एडटेक कंपनी फिजिक्सवाला पर लगा ₹5 लाख का जुर्माना, जानिए क्यों

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नई दिल्ली/ कोटा। सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने एडटेक कंपनी फिजिक्सवाला (PhysicsWallah) पर 5 लाख रुपये और साइबर सिक्योरिटी कंपनी McAfee पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इन कंपनियों पर डार्क पैटर्न का इस्तेमाल करने का आरोप है।

डार्क पैटर्न का मतलब है वेबसाइट या ऐप का ऐसा धोखेबाज डिजाइन, जिसके जरिए यूजर्स को ऐसे काम करने के लिए मजबूर किया जाता है, जो वे नहीं करना चाहते।

फिजिक्सवाला पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है जबकि McAfee पर 1 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई गई है। सीसीपीए ने एक बयान में कहा कि दोनों कंपनियों को अपने प्लेटफॉर्म से ऐसी चीजों के तुरंत हटाने का निर्देश दिया गया है। CCPA ने नवंबर 2023 में डार्क पैटर्न की रोकथाम और रेगुलेशन के लिए गाइडलाइंस जारी की थीं। इसमें ऐसी 13 प्रैक्टिसेज को अनफेयर ट्रेड यानी अनुचित व्यापार माना गया था। इनमें डार्क पैटर्न भी शामिल था।

सहमति के बिना दान
सीपीपीए ने फिजिक्सवाला की प्रैक्टिसेज का स्वतः संज्ञान लिया और उल्लंघन पाए गए। चेकिंग के दौरान यह पाया गया कि PW Foundation को 10 रुपये का दान अपने आप ही भुगतान की जाने वाली राशि में जोड़ दिया जाता था। इसमें उपभोक्ता की सहमति नहीं ली जाती थी। इसके बाद यूजर्स को बच्चों की एजुकेशन, हेल्थ सर्विसेज और शादियों के बारे में भावनात्मक संदेश दिखाए जाते थे। इसका मकसद यह था कि यूजर्स दान की राशि को हटाने से हिचकें।

साथ ही सीसीपीए ने पाया कि जिन कोर्स का विज्ञापन फ्री के तौर पर किया जाता था, उनके लिए यूजर्स को पहले अपना मोबाइल नंबर और ईमेल पता देना जरूरी होता था। जांच में पाया गया कि सभी अंकाउंट्स में कोर्स की सामग्री एक जैसी ही रहती थी। इससे पता चलता है कि अनिवार्य रूप से डेटा इकट्ठा करने का कोई व्यावहारिक उद्देश्य नहीं था।

McAfee का मामला
इसी तरह CCPA ने McAfee के सब्सक्रिप्शन रिन्यूअल इंटरफेस की जांच करने पर पाया गया कि यूजर्स के सामने दो विकल्प Renew Now और Accept Risk रखे जाते थे। यूजर्स को कोई तीसरा निष्पक्ष विकल्प नहीं दिया जाता था। रिन्यूअल बटन को भी ज्यादा प्रमुखता से दिखाया गया था ताकि यूजर्स और भी ज्यादा सब्सक्रिप्शन जारी रखने की ओर प्रेरित होते थे। CCPA ने कहा कि ये आदेश विभिन्न नियमों के तहत जारी किए गए हैं।