबूती या गिरावट को भी शामिल किया जाता है। ये मु्द्राएं भंडार में रखी जाती हैं।

यह गिरावट पिछले हफ्तों में भंडारण में आई तेज वृद्धि के बाद हुई है। 4 सितंबर 2026 को समाप्त सप्ताह के दौरान भंडार रिकॉर्ड 785.7 अरब डॉलर के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था। अब भंडार लगातार तीसरे सप्ताह गिरा है, जिसमें कुल मिलाकर 3 सप्ताह में लगभग 38.1 अरब डॉलर की कमी आई है। गिरावट की प्रमुख वजह यह है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण रुपये को समर्थन करने के लिए रिजर्व बैंक डॉलर की बिकवाली कर रहा था।

इस सप्ताह के दौरान सोने के भंडार में 2.6 अरब डॉलर की कमी आई और यह 108.7 अरब डॉलर रह गया। वहीं जबकि विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 9.7 करोड़ डॉलर घटकर 18.6 अरब डॉलर रह गया। रिजर्व बैंक के आंकड़ों से पता चला है कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) में भारत की आरक्षित स्थिति 8.6 करोड़ डॉलर घटकर 4.8 अरब डॉलर रह गई।

भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में यह गिरावट ऐसे समय में आई है, जब कच्चे तेल की उच्च कीमतों और यूएस ट्रेजरी यील्ड बढ़ने के कारण रुपये पर दबाव बना हुआ है। गुरुवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 0.5 प्रतिशत गिरकर 96.31 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया। वहीं ब्रेंड क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल पार कर गया है।