नई दिल्ली। Economic sanctions on Iran: अमरीका द्वारा ईरान पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने तथा संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) द्वारा ईरान के साथ व्यापार एवं वित्तीय लेन-देन को स्थगित किए जाने से भारतीय निर्यातकों और खासकर बासमती चावल के निर्यात कारोबार में संलग्न कंपनियों की चिंता बढ़ गई है। ईरान भारतीय बासमती चावल का एक महत्वपूर्ण खरीदार है लेकिन अब वहां इसके शिपमेंट में भारी कठिनाई उत्पन्न होने की आशंका है।
उल्लेखनीय है कि ईरान पर अमरीकी आर्थिक प्रतिबंध पहले से ही लगा हुआ था जबकि अब नए सिरे से पाबंदी लगाकर इसका दायरा बढ़ा दिया गया है। इससे वहां भारत से चावल का निर्यात ठप्प पड़ सकता है। होर्मुज स्ट्रेट का जल मार्ग असुरक्षित होने से सामुद्रिक परिवहन खर्च में बढ़ोत्तरी हो गई है और क्रूड खनिज तेल की आपूर्ति के लिए जोखिम बढ़ गया है।
ईरान को यदि किसी तरह से बासमती चावल का शिपमेंट हो जाता है तब भी वहां से भुगतान का संकट बरकरार रहेगा। अभी तक यह व्यवस्था थी कि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) पहले ईरान से भुगतान वसूलता था और फिर भारतीय निर्यातकों को ट्रांसफर कर देता था लेकिन अब उसने इसे बंद कर दिया है। नई व्यवस्था होने तक भुगतान का संकट जारी रहने की आशंका है।

