जय श्रीराम से गूंजा मेला परिसर, कोटा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत हुई जीवंत
कोटा। Rashtriya Dussehra Mela 2026: कोटा की ऐतिहासिक और रियासतकालीन परंपराओं का निर्वहन करते हुए रावण दहन उत्साह और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। मंगलवार को दशहरा मैदान स्थित विजयश्री रंगमंच के सामने बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक ‘रावण’ पांच मिनट में जलकर खाक हो गया। रावण के अहंकार के अंत के लाखों लोग साक्षी बने।
इस दौरान कोटा रियासत के पूर्व महाराव इज्यराज सिंह ने मैदान में विधि-विधान के साथ ज्वारा और सीताजी के पाने का विशेष पूजन संपन्न किया। इन धार्मिक अनुष्ठानों के पूरा होने के बाद, परंपरा के अनुसार पूर्व महाराव इज्यराज सिंह ने नाभि कलश पर सटीक तीर चलाकर अमृत कलश को भेदा। उनके अमृत कलश फोड़ते ही अहंकारी रावण के कुनबे के वध और बुराई के अंत का सिलसिला शुरू हो गया।
पंचांग एवं तय मुहूर्त के अनुसार रात 8:24 बजे से रावण के कुनबे का दहन शुरू हुआ। पुतलों में आग लगते ही दहन स्थल पर मौजूद हर शख्स के हाथ में मोबाइल कैमरे जगमगा उठे। सबसे पहले कुंभकर्ण और फिर मेघनाद के पुतले को आग लगाई गई।
जैसे ही नाभि चक्र घूमता हुआ दिखाई दिया जय श्रीराम के नारे गूंज उठे। इसके बाद 8:38 बजे तक रावण के सिर एक एक कर फूटने शुरु हुए तो राजाराम चंद्र के जयकारों के बीच कुछ ही मिनट में पूरा पुतला जलकर राख हो गया।
इस बार 105 फीट ऊंचे रावण तथा 72-72 फीट के कुंभकर्ण व मेघनाद के पुतलों का निर्माण किया गया था। रावण के पुतले में पूरी तरह से ग्रीन आतिशबाजी का प्रयोग किया गया था। जिससे यह दहन पॉल्यूशन फ्री और इको-फ्रेंडली रहा।
रावण की छतरी, मुकुट, नक्काशी, ढाल और कंधों में हुए आतिशी धमाकों ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। तकरीबन 6 मिनट तक कुंभकर्ण के पुतले ने लोगों का खूब मनोरंजन किया। इससे पहले वानर सेना ने हनुमान चालीसा का पाठ किया।
मेला परिसर में श्रीराम रंगमंच से करीब पौन घंटे तक चली रंगीन और भव्य आतिशबाजी ने दर्शकों के रोमांच को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया। आसमान में रंगीन अशर्फियों की छटा और गूंजने वाले पटाखों की आवाज से पूरा दशहरा मैदान जगमगा उठा।
मेला मैदान में दिनभर लोगों का तांता लगा रहा और हर कोई इस ऐतिहासिक क्षण को अपने कैमरों में कैद करने के लिए आतुर नजर आया। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच कोटा शहर के साथ-साथ दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों और अन्य प्रदेशों से आए पर्यटकों ने भी इस भव्य और ऐतिहासिक आयोजन का खुलकर आनंद उठाया।
ये रहे समारोह के मुख्य अतिथि
इस पावन पर्व पर आयोजित मुख्य समारोह के मुख्य अतिथि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला रहे। कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाते हुए शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, स्थानीय विधायक संदीप शर्मा, कल्पना देवी, इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी के प्रदेशाध्यक्ष राजेश बिरला, भाजपा शहर जिला अध्यक्ष राकेश जैन विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस दौरान कोटा की महापौर अनुसुइया गोस्वामी, उप महापौर विवेक राजवंशी तथा मेला अधिकारी ओपी मेहरा ने सभी अतिथियों का गर्मजोशी से स्वागत किया।




