नई दिल्ली। Soybean weekly report: जुलाई के बाद अब अगस्त में भी विदेशों से भारी मात्रा में सोया तेल का आयात होने के संकेत मिल रहे हैं। जबकि सोयाबीन का बिजाई क्षेत्र सुधरकर गत वर्ष के काफी करीब पहुंच गया है। उद्योग-व्यापार समीक्षकों के अनुसार अगस्त 2026 के दौरान भारत में सोया तेल का आयात तेजी से बढ़कर 6.20 लाख टन के सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंच जाने की उम्मीद है।
15-21 अगस्त वाले सप्ताह के दौरान सोयाबीन के प्लांट डिलीवरी मूल्य में मध्य प्रदेश में 200-300 रुपए प्रति क्विंटल, महाराष्ट्र में 50 से 225 रुपए प्रति क्विंटल तथा राजस्थान में 250 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गई। तीनों प्रांतों में सोयाबीन का प्लांट डिलीवरी भाव घटकर अब 7000 रुपए प्रति क्विंटल से नीचे आ गया है लेकिन न्यूनतम समर्थन मूल्य से काफी ऊंचा है।
लेकिन सोया रिफाइंड तेल की कीमतों में 1-2 रुपए प्रति किलो का इजाफा दर्ज किया गया। इसकी अच्छी मांग देखी जा रही है। त्यौहारी सीजन की जरूरतों को पूरा करने के लिए डीलर्स एवं स्टॉकिस्ट इसका स्टॉक बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।
इसके दाम कांडला एवं हल्दिया में 5-5 रुपए सुधरकर क्रमश: 1465 रुपए एवं 1460 रुपए प्रति 10 किलो तथा कोटा एवं मुम्बई में 10-10 रुपए बढ़कर क्रमश: 1500 रुपए एवं 1460 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गया।
सोयाबीन तेल का वैश्विक बाजार भाव प्रतिस्पर्धी स्तर पर है जबकि रूस-यूक्रेन से सूरजमुखी तेल का आयात प्रभावित हो रहा है। इससे सोया तेल के आयात को बल मिल रहा है।
घरेलू मंडियों में सोयाबीन की आवक कम हो रही है। 18 अगस्त को 75 हजार बोरी तथा 21 अगस्त को एक लाख बोरी की आवक हुई।
ऊंचे मूल्य पर सोया डीओसी की मांग कमजोर देखी गई जिससे महाराष्ट्र में इसकी कीमतों में 4000 रुपए प्रति टन तक की गिरावट दर्ज की गई। वैसे आमतौर पर यह गिरावट 500 से 1500 रुपए प्रति टन के बीच रही।

