घर में ऑफिस या दुकान चलाने पर होगी कार्रवाई, भजन सरकार ने बदल दिए नियम

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जयपुर। Home based commercial activity banned: राजस्थान में घरों से चल रहे छोटे-बड़े बिजनेस को लेकर स्वायत्त शासन विभाग (DLB) की ओर से प्रस्तावित नए नियमों ने हलचल बढ़ा दी है। यदि यह व्यवस्था लागू होती है तो रिहायशी मकानों में नए कमर्शियल गतिविधियों की शुरुआत करना मुश्किल हो जाएगा।

नए प्रावधानों के अनुसार बिना अनुमति किसी भी आवासीय मकान को दुकान, ऑफिस या अन्य व्यावसायिक उपयोग में बदलना अवैध माना जा सकता है।प्रस्तावित नियमों के मुताबिक, जिन लोगों के पास साल 2017 या उससे पहले का वैध व्यावसायिक लाइसेंस है, उन्हें फिलहाल राहत मिल सकती है।

ऐसे लोग अपने लाइसेंस का नवीनीकरण कराकर अपने व्यवसाय को जारी रख सकेंगे। लेकिन इसके बाद किसी नए व्यवसाय या नई कमर्शियल गतिविधि के लिए रिहायशी भवन में अनुमति मिलना बेहद कठिन होगा। अधिकारियों के अनुसार, इसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में अनियंत्रित रूप से बढ़ रहे घरेलू व्यवसायों को नियंत्रित करना और भूमि उपयोग नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।

यदि नया नियम लागू होता है तो घर से नया व्यापार शुरू करने की योजना बना रहे लोगों को अब कमर्शियल स्थान का उपयोग करना होगा। बिना भूमि उपयोग परिवर्तन (लैंड कन्वर्जन) और कमर्शियल लाइसेंस के किसी भी तरह का व्यापार शुरू करना कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकता है।

इसका सीधा असर छोटे उद्यमियों, स्टार्टअप्स और घरेलू स्तर पर चल रहे माइक्रो बिजनेस पर पड़ सकता है, जो अब तक अपने घरों से ही संचालन करते आए हैं।

छोटे व्यवसाय और घरेलू उद्योग भी दायरे में
नए नियमों के दायरे में परचून की दुकानें, डेयरी, जनरल स्टोर जैसी छोटी दुकानें भी आ सकती हैं, यदि वे आवासीय मकान से नए रूप में शुरू की जाती हैं। इसके अलावा ब्यूटी पार्लर, बुटीक, सिलाई केंद्र और पुरुषों के सैलून जैसे घरेलू उद्योग भी कमर्शियल गतिविधियों की श्रेणी में शामिल होंगे।

इसी तरह कोचिंग सेंटर, ट्यूशन क्लासेस, कंप्यूटर ट्रेनिंग सेंटर और अन्य शैक्षणिक संस्थान भी इस नियम के अंतर्गत आ सकते हैं, यदि वे रिहायशी भवनों से नए रूप में संचालित किए जाते हैं।

प्रॉपर्टी ऑफिस और छोटे स्टार्टअप पर असर
प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार, प्रॉपर्टी डीलिंग, कंसल्टेंसी या अन्य छोटे ऑफिस भी अब बिना अनुमति घर से शुरू नहीं किए जा सकेंगे। मोबाइल रिपेयरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स सर्विस या रिचार्ज शॉप जैसे छोटे व्यवसायों को भी व्यावसायिक श्रेणी में रखा जा सकता है।

सरकार का मानना है कि रिहायशी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों की बढ़ती संख्या से अव्यवस्था, पार्किंग समस्या और शहरी ढांचे पर दबाव बढ़ रहा है, जिसे नियंत्रित करने के लिए यह कदम जरूरी है।

नियमों का अध्ययन करने की सलाह
स्वायत्त शासन विभाग की ओर से जारी किए गए इन प्रस्तावित नियमों को लेकर अभी अंतिम अधिसूचना आना बाकी है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह नियम लागू होते हैं तो लोगों को अपने मौजूदा और नए व्यवसायों के लिए स्थानीय निकायों से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में बिना लाइसेंस और बिना भूमि उपयोग परिवर्तन के किसी भी व्यावसायिक गतिविधि पर कार्रवाई की जा सकती है।