जनसहभागिता से कनवास क्षेत्र के गांवों को बनाएंगे पॉलिथीन मुक्त गांव: ऊर्जा मंत्री नागर

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कनवास। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर रविवार को कनवास क्षेत्र के दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र के मामोर, लोढाहेड़ा, धूलेट, दांता और बांस्याहेड़ी सहित कई गांवों का निरीक्षण किया।

मंत्री नागर ने गांवों में सफाई व्यवस्था का जायजा लिया, ग्रामीण रास्तों की स्थिति देखी और ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी जन समस्याएं सुनीं। उन्होंने मौके पर ही मौजूद अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित निस्तारण के कड़े निर्देश दिए।

​ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि आप सभी केवल 8 दिन अपने गांव की सफाई के लिए समर्पित कर दें। इसके बाद महीने में सिर्फ एक दिन हम सभी मिलकर एक बड़ा सफाई अभियान चलाएंगे।

ऐसा करने से हमारे गांव पूरी तरह साफ हो जाएंगे और कचरे का नामोनिशान मिट जाएगा। यह काम अकेले सरकार का नहीं, बल्कि जनसहभागिता से ही संभव है।

​उन्होंने देश के प्रधानमंत्री का उदाहरण देते हुए कहा कि जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी स्वच्छता अभियान को सफल बनाने के लिए स्वयं हाथों में झाड़ू थाम सकते हैं, तो हमें अपने ही गांव को साफ करने में कोई शर्म या झिझक नहीं होनी चाहिए। स्वच्छता हम सबकी पहली जिम्मेदारी है।

पॉलिथीन मुक्त गांव का संकल्प
​निरीक्षण के दौरान नालियों में फंसी पॉलिथीन को देखकर मंत्री नागर ने गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने ग्रामीणों को समझाते हुए कहा कि नालियों में पड़ी पॉलिथीन को अक्सर बेसहारा गाएं खा लेती हैं, जिससे उनकी अकाल मृत्यु तक हो जाती है। यह एक गंभीर पाप है, जिससे हमें बचना होगा। ​गांवों को कचरा मुक्त बनाने के लिए उन्होंने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि क्षेत्र के हर घर में दो-दो डस्टबिन (कूड़ेदान) दिए जाएंगे। ग्रामीणों को इसमें गीला और सूखा कचरा अलग-अलग डालना होगा। जब कचरा संग्रहण गाड़ी गांव में आए, तो दोनों तरह का कचरा अलग-अलग ही गाड़ी में डालना सुनिश्चित करें ताकि उसका सही निस्तारण हो सके।

अच्छा काम करने वाले ग्राम सचिव होंगे पुरस्कृत
​ऊर्जा मंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि स्वच्छता अभियान को लेकर किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मैं स्वयं, प्रधान और ब्लॉक विकास अधिकारी जल्द ही दोबारा इन गांवों का औचक निरीक्षण करने आएंगे। उस समय गांवों में धरातल पर सफाई नजर आनी चाहिए। मंत्री नागर ने कहा कि गांवों को स्वच्छ रखने की सीधी जिम्मेदारी ग्राम सचिव की होगी। जो ग्राम सचिव अपने क्षेत्र में बेहतरीन काम करेंगे और गांवों को आदर्श स्वच्छ गांव बनाएंगे, उन्हें सार्वजनिक रूप से पुरस्कृत किया जाएगा। इसके विपरीत, जिन गांवों में गंदगी और अव्यवस्था पाई गई, वहां के जिम्मेदार सचिव के खिलाफ तुरंत सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

​मौके पर ही सुनीं जन समस्याएं, निस्तारण के निर्देश
​दौरे के दौरान मंत्री नागर ने विभिन्न गांवों में चौपाल लगाकर जनसुनवाई की। ग्रामीणों ने बिजली, पानी, सड़क और मौसमी बीमारियों से जुड़ी अपनी समस्याएं मंत्री के सामने रखीं। मंत्री नागर ने मौके पर उपस्थित संबंधित विभागों के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि ग्रामीण रास्तों को सुधारा जाए और आमजन की समस्याओं का समय सीमा के भीतर समाधान कर उन्हें राहत पहुंचाई जाए।

इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रधान जयवीर सिंह अमृतकुआं, उप प्रधान ओम नागर अडूसा, क्रय विक्रय सहकारी समिति के अध्यक्ष ओम मेहता, बीडीओ सहित विभिन्न विभागों के आला अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।