अमेरिका और ईरान के बीच टकराव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार तेजी

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तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर सैन्य टकराव बढ़ने से सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है। अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के लारक द्वीप पर हमला किया, जिसके बाद ईरान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की गई। इस तनाव के बाद ग्लोबल मार्केट में ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है।

सुबह करीब 8:02 बजे के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, ब्रेंट क्रूड का दिसंबर वायदा 5.27 फीसदी उछलकर 90.66 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। वहीं WTI क्रूड का अक्टूबर वायदा 2.61 फीसदी की तेजी के साथ 85.58 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। ब्रेंट ने कारोबार के दौरान 90.66 डॉलर और WTI ने 85.68 डॉलर प्रति बैरल का हाई छुआ।

तेल की कीमतों में तेजी की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच दोबारा बढ़ा सैन्य तनाव है। अमेरिकी सेना ने रविवार को ईरान के लारक द्वीप पर दो रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाया। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि इन लॉन्चरों के जरिए होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने की तैयारी की जा रही थी। जुलाई के आखिर के बाद ईरान पर अमेरिका की यह पहली ज्ञात सैन्य कार्रवाई है।

इसके जवाब में ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइल हमले किए। रिपोर्ट्स के मुताबिक मिसाइलों को रास्ते में ही रोक लिया गया और अब तक किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है। इस घटनाक्रम ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के और बढ़ने की आशंका पैदा कर दी है।

होर्मुज को लेकर चिंता
पूरे मामले में बाजार की सबसे बड़ी चिंता होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर है। युद्ध शुरू होने से पहले दुनिया के करीब पांचवें हिस्से का तेल इसी रास्ते से गुजरता था। ऐसे में यहां सैन्य गतिविधियां बढ़ने से तेल की सप्लाई प्रभावित होने का खतरा बढ़ जाता है।

हालांकि, होर्मुज से तेल की आवाजाही पूरी तरह बंद नहीं हुई है। कारोबारियों के अनुमान के मुताबिक करीब 60 लाख से 80 लाख बैरल कच्चा तेल रोजाना अभी भी इस रास्ते से गुजर रहा है। ईरान की अर्ध-सरकारी मेहर न्यूज एजेंसी ने भी कहा है कि तेहरान की मंजूरी वाले रास्ते से सीमित स्तर पर जहाजों की आवाजाही जारी है।

इसके बावजूद जहाजरानी कंपनियां सतर्क हो गई हैं। ताजा शिपिंग आंकड़ों के मुताबिक वीकेंड में होर्मुज से गुजरने वाले दिखाई देने वाले कमोडिटी जहाजों की संख्या घटकर करीब 5 प्रतिदिन रह गई। ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी UKMTO ने भी बताया कि शनिवार को होर्मुज से गुजर रहे एक टैंकर पर प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ था।